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भारतीय युवा कांग्रेस ने बेरोजगारी दिवस पर पकौड़ा स्टॉल लगाकर जताया विरोध
Varanasi, Uttar Pradesh:भारतीय युवा कांग्रेस ने 17 सितंबर को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया। वाराणसी के कैंट विधानसभा क्षेत्र में युवा कांग्रेस ने खोजवा क्षेत्र में पकौड़ा स्टॉल लगाकर बेरोजगारी का विरोध जताया। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के झूठे वादों के चलते युवा आज बेरोजगारी से परेशान हैं। उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन गई है, और सरकार केवल अपने सगे-संबंधियों को खुश करने में लगी है।
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सावन एकादशी पर देवयानी तीर्थ सरोवर में श्रद्धालुओं की भीड़, कांवड़ियों का उत्साह
Dudu, Rajasthan:सांभरलेक(जयपुर)- सावन मास की एकादशी पर धार्मिक नगरी में उमड़ा सैलाब, देवयानी सरोवर पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी, देवयानी तीर्थ सरोवर पर आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु, मंदिरों में महिलाएं विशेष पूजा अर्चना कर दान पुण्य, सावन मास के चलते कांवड़ियों की टोलियां झूमते गाते चल रही, जयपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे, देवयानी तीर्थ सरोवर को कहा जाता है सब तीर्थों की नानी, श्रद्धालुओं के लिए नगर पालिका प्रशासन ने की बेहतर व्यवस्थाएं।0
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मेघवाल समाज ने सिलोतरा तालाब पर श्रमदान कर पक्षी चूगाघर की नींव रखी
Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- लाठी सिलोतरा तालाब पर मेघवाल समाज व ग्रामीणों ने किया श्रमदान, पक्षियों के लिए चूगाघर की नींव रखी लाठी, जैसलमेर जैसलमेर के लाठी क्षेत्र के चाचा गांव स्थित प्राचीन सिलोतरा तालाब पर मेघवाल समाज के युवाओं, बुजुर्गों एवं महिलाओं ने सामूहिक श्रमदान कर सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समाज के लोगों ने तालाब के आगोर व पाल परिसर में उगी अनावश्यक झाड़ियों एवं वनस्पतियों को हटाकर साफ-सफाई की。 सिलोतरा तालाब क्षेत्र के प्राचीन जलस्रोतों में शामिल है और ग्रामीणों के साथ पशु-पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। श्रमदान के दौरान तालाब परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई。 तालाब स्थित भोमियाजी मंदिर के पुजारी तेजाराम मेघवाल ने बताया कि समाज की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जलस्रोत की स्वच्छता के साथ समाज में एकजुटता, सेवा भावना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है。 -सत्संग के बाद हुआ प्रसादी वितरण कार्यक्रम के दौरान सत्संग का आयोजन किया गया। इसके बाद सामूहिक प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। वहीं पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब परिसर में नए चूगाघर की नींव भी रखी गई। समाज के लोगों ने बताया कि चूगाघर के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पक्षियों के लिए नियमित रूप से दाना डालने की व्यवस्था की जाएगी。 कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक मांगीलाल विश्नोई, पेमाराम पंवार, कानाराम, हरिराम, सहित करीब 100 युवा, महिलाएं एवं बुजुर्ग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने समाज की इस पहल की सराहना करते हुए जलस्रोतों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था को सामूहिक भागीदारी से आगे बढ़ाने की बात कही。 बाइट - तेजाराम पंवार,पुजारी0
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पार्टी प्रमुखों की बैठक से महिला सशक्तिकरण और 33% आरक्षण पर फिर से वादा
Noida, Uttar Pradesh:Delhi: BJP National President Nitin Nabin and National General Secretaries Attend BJP National Office-Bearers’ Meeting on Sewa Sankalp Programme and Other Issues at BJP HQ. स्मृति ईरानी मैं कांग्रेस पार्टी के उस अहम नेता से विनम्रतापूर्वक कहना चाहती हूँ कि यदि वे वास्तव में महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण के पक्षधर हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उस संकल्प में सहयोग करें, जिसके तहत संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इसे देशभर में प्रभावी रूप से लागू करने के प्रयास में कांग्रेस को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। कल उनके मंच से हिंदू धर्म को लेकर भी बातें हुईं। हमारी धार्मिक परंपरा में कहा गया है—“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” हम माँ भगवती, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती के रूप में नारी शक्ति की आराधना करते हैं। इसलिए मेरा उनसे एक और विनम्र आग्रह है कि जिस धर्म और नारी शक्ति का उन्होंने आह्वान किया है, उसकी भावना को अपने आचरण में भी दिखाई दें। ‘वंदे मातरम्’ की जिन पंक्तियों को कांग्रेस मुख्यालय में गाने से रोका गया, उनमें मातृभूमि और दुर्गा स्वरूपा शक्ति का भाव निहित है। इसलिए कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण और सम्मानपूर्वक गायन होना चाहिए। यदि कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के सम्मान, नेतृत्व और सशक्तिकरण की बात करती है, तो उसे अपने शब्दों को कार्यरूप देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के महिला सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के संकल्प में सहयोग करना चाहिए और ‘वंदे मातरन्’ के पूर्ण सम्मान के साथ देश की नारी शक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित करनी चाहिए।0
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आलीराजपुर में CM के नाम से फर्जी लेटर, आरोपी गिरफ्तार की तैयारी
Alirajpur, Madhya Pradesh:BREAKING:\n\nआलीराजपुर में CM मोहन यादव के नाम से जारी हुआ फर्जी लेटर।\n\nCMएचओ को व्हाट्सएप पर भेजा गया आयुष डॉक्टर के ट्रांसफर का फर्जी आदेश।\n\nकोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया केस, गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना।\n\nफर्जी लेटर का खेल: आरोपी ने लेटरहेड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर और मध्य प्रदेश शासन का आधिकारिक लोगो लगाकर बिल्कुल असली दिखने वाला आदेश तैयार किया था।\n\ट्रांसफर का मामला: इस फर्जी पत्र में आयुष विभाग के एक डॉक्टर का तबादला उदयगढ़ से सोंडवा करने के निर्देश दिए गए थे।\n\nव्हाट्सएप पर मिला आदेश: यह पत्र सीएमएचओ आलीराजपुर को सीधे व्हाट्सएप पर भेजा गया था। पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह होने पर जब पड़ताल की गई, तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।\n\nपुलिस एक्शन: सीएमएचओ की शिकायत के आधार पर आलीराजपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।\n\nगिरफ्तारी के प्रयास: आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम रवाना कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक की जा रही है।0
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500 बेटियों ने कंधों पर कांवड़ उठाकर बेटी सम्मान का संदेश दिया
Jaipur, Rajasthan:एंकर-छोटी काशी आज शिवमय नजर आई...कंधों पर कांवड़... कदम-कदम पर भोले के भक्त... और मुख से गूंजता हर-हर महादेव का उद्घोष। गलता तीर्थ से पवित्र जल लेकर निकले कांवड़ियों की कतारों से परकोटे की गलियाँ भक्तिरस में डूब गईं। कहीं डमरू की थाप, कहीं शिव तांडव की गूंज... तो कहीं महादेव की झांकियों ने माहौल को और भव्य बना दिया। और इस शिवभक्ति के बीच नजर आई आस्था की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर...जब 500 बेटियों ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाई... गलता धाम से जल लेकर रंगेश्वर महादेव के दरबार तक पहुंचीं... और सामूहिक जलाभिषेक कर दिया बेटी सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश।0
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400 किमी उल्टा चलकर बाबा रामदेव के भक्त देवा भाई रामदेवरा पहुंचे
Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- रामदेवरा गुजरात से 400 किलोमीटर उल्टा चलकर पहुंचा 60 वर्षीय बाबा का भक्त देवा भाई चौधरी 8 दिनों में 400 किलोमीटर का सफर उल्टे चलकर किया सफलतापूर्वक पूरा रामदेवरा मेला में देश पर से अलग-अलग अंदाज से पहुंच रहे बाबा के भक्त रामदेवरा सभी सड़क मार्ग पर पदयात्रा की जबरदस्त चहल पहल हुई शुरू रामदेवरा, जैसलमेर बाबा रामदेव का भादवा मेला शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बचा हे लेकिन देश के अलग-अलग स्थान से बाबा के भक्त अनूठे अंदाज में रामदेवरा पहुंचने शुरू हो गए हैं।इसी कड़ी में गुजरात के वाव थरात जिले के रतनगढ़ गांव से रामदेवरा तक 400 किलोमीटर का लंबा सफर देवा भाई चौधरी उम्र 60 साल ने उघाड़े बदन होकर व नंगे पांव उल्टा चलते हुए सफलतापूर्वक 8 दिनों में पूरा करके आज रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए।भक्तों के इस अंदाज में उनकी यात्रा को देखने के लिए काफी संख्या में अन्य भक्तों ने उनके बीच रास्ते में स्वागत व अभिनंदन भी किया जमकर फोटो सेल्फी लि।देवा भाई चौधरी ने बताया कि वह आगामी दिनों शुरू होने वाले बाबा रामदेव भादवा मेला में पैदल चलकर आने वाले श्रद्धालु कुशलतापूर्वक अपना सफर पूरा करें किसी प्रकार के सड़क हादसा नहीं हो देश में सभी लोग खुशहाल रहे इस मनोकामना के साथ पहली बार उल्टा चलते हुए उन्होंने यह यात्रा पुरी की।कुछ समय तो उनको असुविधा व परेशानी अवश्य हुई लेकिन वह अब बिना किसी परेशानी के तेजी से उल्टा चल लेते हैं।प्रतिदिन औसतन 50 किलोमीटर वे उल्टा चल लेते हैं। बाबा की समाधि पर मखमली चादर काजू बादाम अखरोट का प्रसाद चढ़कर देश में खुशहाली की कामना को लेकर विशेष रूप से पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उनके साथ अन्य भक्तगण भी उपस्थित रहे। जोधपुर से रामदेवरा बाड़मेर से रामदेवरा बीकानेर से रामदेवरा के सभी सड़क मार्ग पर इन दिनों पैदल चलकर आने वाले भक्तों की जबरदस्त चहल पहल देखने को मिल रही है। रुणिचा नगरी बाबा के जय जयकार से गुंजायमान हो रहा हैl बाइट-देवा भाई चौधरी0
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धनबाद की मुनमुन भट्टाचार्या National Teacher Award 2026 के लिए चयनित
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के लिए गर्व और खुशी की खबर है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है, जिसमें झारखंड से धनबाद की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या का चयन हुआ है। मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। सीमित संसाधनों के बीच नवाचार और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के जरिए बच्चों के भविष्य को संवारने वाली मुनमुन की इस उपलब्धि से पूरे धनबाद में खुशी का माहौल है।झारखंड से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें धनबाद के बरमसिया मध्य विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या ने अपनी अलग पहचान बनाई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। मुनमुन भट्टाचार्या वर्ष 2019 से बरमसिया मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। इससे पहले वह मुरी-सिल्ली स्थित एक सरकारी विद्यालय में पदस्थापित थीं। बरमसिया विद्यालय में उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद टीएलएम तैयार कर पढ़ाई को बच्चों के लिए रोचक और प्रभावी बनाने का काम किया। उन्होंने शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नवाचार आधारित गतिविधियों, कंप्यूटर आधारित शिक्षण और पुस्तकालय के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा दिया। विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय करने से लेकर पोषक क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चों को पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने के लिए स्कूल परिसर में पोषण वाटिका तैयार कराई गई और जल संरक्षण की दिशा में भी पहल की गई। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का प्रयास किया गया। उनके इन प्रयासों का असर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखने को मिला। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन की खबर मिलते ही बरमसिया मध्य विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई है। विद्यालय परिवार के साथ-साथ शहर भर से मुनमुन भट्टाचार्या को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। मुनमुन भट्टाचार्या के पति सचिन कुमार भी शिक्षक हैं। उनके पिता नंदन भट्टाचार्य खान सुरक्षा महानिदेशालय में डीजीएमएस, धनबाद में कार्यरत थे और वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे। राष्ट्रपति की ओर से सम्मान समारोह का आमंत्रण उन्हें ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुआ है। आमंत्रण पत्र के अनुसार मुनमुन भट्टाचार्या को 3 सितंबर तक दिल्ली पहुंचना है। इसके लिए वह 2 सितंबर को धनबाद के सरायढेला स्थित अपने आवास से दिल्ली के लिए रवाना होंगी। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का सम्मान है। शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। आगे भी बच्चों की शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करती रहूंगी。0
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बलान नदी संकट: अतिक्रमण और लापरवाही से अस्तित्व खतरे में, जल-जीवन पर असर
Begusarai, Bihar:बेगूसराय जिला कई प्रमुख नदियों से गिरी हुई है । जिनमें गंगा गंडक महत्वपूर्ण नदियां हैं। लेकिन बेगूसराय जिला के चार प्रखंडों से होकर गुजरने वाली बलान नदी का भी अपना खास महत्व है और बेगूसराय जिला सहित कई अन्य जिलों में बलान नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए यह लाइफ लाइन साबित होती रही है। लेकिन हाल के दिनों में अतिक्रमण एवं प्रशासनिक लापरवाही से अब इस नदी के अस्तित्व पर ही खतरा उत्पन्न हो गया है तथा यह विलीन होने की कगार पर है। आलम यह है कि नदी में जमी काई, शैवाल एवं अन्य पौधों की वजह से नदी का जल शरण की स्थिति में पहुंच गया है और इसका पानी पीने लायक तो दूर अब स्नान करने के लायक भी नहीं रह गई है। समस्तीपुर जिले के सराय रंजन से इस नदी का उद्गम होता है तथा यह बेगूसराय जिले के मंसूरचक बछवारा भगवानपुर एवं बीरपुर प्रखंड से होकर गुजरते हुए गंडक नदी में समा जाती है । पूर्व में इस नदी से कृषि कार्य एवं धार्मिक दृष्टिकोण से लोग स्नान ध्यान भी करते थे। लेकिन अब प्रशासनिक लापरवाही की वजह से गंदे पानी नदी में छोड़ दी जाती है जिससे धीरे-धीरे इस नदी में कई जमा हो गई और इसका पानी प्रदूषित हो गया। इस नदी के विलीन होने के कगार पर पहुंचने के बाद आसपास के इलाकों में भूगर्भीय जल भी काफी नीचे चला गया है तो वही इस नदी में स्नान करने के बाद लोगों को दाद खाज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं कभी मछुआरों के लिए भी यह जीविका का साधन था और तकरीबन 50 नस्ल की मछलियां इसमें पाई जाती थी। लेकिन गंदगी की वजह से अब मछली भी इस नदी में नहीं रह पाती है जिससे कि मछुआरों के सामने भी आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सरकार इसकी खुदाई एवं सफाई पर ध्यान नहीं देती है तो लाखों की आबादी के समक्ष भूगर्भीय पेयजल जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाएगी । साथ ही साथ हजारों एकड़ जमीन कृषि के दृष्टिकोण से प्रभावित होगी । लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द नदी के जमीन का मापी करबाकर सरकार को अतिक्रमण मुक्त करवाना चाहिए तथा इसकी काई को निकाल कर उपयुक्त कदम उठाना चाहिए जिससे कि इस नदी का अस्तित्व बना रहे और लोगों के समक्ष समस्याएं उत्पन्न ना हो।0
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मधुबनी में हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर महिला को लूटा
Madhubani, Bihar:LOCATION MADHUBANI BINDU BHUSHAN THAKUR एंकर मधुबनी में अपराधियों का तांडव, हथियारबंद अपराधियों ने कमरे में मौजूद महिला को पीटकर किया लूटपाट। बारदात बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के सरिसव गांव की है। देर रात हथियारों से लैस करीब आधा दर्जन अपराधियों ने घर में घुसकर डाका डाला। अपराधियों ने घर में अकेले सो रही महिला को बंधक बनाकर जमकर पीटा फिर नगदी सहित जेवरात लूट लिया। शरीर पर पहने मंगलसूत्र, टॉप्स और नाक का छक भी लूट लिया। अपराधी शुभचन्द्र झा के घर पर धावा बोला,बाउंड्री फांदकर घर में दाखिल हुआ और कमरे को धक्का देकर खोला।घर मे सोयी फूलदाई देवी को जगाकर जेवरात और रुपये के बारे में पूछने लगे। अपराधियों ने महिला को हल्ला करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए अपराधियों को छत पर सो रहे अपने पति और नवविवाहिता पुत्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा है कि नवविवाहिता पुत्री शादी के सभी जेवरात पहने हुई थी। अपराधियों को जब घर में इधर-उधर कुछ नहीं मिला तो उन्होंने वृद्ध महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसके शरीर से सभी जेवर ले लिया。 लूटपाट के बाद अपराधी आराम से मौके से फरार हो गए। अपराधियों के जाने के बाद महिला चीखते हुए छत पर पहुंची और पति व पुत्री को घटना की जानकारी दी। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।ग्रामीण एसपी शिवम धाकर भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। घटना की जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। ग्रामीण एसपी शिवम धाकर ने कहा कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।बारदात से इलाके में दहशत है और लोग पुलिस गश्ती पर भी सवाल उठा रहे हैं। बाइट पीड़िता ।0
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दरभंगा के खजासराय में चाकूबाजी: एक की मौत, चार गिरफ्तार
Darbhanga, Bihar:दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना अंतर्गत खजासराए में माहमुली विवाद के बाद कस कर हुई चाकूबाजी, तीन घायल, एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल. चाकू से गोद कर हत्या करने का परिजन ने लगाया आरोप. देर रात मचा शहर में हड़कंप, सूचना मिलते कई थानों की पुलिस के साथ दरभंगा SSP जगुनाथ रेडी DMCH पहुँचे. परिजनों से ली जानकारी, चार आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, माँ खून के बदले खून की मांग. दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के खाजासराय मोहल्ले में शनिवार की देर रात छोटी सी बात को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया. पड़ोसियों के बीच हुई चाकूबाजी में तीन लोग घायल हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक की DMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान दीपु सहनी के रूप में हुई है. वहीं, उसके बड़े भाई दिलीप सहनी के पेट में चाकू मारा गया, जिनका DMCH में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. झगड़ा छुड़ाने पहुंचे मोहल्ले के अनिल कुमार मंडल पर भी हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में चोट लगी. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही एसएसपी जगुनाथ रेड्डी, सिटी एसपी समेत कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. देर रात एसएसपी खुद DMCH पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घायलों के इलाज की जानकारी ली. उन्होंने परिवार को मामले में पूरी तरह न्याय का भरोसा दिलाया. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी है.0
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राखी त्योहार पर चीनी-गुड़ के दाम बढ़ने से मिठाइयों की कीमतें बढ़ेंगी
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - चीनी का बढ़ा दाम, त्यौहार में पड़ा असर । एंकर - खूँटी में चीनी का खुदरा दाम 20 रुपए प्रति किलो बढ़ने से त्यौहार में अच्छा खासा असर पड़नेवाला है। वहीं घरों के रसोई में भी दाम का असर पड़ गया है। तीन चार दिन पहले ही 45-48 रुपए प्रति किलो चीनी बिक रहा था वहीं अब 68 रुपए प्रति किलो के दाम से चीनी बिक रहा है। वहीं चीनी के अलावे गुड़ का भी दाम बढ़ गया है। ऐसे में होटल दुकानदार भी राखी त्यौहार से पहले ही मिठाइयों का दाम भी बढ़ा दिये हैं। वहीं इस बार राखी पर्व में चुनी गुड़ के दाम बढ़ने से परेशानी बढ़ने के आसार बढ़ गये हैं। वहीं दाम बढ़ने से थोक बिक्रेता दुकानदारों के पास जमा करके रखे गये हैं उन्हें अच्छी कमाई होने का अंदेशा है। लेकिन जनजीवन पर अच्छा असर पड़नेवाला है। ग्राहक संतोषी देवी ने बताई की चीनी और बोर्ड का दाम बढ़ने से रसोई में असर पड़ा है क्योंकि यह प्रतिदिन की उपयोगी का वस्तु है। एक साथ पहले इतना दम कभी नहीं बड़ा था। होटल संचालक उमेश प्रसाद साहू ने बताया कि चीनी और गुड़ का दाम बढ़ने से मिठाई का भी दाम बढ़ गया है और अभी राखी त्यौहार है। और त्योहार में मिठाइयों के भी दाम बढ़ाने पड़ जाएंगे। किराना दुकानदार विक्की गुप्ता ने बताया कि चीनी का दाम काफी बढ़ गया है जहाँ हम लोग आज 65 रुपए करके बेचना पड़ रहा है। वहीं गुड़ 70-75 रुपए करके बेचना पड़ रहा है। इससे त्यौहार में असर पड़ेगा । हमलोग भी उँचा दाम में खरीदारी कर रहे हैं। अन्य सामानों के दामों में भी वृद्धि हुई है.0
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रामगढ़ पावर प्लांट हादसे के तीन इंजीनियरों के परिजनों को मुआवजे पर सहमति
Ramgarh Cantonment, Jharkhand:एंकर --वीओ --रामगढ़ पावर प्लांट हादसे में तीनों मृतक इंजीनियर के परिजनों को 28 घंटे बाद 31 लाख रुपये देने की सहमति प्लांट प्रबंधक से बनी। बरकाकाना ओपी क्षेत्र स्थित सीमेंट एंड इस्पात पावर प्लांट के कंट्रोल रूम में शुक्रवार देर रात लगभग 11:30 बजे हादसा हुआ था। टरबाइन में जोरदार ब्लास्ट और उसके बाद भीषण आग इस आगालगी में तीन इंजीनियर की जलने से दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रारम्भिक जांच के अनुसार ओवरहीटिंग और पैनल सिस्टम फेल होना मुख्य कारण माना जा रहा है। कर्मियों का दावा है कि कंट्रोल रूम का एसी कई दिनों से खराब था, जिसकी शिकायत प्रबंधन से की गई थी, 28 घंटे तक चला विरोध घटना के बाद परिजनों, ग्रामीणों और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी की उपस्थिति में कई दौर की वार्ता हुई। मुआवजे की राशि फैक्ट्री प्रबंधन प्रत्येक मृतक के परिवार को 31 लाख रुपये (30 लाख रुपये का चेक और 1 लाख रुपये नकद अंतिम संस्कार के लिए) देने पर सहमत हुआ। गढ़वा निवासी इंजीनियर अभिषेक पांडेय के शव का पोस्टमार्टम रिम्स (रांची) में कराया गया। धनबाद और बोकारो निवासी मृत इंजीनियरों के शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम प्रक्रिया मुआवजे की सहमति के बाद रामगढ़ पुलिस द्वारा पूरी कराई जा रही है। मुआवजे पर सहमति बनने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, हालांकि प्लांट में सुरक्षा और प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल बने हुए हैं।0
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सावन के अंतिम सोमवार पर रतलाम के शिवालयों में भक्तों की भक्ति उमड़ी
Ratlam, Madhya Pradesh:भगवान शिव की भक्ति का पवित्र माह सावन अब अपने अंतिम छोर पर है। अंतिम सोमवार को शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ेगा। इसी बीच शिव भक्तों की अनूठी भक्ति की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। कही शिव भक्त पुरे माह अपने हाथो से पार्थिव शिवलिंग का प्रतिदिन निर्माण कर रहे तो कही सावन शिव भक्त पुरुष गरबा भी करते नजर आये रतलाम के प्राचीन कालिका माता परिसर में पूरे सावन प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर अभिषेक और पूजा की जा रही है। खास बात यह है कि श्रद्धालु अपने हाथों से विशेष मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण करते हैं और विधि-विधान से पूजन के बाद उन्हें विसर्जित कर देते हैं। रोज महिलाएं और दंपती यहां पहुंचकर शिवलिंग बनाते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं। बुजुर्ग महिलाओं के मुताबिक पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन की यह परंपरा प्राचीन समय मे साधु-संतों के द्वारा चली आ रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अपने हाथों से शिवलिंग बनाकर पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और मन को असीम सुख, शांति और आध्यात्मिक संतोष का अनुभव होता है। वही दूसरी औऱ प्राचिन गढ़ कैलाश मंदिर के प्राचीन अमृत सागर तालाब पर शिव भक्तो का अनूठा ही अंदाज़ नजर आया, यहाँ पुरष गरबा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमे क़ो शिवाजी बनकर तो कोई अलग अलग रूपों मे पुरुष गरबा करते नजर आये, बाइट - स्वीटी माहेश्वरी (श्रद्धांलू बाइट - अजय चौहाँन (आयोजन व्यवस्थापक बाइट - वसुमाती ( श्रद्धांलू महिला बुजुर्ग बाइट - कौशल्या ( महिला श्रद्धांलू रतलाम0
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राजस्थान में साइबर अपराध के खिलाफ R4C की नई तकनीकी टीम तैनात, कार्रवाई तेज
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ सरकार ने अब लड़ाई तेज कर दी है। साइबर ठगी, डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर यानी R4C को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। खास बात ये है कि R4C में तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी शामिल किए जा रहे हैं, जिनकी इंजीनियरिंग और टेक्निकल बैकग्राउंड है। मकसद साफ है - साइबर अपराधियों की तकनीक को उन्हीं के खिलाफ इस्तेमाल करना और कार्रवाई को ज्यादा तेज और प्रभावी बनाना। राजस्थान में साइबर अपराध लगातार चुनौती बनता जा रहा है। ऑनलाइन ठगी से लेकर डिजिटल फ्रॉड, फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और दूसरे तकनीकी अपराधों ने पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी की है। सरकार ने इसी चुनौती को देखते हुए साइबर अपराध के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। R4C यानी राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के गठन के बाद अब इसके संचालन और कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। एड утजीए - विजय कुमार सिंह, एडीजी साइबर क्राइम यह पूरी कवायद की सबसे बड़ी खासियत है इसमें तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों की भूमिका। तैनात किए जा रहे अधिकारियों में बड़ी संख्या ऐसे पुलिस अधिकारियों की है, जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। यानी अब साइबर अपराधियों से मुकाबला सिर्फ पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और साइबर एक्सपर्टाइज के जरिए भी किया जाएगा। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह का कहना है कि प्रत्येक शुक्रवार को आई4सी से भी अधिकारियाें और कर्मचारियों की ऑन लाइन कोर्स करवाया जा रहा है। इसी तरह तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा “साइबर अपराध की प्रकृति लगातार बदल रही है। इसलिए पुलिस की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना जरूरी है। R4C और साइबर थानों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।” दरअसल साइबर अपराधी हर वारदात में नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्जी वेबसाइट, फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ अपराध दर्ज करने की नहीं, बल्कि अपराधी की डिजिटल गतिविधियों को ट्रैक करने और उसके नेटवर्क तक पहुंचने की भी है। इसीलिए R4C में तकनीकी रूप से सक्षम पुलिसकर्मियों की तैनाती को अहम माना जा रहा है। इनकी मदद से साइबर अपराध की जांच में डिजिटल डेटा का विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और अलग-अलग मामलों के बीच कनेक्शन तलाशने में मदद मिलेगी। साथ ही साइबर थानों और R4C के बीच बेहतर तालमेल से कार्रवाई को और तेज करने की कोशिश होगी। सरकार की इस नई व्यवस्था में सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि दूसरे सक्षम पुलिस स्टॉफ को भी साइबर क्राइम की जिम्मेदारी दी जा रही है। मकसद है एक ऐसी टीम तैयार करना, जो साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली को समझे और उसी तकनीकी क्षमता के साथ उनका मुकाबला कर सके।0
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डैचिगाम में भालू हमले: सेना ने दो घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा
Aram Pora, Ganderbal, The two individuals were attacked by a bear in the Dagwan area of Dachigam leaving them Seriously injured and in need of immediate medical attention following information about the incident. Jawans of Army’s 50 Rashtriya Rifles acted without delay and reached the affected individuals providing crucial assistance at a critical moment Said a local Manzoor Ahmad. The first incident took place on July 26, when an individual was seriously injured in a bear attack On receiving information, Army personnel immediately reached the injured person, provided essential first aid and facilitated his safe evacuation for further medical treatment. The second incident occurred on August 22, when another individual sustained serious injuries following a bear attack in the same area. Acting swiftly, troops of 50 Rashtriya Rifles reached the spot, provided immediate medical assistance and ensured the injured individual was evacuated without delay for specialised treatment. The injured person was subsequently shifted to Sher-i-Kashmir Institute of Medical Sciences (SKIMS) Soura, where he could receive further medical care. Locals appreciated the swift response and humanitarian assistance provided by the Army personnel during both incidents. They said the timely intervention helped ensure that the injured received immediate attention at a critical moment and were safely transported to a medical facility. The Army’s response highlights its continued commitment to standing by civilians during emergencies, beyond its operational responsibilities. The prompt action also reflects the professionalism, preparedness and sense of responsibility of the Rashtriya Rifles personnel deployed in the area. The incidents underline the need for residents, visitors and Bakerwal communities to remain vigilant while travelling through areas adjoining forests and wildlife habitats, particularly around the Dachigam landscape, and to immediately alert the concerned authorities in case of any wildlife-related emergency. Local residents expressed their appreciation for the Indian Army’s swift intervention, timely medical assistance and continued humanitarian support to civilians in distress.0
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