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Brijesh Kumar PandeyBrijesh Kumar PandeyFollow28 Nov 2024, 03:25 am
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नशे में धुत पति ने पत्नी की हत्या कर दी, आरोपी फरार

Gumla, Jharkhand:नशे में धुत पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला, वारदात के बाद फरार पालकोट थाना क्षेत्र के जबरा बरटोली में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि नशे में धुत पति ने अपनी पत्नी की लकड़ी के कठफड़े से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। मृतका की पहचान टेंगरिया गांव निवासी 42 वर्षीय बेली देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बेली देवी अपने मायके गुढ़मा गई थी। वहां से लौटने के बाद वह जबरा बरटोली स्थित अपने मौसेरे भाई जीतना मांझी के घर ठहरी हुई थी। बताया जाता है कि रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच खाना खाने के बाद बेली देवी सोने चली गई। इसी दौरान उसका पति देवी मांझी कथित तौर पर नशे की हालत में वहां पहुंचा और लकड़ी के कठफड़े से पत्नी पर हमला कर दिया। मारपीट की आवाज सुनकर घर के लोग जागे और गंभीर रूप से घायल बैली देवी को तत्काल पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पालकोट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल आरोपी पति देवी मांझी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और घटना की परिस्थितियों की जांच में जुटी है।
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केएसआर कॉलेज और सरायरंजन बाजार पर असर, एक्सप्रेसवे एलाइनमेंट बदला

Samastipur, Bihar:पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट बदले जाने के विरोध में लोगों ने मुसरीघरारी चौराहा के पास NH-28 पर जाम लगा दिया. समस्तीपुर के सरायरंजन से गुजरने वाले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट के विरोध में लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार को मुसरीघरारी चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-28 को जाम कर दिया गया. लोगों ने पूर्व निर्धारित एलाइनमेंट के आधार पर ही सड़क निर्माण कराने की मांग की. प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि जब स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराया गया था, तब सरायरंजन बाजार के अलावा केएसआर कॉलेज भी सड़क की जद में नहीं आ रहा था. लेकिन नए एलाइनमेंट में 48 से 53 किलोमीटर के बीच सड़क को घुमावदार आकृति दे दी गई है. एलाइनमेंट टेढ़ा होने के साथ ही अब सरायरंजन बाजार, कंकालीपुर और झखड़ा गांव में करीब 150 घरों के अलावा कई दुकानों को भी तोड़ना पड़ेगा. बदले हुए एलाइनमेंट के कारण करीब 50 साल पुराने केएसआर महाविद्यालय परिसर के भी दो हिस्सों में बंट जाने की स्थिति बन गई है. कॉलेज भवन के एक बड़े हिस्से को भी तोड़ने का प्रस्ताव है. इससे कॉलेज का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा. वर्तमान में इस कॉलेज में करीब 1600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. ऐसे में कॉलेज भवन के प्रभावित होने से उनके सामने पढ़ाई जारी रखने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी. प्रदर्शन में शामिल बीजेपी नेता रंजीत निर्गुणी ने बतलाया कि एक्सप्रेसवे के निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की गई है. घनी आबादी वाले क्षेत्र के बीच से सड़क निकालते हुए सरायरंजन बाजार के सैकड़ों परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है. कॉलेज की फील्ड और कुछ भवन को भी तोड़ने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एजेंसी द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक एलाइनमेंट में सड़क कंकालीपुर और छपरा के दक्षिणी इलाके से होते हुए धनहर चौर के रास्ते निकलनी थी. इस मार्ग में आबादी और महत्वपूर्ण संस्थानों को अपेक्षाकृत कम नुकसान होता था. इसके बावजूद एलाइनमेंट में बदलाव कर घनी आबादी और केएसआर कॉलेज को इसकी जद में ला दिया गया है.
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डूंगरपुर में 497.410 किलो मादक पदार्थ जलाकर नष्ट, बाजार कीमत लगभग एक करोड़

Dungarpur, Rajasthan:पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह, अपराध सहायक कार्यालय के प्रभारी तेज सिंह की मौजूदगी में थाना अधिकारियों और मालखाना प्रभारियों ने निस्तारण की कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार जिले के कुल 4 केस में जब्त 497.410 किलो मादक पदार्थ को भंडारिया घाटा स्थित कचरा निस्तारण केंद्र में प्रक्रिया के तहत जलाकर नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों ने रिकॉर्ड और जब्त माल का मिलान भी किया, ताकि निस्तारण प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीपीएस केस में जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित और नियमानुसार निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डूंगरपुर में भी लंबे समय से मालखानों में रखे निस्तारण योग्य मादक पदार्थों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मालखानों में जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण के साथ रिकॉर्ड को भी व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी。
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श्रीनगर डल झील में तिरंगे के उल्टा फहराने पर उठी तूफान-भड़का जागरूक विरोध

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर डल झील में देश के तिरंगे का अपमान फारूक वानी श्रीनगर बीजेपी की तरफ से बुधवार को श्रीनगर के मशहूर डल झील में शिकारा रैली का आयोजन किया गया जिसके दौरान बीजेपी के कई कार्यकर्ता और नेताओं ने हिस्सा लिया। सभी शिकारे पर देश के तिरंगे फहराते नजर आए और झील भी काफी खूबसूरत व दिलकश दिख रही थी। तिरंगा रैली की अध्यक्षता बीजेपी श्रीनगर यूनिट के सदस्य शेख सलमान कर रहे थे, लेकिन इस दौरान ऐसी घटना घटी जिसने सभी देशवासियों को निराश किया: दरअसल देश के तिरंगे को उल्टा लटकाया गया था। इस मामले को सभी लोग ट्रोल कर रहे हैं। तिरंगे का केसरी रंग पहले दिख रहा है जबकि ऊपर सब्ज रंग किया गया है जो उल्टा है। झील में जब तिरंगे लहरा रहे थे तो एक झंडा उल्टा दिख रहा था जिसकी काफी आलोचना भी हो रही है। गौरतलब है कि हालिया जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़े हुए देखे जाने के बाद कड़ी आलोचना और पुलिस शिकायतों का सामना करना पड़ा था; यह प्रदर्शन 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में किया गया था।
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मऊ के रानीपुर में स्कूल बस नहर में पलटी, ग्रामीणों ने बचाव किया

Noida, Uttar Pradesh:मऊ के रानीपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बच्चों से भरी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में पलट गई। हादसा एकडगा-तेन्दुली मार्ग पर ग्रामसभा दौलसेपुर के मौजा भर्तीपुर के पास हुआ। बस में लोहिया इंटरनेशनल स्कूल के करीब 25 से 30 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में जा गिरी। बस के पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत-बचाव में जुट गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सभी बच्चों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया।l हादसे में कुछ बच्चों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। घायलों में रिया यादव (कक्षा 8), निवासी भर्तीपुर और सृष्टि राजभर (कक्षा 1), निवासी ग्रामसभा बड़ा गांव शामिल हैं। अन्य बच्चों को भी हादसे के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बस नहर में पलटने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर बस खाई में पलटी नजर आई। घटना की सूचना मिलते ही 112 डायल पुलिस और रानीपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बस चालक और स्कूल प्रबंधन से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
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धान की उत्पादकता 34 कुंतल से बढ़ाकर 70-80 कुंतल प्रति हेक्टेयर करने की मांग

SSSumant SinghFollow4m ago
Seorai, Uttar Pradesh:सेवराई(गाजीपुर)। धान की फसल के लिए समर्थन मूल्य योजना के तहत शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में प्रति हेक्टेयर निर्धारित की जा रही उत्पादकता को लेकर किसानों में नाराजगी है। स्थानीय तहसील क्षेत्र के किसानों ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी गजराज सिंह को पत्रक सौंपकर धान की निर्धारित उत्पादकता बढ़ाकर 70 से 80 कुंतल प्रति हेक्टेयर किए जाने की मांग की। किसानों ने इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किए जाने का भी अनुरोध किया। किसानों का कहना है कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रति हेक्टेयर महज 34 कुंतल धान की उत्पादकता निर्धारित की जा रही है, जो उनकी वास्तविक उपज की तुलना में आधे से भी कम है। ऐसे में किसान अपनी पूरी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इससे उन्हें अपनी शेष उपज खुले बाजार में बिचौलियों के हाथों बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष वर्षा की स्थिति कम रहने के कारण धान की खेती की लागत काफी बढ़ गई है। सिंचाई, खाद, बीज, कीटनाशक, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर किसानों को पहले की अपेक्षा अधिक खर्च करना पड़ रहा है। बढ़ती लागत के बीच यदि सरकारी खरीद के लिए उत्पादकता की सीमा कम रखी गई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में सामान्य परिस्थितियों में धान की पैदावार निर्धारित 34 कुंतल प्रति हेक्टेयर से कहीं अधिक होती है। इसलिए सरकारी खरीद के लिए उत्पादकता का निर्धारण स्थानीय कृषि परिस्थितियों और किसानों की वास्तविक उपज को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। किसानों ने मांग की कि उत्पादकता की सीमा कम से कम 70 से 80 कुंतल प्रति हेक्टेयर निर्धारित की जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकें। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उत्पादकता की सीमा में वृद्धि नहीं की गई तो आधे से अधिक धान को समर्थन मूल्य योजना के तहत बेच पाना संभव नहीं होगा और किसान बिचौलियों के माध्यम से कम कीमत पर उपज बेचने को विवश हो सकते हैं। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। किसानों ने उपजिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन को पत्र भेजकर निर्धारित उत्पादकता में संशोधन कराने की मांग की। इस दौरान किसान नेता भानु प्रताप सिंह, सुधीर सिंह, संदीप सिंह, प्रदीप सिंह, कमलेश सिंह, रामप्रवेश यादव, शंकर सिंह, वेंकटेश्वर सिंह, मिथिलेश सिंह, राकेश सिंह पम्मू आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर में 1.40 करोड़ ठगी के बाद डॉक्टर की मौत, सुसाइड नोट में नाम

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर से इस वक्त की खबर सामने आ रही है... 1 करोड़ 40 लाख रुपये की कथित ठगी... बैंक का लगातार दबाव... लाखों रुपये की ईएमआई... और फिर 52 साल के पशु चिकित्सक की मौत। गोरखनाथ इलाके के बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह पशु चिकित्सक डा. परमात्मा सिंह की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल की छत पर पहुंचे और कुछ देर बाद नीचे गिर गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने इसलिए भी सनसनी फैला दी है क्योंकि पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मुकदमे में आरोपी महिला गरिमा सिंह का नाम लिखा होने की बात सामने आई है। 5 अगस्त को एम्स थाने में गरिमा सिंह और उसके परिजनों के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस इस मामले में गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब डॉक्टर की मौत के बाद सवाल बेहद गंभीर हैं। क्या करोड़ों की कथित ठगी का आर्थिक दबाव डॉक्टर की मौत की वजह बना? क्या बैंक की ईएमआई और कर्ज का दबाव उन्हें लगातार परेशान कर रहा था? सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम किस संदर्भ में लिखा गया? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस पूरे ठगी कांड में अभी और भी बड़े खुलासे होने बाकी हैं? पुलिस अब सुसाइड नोट, ठगी के मुकदमे और डॉक्टर की मौत से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। गोरखपुर में 1.40 करोड़ की कथित ठगी और पशु चिकित्सक की मौत ने सनसनी फैला दी है। एक तरफ करोड़ों रुपये की ठगी का मुकदमा... दूसरी तरफ आरोपी महिला और उसके पिता की गिरफ्तारी... और अब उसी शिकायतकर्ता डॉक्टर की मौत। घटनाओं की यह पूरी कड़ी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकठन किसी भी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है, लेकिन पुलिस के सामने अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन और वैज्ञानिक जांच की बड़ी चुनौती है। सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों की सत्यता, 1.40 करोड़ रुपये के लेन-देन और डॉक्टर की मौत के कारणों की जांच से ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी.
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भरत तिवारी एनकाउंटर: सरकार का राहत पैकेज, परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी

Patna, Bihar:भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार के सदस्य को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की सत्ता पक्ष ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया... बिहार सरकार और मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी का यह निर्णय कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार के प्रति संवेदनशीलता, न्याय और मानवीय दृष्टिकोण को स्पष्ट कर देने वाला प्रमाण है। न्यायिक जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता देने और एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय स्वागत योग्य है और यह सरकार की मंशा को रेखांकित करता है। किसी भी घटना में पीड़ित परिवार को न्याय से, सहयोग से वंचित नहीं रखा जाएगा। सम्राट सरकार ने घटना के तुरंत बाद स्वतंत्र, निष्पक्ष न्यायिक जांच का आदेश दिया था। जांच में भी कार्रवाई चल रही है, जांच अभी जारी है। जो भी दोषी पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। यह सरकार की स्पष्ट नीति है कि हम किसी को फंसाते नहीं, किसी को बचाते नहीं। हमारा उद्देश्य न तो किसी को बचाने का है, न फंसाने का। हमारा उद्देश्य सत्य का पता लगाने का है, न्याय सुनिश्चित करने का है और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का है। यह सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बार फिर से साबित किया। यह फैसला साबित होता है कि बिहार में कानून का राज है। सरकार में हर नागरिक के अधिकार का रक्षा किया जा रहा है, सरकार हर नागरिक के गरिमा के प्रति संवेदनशील है। और जो लोग आरोप लगाते थे कि सरकार इस जात की विरोधी है, उस जात की विरोधी है... यह उनके मुंह पर भी करारा तमाचा है कि हम सबका साथ, सबका विकास की राजनीति करते हैं. कांग्रेस ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भरत तिवारी जी का फर्जी एनकाउंटर होने के बाद यह उनके परिवार को आंशिक न्याय है। मुआवजा और सरकारी नौकरी यह एक मरहम-पट्टी का जरिया हो सकता है, लेकिन दोषी जो पुलिसकर्मी थे, जो अधिकारी थे, जो भ्रष्टाचार में संलिप्त लोग थे, उन तमाम लोगों की गिरफ्तारी जब तक नहीं हो जाती है, तब तक न्याय अधूरा ही माना जाएगा। और साथ ही साथ यह बिहार की वर्तमान सरकार, जो एनकाउंटर की राजनीति कर रही थी, उसके साख पर भी बट्टा लगाने का काम किया है। तो निश्चित तौर पर अपनी गलतियों को स्वीकार अगर कर रहे हैं सम्राट चौधरी जी और सरकार, तो यह स्वागत योग्य है। और साथ ही साथ दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर उन पर कठोरतम न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। जdu ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी ने शुरू से कहा है - हमारी सरकार न किसी को बचाती है, न किसी को फंसाती है। न्यायिक जांच आयोग के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने का निर्णय बिहार के मुख्यमंत्री आदरणीय सम्राट चौधरी जी ने किया है, इसका हम स्वागत करते हैं। राजद ने कहा कि सम्राट चौधरी जी, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर आपने कहा है कि न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनके परिवार को न्याय दिया जाएगा। जब तक भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हो चुका है कि एनकाउंटर गलत तरीके से हुए हैं तो न्याय का तकाजा यही है कि उनके परिवार को सरकार के स्तर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। और इतना ही नहीं, जिस तरह से बंटी हत्याकांड हुई या अन्य तरह के मामले हुए, उसमें भी सरकार को आर्थिक सहायता उनके परिवार को देना चाहिए।
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