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Mohammad AsimMohammad AsimFollow3 Feb 2025, 09:52 am

Sitapur - आत्मनिर्भर दिव्यांग एकता फाउंडेशन का बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया तीसरा स्थापना दिवस

Sandana, Uttar Pradesh:

जनपद सीतापुर के विकास खण्ड खैराबाद के अंतर्गत ग्राम विशुननगर चौराहे पर स्थित आत्मनिर्भर दिव्यांग एकता फाउंडेशन कार्यालय पर बड़े हर्षोल्लास से तीसरा स्थापना दिवस मनाया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खैराबाद थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह रहे. मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुभारंभ किया. अनिल सिंह ने कहा कि आप लोग दिव्यांग हैं. आप लोग हिम्मत न हारे और संगठित होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़े और आप लोग नशा से बचें. पुलिस हमेशा सहयोग के लिए तात्पर्य है,राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग निर्धन,महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना व सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना l 

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कर्णप्रयाग घटना: 30 मिनट में ऋषिकेश AIIMS पहुँचाकर पुलिस ने दिखाया मानवीय चेहरा

Rishikesh, Uttarakhand:सलग : घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया, डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया उत्तराखंड के कर्णप्रयाग प्रकरण से जुड़ी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। इस घटना के दौरान घायल हुए और एम्स अस्पताल में भर्ती निहंग सिख ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि संकट के समय पुलिस ने जिस तत्परता से काम किया, उसकी वजह से आज वे सुरक्षित हैं। कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बेड से जारी एक वीडियो में उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। घायल निहंग सिख ने बताया कि घटना के दौरान उनकी टांग में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था, और वे असहाय स्थिति में थे। लेकिन पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए, तत्काल सक्रियता दिखाई। महज आधे घंटे के भीतर पुलिस की टीम उन्हें घटनास्थल से रेस्क्यू कर अस्पताल ले आई। निहंग सिख ने साफ तौर पर कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज चलने तक, पुलिस के आला अधिकारी और जवान लगातार उनके संपर्क में रहे। डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया। पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित कार्रवाई की अब चारों तरफ सराहना हो रही है। अमूमन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन कर्णप्रयाग मामले में पुलिस ने आधे घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुँचाकर और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराकर संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है, जिसकी गवाही खुद पीड़ित दे रहा है।
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