Raebareli -ज़िले में 2 पैसेंजर ट्रेन का सञ्चालन 25 से
Raebareli, Uttar Pradesh:जिले के भीतर चलने वाली तीन शटल सेवाओं (पैसेंजर ट्रेनों) में से दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन 25 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। यह दोनों ट्रेनें सुबह और शाम को रायबरेली और रघुराज सिंह स्टेशनों के बीच दौड़ती हैं।हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
मंदिर परिसर से शिवलिंग उखाड़ने का वीडियो वायरल, ग्रामीणों में आक्रोश
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा। जनपद के थाना सैदनगली क्षेत्र के गांव नूरपुर खुर्द में मंदिर की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग को जमीन पर पटकता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद वीडियो में एक महिला भी दोनों हाथों से शिवलिंग उठाकर उसे जमीन पर पटकती हुई नजर आती है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान रामदेव, जयदेव पुत्र लखपत सिंह एवं जयदेव की पत्नी रानी के रूप में हुई है। उनका कहना है कि मंदिर की यह भूमि वर्षों पुरानी है और राजस्व अभिलेखों में मंदिर के नाम दर्ज बताई जाती है। आरोप है कि मंदिर से सटी भूमि होने के कारण उस पर कब्जा करने की नीयत से शिवलिंग को हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वायरल वीडियो में पहले एक युवक शिवलिंग को उखाड़कर जमीन पर पटकता दिखाई देता है, जिसके बाद एक महिला भी उसे दोनों हाथों से उठाकर दोबारा जमीन पर पटकती हुई नजर आती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कृत्य से भगवान शिव का अपमान हुआ है और उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद शिवलिंग को उखाड़कर जमीन पर पटक दिया गया। घटना के बाद गांव में रोष व्याप्त है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए, खंडित शिवलिंग के स्थान पर विधि-विधान से पुनः शिवलिंग स्थापित कराया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
