230204साहबों के दरवाज़े पर जाम, पुलिस कमरे में आराम!” — कुंडा में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त
Kunda, Uttar Pradesh:कुंडा की सड़कों पर इन दिनों अव्यवस्था का ऐसा आलम है कि आम आदमी का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। नवागत कोतवाल मनोज पांडेय के आते ही ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि कोतवाली से सटी मनगढ़ रोड, जहां से रोज़ाना बड़े अधिकारियों का आवागमन होता है, वही सड़क अब घंटों के जाम की पहचान बन चुकी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मनगढ़ रोड पर एसडीएम, सीओ और तहसील के आवास स्थित हैं, वहीं पर बुधवार को करीब दोपहर 2 बजे से भीषण जाम लगा रहा। वाहन रेंगते रहे, लोग पसीने में तरबतर होते रहे, एंबुलेंस तक फंसने की नौबत आ गई — लेकिन पुलिस का कहीं अता-पता नहीं था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब साहबों के घर के सामने ही यातायात व्यवस्था ठप है और पुलिस नदारद है, तो शहर के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।
“जाम में जनता बेहाल, जिम्मेदार बेमिसाल”
मनगढ़ रोड पर अव्यवस्थित पार्किंग, अवैध ठेले और बिना किसी ट्रैफिक प्लान के भारी वाहनों की आवाजाही ने हालात बदतर कर दिए हैं। घंटों जाम में फंसे लोग पुलिस की राह देखते रहे, लेकिन कुंडा पुलिस मानो अपने कमरों से बाहर निकलना भी जरूरी नहीं समझती।
व्यापारियों और राहगीरों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर नवागत कोतवाल के नेतृत्व में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति क्यों नहीं बनाई जा रही? क्या व्यवस्था सिर्फ कागजों पर ही चल रही है?
❓सवाल जो उठ रहे हैं
जब अधिकारियों के आवास के सामने जाम लग सकता है तो आम मोहल्लों की क्या स्थिति होगी?
क्या ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ दिखावे तक सीमित है?
क्या नवागत कोतवाल मनोज पांडेय कुंडा को जाम से मुक्त करा पाएंगे या यह समस्या और विकराल होगी?
कुंडा की जनता अब जवाब चाहती है। रोज़-रोज़ का जाम न केवल लोगों का समय बर्बाद कर रहा है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।
अब देखना यह है कि क्या कुंडा पुलिस इस बिगड़ी व्यवस्था को संभालने के लिए कोई ठोस कदम उठाती है, या फिर मनगढ़ रोड यूं ही ‘जाम का प्रतीक’ बनी रहेगी।
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