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LalJi GaudLalJi GaudFollow31 Jan 2025, 01:45 am
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गोरखपुर CHC में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने कार्रवाई की मांग

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के चौरीचौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन सफल रहा था और मौत हार्ट अटैक से हुई है; जांच के परिणाम आने तक वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गए हैं। Devaria जिले के बेलवा दुबौली गांव निवासी 28 वर्षीय नीलम निषाद को प्रसव के लिए चौरीचौरा सीएचसी में भर्ती किया गया था; ऑपरेशन के कुछ समय बाद परिजनों ने कहा कि उनकी हालत बिगड़ती गई पर समय पर उचित देखभाल नहीं मिली। रात में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और स्थिति गंभीर होने के बावजूद इलाज में देरी लगी। पति देव निषाद और अन्य स्वजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिस्थिति को नियंत्रण में लाया है और विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। नवजात पुत्र के जन्म से जहां कुछ समय खुशखबरी थी, वहीं इसके कुछ घंटों बाद मां की मौत से परिवार सदमे में है।
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तापस चक्रवर्ती गिरफ्तार: बीजेपी कार्यकर्ताओं पर मारपीट, जान से मारने की धमकी और वसूली

Noida, Uttar Pradesh:तापस के खिलाफ -- SIR के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी और जबरन वसूली का आरोप। गिरफ्तारी किया गया है। तापस की संपत्ति का कोई हिसाब नहीं है। मामला दर्ज है। कहा था फिर मारूंगा! खुद ही पिटकर जेल पहुंचे तृणमूल नेता। चुंचुड़ा-मगरा पंचायत समिति के वन एवं भूमि कर्माध्यक्ष, पूर्व तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष तापस चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया। पिटने के बाद माफी मांगने का वीडियो वायरल। 19 जनवरी को मगरा बीडीओ ऑफिस में SIR का काम चलने के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई थी। बीजेपी हुगली संगठनात्मक जिला सचिव संदीप साधुखां को दौड़ा-दौड़ाकर मारते हुए देखा गया। बाद में पांच लाख रुपये की उगाही मांगकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। संदीप ने मगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। कल उत्तेजित भीड़ ने तापस चक्रवर्ती की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। तृणमूल नेता को सड़क पर नंगे बदन सिर्फ एक उत्तरीय ओढ़ाकर ले जाया गया। संदीप ने कहा, ब्राह्मण का बेटा है तो शरीर पर जनेऊ है, इसलिए बदन पर उत्तरीय दिया गया था। जो लोग तापस जैसे तृणमूल नेता के हाथों अत्याचार झेल रहे थे, उन्हें मुक्ति मिली है। पुलिस और कानून है, आरोपियों पर उचित कार्रवाई होगी। आज तृणमूल नेता को चुंचुड़ा कोर्ट में पेश किया जाएगा。
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बैतूल के मुलताई में फर्नीचर मार्ट में आग, करीब एक लाख का नुकसान

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले में मुलताई के स्टेशन रोड स्थित ताप्ती वार्ड और पटेल वार्ड में उस वक्त हड़कंप मच गया,जब फर्नीचर मार्ट की दुकान और बांस की सामग्री में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान में रखा फर्नीचर जलकर राख हो गया। इस हादसे में करीब एक लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मुलताई और आठनेर नगर परिषद के फायर वाहन मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों स्थलों पर लगी भीषण आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई,लेकिन फर्नीचर मार्ट संचालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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आजादी के 75 साल बाद भी पानी के लिए पहाड़ नाप रहे आदिवासी, गधों के सहारे बुझ रही प्यास

Pratapgarh, Rajasthan:हेडर/हेडलाईन : आजादी के 75 साल बाद भी पानी के लिए पहाड़ नाप रहे आदिवासी, गधों के सहारे बुझ रही प्यास एंकर/इंट्रो : एक तरफ सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, दूसरी तरफ प्रतापगढ़ की पहाड़ियों में बसे आदिवासी परिवार आज भी पानी की हर बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां महिलाओं के सिर पर मटके हैं, बच्चों के हाथों में बर्तन हैं और गधों की पीठ पर लदा पानी पूरे परिवार की प्यास बुझाने का जरिया बना हुआ है। भीषण गर्मी में यह बस्ती आज भी उस दिन का इंतजार कर रही है, जब पानी उनके घरों तक पहुंचेगा। देखे यह स्पेशल रिपोर्ट... प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट उपखंड क्षेत्र के खरवाड़ा गांव की एक आदिवासी बस्ती इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रही है। गांव के करीब 15 परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता पीने के पानी की व्यवस्था बन चुकी है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और भी गंभीर हो गए हैं तथा ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बस्ती में पानी की उपलब्धता लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में परिवारों को प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर दूर स्थित गड्ढों और जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना उनकी मजबूरी है। कई परिवार गधों पर मटके और बर्तन लादकर पानी घर तक पहुंचाते हैं, जबकि महिलाएं और बच्चे सिर पर पानी ढोकर खड़ी चढ़ाइयों को पार करते हैं। दिन का बड़ा हिस्सा केवल पानी जुटाने में ही खर्च हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के कई गांव जल जीवन मिशन से जुड़ चुके हैं, लेकिन उनकी बस्ती तक अब तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर पेयजल सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं, फिर भी यह आदिवासी बस्ती मूलभूत सुविधा से वंचित बनी हुई है। बाइट – आदिवासी महिला ग्रामीण बताते हैं कि गांव का एकमात्र हैंडपंप भी भूजल स्तर गिरने के कारण सूख चुका है। आसपास कोई स्थायी तालाब या नदी नहीं होने से स्थिति और अधिक कठिन हो गई है। पानी की तलाश में लोगों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार पूरे परिवार को एक साथ पानी लाने के लिए निकलना पड़ता है, तब जाकर घर और पशुओं की जरूरतें पूरी हो पाती हैं। गांव की बुजुर्ग महिला ककूड़ी मीणा बताती हैं कि उनका परिवार पिछले करीब चार दशकों से इसी परेशानी का सामना कर रहा है। उनका कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं तथा सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है। जल संकट का असर शिक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। 12वीं कक्षा की छात्रा प्रियंका मीणा ने बताया कि सुबह पानी लाने की जिम्मेदारी होने के कारण कई बार स्कूल पहुंचने में देरी हो जाती है। इससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बाइट- प्रियंका, छात्रा ग्रामीण महिला सोना मीणा के अनुसार टैंकर की आपूर्ति नियमित नहीं है। कई बार एक परिवार को केवल दो से तीन घड़े पानी ही मिल पाता है। इसी सीमित पानी से पीने, भोजन बनाने, स्नान और मवेशियों की जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। गांव के पास जलदाय विभाग की पानी की टंकी बनी हुई है, लेकिन वहां से बस्ती तक पाइपलाइन नहीं पहुंचाई गई है, जिससे ग्रामीणों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। उपखंड मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर स्थित यह पहाड़ी बस्ती वर्षों से पेयजल संकट झेल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें शीघ्र जल जीवन मिशन से जोड़ा जाए, सूखे हैंडपंप की समस्या का समाधान किया जाए तथा गांव तक पाइपलाइन बिछाकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए. उपखंड अधिकारी निलेश कलाल ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली थी। निरीक्षण के बाद जल जीवन मिशन के तहत कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन वन भूमि की स्वीकृति लंबित होने से प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल टैंकर व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं तथा जिला प्रशासन और वन विभाग के समन्वय से स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनका दावा है कि आगामी एक माह में समस्या के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी。 बाइट- निलेश कलाल, उपखंड अधिकारी (1 मिनिट 47 सेकेंड) विकास अधिकारी नरेंद्र तेली ने बताया कि प्रशासन की ओर से टैंकर सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आगामी बजट में नए हैंडपंप की स्वीकृति के लिए प्रयास किए जाएंगे। वही ग्राम विकास अधिकारी अजय गोयल ने कहा कि टैंकर स्वीकृत है और यदि नियमित आपूर्ति नहीं हुई तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएचडी विभाग के सहायक अभियंता तोलसिंह गरासिया ने बताया कि क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण कई हैंडपंप सूख गए हैं। विभाग ने अस्थायी राहत के लिए टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की है तथा जल जीवन मिशन के तहत स्थायी समाधान पर कार्य किया जा रहा है। बाइट- नरेंद्र तेली, विकास अधिकारी ( 1 मिनिट 29 सेकेंड) बाइट- अजय गोयल, ग्राम विकास अधिकारी पीपलखूंट ( 21 सेकेंड) खरवाड़ा की यह बस्ती आज भी विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को बयां कर रही है। जब तक हर घर तक पानी नहीं पहुंचता, तब तक यहां के लोगों के लिए हर सुबह पानी की तलाश से शुरू होने वाला संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।
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आनंद दुबे ने घरेलू गैस सिलेंडर दाम बढ़ाने पर सरकार से जवाब मांगा

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: ANAND DUBEY (UDDHAV THACKERAY FACTION) ON DOMESTIC LPG PRICE HIKE RS 29 PER 14.2-KG CYLINDER/ BJP NATIONAL PRESIDENT NITIN NABIN’S STATEMENT/ AHEAD OF INDIA BLOC MEET, CPI(M) ASKS CONGRESS TO EXPLAIN BJP 'DEAL', JMM UPSET OVER RAJYA SABHA CANDIDATE PICK/ WEST BENGAL GOVERNMENT ORDERS STATEWIDE SURVEY OF MADRASAS, SETS JULY 5 DEADLINE FOR DISTRICT-WISE REPORTS\n\nदिल्ली | शिवसेना UBT आनंद दुबे ने घरेलू सिलेंडर के दामों में वृद्धि पर कहा, "हम पहले दिन से कह रहे हैं कि सरकार दाम पर दाम बढ़ाती जाएगी, महंगाई बढ़ाती जाएगी और हम कुछ भी नहीं कर पाएंगे... इसका असर सीधे तौर पर जनता पर पड़ रहा है। महंगाई की मार से लोग त्रस्त हैं... इन 14 वर्षों के बाद भी यदि महंगाई की मार खत्म नहीं हो रही है तो इससे अच्छा तो मनमोहन सिंह की सरकार थी जो कम से कम जुमलेबाजी तो नहीं करती थी... हमारे पास विकल्प होने चाहिए, योजना होनी चाहिए, साधन और संसाधन होने चाहिए... जो सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, इसका कितना असर पड़ेगा... हम चाहते हैं कि सरकार कोई उपाय लेकर आए..."
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लापता बबीता पांडे की खोज जारी: यूकाडा हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण शुरू

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:लापता बबीता पांडे की खोजबीन जारी, यूकाडा के हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण शुरू रिपोर्ट- हेमकांत नौटियाल उत्तरकाशी उत्तरकाशी जनपद के भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता बबीता पांडे की तलाश विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों द्वारा लगातार जारी है। SDRF, NDRF, NIM), पुलिस, राजस्व विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीमें दयारा बुग्याल सहित आसपास के जंगलों, गहरी खाइयों, गदेरों, चट्टानों के बीच एवं अन्य सभी संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग अभियान चला रही हैं। यूकाडा से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा ट्रेक एवं आसपास के सम्पूर्ण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण एवं गहन सर्च अभियान शुरू किया गया है ताकि किसी भी संभावित स्थान की बारीकी से जांच की जा सके। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय द्वारा अभियान की निरन्तर समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार घटना के बाद से ही दयारा ट्रेक क्षेत्र में कैंप कर स्वयं खोज एवं बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा रही है। लापता युवती की सकुशल बरामदगी हेतु सभी संबंधित एजेंसियाँ समन्वित रूप से हरसंभव प्रयास कर रही हैं तथा अभियान निरंतर जारी है।
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संबलपुर के ब्लॉकों में स्टेडियम होंगे; 25 करोड़ खर्च और आधुनिक सुविधाओं की घोषणा

Sambalpur, Odisha:କ୍ରୀଡା ର ଭିତ୍ତିଭୂମି ପାଇଁ ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲା ର ପ୍ରତ୍ୟେକ ବ୍ଲକ ରେ ହେବ ଷ୍ଟାଡିଅମ | ୧୫ କୋଟି ଟଙ୍କା ବ୍ୟୟ ଅଟକଳ ରେ ତିଆରି ହେବ ପ୍ରତ୍ୟେକ ବ୍ଲକ ର ଷ୍ଟାଡିଅମ | ଗତକାଲି ସମ୍ବଲପୁର ରେ ସର୍ବଭାରତୀୟ ସମ୍ବଲପୁର କପ କବାଡି ପ୍ରତିଯୋଗିତା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ଯୋଗ ଦେଇ ସୂଚନା ଦେଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ | ତା ସହ ସମ୍ବଲପୁର ର ବୀର ସୁରେନ୍ଦ୍ର ସାଏ ଷ୍ଟାଡିଅମ ପାଇଁ ୨୫ କୋଟି ଟଙ୍କା ଦିଆଯାଇଥିବା ସୂଚନା ଦେଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ | ଫିଫା ସ୍ତରୀୟ ଷ୍ଟାଡିଅମ ପାଇଁ ମନ୍ଦଳିଆ ପଡିଆ କୁ ମଧ୍ୟ ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ଦିଆଯାଇଥିବା କହିଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ | ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ, ଓଡ଼ିଶା| ‘ସମ୍ବଲପୁର କପ୍’ କବାଡି ଟୁର୍ଣ୍ଣାମେଣ୍ଟରେ ଖେଳାଳୀଙ୍କୁ ଉତ୍ସାହିତ କଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ|ତୃଣମୂଳ ସ୍ତରରୁ କ୍ରୀଡ଼ାର ବିକାଶ ସମ୍ବଲପୁରର ସମସ୍ତ ୯ଟି ବ୍ଲକରେ ନିର୍ମାଣ ହେବ ଷ୍ଟାଡିୟମ| ସମ୍ବଲପୁରର ଭୀମ ବରାଡ ଓ ପ୍ରିୟଙ୍କା ପ୍ରଧାନଙ୍କ ସଫଳତା ସମଗ୍ର ଯୁବପିଢ଼ି ପାଇଁ ପ୍ରେରଣାଦାୟୀ| କବାଡି ଆମ ସଂସ୍କୃତି, ସମ୍ବଲପୁର ହେବ ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରମୁଖ କ୍ରୀଡ଼ା କେନ୍ଦ୍ର କହିଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ | ସମ୍ବଲପୁରଠାରେ ଆୟୋଜିତ ସର୍ବ ଭାରତୀୟ କବାଡି ଟୁର୍ଣ୍ଣାମେଣ୍ଟ ‘ସମ୍ବଲପୁର କପ୍’ରେ   ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗ ଦେଇ ଖେଳାଳୀ ମାନଙ୍କୁ ଉତ୍ସାହିତ କରିଛନ୍ତି । କବାଡି କେବଳ ଏକ ଖେଳ ନୁହେଁ, ବରଂ ଏହା ଭାରତର ଗ୍ରାମାଞ୍ଚଳରୁ ସୃଷ୍ଟି ହୋଇ ଆଜି ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ସ୍ତରରେ ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିବା ଆମ ସଂସ୍କୃତିର ପ୍ରତୀକ ବୋଲି ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କହିଛନ୍ତି।ସମ୍ବଲପୁରର କ୍ରୀଡ଼ା ଭିତ୍ତିଭୂମିକୁ ବିଶ୍ୱସ୍ତରୀୟ କରିବା ପାଇଁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଏହି ଅବସରରେ କେତେକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପ୍ରକଳ୍ପର ଘୋଷଣା କରିଛନ୍ତି। ସେ କହିଛନ୍ତି ଯେ, ୨୫ କୋଟି ଟଙ୍କା ବ୍ୟୟରେ ଭି.ଏସ୍.ଏସ୍. ଷ୍ଟାଡିୟମର ପୁନର୍ବିକାଶ ପାଇଁ ଟେଣ୍ଡର ପ୍ରକ୍ରିୟା ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିବା ବେଳେ ୧୫ କୋଟି ଟଙ୍କା ବ୍ୟୟରେ ମଣ୍ଡଳିଆ ଖେଳ ପଡ଼ିଆଠାରେ ଏକ ଆଧୁନିକ ଫିଫା ଯୋଗ୍ୟତା ସମ୍ପନ୍ନ ଫୁଟବଲ ଷ୍ଟାଡିୟମର ନିର୍ମାଣ କାର୍ଯ୍ୟ ଜାରି ରହିଛି। ଏହା ସହିତ ଯୁବ ଖେଳାଳିମାନଙ୍କ ପାଇଁ ୧୦୦ ଶଯ୍ୟା ବିଶିଷ୍ଟ କ୍ରୀଡ଼ା ଛାତ୍ରାବାସ, ଏକ ବହୁମୁଖୀ ଷ୍ଟାଡିୟମ ଏବଂ ଜିଲ୍ଲାର ସମସ୍ତ ୯ଟି ବ୍ଲକରେ ବ୍ଲକ ସ୍ତରୀୟ ଷ୍ଟାଡିୟମ ନିର୍ମାଣ କରିବାକୁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଛି। ବୁର୍ଲା ଓ ହୀରାକୁଦ ଇଣ୍ଡୋର ଷ୍ଟାଡିୟମର ଉନ୍ନୟନ ପାଇଁ ডି.ପି.ଆର୍. ପ୍ରସ୍ତୁତି ଚାଲିଥିବା ବେଳେ କୁଳୁଣ୍ଡି ସ୍ଥିତ ସରକାରୀ କ୍ରୀଡ଼ା ମହାବିଦ୍ୟାଳୟକୁ ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶାର ଏକ ପ୍ରମୁଖ କ୍ରୀଡ଼ା କେନ୍ଦ୍ର ଭାବେ ଗଢ଼ିତୋଳିବାକୁ ସରକାର କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଛନ୍ତି।ଅତୀତର ମହାନଦୀ ବାଲୁକା ଶଯ୍ୟାର କବାଡି ଖେଳଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ଆଜିର ଆଧୁନିକ ଷ୍ଟାଡିୟମ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତର ଯାତ୍ରାକୁ ମନେ ପକାଇ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ସମ୍ବଲପୁରର ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ କ୍ରୀଡ଼ାବିତଙ୍କୁ ପ୍ରଶଂସା କରିଛନ୍ତି। ସେ ୨୦୦୪ ଦକ୍ଷିଣ ଏସୀୟ କ୍ରୀଡ଼ାର ସ୍ୱର୍ଣ୍ଣ ପଦକ ବିଜେତା ଭୀମ ବରାଡ ଏବଂ ୨୦୨୫ ଏସୀୟ ଯୁବ କ୍ରୀଡ଼ାରେ ସ୍ୱର୍ଣ୍ଣ ଜିତିଥିବା তଳାପଡ଼ାର ଝିଅ ପ୍ରିୟଙ୍କା ପ୍ରଧାନଙ୍କ ସଫଳତାକୁ ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ପାଇଁ ପ୍ରେରଣାଦାୟୀ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି। ଖେଳରେ ଜୟ ଓ ପରାଜୟକୁ ଗୋଟିଏ ମୁଦ୍ରାର ଦୁଇଟି ପାର୍ଶ୍ୱ ବୋଲି ଦର୍ଶାଇ, ସେ ସମସ୍ତ ଦଳର ଖେଳୁଆଡ଼ ମନୋଭାବକୁ ପ୍ରଶଂସା କରିବା ସହ ସଫଳ ଆୟୋଜନ ପାଇଁ ସ୍ଥାନୀୟ ବିଧାୟକ ଶ୍ରୀ ଜୟ ନାରାୟଣ ମିଶ୍ର ଓ ଆୟୋଜକଙ୍କୁ ଆନ୍ତରିକ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଇଛନ୍ତି। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସହ ପଞ୍ଚାୟତିରାଜ ମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ରବି ନାରାୟଣ ନାଏକ, ସମ୍ବଲପୁର ବିଧାୟକ ଶ୍ରୀ ଜୟନାରାୟଣ ମିଶ୍ର, ରେଙ୍ଗାଲିର ପୂର୍ବତନ ବିଧାୟକ ଶ୍ରୀ ନାଉରୀ ନାଏକ, ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଶ୍ରୀ  ସିଦ୍ଧେଶ୍ଵର ବଳିରାମ ବୋନ୍ଦର ପ୍ରମୁଖ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। Bite - ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ,ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ
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मधुबनी में ससुराल आये युवक की संदिग्ध मौत, हत्या के आरोप की जांच शुरू

Madhubani, Bihar:LOCATION MADHUBANI BINDU BHUSHAN एंकर मधुबनी में ससुराल आये युवक की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी,परिजनों ने ससुराल वालों पर लगाया हत्या का आरोप,घटना पंडौल थाना के भौरघाट बाबा चौक की है।सुबह लोगों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा, मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान उदयपुर बिठुवार गांव निवासी रंजय पासवान के रूप में हुई है। उसकी उम्र 32 वर्ष बताई जा रही है。 घटना की सूचना मिलते ही पंडौल थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है。 मृतक के परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए युवक के सासुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाया हैं। परिजनों का कहना है कि रंजय पासवान पिछले एक सप्ताह से अपने ससुराल में रह रहा था, जहां उसकी पत्नी और साले के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार वालों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या कर शव को भौरघाट बाबा चौक के पास फेंक दिया。 घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है,रिपोर्ट से स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत हत्या, आत्महत्या या किसी दुर्घटना के कारण हुई है。 फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत है。 बाइट मृतक का भाई
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देहरादून- मसूरी ट्रैफिक जाम: ड्रोन-सीसीटीवी से नियंत्रण और व्यवस्था

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून (उत्तराखंड): मसूरी जाने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण देहरादून-मसूरी रूट पर ट्रैफिक जाम की स्थिति / विजुअल्स / अंकित कंडारी (CO ट्रैफिक) का बयान। इस कंटेंट में देहरादून और मसूरी में ट्रैफिक मैनेजमेंट की रणनीतियों पर चर्चा की गई है, खासकर गर्मियों की छुट्टियों और वीकेंड जैसे पीक टूरिस्ट सीज़न के दौरान। अधिकारियों ने देहरादून को चार सुपर ज़ोन, दस ज़ोन और उन्नीस सेक्टर में बांटा है, और हर जगह CO इंस्पेक्टर और इंचार्ज तैनात किए गए हैं। मुख्य चौराहों और चेकपॉइंट पर सुबह और शाम की दो शिफ्ट में ड्यूटी तय की गई है। भीड़ के दबाव को संभालने के लिए पार्किंग एरिया तय किए गए हैं और डायवर्जन रूट (प्लान A, B, C) तैयार किए गए हैं। पर्यटकों से अपील की जाती है कि वे तय जगहों पर ही गाड़ी पार्क करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि देहरादून पुलिस को ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिल सके। इसके अलावा, मसूरी और देहरादून जैसे ज़्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में ड्रोन टीमों और CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक और लोकल पुलिस को जाम के बारे में तुरंत जानकारी मिल सके और जाम को जल्दी से हटाया जा सके।
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राजस्थान में प्रॉपर्टी बाजार ने रफ्तार पकड़ी: रिकॉर्ड पंजीकरण, राजस्व उछला

Jaipur, Rajasthan:एंकर-सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ रही है और जमीन फिर निवेशकों की पहली पसंद बनती जा रही है। वैश्विक बाजार में उठापटक और अनिश्चितता के बीच राजस्थान का प्रॉपर्टी बाजार रफ्तार पकड़ चुका है। निवेशक अब शेयर और सराफा बाजार से निकलकर जमीन, मकान और कमर्शियल प्रॉपर्टी में पैसा लगा रहे हैं। नतीजा ये है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हो रही है और सरकार के खजाने में भी जमकर राजस्व आ रहा है। जहां शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव है, सोना-चांदी में अनिश्चितता है, वहीं जमीन ने एक बार फिर निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। राजस्थान में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त ने रफ्तार पकड़ी है और सरकार के खजाने में भी रिकॉर्ड राजस्व पहुंच रहा है। इसका सीधा असर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के राजस्व और रजिस्ट्री के आंकड़ों में देखने को मिल रहा है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों और जून के पहले तीन दिनों में विभाग ने राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई और 3 जून तक की अवधि में पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 18,750 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य का 13.56 प्रतिशत हिस्सा महज 63 दिनों में ही प्राप्त कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सराफा बाजार में निवेश को लेकर बढ़ती आशंकाओं के कारण निवेशक अब जमीन, आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों की खरीद की ओर लौट रहे हैं। यही वजह है कि राज्यभर के पंजीयन कार्यालयों में रजिस्ट्री की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजस्व आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025-26 में विभाग को 851.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो अप्रैल 2026-27 में बढ़कर 1120.87 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस प्रकार 31.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं मई 2025-26 में 1078.52 करोड़ रुपये के मुकाबले मई 2026-27 में 1274.75 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो 18.19 प्रतिशत अधिक है। जून माह में भी वृद्धि का सिलसिला जारी है। जून 2025-26 के शुरुआती दिनों में जहां 85.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं जून 2026-27 में यह बढ़कर 145.98 करोड़ रुपये हो गया। राज्य में प्रतिवर्ष 19 लाख से अधिक दस्तावेज पंजीकृत किए जाते हैं। डीएलसी दरों में वृद्धि, मॉर्गेज लोन और किरायानामों की अनिवार्य रजिस्ट्री, बकाया वसूली में तेजी और स्टाम्प शुल्क पर बढ़े सेस के कारण विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही विभाग राज्यभर में डीएलसी दरों में एकरूपता लाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को डीएलसी समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभिन्न जिलों में प्रचलित दरों की असमानता को समाप्त किया जा सके। बहरहाल, प्रॉपर्टी बाजार की यह तेजी केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेशकों के बदलते भरोसे की भी कहानी बयां कर रही है। जब वैश्विक बाजार अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं, तब जमीन और संपत्ति एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनती नजर आ रही है। यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में रियल एस्टेट सेक्टर न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि सरकार के राजस्व लक्ष्य को भी तय समय से पहले हासिल कराने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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राजस्थान में प्रॉपर्टी बाजार तेज, रिकॉर्ड राजस्व और निवेशकों का रुझान बढ़ा

Jaipur, Rajasthan:सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ रही है और जमीन फिर निवेशकों की पहली पसंद बनती जा रही है। वैश्विक बाजार में उठापटक और अनिश्चितता के बीच राजस्थान का प्रॉपर्टी बाजार रफ्तार पकड़ चुका है। निवेशक अब शेयर और सराफा बाजार से निकलकर जमीन, मकान और कमर्शियल प्रॉपर्टी में पैसा लगा रहे हैं। नतीजा ये है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हो रही है और सरकार के खजाने में भी जमकर राजस्व आ रहा है। जहाँ शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव है, सोना-चांदी में अनिश्चितता है, वहीं जमीन ने एक बार फिर निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। राजस्थान में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त ने रफ्तार पकड़ी है और सरकार के खजाने में भी रिकॉर्ड राजस्व पहुंच रहा है। इसका सीधा असर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के राजस्व और रजिस्ट्री के आंकड़ों में देखने को मिल रहा है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों और जून के पहले तीन दिनों में विभाग ने राजस्व संग्रह में बढ़ौतरी दर्ज की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई और 3 जून तक की अवधि में पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 18,750 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य का 13.56 प्रतिशत हिस्सा महज 63 दिनों में ही प्राप्त कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सराफा बाजार में निवेश को लेकर बढ़ती आशंकाओं के कारण निवेशक अब जमीन, आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों की खरीद की ओर लौट रहे हैं। यही वजह है कि राज्यभर के पंजीयन कार्यालयों में रजिस्ट्री की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजस्व आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025-26 में विभाग को 851.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो अप्रैल 2026-27 में बढ़कर 1120.87 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस प्रकार 31.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मई 2025-26 में 1078.52 करोड़ रुपये के मुकाबले मई 2026-27 में 1274.75 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो 18.19 प्रतिशत अधिक है। जून माह में भी वृद्धि का सिलसिला जारी है। जून 2025-26 के शुरुआती दिनों में जहां 85.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं जून 2026-27 में यह बढ़कर 145.98 करोड़ रुपये हो गया। राज्य में प्रतिवर्ष 19 लाख से अधिक दस्तावेज पंजीकृत किए जाते हैं। डीएलसी दरों में वृद्धि, मॉर्गेज लोन और किरायानामों की अनिवार्य रजिस्ट्री, बकाया वसूली में तेजी और स्टाम्प शुल्क पर बढ़े सेस के कारण विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही विभाग राज्यभर में डीएलसी दरों में एकरूपता लाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को डीएलसी समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभिन्न जिलों में प्रचलित दरों की असमानता को समाप्त किया जा सके। बहरहाल, प्रॉपर्टी बाजार की यह तेजी केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेशकों के बदलते भरोसे की भी कहानी बयां कर रही है। जब वैश्विक बाजार अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं, तब जमीन और संपत्ति एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनती नजर आ रही है। यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में रियल एस्टेट सेक्टर न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि सरकार के राजस्व लक्ष्य को भी तय समय से पहले हासिल कराने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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