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Unnao - नवजात बच्चे की अस्पताल में मृत्यु , बच्चा बदलने का परिजनों ने लगाया आरोप
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव जिला महिला अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्वस्थ नवजात की संदिग्ध मृत्यु को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया, अचलगंज की रहने वाली कंचन ने 18 जनवरी को एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने अचानक बच्चे की मृत्यु की सूचना दे दी. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उनके जीवित बच्चे की जगह किसी और का मृत बच्चा थमा दिया है, इस मामले में महिला CMS फौजिया अंजुम ने जांच कराने की बात कही है।
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नगर पालिका सांचौर के मतदान केंद्रों का निरीक्षण, सुरक्षा व सुविधाओं की समीक्षा
Jaipur, Rajasthan:Sanchore: नगरपालिका चुनाव को लेकर जिला कलेक्टर व एसपी ने किया निरीक्षण, वोटिंग के दौरान मतदान केंद्रों का निरीक्षण; जिला कलेक्टर प्रदीप के. गावडे और एसपी शैलेन्द्रसिंह इंदौलिया ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण; नगर पालिका सांचौर के मतदान केंद्रों का निरीक्षण; मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं की सुविधाओं का लिया जायजा.0
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पंचायती-नियाय चुनाव में कांग्रेस की बड़ी चुनौती: सचिन पायलेट कहते हैं, मिलकर लड़ेंगे चुनाव
Jaipur, Rajasthan:Jaipur Rajasthan nagrik karmchaari chayan aur Punjab prabhari ki zimmedari par bole Sachin Pilot Niyaay chayan sarkar ke kaamkaji ka report card Pailat bole- ye chayan batayenge ki Bhartiya Janta Party sarkar ne dhaai se paune teen saal me kitna kaam kiya. Chunav talne ka aarop, high court ki fatan ke baad sarkar ko niyay chayan karane pade, gram panchayat chayan ab tak ghoshit nahin, shahron ka vikas thama Pilat ne kaha- vikas, governance aur law and order chunav ke bade mudde bole- Congress is baar pehle se zyada seaten jeetegi. Road show nahi karne par bole, Congress ne door-to-door kampain kiya, praryasir aur prabhaariyon ne jameen par milkar kaam kiya. Punjab ki nayi zimmedari par boley paaylat Khadke aur Rahul Gandhi ne badi zimmedari di hai, jald Punjab jaakar chayan abhiyan shuru Karenge Punjab ki Aam Aadmi Party sarkar par aarop Saade chaar saal me Punjab ki janta ko darkinaar kiya, sarkar ne apni party ko surakshan dene ka kaam kiya. Bole- Punjab me drugs ka network chal raha hai, sarkar me ise rokne ki ichchha shakti nahin. Berozgari aur yuvakon ke videsh jaane ko lekar AAP aur kendriya sarkar par nishana. Rahul-Priyanka se Punjab aane ki appeal paaylat bole- Congress milkar puri taqat se chunav ladegi. CM face par bada bayan: “Hum sabhi milkar chunav ladte hain, yahi hamari paripati hai. Congress kisi ek CM face ke saath chunav nahin ladti.” Captaan Amarinder Singh ki wapsi par bole- is vishay me meri kisi se charcha nahin hui. BJP par palatwar “Jinhen gaaliyan dete the, aaj unhi ki sharan me kyon jana pad raha hai? Punjab me muqable ka daawa, paaylat bole- mukhya muqaabla Congress aur Aam Aadmi Party ke beech hoga.0
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कुरुक्षेत्र जनता दरबार में शिकायतें मौके पर निस्तारित; SP ने संवाद को दमदार बताया
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने आज आदर्श थाना में जनता दरबार लगाकर आमजन की शिकायतें और समस्याएं सुनी。 पुलिस और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए आयोजित किए जा रहे जनता दरबार का असर अब धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। कुरुक्षेत्र में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं。 एसपी ने कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए。 जनता दरबार आयोजित करने के पीछे हमारा मुख्य उद्देश्य यही है कि अगर किसी आमजन को अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने में किसी तरह की परेशानी आ रही है, तो उसे सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य से हम जनता दरबार का विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार भी करते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें पहुंचकर अपनी शिकायतें और सुझाव दे सकें। आज जनता दरबार में करीब 30 से 35 शिकायतें सामने आईं। लगभग सभी शिकायतों में किसी न किसी रूप में समाधान निकाला गया। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि जिन मामलों में एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता थी, उनमें नियमानुसार केस दर्ज किए गए。 एसपी ने कहा कि मैं थाने की ओवरऑल कार्यशैली की बात करूं, तो समाज के विभिन्न वर्गों से आए लोगों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक फीडबैक दिया। जनता ही हमारी कार्यशैली का सबसे महत्वपूर्ण फीडबैक देती है और आज अधिकांश लोग पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आए। इसके लिए मैं थाना प्रभारी, संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारियों और थाने के समस्त स्टाफ को बधाई देना चाहूंगा。0
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सीएम सैनी के सिरसा दौरे से पहले शहर में कूड़े और हड़ताल से तनाव
Sirsa, Haryana:एंकर रीड मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कल होने वाले सिरसा दौरे से पहले जिला प्रशासन में उस समय हड़कम्प मच गया, जब शहर की सड़कों और प्रमुख स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गए। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई स्थानों से कूड़े के ढेर उठवाने शुरू कर दिए। हालांकि, इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में अभी भी कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। गौर करने वाली बात यह है कि सिरसा जिले में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 37वें दिन भी जारी है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से धरने पर बैठे हैं और सरकार के खिलाफ अपना रोष जता रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश न करे। वहीं, सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस दलबल की मौजूदगी में जबरन कूड़े के ढेर उठवाए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा हड़ताल के बीच सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। कर्मचारियों ने इसे उनके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे से ठीक पहले शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर प्रशासन सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कूड़े को हटाकर शहर को साफ-सुथरा दिखाने की कवायद में जुटा है, वहीं दूसरी ओर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। शहर के कई हिस्सों में अब भी कूड़े के ढेर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण जगह-जगह कूड़ा जमा है। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। फिलहाल सिरसा में एक तरफ मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है तो दूसरी तरफ 37 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आ सकता है। वही कर्मचारियों का कहना है कि सीएम नायब सिंह सैनी अगर उनकी मांगों को पूरा करते है तो कर्मचारी अपनी हड़ताल छोड़कर सीएम नायब सिंह सैनी का स्वागत करेंगे। बाइट बलवंत कुमार , प्रदर्शनकारी कर्मचारी। बाइट नरेश कुमार , प्रदर्शनकारी कर्मचारी।0
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श्रीगंगानगर के वार्ड 23 में निर्दलीय प्रत्याशी समर्थक पर पैसे बांटने के आरोप
श्रीगंगानगर- श्रीगंगानगर के वार्ड नंबर 23 में हुआ विवाद, निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक पर पैसे बांटने के लगे आरोप, पैसे बांट रहे पूर्व पार्षद मानावालिया के साथ वार्ड वासियों का हुआ विवाद, पैसे बांटने के आरोपों की नही हुई अधिकृत पुष्टि, आरोपी पक्ष ने पैसे बांटने के आरोपो को नकारा , कड़ी मशक्कत के बाद कराया गया मामला शांत0
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गोरखपुर में डंपर के पीछे कार घसीटने का हैरतअंगेज हादसा, दो युवकों की जान बची
Gorakhpur, Uttar Pradesh:स्लग: डंपर के आगे फंसी कार...खतरे में अटकी युवकों की जान, 100 मीटर तक घसीटी! गिड़ा थाना क्षेत्र के नौसढ़ चौराहे पर गुरुवार देर रात करीब 11 बजकर 15 मिनट का वक्त... सड़क पर दौड़ता एक डंपर... और उसके आगे बुरी तरह फंसी एक डिजायर कार। उसके अंदर दो युवक फंसे थे... लेकिन डंपर चालक वाहन को रोकने की बजाय डंपर को आगे बढ़ाता रहा। टक्कर के बाद कार डंपर के आगे फंस गई थी और करीब 100 मीटर तक कार को घसीटते हुए डंपर राजघाट पुल की तरफ बढ़ता रहा। इस घटना को जिसे भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। दरअसल रामगढ़ताल क्षेत्र के रुस्तमपुर निवासी नवदीप तिवारी और कोतवाली क्षेत्र के नसीराबाद निवासी सौरभ अग्रवाल किसी काम के सिलसिले में गीडा स्थित महाराष्ट्रा फीड कंपनी गए थे। दोनों रात में स्विफ्ट डिजायर कार से वापस लौट रहे थे। लेकिन जैसे ही उनकी कार नौसढ़ चौराहे के पास पहुंची, तभी पीछे से आए बेकाबू डंपर ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार डंपर के आगे जाकर फंस गई। इसके बाद आरोप है कि चालक ने डम्फर में ब्रेक लगाने के बजाय डंपर को आगे बढ़ा दिया। कार सड़क पर घिसटती रही... अंदर बैठे दोनों युवक जान बचाने व मदद के लिए चिल्लाते रहे... मगर इस बात से बेपरवाह होकर जल्लाद बना डंपर राजघाट पुल की तरफ आगे बढ़ता चला गया। लेकिन तभी रात्रि गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों की नजर इस खौफनाक मंजर पर पड़ गई। पुलिस ने डंपर को रुकवाया... इसके बाद कार में फंसे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यानी कुछ सेकेंड की देरी... और मामला बड़ा हादसा बड़ा बन सकता था। पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया। आरोपी चालक की पहचान संतकबीरनगर के महुली क्षेत्र के धनजौर निवासी हरिकेश पुत्र राजमन यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने डंपर को भी कब्जे में ले लिया है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। नौसढ़ चौराहे पर हुई ये घटना कई सवाल खड़े करती है। आखिर टक्कर के बाद चालक ने डंपर रोकने की बजाय कार को क्यों घसीटा? क्या चालक ने जानबूझकर वाहन आगे बढ़ाया या फिर हादसे के बाद नियंत्रण खो बैठा? फिलहाल पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और डंपर भी कब्जे में है। सबसे राहत की बात यही रही कि वक्त रहते पुलिस पहुंच गई... वरना डंपर के आगे फंसी कार में बैठे दोनों युवकों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था।0
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बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन: पांच दिवसीय सप्ताह और PLI भेदभाव खत्म करने की मांग
Khajuria Khurd, Bihar:बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन, पांच दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई में समानता की मांग भभुआ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले विरोध प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी. वियो - पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने तथा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में किए जा रहे भेदभाव को समाप्त करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भभुआ में एक दिवसीय देशव्यापी प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी बैंककर्मियों ने एकता चौक के पास एकत्र होकर पूरे शहर में रोड मार्च निकाला और सरकार व प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कर्मचारियों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा मार्च 2024 में ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को मंजूरी दे दी गई थी. इसके बावजूद सरकार इसे लागू करने में टालमटोल कर रही है, जिससे बैंककर्मियों में भारी रोष है. सासाराम कार्यालय क्षेत्र (SBISA) के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी श्री सोनू सिंह ने कहा कि हफ्ते में पांच दिन कार्य समय लागू करना बैंककर्मियों का जायज अधिकार है. इसके लिए कर्मचारी प्रतिदिन अतिरिक्त समय देने को भी तैयार हैं. वहीं, SBIOA के कैमूर जिला सचिव श्री आतिश कुमार एवं कुमार सौरभ ने PLI के वितरण में उच्च अधिकारियों (स्केल 4 से ऊपर) और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच किए जा रहे अंतर को अत्यंत अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण बताया. बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में वे कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे.0
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भिवंडी गणेश उत्सव विसर्जन घाटों की समीक्षा: सुविधाएं समय पर पूरी होंगी
Thane, Maharashtra:गणेश उत्सव व विसर्जनाच्या पार्श्वभूमीवर भिवंडीत प्रशासन कामाला लागले आहे. आयुक्त अनमोल सागर, महापौर नारायण चौधरी आणि डीसीपी डॉ. पवन बनसोड यांनी आज शहरातील विसर्जन घाटांची पाहणी करत तयारीचा आढावा घेतला.\n\nभिवंडीतील गणेश घाटांवर पालिकेने लाईटिंग, सीसीटीव्ही, स्वच्छता और टॉयलेटची व्यवस्था केली है। सर्व कामे वेळेत पूर्ण होंगी और किसी को त्रास नहीं होगा, ऐसा आयुक्त अनमोल सागर ने कहा। यावेळी भिवंडी और शेलारला जोड़ने वाला जुना पुल खड्डेमय झाल्याने और पार्किंगमुळे ट्रॅफिक होत असल्याचा मुद्दा उपस्थित करण्यात आला. त्यावर जिथे रस्त्यांची अवस्था खराब आहे तिथे डागडुजी और कारवाई केली जाईल, असे आश्वासन प्रशासनाने दिले आहे। पाहणी दौऱ्यात पोलीस और महापालिकेची संपूर्ण टीम उपस्थित थी。0
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झारखंड डीजीपी गिरिडीह में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश जारी
Giridih, Jharkhand:एभीबी : गिरिडीह पहुंची झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने नए परिसदन भवन में डीआईजी अंजनी झा, एसपी डॉ. बिमल कुमार समेत जिले के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कई अहम दिशा-निर्देश दिए. बैठक के दौरान डीजीपी ने कहा कि मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है. उनके निधन से पूरा पुलिस परिवार मर्माहत है. इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि दुख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन के द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. श्राद्ध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं. बैठक में जिले की विधि व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई. गिरिडीह, झारखण्ड0
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हनुमानगढ़ में तीन फर्जी वोटिंग का आरोप; विरोध प्रदर्शन के बीच हंगामा
Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh : हनुमानगढ़ वार्ड 27 में तीन फर्जी वोट डालने का आरोप, प्रत्याशियों ने किया विरोध प्रदर्शन,तीन मतदाताओं के वोट पहले ही डाले जाने का दावा, पवन मौर्य समेत उम्मीदवारों का हंगामा,हनुमानगढ़ में फर्जी मतदान का आरोप, हंगामे के बाद पुलिस से हल्की झड़प,सूचना पर निर्दलीय विधायक सहित कई अन्य नेता पहुंचे मौके पर @dmhanumangarh @kuldeepsharmap0
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राजसमंद नगर परिषद वार्ड 16 के प्रत्याशी के साथ मारपीट, तनाव बढ़ा
Rajsamand, Rajasthan:राजसमंद से बड़ी खबर राजसमंद नगर परिषद के वार्ड 16 के कांग्रेस प्रत्याशी हिम्मत कीर के साथ मारपीट फ़र्ज़ी मतदाता को लेकर हुई बहस के बाद मतदान केंद्र के पास मारपीट के बाद तनाव का माहौल कांग्रेस प्रत्याशी से कथित मारपीट के बाद गरमाया माहौल, भाजपा प्रत्याशी के समर्थक पर मारपीट का आरोप भाजपा प्रत्याशी के बेटे पर मारपीट का आरोप सुचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, नारेबाजी कर जताया विरोध0
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लेकटाउन के रेस्टोरेंट्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी; फ्रिज में मछली-मांस सुरक्षित नहीं
Kolkata, West Bengal:খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের অভিযান। লেকটাউন সংলগ্ন একাধিক রেস্তোরাঁতে অভিযান। পকেটের টাকা খরচা করে কি খাচ্ছি আমরা। লেকটাউন সংলগ্ন একাধিক ধাবাতে অভিযান খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের আধিকারিকদের। বেঙ্গল ধাবা, সুজিত বসুর ছেলের রেস্তোরাঁ, সেখানেও অভিযান চলায় খাদ্য সুরক্ষা দপ্তর এর আধিকারিকরা। ফ্রিজে মাছ এবং মাংস ঠিক মত সংরক্ষণ করা হয়নি। মনের মত করে, এক্সপায়ারি ডেট বসানো হয়। অভিযোগ ফুড সেফটি অফিসারের।ফ্রিজ খালি করে ফেলতে বলা হল।0
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बिहार में अफवाह पर सीएम सचिवालय के बाहर महिलाओं की भीड़
Patna, Bihar:पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर सैकड़ो महिलाओं की भीड़ पूरे बिहार से उमड़ पड़ी हैं। ये महिलाएं एक अफवाह के बाद सीएम सचिवालय के बाहर इकठ्ठा होकर जमीन के लिए आवेदन देने पहुंची हैं। बिहार में यह अफवाह फैलाई गई कि 3 डिसिमिल जमीन वैसे लोंगो को बांटी जा रही हैं जो भूमिहीन हैं। अफवाह जोर पकड़ी तो महिलाओं की भीड़ जमा होने लगी और महिलाएं भूमिहीन होने के आवेदन लेकर सीएम सचिवालय पहुंचने लगी। महिलाओं की इस भीड़ को देखिये। देश रत्न मार्ग जहां एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का आवास है तो इस आवास के बाद सीएम सम्राट चौधरी का आवास के और ठीक सामने सीएम सचिवालय है वही सड़क से लेकर सीएम सचिवालय तक पूरे बिहार से आई महिलाओं की भीड़ है। महिलाओं ने कहा कि उनको पता चला कि जमीन मिल रही है तो आवेदन देने आए हैं। कोई छपरा, कोई नवादा तो कोई जमुई तो कोई वैशाली तो पटना की भी महिलाओं की भीड़ जमीन के नाम फैली अफवाह पर आवेदन देने पहुंच गई है। इस भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस बल को तैनात किया गया और इनके आवेदन की प्राप्ति रसीद भी दी गयी।0
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SC ने FoPL के लिए FSSAI से जवाब मांगा: बच्चों की सेहत पर चिंता
Noida, Uttar Pradesh:SC ने FSSAI से पूछा,पैकेट वाले खाने पर वार्निंग लेबल में इतनी देरी क्यों पैकेट वाले ऐसे फूड प्रोडक्ट, जिनमें ज्यादा नमक, चीनी और शुगर होती है, उनके पैकेट के सामने चेतावनी लेबल लगाने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि सामने की तरफ चेतावनी लेबल (FoPL) की व्यवस्था को शुरुआत से ही अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता। अगर इसे तुरंत अनिवार्य नहीं किया जाएगा, तो कंपनियों को कितने समय की छूट दी जाएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी भी FSSAI को देनी होगी。 क्या है FoPL? Front-of-Pack Labelling (FoPL) का मतलब है पैकेज्ड फूड के पैकेट के सामने की तरफ ऐसी स्पष्ट जानकारी या चेतावनी देना, जिससे ग्राहक को आसानी से पता चल सके कि किसी उत्पाद में चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा है। इसका मकसद यह है कि ग्राहक को किसी फूड प्रोडक्ट को खरीदने से पहले ही उसकी सही और आसानी से समझ आने वाली जानकारी मिल सके ताकि वो सोच-समझकर फूड प्रोडक्ट का चुनाव कर सके。 बच्चों के स्वास्थ्य पर चिंता सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों में बढ़ती अस्वस्थ खाने की आदतों को लेकर चिंता जताई। कोर्ट ने यूनिसेफ की बाल पोषण रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए कहा कि 2000 से 2022 के बीच 5 से 19 साल के बच्चों और किशोरों में अधिक वजन की दर 2% से बढ़कर 10% हो गई। कोर्ट ने कहा कि स्कूलों के अंदर खाने पीने के सामान में करीब 80% ताजा पकाया हुआ खाना होता है, जबकि स्कूलों के आसपास उपलब्ध खाद्य पदार्थों में करीब 80% पैकेट वाले स्नैक्स हैं。 कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे कई बार इतनी कम उम्र में इन खाद्य पदार्थों के संपर्क में आते हैं कि वे अभी यह समझने की स्थिति में नहीं होते कि वे क्या खा रहे हैंऔर रिसर्च से पता चला है कि बच्चे जिन फूड प्रोडक्ट को बार-बार देखते या खाते हैं, उनका असर उनकी पसंद और खाने की आदतों पर पड़ता है। कोर्ट ने केंद्र से पूछा, बच्चों को कैसे समझाएंगे कोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि स्कूलों में बच्चों को पोषण संबंधी जानकारी कैसे दी जाएगी और पाठ्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रमों व वर्कशॉप के जरिए उन्हें पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी और चेतावनी लेबल समझाने की क्या व्यवस्था होगी。 कोर्ट ने कहा बच्चों को खास तौर पर यह सिखाने की ज़रूरत है कि पैकेट पर FoPL में ज़रिये ज़्यादा शुगर, नमक और वसा की जानकारी को वो कैसे समझे। लाल षट्कोण पर भी सवाल FSSAI ने चेतावनी के लिए लाल षट्कोण का प्रस्ताव दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि भारत में लाल रंग को मांसाहारी फूड से जोड़ने की वजह से क्या इससे उपभोक्ताओं में भ्रम हो सकता है। कोर्ट ने चेतावनी चिन्ह के आकार, अक्षरों के आकार और पैकेट पर उसकी जगह को लेकर भी सवाल किए हैं। साथ ही पूछा कि दो या अधिक पोषक तत्वों के लिए एक ही षट्कोण क्यों हो, अलग-अलग चिन्ह क्यों नहीं। कोर्ट ने पूछा है कि FOPL के Phase I और Phase II में अलग-अलग नियम क्यों बनाए गए है। कोर्ट ने पूछा है कि कौन-सी मीठी ड्रिंक फेज I में आएंगी? उन्हें पहचानने का तरीका क्या होगा चीनी, वसा और दूसरे पोषक तत्वों पर सवाल कोर्ट ने FSSAI से पूछा है कि चेतावनी की सीमा तय करते समय कुल चीनी, सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट की गणना किस तरह होगी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी पूछा है कि चेतावनी लेबल लागू होने के बाद अगर कंपनियां आर्टिफिशियल प्रिज़र्वेटिव्स और इमल्सीफायर्स दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ाती हैं, तो FSSAI इसे कैसे नियंत्रित करेगा。 FSSAI को 10 दिन में जवाब सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को इन सवालों पर 10 दिनों में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसकी एक कॉपी याचिकाकर्ता को दी जाएगी ताकि वो भी अपना जवाब दाखिल कर सके। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी。0
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नालंदा जलाने वाले के नाम पर शहर बदलने पर सरकार चर्चा करेगी
Patna, Bihar:पटना कोई अत्याचारी है, आतंकी है, आक्रामक, आक्रमणकारी है जिसने इस देश में संपत्तियों को लूटा है, उसके नाम पर अगर किसी शहर का नाम है तो उसको तो बदलने का समर्थन सभी लोग करेंगे। क्यों नहीं करेंगे? बिल्कुल बदलना चाहिए, नहीं तो आज युवा पीढ़ी क्या संदेश लेगी? जिसने नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया, उसके नाम पर अगर किसी शहर का नाम यहाँ पर है, तो वह निश्चित रूप से बदलना चाहिए। अब सवाल है कि किसके नाम पर उस शहर का नाम होना चाहिए, तो सरकार और सामाजिक संगठन आपस में बैठकर यह तय कर लेंगे। और आने वाले समय में मुझे लगता है कि यह काम होगा और होना भी चाहिए, सभी इसका समर्थन करेंगे। बख्तियार खिलजी जैसे लोगों के नाम पर तो किसी शहर का नाम नहीं होना चाहिए。0
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