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Nitesh KumarNitesh KumarFollow9 Dec 2024, 11:39 am
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धामी के पांच साल: उत्तराखंड की राजनीति में नई विकास यात्रा और जनसमर्थन

Noida, Uttar Pradesh:*5 साल... मुख्यमंत्री धामी का दमदार नेतृत्व, उत्तराखंड की राजनीति में रचा नया इतिहास* *आईडीपीएल मैदान बना जनसैलाब का साक्षी, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में उमड़ा अभूतपूर्व जनसमर्थन* *सेवा, सुशासन और समर्पण के 5 साल, मुख्यमंत्री धामी ने जनता के नाम दोहराया विकास का संकल्प* *धामी बोले— सत्ता नहीं, सेवा है हमारी सरकार की पहचान* *धामी मॉडल की गूंज देशभर में, दूसरे राज्य भी अपना रहे उत्तराखंड के फैसले* *धामी के फैसलों ने बदली उत्तराखंड की पहचान, राष्ट्रीय स्तर पर बनी अलग छवि* *जनसेवा से जनविश्वास तक, मुख्यमंत्री धामी के 5 साल बने उत्तराखंड की नई कहानी* उत्तराखंड की राजनीति में आज एक ऐसा दिन दर्ज हुआ, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी, "धाकड़ धामी जिंदाबाद" और "पुष्कर धामी जिंदाबाद" के गगनभेदी नारों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने पांच वर्ष पूरे किए। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जनविश्वास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता का शक्ति प्रदर्शन भी था। देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट। ऋषिकेश का आईडीपीएल मैदान... दूर-दूर तक उमड़ा जनसैलाब... मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही "धाकड़ धामी जिंदाबाद" के नारों से गूंजता पूरा परिसर... और पुष्पवर्षा से हुआ ऐसा स्वागत जिसने साफ संदेश दिया कि उत्तराखंड की राजनीति में यह दिन बेहद खास है। मौका था 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के शुभारंभ का, लेकिन यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने का भी ऐतिहासिक साक्षी बन गया। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार पांच वर्षों तक नेतृत्व करते हुए यह मुकाम हासिल किया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों के साथ मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को जनआस्था और जनभागीदारी का महोत्सव बना दिया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण के विरुद्ध कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यही ऋषिकेश-हरिद्वार की वह धरती है, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा फैसला लिया कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी भी कांपते रहेंगे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली के दीवाने नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी को एक दमदार नेता बताते हुए यहां तक कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लिए गए निर्णयों का अनुसरण देश के अन्य राज्य करते हैं, तब उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि सेवा का माध्यम रही है। जनसेवा, सुशासन, समर्पण और जनता के विश्वास को ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सेवा पखवाड़ा शुरू किया गया है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी-20 जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है। आईडीपीएल मैदान में उमड़ी भीड़, मंच से विकास का विजन, राज्यपाल की खुली सराहना और मुख्यमंत्री का सेवा का संकल्प... इन सबने यह संदेश जरूर दिया कि पांच वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनकर सामने आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वर्ष 2035 तक विकसित और श्रेष्ठ उत्तराखंड का लक्ष्य किस गति से धरातल पर उतरता है।
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हावड़ा स्टेशन पर 50 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की तैयारी पूरी

Noida, Uttar Pradesh:कड़ी सुरक्षा के बीच 50 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस बांग्लादेश भेजने के लिए हावड़ा स्टेशन लाया गया। तमिलनाडु पुलिस की एक टीम 50 बांग्लादेशी नागरिकों को डाउन तिरुचिरापल्ली-हावड़ा एक्सप्रेस से लेकर रविवार देर रात हावड़ा स्टेशन पहुंची। वहां से सुबह दो गाड़ियों में बैठाकर उन्हें उत्तर 24 परगना के हरिदासपुर बॉर्डर पर ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, इन बांग्लादेशी नागरिकों के पास कोई वैध कागजात नहीं थे। इनमें से ज्यादातर दलालों को पैसे देकर भारत में घुसे थे। फिर काम की तलाश में तमिलनाडु पहुंचे थे। वहां पहचान छुपाकर काम कर रहे थे। बाद में पुलिस की नजर में आने पर प्रशासन ने इन सभी को वापस बांग्लादेश भेजने का फैसला लिया।
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भफल कलां गोलीकांड: SIT ने विजय सांपला को चौथी बार समन भेजा, पूछताछ जल्द

Hoshiarpur, Punjab:बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं पूर्व सांसद विजय सांपला को चौथी बार समन भेजा है। एसआईटी की ओर से थाना प्रभारी मदन लाल उनके निवास स्थान पर पहुंचे और उन्हें 6 जुलाई को जांच टीम के समक्ष पेश होने के लिए कहा। इस दौरान विजय सांपला ने निजी कार्यों का हवाला देते हुए 6 जुलाई की बजाय 7 जुलाई को एसआईटी के सामने पेश होने की बात कही। साथ ही उन्होंने उस जांच से संबंधित दस्तावेज और आधार पत्र उपलब्ध करवाने की मांग भी की, जिसके आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है。 सांपला का आरोप है कि एसआईटी अधिकारियों ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया और कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार के दस्तावेज चाहिए तो वे सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। विजय सांपला ने कहा कि जब उन्हें जांच के लिए बुलाया गया है तो संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाना भी जांच एजेंसी की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उन्हें आरटीआई का सहारा लेने की आवश्यकता क्यों पड़े।
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सीतामढ़ी में आपसी विवाद में घायल की मौत के बाद क्षेत्रीय आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग और प्रदर्शन

Sitamarhi, Bihar:सीतामढ़ी के सुरसंड थाना क्षेत्र के गोपालपुर में आपसी विवाद में घायल अब्दुल कादिर राइन की इलाज के दौरान मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ गोपालपुर के पास NH-227 को जाम कर जमकर हंगामा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की। मौके की स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है. घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी आक्रोशित लोगो को समझाने बुझाने में जुटी हुई है।
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अनूपपुर में 108 एंबुलेंस चालक प्रदर्शन समाप्त, वेतन देरी और प्रताड़ना के आरोप

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर - 108 एंबुलेंस चालकों का प्रदर्शन, अधिकारियों पर पैसा की मांग प्रताड़ना और वेतन में देरी का लगाया आरोप आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन खत्म प्रदर्शन अनूपपुर में जिलेभर के 108 एंबुलेंस के पायलटों ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करते हुए कुछ समय के लिए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। पायलटों ने अपनी एंबולेंसों को जिला चिकित्सालय परिसर में खड़ा कर जिला प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रहे पायलटों का आरोप था कि 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना कारण लोकेशन बदलने की धमकी दी जाती है तथा वेतन का भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी एंबुलेंस जिला चिकित्सालय परिसर में खड़ी रही। वरिष्ठ चिकित्सकों के हस्तक्षेप और समस्याओं के निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद पायलटों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और सभी एंबुलेंस पुनः सेवा में लौट गया。
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राजस्थान में UCC पर जनसुनवाई: 10-11 जुलाई जयपुर में सुझाव लें

Jaipur, Rajasthan:UCC पर जनता की राय कमेटी प्रदेशभर में करेगी कल से जन सुनवाई जयपुर में 10-11 जुलाई को लेंगे सुझाव राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी UCC कानून लागू करने की कवायद अब अगले चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति ने आमजन से सुझाव मांगने शुरू कर दिए हैं। मोबाइल पर SMS भेजे जा रहे हैं, वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सुझाव लिए जा रहे हैं और अब प्रदेशभर में जनसुनवाई भी होगी। सरकार चाहती है कि UCC का मसौदा जनता की राय के आधार पर तैयार हो। राजस्थान में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने प्रदेशवासियों से सुझाव मांगे हैं। सरकार की ओर से लाखों मोबाइल उपभोक्ताओं को SMS भेजा जा रहा है, जिसमें UCC कानून पर अपनी राय देने की अपील की गई है। मैसेज में कहा जा रहा है कि राजस्थान सरकार समान सिविल संहिता (UCC) कानून लागू करने का विचार रखती है। UCC कानून पर आपके बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित हैं। कृपया नीति निर्माण में भागीदार बनें।अपने विचार समिति की वेबसाइट पर साझा करें। सुझाव देने की अंतिम तारीख 25 जुलाई 2026 तय की गई है। वेबसाइट पर मोबाइल नंबर या जनआधार नंबर से लॉगिन करने के बाद नागरिक व्यक्तिगत या संस्था के रूप में अपनी राय दर्ज कर सकते हैं। सुझाव प्रक्रिया में कुल 19 सवाल पूछे गए हैं, जिनमें अधिकांश के जवाब हां या ना में देने हैं। एक सवाल बहुविकल्पीय भी है। वर्तमान में जन आधार से जुड़े हुए परिवार के मुखिया 1.6 करोड़ है तथा 2.73 करोड़ सदस्य है, जिनके पास एक्टिव मोबाईल नंबर है।
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सलोदरिया के खेत में युवक की मौत, एफएसएल व डॉग स्क्वॉड जांच में जुटी

Pali, Rajasthan:सलोदरिया के खेत में युवक का शव मिलने से सनसनी, एफएसएल व डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे सुमेरपुर सदर थाना क्षेत्र के सलोदरिया गांव स्थित एक खेत में एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सुमेरपुर वृत्ताधिकारी (सीओ) जितेंद्र सिंह राठौड़ एवं सदर थाना अधिकारी भगाराम मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि जोधपुर से डॉग स्क्वॉड भी मौके के लिए रवाना किया गया है। पुलिस आसपास और गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मृतक के आपराधिक रिकॉर्ड, पुराने विवाद, आपसी रंजिश सहित अन्य सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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आमला में कपड़ा व्यापारी की पत्नी की संदिग्ध मौत, पुलिस हर एंगल से जांच

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के आमला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक कपड़ा व्यवसायी की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाली 37 वर्षीय रंजीता यादव का शव उनके ही घर के बाथरूम में शॉवर से फंदे पर लटका मिला। जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई,इलाके में सनसनी फैल गई, चौक चौराहे पर इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया। बताया जा रहा है कि रंजिता को अचेत हालत में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे,लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रंजीता का विवाह 10 वर्ष पहले आमला निवासी कपड़ा व्यापारी प्रशांत यादव से हुआ था। मृतका अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ा है जिसमे एक 10 वर्ष की और दूसरी महज़ 2 महीने की मासूम बच्ची है,जो अब मां के बिना जिंदगी शुरू करेगी। इधर मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब इंदौर से पहुंचे मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगा दिए। मृतका की बहन का कहना है कि रंजीत के देवर की शादी के बाद से ही रंजीता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतिका के मायके वालो ने सास,ससुर और देवरानी पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और इसे सिर्फ आत्महत्या नहीं,बल्कि एक साजिश बताया है। परिजनों का आरोप है कि रंजीता की देवरानी मुस्कान यादव रसूखदार राजनीतिक परिवार से है जिसकी वजह से रंजीता के साथ में भेदभाव किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट,सबूतों और बयानों के आधार पर हर एंगल से जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल क्या यह आत्महत्या है या दबाव में उठाया गया कदम या फिर इसके पीछे छिपी है कोई बड़ी ख़ौफ़नाक साजिश,सच्चाई क्या है इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी; इनामी बदमाश दबोचा

Jaipur, Rajasthan:नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ़्तार 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार एक साल तक साधु का वेश धारण कर काट रहा था फरारी जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के साउथ जिला पुलिस ने पोक्सो एक्ट के एक मामले में वांटेड 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले करीब एक साल से गिरफ्तारी से बचने के लिए साधु का वेश धारण कर हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और जयपुर के विभिन्न मंदिरों में रहकर फरारी काट रहा था।डीसीपी साउथ राजर्षी राज ने बताया कि जयपुर शहर में सक्रिय वांटेड और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के लिए एडिशनल एसपी साउथ ललित शर्मा के निर्देशन में थाना महेश नगर के प्रभारी सुरेश यादव के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था।इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भीम सिंह और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार की विशेष भूमिका रही।
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राकेश यादव का राहुल गांधी पर प्रहार, कांग्रेस की नेतृत्व पर सवाल

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व नेता राकेश यादव ने राहुल गांधी पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। इस्तीफे के बाद राकेश यादव ने राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखते हुए पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व और पिछले कई वर्षों की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों के बिना आरोप लगाने, हार की राजनीति करने और अंधभक्ति की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पूर्व कांग्रेस नेता राकेश यादव ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा कि साल 2013 से 2026 तक केंद्र सरकार पर लगाए गए कई बड़े आरोप कभी साबित नहीं हो सके। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और राफेल जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य पेश नहीं कर पाई। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट तक जाने के बावजूद आरोप सिद्ध नहीं हुए। राकेश यादव ने एमएसपी और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रभारी हरीश चौधरी और चिंटू चौकसे को डुप्लीकेट नेता बताते हुए कहा कि पार्टी में वास्तविक नेतृत्व खत्म हो चुका है। पत्र में उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है और इसी कारण 500 करोड़ रुपये के मानहानि दावे जैसी स्थिति भी बनी। राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अब एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एनजीओ बनाकर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी जीत की परिभाषा भूल चुकी है और उनके इस्तीफे के बाद भी मुद्दों पर जवाब देने के बजाय अपनी साख बचाने में लगी है। राकेश यादव ने राहुल गांधी पर अंधभक्ति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उन्हें भाजपा के लोग अंधभक्त नहीं बल्कि देशभक्त लगने लगे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई सियासी बहस शुरू हो गई है.
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