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छतरपुर पुलिस ने 48 घंटे में लूट का खुलासा कर तीनों आरोपी गिरफ्तार किए

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मरघट पहाड़िया में हुई लूट का पुलिस ने 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया है। दरअसल 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मरघट पहाड़िया में एक निर्माणाधीन मकान में लूट की वारदात हुई थी। मकान में गेट नहीं लगा था। फरियादी अरविंद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात में मुंह बांधे 4 लोग उनके घर में घुसे और जेवरात लूट ले गए। ये पूरी तरह ब्लाइंड केस था। पुलिस ने इस ब्लाइंड केस को चुनौती के तौर पर लिया और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। संदेह के आधार पर पुलिस ने छुरी खदान निवासी पृथ्वीराज खंगार और मरघट पहाड़िया निवासी प्रवेश उर्फ छोटू कुशवाहा को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने अपने साथी पवन गुप्ता निवासी भुर्जी, थाना गौरिहार के साथ मिलकर लूट की वारदात करना कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से लूटे गए दो मंगलसूत्र, चांदी की पायल, चूड़ी, छल्ला, जंजीर सहित पूरा माल बरामद कर लिया गया है। साथ ही वारदात में डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किए गए दो देशी कट्टे, दो जिंदा कारतूस और एक चाकू भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार कट्टा सप्लाई करने वाले की भी पहचान कर ली गई है, उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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डूंगरपुर में अघोषित बिजली कटौती पर कांग्रेस विधायक का धरना दूसरे दिन भी जारी

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर dडूंगरपुर में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ आक्रोश, कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा का धरना दूसरे दिन भी जारी, एसई का फूंका पुतला डूंगरपुर जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, भारी-भरकम बिजली बिलों और चरमराती विद्युत व्यवस्था को लेकर डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा का धरना एसई ऑफिस के बाहर दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने के दूसरे दिन कांग्रेस ने बिजली विभाग के एसई का पुतला फूंककर जमकर विरोध प्रदर्शन किया。 विधायक गणेश ghogra ने कहा कि शहर हो या ग्रामीण इलाका, जनता को 24 घंटे सिंगल फेज बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए। जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलता और उच्च अधिकारी वार्ता के लिए नहीं आते, तब तक धरना जारी रहेगा। घोगरा ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता को पर्याप्त बिजली मिल ही नहीं रही हैं? और लगातार पावर कट हो रहे हैं, तो बिजली के बिल ढाई हजार से बढ़कर 10-10 हजार रुपये कैसे आ रहे हैं? जब बिजली आपूर्ति में कटौती हो रही है, तो बिलों की राशि में भी कटौती की जानी चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि विद्युत निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्ट हैं? तथा निविदा (टेंडर) प्रक्रियाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले किए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।प्रदर्शन और आरोपों पर विद्युत निगम के अधीक्षक अभियंता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में तेज बारिश और खराब मौसम के चलते कुछ विशेष इलाकों में बिजली आपूर्ति में आंशिक बाधा आई थी, जिसे दुरुस्त कर लिया गया है। घपले और घोटालों के आरोपों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार हैं? और यदि कोई शिकायत हैं? तो उसकी नियमानुसार जांच कराई जा सकती है。 बाइट -1 गणेश घोगरा विधायक डूंगरपुर बाइट -2 वी के दोसी अधीक्षक अभियंता डूंगरपुर अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
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बहरोड़ में शपथ ग्रहण रोकने के आरोप, प्रशासन–कांग्रेस के बीच भारी तनाव

Jaipur, Rajasthan:बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़)…… निकाय चुनाव मे अब रोजाना नई नई तस्वीर देखने को मिल रही है ऐसी ही एक तस्वीर बहरोड़ से निकल कर आई है जिसमें बहरोड़ के तहसील कार्यालय में उस वक्त भारी तनाव की स्थिति बन गई। जब शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद प्रत्याशियों को शपथ लेने से रोकने के गंभीर आरोप सामने आए। घटनाक्रम के बाद प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार बहस हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के दो पार्षद प्रत्याशी एआरओ (सहायक रिटर्निंग अधिकारी) नेहा राठी के पास नियमानुसार शपथ ग्रहण करने पहुंचे थे। आरोप है कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस टीम ने उन्हें शपथ लेने से रोकने का प्रयास किया। विधायक ललित यादव और कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं... घटना के समय मौजूद कांग्रेस विधायक ललित यादव और कांग्रेस विधानसभा प्रभारी संजय यादव ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज़ जताया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में पार्षदों को जबरन उठाने और शपथ की प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की गई। विधायक ललित यादव और संजय यादव ने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुरेश खींची ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात..... कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशासनिक रवैये के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने हालात को संभालने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, हालांकि तनाव अभी भी बना हुआ है।
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विद्या विहार नगरपालिका में निर्दलीय प्रदीप झाझड़िया बनाम सिकंदर, हो गई सीधी टक्कर

Jhunjhunu, Rajasthan:पिलानी, झुंझुनूं विद्या विहार नगरपालिका में अध्यक्ष पद का मुकाबला आमने-सामने निर्दलीय प्रदीप झाझड़िया का भाजपा के सिकंदर से मुकाबला नवीन ठोलिया ने प्रदीप झाझड़िया के समर्थन में पर्चा वापस लिया सरोज श्योराण ने भाजपा प्रत्याशी सिकंदर के समर्थन में नामांकन वापस लिया 25 सदस्यीय बोर्ड में 21 पार्षद निर्दलीय हैं, भाजपा के चार पार्षद कांग्रेसका एक भी पार्षद नहीं, नाम वापसी के बाद मुकाबला बेहद करीबी हुआ झुंझुनूं जिले की विद्या विहार नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव का मुकाबला अब आमने-सामने का हो गया है। नामांकन वापसी के आखिरी दिन दो प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। अब कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र झाझड़िया के पुत्र एवं निर्दलीय पार्षद प्रदीप झाझड़िया का सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी सिकंदर से होगा। नामांकन वापसी के अंतिम दिन निर्दलीय प्रत्याशी नवीन कुमार ठोलिया और भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सरोज श्योराण ने अपनी-अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। नवीन ठोलिया ने निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप झाझड़िया के समर्थन में नामांकन वापस लिया। जबकि सरोज श्योराण ने भाजपा प्रत्याशी सिकंदर के पक्ष में अपना पर्चा वापस लिया। दोनों प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद चुनावी मुकाबला अब सीधे दो प्रत्याशियों के बीच रह गया है। विद्या विहार नगरपालिका में कुल 25 पार्षद हैं। खास बात यह है कि बोर्ड में कांग्रेस का एक भी पार्षद नहीं है। भाजपा के 4 पार्षद हैं, जबकि 21 पार्षद निर्दलीय हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रदीप झाझड़िया भी निर्दलीय पार्षद के रूप में चुनाव जीतकर आए हैं। वे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र झाझड़िया के पुत्र हैं। ऐसे में 25 सदस्यीय बोर्ड में निर्दलीय पार्षदों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नामांकन वापस लेने के बाद निर्दलीय पार्षद एवं प्रत्याशी नवीन कुमार ठोलिया ने कहा कि वे पूर्व सैनिक परिवारों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्होंने बताया कि पांच लोग एक मंच पर आए थे और बाद में दो अन्य लोग भी उनसे जुड़े, जिससे कुल सात लोगों का समूह बना। उन्होंने कहा कि नगरपालिका में मजबूत और सुदृढ़ बोर्ड बनाने के उद्देश्य से सभी ने मिलकर प्रदीप झाझड़िया को समर्थन देने का निर्णय लिया है। ठोलिया ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका समर्थन सशर्त रहेगा। यदि भविष्य में उन्हें प्रदीप झाझड़िया की नीतियों या कार्यप्रणाली में कोई त्रुटि नजर आती है तो वे उसका विरोध करेंगे और अपना समर्थन वापस लेने की बात भी कही। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सरोज श्योराण ने कहा कि उन्होंने भाजपा के सिंबल पर पार्षद का चुनाव जीता और उनके समर्थकों की इच्छा थी कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ें। उन्होंने बताया कि भाजपा से टिकट की मांग के साथ उन्होंने समय कम होने के कारण निर्दलीय नामांकन भी दाखिल किया था। अब उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सिकंदर के समर्थन में अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया है। नामांकन वापसी के बाद विद्या विहार नगरपालिका अध्यक्ष पद का चुनाव अब निर्दलीय प्रदीप झाझ़ड़िया और भाजपा के सिकंदर के बीच सीधा मुकाबला बन गया है। एक ओर निर्दलीय पार्षदों की बड़ी संख्या और प्रदीप झाझड़िया को मिले समर्थन पर नजर रहेगी, वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी सिकंदर के पक्ष में पार्टी समर्थित पार्षदों और सरोज श्योराण के नामांकन वापसी के बाद बने समीकरण महत्वपूर्ण होंगे। अब चुनावी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 25 सदस्यीय बोर्ड के पार्षद अध्यक्ष पद के लिए किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करते हैं। बाइट 01 : नवीन ठोलिया, निर्दलीय पार्षद बाइट 02 : सरोज श्योराण, भाजपा पार्षद
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SC judges to inspect NTA office to review system; task force report sought within two weeks

Noida, Uttar Pradesh:NEET पेपर लीक: NTA का सिस्टम देखने खुद ऑफिस जाएंगे सुप्रीम कोर्ट के जज!, 2 हफ्ते में मांगी टास्क फोर्स की रिपोर्ट NEET पेपर लीक जैसी घटना दोबारा न हो और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर न लगे, इसे सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज NTA के दफ्तर जाकर मुआयना कर सकते हैं। दरअसल, जज खुद NTA के ऑफिस जाकर देखना चाहते हैं कि वहां सिस्टम वास्तव में कैसे काम कर रहा है।परीक्षा में सुधार को लेकर सरकार और NTA की ओर से जो दावे किए जा रहे हैं, उन पर व्यवहारिक स्तर पर अमल हो रहा है या नहीं, कोर्ट इसे देखना चाहता है। आज खुद बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने कोर्ट में इसकी जानकारी दी। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि वह और उनके साथी जज NTA मुख्यालय जाकर मुआयना करेंगे। उन्होंने कहा कि वे देखेंगे कि वाकई सिस्टम काम कर रहा है या नहीं और वहां जरूरी मैनपावर मौजूद है या नहीं। NEET पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी NEET पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए की। आज जैसे ही जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने सुनवाई शुरू हुई, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इंफोसिस के सह-संस्थापक रहे नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक नई हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है। इस टास्क फोर्स ने डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली कमेटी के साथ भी विस्तार से चर्चा की है। तुषार मेहता ने कोर्ट से सितंबर के अंत तक का समय मांगा, ताकि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बारे में हलफनामा दाखिल किया जा सके। इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि टास्क फोर्स में शामिल केंद्र सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी हलफनामा दाखिल कर बताएं कि कमेटी ने अब तक क्या सुझाव दिए हैं और उन पर कितनी प्रगति हुई है ‘सिर्फ सिफारिश नहीं, जमीन पर अमल जरूरी’ जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि NTA को एक मजबूत और स्थायी संस्था बनाने के लिए सिर्फ सिफारिशें बनाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि उन सिफारिशों को वास्तव में लागू करना भी जरूरी है। जस्टिस नरसिम्हा ने यह भी कहा कि NTA के पास केवल स्थायी ऑफिस होना पर्याप्त नहीं है। NTA में कम से कम आधे कर्मचारी स्थायी होने चाहिए। सभी कर्मचारी दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर नहीं होने चाहिए NTA की पुरानी व्यवस्था में हो रहा बदलाव शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में बताया गया है कि NTA अपनी पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर रहा है।पहले अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अलग-अलग यूनिट के जरिए काम किया जाता था। अब NTA काम के अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से विशेष टीमों वाली व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इसका मकसद यह है कि NTA के हर जरूरी काम के लिए विशेषज्ञ मौजूद रहें और परीक्षा से जुड़ी पूरी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। इसके लिए NTA सुरक्षा, मानव संसाधन और अनुसंधान एवं विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों की भर्ती कर रहा है। IAS, IPS समेत कई सेवाओं के अधिकारी NTA में शामिल हलफनामे में बताया गया है कि NTA के वरिष्ठ नेतृत्व में IAS, IPS और भारतीय सांख्यिकी सेवा जैसी सेवाओं के अधिकारियों को शामिल किया गया है。 इसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव और विशेषज्ञता को एक साथ लाना है, ताकि NTA की कार्यप्रणाली को और मजबूत किया जा सके。 Minto Road पर NTA का सुरक्षित परिसर NTA के गोपनीय और संवेदनशील काम से जुड़े कार्यालयों को मिंटो रोड, नई दिल्ली स्थित 55,520 वर्ग फुट के एक अलग सरकारी परिसर में स्थानांतरित किया गया है।इस परिसर की सुरक्षा के लिए 39 CISF जवान तैनात किए गए हैं। वहां एक्स-रे जांच जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद है。 NTA को वेबसाइट पर हलफनामा अपलोड करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि वह अपना यह हलफनामा अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे, ताकि परीक्षा से जुड़े छात्र, अभिभावक और दूसरे संबंधित लोग NTA की प्रगति को देख सकें।
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डगरई टोल प्लाजा के पास मारपीट का वीडियो वायरल; महिला हाथ में लाठी

Datia, Madhya Pradesh:डगरई टोल प्लाजा के पास मारपीट का वीडियो वायरल, महिला के हाथ में दिखी लाठी दतिया के झांसी रोड स्थित डगरई टोल प्लाजा के आसपास सड़क किनारे संचालित दुकानों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। यहां एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला हाथ में लाठी लेकर दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक ठंडी सड़क निवासी संजय कुशवाह के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। वीडियो में एक महिला सहित कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद चिरूला थाना पुलिस ने मामले में एक नामजद आरोपी दीपक पाल सहित पांच अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का पक्ष पुलिस के अनुसार डगरई टोल प्लाजा के आसपास सड़क किनारे कई लोगों द्वारा अवैध रूप से दुकानें संचालित किए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। पुलिस का कहना है कि इन स्थानों पर आपराधिक गतिविधियों की शिकायतों के आधार पर समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति दर्जा: विश्व आयुर्वेद परिषद की मांग तेज

Vidisha, Madhya Pradesh:आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति का दर्जा. आयुर्वेद को भारत की मूल राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग को लेकर विश्व आयुर्वेद परिषद ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से मजबूत करने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक सुविधाओं के विस्तार की मांग की है. विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारी बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने आयुर्वेद को भारत की मूल राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति का दर्जा देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिषद का कहना है कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति होने के साथ-साथ जीवन जीने का विज्ञान भी है. परिषद ने ज्ञापन में कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में लगातार अनुसंधान और साक्ष्य आधारित चिकित्सा पद्धति के रूप में इसे विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी आयुर्वेद की उपयोगिता को लेकर देश और दुनिया में काम हुआ। परिषद ने मांग की कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक आयुर्वेद के लिए पर्याप्त तकनीकी संसाधन, अधोसंरचना और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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