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VIKASH KUMARVIKASH KUMARFollow10 May 2025, 09:39 am

Sonbhadra: पैतृक संपत्ति के विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Robertsganj, Uttar Pradesh:

सोनभद्र जिले के रेणुकूट पिपरी थाना क्षेत्र के मुरलीगढ़ गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बेटे ने पैतृक संपत्ति बेचने के विवाद में अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक लालचंद यादव रेनू सागर से रिटायर हो चुके थे। उन्होंने अपनी पैतृक जमीन बेच दी थी, जिससे उनका बड़ा बेटा सुभाष यादव नाराज़ था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना 24 अप्रैल की रात की है, जब सुभाष अपने पिता के घर आया और दोनों के बीच जोरदार बहस हुई। गुस्से में सुभाष ने डंडे से अपने पिता पर हमला कर दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।

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वाल्मीकि से बक्सा तक बाघिन के स्थानांतरण की योजना NTCA के आदेश पर निर्भर

IAImran AjijJust now
Bagaha, Bihar:बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन को स्थानांतरित करने की तैयारी चल रहीं है। दरअसल बाघों के पुनर्वास की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बाघिन को पकड़ने और स्थानांतरित करने के लिए सुंदरवन टाइगर रिजर्व और बक्सा टाइगर रिजर्व की टीमें मंगलवार को वीटीआर पहुंचेगी। वन विभाग के मुताबिक फिलहाल वीटीआर से एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम निर्णय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। बताया जा रहा है की बाघिन का चयन वीटीआर, सुंदरवन और बक्सा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम करेगी। इसके लिए बाघिनों के स्वास्थ्य, उम्र, व्यवहार और स्थानांतरण के लिए उनकी उपयुक्तता का विस्तृत अध्ययन करने के बाद हीं VTR से किसी एक बाघिन को चिन्हित किया जाएगा। इस सम्बन्ध में वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के वन संरक्षक सह वीटीआर निदेशक गौरव ओझा ने कहा है की “फिलहाल एक बाघिन को भेजे जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम निर्णय NTCA के आदेश पर निर्भर करेगा। यहीं वज़ह है की सुंदरवन और बक्सा की टीम मंगलवार को वीटीआर पहुंच रहीं है। जहाँ स्थानीय वन विभाग, WII के विशेषज्ञों और दोनों टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की संयुक्त जांच और अध्ययन के बाद हीं किसी एक बाघिन को चिन्हित किया जाएगा।”CF नें बताया कि अध्ययन औऱ चयन के बाद बाघिन को पकड़ने, उसकी चिकित्सकीय जांच और उसे बक्सा रिज़र्व तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस अभियान में पशु चिकित्सक भी शामिल होंगे। खास बात यह है की बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पूरी की जाएगी। बताएं की वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में बाघिन के चयन से लेकर उसे पकड़ने, चिकित्सकीय जांच और बक्सा तक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया में VTR, बक्सा, सुंदरवन, WII और NTCA के विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। VTR में शावकों औऱ बाघ समेत बाघीन की संख्या लगभग 70 के करीब है लिहाजा VTR के 980 वर्गकिलोमीटर के क्षेत्र से एक बाघिन का चयन कर उसे पकड़ने की जानकारी मिल रहीं है जिसका बक्सा में नया ठिकाना होगा।
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जलस्तर घटा, मोहाना नदी पर तटबंध का खतरा टला; ठोकरों पर सवाल

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखनपुर खीरी के इंडो नेपाल बॉर्डर पर विभाजित करने वाली मोहाना नदी के जलस्तर में कमी आई है जिसके चलते तटबंध और रेलवे ट्रैक पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है। जिला प्रशासन ने तटबंध को बचाने के लिए दर्जनों ठोकरो का निर्माण किया था। आपको बता दें जसनगर सहित दर्जनों गांव फिलहाल तटबंध के दूसरे हिस्से में आते हैं। हमारे संवाददाता ने जिला प्रशासन द्वारा कराए गए इस काम की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया। आखिर बाढ़ आने पर ही राहत के इंतजाम क्यों किए जाते हैं पहले क्यों नहीं? सबसे बड़ा सवाल यही निकल कर आया है। अब जबकि जलस्तर कम हो गया है तो इन ठोकरों को बेहतर तरीके से बनाया जा सकता है। लेकिन पैनिक कंडीशन में ही लखीमपुर का बाढ़ खंड विभाग सक्रिय होता है यह कमोवेश हर साल होता है और करोड़ों की परियोजनाएं पानी में समा जाती है।
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लखनऊ में मोबाइल किस्त न चुकाने पर युवक को अगवा कर बंधक, रक्त निकालने का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में मोबाइल की किस्त न चुकाना युवक को पड़ा भारी मोबाइल की बकाया किस्त के विवाद में युवक को अगवा कर बंधक बनाने का आरोप निगोहां थाना क्षेत्र के राजाराम खेड़ा पुरहिया गांव का मामला परिवार का आरोप—युवक को जबरन ले जाकर करीब 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया बंधक बनाकर मजदूरी कराने और मारपीट करने का भी आरोप परिजनों के मुताबिक युवक को ब्लड बैंक ले जाया गया करीब एक यूनिट खून जबरन निकलवाने का आरोप आरोप है कि खून निकलवाकर बेचने की कोशिश की गई परिवार का दावा—मोबाइल की करीब ₹2,799 की किस्त बकाया थी आरोपियों ने परिजनों से किस्त की रकम खाते में ट्रांसफर कराने की भी कोशिश की युवक की मां ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की मामले में डीसीपी दक्षिणी ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
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काबुल गांव में सड़क निर्माण की मांग पर ग्रामीण आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:काबुल गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने लगाया जाम आरसी खेड़ा से काबुल और काबुल से बड़ोदिया मार्ग पर ग्रेवल डलवाने की मांग नंदगांव-काबुल मार्ग से अतिक्रमण हटाने और सड़क की सफाई की मांग काबुल गांव की नालियों की सफाई नहीं होने से ग्रामीण परेशान 11 सितंबर को कलेक्टर को शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप जल्द समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी सूचना पर मौके पर पहुंची थाना अधिकारी प्रिया व्यास
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महिला की दिलेरी: उबलड नदी में जान पर खेलकर बकरियां बचाई, रेस्क्यू में बहादुरी की कहानी

Alirajpur, Madhya Pradesh:आलीराजपुर के उबलड गांव में महिला की दिलेरी, उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर बचाई बकरियों की जान! अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंसी झमकू बाई, बकरियों को बहने से बचाने के लिए बीच पानी में लकड़ी पकड़कर डटी रही। बड़ा हादसा टला: ग्रामीणों की सूझबूझ और मदद से महिला और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से इंसानियत और ममता को शर्मसार नहीं, बल्कि सलाम करने वाली एक खबर सामने आई। उबलड गांव में एक महिला ने अपने बेजुबान जानवरों को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। मामला अलीराजपुर के उबलड गांव का है, जहां झमकू बाई नाम की महिला अपने बकरे और बकरियों को लेकर नदी पार कर रही थी। इसी दौरान अचानक ऊपरी इलाके में हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। पानी के तेज थपेड़ों के बीच बकरियां बह न जाएं, इसके लिए झमकू बाई पानी के बीचों-बीच एक लकड़ी का सहारा लेकर मजबूती से खड़ी हो गई। अपनी जान की परवाह किए बिना वह घंटों तक उफनते पानी में बेजुबानों को संभाले रही। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद झमकू बाई और उसकी बकरियों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। झमकू बाई के इस साहस की अब पूरे इलाके में तारीफ हो रही है।
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भालू को आबादी के पास छोड़ने पर बालोद के ग्रामीणों का आक्रोश, 24x7 सुरक्षा जारी

Raipur, Chhattisgarh:बालोद रानीमाई मंदिर के पास से पकड़े गए भालू को मरदेल गांव से महज 500 मीटर दूर छोड़ने पर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ियों को रोककर तीन रेंजरों समेत पूरी टीम को करीब तीन घंटे तक घेर कर रखा। ​मामला बिगड़ता देख डौंडी और दल्लीराजहरा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप था कि भालू को उसके मूल क्षेत्र में न छोड़कर आबादी के पास छोड़ दिया गया, जिससे गांव में दहशत फैल गई है। ​तनाव बढ़ता देख बालोद एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि भालू को दोबारा रेस्क्यू किया जाएगा और जब तक वह पकड़ा नहीं जाता, तब तक सुरक्षा के लिए गांव में 5 वनकर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। लिखित समझौते के बाद ही ग्रामीणों ने अधिकारियों और वाहनों को जाने दिया।
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बारिश के दौरान मंदसौर में जान जोखिम में डालकर कार और बाइक के वीडियो वायरल

Mandsaur, Madhya Pradesh:मनीष पुरोहित/मंदसौर: मंदसौर में सोमवार ہوئی बारिश के दौरान जोखिम में जान डाले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से viral हो रहे हैं। पहला वीडियो सुवासरा का बताया जा रहा है जिसमें रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे से भरे पानी के बीच से कार सवार वाहन निकालने का प्रयास करता है लेकिन कार बहने लगती है; हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी तरह लोगों ने रस्सी के सहारे कार को बांधा और ट्रैक्टर के जरिए बाहर निकल लिया गया। दूसरा वीडियो मल्हारगढ़ का बताया जा रहा है जिसमें बहते पानी के बीच से मोटरसाइकिल सवार निकालने का प्रयास करते हैं और बीच में फंस जाते हैं। दोनों वीडियो के साथ संदेश में दावा किया गया है के वीडियो सोमवार का है। वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बारिश के बाद नदी नाले उफान पर आते हैं तो थोड़ी देर बाद उतर भी जाते हैं, लेकिन अति शीघ्रता के चक्कर में लोग अपनी जान को जोखिम में डालने से बाज नहीं आते।
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