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Shyam Chandra SrivastavShyam Chandra SrivastavFollow24 Mar 2025, 04:36 pm
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मेड़ता अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ पर रिश्वत मांगने का आरोप, धरना जारी

Nagaur, Rajasthan:मेडता उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का नर्सिंग स्टाफ एक बार फिर पैसे लेन-देन और लापरवाही के आरोपों से घिर गया है। महिला प्रसूता चंचल सेन के परिजनों और मोहल्ले वालों ने चिकित्सा विभाग के नर्सिंग स्टाफ पर डिलीवरी के पश्चात पैसे मांगने और प्रसूता की नॉर्मल डिलीवरी के दौरान गलत कट लगाने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग स्टाफ को एपीओ करने की मांग करते हुए धरना दिया। पूर्व पार्षद एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सिंग स्टाफ के कमलेश भार्गव ने प्रसूता के परिवार से 3000 रूपए लिए और नॉर्मल डिलीवरी के दौरान गलत कट लगाने से महिला को ब्लीडिंग अधिक होने के कारण अजमेर रेफर करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी पूनम चौयल ने चिकित्सालय पहुंच जांच कमेटी का गठन कर चिकित्सालय प्रभारी रामेश्वर बेनीवाल को तीन दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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मोर्चे के दौरान महिला ने गिरीश महाजन को डांटा; ट्रैफिक से मुंबई में हंगामा

Mumbai, Maharashtra:बीजेपी द्वारा महिला आरक्षण के मुद्दे पर मोर्चा निकाला गया इस मोर्चे की वजह से वर्ली इलाके में भरी ट्रैफिक होने के कारण लोगो को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा इसी मोर्चे के दौरान एक महिला द्वारा बीजेपी नेताओं पर जमकर बरसने का वीडियो वायरल हुआ है जिसमे वो कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को डांटते हुए दिखायी दे रही है साथ ही मुंबई के दहिसर से विधायक मनीषा चौधरी पर भी गुस्सा उतारते हुए दिखायी दी . महिला के इस नाराजगी को समझा भी जा सकता है चूँकि वो ट्रैफ़िक में फसी थी इस पर बातचीत करते हुए मनीषा चौधरी ने हमारे सवालों पर लगातार पार्टी का बचाव कर रही थी लेकिन जब हमने उनसे लोगो की परेशानी के मुद्दे को पूछना जारी रखा तो उन्होंने ज़ी न्यूज़ के कैमरे पर माफ़ी माँगी और कहा की उनके मोर्चे की वजह से जो तकलीफ़ हुई उसके लिए वो खेद व्यक्त करती है . टिक टैक- मनीषा चौधरी ( दहिसर विधानसभा से विधायक)
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SC ने ममता बनर्जी के दखल पर रुख रखा: लोकतंत्र खतरे में नहीं डालेंगे

Noida, Uttar Pradesh:SC की ममता मुख्यमंत्री को फटकार, कहा- लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की इजाज़त नहीं दे सकते। पश्चिम बंगाल में इस साल जनवरी में हुई I-PAC रेड के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचकर दखल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री को इस बात की इजाज़त नहीं दी जा सकती कि वो इस तरह से लोकतंत्र को खतरे में डाले। कोर्ट ने इसे केंद्र और राज्य के बीच का विवाद करार देने की ममता सरकार की दलील पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि जब कोई राज्य का मुख्यमंत्री किसी केंद्रीय एजेंसी की जांच में जाकर दखल देता है तो इसे सिर्फ केंद्र या राज्य के बीच विवाद के तौर पर नहीं देखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी कि कोई मुख्यमंत्री ऐसे रेड की जगह पर पहुंच जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो चल रहा है। कोर्ट उसे लेकर आँखे बंद नहीं रख सकता। कोर्ट के सामने मामला क्या है दरअसल सुप्रीम कोर्ट ED की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमे ममता बनर्जी पर जांच में दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। ED का कहना है कि जब IPAC दफ्तर पर उसकी सर्च चल रही थी तो इस वक्त ममता बनर्जी परिसर में घुसी। वो क़ानूनी प्रकिया को धता बताकर Z+ सुरक्षा कर्मियों, सादे कपड़ों में लोगों और कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंदर गईं और बाद में जबरदस्ती वहां से डिजिटल डिवाइस और डॉक्यूमेंट लेकर चली गई। ED ने याचिका में सीएम ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार को पक्षकार बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। ममता सरकार ने ED की याचिका पर उठाया सवाल आज ममता सरकार की ओर से वकील मेनका गुरुस्वामी ने इस केस में ED की याचिका पर सवाल खड़ा किया ।उन्होंने दलील दी कि इस केस में आर्टिकल 32 के तहत मूल अधिकारों के हनन का दावा करने वाली ED की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। चूंकि यह राज्य बनाम केंद्र सरकार का मसला है, इसलिए इसमे आर्टिकल 131 के तहत सुनवाई होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गुरुस्वामी की दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमे राज्य सरकार के अधिकार की बात कहां से आ गई। यह केन्द्र बनाम राज्य का मामला नहीं है। एक मुख्यमंत्री ऐसी किसी रेड की जगह पर जाकर दखलंदाजी नहीं कर सकती। संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी। कोर्ट ने कहा कि आपने अपनी दलीलों में बी आर अंबडेकर और एचएम सीरवाई जैसे संविधान के जानकारों का हवाला दिया। शायद उन्होंने भी कभी नहीं सोचा होगा कि ऐसा समय आएगा, जब एक मौजूदा मुख्यमंत्री किसी जांच एजेंसी के ऑफिस में खुद पहुंच जाएंगी。 हम पश्चिम बंगाल को लेकर आँख बंद नहीं कर सकते सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की ज़मीनी स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि यह कोई सामान्य केस नहीं है, बल्कि असाधारण मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी बेंच के सामने पेंडिंग SIR केस का हवाला देते हुए कहा कि कि हम ज़मीन हालात को लेकर आँखे बंद नहीं कर सकते। वहां कुछ न्यायिक अधिकारियों को भी बंधक बना लिया गया था। इसलिए यह कहना ठीक नहीं है कि ED को पहले मजिस्ट्रेट के पास शिकायत लेकर जाना चाहिए था। यह किसी राम या श्याम के बीच विवाद का मामला नहीं है। पश्चिम बंगाल में ऐसे हालात बने है, जिसके चलते यह विवाद कोर्ट आया है।कोर्ट ने ये टिप्पणी वकील सिद्धार्थ लूथरा की इन दलीलों के जवाब में की। लूथरा का कहना था कि ED को यहां आने से पहले ज्यूडिसिल मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी।
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पुणे IT क्षेत्र पर धार्मिक आरोप: माधुरी मिसाळ ने पुलिस से कार्रवाई की मांग

Pune, Maharashtra:नाशिकच्या कार्पोरेट जिहादचं प्रकरण ताजं असतानाच आता इकडे पुण्यातही एक वेगळाच आरोप होताना दिसतोय हिंजवडीतल्या एका आयटी कंपनीच्या विश्रांती कक्षाचा वापर हा नियमबाह्य रितीने विशिष्ट धर्माच्या विधीसाठी केला जात असल्याचा आरोप दस्तुरखुद्द राज्यमंञी माधुरी मिसाळ यांनी केलाय... तर उगीच धर्माच्या नावाने पुणे आयटी क्षेत्र बदनाम करू नका, असा पलटवार पवार गटाने केलाय कंपनीच्या विश्रांती कक्षाचा वापर धार्मिक विधीसाठी नको मंत्री माधुरी मिसाळ यांचा पविञा लिहिलं पोलीस आयुक्तांना पत्र व्हीओ....नाशिकच्या एका आयटी कंपनीत कार्पोरेट जिहादचा धक्कादायक प्रकार समोर आल्यानंतर आता इकडे पुण्यातही एक भलताच आरोप होऊ लागलाय... हिंजवडीच्या एका आयटी कंपनीत विश्रांत कीकाचा वापर हा विशिष्ट धर्माच्या प्रेयरसाठी केला जात असल्याने त्या काळात इतर धर्मीय कर्मचाऱ्यांना मज्जाव केला जातो, अशी तक्रार मंञी माधुरी मिसाळ यांच्याकडे आलीय त्याआधारेच त्यांनी थेट पुणे पोलीस आयुक्तांना पत्र लिहून कारवाईची मागणी केलीय बाईट... माधुरी मिसाळ, राज्य मंत्री व्हीओ... तृप्ती देसाई यांनीदेखील मिसाळ यांच्या तक्रारीची तात्काळ दखल घेतली गेली पाहिजे, असं म्हटलंय. बाईट.. तृप्ती देसाई, भूमाता ब्रिगेड व्हीओ... दरम्यान, पवार गटाचे प्रवक्ते सुनील माने यांनी मात्र, या आरोपांचा खरपूस समाचार घेतलाय... हातात कोणतेही ठोस पुरावे नसताना केवळ धार्मिक आरोपांच्या आधारे पुणेचं आयटी क्षेत्र बदनाम करणं योग्य नाही, आधीच हिंजवडीतल्या ट्रॅफिकला कंटाळून काही कंपन्या या पुणे सोडून चालल्यात अशातच हा असा निराधार आरोप सुरू झाला तर उरल्या सुरल्या कंपन्याही निघून जातील, अशी भीती सुनील माने यांनी वर्तवलीय...
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रोहतास के रामडीह स्कूल में 10 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद, शिक्षक हिरासत में

Sasaram, Bihar:बड़ी खबर रोहतास जिला के राजपुर से है। जहां राजपुर के उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय रामडीह में एक स्कूल से 10 किलो आपत्तिजनक मांस बरामद हुआ है। बताया जाता है कि स्कूल के कुछ शिक्षকদের ने यह मांस लाया तथा अलमारी में रख दिया। ग्रामीण का कहना है कि पिछले कई दिनों से उर्दू मध्य विद्यालय के कुछ शिक्षक तथा शिक्षिकाएं प्रतिदिन विद्यालय में मांस बनाते हैं तथा खुद खाते हैं एवं कुछ छात्रों को भी खिलते हैं। आज जब ग्रामीण ने देखा कि शिक्षक तथा शिक्षिकाओं द्वारा फिर से विद्यालय में मीट लाया गया है, तो कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुँचकर जांच करने लगे तो स्कूल की अलमारी से प्रतिबंधित आपत्तिजनक मांस बरामद हुआ। सूचना मिलते ही रोहतास के डीएम उदिता सिंह तथा एसपी रौशन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा दो महिला शिक्षिका सहित पांच शिक्षकों को हिरासत में ले लिया गया है तथा सभी से पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीण दोषी शिक्षकों पर मुकम्मल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दे की उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय रामडीह के प्रधानाध्यापक अफजाल अंसारी है। साथ ही ज्यादातर शिक्षक तथा शिक्षिकाएं यहां मुस्लिम धर्म के हैं। लेकिन इस विद्यालय में सभी धर्म के बच्चे पढ़ते हैं। चुकी इस संबंध में रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने जानकारी दी है कि एफएसएल की टीम ने प्रतिबंधित मांस को जप्त कर जांच शुरू कर दिया है। साथ ही कुछ शिक्षकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों ने जब शिक्षिकाओं से पूछता शुरू किया तो सभी एक दूसरे पर टालते नजर आए।
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खंडवा में वन भूमि अतिक्रमण: 3 व्यक्तियों को जिलाबदर, जंगल सुरक्षा पर सख्त संदेश

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा जिले में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जंगल की जमीन से पेड़ काटने, उस पर कब्जा करने और लोगों को उकसाने के लगातार प्रयास करने के कारण आमाखजूरी टांडा गांव के 3 अतिक्रमणकर्ताओं को जिलाबदर किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर मोवासिंग, प्रेमसिंग और घूमसिंग को आगामी एक वर्ष के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत ये तीनों आरोपी न सिर्फ खंडवा जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बेतूल, हरदा और इंदौर की सीमाओं में भी प्रवेश नहीं कर सकेंगे। प्रशासन की यह कार्रवाई जंगल की जमीन पर अवैध कब्जों और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश मानी जा रही है। बता दें कि पिछले कुछ सालों में वन विभाग की लगभग 2500 हेक्टेयर जमीन से पेड़ काटकर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया है। इसमें से लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि अभी भी इन्हीं के कब्जे में है. बीते दिनों आरोपियों ने ग्राम आमाखजूरी की वन भूमि पर अतिक्रमण किया था। अतिक्रमण हटाने पहुंची वन अमले की टीम पर जानलेवा हमला करने और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने के आरोप भी इन पर हैं। चौकीदार से मारपीट भी की थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन्हें जिला बदर किया है। इधर, प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में जंगलों से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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मीरगंज में लगातार आगजनी से दहशत, कुल्छा खुर्द में झोपड़ियों में लगी आग

ADARSH DIWAKARADARSH DIWAKARFollow8m ago
Sujatpur, Uttar Pradesh:मीरगंज। क्षेत्र में पिछले चार दिनों से लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। आगजनी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।गांव कुल्छा खुर्द में ओमप्रकाश शर्मा, रामनिवास शर्मा व मथुरा प्रसाद की झोपड़ी, लकड़ी, बिटौरे और कूड़े के ढेर में आग लग गई। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। सूचना पर फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। कार्यवाहक प्रभारी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में अशोक यादव, विष्णु सिंह, विपिन कुमार और तीरंध्वज ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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पंचकुला के मेयर चुनाव के लिए भाजपा ने श्यामलाल बंसल को उम्मीदवार घोषित किया

Chandigarh, Chandigarh:भाजपा ने पंचकुला मेयर चुनाव के लिए श्यामलाल बंसल को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस मौके पर श्यामलाल बंसल ने कहा कि पार्टी ने उन्हें नई जिम्मेदार दी है जिसे वह पूरी मेहनत से निभाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि पंचकूला के लोग एक बार फिर भाजपा को मौका देंगे। श्याम लाल बंसल ने कहा कि मैं 1970 में पंचकूला आया था और मैं पंचकूला को बनते हुए देखा है मैं पंचकुला की समस्याओं को बहुत करीब से जानता हूं। पंचकूला के पिछले मेयर कुलभूषण गोयल के नेतृत्व में पंचकुला में खूब विकास कार्य करवाए गए। कई अच्छी योजनाएं शुरू की गई और वह इसी विकास को आगे बढ़ाएंगे। उन्हें पूरा विश्वास है कि पंचकूला की जनता भाजपा को फिर से मौका देगी और उन्हें अपना समर्थन देगी। कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों की ओर से बैंक घोटाला किया गया था वह लोग आज सलाखों के पीछे है वहीं दूसरी ओर सरकार ने अपना सारा पैसा भी रिकवर कर लिया है भाजपा भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस पर काम करती है। श्यामलाल बंसल ने कहा कि उनके मन में ऐसे बहुत से कम है जो पंचकूला में अभी करवाए जाने बाकी है अगर वह मेयर बनते हैं तो उन सभी कामों को पंचकूला में करवाएंगे ताकि पंचकूला में विकास को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके
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तेज रफ्तार कार की टक्कर से मां और दो बेटे घायल, चालक फरार

Dipu RawatDipu RawatFollow9m ago
Partawal, Uttar Pradesh:महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और उसके दो बेटे घायल हो गए। गोरखपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे तीनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। घायलों की पहचान जहाना खातून (55 वर्ष), उनके बड़े बेटे मोहम्मद अलीशेर (24 वर्ष) और छोटे बेटे मोहम्मद जैद (12 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों एचएफ डीलक्स बाइक से गोरखपुर के परसौना भटहट से महराजगंज के भिटौली थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर स्थित रिश्तेदारी में जा रहे थे। बाइक मोहम्मद अलीशेर चला रहे थे, जबकि पीछे उनकी मां और छोटा भाई बैठे थे। हादसा महंत अवैद्यनाथ मिनी स्टेडियम गेट के सामने हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यामदेउरवा पहुंचाया गया, जहां से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल रेफर कर दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मोहम्मद जैद को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फरार कार चालक की तलाश जारी है। थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्थान में हड़ताल स्थगित: पेयजल आपूर्ति फिर से शुरू, मई में 1500 करोड़ भुगतान

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- राजस्थान में अब पेयजल सप्लाई और प्रोजेक्ट बाधित नहीं होंगे. पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की मध्यस्थता के चलते कॉन्ट्रेक्टर्स का आंदोलन स्थगित हो गया है. 10 दिन से चल रही हड़ताल सरकार से वार्ता के बाद स्थगित हो गई. अब प्रदेश में पेयजल सप्लाई बाधित नहीं होगी. 10 दिन तक हड़ताल स्थगित- राजस्थान में पेयजल सप्लाई और प्रोजेक्ट्स बंद करने का फैसला कॉन्ट्रेक्टर्स ने वापस ले लिया. जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया. 10 दिन से पीएचईडी कॉन्ट्रैक्टर्स यूनियन की हड़ताल चल रही थी, जिसके बाद में सरकार ने वार्ता के लिए बुलाया, जिसमें अधिकतर मांगों पर मंत्री के साथ सहमति दी.कॉन्ट्रैक्टर्स ने आज से दो घंटे पेयजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी थी और 25 अप्रैल से संपूर्ण पेयजल सप्लाई बंद करने के लिए प्रमुख सचिव हेमंत गेरा को पत्र लिखा था, लेकिन मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की मध्यस्थता के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया. ये मांगें मानी सरकार ने- 1. मई 2024 तक के कार्यों को 24 माह का टाइम एक्सटेंशन बिना एलडी के लिए मंजूर. 2. मई में 1500 करोड़ और जून में 2500 करोड़ का भुगतान दिया जाएगा. 3. जिन टेन्डर में प्राइस वेरियेशन क्लॉज है उन्हें प्राइस वेरियेशन दिया जाएगा. 4. 90% तक के कम्पलीट कार्यों को 15 दिन में हैंडओवर कराया जाएगा. 5. जीएसटी को डिफरेन्स की राशि के लिए फाइनेंस से अप्रूवल के लिए 10 दिन में फाइल भेजी जाएगी. 6. दो साल की अवधि में काटी गई एलडी का भुगतान किया जाएगा. नहीं तो ये प्रोजेक्ट्स बंद हो जाते- प्रदेश में पेयजल सप्लाई से जुड़े मुख्य प्रोजेक्ट बंद करने के लिए जिम्मेदार कंपनियों ने प्रमुख सचिव हेमंत गेरा और संबंधित इंजीनियर्स को मेल किया था. जिसमें मुख्य रूप से 4 जिलों की लाइफलाइन बीसलपुर प्रोजेक्ट, जोधपुर और पाली की आरजीएलसी योजना, कोटा का 130 एमएलडी फिल्टर प्लांट, नागौर टीएम 1,2, भीलवाड़ा, शाहपुरा की पेयजल सप्लाई बंद होते. लेकिन आंदोलन स्थगित होने के बाद अब गर्मियों में पेयजल संकट नहीं होगा.
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खन्ना पुलिस नशा विरोधी अभियान तेज, युवाओं को नशे से बचाने की योजना

Khanna, Punjab:ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨ ਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣਾ ਸਾਡੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਤਰਜੀਹ ਹੈ - ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ  ਐਸਐਸਪੀ ਦੀ ਅਗੁਵਾਈ ਹੇਠ “ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ” ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਨਵੀਂ ਦਿਸ਼ਾ, ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਨੇ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਸਮਰਾਲਾ ਵਿਖੇ ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਊ ਕੇਂਦਰ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ ਧਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ. ਖੰਨਾ  ਪੁਲਿਸ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ खੰਨਾ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖਿਲਾਫ ਚੱਲ ਰਹੀ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ teਜ਼ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ ਚੁੱਕਿਆ गया ਹੈ। “ਯੁੱਧ ਨੰਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ” ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅੱਜ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਸਮਰਾਲਾ ਵਿਖੇ ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਊ ਕੇਂਦਰ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰੇ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਐਸਐਸਪੀ ਨੇ ਐਸਐਮਓ ਸਮਰਾਲਾ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ। ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਰਣਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਤੇ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵਿਚਕਾਰ ਤਾਲਮੇਲ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ‘ਤੇ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖਿਲਾਫ ਲੜਾਈ ਸਿਰਫ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਜਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ, ਸਗੋਂ ਇਲਾਜ ਅਤੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਸਪਲਾਈ ਚੇਨ ਨੂੰ ਤੋੜਨ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਊ ਕੇਂਦਰਾਂ ਰਾਹੀਂ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸਮਾਜ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਤਰਜੀਹ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਇੱਕ ਸੰਯੁਕਤ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਹੀ, ਤਾਂ ਜੋ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਜੜੋਂ ਤੋਂ ਖਤਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਵੀ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਉਹ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿੱਚ ਪੂਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣਗੇ ਅਤੇ ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਊ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਐਸਐਸਪੀ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਇਸ ਜੰਗ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਸਾਥ ਦੇਣ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸ਼ੱਕੀ ਗਤੀਵਿਧੀ ਬਾਰੇ ਤੁਰੰਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਆਂ, ਤਾਂ ਜੋ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕੇ。 ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਮਾਨਸਿਕ ਰੋਗ ਮਾਹਿਰ ਡਾ. ਨਵਨੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਵੀ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਇੱਕ ਮਾਨਸਿਕ ਅਤੇ ਸਰੀਰਕ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਇਲਾਜ ਸੰਭਵ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਸਹੀ ਮਦਦ ਮਿਲੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਛੱਡਣ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿਰਫ ਦਵਾਈ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਕਾਊਂਸਲਿੰਗ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਵੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਡਾ. ਨਵਨੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਆਦੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਤਿਰਸਕਾਰ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਬਲਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਮੁੜ ਨਾਰਮਲ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਜੀ ਸਕਣ। ਡਾ. ਨਵਨੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ 'ਚ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
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