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AAAbhishek AwasthiFollow29 Dec 2024, 02:04 pm

सीतापुरः जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन खुदाई का काम कर रहे श्रमिक से मारपीट

Misrikh-cum-Neemsar, Uttar Pradesh:

जल जीवन मिशन के तहत चल रहे निर्माण कार्य में काम कर रहे श्रमिकों के साथ दबंगो ने मार पीट कर बुरी तरह घायल कर दिया। कस्बे के मुख्य बाजार मार्ग पर साहू मेडिकल स्टोर के पास पाइप लाइन डालने का काम श्रमिकों के द्वारा किया जा रहा था जिसमें आशिक पुत्र वजीर ग्राम नौगवां थाना छाता जिला मथुरा निवासी भी पाइप लाइन हेतु खुदाई का कार्य कर रहा था, तभी निक्की गुप्ता और प्रदीप गुप्ता श्रमिकों से गाली गलौज करने लगे। श्रमिकों द्वारा विरोध किये जाने पर आशिक को बुरी तरह मारा जिससे उसे गभीर चोटें आई हैं जिसके बाद पीड़ित ने कोतवाली में घटना का शिकायती पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की है।

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कुशीनगर में बाढ़ से लगभग 35 गाँव प्रभावित, ग्रामीण पलायन पर मजबूर

Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking - कुशीनगर - ABP तटबंध टूटने के बाद मची तबाही से ग्रामीण परेशान - लगभग 35 गाँव में पहुंचा नारायणी नदी का पानी - पानी भरे गाँव से पलायन कर रहे ग्रामीण - ग्रामीणों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया - बीती रात से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं ग्रामीण - अपनी गृहस्थी का सामान लेकर घर छोड़कर बंधे पर रह रहे लोग - तमकुहीराज तहसील के जवहीं दयाल एहतमाली , चैनपट्टी , घघवा जगदीश , जगलीपट्टी सहित तमाम गाँव में पहुंचा बाढ़ का पानी - जिला प्रशासन ,SDRF, और पीएसी की टीम लोगों की मदद में जुटी TT - ग्राउंड जीरो बाढ़ पीड़ितों के साथ
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त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग के अभियान पर गाजियाबाद में मिलावट पर कार्रवाई

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सितंबर माह में विभाग की करीब 26 टीमों ने गाजियाबाद में करीब 56 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान नकली पनीर, मावा समेत अन्य संदिग्ध खाद्य पदार्थ बरामद कर जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान लिए गए करीब 61 खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, पूरे सितंबर माह में अब तक करीब 85 नमूनों के परिणाम आ चुके हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने एक अवैध फैक्ट्री का भी खुलासा किया, जहां विदेशी ब्रांडों के नाम पर खाद्य उत्पादों की पैकिंग कर उनकी जिमों में सप्लाई की जा रही थी। मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके अलावा फर्जी तरीके से फूड न्यूट्रिशन उत्पाद बेचने के आरोप में 4 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है, जबकि 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभाग ने त्योहारी सीजन में मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
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हैदराबाद में लाइसेंसी .315 राइफल से ब्लैकबक शिकार: मारिकल जंगल में 9 गिरफ्तार

Hyderabad, Telangana:Hyderabad: A licensed .315 rifle, reportedly obtained for sporting purposes, was allegedly used to hunt a blackbuck in the Marikal forest area near Narayanpet, according to police. Nine persons were apprehended in a joint operation by Shadnagar Police, SOT and Forest Department officials. The suspects were intercepted near Raikal Toll Plaza while allegedly transporting around 13 kg of blackbuck meat towards Hyderabad. Police seized a licensed .315 rifle fitted with a telescopic sight and silencer, along with 19 live rounds, two vehicles, eight smartphones, a camera, two torch lights and ₹28,590 cash. According to the preliminary investigation, the group allegedly travelled from Hyderabad to the Marikal area during the intervening night of September 26 - 27. Police said the firearm was allegedly used to shoot the blackbuck, after which the animal was cut into pieces and the meat packed for transportation to Hyderabad. A case has been registered under Sections 9, 39, 50, 51 and 57 of the Wildlife (Protection) Act, 1972, and Section 30 of the Arms Act. Officials said further investigation is underway, including examination of the seized weapon, vehicles and electronic devices. DCP Sirisha Ragavendra IPS said ``How was a licensed sporting firearm allegedly used for wildlife hunting, and whether any conditions governing the weapon’s licence were violated, are among the aspects being examined by the authorities and deep investigation is in prob`` she said. On the other hand Future City Police and the Forest Department appealed to the public to report any information regarding illegal hunting, transportation or sale of wildlife meat.
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परामल धान की MSP पर खरीद की मांग किसानों में उबाल

Hansi, Haryana:हांसी मंडी स्पेशल बाइट : हरिकेश सिंगला मंडी प्रधान,जयबीर सिंह किसान मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसान, भाव को लेकर चिंता 1509 को 4011 रुपये भाव, परमल धान की खरीद को लेकर किसान परेशान किसानों की मांग- परमल धान की भी समर्थन मूल्य पर हो खरीद सरकार ने शुरू की आज से सरकारी खरीद धान की खरीद का सीजन शुरू होते ही मंडियों में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन गैर-बासमती यानी परमल धान के भाव और खरीद को लेकर किसानों की चिंता सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि 1509 धान उन्हें 4011 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिला है, लेकिन परमल धान की खरीद को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है। मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की फसल का उचित भाव मिलना चाहिए। किसान जयबीर सिंह गांव मेहंदा निवासी ने बताया कि 1509 धान 4011 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बिका है। लेकिन परमल यानी गैर-बासमती धान को लेकर किसानों को परेशानी हो रही है। किसान का कहना है कि परमल धान की खरीद समर्थन मूल्य पर होनी चाहिए। उनकी मांग है कि सरकार इस धान की भी उचित भाव पर खरीद सुनिश्चित करे। किसान के मुताबिक मंडी में परमल धान खरीदने के लिए राइस मिलर भी नजर नहीं आ रहे। सरकार ने परमल यानी गैर-बासमती धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। ऐसे में किसानों की मांग है कि उन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार खरीद की सुविधा मिले। वहीं मंडी प्रधान हरिकेश सिंगला ने कहा कि मंडी में धान की खरीद उचित भाव पर हो रही है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार समर्थन मूल्य पर किसानों का दाना-दाना खरीद करेगी। फिलहाल मंडी में धान की आवक लगातार जारी है। किसानों की नजर इस बात पर है कि परमल यानी गैर-बासमती धान की खरीद समर्थन मूल्य पर कितनी प्रभावी तरीके से होती है और किसानों को उनकी फसल का उचित भाव मिल पाता है या नहीं।
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बिंदल मॉल फायरिंग: SIT ने रायपुर टोल प्लाजा के पास चार आरोपियों को गिरफ्तार

Jamshedpur, Jharkhand:बिंदल मॉल फायरिंग मामले में चार कथित साजिशकर्ता गिरफ्तार, रायपुर टोल प्लाजा के पास पकड़े गए जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के मामले में जमशेदपुर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित टोल प्लाजा के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परसुडीह निवासी टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और सिदगोड़ा निवासी दीपू ओझा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना के बाद आरोपी दो वाहनों से जमशेदपुर से फरार हुए थे। रास्ते में एक वाहन खराब हो जाने के बाद सभी आरोपी दूसरे वाहन से रायपुर की ओर आगे बढ़ रहे थे। तकनीकी निगरानी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया और रायपुर टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को इन आरोपियों की भूमिका फायरिंग की कथित साजिश में सामने आने की जानकारी मिली है। हालांकि, रेस्टोरेंट के अंदर घुसकर गोली चलाने वाले प्रत्यक्ष शूटरों में इन चारों के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के जरिए मुख्य शूटरों, घटना की पूरी साजिश और फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि 26 सितंबर को बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के दौरान करीब 11 राउंड गोली चलने की जानकारी सामने आई थी। गोलीबारी में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस मामले में मुख्य शूटरों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
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बुंदेलखंड के बांध 10 साल बाद भी किसानों को पानी नहीं दे पाए

Panna, Madhya Pradesh:अरबों रुपये खर्च लेकिन बुंदेलखंड का किसान खेतों में पानी के लिये परेशान जल संसाधन विभाग की कारगुजारियों का दंश झेल रहा अन्नदाता 10 साल पहले बांध बने, पर आज तक किसान को पानी नहीं दे पाये, बांध फूटे, नहरे आज तक बनी नहीं जो बनी वो टूटी फूटी पड़ी है, दुर्भाग्य बुंदेलखंड पैकेज का WRD विभाग द्वारा अपने बांध परियोजनाओं के बोर्ड भी नहीं लगाए गए है भ्रष्टाचार को छिपाने बारिश के समय ही बांध का पानी बहाकर उसे खाली कर रहे है पन्ना जिले के सिरस्वाहा, बिलखुरा, मुटमुरु बांध आज तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा पाए है 10 साल पहले बन चुके इन बांधों की दुर्दशा है और ये सिर्फ कागजों में सिंचाई का रकवा बढ़ा रहे है, कितना गंभीर मामला है कि बांध बनने के 10 सालों के बाद भी नहरें बनकर तैयार नहीं हुई है और जो थोड़ी बहुत बनी थी वो टूटी पड़ी है, वाइस ओवर — जब ZEE MEDIA की टीम इन बांध पर मौके पर पहुंची तो स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने इसकी हकीकत बताई, यहां जाकर पता चला कि सिरस्वाहा बांध निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया जिससे इस बांध को भरा नहीं जाता, इसकी नहर लाइन खोलकर इसका पानी नाले में बहाया जा रहा है, अक्टूबर नवम्बर में रवि की फसलों के लिये ये पानी अमृत के समान होता है लेकिन इसे बहाया जा रहा है, बांध अनेक जगह से क्षतिशस्त्र है, इसी तरह बिलखुरा और मुटमुरु बांध भी कागजों में बनी सफल सिंचाई योजना है जबकि 10 सालों बाद भी ये औचित्यहीन ही दिखाई पड़ रही है, वाइस ओवर — सवाल यह भी उठता है कि जनप्रतिनिधि क्या करते हैं, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक जब समीक्षा बैठक करते हैं तब वह किन विषयों में समीक्षा करते हैं, वाइस ओवर — इन विषयों पर जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात की गई तो वही घिसा पिटा जवाब मिला, उन्होंने बताया कि नहरो के निर्माण के लिए नए टेंडर बुलाये गए हैं, बारिश खत्म हो चुकी है और अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, बाकी बहुत से बांध उन्होंने अभी देखे नहीं हैं, क्योंकि महीना भर पहले उन्होंने पन्ना में ज्वाइन किया है, बाइट — सी बी अहिरवार E E WRD, बोर्ड न लगाना बड़ी चूक, पन्ना जिले में वर्तमान में निर्माणाधीन रुन्झ बांध परियोजना, मझगाएं बांध परियोजना सहित पूर्व में भी निर्मित हो चुके सिरस्वाहा बांध, बिलखुरा बांध सहित अन्य दर्जनों सिंचाई परियोजनाओं में बोर्ड नहीं लगाये गए हैं, जो विभाग की बड़ी लापरवाही और जानकारी को छुपाने का प्रयास दर्शाता है, जबकि नियम यह है कि किसी भी परियोजना की शुरुआत में ही उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी लिखकर बोर्ड लगाना होता है।
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