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छिंदवाड़ा- सागर: अवैध शराब के आरोपों से कोलाहल, आबकारी एक्शन तेज

Chhindwara, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा में बीती रात अवैध शराब बेचने पर आबकारी की कार्यवाही लेकिन ग्रामीण अंचलों में अभी भी बेची जा रही अवैध शराब. गुलाबी गैंग राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्णिमा वर्मा ने प्रशासन पर लगाए सीधे आरोप सागर जिले में जहरीली शराब से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई वही 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती है .वही छिंदवाड़ा की बात की जाए तो बीती रात आबकारी विभाग ने कार्यवाही करते हुए गुरैया मंडी से अवैध तरीके से बेची जा रही 7 से 8 पेटी शराब जब्त की है लेकिन आरोपी मौके से फरार है .वही छिंदवाड़ा के ग्रामीण अंचलों की बात की जाए तो लगातार ग्रामीण अंचलों से खबरें सामने आती है कि महिलाओं के द्वारा जो अवैध शराब का वाहन है या जो शराब उनके गाँव में बेची जाती है उसको लेकर महिलाएं प्रदर्शन करती दिखाई देती है या उनके द्वारा शराब नष्ट कर दी जाती है वही छिंदवाड़ा में गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीधा आरोप लगाया है कि शहर ने डेली नीड्स की दुकान में अवैध आहते अभी भी चलाए जा रहे है .शराब की होम डिलीवरी 2 पहिया वाहनों के जरिए की जा रही है अगर शहर में सागर जिले जैसी कोई घटना होती है तो उसका जिम्मेदार छिंदवाड़ा जिले का प्रशासन और सरकार होगी और राजस्व के लिए कितने नौजवानों का भविष्य खराब किया जा रहा है जैसे आरोप उन्होंने लगाए और अगर अगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता है तो उनके द्वारा आगे खुद इस कार्यवाही करने की बात भी कही . वही आबकारी विभाग का कहना है कि उनके द्वारा लगातार अवैध शराब को लेकर कार्यवाही की जा रही है और ग्रामीण अंचलों में भी कार्यवाही के दौरान अवैध शराब पाई जाती है तो कठोर कारवाही की जाएगी.
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भदोही: अवैध कब्जे पर प्रशासन ने जमीन वापस दिलाकर प्रक्रिया पूरी की

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:भदोही में भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटवाया और पीड़ित को उसकी जमीन पर कब्जा दिलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बोई गई धान की फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर जमीन को जुतवा दिया गया। मामला तहसील भदोही के कोछिया गांव स्थित चकवेजू मौजे का है, यहां गाटा संख्या 69 में करीब 3.3350 हेक्टेयर भूमिधरी जमीन पर गांव की वनवासी बस्ती के कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप था पीड़ित मनोज कुमार दुबे के मुताबिक, जमीन पर कब्जा हटाने के लिए उन्होंने धारा 24 के तहत पैमाइश कराई थी। इसके बाद एसडीएम कोर्ट से भी कब्जा दिलाने का आदेश पारित हुआ, लेकिन इसके बावजूद जमीन खाली नहीं की गई, डीएम शैलेश कुमार के निर्देश पर तहसीलदार भदोही अशोक शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कार्रवाई करते हुए जमीन पर बोई गई धान की फसल को ट्रैक्टर चलवाकर जुतवा दिया और अवैध कब्जा हटवाया, इसके बाद एसडीएम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पीड़ित मनोज कुमार दुबे को उनकी भूमिधरी जमीन पर दखल-कब्जा सुपुर्द कर दिया गया, मौके पर तहसीलदार अशोक शुक्ला ने स्पष्ट चेतावनी दी कि दोबारा किसी ने कानून हाथ में लेने या जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद पीड़ित को उसकी जमीन पर कब्जा मिल गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अवैध कब्जे के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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गाजीपुर में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर हमला, कहा 2027 में फिर हारेंगे

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले - खुद पागल हो गए हैं, 2027 में फिर हारेंगे ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले - खुद पागल हो गए हैं और राजनीतिक ट्रैक से उतर चुके हैं पीडीए पर कसा तंज : पी से पहले 2017 में हारे, डी से दोबारा 2022 में हारे और ए से अब 2027 में फिर हारेंगे अखिलेश यादव पर अपने ही यादव मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से भेदभाव करने का लगाया आरोप। आजमगढ़ में सपा विधायक द्वारा कार्यकर्ता की पिटाई का दिया उदाहरण सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर बोले, कोर्ट के नोटिस के बाद हुई कार्रवाई, सपा-कांग्रेस सिर्फ मुस्लिम वोट के लिए राजनीति कर रही है गाजीपुर में आज उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा संगठन मंत्री विनोड तावड़े को अखिलेश यादव द्वारा PAGAL कहे जाने के सवाल पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव खुद पागल हो गए हैं और जिस राजनीतिक ट्रैक पर चल रहे थे, उससे उतर चुके हैं। आज मंगलवार को गाजीपुर में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं के बढ़े हुए मानदेय को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे ओमप्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे एक्सप्रेस वे पर चले, फिर टू लेन पर आए, उसके बाद सिंगल लेन पकड़ ली और अब पगडंडी पकड़ने जा रहे हैं, यानि वो अपना ट्रैक खुद ही बदलते जा रहे हैं। उन्होंने अपने अंदाज में पीडीए की नई परिभाषा बताते हुए कहा कि पी यानी पहले 2017 में हारे, डी यानी दोबारा 2022 में हारे और ए यानी अबकी बार 2027 में फिर हारेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने ही यादव समाज और कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव करते हैं। राजभर ने कहा कि आजमगढ़ में सपा के विधायक और कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ रहे हैं, जिससे पार्टी के अंदर की स्थिति साफ दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव अपने 60 प्रतिशत यादव मतदाताओं के साथ भी भेदभाव कर रहे हैं। सपा सरकार के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि उस समय बाल पुष्टाहार तक की व्यवस्था सवालों के घेरे में थी और उनके मंत्री गाय-भैंसों को चारे में खिलाने की बातें सामने आती थीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय उन्हें मात्र 4 हजार रुपये मानदेय मिलता था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे पहले बढ़ाकर 8 हजार रुपये किया और अब बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि कार्रवाई कोर्ट के नोटिस के बाद हुई है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकारें थीं तो उन्होंने इस मामले का संज्ञान क्यों नहीं लिया। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो आज यह स्थिति नहीं आती। राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल मुस्लिम वोटों को खुश करने के लिए बयानबाजी और फातिहा पढ़ने का काम कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में ओमप्रकाश राजभर ने साफ शब्दों में दावा किया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ेगा।
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कटनी में युवक पर लाठी-डंडों से हमला, वीडियो वायरल; हालत गंभीर

Katni, Madhya Pradesh:कटनी में युवक पर लाठी-डंडों से हमला वीडियो वायरल है और हालत गंभीर बताई जा रही है। अमीरगंज थाना क्षेत्र से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो युवक एक युवक को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। मारपीट में घायल युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें पकड़ने के लिए टीम रवाना कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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शनिशिंगणapur देवस्थान कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, वेतन आयोग और स्वास्थ्य बीमा पर वार्ता सफल

Ahilyanagar, Maharashtra:अहिल्या नगर येथील शनिशिंगणापूर च्या देवस्थान कर्मचाऱ्यांनी आपल्या विविध मागण्यासाठी बंद करण्याचा निर्णय अखेर मागे घेतला आहे. शनि देवस्थान ट्रस्ट येथे कार्यरत असलेल्या कर्मचाऱ्यांनी सहावा वेतन आयोग 54 दिवसांच्या सुट्ट्या आरोग्य विमा यासह वेगवेगळ्या मागण्यांसाठी काम बंद आंदोलनाचा इशारा दिला होता मात्र देवस्थानचे प्रशासक आणि विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम यांची कर्मचाऱ्यांसोबत ऑनलाइन बैठकी पार पडली यात देवस्थान उत्पन्न आणि खर्चाच्या मर्यादा यावर चर्चा करण्यात आली मागण्यांबद्दल प्रशासक सकारात्मक असून नियमानुसार कर्मचाऱ्यांना लाभ दिला जाईल असं सांगत असतानाच आरोग्य विमा काढण्याचा आश्वासन दिलं यानंतर प्रशासक कार्यकारी अधिकारी उपजिल्हाधिकारी अतुल चोरमारे यांच्यासोबत झालेल्या बैठकीनंतर कर्मचाऱ्यांनी संप करण्याचा निर्णय मागे घेतला आहे
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शिरूर में घरफोड़: 16.5 लाख के सोने-चांदी चोरी, 3 चोर गिरफ्तार

Shirur, Maharashtra:पुणे ग्रामीण स्थानिक गुन्हे शाखेला घरफोडीच्या गुन्ह्यात मोठं यश आलं आहे. शिरूरमध्ये बंद घराचे कुलूप तोडून लाखो रुपयांचे दागिने लम्पास करणाऱ्या ३ सराईत चोरांना पोलिसांनी बेड्या ठोकल्या आहेत. त्यांच्याकडून तब्बल १६ लाख ५० हजार रुपये किमतीचे सोन्या-चांदीचे दागिने हस्तगत करण्यात आले आहेत. १२ मार्च २०२६ रोजी शिरूर येथील स्टेट बँक कॉलनीमधील बीएसएनएल ऑफिस आणि एका बंद घरावर चोरांनी डल्ला मारला होता. या प्रकरणी शिरूर पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला होता. तांत्रिक विश्लेषण आणि गोपनीय बातमीदाराच्या आधारे स्थानिक गुन्हे शाखा, सासवड पोलीस आणि शिरूर पोलिसांनी संयुक्त कारवाई करत इंदापूर आणि बारामती परिसरातून सुरज निंबाळकर, शंकर घोरपडे आणि संगम शिंदे या तिघांना ताब्यात घेतलं. पोलिसी खाक्या दाखवताच आरोपींनी गुन्ह्याची कबुली दिली असून, त्यांच्याकडून १२१ ग्रॅम वजनाचे सोन्याचे आणि २०० ग्रॅम वजनाचे चांदीचे दागिने जप्त करण्यात आले आहेत. या टोळीतील इतर साथीदारांचाही पोलीस आता कसून शोध घेत आहेत.
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मुजफ्फरपुर में अनियंत्रित कार बिजली के पोल से टकराई, पोल टूट गया

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में एक अनियंत्रित कार ने बिजली के पोल को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से बिजली की पोल टूट गई और कार पर गिर गई, कार सवार बाल-बाल बच गए, जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के अयाचीग्राम मोहल्ला की है। जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब कार अचानक मोहल्ले में अनियंत्रित हो गई और सीधे बिजली के पोल से जा टकराई। टक्कर के दौरान बिजली प्रवाहित हो रही थी, जिससे पोल टूटकर कार पर गिर गया। इस हादसे में कार को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन कार चालक सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आनन-फानन में बिजली कटवाई, जिससे एक बड़ी हादसा होने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके साथ ही बिजली विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर बिजली मरम्मत के कार्य में जुट गई है।
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विदिशा में नंद महोत्सव: चार जिलों से 30 से अधिक मंडलियाँ आकर्षण

Vidisha, Madhya Pradesh:नंद महोत्सव का आयोजन, चार जिलों से आई 30 से ज्यादा मंडली माधवगंज से प्रारंभ हुआ ग्वालों और मंडली का चल समारोह, शहर में बांधी गई 11 माटकी पिछले 30 सालों से शहर मे राधाकृष्ण मंदिर से नंद महोत्सव का आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद आयोजित किया जाता है। इस बार कार्यक्रम का संयोजक रवि साहू को बनाया गया है, उन्होंने बताया कि प्रदेश के चार स्थानों भोपाल, सागर, रायसेन और विदिशा से भजन मंडली और लहंगी मंडली विदिशा आई है। मंगलवार को दोपहर एक बजे माधवगंज से नंद महोत्सव का जुलूस प्रारंभ हुआ। जो पूरे शहर के मार्गो से होकर गुजरा। संस्था प्रमुख बल्लू महाराज ने बताया कि इस बार शहर में 11 स्थानों पर मटकी लगाई गई है। जो विदिशा के साथ बाहर से आने वाले ग्वालों की टोलियां उनका छेदन कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस बार विदिशा को बृजधाम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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विदिशा जिला अस्पताल में आवारा कुत्तों का आतंक, सुरक्षा पर सवाल

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा --विदिशा के जिला अस्पताल में कुत्तों का आतंक --वीडियो हुआ वायरल --ना कोई सुरक्षा के इंतजाम विदिशा जिले का जिला अस्पताल जोकि मध्य प्रदेश के बड़े अस्पतालों में आता है इस अस्पताल में प्रतिदिन लाखों की संख्या में मरीज अपना इलाज करने आते हैं परंतु सुरक्षा की दृष्टि कि यदि हम बात करें तो विदिशा का जिला अस्पताल बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है जहां लोग कुत्ते के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं वहीं घूमता है कुत्तों का झुंड वीडियो वायरल वीडियो विदिशा जिला अस्पताल का है जहाँ रात्रि के समय कुत्तों का एक झुंड अस्पताल परिसर में घूमते हुए दिखाई दे रहा है वीडियो में आप स्पष्ट देख सकते हैं कि अस्पताल परिसर मैं कई मरीज और उनके परिजन सो रहे हैं इनमें कुछ छोटे-छोटे बच्चे भी है ऐसे में यदि यह कुत्तों का झुंड किसी छोटे बच्चों को उठाकर ले जाए या नोचने लगे तो आने वाली घटना का जिम्मेदार कौन होगा स्थानीय प्रशासन द्वारा इस अस्पताल में कई गार्ड्स की नियुक्ति की गई है परंतु रात्रि के समय यह घाट कहां गायब हो जाते हैं अस्पताल के अंदर इतनी बड़ी संख्या में कुत्तों का प्रवेश करना कहीं ना कहीं अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है विदिशा नगर पालिका द्वारा भी समय-समय पर आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है फिर भी इतनी बड़ी संख्या में कुत्ते अस्पताल परीक्षा में प्रवेश कैसे कर गए रात्रि में तैनात गार्ड और सुरक्षाकर्मी कहां चले गए
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हरियाणा में अपराध नियंत्रण पर ज़ीरो टॉलरेंस: SHO व सुपरवायजरी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई

Panchkula, Haryana:हरियाणा को अपराध मुक्त एवं सुरक्षित प्रदेश बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने आज प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की। लगभग 3 घंटे चली इस बैठक में प्रदेश में अपराध की स्थिति की थाना-वार तथा अपराध के विभिन्न हेड के अनुसार विस्तृत समीक्षा की गई। - अपराध नियंत्रण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, खराब प्रदर्शन करने वाले एसएचओ व सुपरवाइजरी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई बैठक में डीजीपी श्री अजय सिंघल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, जिम्मेदारी से बचने अथवा खराब प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों (SHO) एवं सुपरवाइजरी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना होगा। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अपराध की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में विफल रहने वाले थाना प्रभारियों को निलंबित करने के निर्देश देते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण में लापरवाही के प्रति विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश है。 - थाना-वार अपराध की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग, अपराध नियंत्रण में जवाबदेही तय करने पर जोर श्री अजय सिंघल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में थाना-वार अपराध की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग एवं गहन विश्लेषण सुनिश्चित किया जाए। यह देखा जाए कि किस थाने में किस प्रकार के अपराध में वृद्धि हुई है, उसके वास्तविक कारण क्या हैं तथा अपराध की रोकथाम के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल अपराध के आंकड़े एकत्र करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका विश्लेषण कर कारण आधारित कार्रवाई एवं प्रभावी अपराध नियंत्रण की स्ट्रैटेजी तैयार कर अपराध पर नियंत्रण सुनिश्चित करें। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ेगा, वहां संबंधित SHO के साथ-साथ सुपरवाइजरी अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में प्रत्येक SHO के साथ नियमित बैठक कर थाना-वार अपराध की समीक्षा करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ठोस एवं प्रभावी रणनीति तैयार कर अपराध पर नियंत्रण सुनिश्चित करें। - **सीसीटीएनएस डेटा के आधार पर तैयार होगी अपराध नियंत्रण रणनीति** उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को अपने अधीन आने वाले प्रत्येक थाने की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करनी होगी। सीसीटीएनएस में उपलब्ध डेटा का वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक विश्लेषण करते हुए यह पता लगाया जाए कि किस थाने में कौन-सा अपराध बढ़ रहा है और उसके पीछे क्या कारण हैं। इसके आधार पर समय रहते प्रिवेंटिव एक्शन लिया जाए, ताकि अपराध की घटना होने से पहले ही उसे रोकने की प्रभावी व्यवस्था की जा सके。 - प्रदेश में BNS के तहत कुल अपराध में 9.11 प्रतिशत की कमी, माइक्रो लेवल प्लानिंग से अपराध की जड़ तक पहुंचने पर जोर डीजीपी श्री अजय सिंहल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रदेश में BNS के तहत कुल अपराध में 9.11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे पुलिस विभाग के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उत्साहजनक है, लेकिन किसी विशेष प्रकार के अपराध में वृद्धि होने की स्थिति में उसके कारणों की तत्काल पहचान कर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए अब माइक्रो लेवल प्लानिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक थाने के अपराध पैटर्न का गहन विश्लेषण कर यह समझना होगा कि अपराध बढ़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। पुलिसिंग का फोकस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराध की जड़ और उसके मूल कारणों तक पहुंचकर उनका समाधान करने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारण आधारित कार्रवाई और प्रभावी माइक्रो प्लानिंग ही दीर्घकालिक एवं परिणामदायी अपराध नियंत्रण की कुंजी है। - 15 जून के निर्देशों की समीक्षा, छोटे अपराधों की निगरानी से गंभीर अपराध रोकने पर जोर डीजीपी श्री अजय सिंघल ने बैठक में गत 15 जून को प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को जारी निर्देशों की भी समीक्षा की, जिसमें थाना स्तर पर माइक्रो प्लानिंग एवं अपराध की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक थाने की कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन करते हुए उपलब्ध अपराध डेटा का विश्लेषण किया जाए और थाना प्रभारियों के साथ नियमित समीक्षा के माध्यम से अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएं। श्री सिंघल ने कहा कि हर छोटे से छोटे अपराध की भी बारीकी से निगरानी आवश्यक है, क्योंकि समय रहते छोटे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई कर भविष्य में गंभीर एवं संगठित अपराधों को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर अपराध के ट्रेंड और पैटर्न की पहचान कर प्रिवेंटिव पुलिसिंग को और मजबूत करने तथा अपराध की घटनाओं को जड़ स्तर पर रोकने के निर्देश दिए। - **बेस्ट प्रैक्टिसेस अपनाने और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने पर जोर** डीजीपी ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेस अपनाने, सफल पुलिसिंग मॉडल को अन्य जिलों में लागू करने तथा पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित रूप से प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि पूरे पुलिस बल में उत्कृष्ट कार्य करने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित हो। **अगली समीक्षा बैठक में थाना-वार रिपोर्ट होगी प्रस्तुत** डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में उनसे थाना-वार अपराध विश्लेषण, अपराध में वृद्धि के कारण तथा उसके आधार पर की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना लागू करने को कहा। - साइबर अपराध के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे व राशि रिकवरी पर विशेष फोकस बैठक में डीजीपी श्री अजय सिंघल ने साइबर अपराध से संबंधित लंबित मामलों एवं शिकायतों की समीक्षा करते हुए इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से समयबद्ध जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर जांच में तेजी लाई जाए। उन्होंने साइबर फ्रॉड मामलों में ठगी गई राशि को फ्रीज एवं रिकवर कराने, पीड़ितों को राशि वापस दिलाने, शिकायतों को FIR में कन्वर्ट करने तथा साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के मामलों में पुलिस की कार्रवाई में स्पष्टता और ठोस परिणाम दिखाई देना चाहिए तथा पीड़ितों को समय पर राहत दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। - धमकी भरी कॉल, फायरिंग व सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम पर जोर बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी श्री सौरभ सिंह ने धमकी भरी कॉल, फायरिंग की घटनाओं तथा अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं समन्वित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई, आपसी समन्वय तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी को आवश्यक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं की पहचान और निगरानी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। डीजीपी श्री अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा ऐसी गतिविधियों की समय रहते पहचान कर उन्हें फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। - **परिणाम आधारित पुलिसिंग होगी प्राथमिकता** डीजीपी श्री अजय सिंघल ने अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि हर अधिकारी को अपने क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर व्यक्तिगत निगरानी रखनी होगी। अपराध नियंत्रण में जवाबदेही और परिणाम आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग में केवल काम करने की नहीं, बल्कि नतीजा देने की संस्कृति विकसित की जाएगी और जो अधिकारी अपेक्षित परिणाम नहीं देगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी。
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सहारनपुर मस्जिद विध्वंस: जमीयत उलमा-ए-हिंद का कानूनी दायरा मजबूत

Noida, Uttar Pradesh:सहारनपुर मस्जिद का विध्वंस कानून और न्याय की हत्या है जमीयत उलमा-ए-हिंद का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा, शहर के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात, हक और इंसाफ की रक्षा का संकल्प सहारनपुर, 8 सितंबर 2026: सहारनपुर की ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट मस्जिद क विध्वंस के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी लगातार गंभीर चिंता के साथ पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उनकी विशेष हिदायत पर कल जमीयत उलमा-ए-उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा था। आज जमीयत उलमा-ए-हिंद का एक उच्चस्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में सहारनपुर पहुंचा और मस्जिद से संबंधित कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने शहर के जिम्मेदार लोगों, मुकदमे से जुड़े कानूनी विशेषज्ञों, राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों तथा जमीयत उलमा के स्थानीय पदाधिकारियों से विस्तृत मुलाकात की और आगे की रणनीति पर गंभीर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सांसद हाजी फज़लुर्रहमान, वर्तमान सांसद इमरान मसूद, भूमि से जुड़े स्वर्गीय याकूब खान के पौत्र फिरोज खान और शाह हारून खान, एडवोकेट नौशाद तथा मुकदमे के पक्षकार एडवोकेट तनवीर अहमद सहित अन्य संबंधित लोगों से भी विशेष चर्चा की। इन बैठकों में मस्जिद के विध्वंस, जिला प्रशासन के रवैये तथा उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विस्तार से विचार किया गया। चर्चा के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि जिस दस्तावेज को फैसले का आधार बताया जा रहा है, उसके संबंध में यह सवाल उठता है कि वह दस्तावेज न्यायिक रिकॉर्ड में विधिवत दर्ज था या नहीं। इसके अलावा जिस रिकॉर्ड में ‘सरकार-ए-हिंद’ से संबंधित उल्लेख का हवाला दिया जा रहा है, उसके विवादित भूमि से वास्तविक स्वामित्व संबंध को लेकर भी गंभीर कानूनी प्रश्न मौजूद हैं। इन सभी पहलुओं की दस्तावेजी और कानूनी जांच की जा रही है। इसके बाद अधिवक्ताओं के साथ विशेष बैठक कर मामले के सभी जटिल कानूनी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, मस्जिद से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों, भूमि के स्वामित्व के दावों और न्यायिक कार्यवाही से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि न्याय प्राप्त करने के लिए ठोस दस्तावेजों और उपलब्ध कानूनी उपायों के आधार पर संगठित एवं प्रभावी कानूनी लड़ाई जरूरी है। इसी दिशा में उच्च न्यायालय समेत उपलब्ध उच्चतर न्यायिक मंचों पर जाने और उचित कानूनी राहत प्राप्त करने की संभावनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि मामले से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और उन्हें जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा उन्होंने मस्जिद के विध्वंस पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह जल्दबाजी में कार्रवाई की गई, उससे शहर के लोगों और न्यायप्रिय नागरिकों में गंभीर बेचैनी पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित पक्ष को अपने बचाव और संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल का अवसर दिए बिना अचानक बुलडोजर चला देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि अदालत से संपर्क करने का अधिकार महज औपचारिक सुविधा नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना और संवैधानिक न्याय का बुनियादी हिस्सा है। प्रशासनिक कार्रवाई इस प्रकार नहीं होनी चाहिए कि प्रभावित पक्ष के लिए उच्च न्यायालय या अन्य सक्षम न्यायिक मंच का दरवाजा खटखटाने का अवसर ही व्यावहारिक रूप से समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में जो घटना हुई है, उससे पूरा शहर दुखी और चिंतित है। यह मामला केवल किसी एक धर्म या समुदाय का प्रश्न नहीं है, बल्कि कानून के शासन, संवैधानिक अधिकारों और न्याय के मूल सिद्धांतों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “जमीयत उलमा-ए-हिंद न्याय के हर उपलब्ध कानूनी दरवाजे पर दस्तक देगी। सहारनपुर के लोगों को इस मामले में जहां भी कानूनी सहायता की आवश्यकता होगी, जमीयत उलमा-ए-हिंद उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।” मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद का इतिहास संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का रहा है। सहारनपुर के मामले में भी संगठन पूरी ताकत के साथ कानूनी, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में कानून की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं और पूजा स्थलों सहित प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस कठिन परिस्थिति में भी सहारनपुर के जागरूक नागरिकों ने शांति, आपसी सद्भाव और ऐतिहासिक भाईचारे को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग दुखी और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यही साझा दुख, आपसी विश्वास और गंगा-जमुनी एकता सहारनपुर और देश की वास्तविक ताकत है। जनता की इसी एकता और जागरूकता के बल पर सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति को पराजित किया जा सकता है। जमीयत उलमा-ए-हिंद सभी नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए संविधान एवं कानून के दायरे में न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की अपील करती है। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने किया। उनके साथ मौलाना कासिम नूरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-प्रदेश दिल्ली, मौलाना अली हसन मजाहिरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश, मौलाना अज़ीमुल्लाह सिद्दीकी, सचिव जमीयत उलमा-ए-हिंद, मौलाना मुहम्मद यूसुफ कासमी, नाज़िम-ए-तंजीम, जमीयत उलमा-ए-प्रदेश दिल्ली, तथा हाफिज अबूबकर इब्ने मौलाना हकीमुद्दीन कासमी शामिल रहे। स्थानीय स्तर पर जमीयत उलमा जिला सहारनपुर के अध्यक्ष मौलाना गुलफाम मजाहिरी, महासचिव मौलाना सरताज अहमद कासमी, उपाध्यक्ष मौलाना शमशीर कासमी, शहर इकाई के अध्यक्ष मौलाना अतहर, सद्भावना मंच के संयोजक मौलाना फरीद मजाहिरी, मौलाना हारिस, तहसील रामपुर मनिहारान के महासचिव कारी शौकीन हुसैनी, मौलाना अब्दुल्लाह शाह, मौलाना अब्दुल अलीम और मौलाना अताउर रशीदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जिम्मेदार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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