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Kunwar Pratap SinghKunwar Pratap SinghFollow21 Dec 2024, 06:28 pm
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मुजफ्फरनगर के ग्राम नसीरपुर में श्रद्धेय संजय सिंह चौहान की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब,सभी ने किया नमन

ZAFAR IQBALZAFAR IQBALFollowJust now
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर के ग्राम नसीरपुर में श्रद्धेय संजय सिंह चौहान की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार समेत हजारों लोगों ने पुष्प अर्पित कर किया नमन मुजफ्फरनगर के ग्राम नसीरपुर स्थित प्रेरणा स्थल पर सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद श्रद्धेय संजय सिंह चौहान की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों, किसानों और प्रबुद्ध नागरिकों ने आहुति देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, विधायक प्रसन्न चौधरी, नूर सलीम राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों और हजारों लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्षों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें किसानों, गरीबों और वंचितों की सशक्त आवाज बताया।
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ब्रह्मपुत्र मेल से बांग्लादेशी युवक गिरफ्तार, विदेशी मुद्रा बरामद

Sahibganj, Jharkhand:बांग्लादेशी और विदेशी मुद्रा के साथ रेलवे सुरक्षा बल ने एक बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया। युवक ब्रह्मपुत्र मेल के जनरल डिब्बे में सफर कर रहा था। बांग्लादेशी युवक के पास से बांग्लादेश का पहचान कार्ड, दो कीपैड मोबाइल और बड़ा एंड्राइड मोबाइल बरामद किया गया। आरपीएफ ने मोहम्मद सुमोन मियां को 15657 ब्रह्मपुत्र मेल साहिबगंज से गिरफ्तार किया। वह दिल्ली से गुवाहाटी आठ अक्टूबर को जा रहा था और जनरल बोगी के सीट पर सोया था। जैसे ही ट्रेन साहिबगंज की तरफ बढ़ी, वह गिरने लगा तो उसने ट्रेन रोकने वाली जंजीर को पकड़ा जिससे ट्रेन रुक गई। आरपीएफ ने पूछताछ के बाद उसका कबूलनामा लिया। रात की गहन पूछताछ और तलाशी के क्रम में उसके पास पाकिस्तानी नोट के साथ नेपाल के नोट भी बरामद हुए। उसने बताया कि वह श्रीनगर में अपने साथियों के साथ पिछले तीन महीनों से रह रहा था और कबाड़ी का काम करता था। वह दिल्ली में इस ट्रेन से गोहाटी जाना चाहता था, लेकिन साहिबगंज में पकड़ा गया। उसके पास दो मोबाइल और बांग्लादेशी पहचान पत्र भी आरपीएफ ने बरामद किया।
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शाजापुर कराटे प्रतियोगिता विवाद: चयन समिति पर सवाल, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गम्भीर आरोप

MJManoj JainJust now
Shajapur, Madhya Pradesh:एंकर- शाजापुर में शुक्रवार को स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित संभागीय कराटे प्रतियोगिता विवादों में घिर गई। उज्जैन संभाग से आएं कोच और खिलाड़ियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं और चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। रात करीब 12 बजे खिलाड़ियों ने नारेबाजी करते हुए चयन प्रक्रिया में चीटिंग के आरोप लगाए। इस प्रतियोगिता में उज्जैन संभाग के सात जिलों के 300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया, इनमें से 50 से ज्यादा खिलाड़ी प्रतियोगिता लेट होने पर भाग नहीं ले सकें। प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग ने police, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं की। सुबह 9 बजे की प्रतियोगिता रात 12 बजे खत्म प्रतियोगिता सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन लगातार विवादों के कारण देरी होती रही। खिलाड़ियों का आरोप है कि कोच और आयोजकों के बीच बार-बार विवाद हुआ। अंततः रात 12 बजे विवाद के बाद प्रतियोगिता समाप्त कर दी गई। सुरक्षा, ठहराव और पानी की व्यवस्था पर सवाल छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा और ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं थी। पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की गई। देर रात तक चली प्रतियोगिता के कारण दूर-दराज से आए बच्चों की वापसी को लेकर भी चिंता जताई गई。 चयन समिति पर गंभीर आरोप कोच और खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि चयन समिति में भोपाल के निर्णायकों को शामिल किया गया, जबकि उज्जैन संभाग के योग्य कोचों को जगह नहीं दी गई। उनका कहना है कि इससे चयन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। मारपीट का आरोप देवास के खिलाड़ी ध्रुव गवली ने आरोप लगाया और कहा मुझे चांटा मारा गया। प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ चीटिंग की गई और विरोध करने पर उन्हें चांटा मारकर डराया गया।
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गंगा कटाव से भागलपुर राघोपुर में घर खतरे में, लोग पलायन के कगार पर

Naya Chak, Bihar:एंकर - भागलपुर के राघोपुर में गंगा का कटाव लोगों के आशियाने निगल रहा है। तीन पक्के मकान समेत दर्जन भर से ज्यादा घर गंगा में समा चुके हैं, जबकि दर्जन भर पक्के मकान अब भी कटाव के मुहाने पर हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपना घर और जमीन दोनों छोड़ने पड़ रहे हैं। लगातार कटावरोधी कार्य कराए जाने के बावजूद गंगा का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा के तेवर ऐसे हैं कि लोगों की सालों की मेहनत पलभर में मिट्टी में मिल रही है। सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जिनके सिर से छत छिनने वाली है। गंगा में समाने के खतरे को देखते हुए लोग खुद अपने हाथों से अपने घर तोड़ रहे हैं। कोई ईंट बचा रहा है, तो कोई दरवाजे और खिड़कियां निकालने में जुटा है। जिस घर को खून-पसीना बहाकर, मजदूरी करके बनाया था, आज उसी आशियाने को अपने हाथों उजाड़ने की मजबूरी है। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं। राघोपुर में कटाव की यह दास्तान सिर्फ जमीन के गंगा में समाने की नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और वर्षों की कमाई के उजड़ने की है। पीड़ितों के आंखों से आँसू नहीं रुक रहे। यहां हर घर के साथ एक परिवार की पूरी जिंदगी उजड़ रही है। किसी ने अपनी जमा-पूंजी लगाकर आशियाना बनाया, तो किसी ने दिन-रात मजदूरी कर बच्चों के सिर पर छत का सपना सजाया। लेकिन आज वही सपने गंगा की धारा में बह रहे हैं। जिन घरों में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब उजड़ने का डर और अपनों के बिछड़ने जैसी पीड़ा है। लोग अपने ही हाथों से घर तोड़कर ईंट, दरवाजे और खिड़कियां बचाने में लगे हैं। आंखों में बेबसी है और सामने अंधकार भरा भविष्य। सवाल है कि आखिर इन परिवारों का दर्द कौन सुनेगा? लगातार कटावरोधी कार्यों के बावजूद जब घर नहीं बच पा रहे, तो इन लोगों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
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पितृपक्ष की आख़िरी अमावस्या पर शाजापुर में सामूहिक श्राद्ध-तर्पण, भीड़ उमड़ी

Shajapur, Madhya Pradesh:पितृपक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर शनिवार को शाजापुर शहर के स्टेशन रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सामूहिक श्राद्ध-तर्पण का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध और पिंडदान करने पहुंचे। भीड़ अधिक होने से मंदिर परिसर में दो पारियों में व्यवस्था करनी पड़ी। शाक्तिपीठ के सदस्य शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सामूहिक श्राद्ध-तर्पण अनुष्ठान 26 सितम्बर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चला। प्रतिदिन सुबह 7:30 से 9 बजे तक श्रद्धालुओं ने तर्पण कर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। सर्व पितृ अमावस्या को दो पारी में तृपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वपितृ अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से जलांजलि अर्पित कर पितरों का स्मरण किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रीवास्तव ने कहा कि श्राद्ध का अर्थ ही श्रद्धा है और श्रद्धापूर्वक पितरों के लिए किया गया धार्मिक कार्य श्राद्ध कहलाता है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज महान थे और ऋषि-मुनियों ने समाज को जो मार्गदर्शन दिया, उसका अनुसरण करना हमारा पुनीत कर्तव्य है। पूर्वजों का स्मरण करना और उनके बताए मार्ग पर चलना हमारी जिम्मेदारी है। आयोजन से श्रद्धालुओं को पितृपक्ष की धार्मिक परंपराओं से जुड़ने और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर मिला।
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हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:आर्मी बैंड की मधुर धुनों के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट, सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद चमोली। चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब और पौराणिक लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर आर्मी बैंड की मधुर धुनों के बीच पूरा हेमकुंड साहिब परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। कपाट बंद होने के इस विशेष अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने मत्था टेककर अरदास की。 समुद्र तल से करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। हर साल देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हेमकुंड साहिब के निकट स्थित लक्ष्मण लोकपाल मंदिर भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है。 कपाट बंद होने के अवसर पर आर्मी बैंड की धुनों ने वातावरण को भावुक और आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा का समापन हो गया। सर्दियों में क्षेत्र में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण आवाजाही कठिन हो जाती है। इसी को देखते हुए हर साल शीतकाल शुरू होने से पहले दोनों धार्मिक स्थलों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। अब अगले यात्रा सीजन में कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु दोबारा यहां दर्शन कर सकेंगे।
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झारखंड मैदान की दुर्गा पूजा: ईको-फ्रेंडली पंडाल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

Dhanbad, Jharkhand:दुर्गा पूजा को लेकर धनबाद के झारखंड मैदान में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां कारीगर पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बार झारखंड मैदान का दुर्गा पूजा पंडाल ईको फ्रेंडली थीम पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में रहने वाले आदिवासियों के जीवन, उनकी संस्कृति और उनके पारंपरिक आवास को दर्शाने का प्रयास किया गया है। करीब 35 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल में प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, आकर्षक लाइटिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी। पंडाल निर्माण में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के करीब 40 कारीगर पिछले दो महीने से लगे हुए हैं। बांस, पत्तियों और लकड़ी जैसी सामग्रियों से पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। झारखंड मैदान का दुर्गा पूजा पंडाल हर साल अपनी अलग पहचान बनाता है। इसे देखने के लिए धनबाद के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूजा समिति के महासचिव ने बताया कि इस बार पंडाल के माध्यम से अंडमान-निकोबार के आदिवासियों के रहन-सहन और उनकी जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया है। पंडाल को प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा सके। इस बार झारखंड मैदान की दुर्गा पूजा का विसर्जन भी भव्य बनाने की तैयारी है। विसर्जन के दौरान नागपुर की महिलाएं ढोल बजाती नजर आएंगी। इसके अलावा बंगाल का छऊ नृत्य और केरल व बनारस से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करेंगे। सैकड़ों महिलाएं हाथों में तलवार और सिर पर साफा बांधकर भी आकर्षण का केंद्र बनेंगी। कुल मिलाकर, झारखंड मैदान का दुर्गा पूजा पंडाल इस बार अपनी अनूठी थीम, ईको फ्रेंडली निर्माण और भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव देने की तैयारी में है.
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लोकतंत्र में वोट चोरों की धांधली नहीं, जनता की मर्जी चलेगी: प्रदर्शन तेज

Patna, Bihar:रोहिणी आचार्य ने सोसल मीडिया पर किया लिखा कि अब लोकतंत्र में 'वोट चोरों' की धांधली नहीं, 'जनता की मर्जी' चलेगी आज (10 अक्टूबर को ) दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष का प्रदर्शन वोट चोरी के खिलाफ जन-आक्रोश का विस्फोट है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो सड़कों पर उतरना फर्ज बन जाता है। चुनाव आयोग अब निष्पक्ष न रहकर मोदी सरकार और बीजेपी की उंगलियों पर नाचने वाली कठपुतली बन चुका है। वोटर लिस्ट से नाम गायब होना, SIR प्रक्रिया की गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सबूतों के साथ उठते सवाल गवाही दे रहे हैं कि लोकतंत्र और वोट के अधिकार का दिन-दहाड़े गला घोंटा जा रहा है। जहाँ एक तरफ अब मोदी सरकार और चुनाव आयोग की इस 'गोरखधंधे वाली जुगलबंदी' के ठोस सबूत सामने हैं। दूसरी तरफ पुलिस बल, बेजा गिरफ्तारियों और तानाशाही से विपक्ष और युवाओं की आवाज दबाई जा रही है, यह सीधी "चोरी और सीनाजोरी" है। आज (10 अक्टूबर का) यह प्रदर्शन मोदी सरकार और चुनाव आयोग को खुली चेतावनी है कि "देश किसी की बपौती नहीं है और संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई की अब बज चुकी रणभेरी है।
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उज्जैन के शनिदेव मंदिर में शनिचरी अमावस्था व सर्वपितृ अमावस्या का खास संगम

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन की धर्मनगरी में शनिचरी अमावस्या और पितृ अमावस्या आज के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ती है। महान दर्शन, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से शनिदेव की कृपा और पितरों के प्रति श्रद्धा को महत्व माना जाता है। उज्जैन के शनि मंदिर, Shipra नदी, Triveni संगम और नवग्रह शनि मंदिर का विशेष स्थान है, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ पूर्वजों को स्मरण कर परिवार की सुख-शांति की कामना करते हैं। Indore रोड स्थित शनि नवग्रह मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ है; ग्रामीण अंचलों से श्रद्धालु श Shipra में आस्था की दीप जला कर शनिदेव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। शनिचरी अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या का यह संगम कर्मों के प्रति सजग रहने और पूर्वजों के प्रति सम्मान बनाए रखने का संदेश देता है।
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