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Shahjahanpur: आरसी मिशन पुलिस ने 49 लोगों से धोखाधड़ी करने वाले अभियुक्त को किया गिरफ्तार
Tilhar, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर की थाना रामचंद्र मिशन पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रोजा थाना क्षेत्र के सिसोवा गांव के रहने वाले देशबंधु गौतम को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि अभियुक्त सोशल मीडिया के माध्यम से रिलायंस रोजा पावर प्लांट में फर्जी भर्ती प्रक्रिया के नाम पर 49 लोगों से ठगी कर चुका था। फिलहाल पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है और उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।0
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दिल्ली में PG-हॉस्टल नियमों पर नीति 1–1.5 महीने में संभव, सुरक्षा मुद्दों पर जोर
New Delhi, Delhi:दिल्ली के अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर आशीष सूद ने दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में पीजी में रह रहे बच्चों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनी और बातचीत के दौरान बताया कि प्राइवेट पीजी को रेगुलेट करने के लिए पॉलिसी पर काम चल रहा है और विचार के बाद मुख्यमंत्री उपराज्यपाल और स्टेकहोल्डर से बातचीत के बाद एक से डेढ़ महीने में पॉलिसी को लाने का प्रयास है. आशीष सूद- पीजी में रहने वाले छात्रों से मुलाकात के बाद सरकार ने कोचिंग और पीजी को रेगुलेट करने के लिए पॉलिसी बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है. कल उपराज्यपाल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भी मौजूद थीं। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसी नीति लाई जाए, जिसके तहत कोचिंग संस्थानों और पीजी को रेगुलेट किया जा सके। आज दिल्ली यूनिवर्सिटी और इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के कैंपस से आए छात्रों से मुलाकात की गई, ताकि यह समझा जा सके कि उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने किराए के अलावा पीजी में मिलने वाली सुविधाओं, एग्रीमेंट का पालन, संचालकों की जवाबदेही और अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सरकार के सामने रखे। छात्रों की शिकायतों और सुझावों को एक पोर्टल पर भी उपलब्ध कराने की योजना है। अर्बन डेवलपमेंट विभाग पहले से ही इस दिशा में काम कर रहा था, लेकिन हालिया घटना के बाद गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रक्रिया में छात्रों, एजेंसियों और अभिभावकों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत की जाएगी। मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से चर्चा, कैबिनेट में विचार-विमर्श और सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के बाद अगले एक से डेढ़ महीने में नीति लाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार द्वारा बनाए जाने वाले कानून के तहत आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एक बड़ी चिंता यह भी है कि कई मामलों में बिल्डिंग किसी और की होती है और उसका संचालन कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। सरकार ने कल ही नए हॉस्टल बनाने के लिए FAR बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की मदद लेकर नए हॉस्टल बनाने के लिए भी दिल्ली सरकार तैयार है। दिल्ली में दूसरे शहरों से दो लाख से ज्यादा छात्र पढ़ने आते हैं, जिसके कारण हॉस्टल की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में सरकारी प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भूमिका भी जरूरी रहेगी। रीडेवेलपमेंट के लिए FAR बढ़ाने के बावजूद निजी खिलाड़ियों की जरूरत बनी रहेगी। वहीं नरेला में उपलब्ध इमारतों का भी इस्तेमाल छात्रों के लिए किया जा सकता है या नहीं, इस दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वह उन लोगों की तरह नहीं है जो असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करें। छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी असुरक्षित निर्माण या लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।0
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मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर दीपावली में टिकट बुकिंग विफल, सर्वर डाउन यात्री नाराज़
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के मोदीनगर में रेलवे के सर्वर ने यात्रियों को धोखा दे दिया। दीपावली पर घर जाने के लिए सुबह 3 बजे से लाइन में लगे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू होते ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई है। 7 नवंबर की बुकिंग के लिए मंगलवार सुबह 3 बजे से ही मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की लंबी लाइन लग गई। सबको उम्मीद थी कि 8 बजे काउंटर खुलते ही कन्फर्म टिकट मिल जाएगा। लेकिन 8 बजते ही रेलवे का सर्वर डाउन हो गया। क्लर्क ने बार-बार कोशिश की, लेकिन स्क्रीन पर सिर्फ 'सर्वर डाउन' ही दिखता रहा। 3 घंटे तक एक भी टिकट बुक नहीं हो सका। खिड़की से निराश लोगों ने मोबाइल पर IRCTC से कोशिश की, लेकिन ऐप भी फेल हो गया। टिकट न मिलने से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। यात्रियों का कहना है कि दीपावली और छठ साल का सबसे बड़ा त्योहार है, और हर साल रेलवे की यही लापरवाही सामने आती है।0
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NDPS मामला: ठियोग में 1.64 करोड़ से अधिक संपत्ति सीज, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Shimla, Himachal Pradesh:NDPS मामले में 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज, शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई एंकर-नशा तस्करों के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ठियोग के एक NDPS मामले में पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों से जुड़ी 1.64 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियाँ सीज की हैं। पुलिस थाना ठियोग में 10 जून 2026 को FIR संख्या 77/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी सोहन लाल उर्फ हैपी की रहीघाट स्थित नाई की दुकान से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की अवैध तस्करी कर रहा था। जिला शिमला पुलिस ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि इस मामले की वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों का विश्लेषण किया। इस दौरान आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, दो मंजिला दुकान, वाहन और बैंक व डाकघर खातों में जमा राशि समेत कुल ₹1.64 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की पहचान हुई। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये संपत्तियाँ नशे के अवैध कारोबार से अर्जित आय से संबंधित पाई गईं। इसके बाद इन्हें NDPS एक्ट के तहत सीज कर दिया गया। 2026 में अब तक 12 NDPS मामलों में वित्तीय जांच के जरिए ₹8 करोड़ से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियाँ सीज की जा चुकी हैं। जबकि वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे मामलों में कोई वित्तीय जांच या संपत्ति सीज नहीं की गई थी। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी。0
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FCI गोदाम से डीलरों तक राशन पहुंचाने के नियम पर मजदूरों ने विरोध जताया
Dhanbad, Jharkhand:सरकार के नए नियम के तहत FCI गोदाम से राशन दुकानदारों यानी डीलरों तक अनाज सीधे पहुंचाया जाना है। लेकिन धनबाद के बरमसिया स्थित FCI गोदाम से लोड होकर निकले ट्रकों से अनाज को JFCI गोदाम के पास 407 वाहनों में दोबारा लोड किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर JFCI गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने विरोध जताया है। मजदूरों का कहना है कि सरकार के नए नियम से पहले ही JFCI में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। अब FCI गोदाम से सीधे राशन डीलरों तक अनाज पहुंचाने के बजाय JFCI गोदाम के पास बड़े ट्रकों से अनाज उतारकर छोटे 407 वाहनों में लोड किया जा रहा है। मजदूरों ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों का पालन होना चाहिए अगर यही अनाज JFCI गोदाम से राशन डीलरो को जाता तो हम लोगों को रोजगार मिलता अनाज की आवाजाही में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में JFCI गोदाम के AGM राहुल मुंशी ने बताया कि सोमवार को अंधेरा और ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण बड़े ट्रकों को आगे ले जाना संभव नहीं था। इसी वजह से बड़े ट्रकों से अनाज उतारकर 407 वाहनों के माध्यम से राशन डीलरों तक भेजा जा रहा था। इधर JFCI मजदूरों का आरोप है कि सरकार के नियम कब बदल जाते हैं, इसका पता नहीं चलता। उनका कहना है कि जब अनाज FCI गोदाम से सीधे राशन डीलरों तक पहुंचाने का प्रावधान है, तो उसे JFCI गोदाम के पास लाकर दोबारा छोटे वाहनों में लोड करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार ही अनाज का परिवहन सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि अगर FCI से सीधे राशन डीलरों तक अनाज पहुंचाने का नियम लागू है, तो JFCI गोदाम के पास अनाज को दोबारा छोटे वाहनों में लोड करने की जरूरत क्यों पड़ी? इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की स्पष्टता का इंतजार है।0
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किच्छा नदी में करोड़ों रुपए की ओवरहेड टंकी डूबी, परियोजना ठप
Bareilly, Uttar Pradesh:शेरगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत बैरमनगर में निर्माणाधीन पानी की टंकी किच्छा नदी में समा गई है। यह ओवरहेड टैंक जल जीवन मिशन की ओर से हर घर जल हर घर नल योजना के तहत तकरीबन 3.97 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा था। बीते सप्ताह किच्छा नदी में बड़े जलस्तर के चलते बृहस्पतिवार के दिन ओवरहेड टैंक की सुरक्षा को बनाई गई चारदीवारी की किच्छा नदी में कट गई थी। नदी में भू-काटन इस कदर हो रहा था कि किसानों की कई एकड़ यूकेलिप्टस और पापुलर की कीमती लकड़ी भी नदी में समा गई। एक्सईएन आकांक्षा सिंह,एई संजय सिंह और जेई राकेश चौधरी ने भी गांव का दौरा कर ओवरहेड टैंक के हालातों को परखा था। अधिकारियों ने जरूरी सामान जिसमें सोलर पैनल,डीजी, स्कॉड़ा तथा जनरेटर आदि ट्रैक्टर ट्रालियों में भरवा कर सुरक्षित बचा लिया था। नदी में धीरे-धीरे कटान जारी था और आखिरकार करोड़ों रुपए की लागत से बनाई जा रही टंकी किच्छा नदी की भेंट चढ़ गई। ग्राम प्रधान शमशुल खां सहित गांव वासियों ने कई बार अधिकारियों को अवगत कराते हुए पिचिंग की मांग की लेकिन पिचिंग नहीं लगाई गई। अब एक कमरा शेष बचा है जिस पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान शमशुल खा ने बताया कि जिस समय ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए स्थल का चयन किया गया उसे समय जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। उस समय किच्छा नदी की दूरी 500 मीटर थी जो बीते दो-तीन सालों में धीरे-धीरे नदी में भू-कटान के बाद 100 मीटर रह गई थी। इस बार ओवरहेड टैंक ही नदी में दफन हो गया और ग्रामीणों की स्वच्छ पेयजल की तमन्ना धारी की धरी रह गई। ग्रामीणों की माने तो गांव में 70 फ़ीसदी घरों में टोंटियां भी लगा दी गई है। गांव में पाइप लाइन भी बिछा दी गई है।0
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रामगढ़ में 30 सितम्बर तक बकाए की किश्त जमा पर 100% ब्याज माफी
Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर लोकेशन- रामगढ़ 30 सितंबर तक किश्त जमा कराएं, 100% ब्याज माफी का उठाएं लाभ रामगढ़, जैसलमेर。 राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ब्याज माफी अभियान के तहत बकायादार खातेदारों को बड़ी राहत दी जा रही है। मुरब्बों की बकाया किश्तें 30 सितंबर तक एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ अधिक से अधिक खातेदारों तक पहुंचाने के लिए उपनिवेशन विभाग की ओर से रामगढ़ सहित आसपास के गांवों और ढाणियों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उपनिवेशन तहसील रामगढ़ नंबर-2 के तहसीलदार दौलतसिंह राठौड़ और पटवारियों ने गांव-ढाणियों में पहुंचकर ढोल बजाकर ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी。 इस दौरान विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर बकायादार खातेदारों को ब्याज माफी योजना की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने खातेदारों से अपील की कि वे 30 सितंबर से पहले मुरब्बों की बकाया किश्तें एकमुश्त जमा कराकर ब्याज में मिलने वाली 100 प्रतिशत छूट का लाभ उठाएं。0
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महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट पर हल्ला, पत्रकार सुरक्षा आयोग की मांग
Jalaun, Uttar Pradesh:नई दिल्ली में समाचार संकलन के दौरान महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट व अभद्रता के विरोध में जालौन के उरई में मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब जालौन के पदाधिकारी एवं सैकड़ों पत्रकार कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष मनोज राजा के नेतृत्व में पत्रकारों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपी के डीजीपी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन और समाज के सामने लाने का दायित्व निभाते हैं। ऐसे में समाचार संकलन के दौरान उनके साथ मारपीट, अभद्रता, धमकी या उत्पीड़न की घटनाएं चिंताजनक हैं। पत्रकारों ने विशेष रूप से महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, महिला पत्रकारों का स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण कराने तथा उन्हें कानूनी व प्रशासनिक संरक्षण देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार से ‘पत्रकार सुरक्षा आयोग’ गठित करने, महिला पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।0
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इलाहाबाद HC ने मौलाना तौकीर र zxa की जमानत याचिका खारिज कर दी
Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, मौलाना तौक़ीर रज़ा की जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने की तल्ख़ टिप्पणी, "सर तन से जुदा" के नारे को लेकर हाईकोर्ट ने की तल्ख़ टिप्पणी, कहा "सर तन से जुदा" का नारा कानून के शासन और देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाला है, हाईकोर्ट ने कहा यह नारा सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाने वाला है, कोर्ट ने कहा सर तन से जुदा की तुलना...नारा ए तकबीर अल्लाहु अकबर, जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल, जय श्रीराम या हर हर महादेव जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती, 26 सितम्बर 2025 को बरेली में हुए बवाल मामले में मौलाना तौकीर रजा मास्टरमाइंड हैं, जेल में बंद मौलाना तौक़ीर रज़ा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, हाईकोर्ट ने कल अपना फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।0
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हाईकोर्ट: निजी शरिया अदालतों को कानूनन दर्जा नहीं, तलाक सिर्फ सरकारी अदालतों से
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। शरिया कोर्ट तलाक का कानूनी फैसला नहीं सुना सकता,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुस्लिम महिला के वैवाहिक अधिकारों से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए साफ किया है कि कोई निजी धार्मिक संस्था या खुद को शरिया कोर्ट बताने वाला संगठन कानून से बनी अदालत का दर्जा नहीं रखता। ऐसी संस्थाएं धार्मिक राय दे सकती हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के वैवाहिक दर्जे या विवाह खत्म होने का कानूनी फैसला नहीं कर सकतीं। रायपुर के इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की अदालत ने यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाह समाप्त होने या वैवाहिक अधिकारों में बदलाव का फैसला कानून के तहत सक्षम अदालत या संबंधित प्राधिकारी ही कर सकता है।मामला रायपुर टिकरापारा निवासी निरोश अब्बासी से जुड़ा है। उनके पहले पति की साल 2015 में मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने 18 जुलाई 2020 को मोहम्मद आबिद खान से निकाह किया। शादी के बाद बच्चों के नए परिवार में तालमेल को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया।महिला के मुताबिक, विवाद के बाद पति ने उन्हें तलाक देने की प्रक्रिया शुरू की। पति का दावा था कि उन्होंने तलाक-ए-हसन तीन चरणों में 31 अगस्त, 30 सितंबर और 30 अक्टूबर 2021 को संचार के माध्यम से घोषित किया था। वहीं महिला ने पति और ससुराल वालों पर उत्पीड़न, क्रूरता और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। मामले में वन स्टॉप सखी सेंटर में काउंसिलिंग भी हुई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हो सका।महिला ने 7 अक्टूबर 2021 को पुलिस अधीक्षक के सामने शिकायत की। इसके बाद 1 नवंबर 2021 को महिला थाना रायपुर में पति और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-A और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।इसी बीच रायपुर के इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट ने 18 जनवरी 2022 के आदेश में महिला को उसके पति से तलाकशुदा बताया। इसी आदेश के कानूनी अधिकार को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विश्व लोचन मदन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले का हवाला देते हुए कहा कि दारुल कजा या फतवा जारी करने वाली निजी संस्थाओं को कानून से स्थापित अदालत का दर्जा हासिल नहीं है। इनके फैसले बाध्यकारी नहीं होते और इन्हें कानूनी प्रक्रिया के जरिए लागू नहीं कराया जा सकता।हाईकोर्ट ने साफ कहा कि धार्मिक संस्था अपनी धार्मिक राय दे सकती है, लेकिन यह राय किसी व्यक्ति के कानूनी अधिकार या वैवाहिक स्थिति पर बाध्यकारी नहीं हो सकती। यानी किसी निजी धार्मिक संस्था के आदेश से न तो विवाह अपने आप खत्म हो सकता है और न ही किसी पक्ष के कानूनी अधिकार, स्थिति या जिम्मेदारी बदल सकती है।हालांकि, कोर्ट ने तलाक-ए-हसन की संवैधानिक वैधता के सवाल पर कोई फैसला नहीं दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आदेश का एफआईआर या पक्षकारों के अन्य कानूनी उपायों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।हाईकोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट के 18 जनवरी 2022 के आदेश को कानूनी अधिकार के बिना जारी किया गया आदेश माना। कोर्ट ने दोहराया कि किसी निजी धार्मिक संस्था का आदेश किसी व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति या कानूनी अधिकारों को अपने आप नहीं बदल सकता.0
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सीहोर जिले के किसानों ने खराब सोयाबीन के मुआवजे के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्श나요
Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर खराब सोयाबीन की फसल ने बढ़ाई किसानों की चिंता, मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान सीहोर जिले के दोराहा तहसील क्षेत्र में सोयाबीन की फसल खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल खराब होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द फसल सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान अपने साथ खराब हुई सोयाबीन की फसल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने प्रशासन को अपनी फसल की स्थिति दिखाई और बताया कि क्षेत्र में कई किसानों की सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल उनके लिए आय का प्रमुख साधन है। फसल खराब होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने कहा कि यदि समय पर मुआवजा नहीं मिला तो परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि फसल खराब होने के बावजूद क्षेत्र में अभी तक सर्वे का काम शुरू नहीं हुआ है। किसानों के मुताबिक, फसल खराब हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सर्वे के लिये संबंधित अधिकारी या कर्मचारी अब तक मौके पर नहीं पहुंचे हैं। मामले को लेकर दोराहा के नायब तहसीलदार दयाराम मार्को ने कहा कि क्षेत्र में जल्द ही फसल का सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण सर्वे की प्रक्रिया में देरी हुई है। जल्द ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। किसानों ने मांग की है कि खराब फसल का शीघ्र सर्वे कराकर पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।0
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मेयर से मिले शहीद की माँ: बेटे का मेडल वापस मांगते हुए बोलीं, कार्रवाई तुरंत
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ २२ साल से भटक रही शहीद की माँ पहुँची लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के घर, अपने बेटे के मेडल वापस करने के लिए। शहीद की माँ अपने बेटे के साथ मेयर के आवास पर बोली में अपने बेटे के सम्मान के लिए लड़ रही हूँ, आप अपने मेडल वापस ले लीजिए मेयर ने दिया आश्वासन जल्दी होगा आपका काम तुरंत एक्शन में आई मेयर फ़ोन करके बुलाया अधिकारियों को0
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उदयपुरवाटी वार्ड 11 के वीडियो से आचार संहिता पर सवाल उठे
Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी वार्ड 11 का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कांग्रेस प्रत्याशी श्यामाराम सैनी के कार्यालय का बताया जा रहा वीडियो वीडियो में बुजुर्गों के पैर छूकर 100 रुपये और मिठाई देते दिखे प्रत्याशी वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आचार संहिता की पालना पर उठे सवाल सोशल मीडिया पर वीडियो को आशीर्वाद और नेक की रस्म से भी जोड़ा जा रहा वीडियो की सत्यता की हम पुष्टि नहीं करते नगरीय निकाय चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो उदयपुरवाटी नगरपालिका के वार्ड नंबर 11 का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार यह वीडियो कांग्रेस प्रत्याशी श्यामाराम सैनी के कार्यालय का बताया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि हम नहीं करते है। वायरल वीडियो में प्रत्याशी कार्यालय में मौजूद बुजुर्गों के पैर छुकर 100 रुपये तथा मिठाई देते दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों द्वारा इसे चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर ही कुछ लोग इसे आशीर्वाद और नेक की पारंपरिक रस्म से जोड़कर बता रहे हैं।चुनावी माहौल में वीडियो वायरल होने के बाद निर्वाचन आचार संहिता की पालना को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग अथवा स्थानीय निर्वाचन प्रशासन इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर इसकी जांच करेगा या नहीं। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।0
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आगरा नगर निगम का एक्शन: अवैध कब्जों पर कड़ी कार्रवाई, होटल होलीडे इन पर नोटिस
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग एक्शन मोड में दिख रहा नगर निगम आगरा एक तरफ तो दूसरी तरफ अवैध कब्जों को लेकर लगातार दिख रहा एक्शन फतेहाबाद रोड के होटल रेस्टोरेंट पर कोयले की भट्टियों को लेकर कार्यवाही और जुर्माना आगरा के हरिपर्वत चौराहे पर स्थित होटल होली डे इन ने किया पब्लिक पार्किंग पर अवैध कब्जे बाउंड्रीवाल लगातार बंद की पब्लिक पार्किंग नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर पहुंच होटल संचालक को दी चेतावनी,नोटिस जारी अगर तय समय में नहीं हटाई बाउंड्रीवाल तो होगी कार्यवाही शहर में लगातार इसी तरफ के चलते रहे अभियान/नगरायुक्त0
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