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Prayagraj
APAkhilesh Pratap SinghFollow11 Jan 2025, 05:02 am
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15 घंटे में पुलिस ने कार लुटेरों को गिरफ्तार, कार बरामद

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित ग्वालियर रोड पेट्रोल पंप के सामने विवाद के बाद कार लूटकर भागे दो बदमाशों को पुलिस ने 15 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई कार बरामद कर ली गई। उनका एक साथी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगी थी। लोकेशन की मदद से पुलिस ने पीछा करते हुए मध्य प्रदेश पहुंची और 15 घंटे के भीतर दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरे की तलाश में दबिश दी जा रही है। प्रेमनगर के खाती बाबा निवासी मनीष शर्मा ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को उसने ग्वालियर रोड पर हाजी पेट्रोल पंप से गाड़ी में तेल भरवाया और घर की ओर जाने लगा। तभी सामने से आ रही बिना नंबर की थार गाड़ी ने टक्कर मार दी। विरोध करने पर थार गाड़ी में सवार 3 बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी और स्कॉर्पियो गाड़ी की चाबी छीनकर गाड़ी लूटकर भाग गए। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी। और गाड़ी में लगी जीपीएस डिवाइस के सहारे पीछा करके गाड़ी बरामद कर ली गई। इसके साथ ही ब्रजेंद्र यादव और प्रद्युम यादव को गिरफ्तार किया गया, तीसरा साथी राहुल यादव की तलाश में पुलिस जुटी है।
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हथिनी कुंड बैराज से लापता जवान का शव बरामद, सेना ने पुष्टि कर दी

Yamuna Nagar, Haryana:हथिनी कुंड बैराज से लापता सेना के जवान का शव बरामद. बड़ी खबर: लापता जवान की तलाश खत्म, सहारनपुर में नदी से मिला शव. हथिनी कुंड बैराज हादसे में बड़ी अपडेट, लापता सैनिक का शव बरामद. बैराज से करीब 2 किलोमीटर दूर मिला जवान का शव, सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे. देर रात बरथा गांव के पास नदी मे मिला लापटा सैनिक का शव, सेना ने कब्जे में लिया शव. यमुनानगर ब्रेकिंग: हथिनी कुंड बैराज से लापता जवान का शव उत्तर प्रदेश में मिला हथिनी कुंड बैराज हादसा: लापता जवान की जिंदगी की तलाश खत्म, नदी से बरामद हुआ शव. बड़ी खबर: हथिनी कुंड बैराज से लापता सैनिक का शव सहारनपुर में मिला, सेना अधिकारी मौके पर पहुंचे.
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LPG की बुकिंग में नए नियम से राहत, HPCL ने लॉन्च किया 10 किलो का पारदर्शी "नव्या" सिलेंडर

Tripurari SharanTripurari SharanFollow1m ago
Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण हाल के दिनों में रसोई गैस की किल्लत और बुकिंग को लेकर देशभर में उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर समय-सीमा भी निर्धारित कर दी। शहरी उपभोक्ताओं को दोबारा सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में बड़े परिवारों के लिए यह नियम परेशानी का कारण बन रहा है। उपभोक्ताओं की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के पहल पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सीतामढ़ी में 10 किलोग्राम क्षमता वाला ‘नव्या’ गैस सिलेंडर को लॉन्च किया है । ‘नव्या’ सिलेंडर की खासियत यह है कि यह पारंपरिक सिलेंडर से अलग है यह पारदर्शी है। इसकी मदद से उपभोक्ता सिलेंडर में बची गैस की मात्रा को बाहर से ही देख सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से इसे ब्लास्ट प्रूफ तकनीक से तैयार किया गया है। इस सिलेंडर की एक और खासियत इसकी त्वरित उपलब्धता है। उपभोक्ताओं के मुताबिक, बुकिंग के बाद इसे 90 मिनट के भीतर घर तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।सिलेंडर लेने के लिए कोई डेड लाइन नहीं है जब चाहे कोई भी उपभोक्ता इसे अपने वितरक से ले सकता है ।देखने में यह काफी खूबसूरत है और मॉडलर किचेन को ध्यान में रखकर इसको आकर्षक डिजाइन दिया गया है । कुल मिलाकर, रसोई गैस की बुकिंग को लेकर निर्धारित समय-सीमा के बीच ‘नव्या’ सिलेंडर बड़े परिवारों वाले अतिरिक्त गैस की जरूरत वाले उपभोक्ताओं के लिए एक वैकल्पिक सुविधा के रूप में सामने आया है। बाइट ..आकाश कुमार यादव ,अधिकारी HPCL
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जेपीएनआईसी पर निजी संचालन के लिए छूट: 30 साल की लीज मंजूर, लागत बढ़ने की आशंका

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर एलडीए के दस्तावेजों से एक और अहम जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों के अनुसार, जेपीएनआईसी के संचालन के लिए सामान्य सरकारी व्यवस्था के बजाय एक निजी संचालन समिति गठित की गई थी। इस समिति में कुछ गैर-सरकारी लोगों को आजीवन और संस्थापक सदस्य बनाया गया था। इन सदस्यों को जेपीएनआईसी परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का निःशुल्क आजीवन उपयोग करने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान था। इनमें रेस्टोरेंट, जिम, होटल समेत अन्य सुविधाएं शामिल थीं। दस्तावेजों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव, पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सचिव गजेंद्र सिंह, सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, अंजू नारायण, वसीफ हसन और अनुपमा प्रकाश को आजीवन नि:शुल्क सदस्य बनाए जाने की व्यवस्था की गई थी। एलडीए के दस्तावेजों में कहा गया है कि सरकारी परियोजनाओं के संचालन में प्रचलित सामान्य व्यवस्था के बजाय जेपीएनआईसी के लिए निजी संचालन समिति बनाई गई। गैर-सरकारी सदस्यों को फाउंडर और लाइफटाइम मेंबर बनाकर उन्हें सुविधाओं के मुफ्त इस्तेमाल का अधिकार देना सरकारी परियोजनाओं के सामान्य नियमों से अलग व्यवस्था थी। जेपीएनआईसी को लेकर सरकार ने अब संचालन की नई व्यवस्था की है। अगस्त 2026 में कैबिनेट ने इसे निजी क्षेत्र के जरिए संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 30 साल की लीज पर संचालन देने का फैसला हुआ है। चयनित संचालक को अधूरे काम अपने खर्च से पूरे करने होंगे। जेपीएनआईसी को पूरा करने में अब भी करीब ₹200–250 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का अनुमान बताया गया है। परियोजना पर अब तक करीब ₹821.74 करोड़ खर्च होने की बात सरकारी पक्ष की ओर से कही गई है। गौरतलब है कि जेपीएनआईसी लंबे समय से बंद पड़ा है और इसका निर्माण अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था। अब इसके संचालन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को देने के साथ ही पुराने संचालन और सदस्यता प्रावधान भी चर्चा में आ गए हैं।
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गंगा बाढ़ ने दानापुर दियारा जलमग्न, राहत सुविधाएं प्रभावित

Danapur, Bihar:गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। गंगा नदी का पानी दानापुर अनुमंडल के दियारा क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है जिसके कारण दियारावासी दहशत में हैं। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का पानी तेजी से घरों में घुसने लगा है जिससे हालात भयावह होते जा रहे हैं। दियारे में लगे लगभग हजारों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। गांवों के लोग अब पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। पूरा दियारा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। सबसे बुरा हाल दानापुर दियरा के गंगहारा, हेतनपुर, पुरानी पानापुर, मानस, कासीमचक, पतलापुर पंचायतों का है जहां दर्जनों गांवों की लाखों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। दियारे के सभी पंचायतों का संपर्क शहर मुख्यालय से टूट चुका है। ग्रामीण सड़कों पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं और हर ओर सिर्फ सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा है। बाढ़ पीड़ित बताते हैं कि घर से लेकर दुकान में बाढ़ का पानी घुस गया है, पूरा सामान बर्बाद हो चुका है। सरकारी सुविधा नदारद है। पूरा गांव जलमग्न हो चुका है, घरों में पानी घुस चुका है। आने-जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। दिन में तो सरकारी स्टीमर की व्यवस्था है लेकिन शाम होते नाव ही सहारा है। अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो स्थिति बहुत दैनिय है।
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जनगणना 2.0: डिजिटल साक्षरता से बैंकिंग तक, जानिए सरकार क्या-क्या पूछेगी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ इस बार जनगणना में लोगों से सिर्फ नाम-पता और परिवार की जानकारी ही नहीं ली जाएगी, बल्कि डिजिटल साक्षरता के बारे में भी सवाल पूछे जाएंगे। लोगों से कंप्यूटर सर्च इंजन का इस्तेमाल, ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी डिजिटल सुविधाओं के उपयोग से जुड़े सवाल किए जाएंगे। साथ ही बैंक खातों की संख्या, धर्म और मातृभाषा की जानकारी भी ली जाएगी। जनगणना के दूसरे चरण में घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक परिवार के सदस्यों से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत स्थिति से जुड़े करीब 40 सवाल पूछेंगे। विस्तृत आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना और लक्ष्य निर्धारण कर सकेगी। दिसंबर में शुरू होगा दूसरा चरण जनगणना का दूसरा चरण दिसंबर में शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। गृह मंत्रालय ने सभी 40 सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र और वैवाहिक स्थिति दर्ज की जाएगी। जनगणना में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तृत ब्योरा लिया जाएगा। पिछले वर्ष किए गए काम, व्यवसाय, उद्योग या सेवा के स्वरूप के साथ कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन की जानकारी भी मांगी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अपना स्थायी निवास छोड़कर किसी दूसरी जगह रह रहा है तो उससे स्थान परिवर्तन का कारण और वर्तमान निवास में रहने की अवधि भी पूछी जाएगी। पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी आधुनिक डिजिटल पहचान से जुड़े विवरण भी जनगणना में शामिल किए गए हैं। प्रगणक आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने की जानकारी लेंगे। वित्तीय स्थिति के आकलन के लिए केवल बैंक खातों की कुल संख्या पूछी जाएगी। खातों का व्यक्तिगत ब्योरा नहीं लिया जाएगा, ताकि लोगों की गोपनीयता बनी रहे। स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी होंगे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से जुड़ा सवाल भी शामिल किया गया है। 9.5 लाख कर्मचारी होंगे तैनात जनगणना के दूसरे चरण के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। घर-घर जानकारी एकत्र करने के लिए करीब 9.5 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मुख्य बिंदु: इस बार जनगणना में डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक खातों की संख्या, डिजिटल पहचान पत्र, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
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लखनऊ में चौकीदार हत्या की साजिश नाबालिग भाई ने रची; 88 हजार में प्लान बना

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में बड़े भाई की हत्या की साजिश का खुलासा, नाबालिग भाई ने दी थी सुपारी एंकर - लखनऊ के महिंगवां में चौकीदार सतीश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश किसी बाहर के दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के नाबालिग छोटे भाई ने रची थी। जमीन और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने दोस्तों के जरिए भाई की हत्या की सुपारी दी थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वी ओ - लखनऊ के महिंगवां में हुए चौकीदार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की देर रात गनेशपुर में प्लाटिंग साइट पर चौकीदार सतीश यादव की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस अलग-अलग एंगल से पड़ताल कर रही थी, लेकिन सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी। वी ओ - पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक के 17 वर्षीय छोटे भाई ने रची थी। जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक अपनी नानी से मिली जमीन बेच चुका था और पैतृक संपत्ति को लेकर भी परिवार पर दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार हत्या के लिए कुल 88 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 58 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में आनंद कुमार, दीपक रावत और रचित रावत को गिरफ्तार किया है, जबकि बलबीर नाम का आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वी ओ - जांच में एक चप्पल ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया। घटनास्थल से मिली चप्पल के आधार पर पुलिस दीपक तक पहुंची। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सामान और दो बाइक भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस, कॉल डिटेल और मौके से मिले साक्ष्यों की मदद से हत्याकांड का खुलासा किया गया। डीसीपी उत्तरी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। अब पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े बाकी तथ्यों की जांच कर रही है。
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नाबालिग ने रची चौकीदार हत्या की साजिश, परिवार विवाद सामने आया

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में बड़े भाई की हत्या की साजिश का खुलासा, नाबालिग भाई ने दी थी सुपारीएंकर - लखनऊ के महिंगवां में चौकीदार सतीश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश किसी बाहर के दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के नाबालिग छोटे भाई ने रची थी। जमीन और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने दोस्तों के जरिए भाई की हत्या की सुपारी दी थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वी ओ - लखनऊ के महिंगवां में हुए चौकीदार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की देर रात गनेशपुर में प्लाटिंग साइट पर चौकीदार सतीश यादव की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस अलग-अलग एंगल से पड़ताल कर रही थी, लेकिन सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी। वी ओ - पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक के 17 वर्षीय छोटे भाई ने रची थी। जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक अपनी नानी से मिली जमीन बेच चुका था और पैतृक संपत्ति को लेकर भी परिवार पर दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार हत्या के लिए कुल 88 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 58 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में आनंद कुमार, दीपक रावत और रचित रावत को गिरफ्तार किया है, जबकि बलबीर नाम का आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वी ओ - जांच में एक चप्पल ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया। घटनास्थल से मिली चप्पल के आधार पर पुलिस दीपक तक पहुँचिे। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सामान और दो बाइक भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस, कॉल डिटेल और मौके से मिले साक्ष्यों की मदद से हत्याकांड का खुलासा किया गया। डीसीपी उत्तरी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। अब पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े बाकी तथ्यों की जांच कर रही है।
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नाम वापसी के बाद निकाय चुनाव: बागी-निर्दलीयों से गणित बदलेगा

Dholpur, Rajasthan:सिंबल की सियासत में कई पुराने चेहरों पर दांव, बगावत से बिगड़ सकता है गणित नाम वापसी के बाद आज साफ होगी तस्वीर - कितने बागी मैदान में डटे? नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद उठी नाराजगी का असली असर आज सामने आएगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपाऔर कांग्रेस अपने असंतुष्ट दावेदारों में से कितनों को मनाने में सफल रहीं और कितने बागी प्रत्याशी निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। इसके साथ ही 60 वार्डों में मुकाबले की वास्तविक तस्वीर भी साफ होगी। टिकट से वंचित कई दावेदारों के निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच दोनों प्रमुख दलों के सामने अधिकृत प्रत्याशियों के साथ नाराज दावेदारों को साधने की चुनौती रही है। पुराने चेहरों पर दलों ने लगाया दांव: निकाय चुनाव में एक वार्ड से कई दावेदार टिकट की मांग करते हैं, लेकिन सिंबल किसी एक को ही मिलता है। ऐसे में टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों के सामने पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़े रहने या निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प रहता है। पिछले कुछ दिनों में दोनों प्रमुख दलों के नेताओं ने ऐसे दावेदारों से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश की है। पिछले निकाय चुनाव में धौलपुर नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस को 22-22 सीटें मिली थीं। 15 निर्दलीय और एक बसपा प्रत्याशी भी विजयी हुआ था। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने के कारण बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। यही वजह है कि इस बार भी राजनीतिक दलों की नजर बागी दावेदारों और निर्दलीयों के प्रदर्शन पर रहेगी। महिला वोटरों की भूमिका होगी अहम नगर परिषद के 60 वार्डों में इस बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से करीब 12% ज्यादा है। ऐसे में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर महिला वोटरों के रुख से तय हो सकता है। प्रत्याशियों के लिए महिला मतदाताओं को साधना चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहेगा। खासकर सड़क, जलभराव, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा जैसे मुद्दे महिलाओं के मतदान निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं टिकट वितरण के बाद कुछ वार्डों में युवा दावेदारों की नाराजगी सामने आई है। इनमें से कुछ ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। अब नाम वापसी के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि कितने युवा दावेदार वास्तव में मैदान में हैं और कितने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में लौटे हैं। इससे दोनों दलों के स्थानीय संगठन की स्थिति का भी अंदाजा लगेगा। विकास के मुद्दे पर होगी परीक्षा: यदि प्रमुख दावेदार मैदान से हटकर पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में आते हैं तो मुकाबला सीधे दो प्रमुख दलों के बीच रह सकता है। वहीं मजबूत दावेदारों के निर्दलीय बने रहने पर कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। बागियों और निर्दलीयों के बीच मुकाबले का असर केवल राजनीतिक गणित तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के मतदाता सड़क, नाली, जलभराव, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी स्थानीय समस्याओं को भी चुनावी मुद्दा बना सकते हैं। ऐसे में मजबूत स्थानीय पकड़ वाला निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को चुनौती दे सकता है। मजबूत बागी ही बदल सकता है समीकरण... हर निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के लिए चुनौती बने, यह जरूरी नहीं है। लेकिन जिस दावेदार की वार्ड में व्यक्तिगत पकड़, लंबे समय से जनसंपर्क और अपना समर्थक वर्ग है, उसके मैदान में रहने से अधिकृत प्रत्याशी के सामने चुनौती बढ़ सकती है। खासकर करीबी मुकाबले वाले वार्डों में कुछ वोटों का बंटवारा भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है। आज नाम वापसी का आखिरी मौका, 3 बजे तक समय धौलपुर निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नाम वापसी पर नजर है। आज 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 9 और 11 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा
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भिवंडी महापालिका आवार में अवैध पार्किंग से हंगामा, अधिकारी जवाब के लिए तत्पर

Thane, Maharashtra:भिवंडी निजामपूर महापालिका मुख्यालयात येणाऱ्या नागरिक आणि अधिकाऱ्यांना पार्किंगमुळे नाहक त्रास सहन करावा लागत आहे. मनपा आवारात अनेक वाहने महिनोंमहिने धूळ खात पडून आहेत. याआधीही हा मुद्दा ऐरणीवर आला होता, तेव्हा प्रशासनाने नोटीस बजावून काही वाहनांवर कारवाई केली होती. मात्र कारवाईनंतर पुन्हा जैसे थे परिस्थिती निर्माण झाली आहे. महापालिका आवारात पुन्हा बेवारस आणि अनधिकृत वाहने मोठ्या प्रमाणात उभी केली जात आहेत. यामुळे आवारात गोंधळाचे वातावरण आहे. या अवैध पार्किंगला तात्काळ आळा घालावा, अशी जोरदार मागणी आता पालिकेतील अधिकारी आणि कर्मचारी वर्गातूनच होऊ लागली आहे. आता आयुक्त या प्रकरणी काय कारवाई करतात याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे. महापालिकेच्या आवारातच जर अवैध पार्किंगला आळा बसत नसेल, तर शहरातील वाहतूक कोंडीचा प्रश्न कसा सुटणार, असा सवाल उपस्थित होत आहे.
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