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रायबरेली-संभल की घटना पर भाकपा माले ने किया प्रदर्शन
Raebareli, Uttar Pradesh:संभल में हुई घटना कों लेकर भाकपा माले नें किया प्रदर्शन. भाकपा माले के पदाधिकारी विजय विद्रोही ने घटना के लिए सरकार को ठहराया दोषी, जामा मस्जिद विवाद मे नौजवानों की हत्या पर जताई नाराजगी विजय विद्रोही ने 2 घंटे अंदर सर्वे करवाने का कोर्ट के आदेश पर भी सवाल उठाये, विजय विद्रोही ने कहा संभल की घटना भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताने-बाने को नष्ट करने का एक प्रयास है।
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रेवाड़ी के सफाई कर्मचारी 15वें दिन धरना, 17 मांगे पूरी न होने पर हड़ताल अनिश्चितकाल
Rewari, Haryana:17 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का धरना 15वें दिन जारी रहा. सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया. कच्चे कर्मियों को पक्का करने और 'समान काम-समान वेतन' की मांग पर कर्मचारी अड़े रहे. 15 दिन बाद भी सुध लेने वाला कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर नहीं पहुंचा. रेवाड़ी में आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कहा कि अगर शासन स्तर पर बातचीत शुरू नहीं हुई तो उनकी 17 सूत्रीय मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकल पायेगा और आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा.0
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अतिक्रमण हटाने के दौरान विषाक्त पदार्थ सेवन, पुलिस और सरपंच के सामने आरोप
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के रठांजना थाना क्षेत्र के पिल्लू गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति द्वारा विषाक्त पदार्थ का सेवन करने का मामला सामने आया है। लक्ष्मण बंजारा ने मौके पर पहुंची पुलिस और सरपंच के सामने ही विषाक्त पदार्थ का सेवन किया और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया। विषाक्त सेवन से पहले और बाद में बनाए गए वीडियो में लक्ष्मण बंजारा ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार विवाद उस स्थान को लेकर है, जहां लक्ष्मण बंजारा और उसके परिवार का करीब 40 से 50 साल पुराना कब्जा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यह कोई नया कब्जा नहीं है और लंबे समय से परिवार इस स्थान का उपयोग करता आ रहा है। आरोप है कि प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मौके पर पुलिस और सरपंच की मौजूदगी के दौरान लक्ष्मण बंजारा ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया। ग्रामीणों के मुताबिक उसने इस घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने अपनी स्थिति और विवाद को लेकर अपनी बात रखी। वीडियो में लगाए गए आरोपों के अनुसार वह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और कथित दबाव से परेशान था। विषाक्त सेवन के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। गांव के ही विपुल बंजारा ने आरोप लगाया कि लक्ष्मण बंजारा को लंबे समय से अतिक्रमण हटाने के नाम पर परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि वे स्वयं कार्रवाई से पहले लक्ष्मण के साथ बातचीत करने पहुंचे थे और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की थी। आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। विपुल बंजारा ने सरपंच पर राजनीतिक भेदभाव के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कथित तौर पर लोगों से यह कहा गया कि यदि वे कांग्रेस में हैं तो उनकी जगह नहीं रहने दी जाएगी और भाजपा में आने पर उन्हें वहां रहने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने इन आरोपों को पंचायत की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि सरपंच को पूरी पंचायत के लोगों को समान रूप से साथ लेकर चलना चाहिए, न कि राजनीतिक विचारधारा के आधार पर किसी परिवार या मोहल्ले के साथ अलग व्यवहार करना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन पर कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग के भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मौके पर पुलिस और प्रशासन का अमला पहुंचा और महिला-पुरुषों के साथ लाठीचार्ज किया गया। हालांकि लाठीचार्ज और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन सरकारी है और अतिक्रमण हटाना है तो सभी लोगों के खिलाफ समान और नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बंजारा समाज के जिला अध्यक्ष और लोक सेना संगठन से जुड़े पदाधिकारी ने भी पूरे मामले को लेकर प्रशासन और पंचायत पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लक्ष्मण बंजारा को लगातार परेशान किया गया और बिना पर्याप्त नोटिस के कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा। उन्होंने कहा कि इसी कथित दबाव के चलते लक्ष्मण ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया और अब जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि विवादित जमीन सरकारी है, लेकिन इस स्थान पर करीब 30 से 50 वर्षों से कई परिवारों के कब्जे बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक आसपास करीब 70 लोगों के कब्जे हैं। आरोप है कि कार्रवाई सभी के खिलाफ नहीं की जा रही, बल्कि एक ही परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जमीन सरकारी है तो सभी कब्जों का निष्पक्ष सर्वे और सीमांकन कराया जाए तथा नियमानुसार समान कार्रवाई की जाए।0
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डीडवाना के बेडवा पास बड़ा हादसा टला; टेंपो पलटने से बाल-बाल बची जान
Didwana, Rajasthan:डीडवाना के बेडवा पास बड़ा हादसा टला; टेंपो पलटने से बाल-बाल बची जान। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोडिंग टेंपो मौलासर से माल सप्लाई के लिए बेडवा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान बेडवा के पास सामने से अचानक एक मोटरसाइकिल आ गई। बाइक सवार को सीधी भिड़ंत से बचाने के प्रयास में टेंपो चालक ने मुस्तैदी दिखाते हुए वाहन को तेजी से मोड़ा, जिससे टेंपो का संतुलन बिगड़ गया और वह बीच सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मचने पर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और टेंपो चालक को बाहर निकाला। गनीमत रही कि चालक को गंभीर चोटें नहीं आईं और बड़ा हादसा होने से बच गया।0
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गणेशोत्सव के पहले गुळ में मिलावट: प्रशासन ने कोल्हापुर-सांगली में छापा
Kolhapur, Maharashtra:गणेशोत्सव जवळ आलाय… आणि गणरायाचा आवडचा नैवेद्य म्हणजे मोदक! मोदक बनवताना गुळाचा मोठ्या प्रमाणात वापर केला जातो. मात्र, बाजारात मिळणाऱ्या गुळामध्येच भेसळ होत असेल, तर तुम्ही गणरायाला नैवेद्य म्हणून अर्पण करणार असलेले आणि स्वतः खाणार असलेले मोदक तरी सुरक्षित आहेत ka? हा प्रश्न आता उपस्थित होतोय. सध्या अशाच गुळावर अन्न आणि औषध प्रशासनाच्या वतीने कारवाई केली जात आहे. गणरायाच्या आगमनाची चाहूल लागली की घराघरात तयारी सुरू होते… सजावट, आरास आणि सर्वात महत्त्वाचं म्हणजे गणरायाच्या आवडीचा नैवेद्य… मोदक.. उकडीचे मोदक असोत किंवा तळलेले… मोदकाच्या सारणासाठी गुळाचा वापर मोठ्या प्रमाणात केला जातो. पण याच गुळाच्या शुद्धतेवर प्रश्नचिन्ह निर्माण झालं तर? बाजारात आकर्षक रंगाचा आणि अधिक वजनाचा गूळ मिळावा यासाठी त्यामध्ये विविध पदार्थ मिसळले जात असल्याच्या तक्रारी आहेत. त्यामुळे गुळाची गुणवत्ता आणि त्यातील भेसळ हा ऐन सणाच्या काळात गंभीर विषय बनलाय. त्यामुळे अन्न व औषध प्रशासनाच्या वतीने कोल्हापूर जिल्ह्यातील काही गुऱ्हाळ घरांवर आणि सांगली जिल्ह्यातील काही व्यापाऱ्यांच्या दुकानावर कारवाई केलीय. गुळाचा रंग अधिक आकर्षक दिसावा, गुळाची प्रत सुधारल्याचं भासावं यासाठी काही ठिकाणी अनधिकृत पदार्थांचा वापर केला जात असल्याचा ठपका अन्न और औषध प्रशासनाचा आहे. त्यामुळे ‘तुम्ही खाणार असणारे मोदक तरी सुरक्षित आहेत ka?’ हा सवाल उपस्थित होतोय. एकीकडे अन्न आणि औषध प्रशासन भेसळयुक्त गुळ असल्याचा आक्षेप नोंदवत गुऱ्हाळ घर आणि व्यापारांच्यावर कारवाई करत आहे. पण दुसरीकडे मात्र गुळ उत्पादक शेतकरी आम्ही प्रामाणिक गुळाचे उत्पादन घेतो असा दावा करत आहे, मग बाजारात भेसळयुक्त गुळ येतो कुठून हा खरा सवाल आहे.. गणेशोत्सवाच्या पार्श्वभूमीवर मिठाई आणि मोदकांच्या मागणीत मोठी वाढ होणार आहे.. त्यामुळे गुळाबरोबरच मोदकासाठी वापरण्यात येणाऱ्या इतर कच्च्या मालाचीही गुणवत्ता महत्त्वाची आहे. त्यामुळे अन्न सुरक्षा विभागानेही सणासुदीच्या काळात अशा पदार्थांची तपासणी करण्याची गरज आहे. भेसळीमुळे केवळ ग्राहकांचीच फसवणूक होत नाही, तर अस्सल गूळ तयार करणाऱ्या प्रामाणिक उत्पादकांनाही त्याचा फटका बसतो. त्यामुळे अस्सल गुळाची ओळख आणि गुणवत्ता टिकवण्यासाठी भेसळखोरांवर कठोर कारवाईची मागणी होत आहे. प्रताप नाईक नाईक झी 24 तास कोल्हापूर.0
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पेंशन एरियर नोटिस पर पेंशनरों में भारी गुस्सा, आंदोलन तेज करने का ऐलान
mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:पेंशन एरियर की अधिसूचना पर भड़के पेंशनर, विधानसभा घेराव की चेतावनी धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से 18 अगस्त को जारी पेंशन एरियर संबंधी अधिसूचना को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने सिरे से खारिज कर दिया है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने सरकार पर पेंशनरों के साथ भेदभाव करने, उन्हें वर्गों में बांटने और अधूरे तरीके से एरियर जारी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की अधिसूचना से पेंशनरों में भारी रोष है और अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सुरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार की अधिसूचना में पेंशन एरियर का तो उल्लेख किया गया है, लेकिन वेतन एरियर के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। खासकर वर्ष 2020 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के वेतन एरियर को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उन्होंने एरियर भुगतान के लिए 281 करोड़ रुपये के प्रावधान को भी अपर्याप्त बताते हुए इसे ऊंट के मुंह में जीरा करार दिया। पेंशनरों को वर्गों में बांटने का आरोप समिति के प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार पर पेंशनरों को क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सभी पेंशनर समान हैं, ऐसे में एरियर भुगतान के लिए अलग-अलग वर्ग बनाना उचित नहीं है। उन्होंने इसे पेंशनरों की एकजुटता को कमजोर करने का प्रयास बताया। 35 प्रतिशत एरियर पर भी उठाए सवाल सुरेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री की 15 अगस्त की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि क्लास-3 के पेंशनरों को 35 प्रतिशत और क्लास-1 व क्लास-2 के पेंशनरों को 15 प्रतिशत एरियर देने की बात कही गई थी। उनका आरोप है कि अधिसूचना में 40 हजार रुपये से अधिक बेसिक पेंशन वाले क्लास-3 पेंशनरों के लिए भी 15 प्रतिशत एरियर की शर्त लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की घोषणा और अधिसूचना में अंतर सामने आया है। 2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मुद्दा उठाया सुरेश ठाकुर ने वर्ष 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को 13 मई 2026 को किये गए कथित वादों की याद दिलाते हुए सरकार से इन लंबित देनदारियों का जल्द भुगतान करने की मांग की। 18 संगठनों की आपात बैठक, आंदोलन तेज करने की तैयारी उन्होंने कहा कि समिति ने पहले अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आंदोलन का फैसला लिया था, लेकिन नई अधिसूचना के बाद पेंशनरों का गुस्सा और बढ़ गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले समिति ने अपने 18 संगठनों की आपात बैठक बुलाई है। ठाकुर ने संकेत दिया कि अब आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किन्नौर, लाहौल-स्पीति, भरमौर, सिरमौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से लंबे समय तक प्रदर्शन किए जाएंगे। सुरेश ठाकुर ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ और एरियर का उचित भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले समय में सरकार को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। समिति ने सरकार से पेंशनरों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।0
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खनेरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और बेड की कमी से मरीज निजी क्लीनिकों तक पहुंचे
Dhar Chhiling Khola, Himachal Pradesh:एक œr प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को जवाबदेही बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिमला जिलें के रामपुर के खनेरी स्थित 200 बिस्तर वाले महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर में व्यवस्थाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं. दवाइयां एवं गुल्कोज के भंडारण व्यवस्था न होने से वार्डन के बाहर तमाम मापदंडों को दर किनारे कर खुले में रखना पड़ रहा है. ऐसे में इजेक्शन ट्रे और दवाइयों के साथ झाड़ू पोचा एक स्थान पर रखा जाता है, मरीजों की बैडों की संख्या कम होने के कारण एक ही बेड पर दो-दो मरीज रखना भी मजबूरी बन गया है, उधर पहले ही एक वार्ड को खाली कर निजी लैब को दिए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक होती है तो रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त होता है और जब रेडियोलॉजिस्ट होता है तो मशीन खराब यह प्रक्रिया वर्षो से चली है, ऐसे में रोज सैंकड़ों मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है. आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तर पर सांठ गांठ से यह स्थिति बनी है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. राकेश लोकटस, किन्नौर निवासी ने बताया कि खनेरी अस्पताल में लंबे समय से अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दूरदराज के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से इस अस्पताल का निर्माण करवाया था, लेकिन आज अस्पताल बदहाली का सामना कर रहा है. चेतन पाकला ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन अब ठीक है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है यह खेल मिलीभगत के कारण लम्बे समय से जारी है. वार्ड के बाहर दवाइयां रखे जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए, हॉस्पिटल के वार्डो को तोड़ कर निजी लैब को देने और ट्रामा सेंटर को न चलाएं जाने से अपसोस जताया. प्रेम चौहान ने कहा कि रोजाना सैकड़ों लोग अल्ट्रासाउंड के लिए आते हैं, लेकिन सुविधा नहीं मिल रही. बेड की कमी के कारण दो मरीजों को एक बेड पर रखने की नौबत है. पवन नेगी ने कहा कि अस्पताल में बेड बढ़ने की बजाय कम हो रहे हैं और अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है.0
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चंद्रपुर में गैस अवैध रिफिलिंग अड्डे का पर्दाफाश, आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई की मांग
Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपूर शहरात स्वयंपाकाचा गॅस अवैधरित्या रिफिलिंग करणारा अड्डा सुरू होता. पाळत ठेवल्यावर आम आदमी पक्षाच्या कार्यकर्त्यांनी कोसारा येथील निर्जन भागात एका घरात चालत असलेला अड्डा पोलीस आणि यंत्रणेच्या मदतीने उघड केला. मोठ्या प्रमाणात भरलेले आणि कमी वजनाचे ग्राहकांना दिले जाणारे सिलेंडर जप्त यात धाडीत जप्त करण्यात आले. चंद्रपूरच्या पुरवठा विभागाच्या अधिकाऱ्यांनी पोलिसांच्या मदतीने ही संयुक्त कारवाई केली. शहरातील वेगवेगळ्या गॅस एजन्सी मधून ग्राहकांच्या घरी निघणारी वाहने या ठिकाणी आल्यावर रिकाम्या सिलेंडर मध्ये विशेष नोझलच्या मदतीने गॅस भरला जात होता. ग्राहकांच्या घरी मात्र दोन ते अडीच किलो कमी गॅस पोचत होता. चंद्रपूरच्या पुरवठा आणि महसूल अधिकाऱ्यांची मात्र संपूर्ण प्रकरणात संथगती दिसली. पुरवठा अधिकाऱ्यांकडे HP - INDEEN या मातब्बर कंपन्यांच्या विक्री अधिकाऱ्यांचे साधे मोबाईल नंबर नसल्याचे उघड झाले. कुणीही वरिष्ठ अधिकारी या जागी पोचला नाही. आम आदमी पक्षाने हे संपूर्ण रॅकेट बाहेर काढत ग्राहकांना न्याय आणि दोषींवर कठोर कारवाईची मागणी केली आहे.0
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वाशीम में एक ही रात में तीन चोरी: लाखों के माल पर चोरियों का कहर
Washim, Maharashtra:वाशीम : एकाच रात्री चोरीच्या तीन ठिकाणी घटना घडल्याने खळबळ उडाली आहे.चोरट्यांनी लाखो रुपयांचा मुद्देमाल लंपास केल्याची माहिती आहे.घटनेनंतर पोलिसांनी घटनास्थळी धाव घेत तपास सुरू केला असून,डॉग स्क्वॉड आणि फॉरेन्सिक पथकाचीही मदत घेतली जात आहे.एकाच रात्री झालेल्या चोऱ्यांमुळे नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण असून, चोरट्यांचा लवकरात लवकर शोध घेण्याची मागणी होत आहे.0
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पलवल के रजपुरा में दहेज हत्या: विवाहिता और मासूम बेटे की मौत, 11 आरोपी नामजद
Palwal, Haryana:पलवल के रजपुरा गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर 20 वर्षीय विवाहिता और उसके डेढ़ महीने के मासूम बच्चे की हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नूंह जिले के सलम्बा निवासी मृतका के पिता ने पति, सास, ससुर और गांव के सरपंच सहित 11 नामजद लोगों के खिलाफ सदर थाना पलवल में दहेज हत्या की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई शिकायत में नूंह के सलम्बा निवासी रोनक अली ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में अपनी बेटी सगुप्ता की शादी रजपुरा गांव निवासी सोहिल के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दिए गए दान-दहेज से असंतुष्ट थे और लगातार स्कार्पियो कार की मांग को लेकर सगुप्ता को प्रताड़ित कर रहे थे। करीब डेढ़ महीने पहले जब सगुप्ता ने एक बेटे को जन्म दिया, तो ससुराल वालों ने छूछक के अवसर पर कार की मांग की। मांग पूरी न होने पर 15 अगस्त को आरोपितों ने सगुप्ता के साथ मारपीट की और उसे मायके छोड़ आए। इसके बाद 17 अगस्त को रिश्तेदारों और पंचायत के आश्वासन पर 50,000 रुपये नकद तथा एक एसी देकर सगुप्ता को वापस ससुराल भेजा गया था। आरोप है कि 18 अगस्त को सगुप्ता ने फोन कर स्वजन को बताया कि पति सोहिल, ससुर यकीम, सास अफसाना, सरपंच साहिब ने उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। 20 अगस्त की सुबह पीड़िता के परिवार को फोन पर सूचना मिली कि सगुप्ता और उसके डेढ़ महीने के मासूम बेटे जुहान की हत्या कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग रजपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने मां और मासूम बच्चे के शरीर तथा गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए। पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि सभी नामजद आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में शगुफ्ता के पति सोहिल खान मुख्य आरोपित है। उसने ही पहले अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या की और उसके बाद अपने डेढ़ महीने के मासूम का गला घोंट दिया इसके बाद उसने छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, इससे उसके पैरों में चोट आई। ग्रामीणों के अनुसार सोहेल खान नशे का आदि भी था। उसका उपचार फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल में पुलिस की देखरेख में चल रहा है।0
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झगड़े के बाद अंबाला के मंडोर टावर पर चढ़ी पत्नी; पुलिस ने नीचे उतारा
Ambala, Haryana:पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े के बाद अंबाला के गांव मंडोर में बने टावर पर चढ़ गई पत्नी, मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझा कर नीचे उतारा0
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हल्द्वानी SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस का प्रशासन पर गंभीर आरोप, नाम हटाने की शिकायत
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मतदाताओं के नामों पर कथित तौर पर बेवजह आपत्ति लगाए जाने और नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। गुरुवार को कांग्रेस SIR कमेटी के चेयरमैन मनोज रावत और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए। साथ ही, बिना उचित आधार के आपत्ति दर्ज कराने वालों की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई जाए की मांग की गई। हल्द्वानी में SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस SIR कमेटी के चेयरमैन मनोज रावत और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि SIR के दौरान कई मतदाताओं के नामों पर अनावश्यक रूप से आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं और नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि जो मतदाता पात्र हैं, उनका नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। नेताओं ने मांग की कि बिना उचित आधार के आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों की जांच कराई जाए और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने प्रशासन से SIR प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संचालित करने की मांग की है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।0
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बांसवाड़ा में मिलावट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, खाद्य विभाग की कार्रवाई तेज
Banswara, Rajasthan:जिला बांसवाड़ा\nविधानसभा- बांसवाड़ा\nलोकेशन - बांसवाड़ा\nरिपोर्टर - बिल्कुल हटाया गया\nएंकर - बिल्कुल हटाया गया\n\nबांसवाड़ा जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध के आहार में मिलावट के खिलाफ प्रहार’ अभियान के तहत खाद्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव के निर्देश और सीएमएचओ के निर्देशन में फूड इंस्पेक्टर लगातार प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं।\nइसी कड़ी में फूड इंस्पेक्टर उमेद टेलर ने एक शहर की श्री जोधपुर मिष्ठान भंडार पर पहुंचकर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की जांच की और अलग-अलग मिठाइयों के सैंपल लिए। सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।\nराज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मिलावटखोरी के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। फूड इंस्पेक्टर उमेद टेलर द्वारा लगातार प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को फूड लाइसेंस लेने और खाद्य सामग्री खुले में नहीं बेचने के निर्देश दिए। विभाग ने स्पष्ट किया कि मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी。0
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श्रुति चौधरी ने मेगा सिंचाई प्रोजेक्ट का दावा कर कांग्रेस पर कटाक्ष
Bhiwani, Haryana:भिवानी सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी का बयान हरियाणा में सिंचाई विभाग का मेगा प्रॉजेक्ट जारी वर्ल्ड बैंक के सहयोग से 5700 करोड़ रूपये होंगे जारी 6 साल में प्रॉजेक्ट पूरा होने पर लोगों को होगा भरोसा कांग्रेस पर किया कटाक्ष आपसी घमासान कांग्रेस की पूरानी कहानी कांग्रेस सरकार को घेरने की बजाय एक सुर में बोलने की रणनीति बनाए श्रुति का दावा, नायब सरकार दिन रात लोगों की भलाई में लगी है भिवानी पहुंची हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने सर्व कल्याण मंत्र के सहयोग से सिलाई सिखाने वाली कॉलेज छात्राओं पर प्रमाण पत्र बाँटे। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के मैगा प्रोजेक्ट की जानकारी देकर कांग्रेस पर कटाक्ष किये। हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी बवानीखेड़ा कस्बा पहुंची। यहां सर्व कल्याण मंच द्वारा सिलाई प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र वितरित समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची श्रुति चौधरी ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ सिलाई सिखाने वाली लड़कियों को प्रमाण पत्र बाँटे। इसके बाद मीडिया से बातचीत में नायब सैनी सरकार की सराहना कर कांग्रेस पर कटाक्ष किये। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने सबसे पहले सर्व कल्याण मंच के सामाजिक व महिला उत्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में नहरों के रिमोडलिंग कर टेल पर पानी पहुँचाने पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये 5700 करोड़ रूपये का वर्ल्ड बैंक व हरियाणा सरकार का साँझा प्रॉजेक्ट है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें सिंचाई के लिए क्षेत्रवाद करती थी। पर अब पूर्व सीएम स्वर्गीय बंसीलाल की तर्ज़ पर पूरे प्रदेश में समान काम हो रहा है। श्रुति चौधरी ने कहा ये 5700 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट है जो 6 साल में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि लोग पहले की सरकारों के कामों को देख विश्वास नहीं करते थे, लेकिन ये प्रोजेक्ट जब पूरा होगा तो लोगों को काम दिखेगा और काम पर भरोसा भी होगा। बारिश से जलभराव को लेकर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि जहां जहां बारिश से जलभराव हुआ, उसकी निकासी का काम ज़ोरों पर है। वहीं सफाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का भी जल्द समाधान होगा। साथ ही प्रदेश कांग्रेस द्वारा HKRN कर्मचारियों को पक्का करने के लिए किये प्रदर्शन व कुलदीप शर्मा को ना बोलने देने पर श्रुति चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि आपसी घमासान कांग्रेस की पूरानी कहानी है। वहीं विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने की कांग्रेस की रणनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस खुद को सँभाले, कांग्रेस की रणनीति एक सुर में बोलने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नायब सैनी की सरकार दिन रात लोगों की भलाई में लगी है। श्रुति चौधरी ने अपने सिंचाई विभाग के मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी देकर सर्व कल्याण मंच व प्रदेश सरकार की कार्यशैली की सराहना कर कांग्रेस पर करारे कटाक्ष किये। बाइट- श्रुति चौधरी सिंचाई मंत्री हरियाणा0
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श्रीविजयनगर नगरपालिका में 9 सितम्बर को पहले चरण का मतदान, आचार संहिता लागू
Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीगंगानगर के श्रीविजयनगर नगरपालिका में 9 सितंबर को पहले चरण में मतदान होगा. चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई. नगर पालिका की टीम ने राजनीतिक पोस्टर-बैनर और सरकारी योजनाओं की प्रचार सामग्री हटाने का अभियान शुरू किया है. नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संजू चौधरी निगरानी कर रही हैं. नगरपालिका में चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है. श्रीविजयनगर नगरपालिका में पहले चरण के तहत आगामी 9 सितंबर को मतदान कराया जाएगा. मतदान की तारीख सामने आने के बाद प्रशासन ने चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. चुनाव को लेकर कस्बे में सर गर्मियां तेज हो गईं0
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भाटी की चेतावनी: स्थानीय अधिकारों के लिए बड़ा जन-आंदोलन शुरू हो सकता है
Barmer, Rajasthan:सरकार और निजी कंपनियों को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी बाड़मेर के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधायक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने 20 अगस्त से शुरू होने वाले राजस्थान विधानसभा सत्र को लेकर अपनी रणनीति साझा की और स्थानीय जनता की समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाने की बात कही। भाटी ने सरकार और निजी कंपनियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र की पवित्र गोचर (चरागाह) और ओरण जमीनों को कागजों में 'वेस्टलैंड' यानी बंजर दिखाकर बाहरी कंपनियों को आवंटित किया जा रहा है, जबकि स्थानीय भूमिहीन लोग लंबे समय से रहने और खेती के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं के रोजगार, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा नहीं की गई, तो वे एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले उनके शक्ति प्रदर्शन और सियासी एजेंडा सेट करने के रूप में भी देखा जा रहा है।0
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