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Santosh KumarSantosh KumarFollow28 Dec 2024, 12:47 pm

श्रावस्तीः पुलिस भर्ती के शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान फर्जी प्रवेश पत्र के साथ पकड़ी गई महिला अभ्यर्थी

Bhinga, Uttar Pradesh:

श्रावस्ती जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान फर्जी प्रवेश पत्र के साथ एक महिला अभ्यर्थी पकड़ी गई है। जांच के दौरान महिला अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर फर्जी रोल नंबर पाया गया। बताया जा रहा है कि महिला अभ्यर्थी ने स्वीट स्नैप ऐप के जरिये प्रवेश पत्र को एडिट कर उत्तीर्ण अभ्यर्थी का अनुक्रमांक जोड़कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। महिला अभ्यर्थी का नाम रिचा सिंह बताया जा रहा है जो बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र के फरदा सुमेरपुर की रहने वाली है।

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बिहार में नल-जल योजना के ऑपरेटरों के मानदेय घोटाले के आरोप उजागर

Hajipur, Bihar:बिहार में नल-जल योजना में काम करने वाले ऑपरेटरों का मानदेय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने का आरोप लगा है। वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में कई ऑपरेटरों का कई साल से मानदेय बकाया है। शुरुआती दौर में कुछ महीनों का भुगतान हुआ, लेकिन इसके बाद मानदेय मिलना बंद हो गया। ऑपरेटरों का आरोप है कि उनके मानदेय की राशि पंचायत के वार्ड सदस्य के खाते में पहुंची, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि खाते से राशि की निकासी भी कर ली गई। ऑपरेटरों ने वार्ड सदस्यों और प्रखंड के पदाधिकारियों की मिलीभगत से मानदेय की राशि के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, बकाया मानदेय मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ऑपरेटरों का कहना है कि नल-जल योजना के लिए उन्होंने अपनी कीमती जमीन सरकार को एग्रीमेंट पर दी थी। इसके एवज में जमींदाता परिवार के एक सदस्य को योजना में ऑपरेटर रखने की बात कही गई थी और करीब 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय होने की बात बताई गई थी। शुरूआती तौर पर भुगतान मिला, लेकिन बाद में कई साल से मानदेय रोक दिया गया। ऑपरेटरों का दावा है कि उन्होंने प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें बकाया राशि नहीं मिली। एक तरफ सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना का दावा करती है, तो दूसरी तरफ योजना को जमीन देने वाले परिवार के ऑपरेटर ही अपने मानदेय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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कासगंज सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत, एक घायल

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत कासगंज यूपी के कासगंज में आगरा से डाक कांवड़ के लिए सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पर जल लेने आ रहे कांवड़ियों के जत्थे में सोमवार सुबह मातम पसर गया। काली नदी पुल के पास कार से टकराकर बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल से हायर सेंटर आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों कावड़ियों के सब का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जानकारी के मुताबिक, आगरा कमिश्नरेट क्षेत्र के करीब 4-5 गांवों से लगभग 30 कांवड़ियों का समूह पिकअप वाहन और करीब 10-12 मोटरसाइकिलों से सोरों की ओर जल लेने आ रहा था। इसी दौरान दो बाइक सवार कांवड़िये अपने साथियों से पीछे रह गए। बताया जा रहा है कि एक बाइक पर सवार हरिगोविन्द उम्र 25 वर्ष, विवेक उम्र 18 वर्ष और राहुल उम्र 20 वर्ष अपने साथियों से आगे निकलने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही कांवड़ियों की ईको कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल कासगंज पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने हरिगोविन्द और राहुल को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल विवेक को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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हजयात्रा-2027 के ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11-23 अगस्त 2026 खुले

Jaipur, Rajasthan:हजयात्रा-2027 के लिए ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू। हज ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 से 23 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर आवेदन पत्र उपलब्ध है। CBT परीक्षा में 50% या अधिक अंक लेने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा। ट्रेनर पदों के लिए योग्यता: 12वीं पास, कंप्यूटर व हज संबंधी जानकारी आवश्यक; आयु 25 से 60 वर्ष; हज कर चुके अभ्यर्थियों को प्राथमिकता; अंग्रेजी/उर्दू/हिंदी/स्थानीय भाषा में वार्तालाप दक्षता; शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कम्प्यूटर बेसिक ज्ञान और हज सुविधा ऐप के उपयोग की जानकारी; हज के अरकान और यात्रा संबंधी सभी गतिविधियों का पूर्ण ज्ञान और भाषण/संबोधन करने की क्षमता; आवेदक के खिलाफ अदालत में कोई अपराधिक मामला दर्ज न हो। आवेदन की प्रति और दस्तावेज 25 अगस्त तक सचिवालय में जमा करने होंगे, कमरे नं. 1106, प्रथम तल मुख्य भवन, शासन सचिवालय जयपुर।
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बृजभूषण शरण सिंह केस: अदालत के आदेश के पीछे रणनीति और जवाब

Noida, Uttar Pradesh:EXCLUSIVE BRIJBHUSHANएंकर- खबर गोंडा से है। जहां कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बाइज्जत बरी होने बाद अब कोर्ट का ऑर्डर सामने आने पर जी मीडिया से एक्सक्लुसिव बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है। बृजभूषण शरण सिंह जे कहा कि देखिए उरसके पहले मैं एक बात कहना चाहूंगा “जाको प्रभु दारुण दुख दीना। ताकी मति पहिले हर लीना।” जब हरियाणा का विधानसभा चुनाव हुआ, तो हुड्डा साहब इतने मुतमइन थे कि रथ सजकर के खड़ा था। दरवाजे पर रथ सजकर खड़ा था। और हर आदमी की जुबान पर थी कि इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी, बल्कि कांग्रेस नहीं, ''हुड्डा सरकार'' की बात हो रही थी कि हुड्डा सरकार बनेगी। लेकिन जिस तरीके से पहलवानों के पीछे, लड़कियों के पीछे खड़े होकर के इन्होंने बृजभूषण सिंह पर वार किया, वह वार बिल्कुल उल्टा हो गया। या तो महाभारत के समय में शिखंडी का प्रयोग किया गया था भीष्म पितामह को मारने के लिए, और वैसे ही आकर के हरियाणा चुनाव के पहले बृजभूषण के बहाने बीजेपी को मारने का प्रयास किया गया। और मैंने कहा स्वाहा हो जाएंगे, हां स्वाहा हो जाएंगे,स्वाहा हो गए।। एक खिलाड़ी हैं जो लगातार जीतते-जीतते जा रहे थे, फाइनल में ओलंपिक में स्वाहा हो गए। तो इन सबको सजा मिली है और जो बाकी हैं, उनको भी सजा मिलेगी। क्योंकि इन्होंने मुझको डायरेक्ट गोली मार देते तो इतना कष्ट न होता, जितना कष्ट इन्होंने मेरे चरित्र हनन का प्रयास करके किया। यह तो मेरे जैसा पत्थर का आदमी था कि मैं सह लिया। क्योंकि मैंने बहुत दुख देखे हैं, बहुत सुख देखे हैं, तो मैं सह गया। लेकिन उस समय मेरे परिवार की क्या स्थिति रही होगी मुझ पर जो लोग भरोसा करते हैं, उनकी क्या स्थिति रही होगी। तो इन्होंने गलत किया, इनको सजा मिली और कोर्ट ने आज वही हू-ब-हू कह दिया ”एक फैमिली, एक अखाड़ा, और अखाड़ा भूपेंद्र हुड्डा जी ही उसके कर्ता-धर्ता हैं।” वही षड्यंत्र और साजिश का जिक्र जजमेंट में होने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई है एक सुप्रीम कोर्ट के बहुत बड़े वकील एक हरियाणा के बड़े वकील, और भूपेंद्र हुड्डा के घर में बैठकर यह पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई कि कैसे-कैसे आरोप लगाया जाए। और इस बात की स्क्रिप्ट लिखी गई इसी पीड़िता में से दो पहलवानों ने जज साहब के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया कि कैसे-कैसे स्क्रिप्ट लिखी गई। जो मैं कहता था, वह सब निकलकर सामने आया मैं कहता था कि स्क्रिप्ट लिखी गई, अब पीड़िता ने जज साहब से कहा कि स्क्रिप्ट लिखी गई और इसके पीछे कौन था। उन्हें पीठ पीछे वार किए जाने को लेकर बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि देखिए, मेरी कुंडली में एक योग है शत्रुहंता। अगर आप कुंडली को मानते हैं, तो किसी पंडित जी से पूछ लीजिएगा, शत्रुहंता योग है। जो-जो मेरे ऊपर नाजायज आरोप लगाएगा, जो-जो मुझसे सीधा लड़ेगा, वह स्वाहा होगा, कोई बचेगा-वचेगा नहीं सब स्वाहा हो रहे हैं। वही पहलवानों ल्ड हाईकोर्ट जाने के सवाल पर कहा कि पहले वे हाई कोर्ट जाएं वहां से इनको न्याय नहीं मिलता तो सुप्रीम कोर्ट जाएं। तो इनका जब दरवाजा बंद होगा, तब मेरा दरवाजा खुलेगा। वही 6 अगस्त को किए गए शक्ति प्रदर्शन आगामी चुनाव लड़ने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि नहीं हमने नहीं दिखाया! इसको अहंकार से न लिया जाए, इसको शक्ति प्रदर्शन से न लिया जाए। संकल्प रैली थी और इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे कि प्रदेश का कोई जिला नहीं बचेगा यह हमारे प्रति प्यार है। और हम कह सकते हैं कि 55 वर्ष की मेरी जो तपस्या है राजनीतिक जीवन की उस तपस्या का यह परिणाम है। जो आगे सदन जाने को लेकर के होगा वह देखा जाएगा लेकिन सदन जाऊंगा।
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उदयपुर में अरावली संरक्षण पर हितधारकों के साथ जन संवाद

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण एवं सतत विकास हेतु हितधारकों से संवाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशन में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति जिला परिषद सभागार में कर रही जन संवाद जन संवाद में जनप्रतिनिधियों, खनन पट्टा धारकों, एनजीओ प्रतिनिधियों समेत विभिन्न हितधारकों से अरावली संरक्षण के संबंध में हो रहा परामर्श उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, प्रधान मुख्य वन संरक्षक टेरिटोरियल एस आर यादव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एवं बड़ी संख्या में हितधारक है मौजूद
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कारगिल शहीद अजय आहूजा की वेब सीरीज से कोटा में यादें, स्मारक पर सवाल उठते

Kota, Rajasthan:कारगिल के वीर शहीद अजय आहूजा पर बनी वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'', रील में जीवंत हुईं कोटा की यादें पड़ोसियों ने पहचाना शहीद का स्कूटर और पारिवारिक लम्हे; एक तरफ ओटीटी पर शहादत की गाथा, दूसरी तरफ कोटा में स्मारक और पार्क की बदहाली पर उठे सवाल कोटा। कारगिल युद्ध (1999) में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय वायु सेना के जांबाज योद्धा, शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शूरवीरता और बलिदान की गाथा अब ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे देश के सामने आई है। उन पर केंद्रित वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'' ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को इस सीरीज का ट्रेलर जारी किया गया था, जिसके बाद शनिवार को इसका पहला भाग दर्शकों के लिए प्रसारित कर दिया गया। सीरीज के रिलीज होते ही कोटा स्थित उनके पैतृक निवास की रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। भले ही आज शहीद अजय आहूजा का परिवार कोटा में नहीं रहता है, लेकिन पड़ोसियों के दिलों में उनकी स्मृतियां आज भी बसी हैं। वेब सीरीज का ट्रेलर देखने के बाद पड़ोसियों का कहना है कि इसमें दिखाई गई घटनाएं और चीजें इतनी सटीक हैं कि वे अतीत के उस दौर में वापस लौट गए हैं। पर्दे पर दिखी हूबहू झलक, पूरी सोसाइटी एक साथ देखेगीसीरीज कोटा स्थित रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद अजय आहूजा का पैतृक मकान है। कॉलोनी की हाउसिंग समिति के सेक्रेटरी सुबोध बल्दुआ ने शहीद से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि वेब सीरीज में दिखाई गई कई चीजें असल जिंदगी से मेल खाती हैं। उन्होंने बताया, "अजय आहूजा जब कोटा में रहते थे, तो एक खास स्कूटर चलाया करते थे। मेकर्स ने वेब सीरीज में ठीक वैसा ही स्कूटर दिखाया है। इसके अलावा, शहीद के अंत्येष्टि के समय का दृश्य और फोटो भी बिल्कुल वैसा ही नजर आ रहा है जैसा उस समय वास्तव में हुआ था। देहांत के समय उनके छोटे बेटे अंकुर की जितनी उम्र थी, फिल्म में भी उसी उम्र का बच्चा दर्शाया गया है." सुबोध बल्दुआ ने बताया कि वे पहले खुद इस पूरी सीरीज को देखेंगे। ओटीटी पर सभी एपिसोड आ जाने के बाद, सोसाइटी के सभी लोगों को कॉमन हॉल में एक साथ यह वेब सीरीज दिखाई जाएगी। अंतिम मुलाकात की भावुक याद: ''स्टेशन पर टिफिन देने गया था'' सुबोध बल्दुआ ने शहीद अजय आहूजा के साथ बिताए आखिरी पलों को याद करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध शुरू होने से ठीक पहले अजय छुट्टियों पर कोटा आए हुए थे। जब उनकी छुट्टियां खत्म हुईं और वे वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे, तो शाम को ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन चले गए। हड़बड़ी में वे अपना खाने का टिफिन घर पर ही भूल गए थे। बल्दुआ ने बताया, "उस जमाने में आज की तरह मोबाइल फोन नहीं होते थे। इसलिए अजय ने रास्ते में किसी पीसीओ (PCO) से घर पर फोन किया। उनके फोन के बाद उनकी मां श्यामा आंटी ने मुझे तुरंत स्टेशन जाकर अजय को टिफिन देने को कहा। मैं खुद टिफिन लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। कोटा की धरती पर अजय से वह मेरी आखिरी मुलाकात थी। इसके बाद तो सीधे उनकी शहादत की खबर ही कोटा आई थी।" पिता के प्रति अगाध प्रेम और मई 1999 का वह गमगीन दिन सुबोध बल्दुआ ने बताया कि उनका और शहीद अजय आहूजा का मकान एक-दूसरे से सटा हुआ है, दोनों के बीच सिर्फ एक दीवार का अंतर है। वर्ष 1992 में अजय के पिता पी. एल. आहूजा ने यह घर बनाया था। अजय उस समय सेना में कार्यरत थे और जब भी एक महीने की छुट्टी पर घर आते, अपने पिता की बहुत सेवा करते थे। उनके पिता रेलवे में कैशियर के पद पर तैनात थे। जब वे शाम को अपनी ड्यूटी से साइकिल पर घर लौटते, तो अजय पहले से ही घर के बाहर उनका इंतजार कर रहे होते थे। वे अपने पिता से कहते कि आप साइकिल छोड़ दीजिए और खुद साइकिल पकड़कर घर के अंदर तक लाते थे। बल्दुआ ने कहा कि मई 1999 का वह भयावह दिन आज भी पूरी कॉलोनी को याद है, जब अजय आहूजा के शहीद होने की खबर आई थी और पल भर में पूरी सोसाइटी का माहौल शोकाकुल हो गया था। कोटा में पैतृक मकान किराए पर, परिवार अलीगढ़, दिल्ली और अमेरिका में बसा शहीद अजय आहूजा के भाई विजय की पत्नी सुधा आहूजा ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था। अजय के पिता पी. एल. आहूजा के निधन के बाद उनकी मां श्यामा आहूजा और बाकी परिवार वापस अलीगढ़ ही शिफ्ट हो गया है। शहीद अजय आहूजा की पत्नी अलका वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रही हैं, जबकि उनका बेटा अंकुर उच्च शिक्षा और कार्य के सिलसिले में अमेरिका (USA) में रह रहा है। कोटा स्थित उनका मकान अभी किराए पर दिया हुआ है, हालांकि परिवार के सदस्य कभी-कभी कोटा आते रहते हैं। रीएल लाइफ में सम्मान, लेकिन रियल लाइफ में स्मारक की बदहाली एक तरफ जहां वेब सीरीज के जरिए शहीद अजय आहूजा के शौर्य को सलाम किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोटा में उनकी याद में बने स्मारक और पार्क की हालत बदतर बनी हुई है। माला रोड हॉट बाजार स्थित अजय आहूजा पार्क और उनकी प्रतिमा उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय एडवोकेट हिमांशु सिंह ने बताया कि पार्क में आवारा मवेशी गंदगी फैलाते रहते हैं, वॉक-वे पर चलना मुश्किल है और जगह-जगह खरपतवार उग आई है। पार्क में लगी बेंचें टूट चुकी हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इसकी कुछ मरम्मत कराई गई थी, लेकिन रखरखाव न होने से हालात फिर वैसे ही हो गए हैं। पार्क के पास रहने वाले हरप्रीत सिंह आनंद ने आक्रोश जताते हुए कहा कि शहीद की मूर्ति पर लगी कैप (टोपी) का हिस्सा लंबे समय से टूटा हुआ है। रात ढलते ही पार्क में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाएं और बच्चे यहां आने से डरते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शहीद के इस स्मारक के जीर्णोद्धार की मांग की है。
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सावन के दूसरे सोमवार पर जागेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Damoh, Madhya Pradesh:सावन के दूसरे सोमवार को आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ा जागेश्वरनाथ धाम में.. एंकर/ सावन के पवित्र महीने में धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले सोमवार के दिन लोगों की आस्था और श्रद्धा साफ देखने को मिल रही है। देश दुनिया में तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजे जाने वाले दमोह जिले के जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में भी आज सावन सोमवार के मौके पर बड़ा जन सैलाब देखने को मिला और हर कोई भोले के रंग में रंगा दिखाई दिया। भगवान जागेश्वरनाथ महादेव की परम्परा के मुताबिक सुबह तीन बजे आरती पूजन के बाद भक्तों का कपाट खोले गए तो बड़ी संख्या में लोगों ने जलाभिषेक किया। स्वयं प्रगट विशाल शिवलिंग पर जल अर्पण करने का विशेष महत्व है और यहां दूर दूर से श्रद्धालु जन अर्पण करने आते है। सावन के महीने के पहले दिन से जागेश्वरनाथ धाम में कांवड़ियों के आने का सिलसिला शुरू होता है और आखिरी दिन तक लाखों की संख्या में कावड़िए यहां पहुंचते है और मां नर्मदा का जल अर्पण करते है। हजारों कावड़िए सोमवार के दिन यहां पहुंचकर कावड़ जल से भगवान का जलाभिषेक करेंगे। बड़ी संख्या में भक्तों के आने की वजह से जिला और पुलिस प्रशासन ने यहां मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सहयोग से व्यापक इंतजाम किए है वहीं सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात किया गया है।
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धौलपुर में हनुमान मंदिर के परिसर में पौधरोपण से पर्यावरण संदेश

Dholpur, Rajasthan:हनुमान मंदिर परिसर में हुआ पौधरोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश धौलपुर:पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज के सामने हनुमान मंदिर परिसर में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवियों, अधिवक्ताओं ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन की गारंटी है। कार्यक्रम में धौलपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट प्रशांत हुंडावाल ने कहा कि वृक्ष हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और प्राचीन काल से ही हम पीपल, बरगद और तुलसी की पूजा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने का एकमात्र उपाय बड़े स्तर पर पौधरोपण है। प्रशांत हुंडावाल ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, पानी देना और आवारा पशुओं से सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।
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लुधियाना हत्या: शराबी विवाद के बाद युवक की हत्या, लाश नदी किनारे मिली

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕਾਤਲ ਲਾਸ਼ ਲੈ ਕੇ 1 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਘੁੰਮਦਾ ਰਹੀ ਟੱਟਾਂ ਮਾਰਕੀ ਕੇ ਕੀਤਾ ਕਤਲ ਫਿਰ ਚਾਦਰ ਵਿੱਚ ਲਪੇਟਿਆ, ਮੋਢੇ 'ਤੇ ਚੁੱਕ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਵਿੱਚ ਛੁੱਟਣ ਗਿਆ ਪਰ ਇਕ ਮਹੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟ ਕੇ ਭੱਜ ਆਇਆ ਪੁਲਿਸ ਨੇ 24 ਘੰਟੇ ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਹੱਲ ਦੋਸ਼ੀ ਤੋਂ ਕੁਝ ਜਾਰੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਪਹਿਚਾਣ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਸੁਲਝਾਉਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਜਿਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਪੰਜ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਬੈਡਸ਼ੀਟ ਵਿੱਚ ਲਪੇਟੀ ਹੋਈ ਮਿਲੀ ਸੀ। ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਸ਼ਰਾਬੀ ਝਗੜੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਇੱਟ ਨਾਲ ਮਾਰ ਕੇ ਮਾਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਬੈੱਡਸ਼ੀਟ ਵਿੱਚ ਲਪੇਟਿਆ, ਆਪਣੇ ਮੋਢੇ 'ਤੇ ਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਬੁੱਢਾ ਦਰਿਆ ਵੱਲ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਤੱਕ ਲੈ ਗਿਆ। ਉਹ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਨਦੀ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟਣ ਦਾ ਇਰਾਦਾ ਰੱਖਦਾ ਸੀ, ਪਰ ਅੱਗੇ ਲਿਜਾਣ ਵਿੱਚ ਅਸਮਰੱਥ ਸੀ। ਫਿਰ ਉਹ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਨਿਊ ਸ਼ਕਤੀ ਨਗਰ ਦੀ ਇੱਕ ਗਲੀ ਵਿੱਚ ਛੱਡ ਕੇ ਭੱਜ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਦੋਸ਼ੀ ਹਰਸ਼ ਕੁਮਾਰ (24), ਜੋ ਕਿ ਟਿੱਬਾ ਰੋਡ 'ਤੇ ਮਸਜਿਦ ਵਾਲੀ ਗਲੀ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਹੈ, ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ。 ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੇ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਰਿਤਿਕ ਦੱਸਿਆ ਸੀ। ਪੁਲਿਸ ਕੋਲ ਫਿਲਹਾਲ ਮ੍ਰਿਤਕ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ。 ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ, ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਖੁਲਾਸਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੇ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਰਿਤਿਕ ਦੱਸਿਆ ਸੀ। ਫਿਲਹਾਲ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਹੁਣ ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਫੁਟੇਜ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸੁਰਾਗਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਉਸਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਨ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ。 ਇੰਡਸਟਰੀਅਲ ਏਰੀਆ-ਏ ਦੇ ਏਸੀਪੀ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬੋਪਾਰਾਏ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਦੋਸ਼ੀ ਹਰਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਆਪਣੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਰ ਘਰ ਵਿੱਚ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ। ਉਹ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਆਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੂੰ ਲਗਭਗ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿਲਿਆ ਸੀ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੂੰ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਆਦੀ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਪੁਲਿਸ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ, ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੇ ਖੁਲਾਸਾ ਕੀਤਾ ਕਿ 5 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਦੋਵੇਂ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਬਹਿਸ ਹੋ ਗਈ। ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ ਹਰਸ਼ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨ 'ਤੇ ਇੱਟ ਨਾਲ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ。 ਕਤਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਚਾਦਰ ਵਿੱਚ ਲਪੇਟਿਆ ਅਤੇ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਤੱਕ ਆਪਣੇ ਮੋਢੇ 'ਤੇ ਚੁੱਕਿਆ। ਉਸਦਾ ਇਰਾਦਾ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਬੁੱਡਾ ਨਦੀ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟਣ ਦਾ ਸੀ। ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਟਿੱਬਾ ਦੇ ਨਿਊ ਸ਼ਕਤੀ ਨਗਰ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਲੈ ਗਿਆ ਸੀ। ਦੁਬਾਰਾ ਚੁੱਕਣ ਵਿੱਚ ਅਸਮਰੱਥ ਹੋਣ ਕਰਕੇ, ਉਹ ਇਸਨੂੰ ਗਲੀ ਵਿੱਚ ਛੱਡ ਕੇ ਭੱਜ ਗਿਆ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੇ ਆਪਣਾ ਨਾਮ "ਰਿਤਿਕ" ਦੱਸਿਆ ਸੀ। ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ, ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੇ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਰਿਤਿਕ ਦੱਸਿਆ ਸੀ। ਉਸਨੂੰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਕਿਉਂਕਿ ਦੋਸ਼ੀ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ, ਇਸ ਲਈ ਉਸਨੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੂੰ ਕੁਝ ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਆਪਣੇ ਘਰ ਰਹਿਣ ਦਿੱਤਾ ਸੀ。 ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਦੋਸ਼ੀ ਨੇ ਆਪਣਾ ਘਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੇਚ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਪੇਸ਼ਗੀ ਭੁਗਤਾਨ ਮਿਲਿਆ ਸੀ। ਪੁਲਿਸ ਹੁਣ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਸ਼ਕਲ, ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਫੁਟੇਜ ਅਤੇ ਹੋਰ ਉਪਲੱਬਧ ਸੁਰਾਗਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਸਦੀ ਪਛਾਣ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕੇ।
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लोहावट में भंवरी देवी हत्याकांड: दो सप्ताह बाद भी खुलासा नहीं, आंदोलन जारी

Jodhpur, Rajasthan:फलोदी। लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वर नगर में महिला भंवरी देवी विश्नोई की हत्या और दो बच्चियों के घायल होने के मामले का दो सप्ताह बाद भी खुलासा नहीं होने से सर्व समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के विरोध और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोहावट में सोमवार को बाजार पूरी तरह बंद रहा। वहीं लोहावट थाने के सामने चल रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न समाजों के लोग जुटे। दर्जनों लोग अनशन पर बैठे हैं, जबकि महिलाओं की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना है कि घटना को दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान भंवरी देवी के परिजनों को न्याय दिलाने और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए लोहावट थाने के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बंद के कारण लोहावट बाजार में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और क्षेत्र में आंदोलन का असर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा。
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