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Om DwivediOm DwivediFollow29 Nov 2024, 06:04 am
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CMHO कार्यालय में फर्जी नियुक्तिपत्र से भर्ती धांधली, दो युवक थाने पहुँचे

Morena, Madhya Pradesh:फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग लेने पहुंचे दो युवक आउटसोर्स भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला आया सामने दो युवक CMHO कार्यालय में नियुक्ति पत्र के आधार पर ज्वाइनिंग करने पहुंचे CMHO डॉ. एम एस सागर ने नियुक्ति पत्र देखते ही पुलिस को दी सूचना जांच में नियुक्ति पत्र पर CMHO के हस्ताक्षर नहीं मिले, पत्र निकला फर्जी श्योपुर जिले के विजयपुर निवासी संतोष अपने साथी के साथ पहुंचा था CMHO कार्यालय दोनों ने CMHO से मुलाकात कर आउटसोर्स नियुक्ति पत्र सौंपते हुए ज्वाइनिंग की मांग की थी फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही थाटीपुर थाना पुलिस को दी गई सूचना पुलिस दोनों युवकों को पूछताछ के लिए थाने ले गई पूछताछ में युवक नहीं बता सके कि नियुक्ति पत्र किस व्यक्ति या एजेंसी ने उपलब्ध कराया पुलिस अब फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और इसके पीछे शामिल लोगों की तलाश में जुटी
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राजस्थान में तीसरे मोर्चे की चुनौती: क्या बदलेगा चुनावी समीकरण?

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। इन चुनावों में मुख्य मुकाबला भले ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा हो, लेकिन तीसरे मोर्चे के दल भी अपनी-अपनी ताकत आजमाने की तैयारी में है। आम आदमी पार्टी हो, आरएलपी, बीएसपी, एआईएमआईएम या भारत आदिवासी पार्टी, सभी अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों में चुनावी मैदान में उतरने का दावा कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये भी है कि क्या तीसरे मोर्चे के ये दल बीजेपी और कांग्रेस के सामने कोई बड़ी चुनौती खड़ी कर पाएंगे? राजस्थान में निकाय और पंचायतीराज का चुनावी रण सजने से पहले ही सियासी दावों का दौर शुरू हो गया है। इन चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला तय है, लेकिन इस बार तीसरे मोर्चे के दल भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का दावा कर रहे हैं। कोई अपने संगठन के दम पर चुनाव लड़ने की बात कर रहा है, तो कोई अपने प्रभाव वाले इलाकों में बड़ी जीत का दावा कर रहा है। आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, एआईएमआईएम और भारत आदिवासी पार्टी जैसे दलों की नजर अब स्थानीय चुनावों पर है। लेकिन असली सवाल है—क्या ये दल सिर्फ वोट काटेंगे या फिर चुनावी मुकाबले का समीकरण भी बदलेंगे? तीसरे मोर्चे की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राजस्थान में अब तक कोई ऐसा गैर-कॉनग्रेस, गैर-बीजेपी गठबंधन नहीं बन पाया, जो पूरे प्रदेश में एक साथ मजबूत राजनीतिक ताकत के तौर पर उभर सके। अलग-अलग election में अलग-अलग दलों ने अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराई है। लेकिन चुनाव आते-आते ज्यादातर दल अपने-अपने संगठन और अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों तक सीमित नजर आए। यही वजह है कि इस बार भी तीसरे मोर्चे के सामने सबसे बड़ा सवाल एकजुटता और प्रदेशव्यापी संगठन का है। AAP अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कर रही है। किसी गठबंधन से इनकार और अपने संगठन के दम पर निकाय-पंचायत चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। ऐसे ही दूसरे दल भी अपनी अपनी ढपली अपनी अपनी राग बता रहे हैं। आम आदमी पार्टी का तर्क है कि लोकसभा चुनाव के दौरान बना इंडिया गठबंधन चुनावी परिस्थिति के लिहाज से था, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ा। अब राजस्थान के स्थानीय चुनावों में भी AAP अकेले मैदान में उतरने की बात कह रही है। यानी तीसरे मोर्चे के नाम पर कोई साझा रणनीति बनती फिलहाल दिखाई नहीं दे रही। और यही बात तीसरे मोर्चे की सबसे बड़ी कमजोरी भी बन सकती है। पिछले नगर निकाय चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है। वर्ष 2021 में 91 नगर निकायों के 3,060 वार्डों में चुनाव हुए। इन चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी ने बड़ी संख्या में वार्ड जीते। वहीं तीसरे मोर्चे के दलों की मौजूदगी कुछ सीटों और कुछ क्षेत्रों तक सीमित रही। 2021 नगर निकाय चुनाव: आंकड़े क्या कहते हैं? 91 नगर निकाय 3,060 वार्ड 15,231 प्रत्याशी परिणाम: बीजेपी — 1,149 वार्ड कांग्रेस — 1,194 वार्ड RLP — 13 वार्ड BSP — 1 वार्ड CPM — 3 वार्ड NCP — 46 वार्ड निर्दलीय — 654 वार्ड राजस्थान में तीसरे मोर्चे की राजनीति को समझने के लिए इनके क्षेत्रीय प्रभाव को समझना भी जरूरी है। BSP का प्रभाव अलवर, धौलपुर और करौली जैसे इलाकों में देखने को मिलता है। RLP की राजनीति मुख्य तौर पर नागौर, जोधपुर और मारवाड़ के कुछ हिस्सों में प्रभावी रही है। माकपा का प्रभाव श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर के कुछ इलाकों में दिखाई देता है। वहीं भारत आदिवासी पार्टी का मजबूत आधार दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी इलाकों डूंगरपुर, बांসवाड़ा और उदयपुर बेल्ट में माना जाता है। आम आदमी पार्टी शहरी क्षेत्रों में अपना संगठन खड़ा करने की कोशिश कर रही है। यानी तीसरे मोर्चे की पार्टियों के पास अपने-अपने इलाके हैं, अपना-अपना वोट बैंक है, लेकिन पूरे राजस्थान में एक समान पकड़ नहीं है। यही कारण है कि चुनावी विश्लेषक तीसरे मोर्चे को लेकर सबसे बड़ा सवाल उसके बिखरे हुए जनाधार को मानते हैं। अगर अलग-अलग पार्टियां अलग-अलग इलाकों में चुनाव लड़ती हैं तो ये दल कुछ सीटों पर बड़ा उलटफेर जरूर कर सकते हैं। लेकिन बीजेपी और कांग्रेस को पूरे प्रदेश में चुनौती देने के लिए उन्हें संगठन, संसाधन, उम्मीदवार और बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क की जरूरत होगी। राजस्थान में तीसरे मोर्चे की कोशिशें पहले भी हुई हैं। लेकिन चुनाव के समय दल अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में सिमट जाते हैं। यही वजह है कि कोई भी तीसरा मोर्चा प्रदेशव्यापी विकल्प के तौर पर मजबूत नहीं हो पाया। हालांकि तीसरे मोर्चे को पूरी तरह खारिज करना भी आसान नहीं होगा। स्थानीय चुनावों में समीकरण विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होते हैं। यहां उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, जातीय और सामाजिक समीकरण, स्थानीय मुद्दे और स्थानीय नेतृत्व बड़ी भूमिका निभाते हैं। कई बार एक छोटी पार्टी भी किसी खास वार्ड, पंचायत समिती या स्थानीय निकाय में मजबूत उम्मीदवार उतारकर बड़ा उलटफेर कर सकती है। और अगर बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुकाबला करीबी हुआ, तो तीसरे मोर्चे का कुछ प्रतिशत वोट भी नतीजों पर असर डाल सकता है। इन चुनावों में तीसरे मोर्चे की भूमिका दो तरह से महत्वपूर्ण हो सकती है। पहली,अगर कोई पार्टी अपने मजबूत क्षेत्र में बड़ी संख्या में सीटें जीतती है, तो वह स्थानीय राजनीति में किंगमेकर की भूमिका में आ सकती है। दूसरी, अगर तीसरे मोर्चे के दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, तो उनका वोट बीजेपी या कांग्रेस के लिए सीधे तौर पर सीटों में तब्दील न होकर मुकाबले के समीकरण को प्रभावित कर सकता है। यानि तीसरे मोर्चे के लिए सवाल सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि किसे हराने और किसका वोट काटने का भी होगा। इस बार क्या बदलेगा? तीसरा मोर्चा मजबूत हुआ तो— त्रिकोणीय मुकाबले बढ़ेंगे स्थानीय सीटों पर उलटफेर संभव निर्दलीयों के साथ नए समीकरण बीजेपी-कांग्रेस के वोट बैंक पर असर कई जगह किंगमेकर की भूमिका हालांकि इस बार परिस्थितियां कुछ अलग भी हो सकती हैं। स्थानीय चुनावों में सत्ता विरोधी माहौल, स्थानीय नाराजगी, उम्मीदवार चयन और क्षेत्रीय मुद्दे तीसरे मोर्चे के दलों को फायदा पहुंचा सकते हैं। अगर कोई पार्टी अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवारों के साथ उतरती है, तो वह नतीजों में अपनी संख्या बढ़ा सकती है। लेकिन अगर लक्ष्य बीजेपी और कांग्रेस को प्रदेशव्यापी चुनौती देने का है, तो सिर्फ कुछ इलाकों में प्रभाव काफी नहीं होगा। इसके लिए तीसरे मोर्चे को राजस्थान के हर संभाग, हर जिले और हर बूथ तक संगठन खड़ा करना होगा।
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करौली में रिमझिम बारिश से मौसम ठंडा, बांधों में पानी बढ़ा

Karauli, Rajasthan:क्षेत्र मे एक बार फिर शुरू हुआ रिमझिम बारिश का दौर, जिला करौली। शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और जिला मुख्यालय सहित क्षेत्र में रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के चलते पांचना बांध सहित जिले के कई बांधों और तालाबों में पानी की आवक हुई। शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से काले घने बादल छाए हुए थे। शनिवार दोपहर बाद अचानक हल्की बारिश शुरू हुई, जो रुक-रुककर जारी रही। बारिश के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते जिले के सबसे बड़े पांचना बांध का जलस्तर बढ़कर 254.80 मीटर पहुंच गया। बांध का अधिकतम गेज 258.62 मीटर है। इसके अलावा जिले के अन्य जलस्रोतों में भी पानी की आवक हुई। शहर में बारिश के दौरान पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित एनएच-24, न्यायालय परिसर के बाहर और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने सहित कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि बारिश थमने के कुछ समय बाद पानी की निकासी हो गई। जलभराव के दौरान सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद मौसम में ठंडक आने से लोगों ने राहत महसूस की।
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जयपुर की पुरानी हवेली से खजाना मिलने के बाद ठेकेदार गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में पुराने शहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें पुरानी हवेली को तोड़कर खजाना मिला। पर खजाने को मालिक को सौंपने के बजाय ठेकेदार ने उसे चोरी कर लिया और हिस्से की कुछ चांदी के सिक्के बाजार में बेच दिए। कहानी सामने आने पर थाने तक पहुंची और अब खजाने के खुलासे के करीब 10 महीने बाद दोषियों की गिरफ्तारी हुई है। माणकचौक थाना क्षेत्र में पुरानी हवेली को तोड़कर नया निर्माण किया जा रहा था। हवेली तोड़ने के दौरान ठेकेदार और उसके साथियों को पुराने चांदी के सिक्के, चांदी की सिल्लियां और अन्य कीमती सामान मिले। हालांकि 66 किलो 400 ग्राम चांदी की दो बड़ी सिल्लियां बरामद हो चुकी हैं, जिनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। लेकिन लगभग 1500 चांदी के सिक्के अभी भी बरामद होना बाकी हैं। जयपुर के पुरानी हवेलियों और पुराने भवनों के तुड़ाई के इन घटनाक्रमों में खजाने मिलने के बाद उसकी लालच में साजिशें रची जाती हैं, ताकि हिस्सेदारी बाँटी जा सके। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ के दौरान चांदी की सिल्लियों के बारे में अहम जानकारी मिली है। अब खजाने के बाकी हिस्से और सोने के सिक्कों सहित अन्य कीमती सामान के बारे में भी पता लगाने का प्रयास जारी है।
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मानसून के लिए राहत-योजनाओं की समीक्षा: मदन कौशिक ने जिला कार्यालय से निर्देश दिए

Bageshwar, Uttarakhand:आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को जिला कार्यालय में मानसून से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए। जिले में 235 मोटर मार्गों पर आपदा की स्थिति में यातायात बहाली के लिए जेसीबी तैनात हैं। अब तक चार मॉकड्रिल कराई जा चुकी हैं और 464 आश्रय स्थल चिह्नित किए गए हैं। मंत्री ने विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इस वर्ष आपदा प्रभावितों को अब तक 12.32 लाख रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है。
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सीएमएचओ ने मंडरायल क्षेत्र के अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया, कई कर्मी अनुपस्थित

Karauli, Rajasthan:सीएमएचओ ने मंडरायल क्षेत्र की कई चिकित्सा संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संस्थाओं पर चिकित्साधिकारी और कार्मिक अनुपस्थित मिले, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। दवाओं, एंटी स्नेक वीनम, गर्भवती महिलाओं की सेवाओं, ड्रेस कोड और समयबद्ध चिकित्सा सेवाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। शनिवार को पीएचसी चंदेलीपुरा, पीएचसी औंड, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंडरायल, पीएचसी नयागांव, सीएचसी रोधई और पीएचसी कसेड सहित स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पीएचसी चंदेलीपुरा में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिलीं, जबकि पीएचसी औंड में नर्सिंग ऑफिसर अनुपस्थित पाए गए। यहां चिकित्सा अधिकारी के हस्ताक्षर कॉलम में डे ऑफ दर्ज था, लेकिन निरीक्षण के दौरान वे संस्था में मौजूद मिले। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंडरायल में ANM अनुपस्थित मिलीं। निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी ने निरीक्षण की सूचना मिलने पर डे ऑफ दर्ज किया था। स्वीपर के दो दिन से संस्था में नहीं आने की जानकारी भी मिली। पीएचसी नयागांव में चिकित्सा अधिकारी हस्ताक्षर कॉलम में डे ऑफ दर्ज कर अनुपस्थित मिले। वहीं सीएचसी रोधई में चिकित्सा अधिकारी के जून माह से हस्ताक्षर कॉलम खाली मिले और लैब टेक्नीशियन भी अनुपस्थित पाया गया। सीएचसी भवन के स्थानांतरण की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दवाओं और एंटी स्नेक वीनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य संस्थाओं में ड्रेस कोड और समयबद्ध सेवाओं की पालना पर भी जोर दिया गया। सीएमएचओ ने कहा कि आमजन को समय पर और सुगम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी है। बरसात के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटीलार्वल, सोर्स रिडक्शन और एंटी एजेंट गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा मौजूद रहे।
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मुंबई: मनसे के बोर्ड तोड़ने के आरोप, भाजपा रंग के इस्तेमाल पर सवाल उठे

Mumbai, Maharashtra:ब्रेकिंग बोरीवलीत मनसेच्या बोर्डावर पालिकेची तोडक कारवाई मनसे आक्रमक साईबाबा सिग्नलजवळ राज ठाकरे यांच्या वाढदिवसानिमित्त १४ जूनला लावला होता मनसेने नोटीस बोर्ड आज मुंबई महानगरपालिकेकडून बोर्डावर तोडक कारवाई “कायदा सर्वांसाठी समान आहे की नाही?” मनसेचा पालिकेला सवाल सार्वजनिक गार्डनच्या गेटवर भाजपच्या झेंड्याचा रंगाचा वापर केल्याचा मनसेचा आरोप याबाबत प्रशासनाकडे पत्रव्यवहार करूनही कारवाई न झाल्याचा दावा एका पक्षाचा बोर्ड काढायचा आणि दुसऱ्या पक्षाचे रंग तसेच ठेवायचा, हा कोणता समान न्याय? मनसेचा तोडलेला बोर्ड पूर्ववत लावण्याची मागणी प्रशासनाने निष्पक्ष कारवाई न केल्यास लोकशाही मार्गाने तीव्र आंदोलनाचा इशारा
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खिचड़ी खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी, छिपकली मिलने का आरोप; आदेश

Madanpur, Bihar:जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के बभनी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में शनिवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद करीब पांच दर्जन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने पेट दर्द और सिर में चक्कर आने की शिकायत की। जिसके बाद अभिभावकों ने आनन-फानन में बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया में भर्ती कराया। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।छात्र-छात्राओं श्रीवास्तव कुमार, रूपक कुमार, साक्षी कुमारी, सरस्वती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी और अभिमन्यु कुमार समेत अन्य बच्चों ने आरोप लगाया कि खिचड़ी खाने के कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों का दावा है कि भोजन की थाली में मरी हुई छिपकली भी मिली थी। बच्चों ने आरोप लगाया कि छिपकली मिलने की जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका और rसोइया को दी गई।लेकिन कथित तौर पर उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया। आरोप है कि इसके बाद खिचड़ी को फेंक दिया गया और विद्यालय में तत्काल छुट्टी कर दी गई। बच्चों के अनुसार, छुट्टी के बाद विद्यालय के मुख्य गेट में ताला लगाकर शिक्षक वहां से चले गए।घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया और वे अपने बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे। बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने बताया कि शनिवार की दोपहर बच्चों को खिचड़ी परोसी गई थी। बच्चों ने भोजन करने के बाद अपने-अपने घर का रुख किया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत मिली।इस संबंध में डीपीओ रवि शास्त्री ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति अब सामान्य है। विद्यालय की जांच कराई जाएगी और जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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Kotkapura में किसान आंदोलन: रेल रोक को सोमवार तक मुल्तवी किया गया

Kot Kapura, Punjab:ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰੇਲ ਰੋਕੋ ਅੰਦੋਲਨ ਸੋਮਵਾਰ ਤੱਕ ਮੁਲਤਵੀ ਕੋਟਕਪੂਰਾ: ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਅੱਜ ਸ਼ਾਮ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਏਕਤਾ ਸਿੱਧੂਪੁਰ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਦੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਹੋਈ। ਮੀਟਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀ ਨੇ ਰੇਲ ਰੋਕੋ ਅੰਦੋਲਨ ਨੂੰ ਸੋਮਵਰ ਤੱਕ ਮੁਲਤਵੀ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ。 ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੇ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕਾਕਾ ਸਿੰਘ ਕੋਟੜਾ ਨੇ ਕੀਤੀ, ਜਦਕਿ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ, ਐਸਐਸਪੀ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਮੌਜੂਦ ਰਹੇ。 ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਕਰਜ਼ਾ ਮੁਆਫ਼ੀ, ਸ਼ੰਭੂ-ਖਨੌਰੀ ਬਾਰਡਰ ’ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੋਏ ਨੁਕਸਾਨ ਦੀ ਭਰਪਾਈ, ਲੈਂਡ ਮਾਰਗੇਜ ਬੈਂਕ ਵੱਲੋਂ ਖਾਲੀ ਚੈੱਕਾਂ ਦੀ ਕਥਿਤ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਹਰੀਨੌ ਦੇ ਦੋ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ deposition ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਇਸੇ ਤਹਿਤ 5 ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਪਿੰਡ ਸੰਧਵਾਂ ਵਿਖੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਪੱਕਾ ਮੋਰਚਾ ਵੀ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਬਾਅਦ ਦੁਪਹਿਰ ਰੇਲਵੇ ਟਰੈਕ ਜਾਮ ਕਰਨ ਦੀ ਚਿੰਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ, جس ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਸਪੀਕਰ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਵਾਈ。 ਮੀਟਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਾਕਾ ਸਿੰਘ ਕੋਟੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਮੰਗਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀਆਂ, ਸੰਧਵਾਂ ਵਿਖੇ ਮੋਰਚਾ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੈਂਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਧਰਨੇ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੇ। ਰੇਲ ਰੋਕੋ ਅੰਦੋਲਨ ਨੂੰ ਫਿਲਹਾਲ ਸੋਮਵਾਰ ਤੱਕ ਮੁਲਤਵੀ ਕੀਤਾ गया ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸੋਮਵਾਰ ਤੱਕ ਮੰਗਾਂ ਸਬੰਧੀ ਨੋਟੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਬਾਈਟ ਕਾਕਾ ਸਿੰਘ ਕੋਟੜਾ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਉੱਥੇ ਹੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਮਾਹੌਲ ਵਿੱਚ ਹੋਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿੰਡ ਹਰੀਨੌ ਦੇ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਵੀ ਇਹ ਸਹਾਇਤਾ ਜਾਰੀ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇਗੀ。 ਬਾਈਟ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਸਪੀਕਰ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਤੋਂ ਕੇ ਸੀ ਸੰਜੇ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ
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दफनविधी से लौटते समय कार विहिरी में गिरी, दो महिलाओं की मौत

Jalna, Maharashtra:जालना | दफनविधीहून परतताना कार विहिरीत कोसळली, दोर महिला ठार पारध-वालसावंगी मार्गावर भीषण अपघात; दोन जणांना ग्रामस्थांनी वाचविले अँकर जालन्यातील भोकरदन तालुक्यातील पारध-वालसावंगी रस्त्यावरील पद्मावती गावाजवळ कारचा भीषण अपघात घडला. भरधाव वेगात असलेली कार अचानक रस्त्यालगत असलेल्या विहिरीत कोसळली. या दुर्घटनेत एका महिलेचा पाण्यात बुडून मृत्यू झाला तर एका महिलेचा उपचारादरम्यान मृत्यू झाला. स्थानिक नागरिकांच्या मदतीने दोन पुरुषांचे प्राण वाचवण्यात यश आले आहे. धावडा येथील रहिवासी असलेले 47 वर्षीय सुलताना बेगम जियाउल्लाखान आणि 75 वर्षीय अकतरबी, मुलगा 22 वर्षीय अबुताला जियाउल्लाखान आणि अल्तामश खान हे कुटुंब सावंगी अवघडराव येथे एका नातेवाईकाच्या दफनविधीसाठी गेले होते. दफनविधी आटोपून हे चौघेही कारने पुन्हा धावडा गावाकडे परतत होते. दरम्यान, पारध ते वालसावंगी रस्त्यावरून येत असताना पद्मावती गावाजवळ चालकाचा गाडीवरील ताबा सुटला. अनियंत्रित झालेली गाडी थेट रस्त्यालगतच्या सुरक्षा कठड्याविना असलेल्या विहिरीत जाऊन कोसळली. दरम्यान कार विहिरीतून काढण्यात रात्री अपयश आले असून आज ही कार विहिरी बाहेर काढण्यात आली.
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