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Devendra KumarDevendra KumarFollow30 Nov 2024, 06:15 am
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पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकिंग रूट पर लापता पर्यटक अभिषेक चौहान की तलाश जारी

Bageshwar, Uttarakhand:पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकिंग रूट पर 29 मई से लापता उत्तर प्रदेश के शामली निवासी पर्यटक अभिषेक चौहान की तलाश में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों का संयुक्त सर्च अभियान लगातार जारी है। सोमवार को पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में संभावित घटनास्थल पर घटना का री-क्रिएशन कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। 50 सदस्यीय टीम ने पिंडर नदी के दोनों किनारों समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक खोजबीन की। इससे पहले घटनास्थल के पास से कैमरा, रेनकोट और कैप बरामद हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि लापता ट्रेकर की तलाश के लिए अभियान पूरी गंभीरता से जारी है।
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घाटमपुर में सागर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो ट्रकों की टक्कर से चालक घायल, लंबा जाम

Vivek KumarVivek KumarFollow1m ago
Syondi Lalaipur, Uttar Pradesh:घाटमपुर के धरमपुर बंबा सागर हाईवे पर उसे वक्त हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार दो ट्रैकों की आमने-सामने जोरदार भीषण टक्कर हो गई वहीं हादसे में डंपर चालक केबिन में ही फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना घाटमपुर थाना पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल चालक को बाहर निकाला और इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है हादसे के बाद सागर हाईवे में लंबा जाम लग गया जिससे कि यातायात घंटे तक बाधित रहा थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की सूचना मिली थी घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया गया है वहीं घटना के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटवा कर यातायात सुचारू रूप से चालू कराया गया है
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किशनगंज मंडलकारा में हत्या के आरोपी महिला की मौत, परिजनों ने जांच की मांग

Kishanganj, Bihar:किशनगंज मंडलकारा में अपनी बहू सोनी कुमारी की हत्या के आरोप में पिछले चार माह से जेल में बंद महिला बंदी उषा रानी की संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला प्रकाश में आया है। महिला बंदी की मंडलकारा में संदिग्ध हालात में मौत के बाद मंडलकारा के जेल प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया है। वही महिला के परिजनों ने हत्या का आशंका व्यक्त कर जिला प्रशासन से मामले की जांच का मांग किया है। वही मृतिका उषा रानी के परिजनों ने बताया कि आज सुबह लगभग छह बजे जेल प्रशासन के द्वारा फोन कर बताया गया कि उषा रानी की मौत हो गयी। परिजनों ने बताया कि जब मौत की खबर सुनकर जेल प्रशासन से मिला तो उन्होंने बताया कि महिला बंदी बाथरूम के अंदर नल में साड़ी से फंदा बनाकर उसपर झूलने से उसकी मौत हुई है। वही परिजनों ने सवाल खड़े कर कहा कि 19 जून को उषा रानी और उसके दो बेटे का न्यायालय से बेल मिलने वाला था तो फिर महिला क्यों आत्महत्या करेगी। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त कर जिला प्रशासन से मामले की जांच کا मांग किया है। परिजनों ने बताया कि जब तक मामले की जांच नहीं होती है तब तक शव को नहीं लेंगें। वहीं जिला पदाधिकारी विशाल राज से पूछने पर उन्होंने महिला बंदी की मौत की पुष्टि कर बताया कि मामले की जांच का आदेश दिया गया है जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी। हालांकियां यह घटना किशनगंज जिले के कोचाधामन थाना क्षेत्र के बुआलदाह पंचायत के तुपमारी गांव निवासी उषा रानी अपनी बहू सोनी कुमारी की हत्या के आरोप में दो फरवरी 2026 से किशनगंज मंडलकारा में बंद है और उशा रानी के दो बेटे अमन कुमार सिंह और रोहित कुमार सिंह भी हत्या के आरोप में किशनगंज मंडलकारा में बंद है।
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रंबान में Sawalkote hydro परियोजना के दौरान स्थानीय अधिकारों की मांग

Ramban witnessed a massive show of public unity as hundreds of residents, under the banner of the Sawalkote Joint Action Committee (SJAC), took out a rally demanding justice, transparency, and protection of local interests in the proposed 1,856 MW Sawalkote Hydroelectric Project. Described as one of the largest public mobilizations in recent months, the rally reflected growing concerns over land acquisition, rehabilitation measures, and employment opportunities for local youth. Carrying placards and raising slogans such as "Our Land, Our Rights, Our Future," "Ramban Ki Majboori Hai, Sawalkote Zaroori Hai," and "No Development Without Local Consent," the protesters marched from Dak Bungalow through the main markets and business districts of Ramban town. The demonstrators demanded compensation under the Fair Compensation Act and sought priority employment for the youth of Ramban in the project. Addressing a public gathering at the culmination of the rally, SJAC President Advocate Fairoz Khan said the people of Ramban are not opposed to development but insist that local communities must remain central stakeholders in the project. He expressed concerns over reports suggesting connectivity changes that could potentially bypass Ramban and warned that such moves would not be accepted by the people. The Sawalkote Hydroelectric Project, one of the largest planned power projects in the region, has remained under discussion for decades. However, recent efforts to expedite its execution have revived concerns among project-affected families regarding rehabilitation, compensation, and livelihood security. The Joint Action Committee has submitted a memorandum to the administration demanding compensation strictly in accordance with the Fair Compensation Act and greater transparency in project implementation. Committee members also highlighted repeated extensions in the project's tendering process. According to speakers, the tender deadline has reportedly been extended multiple times since February, with the latest extension moving the deadline from June 4 to June 16. The committee cautioned that while the current movement remains peaceful, it could intensify if authorities fail to engage in meaningful dialogue with affected families. As the rally concluded on the banks of the Chenab, the message from Ramban was clear: the success of the Sawalkote Hydroelectric Project should not be measured only in megawatts generated, but also in the justice, compensation, and opportunities delivered to the people whose land and livelihoods are directly affected.
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धनबाद के घनुडीह में ओबी डंपिंग को लेकर विवाद, मारपीट और हवाई फायरिंग का आरोप

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के घनुडीह चीनकोठी बस्ती सटे इलाके में सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर विवाद गहरा गया है. ग्रामीणों ने बस्ती के समीप ओबी यानी ओवरबर्डन डंपिंग का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के दौरान कंपनी समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह और घनुडीह ओपी प्रभारी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली. जांच के दौरान घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियों के बावजूद ओबी डंपिंग की जा रही थी. झरिया की पूर्व कॉग्रेस विधायकपूर्णिमा नीरज सिंह विधायक के समर्थक द्वारा विरोध करने वाले लोगों के साथ मारपीट की गई और समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बड़ी घटना हो सकती थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले पर उच्चस्तरीय बैठक नहीं हो जाती, तब तक विवादित स्थल पर ओबी डंपिंग और किसी भी नए कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके के लिये जो लड़ाई लड़नी होगी वह लड़ेंगे.यहाँ गुंडई नही चलने देंगे.पिछले 6 साल जो झरिया में आतंक था वह अब नही चलने देंगे.बीसीसीएल प्रबंधन को तय करना है ओबी डंप कैसे होगा. आम लोगों को परेशान कर कोई कार्य नहीं होगा. वहीं ग्रामीण सुनील कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा अवैध तरीके से ओबी डंप किया जा रहा था. विरोध करने पर करीब 30 लोग वहां पहुंचे और मारपीट करने लगे. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. मारपीट में उनका हाथ भी टूट गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों के साथ गुलदार की सटीक गणना कैमरा ट्रैप से

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट में अब बाघों के साथ गुलदारों की भी होगी सटीक गणना, कैमरा ट्रैप डेटा से लगेगा अनुमान विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में इस बार टाइगर सेंसस के दौरान बाघों के साथ-साथ गुलदार (लेपर्ड) की संख्या का भी वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा, इसके लिए टाइगर गणना में इस्तेमाल किए गए कैमरा ट्रैप डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे टाइगर बहुल क्षेत्रों में गुलदारों की वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सकेगा, विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हर वर्ष होने वाली बाघों की गणना (टाइगर सेंसस) अब वन्यजीव प्रबंधन के लिए और अधिक महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है, इस बार बाघों की संख्या के साथ-साथ गुलदार (लेपर्ड) की आबादी का भी वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने जानकारी देते हुए बताया कि लेपर्ड भी जंगल के खाद्य श्रृंखला तंत्र का एक महत्वपूर्ण शीर्ष शिकारी (प्रिडेटर) है. उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन के तहत कॉर्बेट से एकत्रित फील्ड डेटा और कैमरा ट्रैप डेटा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) को भेजा जा चुका है, डॉ. बडोला ने बताया कि टाइगर सेंसस के दौरान लगाए गए कैमरा ट्रैप में केवल बाघ ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में गुलदारों की तस्वीरें भी रिकॉर्ड होती हैं, अब इन्हीं तस्वीरों और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर भारतीय वन्यजीव संस्थान टाइगर बहुल क्षेत्रों में लेपर्ड की संख्या का भी अनुमान लगाएगा, उन्होंने कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे उन क्षेत्रों में गुलदारों की वास्तविक स्थिति और उनकी आबादी का बेहतर आकलन हो सकेगा, जहां बाघों की संख्या अधिक है, साथ ही इस डेटा के आधार पर पूरे राज्य में लेपर्ड की अनुमानित संख्या निर्धारित करने में भी सहायता मिलेगी. वन विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ और गुलदार दोनों ही जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में दोनों प्रजातियों की सटीक गणना से उनके संरक्षण की रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। कॉर्बेट में होने वाला यह प्रयास देश के अन्य टाइगर रिजर्वों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मॉडल साबित हो सकता है。
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बिना रिलीज़ आदेश ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर बदला: नसीराबाद प्लांट पर बड़ा सवाल

Jaipur, Rajasthan:जयपुरBPC नसीराबाद प्लांट में जब्त ट्रक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा सवाल। बिना रिलीज आदेश के ही जब्त ट्रक का बदला रजिस्ट्रेशन नंबर। 18 दिसंबर को जब्ती के समय ट्रक नंबर था RJ20-GB-2466 लेकिन अब रिकॉर्ड में ट्रक का नंबर-RJ42-GA-5779। 18 दिसंबर को डीएसओ प्रथम ने बॉम्बे हॉस्पिटल के पास की थी कार्रवाई। 440 गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण-रीफिलिंग मामले में पड़ा था छापा। कार्रवाई में सिलेंडर, ट्रक, कार और टैंपो किए गए थे जब्त। जब्त ट्रक-सिलेंडरों को कारगिल गैस एजेंसी के सुपुर्द किया गया था। बाद में बीपीसी अधिकारियों ने नसीराबाद प्लांट में कराया था जमा। इसी दौरान दस्तावेजों में ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलने का दावा। 12 मई 2026 को बदले हुए नंबर वाले ट्रक का 2,000 का चालान कटा। ठिकरिया टोल प्लाजा के पास कटे चालान से अब उठ रहे नए सवाल। जब्त वाहन का रजिस्ट्रेशन कैसे बदला और वह सड़क पर कैसे पहुंचा? पूरे मामले में रिकॉर्ड, कस्टडी और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल। भौतिक सत्यापन में भी ट्रक मालिक शंकर रावत ने लोकेशन ब्यावर बताई। डीएसओ प्रथम टीम ने गैस एजेंसी पहुंचकर किया था जब्त ट्रक का सत्यापन।
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