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Abhishek Kumar PandeyAbhishek Kumar PandeyFollow24 Nov 2024, 10:50 am

कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया पहुंचे मनगढ़ धाम, श्रद्धा सुमन अर्पित कर जताई शोक संवेदना

Kunda, Uttar Pradesh:

जगदगुरू कृपालु महाराज की बड़ी पुत्री व कृपालु परिषद भक्ति धाम मनगढ़ की अध्यक्ष डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी की मौत की खबर सुनकर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह शोक व्यक्त करने पहुंचे। यह घटना जगदगुरू कृपालु महाराज के परिवार और समर्थकों के लिए एक बड़ा आघात है। राजा भैया ने डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह घटना न केवल जगदगुरू कृपालु महाराज के परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा दुख है। ¹

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श्रावण में सोनभद्र के शिवद्वार धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी

Obra, Uttar Pradesh:Anchor: श्रावण मास के साथ ही सोनभद्र का प्राचीन शिवद्वार धाम एक बार फिर शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। सोनभद्र के अलावा मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही समेत आसपास के कई जनपदों और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। तीसरे और चौथे सोमवार को उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर दिए हैं। डीएम चर्चित गौड़ और एसपी अभिषेक वर्मा ने स्वयं शिवद्वार मंदिर और मंदिर मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ड्रोन, सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल के जरिए पूरे मेले क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। VO: सोनभद्र का ऐतिहासिक शिवद्वार धाम श्रावण मास में शिवभक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंच रहे हैं। श्रावण के तीसरे और चौथे सोमवार को श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है। सोनभद्र के ऐतिहासिक विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए पैदल यात्रा करते हुए शिवद्वार धाम पहुंच रहे हैं। वहीं मिर्जापुर से गंगाजल लेकर भी हजारों शिवभक्त कांवड़ यात्रा के साथ बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने आ रहे हैं। इसके अलावा आसपास के कई जिलों और अन्य प्रांतों से भी श्रद्धालुओं का लगातार आगमन बना हुआ है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मंदिर परिसर, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग स्थल तथा मंदिर तक जाने वाले रास्तों का स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर परिसर और पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि ड्रोन कैमरे के जरिए भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा रही है। जिले के विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स, ट्रैफिक पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे। लोक निर्माण विभाग को मंदिर मार्ग दुरुस्त रखने और बैरिकेडिंग मजबूत करने, विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नगर पालिका को साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भी तैनात हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि शिवभक्तों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण मिले। इसी उद्देश्य से भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि हर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सके। Byte: अभिषेक वर्मा - SP सोनभद्र
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सहारनपुर में डूबी होंडा सिटी कार का सफल रेस्क्यू; कोई जनहानि नहीं

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से बुधवार सुबह हलालपुर-चिलकाना रोड स्थित बड़ी नहर में डूबी एक होंडा सिटी कार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि कार के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला, जिससे किसी जनहानि की आशंका समाप्त हो गई। जानकारी के अनुसार सुबह 08:08 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि हलालपुर-चिलकाना रोड पर बड़ी नहर में एक कार डूब गई है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन बेहट रोड से एमडीआरवी (मॉडर्न डिजास्टर रेस्क्यू व्हीकल) टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में फायर कर्मियों ने तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लाइफ सेफ्टी उपकरणों और एमडीआरवी के विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद होंडा सिटी कार (वाहन संख्या UK12B-2255) को सुरक्षित नहर से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद फायर कर्मियों ने वाहन की गहन तलाशी ली, लेकिन उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद वाहन को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अभियान सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद फायर यूनिट वापस फायर स्टेशन लौट गई। घटना के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए थे। लोगों ने विषम परिस्थितियों में फायर सर्विस और पुलिस टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता, साहस और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। समय रहते किए गए इस सफल रेस्क्यू अभियान से एक संभावित बड़े हादसे की आशंका भी टल गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नहरों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें।
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आजमगढ़ में सर्पदंश से 12 वर्षीय बच्ची की मौत, गांव में मातम

Azamgarh, Uttar Pradesh:घऱ में सो रही छात्रा की सर्पदंश से मौत, परिवार में मचा कोहराम। आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के मठिया जप्ती माफी गांव के एक घर में सो रही 12 वर्षीय बालिका की सर्पदंश से मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम छा गया। वहीं सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, बेटी की असमय मौत से मां सुनीता समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। आजमगढ़ जिले में अतरौलिया थाना क्षेत्र के मठिया जप्ती माफी निवासी चंदन कुमार की 12 वर्षीय पुत्री राजनंदनी रात अपनी मां सुनीता और छोटी बहन श्रेयांशी के साथ घर में बेड पर सो रही थी। जहां तड़के करीब चार बजे वह अचानक बेड से नीचे गिर गई। मां ने उसकी तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई और पड़ोसियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने बालिका के दाहिने पैर में सर्पदंश जैसे निशान देखे, जिसके बाद उसे तत्काल जनपद अंबेडकरनगर के बसखारी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राजनंदनी पूर्व माध्यमिक विद्यालय उपटापार बांसगांव में कक्षा छह की छात्रा थी। पड़ोसी ने बताया कि चिकित्सकों ने सर्पदंश के कारण मौत होने की पुष्टि की।
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यमुना में पानी का स्तर बढ़ा, दिल्ली के लिए खतरे की घंटी

New Delhi, Delhi:हिमाचल प्रदेश से यमुना में अधिक पानी आने के कारण हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पहले की तुलना में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार अपराह्न तीन बजे अधिकतम 63,109 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह इस मानसून में सबसे अधिक है। इससे दिल्ली में यमुना का जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। दिल्ली में पुराना लोहापुल के पास यमुना का जलस्तर 204.5 मीटर स्तर पहुंचने या हथनीकुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर चेतावनी जारी की जाती है। उसके बाद यमुना के निचले हिस्से से लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाता है। 205.33 मीटर खतरे का निशान है। Government द्वारा निगरानी की जा रही है और यमुना में नया स्केल भी लगाया गया है पानी के लेवल को मेजर करने के लिए अभी जो यमुना का लेवल है वह 202 मीटर है और जैसे ही यमुना का यह स्टार्ट 204.5 पर पहुंचता है तो इसको वार्निंग माना जाता है और 205 के पार 206 उसके ऊपर पहुंचने पर खतरा माना जाता है विभाग लौटते हैं लगातार निगरानी की जा रही है पर डाटा के अनुसार जब तक पानी दिल्ली तक पहुंचेगा तो लगभग 15000 कि उसे अपनी पहुंचेगी जिसकी वजह से ज्यादा खतरे की संभावना नहीं है पुराने लोहे वाले पुल से यमुना का लेवल दिखाते हुए रिपोर्ट
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झुंझुनूं में पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियाँ तेज, एक सप्ताह में सभी तैयारियाँ पूरी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि चुनाव आयोग से कार्यक्रम घोषित होते ही जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफल मतदान कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अगले एक सप्ताह के भीतर चुनाव संबंधी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली जाएंगी। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता सूची का अद्यतन, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं, चुनावी कार्मिकों की नियुक्ति, विभिन्न प्रकोष्ठ का गठन तथा अन्य प्रशासनिक तैयारियों पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए स्थानांतरणों के कारण जिन क्षेत्रों में बदले गए हैं, वहां भी नए बीएलओ की नियुक्ति और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि मतदाता सूची और चुनाव संबंधी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। डॉ. गर्ग ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि चुनाव आयोग के निर्देश मिलते ही बिना किसी देरी के पूरी चुनावी प्रक्रिया शुरू की जा सके। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही जिले में निर्धारित समय पर सभी व्यवस्थाओं के साथ मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी。
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इटहिया पंचमुखी शिव मंदिर में सावन उबाल, नेपाल-भारत सीमा पर आस्था का महासैलाब

Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज इटहिया धाम में सावन की धूम,भारत के साथ-साथ नेपाल से हज़ारों की संख्या में आते हैं श्रद्धालु जलाभिषेक करने,महादेव अपने भक्तों की हर मनोकामना करते हैं एंकर- सावन माह और कावड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है ऐसे में देश भर के हर शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी जा सकती है और देशभर के शिवालयों में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंज रहे हैं। आज हम आपको ले चलते हैं उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में स्थित ऐतिहासिक इटहिया पंचमुखी शिव मंदिर में। एक ऐसा पावन धाम जहाँ सावन के महीने में सीमाएं टूट जाती हैं। भारत ही नहीं पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ आकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। आखिर क्या है इस पंचमुखी शिवधाम की महिमा और कैसी है यहाँ सावन की रौनक़? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट- वी/ओ- हाथों में गंगाजल और जुबां पर 'हर हर महादेव' का नाम और दिल में अपार श्रद्धा... यह नज़ारा है उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के भारत नेपाल सीमा से सटे निचलौल तहसील स्थित प्रसिद्ध इटहिया पंचमुखी शिव मंदिर का। सावन के हर सोमवार के साथ साथ पूरे सावन माह यहाँ आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ता है कि पूरा इलाका भक्तिमय हो जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारत और नेपाल की साझी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। सावन शुरू होते ही नेपाल के नवलपरासी, रूपंदेही जिले समेत सीमावर्ती क्षेत्र के श्रद्धालु पैदल यात्रा करके यहाँ पंचमुखी शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है भगवान भोलेनाथ उनकी सभी मनोकामना पूर्ण करते है । बाइट- विनय यादव, श्रद्धालु बाइट- पूजा, नेपाली श्रद्धालु वी/ओ- इस अलौकिक पंचमुखी शिवलिंग का इतिहास बेहद दिलचस्प है जो निचलौल स्टेट के राजा बृषभसेन और उनके प्रतापी पुत्र राजा रतन सेन से जुड़ा है। मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में राजा बृषभसेन की एक नंदिनी नाम की प्रिय गाय घने जंगल में जाकर झाड़ियों के बीच स्वतः दूध चढ़ाया करती थी। जब राजा ने उस स्थान की खुदाई करवाई, तो वहां से यह दिव्य पंचमुखी शिवलिंग प्रकट हुआ। भगवान भोलेनाथ की कृपा से राजा को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसका नाम रतन सेन रखा गया। पिता के बाद राजा रतन सेन ने अपनी पत्नी के साथ यहाँ पूजा-अर्चना की और मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। मान्यता है कि राजा रतन सेन के शासनकाल से ही इस स्थान पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरस रही है। बाइट-मुन्ना गिरी, पुजारी वी/ओ-सावन मास में उमड़ने वाली अपार भीड़ और नेपाल बॉर्डर से सटी संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है, ताकि मिनी बाबा धाम पहुँचने वाले हर भक्त को सुलभ दर्शन हो सकें। गोरखपुर के डीआईजी एस चनप्पा ने बताया कि सावन पर्व के देखते हुए लगभग 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है साथ ही साथ पीएससी भी तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरे हर जगहों पर लगाया है जिसको कंट्रोल रूम बनाकर 24 घंटे इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है । बाइट- एस चनप्पा, डीआइजी गोरखपुर वी/ओ-राजा रतन सेन की पौराणिक कथाओं को समेटे हुए इटहिया का यह पंचमुखी शिव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने अटूट रिश्तों की डोर भी है।
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कानपुर में सिख गुरुओं पर टिप्पणी के बाद गिरफ्तारी, रोड जाम विरोध

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर सिख समाज ने थाने के बाहर दिया धरना -धर्म गुरु पर अभद्र टिप्पणी करने वाले कि गिरफ्तारी की मांग विरोध प्रदर्शन के बाद आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला आरोपी गिरफ्तार कानपुर नगर ब्रेकिंग सिख समाज के गुरुओं पर टिप्पणी करने वाले की गिरफ्तारी न करने पर सिख समाज के संगठनों द्वारा फजलगंज थाने के बाहर रोड जाम कर विरोध किया गया। आरोपी ने सिख समाज के धर्मगुरु पर अवध टिप्पणी की थी जिसके बाद सिख समाज नाराज होकर फजलगंज थाने के बाद धरना प्रदर्शन करने लगा सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पहुंचे काफी मान मनौवल के बाद में सिख समाज को मनाया गया और आरोपी की गिरफ्तारी भी की गई। वहीं पुलिस ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में फजलगंज पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है।
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कॉर्बेट में बाघ के साथ घड़ियाल संरक्षण पर 2.5 साल का बड़ा शोध शुरू

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अब सिर्फ बाघों के संरक्षण पर ही नहीं, बल्कि संकटग्रस्त घड़ियालों के वैज्ञानिक संरक्षण पर भी बड़ा अभियान शुरू हो गया है, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) और भारत सरकार के सहयोग से शुरू हुई यह शोध परियोजना अगले ढाई वर्षों तक चलेगी, जिसके जरिए घड़ियालों के आवास, आबादी और नेस्टिंग साइट्स का गहन अध्ययन किया जाएगा. विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है, यहाँ बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, एशियाई हाथी, भालू, हिरणों की कई प्रजातियां, 500 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां और अनेक दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं, अब कॉर्बेट में संकटग्रस्त (Critically Endangered) घड़ियालों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध परियोजना की शुरुआत की गई है, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के सहयोग से यह विशेष अध्ययन शुरू किया गया है, इस परियोजना का उद्देश्य घड़ियालों के प्राकृतिक आवास की मैपिंग, उनकी वास्तविक आबादी का आकलन और नेस्टिंग साइट्स का वैज्ञानिक विश्लेषण करना है, ताकि भविष्य में उनके संरक्षण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके. उन्होंने बताया कि शोध के दौरान यह भी अध्ययन किया जाएगा कि घड़ियाल किन स्थानों पर अंडे देते हैं, उन नेस्टिंग साइट्स पर क्या खतरे मौजूद हैं और उनके संरक्षण के लिए किन उपायों की आवश्यकता है, इससे घड़ियालों के प्रजनन और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. डॉ. बडोला के अनुसार हाल ही में किए गए सर्वेक्षण में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लगभग 150 से 200 घड़ियाल दर्ज किए गए हैं, जिनमें नर, मादा और बच्चे सभी शामिल हैं, वहीं उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कॉर्बेट क्षेत्र में 197 मगरमच्छ, 183 घड़ियाल और 161 ओटर्स भी मौजूद हैं, जो यहां की समृद्ध जलीय जैव विविधता को दर्शाते हैं. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत मानसून से पहले पहला सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जबकि दूसरा सर्वे बारिश समाप्त होने के बाद किया जाएगा, यह शोध करीब दो से ढाई वर्षों तक चलेगा और इसके निष्कर्ष देश में घड़ियाल संरक्षण की भविष्य की योजनाओं के लिए आधार बनेंगे. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से होकर बहने वाली रामगंगा नदी घड़ियाल, मगरमच्छ और ओटर्स जैसे दुर्लभ जलीय जीवों का महत्वपूर्ण आवास है, ऐसे में यह परियोजना केवल कॉर्बेट ही नहीं, बल्कि देशभर में जलीय जैव विविधता और संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकती है.
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श्रावणी मेला: पटना-मधुपुर व आरा-जसीडीह से स्पेशल ट्रेनों से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन आसान

Patna, Bihar:सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम और अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने श्रावण मेा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसके तहत पटना-मधुपुर के बीच 29 अगस्त तक प्रतिदिन श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जबकि आरा-जसीडीह के बीच 9 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। रेलवे का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें। रेलवे के इस फैसले से सावन में यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है。
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