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SMSyed Mohd.RazaFollow25 Jan 2025, 08:03 am
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शाहजहांपुर में डीजे युवक की धारदार हथियार से हत्या, इलाके में दहशत फैल गई

SKSHIV KUMARJust now
Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में एक युवक की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। डीजे का काम करने वाले युवक का शव गांव के बाहर खून से लथपथ मिला है। हत्या के बाद से इलाके में दहशत फैली हुई है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तहकीकात शुरू कर दी है। घटना थाना मदनापुर क्षेत्र के चंदपुर गांव के बाहर की है। बताया जा रहा है की इसी गांव का रहने वाला हरि ओम पिकअप से डीजे लेकर पार्टी में गया था। देर रात को लापता हो गया था। दिन में आज उसकी लाश गांव के बाहर खून से लगभग मिली है। उसके चेहरे पर और गर्दन पर धारदार हथियार से हमले किये जाने के कई निशान थे। हत्या की खबर के बाद परिवार में कोहरा मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या किए जाने का शक जाहिर किया है। पुलिस का कहना है की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है。
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कश्मीर के माता जेष्ठा देवी मंदिर में दशकों बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Chaka, 3,000 साल पुराने माता ज़ेष्ठा देवी मंदिर में घंटियों की गूंज और देवी के भजनों के जाप से माहौल गर्ज उठा। 4000 से ज़्यादा कश्मीरी पंडितों ने—जिनमें विदेश से आए लोग भी शामिल थे—अपनी कुलदेवी का जन्मदिन मनाया। श्रीनगर के ज़ैथियार में स्थित ऐतिहासिक माता ज़ेष्ठा देवी मंदिर में माता ज़ेष्ठा देवी की पवित्र जयंती बड़े ही धार्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। हज़ारों श्रद्धालु—जिनमें ज़्यादातर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग थे—देश भर से इकट्ठा हुए ताकि भव्य महायज्ञ (हवन) और विशेष पूजा में हिस्सा ले सकें और क्षेत्र में शांति, समृद्धि और समुदाय की घाटी में सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर सक सकें। 1990 में कश्मीरी पंडित समुदाय के बड़े पैमाने पर पलायन से पहले, ज़बरवान पहाड़ियों की तलहटी रोज़ाना होने वाले लगातार भजनों, घंटियों की आवाज़ और सामूहिक सामुदायिक जीवन से स्वाभाविक रूप से जीवंत रहती थी। नब्बे के दशक के बाद कई दशकों तक, इस पवित्र स्थल पर बहुत कम लोग आते थे और वहाँ कड़ी सुरक्षा रहती थी। आज हज़ारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, जो मिलकर पारंपरिक भजन गा रहे हैं, घाटी के 37 साल पुराने उसी ध्वनि और सांस्कृतिक माहौल को फिर से जीवंत कर दिया। श्रद्धालु भारत के अलग-अलग राज्यों से यहाँ आए थे और उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि इस प्राचीन मंदिर में वापस आना उन्हें अपनी खोई हुई पहचान को फिर से पाने जैसा लगा। कई तीर्थयात्रियों ने खुले तौर पर अपनी गहरी और दिल को छू लेने वाली इच्छा ज़ाहिर की कि वे हमेशा के लिए अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर वापस आकर बसना चाहते हैं। श्रद्धालुओं की बाइट पूना से आए जय कौल ने कहा “अब की बारी जो मेरे को यहाँ का महिला लगा जितनी भी मैंने यहाँ कैब्स ली मेरे को ऐसा माहौल लगा कि मेरी आत्मा यही बसी है इतना मुझे बचपन में भी प्यार और मोहब्बत नहीं मिली जितना आज लग रहा है। मुजे इतना अछा लगा कि में अंदर से सोच रहा हूँ कि में कहीं पे एक छोटा सा फ्लैट लेलों और यहाँ बसों क्युकी पूरा इंडिया घूमा विदेश भी देखा लेकिन जो सकूँ कश्मीर में मिलता है जो झील डल के किनारे बैठने में मज़ा है कितना सकूँ मिल रहा है मैं तो सब से खाऊँगा आए यहाँ रहिए फिर वही मोहब्बत होगी हम एक है कश्मीरी मुसलमान हमारा एक हिसा है।” महाराष्ट्र से आई श्रद्धालु ने कहा “उस टाइम जैसा था वैसा ही हैं बल्कि उसे बड़चड़ कर आज है तब बजन नहीं होता था इतना एक्साइटमेंट नहीं था हम बच्चे थे आते रहते थे यहाँ कुंड में नहाते थे अछा महसूस हो रहा है यह चीज़ हम वहाँ मिस करते हैं जो सकूँ हमे क Kashmir आकर मिलता है यह अलग ही है।” कश्मीरी पंडितों के लिए, इस देवी को 'परम शक्ति' के एक शक्तिशाली रूप के तौर पर पूजा जाता है, जो अपने भक्तों को सुरक्षा, सिद्धि, समृद्धि और बुद्धि प्रदान करती हैं। पवित्र हिंदू पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, माता ज़ेष्ठा की उत्पत्ति सीधे तौर पर 'समुद्र मंथन' से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि जब असुरों ने माता लक्ष्मी का अपहरण कर लिया था और उन्हें 'गुप्तगारा' (जो आज श्रीनगर में 'गुपकार' के नाम से जाना जाता है) नाम की एक सुनसान गुफा में कैद कर लिया था, तब असुरों का संहार करने और देवी लक्ष्मी को आज़ाद कराने के लिए, भगवान शिव ने अपनी परम दिव्य शक्ति का प्रयोग करके देवी ज़ेष्ठा और भयंकर योद्धा 'वीर वैताल' को प्रकट किया। माता ज़ेष्ठा ने सफलतापूर्वक असुरों की सेना का संहार किया और माता लक्ष्मी को बचाया। यह महान जीत ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी (प पांचवें दिन) को हुई थी, इसीलिए उनकी जयंती इसी खास समय पर मनाई जाती है। मानिता है कि जो श्रद्धालु देवी के जन्म दिन को इस मंदिर में आकर मनाए और देवी को पीले चावल का भोग चढ़ाये उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। पुजारी की बाइट मंदिर के पुरजोर रत्तन लाल ने कहा “हज़ारों साल पहले जब खीर सागर मथन हुआ था वहाँ से बहुत रतन निकले थे उसी दौरान माता ज़ेष्ठा का उत्पन्न हुआ है जब असुरों ने लक्ष्मी जी का हरण किया था उन्होंने उन्हें गोपधारी में उन्हें रखा था। भगवान शिव ने रोका था मगर असुर नहीं माने फिर वेताल भैरव आते है और भगवान से आदेश मांगते हैं। असरों का धायन भटकने के लिए ज़ेष्ठा देवी प्रकट होती है। फिर भगवान शिव ने माता ज़ेष्ठा का ग्रहण किया। जीत के बाद, भगवान शिव ने देवी को ऐसी बेजोड़ शक्ति का आशीर्वाद दिया जिससे वे मानवता को प्राकृतिक आपदाओं, ग्रहों के बुरे प्रभावों और अस्तित्व से जुड़े डर से हमेशा के लिए बचा सकें। कल्हण की 'राजतरंगिणी' और 'नीलमत पुराण' में इस मंदिर का ज़िक्र मिलता है। इसमें बताया गया है कि यह इलाका असल में एक प्राचीन शिव मंदिर का घर था, जिसे 'ज्येष्ठरुद्र मंदिर' के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर को राजा गोपादित्य ने गोपाद्री के पूर्वी हिस्से में बनवाया था। 8वीं सदी में सम्राट ललितादित्य मुक्तापीड़ ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था, और पिछले 1,200 सालों से यह इलाक़े का एक प्रमुख तीर्थस्थल बना हुआ है。 मंदिर में आयोजित भव्य 'महा यज्ञ' (हवन) इन उत्सवों का मुख्य आध्यात्मिक केंद्र रहा। इसमें 4,000 से भी ज़्यादा श्रद्धालु इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं की यह भारी भीड़ हाल के दशकों में इस जगह पर हुई सबसे बड़ी धार्मिक सभाओं में से एक थी। इस आयोजन का संचालन वैदिक विद्वानों ने किया, जिन्होंने माता ज्येष्ठा देवी का आशीर्वाद पाने के लिए विशेष पारंपरिक मंत्रों का जाप किया। मंदिर से
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रेवाड़ी नगर निकाय चुनाव में आरती राव ने भाजपा के पक्ष में प्रचार तेज किया

Rewari, Haryana:रेवाड़ी नगर निकाय चुनाव: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने फूंका चुनावी बिगुल, भाजपा प्रत्याशी विनीता पीपल के लिए मांगा जनसमर्थन... राहुल गांधी के 'सद्भाव यात्रा' में शामिल होने पर भी किया कटाक्ष.... विपक्ष पर तीखा प्रहार: हार से पहले ही बहाने खोजने लगती है कांग्रेस.... प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इसी कड़ी में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने रेवाड़ी भाजपा की नगर परिषद चेयरपर्सन उम्मीदवार विनीता पीपल के पक्ष में चुनाव प्रचार की कमान संभालते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में जनसभाएं कीं। कुतुबपुर मोहल्ले में वेद ठेकेदार की अध्यक्षता में आयोजित भव्य जनसभा में भारी जनसैलाब उमड़ा, जिसने भाजपा की चुनावी संभावनाओं को और मजबूती दी।​कुतुबपुर की जनसभा में जुटी भारी भीड़ ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया। इस दौरान आरती सिंह राव के साथ मंच पर भाजपा के कई दिग्गज नेता नजर आए, जिनमें बावल से विधायक कृष्ण कुमार, पटौदी विधायक बिमला चौधरी और जिला अध्यक्ष वंदना पोपली सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी शामिल रहे। आरती राव ने विनीता पीपल के लिए वोट की अपील करते हुए दावा किया कि रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका, दोनों ही सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित है। कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार का आभास हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस की हालत यह है कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही वे हार के बहाने तैयार करने लगते हैं." उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों पर मुहर लगाने के लिए तैयार बैठी है। ​​गुरुग्राम में राहुल गांधी के द्वारा सद्भाव यात्रा में शामिल होने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आरती राव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जनता का विश्वास पूरी तरह उठ चुका है, जिसका प्रमाण बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "यह यात्रा जनता के लिए नहीं, बल्कि उनके खुद के लिए सद्भाव हो सकती है, क्योंकि जनता अब इनके बहकावे में आने वाली नहीं है।"
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मुंगेली के कलेक्ट्रेट और जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी नदारद, बड़ा खतरा बना

Karhi, Chhattisgarh:मुंगेली जिले में सरकारी दफ्तर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट कंपोजिट बिल्डिंग से लेकर जिला अस्पताल तक, कहीं भी फायर सेफ्टी की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। अगर आग लग गई तो न दस्तावेज बचेंगे, न मरीजों की जान। प्रशासन की लापरवाही पर देखिए ये खास रिपोर्ट... मुंगेली का कलेक्ट्रेट कंपोजिट बिल्डिंग वही बिल्डिंग है जहां जिले के तमाम बड़े विभागों के दफ्तर हैं। राजस्व, शिक्षा, पंचायत, कृषि – हर विभाग के जरूरी दस्तावेज यहीं रखे हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि पूरी बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के नाम पर एक एक्सटिंग्विशर तक चालू हालत में नहीं है। कलेक्ट्रेट के किसी भी फ्लोर पर स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म या वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगा है। इमरजेंसी एग्जिट का कोई बोर्ड नहीं है। फाइलों का ढेर लगा है। सोचिए, अगर शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए तो हजारों एकड़ जमीन के रिकॉर्ड, पेंशन के कागज, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र – सब कुछ मिनटों में राख हो जाएगा। कलेक्ट्रेट के नाजिर ने बताया की फिलहाल इसके लिए अभी बजट नहीं है लेकिन अगर बजट की व्यवस्था हो जाती है तो फायर सेफ्टी की व्यवस्था कर ली जाएगी और एक फायर एक्सपर्ट रखने की बात भी कही... वही कुछ अधिकारियों ने बताया की उनके ऑफिस के सामने फायर सेफ्टी के लिए एक्सटिंग्विशर लगा हुआ जबकि उनके कार्यालय के सामने फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था ही नहीं है... सिर्फ कलेक्ट्रेट ही नहीं, जिला अस्पताल का हाल भी बेहाल है। जहां रोज हजारों मरीज और उनके परिजन आते हैं, वहां भी फायर सेफ्टी भगवान भरोसे है। ICU, बच्चा वार्ड, जनरल वार्ड – कहीं भी फायर अलार्म काम नहीं है एक्सटिंग्विशर कुछ तो एक्सपायर हो चुके कुछ खाली पड़े शो-पीस बने हुए हैं। दिलचस्प बात ये है कि जिले में आग बुझाने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ नगर सेना के पास है। नगर सेना के पास गिनती की 3 फायर ब्रिगेड हैं, जो पूरे जिले के लिए नाकाफी हैं। सरकारी दफ्तरों ने खुद से कोई इंतजाम नहीं किया। न फायर NOC ली, न ऑडिट कराया। ये मामला हमारे संज्ञान में आया है। फायर सेफ्टी बहुत संवेदनशील विषय है। मैंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि तुरंत फायर ऑडिट कराएं। जहां कमियां हैं, उन्हें 15 दिन में दूर किया जाएगा। नगर सेना से भी समन्वय कर मॉक ड्रिल कराएंगे。 सरकारी दफ्तरों में जनता की गाढ़ी कमाई के दस्तावेज और सैकड़ों मरीजों की जान दांव पर है। सवाल ये है कि हादसे के बाद जागने की परंपरा कब बंद होगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? अब देखना होगा कि कलेक्टर के निर्देशों पर कितनी जल्दी अमल होता है।
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नानूर, बिरभूम में फुटबॉल मैदान के पास 20 बम ड्रम से बरामद, ग्रामीणों में दहशत

Nijuri, West Bengal:ভোট শেষ প্রক্রিয়া শেষ হতে নানুরে এক ড্রাম তাজা বোমা উদ্ধার হল। ভোট প্রক্রিয়া শেষ হতেই বীরভূমের নানুরের বাইতারা গ্রামে থেকে এক ড্রাম উদ্ধার করল নানুর পুলিশ। পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, গতকাল রাত্রে নানুর থানার পুলিশ গোপন সূত্রে খবর পেয়ে নানুরের এন কড্ডা অঞ্চলের বাইতারা গ্রাম ফুটবল খেলা মাঠের পাশে সরকারি কলের জল শোপ করা কুয়ার মতো খাল থেকে এক গ্রাম তাজা বোমা উদ্ধার করল নানুর থানার পুলিশ। পুলিশের অনুমান ড্রামের মধ্যে আনুমানিক ২০ টির মতো বোমা রয়েছে বলে অনুমান। খেলার মাঠে পাশে থেকে থেকে উদ্ধার হওয়ায় যেকোনো সময় বড়সড় দুর্ঘটনা发生 যেতে পারত বলে জানান গ্রামবাসীরা। বোমা উদ্ধারের পর থেকেই আতঙ্কিত গ্রামের বাসিন্দারা। বোমা গুলিকে নিষ্ক্রিয় করার জন্য সিআইডির বোম স্কোয়ার্ড কে খবর দেওয়া হয়েছে।
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दिल्ली में चलती एम्बुलेंस में आग, ऑक्सीजन सिलेंडर फटा; हाई अलर्ट घोषित

Delhi, Delhi:दिल्ली में चलती एम्बुलेंस में आग लगने की घटना घटी है, फटा ऑक्सीजन सिलेंडर, स्पेशल सेल के ऑफिसर ने मौके का मुआयना किया। पुलिस के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से आग लगी। दिल्ली के मोती बाग फ्लाईओवर रिंग रोड पर लोग दशहत में आ गए जब चलती हुई एम्बुलেন্স में आग लगी और ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया। पुलिस के मुताबिक एम्बुलेंस में आग लगने की जानकारी शाम करीब 7 बजकर 20 मिनट पर मिली थी। आग लगने के बाद गाड़ी में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे रोड पर चल रहा बाइक सवार घायल हो गया। एम्बुलेंस ड्राइवर ने बताया कि हरियाणा के समालखा से मरीज को छोड़कर सफदरजंग हॉस्पिटल जा रहा था; यह एम्बुलेंस 102 हेल्पलाइन वाली है। जैसे ही एम्बुलेंस मोती बाग इलाके में पहुंची, कंडक्टर सीट के पास धुआँ दिखा, चालक ने एम्बुलेंस को रोड किनारे लगाया, लेकिन कुछ सेकंड में आग लग गई और पूरी एम्बुलेंस चपेट में आ गईं। इसी दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि लोग डर गए और कई किलोमीटर दूरी तक कम्पन महसूस किया गया। दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित है और एहतियात के तौर पर जांच के लिए स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी मौके पर मुआयना करने पहुंचे। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को ही वजह माना गया है, हालांकि जांच जारी है।
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स Sukma में आगजनी से निपटने को प्रशासन की फायर सेफ्टी तैयारी पर सवाल, जाँच जारी

Sukma, Chhattisgarh:सुकमा में आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की पड़ताल करने जब जी मीडिया की टीम ग्राउंड पर पहुंची, तो तस्वीर मिली-जुली नजर आई। जिले के संयुक्त कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर, जिला अस्पताल समेत कई सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला अस्पताल और कुछ प्रमुख कार्यालयों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा संबंधी इंतजाम मौजूद मिले। अस्पताल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, वहीं कर्मचारियों को भी बेसिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी होने का दावा किया गया। हालांकि निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित जिला पंचायत कार्यालय में एक भी अग्निशमन यंत्र नजर नहीं आया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सभी सरकारी दफ्तरों में फायर सेफ्टी के मानकों का समान रूप से पालन हो रहा है या नहीं। वहीं पूरे मामले पर अग्निशमन विभाग का कहना है कि जिले में आगजनी से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और समय-समय पर विभाग द्वारा जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान भी चलाए जाते हैं। हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को लेकर स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद अब प्रशासनिक तैयारियों पर भी नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि जिन स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम अधूरे हैं, वहां भी जल्द आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं。
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रायपुर की प्रमुख इमारतों में फायर सेफ्टी लापरवाही: जी मीडिया ने किया चेक

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर शहर के बड़े बिल्डिंग, कॉम्प्लेक्स, सरकारी दफ्तर और अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजाम को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं. ऐसे में ज़ी मीडिया ने फायर सेफ्टी के इंतजाम को लेकर रियल्टी चेक किया, जिसमें कहीं ठीक, कहीं मिला-जुला इंतजाम दिखा तो कहीं फायर सेफ्टी इंतजाम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति. वहीं जिम्मेदारों का दावा है कि ऐहतियातन जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. रायपुर के फायर ब्रिगेड अमले की बात करें तो यहां छोटी-बढ़ी 18-20 दमकल गाड़ियां हैं, जिसके जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है. बल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की दिक्कत विभाग झेल रहा है. जिसकी वजह से फायर ब्रिगेड अमले में SDRF के साथ-साथ अलग-अलग बलों को तैनात किया गया है. फायर सेफ्टी सिस्टम की रियल्टी चेक करने हमारी टीम सबसे पहले रायपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा पहुंची. यहां रोज ढाई से तीन हजार मरीज आते है. और सैकड़ों मरीज एडमिट होकर इलाज कराते हैं. यहां अलग-अलग लेयर का फायर सेफ्टी सिस्टम देखने को मिला. जगह-जगह अग्निशमन यंत्र भी लगे milieu, जिनके सिलेंडर्स को हाल ही में रिफिल किया गया था और इस्तेमाल का डेट बचा था. हालांकि अस्पताल में अभी भी कुछ ऐसी जगहें है जहां फायर सेफ्टी सिस्टम मजबूत नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में आग लगी थी. अस्पताल के अधीक्षक का दावा है कि अस्पताल के तीसरी मंजिल पर जहां फायर सेफ्टी के लिए और काम किये जाने की जरूरत है उसके लिए भी जल्द व्यवस्था होगी. कुल मिलाकर यहां व्यवस्था ठीक-ठाक दिखी. इसके बाद हमारी टीम पहुंची कलेक्ट्रेट. यहां फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यवस्था भी नजर आई. फायर सेफ्टी सिस्टम के नाम पर इक्का-दुक्का अग्निशमन यंत्र वाले सिलेंडर नजर आए. बिल्डिंग में केबल इतनी उलझी हुई है कि शार्ट-सर्किट से आग लगने की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता. बावजूद इसके बेहतर इंतेजाम नदारद दिखे. इसे लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे पर कुछ बोलने से मना कर दिया. यहाँ का जायजा लिया हमारे सहयोगी सत्य प्रकाश ने. फायर सेफ्टी सिस्टम का सबसे बुरा हाल दिखा शहर के जयस्तम्भ चौक पर स्थित रवि भवन में. यहां हजारों दुकानें हैं, लेकिन दुकानों और उसके आसपास न कहीं अग्निशमन यंत्र का सिलेंडर दिखा और ना ही सेंट्रलाइज कोई फायर सेफ्टी के इंतजाम. कुछ पाइप्स दिखें भी तो जीर्ण शीर्ण हालात में जिससे आग लगने पर उसके बुझाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती. जबकि कुछ साल पहले ही यहां आग लगने से भारी अफरा-तफरी हुई थी. यहां हजारों लोग रोज पहुंचते हैं, जिनके जान से सीधा-सीधा खिलवाड़ नजर आता है. प्रशासनिक सूत्रों से जानकारी ये भी मिली की रवि भवन, जयराम कॉम्पलेक्स, बेबीलोन टॉवर जैसे बिल्डिंग्स में माकूल फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं होने की वजह से इन्हें बंद तक करने तक की अनुशंसा जिला प्रशासन को अग्निशमन विभाग की ओर से की गई है. यहाँ का जायजा लिया हमारे सहयोगी सत्य प्रकाश ने- वहीं रायपुर शहर के कई बड़ी बिल्डिंग, कॉम्प्लेक्स, सरकारी दफ्तर और अस्पताल में फायर सेफ्टी के नाकाफी इंतजाम के मामले को लेकर जी मीडिया ने जिला अग्निशमन अधिकारी पुष्पराज सिंह से बात की. उन्होंने दावा किया कि लगातार विभाग की ओर से मॉनिटरिंग की जाती है. जहां इंतजाम नहीं दिखता वहां जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देशित भी किया जाता है और कार्रवाई के बारे में अनुशंसा भी की जाती है. आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की दमकल गाड़ियां भी तुरंत रवाना की जाती हैं.
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बूंदी में शरारती तत्वों ने स्पोर्ट्स बाइक में आग लगा दी, इलाके में दहशत

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी शहर के बहराली क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते शरारती युवकों द्वारा एक स्पोर्ट्स बाइक को आग के हवाले करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार युवक की बाइक मकान के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने बाइक में आग लगा दी, जिससे देखते ही देखते बाइक आग का गोला बन गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। पीड़ित युवक ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस को शिकायत सौंपी है। वहीं स्थानीय लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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दिल्ली मोती बाग फ्लाईओवर पर एंबुलेंस धमाका, ऑक्सीजन सिलेंडर फटा; सड़क जाम

Delhi, Delhi:दिल्ली मोती बाग फ्लाईओवर के पास एंबुलेंस में धमाका; एंबुलेंस और बाइक जलकर खाक हुई; पुलिस जांच में जुटी. शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग से ऑक्सीजन सिलेंडर फटा; 1 किलो मीटर से अधिक धमाका लोगों को सुना गया. बगल से जा रहे बाइक भी आग की चपेट में आई. लोकेशन: मोती बाग. सफदरजंग अस्पताल की CAT एंबुलेंस मोती बाग फ्लाईओवर के पास धौला कुआं से मोती बाग पहुंची तो शॉर्ट सर्किट की वजह से सीट में आग लगी; ड्राइवर ने एंबुलेंस पार्क किया; अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट हुआ; पास में खड़ी एक मोटरसाइकिल भी जल गयी. एम्बुलेंस खाली थी; अभी तक किसी को चोट नहीं आई है. फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर थीं; आग बुझाई गई; सड़क खुल गई है. क्राइम टीम और FSL टीमों को बुलाया गया है; जांच की जा रही है.
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भोपाल में मिलावटी जूस-लस्सी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जांच शुरू

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल मिलावटी जूस और लस्सी पर प्रशासन का शिकंजा कई नामी दुकानों पर खाद्य विभाग की टीम ने की छापेमारी मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के संज्ञान लिए जाने के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित नामी जूस सेंटर्स और लस्सी कॉर्नर्स पर औचक निरीक्षण कर नमूनों की जब्ती की नकली एसेंस और रसायनों का संदेह प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कई विकेताओं द्वारा मैंगो शेंक और अन्य जूस में हानिकारक टार्द्राजीन कलर (कृत्रिम रंग), सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और भारी मात्रा में सैकरीन का उपयोग किया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकते है। अधिकारी का कथनः "खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह कार्यवाही की गई है। सभी संदिग्ध नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।" सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल प्रेषित किये गये हैं। जांच परिणामों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी ।
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