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Nitin SagarNitin SagarFollow18 Sept 2024, 09:50 am
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आबापुरा में निर्माण स्थल पर करंट से मजदूर झुलसा, अस्पताल में भर्ती

AOAjay OjhaJust now
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा आबापुरा थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव में निर्माणाधीन मकान में सरिए डालने के दौरान अचानक करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से मजदूर तोलाराम पुत्र वागु गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ काम कर रहे लोगों और परिजनों ने तुरंत घायल मजदूर को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मजदूर की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद आबापुरा थाना पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा निर्माण कार्य के दौरान सरियों का संपर्क विद्युत लाइन से होने के कारण हुआ। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं, इस हादसे के बाद क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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पैलोल पुल के डायवर्सन में गड्ढा, बारिश से जर्जर होकर राहगीरों के सामने खतरा

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - डायवर्सन पर बना गड्ढा राहगीरों के लिए बना खतरा। एंकर - खुंटी जिले के पैलोल के बनई नदी पर अब माह पहले बना डायवर्सन इसी बारिश से जरजरक्षहो गया । डायवर्सन में दरार आ गया है। साथ ही सड़क पर गड्ढा हो गया है। जिससे उसमें पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बन गया है। डायवर्सन पर बने गड्ढा के गहराई का पता नहीं चल पाएँ के कारण वाहन चालकों को काफी समस्या हो गयी है। इस बरसात में सड़क का खराब हो जाना और गढ्ढा हो जाना कहीं राहगीरों के लिए फिर से राजकीय राजमार्ग-3 के लिए बाधा उत्पन्न न हो जाए इसका चिंता बना हुआ है। क्योंकि प्रति दिन हजारों वाहन विभिन्न प्रदेशों के लिए चलते हैं। वहीं जिस प्रकार सड़क व क्षतिग्रस्त डायवर्सन अधिक खराब व दुर्घटना युक्त होता जा रहा है। झारखण्ड बिहार बंगाल से लेकर मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों खानेवाले जोड़नेवाला यह पैलोल पुल बारिश से जर्जर होते जाने पर आनेवाले दिनों में समस्या का कारक बनता है। वहीं सावन माह में बाबा आम्रेश्वर धाम का मेला भी लगनेवाला है जहां इसी बनई नदी से जल उठाकर श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में लोगों के आवागमन के लिए समस्या का कारण बनने के कगार पर आ गया है।
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नूंह में गो-तस्कर के साथ पुलिस मुठभेड़, आरोपी घायल

Nuh, Haryana:ब्रेकिंग न्यूज़ नूँह थाना सदर नूंह के उजीना-संगेल नहर पटरी क्षेत्र में नूंह पुलिस और गो-तस्कर के बीच मुठभेड़。 गौ-तस्कर द्वारा पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी इरशाद निवासी वार्ड नंबर 14 हथीन, जिला पलवल घायल。 आरोपी के बायें पैर में लगी गोली । घायल को शाहिद हसन खां मेडिकल कॉलेज नल्हड, नूंह में भर्ती कराया गया。 पांच गोधन, देशी कट्टा और कारतूस बरामद । नूंह सीएस स्टाफ प्रभारी निरीक्षक डॉ० सुनील के नेतृत्व में कार्रवाई。 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की । आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच जारी ।
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भीण्डर, उदयपुर में नाबालिग छात्रा ने चौथी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर जिले के भीण्डर कस्बे के सुख विहार कॉलोनी में स्थित एक निर्माणाधीन आवसीय कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल से एक स्कूली छात्रा ने कुद करके जान दे दी। कूदने के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत भीण्डर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां से गंभीर अवस्था में उदयपुर के लिए रेफर, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार भीण्डर निवासी नाबालिग छात्रा स्कूल से छूट्टी होने के बाद घर जाने के बजाएं सुख विहार में स्थित 4 मंजिला इमारत के यहां पर पहुंची। यहां पर आकर उसने अपनी स्कूटी बाहर खड़ी की और इमारत में काम कर रहे मजदूरों से ये बोल करके ऊपर गई कि उसकी बॉल चली गई है। छात्रा ऊपर जाते ही सीधे नीचे कुद गई, जहां नीचे इमारत के चबुतरे से टकराते हुए नीचे गिरी। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ करके पहुंचे तो छात्रा घायल अवस्था में पड़ी हुई थी, जिसको तुरंत भीण्डर हॉस्पिटल पहुंचाया। वहीं थानाधिकारी मुकेश कुमार मय जाप्ता मौके पर पहुंच कर के जांच पड़ताल की, जिसमें स्कूटी से एक लेटर मिला, जिसमें लिखा हुआ था कि इसमें मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं है। आई लव यू पापा-मम्मी। पुलिस ने जांच पड़ताल करके मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्रा भीण्डर के एक निजी विद्यालय में 12 वीं कक्षा में पढ़ रही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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सलाल डैम के सभी गेट खुले, चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा—चेतावनी जारी

Jammu, सलाल डैम के सभी गेट खोले गए, चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा; प्रशासन ने जारी की चेतावनी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सलाल डैम के सभी गेट अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए खोल दिए गए हैं। इसके कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी में तेज बहाव देखा जा रहा है。 प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे चिनाब नदी के किनारों से दूर रहें तथा नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही न करें। तेज बहाव के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है。 अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा प्रशासन द्वारा जारी की जा रही आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। साथ ही, नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है।
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केदारनाथ ट्रेकिंग रूट भारी बारिश से बाधित, मलबा रास्ता बंद

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड: कल देर रात केदार घाटी में हुई भारी बारिश के कारण गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छाउड़ी के पास बड़े पत्थर और चट्टानें गिरने से केदारनाथ ट्रेकिंग रूट बाधित हो गया है। एहतियात के तौर पर, रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने इस रास्ते पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी है। सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। जिला प्रशासन ने बताया कि टीमें पहले से ही मौके पर मौजूद हैं और मलबे को हटाकर जल्द से जल्द रास्ता बहाल करने का काम कर रही हैं। तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक सलाह का पालन करें और रास्ता फिर से खुलने तक तय सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
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दिल्ली के उत्तरी हिस्से में आउटर रिंग रोड सर्विस रोड बदहाल, यातायात प्रभावित

New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली के उत्तरी हिस्से में मुकरबा चौक से भलस्वा, मुकुंदपुर, बुराड़ी, झरोदा, संगम विहार, जगतपुर और वजीराबाद को जोड़ने वाला मुख्य सर्विस रोड बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सतह और जलभराव के कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तस्वीरों में दिखाई दे रही यह सड़क कोई सामान्य मार्ग नहीं, बल्कि आउटर रिंग रोड का महत्वपूर्ण सर्विस रोड है। जब आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है या जाम की स्थिति बनती है, तब वाहनों को इसी सर्विस रोड से डायवर्ट किया जाता है। लेकिन आज इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस पर सफर करना किसी खतरे से कम नहीं। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विकासपुरी से वजीराबाद तक आउटर रिंग रोड को सिग्नल फ्री बनाने का काम शुरू किया गया था। इसी परियोजना के अंतर्गत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में इस सर्विस रोड का निर्माण शुरू हुआ और बाद के वर्षों में इसे तैयार किया गया। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर और सुगम यातायात की सुविधा मिली। लेकिन वर्ष 2018 में डीएमआरसी ने इस कॉरिडोर पर मेट्रो निर्माण का कार्य शुरू किया। निर्माण के दौरान कई स्थानों पर सड़क खोदी गई, जिसके बाद आज तक पूरे सर्विस रोड को पहले जैसी स्थिति में बहाल नहीं किया गया। बाईट / राहगीर स्थानीय निवासी। बाईट / राहगीर स्थानीय निवासी。 वजीराबाद-जगतपुर मेट्रो स्टेशन से वजीराबाद गांव की ओर जाने वाला हिस्सा सबसे अधिक खराब स्थिति में है। बरसात में सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है, जबकि गर्मियों में उड़ती धूल लोगों का जीना मुश्किल कर देती है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलने और दुर्घटना का शिकार होने का खतरा उठाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का सवाल है कि जब मेट्रो निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है, तो सड़क की मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई? बाईट / राहगीर स्थानीय निवासी。 बाईट / राहगीर स्थानीय निवासी。 फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस सड़क के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी डीएमआरसी की है या फिर दिल्ली सरकार के सड़क संबंधी विभाग की। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक हजारों लोगों को रोज इसी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा। रिपोर्ट :- नसीम अहमद उत्तरी दिल्ली
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राजस्थान में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव सखी मॉडल लागू, मॉनिटरिंग तेज

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस, जुलाई में 7,625 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की होगी रोजाना निगरानी, अस्पतालों में तैनात होंगी "प्रसव सखी" राजस्थान में हाल ही में विभिन्न जिलों में प्रसूताओं की मौत और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवालों के बाद राजस्थान सरकार ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास स्वयं चिकित्सा विभाग की व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए लगातार समीक्षा कर रहे हैं। पिछले चार दिनों से वे स्वास्थ्य भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के चिकित्सा अधिकारियों के साथ रोजाना बैठक कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राजस्थान सरकार का मुख्य फोकस हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान, सतत निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक गर्भवती महिला की व्यक्तिगत स्तर पर ट्रैकिंग की जा रही है, जबकि हाई रिस्क श्रेणी की महिलाओं के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया गया है।प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला के लिए जिम्मेदार टीम सरकार ने प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला के साथ एक जिम्मेदार टीम जोड़ने का निर्णय लिया है। इस टीम में आशा सहयोगिनी, एएनएम, चिकित्सा अधिकारी और आवश्यकता पड़ने पर वाहन चालक तक की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बाईट - गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ग्राफ़िक - अस्पतालों में शुरू होगा 'प्रसव सखी' मॉडल सभी अस्पतालों में समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। जिन अस्पतालों में प्रतिमाह 500 से 1500 प्रसव होते हैं, वहां शिफ्टवार हेल्प डेस्क संचालित होगी। 1500 से अधिक मासिक डिलीवरी वाले अस्पतालों में 24 घंटे "प्रसव सखी" की तैनाती रहेगी। अस्पताल में कार्यभार के अनुसार प्रसव सखियों की संख्या तय की जाएगी। प्रसव सखी गर्भवती महिला के अस्पताल पहुंचते ही पंजीकरण से लेकर उपचार तक समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगी। उसकी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी महिला का तत्काल पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित करना。 हाई रिस्क गर्भवती महिला की जानकारी तत्काल अस्पताल प्रशासन और विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाना。 एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के उपचार की व्यवस्था करवाना。 भर्ती, जांच और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में सहयोग देना。 अस्पताल में सिंगल पॉइंट सपोर्ट एवं समन्वयक की भूमिका निभाना。 जुलाई में 7,625 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान जुलाई में 64,198 महिलाओं की संभावित डिलीवरी चिन्हित की गई 7,625 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में रखा गया सर्वाधिक हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं वाले जिलों में सीकर, जयपुर प्रथम, चूरू, कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, जयपुर द्वितीय, उदयपुर और झुंझुनूं शामिल बाईट - गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग विभाग इन जिलों की विशेष रूप से निगरानी कर रहा ग्राफ़िक - हाई रिस्क श्रेणी में मुख्य रूप से- 18 वर्ष से कम आयु की गर्भवती महिलाएं, 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाएं, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से गर्भवतियां शामिल हैं। इन महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी जटिलता की स्थिति में समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके。 सरकार ने जननी एक्सप्रेस सेवा को भी और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया प्रत्येक वाहन में ब्लड प्रेशर मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, स्टेथोस्कोप, टॉर्च, ग्लव्स, आईवी कैनुला और आईवी सेट सहित सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखना अनिवार्य किया गया हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर घर से स्वास्थ्य केंद्र तक समय पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर करने के लिए भी विशेष समन्वय व्यवस्था
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