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जून 2026 पेंशन 1.24 लाख लाभार्थियों के खातों में DBT से ट्रांसफर

Munger, Bihar:सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1.24 लाख लाभार्थियों के खाते में भेजी गई जून माह की पेंशन। मुंगेर: सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत जून 2026 की पेंशन राशि के लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरण को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राज्यस्तरीय पेंशन अंतरण समारोह का सीधा प्रसारण जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर की उपस्थिति में देखा गया।जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत कुल 1,24,879 लाभार्थियों के बैंक खातों में जून 2026 की पेंशन राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इनमें मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 63,306, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 28,817, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 11,942, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 7,006 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के 1,100 तथा बिहार राज्य निःशक्तता पेंशन योजना के 12,708 लाभार्थी शामिल हैं।उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थियों को 1,100 रुपये प्रतिमाह की दर से जून 2026 की पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। इस मद में कुल 18 करोड़ 10 लाख 62 हजार 600 रुपये डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजे गए। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अजीत कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा राजीव रंजन, उपनिदेशक सामाजिक सुरक्षा, मुंगेर प्रमंडल कुमार सत्यकाम, वरीय उप समाहर्ता कुमारी पुष्पा सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनधारी उपस्थित थे।
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बोकारो में एक्सपायरी शराब मामले पर उत्पाद विभाग ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई शुरू की

Ranchi, Jharkhand:बोकारो में एक्सपायरी शराब मिलने के मामले में उत्पाद विभाग ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। डीपो प्रबंधक अरविंद कुमार और लेखापाल से स्पष्टीकरण मांगते हुए दोनों का स्थानांतरण कर दिया गया है। सहायक उत्पाद आयुक्त ने अवर निरीक्षक सन्नी तिर्की और अमित गुप्ता के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संबंधित शराब दुकान संचालक से जवाब-तलब किया गया है, जबकि सप्लाई करने वाली कंपनी से भी स्पष्टण मांगकर उसका भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक्सपायरी शराब के मामले में उत्पाद विभाग का एक्शन साफ संकेत है कि लापरवाही करने वालों पर अब सख्ती होगी। जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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पनियरा क्षेत्र के गांगी बाजार में आलोक हॉस्पिटल का हुआ भव्य शुभारंभ

Subhas ChandraSubhas ChandraFollow3m ago
Satguru, Uttar Pradesh:पनियरा, महराजगंज।क्षेत्र के गांगी बाजार में शुक्रवार को आलोक हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। अस्पताल के डायरेक्टर योगेंद्र यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि यहां सभी प्रकार के मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाएगा। अस्पताल में हड्डी रोग, हृदय एवं छाती रोग, शिशु रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा न्यूरो विभाग सहित विभिन्न रोगों का इलाज उपलब्ध रहेगा। सभी मरीजों का उपचार अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जाएगा। इसके अलावा, मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को अस्पताल लाने और उपचार के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
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वाराणसी के लिए कांग्रेस का बड़ा दांव: 100 बूथों पर प्रहरी तैनाती

Noida, Uttar Pradesh:यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, वाराणसी के लिए बनाया खास प्लान। वाराणसी में कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करते हुए 100 वार्ड में बूथ प्रहरी तैनात करने का ऐलान किया है. पार्टी अब घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगी. वाराणसी जिले में कुल आठ विधानसभा सीटें हैं. यहां INDIA गठबंधन के प्रमुख दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों चुनावी तैयारियों में जुटे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस वाराणसी में तीन से चार सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. हालांकि अंतिम फैसला गठबंधन के सीट बंटवारे के बाद ही होगा.
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बैतूल: पैसे के विवाद में दोस्त ने सुनसान जंगल में पिटाई, वीडियो वायरल

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के कोतवाली क्षेत्र सोनाघाटी जंगल में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां पैसे के लेनदेन के विवाद के कारण दोस्त ही दरिंदगी की हदें पार कर बैठे। पीड़ित नंदन धुर्वे को उसके ही साथियों ने सुनसान जंगल में बुलाकर पैर बांध दिये और बेरहमी से डंडों से पिटाई की। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने रात के अंधेरे में नंदन को जंगल ले जाकर बुरी तरह पीटा और गंदे नाले के पानी पिलाया। वीडियो भी आरोपियों ने बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने आकाश मर्सकोले सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के मन में डर का माहौल है।
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राजौरी में जंगली सब्जी खाने से छह लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती – एक ही परिवार

Noida, Uttar Pradesh:राजौरी में जंगली सब्जी खाने से एक ही परिवार के छह लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के एक दूरदराज़ गांव में गुरुवार को एक ही परिवार के करीब आधा दर्जन सदस्य संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को उल्टी-दस्त और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर जंगली सब्जी का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि बीमारी के सही कारणों का पता लगाया जा सके। शुरुआती तौर पर जंगली सब्जी के सेवन को ही लोगों के बीमार होने की वजह माना जा रहा है।
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जयपुर पश्चिम पुलिस का म्यूळ हंटर: 215 मोबाइल जब्त, 2.85 करोड़ बचाए

Jaipur, Rajasthan:जयपुर पुलिस का 'म्यूल हंटर' स्ट्राइक... साइबर ठगों पर शिकंजा, 2 करोड़ 85 लाख बचाए, 40 लाख के 215 मोबाइल जब्त, नोट - विजुअल और बाइट जयपुर राजधानी जयपुर में साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस मुख्यालय के 'म्यूल हंटर अभियान' के तहत जयपुर पश्चिम पुलिस ने एक साथ कई साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है। क्लोन फोन पे ऐप से दुकानदारों को ठगने वाले आरोपी, फेसबुक पर फर्जी टूर पैकेज बेचकर ठगी करने वाले गिरोह, OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले शातिर और करोड़ों रुपये के म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 2 करोड़ 85 लाख बचाए , वहीं 40 लाख के 215 मोबाइल जब्त कर मालिकों को सौंपे। साइबर अपराधियों के खिलाफ जयपुर पश्चिम पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल प्रहार...। पुलिस मुख्यालय के म्यूल हंटर अभियान के तहत पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो लोगों को बीएनएस की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे। कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। मई और जून 2026 के दौरान जयपुर पश्चिम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 215 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए। इन मोबाइलों की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं साइबर फ्रॉड की शिकायतों में 97 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस भी करवाए गए। सबसे चौंकाने वाला खुलासा करधनी थाना इलाके में हुआ। यहां पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया जिसने PhonePe का क्लोन ऐप तैयार कर रखा था। आरोपी दुकानों से सामान खरीदता, दुकानदार का QR कोड स्कैन करता और क्लोन ऐप में फर्जी भुगतान सफल होने की स्क्रीन दिखा देता। दुकानदार भुगतान हो जाने के भ्रम में सामान और कई बार नकदी भी दे देते थे। आरोपी ने पूछताछ में 50 से ज्यादा लोगों को इस तरीके से ठगने की बात कबूल की है। आरोपी से दो मोबाइल बरामद किए हैं, जिनका तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। करधनी थाना पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई में साइबर ठगी से जुड़े करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये के संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन लेकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। इन्हीं खातों के जरिए देशभर की साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था। पुलिस ने मोबाइल, बैंक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर जांच तेज कर दी है। बिंदायका थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर सक्रिय एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया जो फेसबुक पर सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर लोगों से एडवांस पैसा लेता और फिर मोबाइल बंद कर देता था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को छिपाने के लिए आरोपी क्रेडिट कार्ड और पेट्रोल पंप संचालकों की मदद से पैसा निकालते थे। देश के कई राज्यों से इनके खिलाफ शिकायतें भी मिली हैं। खोरा बिसल थाना पुलिस ने OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी आकर्षक कीमत पर मोबाइल बेचने का विज्ञापन डालता, एडवांस राशि लेता और फिर संपर्क खत्म कर देता। पुलिस ने आरोपी के पास से 25 क्रेडिट कार्ड, 7 सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। जयपुर पश्चिम साइबर सेल में जनवरी 2025 से जून 2026 तक 35 प्रकरण दर्ज, 192 आरोपी गिरफ्तार, 300 मोबाइल फोन के IMEI ब्लॉक, 2 करोड़ 85 लाख रुपये साइबर ठगों के खातों में होल्ड और लगातार कार्रवाई के चलते जयपुर पश्चिम में साइबर अपराध में 16.59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
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राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 32 संस्थाओं के साथ MOUs साइन

Jaipur, Rajasthan: लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी हैडर- - कृषि क्षेत्र में 'साझा प्रयास-विकसित राजस्थान' - 32 संस्थाओं के साथ एमओयू साइन किए - कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की पहल - धरातल पर किसानों के हित में करेंगे कार्य - राज्य सरकार पर नहीं आएगा वित्तीय भार - उद्यानिकी आयुक्त श्वेता चौहान रहीं मौजूद एंकर राज्य में अब किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। निजी संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटीज और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की ओर से एमओयू साइन किए गए। इन समझौतों से किसानों की उपज बढ़ाने और आय बढ़ोतरी के प्रयास होंगे। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 कृषि क्षेत्र में नई साझेदारी का आगाज हुआ है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने 32 प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौते हस्ताक्षरित किए हैं। प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में यह बड़ी पहल की गई है। पंत कृषि भवन में 32 संस्थाओं के साथ एमओयू साइन किए गए। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की पहल पर किसानों के हित में यह समझौते किए गए हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने राज्य में कृषि क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों, अनुसंधान एवं शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं एवं एग्रीटेक कंपनियों के साथ यह समझौते किए हैं। बड़ी बात यह है कि यह सभी समझौते गैर वित्त पोषित हैं। यानी कि इन संस्थाओं को राज्य सरकार द्वारा किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया जाएगा। सम्बाेधन में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि आज कृषि क्षेत्र कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट, मृदा की उर्वरता में कमी, उत्पादन लागत में वृद्धि तथा प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर चुनौताएं किसानों के सामने हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। सरकार के साथ अनुसंधान संस्थानों, कृषि विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से किसानों के हित के लिए कार्य किए जा सकते हैं। इन संस्थानों के साथ हुए एमओयू - नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग, सेवा मंदिर, प्रदान संस्था - सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस, अर्पण सेवा संस्थान - फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी, जन चेतना संस्थान - GVNML दूदू, ढूंढाड़ धरोहर, वाग्धारा बांसवाड़ा, - CEEW जयपुर, मंजरी उदयपुर, सृजन संस्था, बृज फाउंडेशन - उन्नति, IBTADA, गोयल ग्रामीण विकास संस्थान, RNFC - IORA इकोलॉजिकल प्राइवेट लिमिटेड, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर - कृिमांशी टेक्नोलॉजीज जोधपुर, टिक्की एग्रो सॉल्युशंस जयपुर - किसान ट्रीट एग्रीटेक इंडिया हनुमानगढ़, सेलेस्टियल उदयपुर - मेवा बाजार जयपुर, एग्राे वाहिनी अलवर, अर्थी टेल्स दिल्ली - वेल्ट्रियोनेक्स स्मार्ट क्रिएशन्स कोटा, नर्चरिंग तत्वाज एग्रोकेयर उदयपुर - वर्डेन्ट ऑटोबोट्स जयपुर संस्थाओं के साथ किए गए समझौते बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग वीओ- 2 संस्थाएं अपनी विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमता, अनुभव एवं संसाधनों के माध्यम से कृषि विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी। इससे विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचेगा तथा कृषि विकास की गति को नई दिशा मिलेगी। यह है एमओयूज का उद्देश्य - राज्य में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती को बढ़ावा देना - जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली, मृदा एवं जल संरक्षण पर जोर - कृषि विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार करना - डिजिटल कृषि, कृषि में एआई को बढ़ावा देना - किसानों का प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास करने पर जोर - महिला एवं युवा किसानों का सशक्तिकरण तथा कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना - खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने - प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी है उद्देश्य बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग वीओ- 3 समारोह में उद्यानिकी विभाग की आयुक्त श्वेता चौहान ने कहा कि इन समझौतों के जरिए कार्य करने की हर 3 माह में समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि संस्थाओं के सहयोग से किसानों के हित में कार्य किए जाएं। इससे आधुनिक तकनीकों का तेजी से प्रसार होगा। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा और कृषि विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल ने भी इस पहल की सराहना की है。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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आगरा में असलाह तस्करी: 11 पिस्टल गिरफ्तार, चुनाव से जुड़ा मामला

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में प्रधानी और विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस ने असलाह तस्करी का बड़ा खुलासा किया है, और 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 11 पिस्टल 9 MM की बरामद की है। यह शातिर इन अवैध असलहों को मध्य प्रदेश से लाते थे, और फिर आगरा समेत राजस्थान के बेचते थे। एक पिस्टल को लगभग 70 से 80 हजार रुपए तक में बेच देते थे। मामला थाना खेरागढ़ क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आगरा और राजस्थान में जोर शोर से असलाह की तस्करी हो रही है। जिसके बाद पुलिस, SOG और सर्विलांस की टीम ने जांच शुरू की और 2 असलाह तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने 11 पिस्टल 9 MM की बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी उदयवीर सिंह हाथरस का और यश शर्मा धौलपुर राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में इन तस्करों ने बताया कि यह मध्य प्रदेश से इन पिस्टल को खरीद कर लाते थे, और फिर आगरा समेत राजस्थान और आसपास के जिलों में बेचने का काम करते थे। अब पुलिस इनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है। यह शातिर लगभग 70 से 80 हजार रुपए तक में असलाह बेचने का काम करते थे। पुलिस को आशंका है कि आने वाले चुनावी समय को लेकर यह असलाह तस्करी की जा सकती है। जिस पर जांच पड़ताल जारी है। यह शातिर किसको असलाह बेचते थे, और इस गिरोह में कौन कौन शामिल है, उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब जुटी है। साथ ही आगरा पुलिस पूर्व मेरठ में अवैध असलाह फैक्ट्रियों पर हुई छापेमारी कार्यवाही के बाद पकड़े गए तस्करों का मेरठ से लिंक भी तलाश रही है,कही इन लोगों का लिंक उन फैक्ट्रियों से तो नहीं था साथ इनके पास से पुलिस ने एक थार गाड़ी भी बरामद की है, जिस पर यह फर्जी नंबर प्लेट लगाकर असलहों की तस्करी करते थे। बाइट सचिन्द्र पटेल, अपर पुलिस आयुक्त, आगरा।
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आसन बैराज के गेट खुलते ही अवैध मछलीशिकार, रामसर साइट सुरक्षा पर सवाल

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड की पहली रामसर साइट 'आसन कंजर्वेशन रिजर्व' से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है... इस अति-संवेदनशील आरक्षित क्षेत्र में, जहां किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाना कड़ा अपराध है, वहां दर्जनों लोग सरेआम मछली सहित जलीय जीवों का अवैध शिकार करते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, मानसून के दौरान भारी बारिश के बाद गाद यानी सिल्ट निकालने के लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम (UJVNL) ने जब आसन बैराज के गेट खोले, तो मुख्य झील का जलस्तर अचानक बेहद कम हो गया। इस स्थिति का फायदा उठाकर स्थानीय लोग बड़े-बड़े जाल लेकर मुख्य जलाशय के डूब क्षेत्र के भीतर तक घुस गए। हैरानी की बात ये है कि एक तरफ स्थानीय पुलिस प्रशासन लगातार मुनादी और अलर्ट जारी कर लोगों को उफनती नदियों और डैम परिसरों से दूर रहने की नसीहत दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूजेवीएनएल और चकराता वन प्रभाग के तमाम सुरक्षा दावों के बीच लोग इस खतरनाक दलदल और रिजर्व एरिया के बीचों-बीच पहुंच गए। तकनीकी रूप से ये लापरवाही बेहद जानलेवा है, क्योंकि बैराज के गेट बंद होते ही झील का जलस्तर मिनटों में कई फीट ऊपर आ सकता है, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान जाना तय है। साथ ही प्रजनन काल के दौरान इस तरह जलाशय में घुसकर जलीय जीवों को निशाना बनाना सीधे तौर पर गैर-जमानती अवैध शिकार की श्रेणी में आता है। इस वायरल वीडियो ने बैराज की सुरक्षा संभाल रहे यूजेवीएनएल और वन्यजीव संरक्षण के लिए जिम्मेदार चकराता वन प्रभाग, दोनों को गंभीर सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
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