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Shivanshu DwivdiShivanshu DwivdiFollow30 Nov 2024, 07:53 am
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जहानाबाद में रक्षाबंधन की धूम, बहनें सज-धजकर भाइयों की कलाई पर राखी बांधें

Jehanabad, Bihar:देश भर में आज रक्षाबंधन की धूम है। इसी कड़ी में जहानाबाद में भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बहनों ने सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। जैसे ही शुभ मुहूर्त शुरू हुआ, बहनों ने पूरे विधि-विधान के साथ भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना की। रक्षाबंधन के इस अवसर पर भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट किए और जीवनभर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस मौके पर शहर की अंशिका कुमारी ने बताया कि आज रक्षाबंधन का त्योहार है, जिसे लेकर हम बेहद उत्साहित थे। सिर्फ हम ही नहीं, बल्कि देश भर की बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार करती हैं। जैसे ही मुहूर्त शुरू हुआ, मैंने अपने भाई को तिलक लगाकर राखी बांधी और भाई ने मुझे गिफ्ट देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया। इस पर्व को लेकर धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं आज भी जीवित हैं। रक्षाबंधन न केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की अहमियत को भी दर्शाता है। जो बहनें अपने भाइयों से दूर थीं, उन्होंने डाक के माध्यम से पहले ही राखियां भेज दी थीं। त्योहार को लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।
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जयपुर निकाय चुनाव: बीजेपी ने महा मंथन के बाद टिकट सूची जारी करने की तैयारी बताई

Jaipur, Rajasthan:जयपुर निकाय चुनावों को लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में महा मंथन बीजेपी प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल का बयान मेघवाल ने कहा- आज भी देर रात तक बैठक चलेगी एक-एक वार्ड को लेकर हो रहा है मंथन टिकटों को लेकर टकराव पर बोले मेघवाल, कहा- टकराव नहीं है, कार्यकर्ताओं की राय अलग-अलग हो सकती है कार्यकर्ताओं की राय सुनकर प्रदेश स्तर पर निर्णय होता है टकराव नहीं है, कार्यकर्ताओं का अपना-अपना मत है निकाय चुनावों को टिकटें जारी करने को लेकर बोले मेघवाल आज सूचियां जारी हो जाएंगी कल देर रात तक बैठक चली, उन सूचियों को टाइप कर रहे हैं आज देर रात तक लिस्टें जारी करेंगे कांग्रेस की कोई तैयारी नहीं, मैदान खाली पड़ा है हम पूरी तैयारी और रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं अजमेर और उदयपुर संभाग की सूचियां आज जारी करेंगे
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रक्षाबंधन पर चीनी दाम बढ़े, मिठाइयों के भाव अचानक उछले

रक्षाबंधन पर चीनी के दाम बढ़ाने की वजह से मिठाई के दामों में तेजी दिखाई दी. लोकेशन: साउथ दिल्ली संगीम विहार. मिठाई शॉप के दृश्य. खबर पर वॉकथ्रू: अचानक चीनी के दाम 40 से बढ़कर 65 से 70 हो गये, जिसकी वजह से त्योहार पर मिठाइयों के दाम तेज़ी से बढ़े. मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि मिठाई शॉप पर तरह-तरह की मिठाइयां लगी हुई हैं, लेकिन चीनी के भाव बढ़ने के बाद घेवर और जिन मिठाइयों में चीनी ज्यादा मिलती है, उनके दाम बढ़े. त्योहार के मौके पर भारी मात्रा में मिठाई बिकती है, पर महंगी कीमतों के कारण लोग पहले से कम मिठाइयां खरीद रहे हैं. बाइट: श Shops कीपर, बाइट: जनता. खबर पर वॉकथ्रू.
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जेल के बाहर राखी बांधते बहनों की आंखें नम, रक्षाबंधन की गूंज फैल गई

Ranchi, Jharkhand:राजधानी रांची सहित पूरा देश आज भाई बहन के अटूट विश्वास और रिश्ते का दिन रक्षाबंधन मना रहा है। लेकिन जब भाई सलाखों के पीछे हो और बहन राखी लेकर जेल के दरवाजे पर खड़ी तो इस रिश्ते की भावनाएं और भी गहरी हो जाती हैं। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर बिरसा जेल के बाहर यही भावनात्मक नजारा देखने को मिला हाथों में भाई-बहन के रिश्ते की सबसे मजबूत डोर,मिठाइयों के साथ पूजा की थाली और आंखों में इंतजार के साथ लंबी कतारों का ये नजारा रांची बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के बाहर की है। जेल में बंद अपने भाई की सुनी कलाई पर राखी बांधने के लिए दूर दराज शहरों से बहने आई है। अपने भाइयों के लिए महिलाओं के दिल में प्यार तो दिख रहा था वही सलाखों के उसे पर भाई के होने का दर्द भी झलक रहा है। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों के लिए यह मुलाकात बेहद भाव कर देने वाला था जैसे ही भाई-बहन आमने-सामने हुए दोनों की आंखें नम हो गई। राखी के धागे ने एक बार फिर यह एहसास दिलाया कि हालात चाहे जैसे भी हो भाई बहन के रिश्ते की डोर कभी कमजोर नहीं होती। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र और अच्छे भविष्य की दुआ मांगते हुए भाई से विदा हो गई बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में आज रक्षाबंधन के खास मौके पर विशेष व्यवस्था की गई थी। जिसके जरिए ही बहने जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांध रही है। जेल के अंदर जो भी कैदी हैं उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जेल के उच्च अधिकारियों की है और वह उसे बखूबी निभा रहे हैं इसीलिए किसी को अपने भाइयों की फिक्र करने की जरूरत नहीं।
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रक्षाबंधन पर अंबाला जेल में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी

Ambala, Haryana:रक्षाबंधन के पावन त्योहार पर अंबाला सेंट्रल जेल में आज माहौल भावुक नजर आया। जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनें जेल पहुंचीं। किसी की आंखों में भाई से मिलने की खुशी थी तो किसी की आंखों में बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दिया। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से भी बहनों के लिए राखी और मिठाई का इंतजाम किया गया। तस्वीरें अंबाला सेंट्रल जेल की हैं जहां रक्षाबंधन के मौके पर बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर प्यार और विश्वास का धागा बांधने पहुंचीं। भाई की कलाई पर राखी बांधते वक्त बहनों के चेहरे पर खुशी भी थी और आंखों में आंसू भी क्योंकि लंबे समय बाद भाई के सामने बैठकर राखी बांधने का ये मौका उनके लिए बेहद भावुक था। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर जेल प्रशासन की ओर से भी बंदियों और उनकी बहनों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। बहनों के लिए राखी और मिठाई की व्यवस्था की गई, ताकि वे अपने भाइयों के साथ इस त्योहार को कुछ खास अंदाज में मना सकें। बहनों ने उन्हें राखी बांधने का अवसर देने के लिए अंबाला जेल प्रशासन का धन्यवाद भी किया। रिश्तों की डोर से जुड़ा रक्षाबंधन का ये त्योहार जेल की चारदीवारी के बीच भी भाई-बहन के प्यार को महसूस कराता नजर आया। एक तरफ भाई की कलाई पर सजी राखी तो दूसरी तरफ बहन की आंखों में छलकते आंसू यह पल हर किसी को भावुक कर देने वाला था।
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60 लाख की ज्वेलरी चुराने वाले नौकर को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया

Delhi, Delhi:दिल्ली से नेपाल बॉर्डर तक पीछा करने के बाद पकड़ा गया नौकर पंजाबी से चोरी करके भागा बिहार पुलिस के डर से बिहार से भागा नेपाल पंजाबी बाग पुलिस ने घर में चोरी का 60 लाख का केस का किया खुलासा 60 लाख की चोरी की ज्वेलरी और चांदी का सामान बरामद आरोपी का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज, CDR एनालिसिस, मोबाइल टावर लोकेशन और टेक्निकल सर्विलांस का किया गया इस्तेमाल 450 ग्राम चांदी, हीरे की ज्वेलरी, सोने की चेन और कलाई घड़ियां बरामद राजेश शर्मा पश्चिमी जिला के पंजाबी बाग पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाबी बाग एक्सटेंशन, वेस्ट पंजाबी बाग में एक घर से नौकर 60 लाख कीज्वेलरी चोरी करके नौकर पहले अपने गांव बिहार भागा और जब पुलिस बिहार उसके गाँव पहुंची तो वह पुलिस से बचने के लिए नेपाल बॉर्डर पहुंच गया और पुलिस ने उसका पीछा कर नेपाल बॉर्डर से पकड़ लिया।आरोपी की पहचान शशिकांत 22 निवासी बेलाही, जिला सुपौल, बिहार के रूप में हुई है।आरोपी की निशानदेही पर बिहार उसके घर से 60 लाख कीमत की ज्वैलरी बरामद कर ली गई जिसमें प्लेट और सिक्कों के रूप में लगभग 450 ग्राम चांदी तीन डायमंड चेन एकसोने की चेन एक डायमंड सेटएक डायमंड रिंग पांच डायमंड लॉकेट और दो कलाई घड़ियां और एक डायमंड इयररिंग बरामद की है पूछताछ के दौरान, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका घरेलू नौकर शशिकांत, जो सिर्फ़ एक दिन पहले ही काम पर आया था, ने कथित तौर पर उसके घर से लगभग ₹60 लाख के ज्वेलरी के सामान चुरा लिए और मौके से भाग गया। इसके अनुसार, PS पंजाबी बाग में 306 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।जुर्म की गंभीरता को देखते हुए, आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए आरोपी जिस रास्ते से गया था, उसका पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज चेक करने के बाद और एनालाइज़ किया गया। CCTV एनालिसिस, CDR एनालिसिस और मोबाइल टावर लोकेशन के ज़रिए, आरोपी का पता बेलाही गाँव, ज़िला सुपौल, बिहार में चला। पुलिस टीम तुरंत बिहार गई और लोकल पुलिस की मदद से बेलाही गांव में रेड की। हालांकि, पुलिस ऑपरेशन की जानकारी मिलने के बाद आरोपी गांव से भागने में कामयाब हो गया। लोकल पूछताछ से पता चला कि वह नेपाल की तरफ भागने वाला था।आगे टेक्निकल सर्विलांस से उसे नेपाल बॉर्डर के पास ट्रेस किया गया। रेडिंग टीम तुरंत लोकेशन पर पहुंची और आरोपी को कुनौली बॉर्डर के पास से सफलताप्रक पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि उसने चोरी का सामान अपने घर पर एक ट्रंक में छिपा रखा था। इसलिए, उसे बेलाही गांव में उसके घर ले जाया गया, जहां उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया गया और कानून के मुताबिक उसे जब्त कर लिया गया।
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बठिंडा जेल में बहनों ने भाइयों के लिए राखी बांधकर सुधरने की शपथ ली

Bathinda, Punjab:ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਰਿਪੋਰਟ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਬਠਿੰਡਾ ਚ ਬੰਦ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਰੱਖੜੀਆ ਬੰਨ ਕੇ ਪਿਆਰ ਜਤਾਇਆ.. ਰੱਖੜੀ ਬੰਨਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭੈਣਾਂ ਭਾਵੁਕ ਹੋਈਆਂ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਗਲਤ ਕੰਮ ਨਾ ਕਰਨ ਦਾ ਲਿਆ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਭਰਾਵਾਂ ਤੋਂ ਪਰੰਨ ਭੈਣ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਰਿਸ਼਼ਤੇ ਤੇ ਰੱਖੜੀ ਬੰਨਣ ਦਾ ਖੁੱਲਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜੇਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਅੱਜ ਜਿੱਥੇ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਭੈਣ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਰਿਸ਼ੇਤਾਰ ਪ੍ਰਤੀਕ ਰੱਖੜੀ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਮਨਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉੱਥੇ ਹੀ ਅੱਜ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਰੱਖੜੀ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਜਿੱਥੇ ਜੇਲ ਚ ਬੰਦ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਰੱਖੜੀਆਂ ਬੰਨੀਆਂ ਅਤੇ ਭਾਵਕ ਵੀ ਹੋਈਆਂ ਅਤੇ ਭਰਾਵਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਣ ਵੀ ਲਿਆ ਕਿ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਤੁਸੀਂ ਕੋਈ ਮਾਢਾ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਕਰੋਗੇ ਅਸੀਂ ਦੁਬਾਰਾ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਰੱਖੜੀ ਬੰਨਣ ਨਹੀਂ ਆਵਾਂਗੀਆਂ। ਭੈਣਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਅੱਜ ਸਾਨੂੰ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਰੱਖੜੀ ਬੰ ਕੇ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਚੰਗਾ ਨਹੀਂ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਕਿਉਂਕਿ ਅਸੀਂ ਵੀ ਚਾਹੁੰਦੀਆਂ ਸੀ ਕਿ ਸਾਡੇ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਰੱਖੜੀ ਆਮ ਭੈਣਾਂ ਵਾਂਗ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਜਾ ਕੇ ਬੰਨੀਏ ਪਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਤੋਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਪਰਣ ਲਿਆ ਹੈ ਕਿ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਰੱਖੜੀ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਹੀ ਸਾਡੇ ਤੋਂ ਬਣਵਾਓਗੇ ਅਸੀਂ ਜੇਲਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੜੀਆਂ ਬੰਨਣ ਨਹੀਂ ਆਵਾਂਗੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਭੈਣਾਂ ਨਵ ਵਿਆਹੀਆਂ ਸਨ ਭਰਾਵਾਂ ਦਾ ਵੀ ਇਹੀ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਅਸੀਂ ਜੋ ਵੀ ਗਲਤ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਪੈ ਕੇ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਆਏ ਹਾਂ ਪਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰ ਕੇ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਐਸਾ ਕੋਈ ਗਲਤ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਕਰਾਂਗੇ ਸਾਡੀਆਂ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਸਾਡੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਅਹਿਸਾਸ ਕਰਵਾਇਆ ਹੈ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਜੀ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਸੁਪਰੀਡੈਂਟ ਹੇਮੰਤ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਭੈਣਾਂ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਰੱਖੜੀ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਰੱਖੜੀ ਬੰਨਣ ਦਾ ਖੁੱਲਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਭਾਵੇਂ ਸਾਡੀ ਜੇਲ ਸੈਂਸਿਟਿਵ ਹੈ ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਹਰ ਕਿਸੇ ਭੈਣ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਵੱਲੋਂ ਮਠਿਆਈ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਰੱਖੜੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਕੇ ਵੀ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕੋਈ ਭੈਣ ਰੱਖੜੀ ਤੇ ਮਠਿਆਈ ਵਜੋਂ ਵਾਂਝੀ ਨਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਸਖਤ ਹਦਾਇਤਾਂ ਹਨ ਕਿ ਹਰ ਇੱਕ ਭੈਣ ਨੂੰ ਭਰਾ ਦੇ ਨਾਲ ਮਿਲਾਇਆ ਜਾਵੇ ਅੱਜ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਭਾਵਕਤਾ ਦੇਖ ਕੇ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਬੜਾ ਦੁੱਖ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇਥੋਂ ਸੁਧਾਰ ਕੇ ਹੀ ਬਾਹਰ ਭੇਜਾਂਗੇ ਤਾਂ ਜੋ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਇਹ ਕੋਈ ਗਲਤ ਕੰਮ ਨਾ ਕਰਨ। ਵਾਕ ਥਰੂ ਕੁਲਬੀਰ ਬੀਰਾ
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नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास घुसपैठ की कोशिश नाकाम, ड्रोन निगरानी बढ़ी

Jammu, सूत्रों के हवाले से खबर है कि नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर हाथी माथा पोस्ट के पास रुमली धार के जंगलों में भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों की संख्या एक से दो बताई जा रही है। घुसपैठियों की ओर से फायरिंग किए जाने के बाद भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग होने की सूचना है। फिलहाल पूरे इलाके में भारतीय सेना की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और जंगलों में तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इसके अलावा, इलाके में ड्रोन की मूवमेंट भी देखे जाने की सूचना है। सुरक्षाबल ड्रोन गतिविधि को लेकर भी सतर्क हैं और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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बॉस स्कैम: फर्जी संदेश से कंपनियों के खाते खाली करने की नई साइबर ठगी

Jaipur, Rajasthan:बॉस का एक मैसेज... और कंपनी का बैंक अकाउंट खाली ! साइबर ठगी का नया पैंतरा, एक आरोपी गिरफ्तार अगर आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर कंपनी के बॉस के नाम से अचानक कोई मैसेज आए और उसमें लाखों-करोड़ों रुपए ट्रांसफर करने को कहा जाए... तो सावधान हो जाइए। क्योंकि साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका निकाला है... नाम है 'बॉस स्कैम'। साइबर ठग पहले कंपनी के सिस्टम या लैपटॉप में सेंध लगाते हैं... बॉस और कर्मचारियों की जानकारी जुटाते हैं... फिर उसी बॉस के नाम से फर्जी वॉट्सएप अकाउंट या मैसेज तैयार कर अकाउंटेंट और मैनेजर को तत्काल पेमेंट के निर्देश दिए जाते हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस तरह की ठगी के खिलाफ एडवाइजरी जारी की है... वहीं ऐसे ही एक मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट... साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं...कभी डिजिटल अरेस्ट... कभी निवेश के नाम पर ठगी... और अब कंपनियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है फर्जी बॉस स्कैम। इसमें निशाने पर आमतौर पर कंपनी का अकाउंटेंट, फाइनेंस विभाग या मैनेजर होता है। अपराधी पहले कंपनी के बारे में जानकारी जुटाते हैं। बॉस कौन है... अकाउंटेंट कौन है... कंपनी में किसके पास पेमेंट करने की जिम्मेदारी है... ये सारी जानकारी जुटाने के बाद शुरू होता है असली खेल。 साइबर अपराधी कंपनी के किसी कर्मचारी के लैपटॉप या कंप्यूटर में मालवेयर पहुंचा सकते हैं। इसके लिए ई-मेल, लिंक, ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। कई बार APK या दूसरी संदिग्ध फाइल भी भेजी जाती है। कर्मचारी जैसे ही फाइल या लिंक पर क्लिक करता है...मालवेयर सिस्टम में पहुंच सकता है। इसके बाद अपराधियों को कंपनी के सिस्टम, वॉट्सएप वेब और दूसरी डिजिटल जानकारी तक पहुंच बनाने का रास्ता मिल सकता है。 बॉस स्कैम का पूरा खेल कंपनी की जानकारी जुटाई लैपटअप/सिस्टम में मालवेयर पहुंचाया बॉस और कर्मचारियों की जानकारी हासिल की फर्जी वॉट्सएप /ई-मेल से संपर्क अकाउंटेंट को तत्काल पेमेंट का आदेश पैसा अपराधियों के खातों में ट्रांसफर ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता... अपराधी असली बॉस के वॉट्सएप नंबर को ब्लॉक करवा सकते हैं या कर्मचारी को इस तरह भ्रमित करते हैं कि उसे लगे... मैसेज सीधे उसके बॉस ने ही भेजा है। पुराने मैसेज का पैटर्न देखकर उसी भाषा और अंदाज में नया मैसेज भेजा जाता है। मैसेज में लिखा होता है... 'तुरंत पेमेंट करना है...''बहुत जरूरी ट्रांजेक्शन है...''अभी फंड ट्रांसफर कीजिए...' और कर्मचारी बॉस के निर्देश समझकर बिना दोबारा पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देता है। यहीं से कंपनी का पैसा साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच जाता है。 राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इसे लेकर बाकायदा एडवाइजरी जारी कर रखी है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार साइबर अपराधी फर्जी बॉस या फर्जी नियामक संस्था बनकर कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। खास तौर पर वित्तीय लेन-देन से जुड़े कर्मचारियों को टारगेट किया जा रहा है। अपराधियों का मकसद दो तरह से ठगी करना है...पहला-मालवेयर इंस्टॉल करवाना...और दूसरा-सीधे बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर करवाना。 बाइट – इस तरह की साइबर ठगी में रकम छोटी नहीं होती। जांच में ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। स्टेट साइबर क्राइम थाना प्रभारी गजेंद्र का कहना है कि कुछ मामलों में कॉरपोरेट अकाउंट से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। अभी तक ढाई करोड़, दो करोड़ 76 लाख रुपए की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। ठगों ने रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के बाद डिजिटल करेंसी और USDT जैसे माध्यमों में बदलने का रास्ता भी अपनाया। यानी एक बार पैसा निकल गया तो उसे वापस हासिल करना बेहद मुश्किल हो सकता है。 सावधानी बरतें, सतर्क रहें, ये एडवाइजरी ... राजस्थान साइबर पुलिस ने साफ किया है कि अगर किसी कर्मचारी को बॉस, कंपनी के मालिक या किसी नियामक संस्था के नाम से संदिग्ध मैसेज मिले...तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें। किसी भी बड़े वित्तीय भुगतान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।बॉस को उसी वॉट्सएप चैट पर जवाब देने के बजाय सीधे फोन करें...या आमने-सामने पुष्टि करें。 बॉस का मैसेज आया? तुरंत पैसा ट्रांसफर न करें अनजान ZIP/APK न खोलें संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें बॉस से सीधे फोन पर पुष्टि करें Two-Factor Authentication रखें WhatsApp वेब और वॉट्सएप Linked Devices चेक करें Antivirus और सुरक्षा सॉफ्टवेयर अपडेट रखें कौन-सा डिवाइस आपके WhatsApp से जुड़ा है... अगर कोई अनजान डिवाइस नजर आए तो तुरंत उसे लॉगआउट करें। कंपनियों को भी अपने फाइनेंस सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करना चाहिए। किसी एक कर्मचारी के कहने पर बड़ा पेमेंट नहीं... बल्कि बड़े ट्रांजेक्शन के लिए Two-Level Verification जरूरी किया जाए। यानी एक व्यक्ति पेमेंट तैयार करे..और दूसरे अधिकृत अधिकारी से उसकी पुष्टि हो। इससे फर्जी बॉस के एक WhatsApp मैसेज से कंपनी का पूरा बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा काफी कम किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है...तो इंतजार मत कीजिए। तुरंत 1930 पर साइबर हेल्पलाइन में शिकायत करें। साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने साइबर हेल्पडेस्क के लिए 9256001930 और 9257510100 नंबर भी जारी किए हैं। याद रखिए...साइबर ठगी में समय ही सबसे बड़ा हथियार है। जितनी जल्दी शिकायत...उतना ही पैसा बचाने का मौका。
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कैग ऑडिट ने 122 करोड़ का बिना जाँच भुगतान उजागर किया: जेजेएम में अनियमितता का बड़ा मामला

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए चल रहे जल जीवन मिशन (जेजेएम) में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कैग की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में 26 क्षेत्रीय जलापूर्ति परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना ठेकेदारों को 122.311 करोड़ रुपए का भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। बिना जांच के हुआ करोड़ों का भुगतान- ऑडिट के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक संबंधित ठेकेदारों को भुगतान किया गया। रिपोर्ट में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बावजूद भुगतान किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने इस पूरी प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता के तौर पर चिन्हित किया है। 7.70 करोड़ के फर्जी बिलों का भी खुलासा- मामला सिर्फ 122 करोड़ रुपए के भुगतान तक सीमित नहीं है। ऑडिट में 7.70 करोड़ रुपए के कथित फर्जी बिलों के आधार पर अनियमित भुगतान का भी खुलासा हुआ है। इसके बाद विभागीय निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कैग के अनुसार कुछ घटनाक्रमों से पूरी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में आती है। शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च- ऑडिट में वर्ष 2022-23 के दौरान अलग-अलग जलापूर्ति परियोजनाओं के शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। कैग ने कहा कि जेजेएम की गाइडलाइन के तहत प्रोजेक्ट फंड का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार और सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के बाहर नहीं किया जा सकता। सरकार के जवाब को कैग ने नहीं माना- राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में जवाब दिया था कि शिलान्यास समारोहों का खर्च वित्त विभाग की मंजूरी के बाद किया गया था। हालांकि, कैग ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया और इसे जेजेएम गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए ऑडिट पैरा बनाया। जेजेएम पर उठे सवाल- ऑडिट के निष्कर्षों के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि बिना थर्ड पार्टी जांच के 122 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान कैसे हुआ। साथ ही 7.70 करोड़ रुपए के कथित अनियमित बिलों की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और जिन परिवारों को समय पर जेजेएम का पानी नहीं मिला, उसकी जवाबदेही किसकी होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जेजेएम-2.0 में सख्त गाइडलाइन लागू किए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है।
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कैग ऑडिट: बिना थर्ड पार्टी जाँच 122 करोड़ भुगतान, जल जीवन मिशन अनियमितताएँ सामने

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए चल रहे जल जीवन मिशन (जेजेएम) में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कैग की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में 26 क्षेत्रीय जलापूर्ति परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना ठेकेदारों को 122.311 करोड़ रुपए का भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। बिना जांच के हुआ करोड़ों का भुगतान- ऑडिट के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक संबंधित ठेकेदारों को भुगतान किया गया। रिपोर्ट में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बावजूद भुगतान किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने इस पूरी प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता के तौर पर चिन्हित किया है- 7.70 करोड़ के फर्जी बिलों का भी खुलासा- मामला सिर्फ 122 करोड़ रुपए के भुगतान तक सीमित नहीं है। ऑडिट में 7.70 करोड़ रुपए के कथित फर्जी बिलों के आधार पर अनियमित भुगतान का भी खुलासा हुआ है। इसके बाद विभागीय निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कैग के अनुसार कुछ घटनाक्रमों से पूरी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में आती है- शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च- ऑडिट में वर्ष 2022-23 के दौरान अलग-अलग जलापूर्ति परियोजनाओं के शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। कैग ने कहा कि जेजेएम की गाइडलाइन के तहत प्रोजेक्ट फंड का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार और सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के बाहर नहीं किया जा सकता- सरकार के जवाब को कैग ने नहीं माना- राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में जवाब दिया था कि शिलान्यास समारोहों का खर्च वित्त विभाग की मंजूरी के बाद किया गया था। हालांकि, कैग ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया और इसे जेजेएम गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए ऑडिट पैरा बनाया- जेजेएम पर उठे सवाल- ऑडिट के निष्कर्षों के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि बिना थर्ड पार्टी जांच के 122 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान कैसे हुआ। साथ ही 7.70 करोड़ रुपए के कथित अनियमित बिलों की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और जिन परिवारों को समय पर जेजेएम का पानी नहीं मिला, उसकी जवाबदेही किसकी होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जेजेएम-2.0 में सख्त गाइडलाइन लागू किए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है。
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