icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
209862
Mohammad Siddik AhamadMohammad Siddik AhamadFollow29 Dec 2024, 06:11 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

घुटरा गांव के 'राष्ट्रपति' नाम वाले युवक पर कानून बनाने की मांग पर गौर

राष्ट्रपति नाम से मचा हड़कंप, राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंचा मामला.... यह मामला मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के संवाददाता से प्रभावित होकर एक सामान्य व्यक्त के नाम पर केन्द्रित है। घुटरा गांव में रहने वाले इस व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति है। गांव के लोग उन्हें बोलचाल में राजपति कहकर बुलाते हैं, लेकिन स्कूल के दस्तावेजों में उनका नाम राष्ट्रपति ही दर्ज है। 14 जुलाई 1988 को दाखिला रजिस्टर में राष्ट्रपति नाम ही अंकित किया गया था। इतना ही नहीं, उनकी मार्कशीट और बैंक की पासबुक में भी यही नाम दर्ज है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया था। सौरभ मिश्रा की पहल के बाद यह मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच चुका है। सचिवालय ने गृह मंत्रालय और विधि एवं न्याय विभाग को पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी है। सौरभ मिश्रा की मांग है कि संवैधानिक पदों और राष्ट्रीय गरिमा से जुड़े नामों के उपयोग को विनियमित करने के लिए कानून बनाया जाए। मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले राष्ट्रपति का कहना है कि उनका यह नाम माता-पिता ने रखा था। अधिवक्ता राम नरेश पटेल का मानना है कि देश के इस सम्मानित संवैधानिक पद से जुड़े नाम के इस्तेमाल को लेकर कानूनी प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि इस अनोखे मामले में केंद्र सरकार आगे क्या कदम उठाती है। घुटरा गांव के राष्ट्रपति के नाम की चर्चा अब प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गई है। क्या इस मामले में नया कानून बनेगा, या मौजूदा प्रावधानों के तहत कोई पहल होगी? फिलहाल सभी की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
0
0
Report

शिप्रा के नए घाटों का निर्माण तेज, सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज

Ujjain, Madhya Pradesh:संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने गऊघाट पाले और त्रिवेणी क्षेत्र में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश। उज्जैन। सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी में सुगम और सुरक्षित स्नान की सुविधा देने के लिए नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। शिप्रा नदी के करीब 29 किलोमीटर क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा घाट बनाए जा रहे हैं। शनिवार को संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गऊघाट पाले के पास और नवग्रह शनि मंदिर के पीछे ग्राम गोठड़ा क्षेत्र में बन रहे घाटों का जायजा लिया। इस दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर रिटेनिंग वॉल और लैंडिंग बनाने का काम चल रहा है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि बारिश खत्म होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और मई 2027 तक सभी निर्धारित कार्य पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने निर्माण में अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त और कलेक्टर ने निर्माण स्थल पर मौजूद श्रमिकों की संख्या की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से काम शुरू होने के समय और रोजाना होने वाले निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में भी पूछा。 बारिश के कारण धीमा हुआ था काम कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सिंहस्थ-2028 से जुड़े निर्माण और विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। बारिश के दौरान शिप्रा नदी में जलस्तर और पानी की स्थिति के कारण घाट निर्माण का काम प्रभावित हुआ था। अब बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। नए घाट बनने से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी में स्नान के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
0
0
Report
Advertisement

चंद्रपुर में विजयादशमी पथ संचलन: संघ प्रमुख भेंडे का मार्गदर्शन, शतक वर्ष की राह दिखाई

Chandrapur, Chhattisgarh:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाच्या शतकपूर्ती निमित्त विजयादशमी पथसंचलन आणि जाहीर उद्बोधन संपन्न, चंद्रपुरात अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख मंगेश भेंडे यांनी केले मार्गदर्शन ,स्थानिक चांदा पब्लिक स्कूल मधून निघालेल्या पथसंंचलनाने शहरातील जगन्नाथ बाबा नगर परिसराचे केले भ्रमण. मुख्य सोहळ्यात घोष , दण्डयोग, व्यायाम प्रकार आदींचे सादरीकरण झाले. आपल्या मार्गदर्शनातून अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख मंगेश भेंडे यांनी संघाच्या शतकीय वाटचालीचा आढावा घेतला. देशापुढच्या संकटांचा सामना संघशक्तीने शक्य असल्याचे ते म्हणाले.
0
0
Report

रोहतक में 4 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न: पिता गिरफ्तार, CWC ने सुरक्षा

Rohtak, Haryana:रोहतक ब्रेकिंग न्यूज़ रोहतक में 4 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न मामले में बड़ा खुलासा。 CWC की काउंसलिंग में बच्ची ने माता-पिता पर लगाए गंभीर आरोप。 पिता पर बच्ची के साथ गलत हरकत करने का आरोप。 पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता ने पूछताछ में यौन उत्पीड़न की बात कबूली。 बच्ची की मां को भी घटना की जानकारी होने का आरोप。 निजी स्कूल प्रशासन और विद्यार्थियों पर लगाए गए थे यौन शोषण के आरोप。 मामले में पुलिस ने आरोपी माता-पिता को किया गिरफ्तार。 DSP महम तनुज शर्मा के नेतृत्व में SIT ने की मामले की जांच。 16 सितंबर को लाखन माजरा थाने में POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ था केस。 CWC ने बच्ची को अपनी कस्टडी में लिया, पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी।
0
0
Report

विदिशा के मां ज्वाला देवी मंदिर, नवरात्रि में तीन रूपों में दर्शन—विदेशी भक्त जुड़े

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा का प्रसिद्ध मां ज्वाला देवी शक्ति पीठ इन दिनों शारदीय नवरात्रि के रंग में रंगा हुआ है। मंदिर परिसर वेद मंत्रों, श्रद्धालुओं के जयकारों और 951 अखंड मनोकामना ज्योतियों से जगमगा रहा है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत मां ज्वाला देवी का दिन में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देना है—जहाँ माता सुबह बाल रूप, दोपहर में युवा रूप और शाम को कन्या रूप में भक्तों को दर्शन देती हैं। इस बार दरबार में 151 घी और 800 तेल की अखंड ज्योतियाँ जल रही हैं, जिनमें से कई ज्योतियाँ पिछले 50 सालों से अनवरत प्रज्वलित हैं। खास बात यह है कि मां के इस दरबार से देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, दुबई और रूस में बैठे प्रवासी भारतीय भी डिजिटल माध्यम से जुड़े हैं। विदेश में रहने वाले भक्त व्हाट्सएप और ऑनलाइन पेमेंट के जरिए अपनी मनोकामना ज्योति स्थापित करवा रहे हैं, जिन्हें मंदिर समिति द्वारा नंबर आवंटित कर वीडियो और तस्वीरों के जरिए सीधे लाइव दर्शन कराए जा रहे हैं। नवरात्रि के विशेष अनुष्ठानों में 1008 पुष्पों और सिक्कों से महासहस्रार्चन व निशा पूजन किया गया, वहीं ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई भव्य चुंदरी यात्रा ने पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है।
0
0
Report
Advertisement

सीएम विष्णुदेव साय अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दें, सेवा संकल्प अभियान का समापन

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतिम दिन शौर्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. द हिंदू फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया. वहीं, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज भी कार्यक्रम में मौजूद रहे, जिनका मुख्यमंत्री ने सम्मान किया. मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों का सम्मान करते हुए उनके बलिदान को नमन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान का आज अंतिम दिन है. अभियान के समापन पर अमर शहीदों की स्मृति में शौर्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन गौरवपूर्ण पहल है.
0
0
Report

राजनांदगांव गौरी नगर: गौवंश सिर मिलने पर 10 गिरफ्तार, दो मुख्य आरोपी जुलूस निकाला

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर राजनांदगांव के गौरी नगर में गौवंश के कटे सिर मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें गौवंश काटने, मांस बेचने और अवशेषों को अलग-अलग स्थानों पर फेंकने की बात सामने आई है। वहीं, मामले में आक्रोश के बीच पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों का शहर में जुलूस भी निकाला है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। राजनांदगांव शहर के गौरी नगर में गौवंश के कटे सिर मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया था। घटना को लेकर स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की थी। कार्रवाई में देरी से नाराज लोगों ने बीती रात कोतवाली थाने का घेराव कर अपना विरोध जताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, गौरी नगर निवासी अब्दुल हमीद उर्फ कलवा, उसकी पत्नी और बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में गौवंश काटने, मांस का विक्रय करने और गौवंश के सिर को तालाब सहित अन्य स्थानों पर फेंकने की बात सामने आई। पुलिस ने इस मामले में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मामले के दो मुख्य आरोपियों का शहर में जुलूस भी निकाला। नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों की मांग पर मांस विक्रय करने वाली संदिग्ध दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

निजी स्कूल के शिक्षक द्वारा आठवीं के छात्र से मारपीट, FIR दर्ज, पुलिस जांच शुरू

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर vishnu जयपुर से बड़ी खबर निजी स्कूल के शिक्षक पर आठवीं के छात्र से मारपीट का आरोप जगतपुरा के ट्यूटो इंटरनेशनल स्कूल का मामला, परिजनों ने रामनगरिया थाने में दर्ज कराई FIR आरोप, साइंस के शिक्षक अभिनव सक्सेना ने लोहे के स्केल से छात्र को बेरहमी से पीटा छात्र कनिष्क सिहरा की पीठ और हाथ पर चोट के निशान होने का दावा 15 अक्टूबर को हुई घटना, आठवीं कक्षा B में पढ़ता है छात्र परिजनों का आरोप, स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल से शिकायत करने पर नहीं मिला संतोषजनक जवाब शिकायतकर्ता का दावा—मांगने पर स्कूल प्रबंधन ने CCTV फुटेज दिखाने से किया इनकार रामनगरिया थाना पुलिस ने शुरू की जांच
0
0
Report

अलवर के राठी मार्केट में हाइड्रा क्रेन दुर्घटना, सड़क पार करते समय महिला की मौत

Alwar, Rajasthan:अलवर के राठी मार्केट में हाइड्रा क्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत, सड़क पार करते समय हुआ हादसा अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित राठी मार्केट में एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई। सड़क पार कर रही महिला हाइड्रा क्रेन की चपेट में आ गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में महिला को ईएसआई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान पिंकी पत्नी अमित, निवासी खैर मोहल्ला, भूसावर, हाल निवासी झाड़ेड़ा, थाना उद्योग नगर, अलवर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, महिला पिछले 15 से 20 दिनों से क्षेत्र की एक सोना फैक्ट्री में काम कर रही थी। हादसे की सूचना मिलने पर उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा क्रेन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने महिला के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस के अनुसार, परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जाएगी। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
0
0
Report

किशनगढ़ में जलदाय विभाग की टंकी से पानी बहने से जलभराव, लोग नाराज

Kishanganj, Bihar:किशनगढ़ में जी राजस्थान की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। मझेला रोड वार्ड 41 स्थित जलदाय विभाग की पानी की टंकी से पांच घंटे से ज्यादा समय तक अनमोल जल बहता रहा, जिससे आसपास के इलाके में जलभराव हो गया। मामले को जी राजस्थान ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद उपखंड अधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने संज्ञान लेते हुए PHED से जवाब-तलब किया। विभाग ने मुख्य वाल्व में तकनीकी खराबी के चलते टंकी खाली कराने का स्पष्टीकरण दिया, लेकिन बड़ा सवाल यह है? कि जब घंटों तक पानी बहता रहा, तो मौके पर विभाग का कोई कार्मिक क्यों नहीं पहुंचा? आखिर मेंटेनेंस व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है? एक तरफ क्षेत्रवासी पहले से ही अनियमित जलापूर्ति से परेशान हैं, दूसरी तरफ पानी की इस तरह बर्बादी ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है। वहीं, मरम्मत कार्य के चलते अगले दो दिन जलापूर्ति प्रभावित रहने की जानकारी ने आमजन की चिंता और बढ़ा दी है। अब सवाल है? कि इस लापरवाही की जवाबदेही कौन तय करेगा?
0
0
Report
Advertisement

सहारनपुर: दशहरे के पुतलों में मुस्लिम कारीगरों की आपसी भाईचारे की मिसाल

Saharanpur, Uttar Pradesh:मजहब की दीवारों से ऊपर उठकर भाईचारे की मिसाल पेश कर रहा मुस्लिम परिवार, 18 साल से सहारनपुर में बना रहा रावण के पुतले धर्म और मजहब की दीवारों से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश करने वाला एक मुस्लिम परिवार इन दिनों सहारनपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल से आने वाला यह परिवार पिछले करीब 18 वर्षों से सहारनपुर के गांधी पार्क में दशहरे के लिए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले तैयार करता आ रहा है। इस बार भी परिवार के कारीगर दशहरा पर्व की तैयारियों में जुटे हैं। गांधी पार्क में 70 फीट ऊंचा रावण और 65-65 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। यह परिवार केवल रोजगार के लिए ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ भी इस काम को करता है। कारीगरों का कहना है कि त्योहार किसी एक धर्म के नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और एकता बढ़ाने का अवसर होते हैं। उनका संदेश है कि लोगों को धर्म के नाम पर बांटने के बजाय मिल-जुलकर रहना चाहिए।दशहरा पर्व से करीब 20 दिन पहले मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल से मुस्लिम कारीगरों की टीम सहारनपुरReached गांधी पार्क में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने में जुटी हुई है। पुतलों को आकर्षक रूप देने के लिए उनके चेहरों, कपड़ों और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कारीगरों के मुताबिक, इस बार पुतलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ इस्तेमाल किए जा रहे पिछले वर्ष बारिश के कारण पुतलों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस बार बेहतर किस्म का कागज लगाया जा रहा है। कारीगरों का दावा है कि इससे बारिश के पानी का असर कम पड़ेगा और पुतलों की सुंदरता लंबे समय तक बनी रहेगी। चरथावल, जिला मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद इंतजार ने बताया कि पुतले बनान का काम उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। वह करीब 18 वर्षों से सहारनपुर के गांधी पार्क में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार रावण की ऊंचाई 70 फीट रखी गई है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले करीब 65 फीट के बनाए जा रहे हैं。 इंतजार के मुताबिक, पुतले बनाने में करीब 12 से 20 दिन तक का समय लग जाता है। इस काम में परिवार के कई सदस्य और कारीगर मिलकर मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के लोग केवल सहारनपुर में ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों और राज्यों में भी जाकर पुतले तैयार करते हैं।मोहम्मद इंतजार ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर होने वाली राजनीति का उनके काम पर कोई असर नहीं पड़ता। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को प्रेम और सद्भाव के साथ रहना चाहिए। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि यह हिंदुस्तान हम सभी का है और सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि परिवार का मुख्य व्यवसाय आतिशबाजी का काम है और इसके लिए उनके पास लाइसेंस भी है। इसके अलावा परिवार के सदस्य विभिन्न धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं में भी सहयोग करते हैं। कृष्ण जन्मोत्सव, गणेश शोभायात्रा, बालाजी और खाटू श्याम से जुड़े आयोजनों में फूल बरसाने जैसे कार्य भी किए जाते हैं। इंतजार ने कहा कि दशहरे के लिए पुतले बनाना उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आपसी मोहब्बत बढ़ाने का एक जरिया भी है।परिवार से जुड़े पप्पू उर्फ रियासत ने बताया कि वह भी करीब 17 से 18 वर्षों से सहारनपुर के गांधी पार्क में रावण के पुतले बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार का पीढ़ियों पुराना काम है और इस बार भी विशाल पुतले तैयार किए जा रहे हैं。 रियासत के अनुसार, इस बार रावण 70 फीट का है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 65-65 फीट के बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुतलों को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए बेहतर कागज और सजावट का इस्तेमाल किया गया है। पिछले साल हुई बारिश को देखते हुए इस बार कागज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है।उन्होंने कहा कि पुतले बनाना उनके लिए रोजगार का एक हिस्सा है। इसके साथ ही परिवार आतिशबाजी और अन्य आयोजनों से जुड़े काम भी करता है। रियासत के मुताबिक, इस काम में मेहनत जरूर है, लेकिन वर्षों से जुड़े होने के कारण उन्हें इसका अनुभव है और हर साल दशहरे पर पुतले तैयार करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। सहारनपुर ही नहीं, कई जिलों और राज्यों में काम कर रहा परिवार कारीगरों ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य सहारनपुर के अलावा मुजफ्फरनगर, देवबंद, रामपुर, ननौता, थानाभवन और अन्य क्षेत्रों में भी पुतले बनाने के काम में लगे हुए हैं। इसके अतिरिक्त पंजाब, चंडीगढ़ और अंबाला सहित कई स्थानों पर भी परिवार के लोग दशहरे के लिए पुतले तैयार करते हैं। इस तरह दशहरा आने से पहले परिवार के अलग-अलग सदस्य विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर पुतले बनाने का काम संभालते हैं। कई दिनों की मेहनत, कारीगरी और सजावट के बाद ये पुतले दशहरे के आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनते हैं। भाईचारे का संदेश दे रही कारीगरों की मेहनत सहारनपुर के गांधी पार्क में तैयार हो रहे इन विशाल पुतलों की खासियत केवल उनकी ऊंचाई और खूबसूरती नहीं है, बल्कि इनके पीछे जुड़ी आपसी सद्भाव की कहानी भी है। मुस्लिम कारीगरों द्वारा वर्षों से दशहरे के लिए पुतले तैयार करना इस बात का उदाहरण है कि कला, मेहनत और रोजगार की कोई धार्मिक सीमा नहीं होती।कारीगरों का कहना है कि समाज में नफरत फैलाने के बजाय प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना जरूरी है। उनका परिवार वर्षों से इसी भावना के साथ अपना काम करता आ रहा है। दशहरे पर जब गांधी पार्क में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, तब इनके साथ जुड़ी यह कहानी भी हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द का संदेश देगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top