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भाजपा मंडावा नगरपालिका चुनाव के लिए रणनीति तेज, वार्डों का सर्वे जारी

Jhunjhunu, Rajasthan:मंडावा, झुंझुनूं मंडावा नगरपालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने तेज की चुनावी तैयारियाँ गोयनका गेस्ट हाउस में भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक, सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे 25 वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर सर्वे और मंथन जारी पर्यवेक्षक प्रभारी ओमप्रकाश बिजारणियां व पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने लिया फीडबैक 25 वार्डों के संयोजकों और प्रभारियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां झुंझुनूं जिले के मंडावा नगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में गोयनका गेस्ट हाउस में भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भाजपा के मंडावा नगरपालिका चुनाव पर्यवेक्षक एवं प्रभारी ओमप्रकाश बिजारणियां और पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया। मंडावा नगरपालिका के सभी 25 वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर पार्टी स्तर पर सर्वे और मंथन किया जा रहा है। वार्डवार दावेदारों की स्थिति और जीत की संभावनाओं को लेकर कार्यकर्ताओं से जानकारी जुटाई गई। बैठक में पूर्व पार्षद, मंडल अध्यक्ष, विस्तारक, जनप्रतिनिधि, वार्ड संयोजक, प्रभारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान 25 वार्डों के लिए नियुक्त संयोजकों और प्रभारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। बैठक में भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस बार मंडावा नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ता पूरी ताकत से जनता के बीच जाएंगे। बैठक में भाजपा नेताओं ने केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने की बात कही। नेताओं ने विशेष रूप से यमुना जल समझौते और मंडावा की ऐतिहासिक हवेलियों के विकास के लिए सरकार की ओर से दिए गए पैकेज को प्रमुख मुद्दों के रूप में जनता के बीच ले जाने की बात कही। भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं और नीतियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाएंगे और मंडावा में भाजपा का मजबूत बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
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चिड़ावा में डिफेंस कोचिंग संचालक को धमकी, ग्रामीणों ने कड़ा एक्शन माँगा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के चिड़ावा के डिफेंस कोचिंग संचालक विकास कुलहरी को बदमाशों से धमकी मिलने के बाद उनके पैतृक गांव स्वामी सेही में ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बाबा गोकुलनाथ मंदिर में बैठक कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और विकास कुलहरी व उनके परिवार को सुरक्षा देने के साथ ही धमकी देने वालों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्राम पंचायत के सरपंच ईश्वर सिंह ने कहा कि विकास कुलहरी और उनके परिवार को बार-बार धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में है। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की। सरपंच ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण आंदोलन को और तेज करेंगे। आपको बता दे की विकास कुलहरी को कथित तौर पर जान से मारने और रंगदारी की धमकी मिल चुकी है। स्वामी सेही निवासी विकास कुलहरी ने 25 जून को चिड़ावा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, ‘सुंदर हांसी’ नामक व्यक्ति ने खुद को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 19 से 24 जून को कॉल कर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रंगदारी नहीं देने पर विकास कुलहरी या उनकी डाकघर में कार्यरत पत्नी में से किसी एक की हत्या करने की धमकी दी गई। अब बुधवार को नई धमकी के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस की ओर से धमकी भरे मैसेज और वायरल ऑडियो की जांच की जा रही है。
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चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए FDC दवाओं पर रोक; डॉक्टरों की सलाह आवश्यक

New Delhi, Delhi:छोटे बच्चों की सेहत और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। साथ ही दवा कंपनियों को लेबल और पैकेजिंग पर साफ चेतावनी लिखने के निर्देश दिए गए हैं। आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और इसे लेकर डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालकों की क्या राय है, सरकार के इस फैसले के बाद सबसे जरूरी सवाल अभिभावकों की जागरूकता को लेकर है। छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी या जुकाम होने पर कई बार परिजन बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर बच्चों को दे देते हैं। लेकिन अब जरूरत है कि ऐसी स्थिति में खुद से दवा देने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह ली जाए। बच्चों की उम्र, वजन और स्वास्थ्य की स्थिति के हिसाब से हर दवा का असर अलग हो सकता है। ऐसे में अभिभावकों को किसी भी तरह की दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है। सरकार के फैसले के बाद मेडिकल स्टोर संचालक भी प्रतिबंधित दवाओं को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि जिन दवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी बिक्री बंद कर दी गई है। फार्मासिस्ट के मुताबिक, अगर किसी दवा की जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह और प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही दवा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि कई बार लोग बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों के लिए दवा खरीद लेते हैं। लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि किसी भी दवा के गलत इस्तेमाल से बच्चों को साइड इफेक्ट हो सकते हैं। जानकारी के अभाव में कई अभिभावक मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर बच्चों को खुद ही दे देते हैं। आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बीमारी के लक्षण देखकर लोग दवा का नाम और उसका इस्तेमाल जानने की कोशिश करते हैं। कई बार लोग Google या ChatGPT जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी के आधार पर बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवा खरीद लेते हैं। लेकिन बच्चों के मामले में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को किसी भी तरह की दवा देने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। गलत दवा या गलत डोज से बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। सरकार का यह फैसला छोटे बच्चों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसके साथ दवाओं की गुणवत्ता और बाजार में उनकी उपलब्धता की निगरानी भी बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल यह भी है कि प्रतिबंधित FDC दवाओं से बच्चों पर होने वाले संभावित दुष्प्रभावों की निगरानी किस तरह की जा रही है और बाजार में मौजूद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच कितनी प्रभावी है। इन सभी पहलुओं पर संबंधित एजेंसियों की निगरानी जरूरी होगी। चार साल से कम उम्र के बच्चों की सेहत को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। लेकिन इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए सिर्फ दवा कंपनियों की जिम्मेदारी तय करना ही काफी नहीं होगा। अभिभावकों को भी जागरूक होना पड़ेगा और बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा देने से बचना होगा।
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पलामू: चैनपुर थाने में जेल से छूटे अपराधियों की परेड, अपराध पर कड़ी चेतावनी

Babhandih, Jharkhand:पलामू जिले के चैनपुर थाना परिसर में आपराधिक छवि वाले और विभिन्न मामलों में आरोपित रहे जेल से छूटे व्यक्तियों की थाना परेड कराई गई। परेड में कुल 117 लोग शामिल हुए। इनमें हत्या के 26, लूट के 15, चोरी के 15, आर्म्स एक्ट के 31 तथा अन्य मामलों में वांछित 28 व्यक्ति शामिल थे। थाना परेड के दौरान पलामू एसपी कपिल चौधरी ने सभी लोगों से बातचीत की और उनके वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली। एसपी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अपराध की दुनिया को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें और अपने परिवार तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाएं। एसपी ने कहा कि अपराध का रास्ता व्यक्ति और उसके परिवार दोनों के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने सभी को कानून का पालन करने, किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने और शांतिपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी। साथ ही पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि दोबारा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना परेड के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार यादव, थाना प्रभारी लालजी, चैनपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी, जवान और चौकीदार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की थाना परेड का उद्देश्य जेल से छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है。
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लोहार्गल धाम सावन में कांवड़ियों का बड़ा केंद्र, आस्था से ओतप्रोत

Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी, झुंझुनूं सावन में आस्था का केंद्र बना लोहार्गल धाम, कांवड़ियों का उमड़ा सैलाब अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित सूर्यकुंड में श्रद्धालुओं की भीड़ पौराणिक मान्यता- लोहार्गल में गल गए थे पांडवों के अस्त्र-शस्त्र सूर्यनारायण मंदिर और पवित्र जलधारा के दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालु सूर्यकुंड से जल भरकर शिवालयों के लिए रवाना हो रहे कांवड़िए अरावली की पहाड़ियों के बीच बहती पवित्र जलधारा... सूर्यकुंड में उमड़ती आस्था... और सावन में हजारों कांवड़ियों के जयकारों से गूंजता शेखावाटी का प्राचीन लोहार्गल धाम। यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पौराणिक मान्यताओं, तपस्या और आस्था से जुड़ा ऐसा तीर्थ है, जहां मान्यता है कि पांडवों के लोहे के अस्त्र-शस्त्र तक गल गए थे। इसी मान्यता से इस तीर्थ का नाम लोहार्गल पड़ा।हरिद्वार के बाद देश में प्रमुख कांवड़ यात्राओं के केंद्रों में शुमार लोहार्गल सावन में शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। श्रद्धालु यहां के पवित्र सूर्यकुंड और जलधारा से जल लेकर दूर-दराज के शिवालयों तक कांवड़ यात्रा करते हैं। मान्यता है कि इस जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित लोहार्गल धाम को शेखावाटी के प्रमुख तीर्थों में माना जाता है। यहां का सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल सूर्यकुंड है, जहां पहाड़ियों से लगातार पवित्र जलधारा प्रवाहित होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने भाई-बांधवों और गोत्र की हत्या के पाप से मुक्ति के लिए तीर्थ यात्रा पर निकले थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें विभिन्न तीर्थों में जाकर अपने अस्त्र-शस्त्रों को पवित्र जल में स्नान कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिस तीर्थ के जल में उनके अस्त्र-शस्त्र गल जाएंगे, वहीं उन्हें पापों से मुक्ति मिलेगी। मान्यता है कि जब पांडव लोहार्गल पहुंचे और उनके अस्त्र-शस्त्र यहां के पवित्र जल में आए तो वे गल गए। इसी वजह से इस स्थान का नाम लोहार्गल, यानी लोहे के गलने वाला स्थान पड़ा। लोहार्गल को भगवान विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्य अवतार से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह क्षेत्र अत्यंत प्राचीन तीर्थ है और इसे तीर्थ गुरु के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। लोहार्गल की धार्मिक परंपराओं में भगवान परशुराम का भी विशेष स्थान है। मान्यता है कि भगवान परशुराम ने क्षत्रियों के संहार के बाद प्रायश्चित के लिए यहां यज्ञ किया था। इसी दौरान उन्होंने सूर्यदेव का आह्वान किया और भगवान सूर्यनारायण यहां प्रकट हुए। इसी मान्यता के चलते यहां स्थित सूर्यनारायण मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। लोहार्गल में सूर्य की उपासना की परंपरा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूर्यकुंड के सामने स्थित सूर्यनारायण मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सूर्य ने यहां तपस्या की थी और भगवान विष्णु से इस स्थान को वरदान के रूप में प्राप्त किया था। इसी कारण लोहार्गल को सूर्य क्षेत्र से भी जोड़ा जाता है। सावन का महीना आते ही लोहार्गल धाम का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु सूर्यकुंड और पवित्र जलधारा से जल भरकर कांवड़ उठाते हैं और अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। कांवड़िए भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठता है।लोहार्गल की सबसे बड़ी खासियत यहां की प्राकृतिक सुंदरता भी है। अरावली की पहाड़ियां, हरियाली, पवित्र जलधारा, प्राचीन मंदिर और सूर्यकुंड मिलकर इसे धार्मिक पर्यटन का unik केंद्र बनाते हैं।यही वजह है कि सावन में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी रहता है। लोहार्गल की कहानी आस्था, पौराणिक मान्यताओं और प्रकृति के उस संगम की कहानी है, जहां सदियों से श्रद्धालु पवित्र जल में स्नान कर पुण्य की कामना करते हैं, कांवड़ में जल भरकर शिवालयों तक पहुंचते हैं और अरावली की गोद में बसे इस प्राचीन तीर्थ से अपनी आस्था का रिश्ता जोड़ते हैं। बाइट : महंत अवधेशाचार्य लोहार्गल धाम
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झुंझुनूं Blinkit डिलीवरी कर्मचारियों के धरने: पे-आउट बढ़ाने की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं ब्लिंकिट डिलीवरी कर्मचारियों का प्रदर्शन, रोड नंबर-2 स्थित सेंटर पर धरना पे-आउट कम मिलने का आरोप, कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जताया विरोध तीन दिन से विभिन्न मांगों को लेकर जारी हैं कार्मिकों का धरना मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की कर्मचारियों ने दी चेतावनी झुंझुनूं शहर के रोड नंबर-2 स्थित ब्लिंकिट सेंटर पर डिलीवरी कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना जारी हैं । कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से उन्हें मिलने वाला पे-आउट लगातार कम किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि झुंझुनूं में करीब 150 से 200 युवा ब्लिंकिट के लिए डिलीवरी का काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती के समय उन्हें अच्छी कमाई का भरोसा दिया गया था, लेकिन वर्तमान में कई कर्मचारियों की प्रतिदिन की कमाई बेहद कम रह गई है। पेट्रोल का खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान दुर्घटना होने की स्थिति में भी उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। उन्होंने कंपनी पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाते हुए पे-आउट बढ़ाने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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झुंझुनूं के सुलाना में कांग्रेस ने नगरपालिका चुनाव की तैयारी तेज कर दी

Jhunjhunu, Rajasthan:सुलताना, झुंझुनूं सुलताना में नगरपालिका चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तेज की तैयारियां रूंगटा गेस्ट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की चुनावी बैठक आयोजित कांग्रेस नेता अमित ओला ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया मतभेद भुलाकर पार्टी की मजबूती के लिए एकजुट होने का किया आह्वान वार्ड और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर हुआ मंथन नगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने झुंझुनूं के सुलताना में चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सुलताना के रूंगटा गेस्ट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की चुनावी बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस नेता अमित ओला ने कार्यकर्ताओं से संवाद कर आगामी नगरपालिका चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की। अमित ओला ने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर पार्टी की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक वार्ड में सक्रिय होकर आमजन के बीच पहुंचने और कांग्रेस की नीतियों एवं स्थानीय मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की बात कही। बैठक के दौरान आगामी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस को मजबूती से मैदान में उतारने को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव को लेकर अपने सुझाव रखे और संगठन को बूथ एवं वार्ड स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस की मजबूती के लिए पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया।
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बकरी के बच्चे की हत्या के आरोप में गांव के दबंगों के खिलाफ छानबीन शुरू

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ खेत में चले जाने के विवाद में एक बकरी के बच्चे की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद मृत बकरी के बच्चे को गोद में लेकर एक महिला रोते-बिलखते हुए थाने पहुंची, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। परिजनों ने दबंगों पर बेजुबान जानवर को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला भगवानपुर थाना क्षेत्र के चक्का सहलोरी गांव का है। शनिवार की शाम करीब पांच बजे एक महिला अपने बकरी के मृत बच्चे को गोद में लेकर भगवानपुर थाने पहुंची। महिला और उसके परिजनों का आरोप है कि बकरी का बच्चा खेत में चला गया था, जिसके बाद उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया।परिजनों के मुताबिक, मारपीट में बकरी के बच्चे की मौत हो गई। चक्का सहलोरी निवासी मोहम्मद नजीर के पुत्र मोहम्मद जिबरईल ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बकरी का बच्चा गांव के ही नरेश राय के पुत्र रजनीश कुमार उर्फ राजन के खेत में चला गया था।आरोप है कि इसी बात को लेकर बकरी के बच्चे के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजन मृत बकरी के बच्चे को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।इस दौरान महिला का रो-रोकर बुरा हाल था। बेजुबान जानवर की मौत के बाद गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं, पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बकरी के बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।बकरी के बच्चे की मौत पर थाने पहुंची महिला मृत बच्चे को गोद में लेकर रोती रही महिला। लाठी-डंडों से पीटकर हत्या का लगाया आरोप भगवानपुर थाना क्षेत्र के चक्का सहलोरी की घटना पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
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देहरादून के सहस्त्रधारा में डूबे दिल्ली निवासी की मौत, शव पांडव पुल के पास मिला

RARAM ANUJ17m ago
Noida, Uttar Pradesh:देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। दिल्ली निवासी 50 वर्षीय नौथ राम सहस्त्रधारा में स्नान कर रहे थे, तभी वे पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। घटना की सूचना मिलते ही आपदा कंट्रोल रूम के निर्देश पर SDRF की टीम एडिशनल एसआई मनोज जोशी के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। SDRF के जवानों ने परिजनों से प्राथमिक जानकारी जुटाने के बाद नदी और आसपास के संभावित क्षेत्रों में गहन खोज अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद टीम ने घटनास्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित पांडव वाला पुल के पास से डूबे व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। शव को बाहर निकालकर SDRF ने अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर शव को कब्जे में ले लिया.
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मंडी गगड़ियां में रात को घर में आग, किसी के नुकसान की खबर नहीं

Chikri Ban, पुंछ के मंडी इलाके के गगड़ियां में आधी रात को एक रिहायशी मकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि मकान लगभग पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसे में किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। मंडी के गगड़ियां इलाके के वार्ड नंबर 7, पंचायत शूल में रात करीब ढाई बजे सैफ दीन पुत्र हबीबुल्लाह लोन के रिहायशी मकान में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और मकान पूरी तरह जल कर रख हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद प्रभावित परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। वही स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत पहुंचाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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राखी के साथ सरहद पर सुरक्षा को सलाम: 1100 महिलाएं जवानों को राखी बांधी

Fazilka, Punjab:रक्षाबंधन का पर्व इस बार परिवार की चौखट से निकलकर देश की सरहद तक पहुंच गया है । भारत-पाक सीमा से sट फाजिल्का के असफवाला वॉर मैमोरियल में आज ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे। इस दौरान करण फाउंडेशन के संयोजक करण गिल्होत्रा, मेजर जनरल अनुज कालिया और कर्नल शमशेर सिंह खास तौर पर मौजूद रहे । बता दे कि इस आयोजन में फाजिल्का की 1100 महिलाएं अपने परिवारों के साथ पहुंचकर भारतीय सेना और बी.एस.एफ. के 1100 जवानों की कलाई पर राखी बांधी । इसके माध्यम से महिलाओ ने देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों के प्रति सम्मान, विश्वास और कृतज्ञता व्यक्त की । असफवाला वॉर मैमोरियल में हुए इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि यह स्मारक 1971 के भारत-पाक युद्ध में फाजिल्का सैक्टर की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 232 भारतीय सैनिकों की शहादत की याद दिलाता है। ऐसे पवित्र स्थल पर जवानों को राखी बांधना शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक माना जा रहा है । इस मौके पर पहुंचे इलाके की महिलाओं ने कहा कि देश की रक्षा कर रहे जवान अपने परिवार और घरों से बहुत दूर सरहदों पर बैठे है। जिसके चलते इलाकेंकी महिलाओं द्वारा इन भाइयों की कलाई पर राखो बांधना उनके लिए सौभाग्य की बात है ।
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