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Raebareli: 15 मिलावटखोरों पर मुकदमा, लगेगा जुर्माना
Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में 15 मिलावटखोरों पर ADM प्रशासन की कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। ये नमूने पिछले साल होली से पहले विशेष अभियान के दौरान लिए गए थे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी डॉ. सीआर प्रजापति ने बताया कि दर्जनों खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भरे गए थे। अब कोर्ट में पैरवी कर मिलावटखोरों पर जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए हैं।
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निवाई टोंक में कृषि नुकसान से तनाव, 18 वर्षीय ने निर्माणाधीन मकान में आत्महत्या
Tonk, Rajasthan:निवाई टोंक निर्माणाधीन मकान में 18 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, कृषि नुकसान से तनाव की आशंका निवाई सदर थाना क्षेत्र के बहकवा गांव में गुरुवार सुबह एक 18 वर्षीय युवक ने अपने निर्माणाधीन मकान में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दिलखुश पुत्र नाथूलाल बैरवा के रूप में हुई। थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना पर ड्यूटी अधिकारी एएसआई विनोद कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों की सहायता से युवक को फंदे से नीचे उतारकर उप जिला अस्पताल, निवाई पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, मृतक के पिता बचपन से लापता हैं। परिवार में उसकी मां और बड़ा भाई हैं। दोनों भाई कृषि कार्य कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। बड़े भाई ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि लगातार कृषि नुकसान के कारण दिलखुश मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते उसने निर्माणाधीन मकान में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच निवाई सदर थाना पुलिस कर रही है।0
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जमीन की रजिस्ट्री कराकर पैसा नहीं देने का आरोप: दबंगई के बलबूते खेत में कर दिया धान की रोपाई
Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक थाना क्षेत्र के करमडीह कला गांव निवासी एक काश्तकार की जमीन का मामला सामने आया है। पीड़ित दयाराम ने स्थानीय थाने में पहुंच कर शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है,कि दबंगों ने अरसा पूर्व उसे शराब पिलाने के बाद जमीन का बैनामा करा लिया।और दस लाख रुपया देने का वादा किया लेकिन बैनामा के बाद न तो पैसा दिया और न ही जमीन खाली की। दयाराम ने बताया कि उसके खेत में जबरदस्ती धान की रोपाई कर दी गई है, मना करने पर दबंगों ने उसे लाठी डंडा से मारा पीटा है0
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राजस्थान ओबीसी मुद्दों के लिए कांग्रेस ने विजन डॉक्यूमेंट बनाने की योजना की बैठक
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में ओबीसी वर्ग को कांग्रेस के साथ जोड़ने और उसके मुद्दों को धार देने के लिए कांग्रेस ने मंथन शुरू कर दिया है। जयपुर के आरआईसी में राजस्थान ओबीसी कांग्रेस एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें ओबीसी से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद, डोटासरा, डॉ. चंद्रभान, प्रदेश अध्यक्ष हरसहाय यादव, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल सहित काउंसिल के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में ओबीसी वर्ग की भागीदारी बढ़ाने और संगठन स्तर पर उनकी भूमिका को मजबूत करने को लेकर मंथन किया गया। कांग्रेस ने सरकार पर जातिगत जनगणना वैज्ञानिक तरीके से नहीं कराने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद ने कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए वैसी स्टडी नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में ओबीसी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन बाद में उन्हें ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उनका कहना था भाजपा ओबीसी समाज का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके हितों के लिए ठोस कदम नहीं उठाती। ओबीसी के मुद्दों पर कांग्रेस का मंथन: आरआईसी में ओबीसी कांग्रेस एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक; सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा; ओबीसी के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी कांग्रेस; विजन डॉक्यूमेंट के लिए समिति बनेगी; ओबीसी वर्ग को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर मंथन; जातिगत जनगणना वैज्ञानिक तरीके से कराने की मांग; ओबीसी को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार भागीदारी मिले: कांग्रेस बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस ओबीसी से जुड़े मुद्दों पर एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में ओबीसी की भागीदारी बढ़ाने के सुझाव तैयार करेगी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि ओबीसी की जितनी आबादी और हिस्सेदारी है, उसी अनुपात में उन्हें हर क्षेत्र में भागीदारी मिलनी चाहिए। ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की भी वकालत की। डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी की जातिगत जनगणना की मांग सरकार ने स्वीकार तो किया, लेकिन उस पर गंभीरता से काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदेश में निकाय पंचायत चुनावों की तैयारी के बीच अब कांग्रेस ओबीसी के मुद्दों को लेकर रणनीति तैयार कर रहीं है।0
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पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर घमासान, राठौड़ डोटासरा पर पलटवार
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ कांग्रेस बीजेपी पर चुनाव टालने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी कह रही है कि वह चुनाव से भाग नहीं रही, बल्कि कोर्ट के हर आदेश का पालन करते हुए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर पलटवार करते हुए दावा किया कि जनता का भरोसा बीजेपी सरकार पर कायम है और पंचायत-निकाय चुनाव में भी जनादेश बीजेपी के पक्ष में आएगा।0
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राजस्थान में थैलेसीमिया से जूझते बच्चों के लिए रक्तदान जीवनरेखा, मुफ्त बोन मैरो ट्रांसप्लांट
Jaipur, Rajasthan:एक मासूम बच्चा… जिसकी उम्र तो बाकी बच्चों जैसी ही है, लेकिन बचपन बिल्कुल अलग। जहां दूसरे बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, वहीं ये बच्चे अस्पताल के बेड, सुई और खून की बोतलों के बीच अपना बचपन जीते हैं। यह कहानी है थैलेसीमिया से जूझ रहे उन हजारों बच्चों की, जिनकी जिंदगी हर कुछ दिनों में मिलने वाले रक्त पर टिकी है। राजस्थन में करीब 4 हजार थैलेसीमिया मरीज हैं, जिनमें लगभग 3 हजार बच्चे शामिल हैं। हर साल करीब 150 नए बच्चे इस आनुवंशिक बीमारी के साथ जन्म लेते हैं। इन बच्चों के लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता है। उनका शरीर पर्याप्त स्वस्थ रक्त नहीं बना पाता, इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाना पड़ता है। एक औसत थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को सालभर में 20 से 25 यूनिट रक्त की जरूरत होती है। पूरे राजस्थान में ऐसे मरीजों के लिए हर साल लगभग एक लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है। यानी किसी बच्चे की जिंदगी इस बात पर निर्भर करती है कि कोई अनजान व्यक्ति समय पर रक्तदान करे या नहीं। चिंता की बात यह भी है कि सामान्य आबादी में 2 से 3 प्रतिशत लोग थैलेसीमिया कैरियर हैं, लेकिन उनमें बीमारी के लक्षण नहीं होते। यही वजह है कि शादी से पहले या परिवार नियोजन के दौरान जांच नहीं होने पर यह बीमारी अगली पीढ़ी तक पहुंच जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शादी से पहले दोनों पार्टनर की जांच हो जाएं तो पता चल सकता है कि ये कैरियर तो नहीं, दोनों लोगों के शरीर में थैलेसीमिया जिन होने पर बच्चे का इस बीमारी से ग्रसित होने के चांसेस कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से कई बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। राहत की बात यह है कि राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में थैलेसीमिया का इलाज और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। MAA योजना के तहत पात्र मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में भी मुफ्त बोन मैरो ट्रांसप्लांट करा सकते हैं। हालांकि एक मरीज के इलाज पर हर साल करीब दो लाख रुपये तक का खर्च आता है।0
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में हरेला महोत्सव में भाग लिया
Noida, Uttar Pradesh:देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में लोक संवर्धन पर्व के तहत आयोजित 'हरेला महोत्सव' कार्यक्रम में भाग लिया.0
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पुरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भारी भीड़
Noida, Uttar Pradesh:PURI (ODISHA) HEAVY CROWD DURING LORD JAGANNATH RATH YATRA0
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बुलंदशहर में ड्यूटी पर तैनात सिपाही की मौत से पुलिस महकमा हिल गया - चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही की मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है...जिस पुलिसकर्मी के कंधों पर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी थी... उसी की जिंदगी एक गोली के साथ थम गई.. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ड्यूटी के दौरान ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसका जवाब जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।0
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गोंडा हत्या केस: सुप्रीम कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर मामला पलट दिया
Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने गोंडा में 1977 के एक हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों की सजा को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने माना कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां थीं और मजिस्ट्रेट को एफआईआर भेजने में हुई अकारण देरी के कारण आरोपी 'संदेह का लाभ' (बेनिफिट ऑफ डाउट) पाने के हकदार हैं। यह घटना 27-28 जून 1977 की रात की है, जो उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के लालेमऊ पुरे पंडित गांव से जुड़ी है। अभियोजन के अनुसार, शिकायतकर्ता राघव राम,राम नाथ और मृतक हरिहर शरण पशु मेले से लौट रहे थे,तभी कंचनपुर गांव के पास घात लगाकर बैठे छह आरोपियों ने लाठियों और हथियारों से हमला कर दिया। हरिहर शरण की बेरहमी से पिटाई की गई,जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में गोंडा के ट्रायल कोर्ट ने जून 1981 में आरोपियों को उम्रकैद की sजा सुनाई थी,जिसे नवंबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी बरकरार रखा था। अपील लंबित रहने के दौरान तीन सह-आरोपियों की मृत्यु हो गई। जीवित बचे तीन दोषियों हीरा लाल,राज बक्स और सूबेदार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने पाया कि 28 जून को दर्ज दिखाई गई एफआईआर मजिस्ट्रेट के पास दो दिन बाद, यानी 30 जून को पहुंची। कोर्ट ने पाला सिंह बनाम पंजाब राज्य (1972) और जाफरुद्दीन बनाम केरल राज्य (2022) के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को तुरंत रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है ताकि पुलिस जांच में किसी तरह के बदलाव या मनगढ़ंत कहानी की गुंजाइश न रहे। वीओ- पुलिस स्टेशन महज साढ़े तीन मील दूर होने के बावजूद, मृतक का शव पूरी रात सड़क किनारे लावारिस पड़ा रहा। न तो पुलिस और न ही परिजनों ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया, जो अस्वाभविक है। कोर्ट ने माना कि यह हमला संभवतः रात के अंधेरे में हुआ था जब कोई चश्मदीद वहां मौजूद नहीं था। बाद में पुरानी राजनीतिक रंजिश के कारण आरोपियों को फं NS डालने के लिए यह कहानी गढ़ी गई। एक बार जब कथित चश्मदीदों की उपस्थिति और घटना के समय पर उचित संदेह पैदा हो जाता है,तो अभियोजन के मामले का पूरा आधार ही समाप्त हो जाता है। बरामद साइकिलों का आरोपियों से संबंध साबित न होने और पोस्टमार्टम में 48 घंटे की देरी जैसी खामियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों को पलट दिया। जीवित बचे तीनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। 49 साल बाद इस पूरे मामले से बरी होने के बाद सूबेदार ने कहा कि काफी लंबे समय से हम लोग संघर्ष कर रहे थे मैं सरकार को और न्यायालय को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं कि हम लोगों को साथ न्याय हुआ है हम जेल में बंद थे सजा होने के बाद भी हम जेल में बंद थे हमारे साथी हीरालाल और राजबक्श भी जेल में बंद थे वह भी लोग काफी समय तक सजा करते हैं अब हम लोगों को इतने साल बाद इंसाफ मिला है। बाइट- सूबेदार- बरी।0
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कोलकाता में रथ यात्रा, ISKCON के दास ने मायापुर दौरे की घोषणा की
Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA (WEST BENGAL): YUDHISTIR GOVINDA DAS (TRUSTEE & DIRECTOR OF COMMUNICATIONS, ISKCON INDIA) ON RATH YATRA CELEBRATIONS IN KOLKATA/ ISKCON MIDDAY MEAL PROGRAMME IN SCHOOLS ACROSS KOLKATA AND PARTS OF WEST BENGAL FROM AUGUST 1 पश्चिम बंगाल: कोलकाता में रथ यात्रा समारोह पर, इस्कॉन इंडिया के ट्रस्टी और संचार निदेशक, युधिष्ठिर गोविंदा दास कहते हैं, "...यह एक बहुत ही पवित्र अवसर है, और हम बेहद खुशी और उत्साह महसूस करते हैं कि सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मूसलाधार बारिश के बावजूद, जो केवल बारिश नहीं थी बल्कि उस रूप में एक दिव्य आशीर्वाद था, वह पहुंचे और भगवान राधा-गोविंदा देव जी का आशीर्वाद लिया। 'पूजा' करने के बाद, उन्होंने प्रभुपाद जी के दर्शन किए। इसके बाद, रथ पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद, उन्होंने कोलकाता के निवासियों को संबोधित किया, जिसके दौरान उन्होंने जगन्नाथ रथ यात्रा की महिमा और इस्कॉन के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे प्रेम संबंध के बारे में बात की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मायापुर को 'अधिसूचित क्षेत्र' घोषित किया जाएगा और कहा कि, बहुत जल्द, रथ यात्रा के समय और 'नीलाद्री विजय' समारोह से पहले, वह मायापुर का दौरा करेंगे। सभी भक्तों के साथ 'कीर्तन' में भाग लेना। यह बहुत खुशी की बात है। आज, इस्कॉन के माध्यम से, भगवान जगन्नाथ की महिमा फैलाने और भक्तों को उनके साथ जोड़ने के उद्देश्य से, देश भर में, हर गांव और हर गली में रथ यात्रा जुलूस निकाले जा रहे हैं。0
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पुरी रथयात्रा में भीड़ नियंत्रण घटे, घायल श्रद्धालु अस्पताल भेजे गए
Noida, Uttar Pradesh:PURI: THE BEGINNING OF THE CHARIOT-PULLING, CROWD CONTROL WAS REPORTEDLY LOST DUE TO EXCESSIVE CROWD/INJURED PEOPLE SHIFTED TO HOSPITAL/ VISUALS/DR UMASHANKA DAS (IG) S/B ओडिशा: पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान, सुरक्षाकर्मी घायल और बीमार श्रद्धालुओं को इलाज के लिए भीड़ से दूर ले गए0
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जौहर के बहाने AIMIM ने अखिलेश पर तंज कसा, आजम पर बुलडोजर की आहट?
Noida, Uttar Pradesh:मुद्दा- जौहर के बहाने AIMIM ने अखिलेश पर तंज कसा है और कहा है की जानबुझकर अखिलेश ऐसे मौके पर विदेश गए हैं जब आजम पर बुलडोजर चलने वाला है, सवाल है की क्या AIMIM अखिलेश पर आजम की अनदेखी का आरोप लगा रही है0
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राजस्थान में पिरामल फाउंडेशन व शिक्षा विभाग का MoU: AI और लर्निंग पर जोर
Jaipur, Rajasthan:जयपुर विद्यालयी शिक्षा को तकनीक आधारित और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शासन सचिवालय में स्कूल शिक्षा विभाग और पिरामल फाउंडेशन के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की अध्यक्षता व समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा की उपस्थिति में हुआ। एमओयू के तहत पिरामल फाउंडेशन राज्य में टेक्निकल सपोर्ट यूनिट के रूप में कार्य करेगा। फाउंडेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग आधारित डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा छात्रवृत्ति योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाने में भी सहयोग करेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार पर जोर दिया जाएगा। पीएएल डैशबोर्ड के माध्यम से डेटा और डेटाबेस गवर्नेंस को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति की बेहतर निगरानी हो सके।0
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9 अगस्त को मथुरा में कार सेवा का ऐलान; अखाड़ों का समर्थन
Mathura, Uttar Pradesh:9 अगस्त को मथुरा में कार सेवा का ऐलान देश भर के अखाड़ों और अखाड़ा परिषद का मिला समर्थन देश भर के साधु संत चित्रगुप्त पीठ से करेंगे कृष्ण जन्मभूमि के लिए कूच बाइट-चित्रगुप्त पीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. स्वामी सच्चिदानन्द जी0
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मेरठ में जगन्नाथ रथ यात्रा विवाद: प्रशासन ने रिसीवर नियुक्त कर स्थिति संभाली
Meerut, Uttar Pradesh:मेरठ में जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर हुए विवाद में हिंदुओं के दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं दोनों पक्ष यात्रा के संचालन का अधिकार माँग रहे हैं अति प्राचीन बिलksेwar महादेव से निकलने वाली इस रथ यात्रा मैं प्रशासन ने फ़िलहाल दोनों पक्षों के पुजारी को औरत से नीचे उतार दिया और अपना पुजारी रथ पर बैठा दिया है दरअसल मेरठ के सदर स्थित बिलकेस्वर महादेव मंदिर पर आधपत्य को लेकर लड़ाई है दोनों पक्ष मंदिर पर और मंदिर में चढ़ने वाले चढ़ावे पर अपना अधिकार चाहते हैं विवाद बढ़ने पर ज़िला प्रशासन मेरठ ने 143 के तहत_action_ करते हुए_mandir_ के लिए रिसीवर नियुक्त कर दिया है मंदिर में मजिस्ट्रेट और एस एच ओ की निगरानी में सब काम हो रहा है इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ रहे थे लेकिन पुलिस की कड़ाई की वजह से और प्रशासनिक मुस्तैदी की वजह से बढ़ा विवाद होने से बच गया।0
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