icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
262001
Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow12 Jan 2025, 11:54 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

उन्नाव CHC में SDM निरीक्षण: गंदा पानी, दवा स्टॉक ऑनलाइन न होने, बिल्डिंग उजागर

Unnao, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ उन्नाव: एसडीएम के निरीक्षण में सीएचसी की खुली पोल एसडीएम दिग्विजय सिंह के निरीक्षण में सामने आया कि मरीज़ों को बाहर से दवा और जांच कराने के लिए किया जा रहा मजबूर पीने के पानी, एक्स-रे रूम और रसोई के पास भरा मिला गंदा पानी और कीचड़ सीएचसी में कंप्यूटर तो आए, लेकिन ब्रॉडबैंड इंटरनेट न होने से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो रहा दवाओं का स्टॉक सीएचसी की बिल्डिंग बेहद जर्जर, एक्स-रे रूम का पंखा और परिसर का हैंडपंप भी खराब हालत में मिला एसडीएम ने ईओ पुरवा पर जताई नाराज़गी, सीएचसी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई दुरुस्त करने के दिए कड़े आदेश पुरवा तहसील अन्तर्ग सीएचसी पुरवा का मामला।
0
0
Report

बाराबंकी में पीडब्ल्यूडी कार्यालय में आग, शॉर्ट सर्किट से नुकसान

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड कार्यालय में लगी आग, मचा हड़कंप बाराबंकी में कचहरी स्थित लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कार्यालय में अचानक आग लग गई। बंद कार्यालय से धुआं निकलते देख लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, मौके पर पहुंची गाड़ियों ने कुछ देर बाद आग पर काबू पा लिया। इस घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है, वहीं कार्यालय में रखे कुछ उपकरण जल गए व कई फाइलें भी चपेट में आ गई। यह घटना शनिवार की देर शाम हुई। बताया जा रहा कि कार्यालय बंद करके सभी लोग निकल गए थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने तेजी से धुआं निकलते देख अग्निशमन विभाग को खबर की। दो गाड़ियां कुछ ही देर में मौके पर पहुंची और आग बुझाना शुरु कर दिया। कुछ देर में आग पर काबू तो पा लिया पर धुआं कमरों में भर गया। पानी छोड़ने से एक कंप्यूटर व इंवर्टर खराब हो गया वहीं कुछ फाइलें आग की चपेट में आ गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है.
0
0
Report
Advertisement

एमजीएम अस्पताल की लिफ्ट बीच में फंसी, 20-25 मरीज और परिजन परेशान

Jamshedpur, Jharkhand:एमजीएम अस्पताल की लिफ्ट बीच में फंसी, 20-25 मरीज और परिजन हुए परेशान जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच शनिवार को एक बार फिर व्यवस्थागत खामियां सामने आ गईं। जानकारी के अनुसार, अस्पताल की एक लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई, जिसमें करीब 20 से 25 लोग सवार थे। लिफ्ट रुकते ही अंदर मौजूद मरीजों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर तक लोग लिफ्ट में फंसे रहे, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल कर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर राहतकार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट में फंसे लोगों में कई मरीज, बुजुर्ग और उनके परिजन शामिल थे। बंद लिफ्ट में घुटन और डर के कारण कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगी। हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। गौरतलब है कि एमजीएम अस्पताल में लिफ्ट खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार लिफ्टों में तकनीकी खराबी सामने आ चुकी है, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी है। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने अस्पताल की रखरखाव व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से लिफ्टों की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
0
0
Report

अंकित बालियान हत्याकांड के विरोध में प्रस्तावित कैंडल मार्च नहीं निकल सका, 30-40 किसान हिरासत म

Shrvan PanditShrvan PanditFollow9m ago
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली ...... जनपद शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी में हरियाणवी अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के कार्यकर्ताओं और किसानों में आक्रोश देखने को मिला। हत्याकांड के विरोध में संगठन की ओर से शनिवार को शामली में कैंडल मार्च निकालने का आह्वान किया गया था। किसान वीवी इंटर कॉलेज से शिव चौक तक कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में थे। हालांकि, मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब 30 से 40 किसानों एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने ले जाया गया, जिसके चलते कैंडल मार्च नहीं निकल सका। आप को बता दे कि भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की ओर से हरियाणा कलाकार अंकित हत्याकांड के मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च का आयोजन प्रस्तावित था। वहीं संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने वीवी इंटर कॉलेज से एकत्र होकर शिव चौक तक शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने का निर्णय लिया था। बताया गया कि किसान और संगठन के कार्यकर्ता निर्धारित स्थान पर पहुंचने लगे थे। इसी दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी प्रदाधिकारियो ओर कार्यकर्ताओ को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हिरासत में लिए गए किसानों और कार्यकर्ताओं को पुलिस थाने ले गई। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला अध्यक्ष निखिल खेवाल ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकालकर अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय की मांग की जानी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानों को मार्च निकालने से रोक दिया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि किसान संगठन किसी प्रकार का विवाद या उपद्रव नहीं करना चाहता था। कैंडल मार्च का उद्देश्य मृतक अंकित बालियान को श्रद्धांजलि देना और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को मजबूती से उठाना था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को रोकने जैसा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय मिलने तक किसानों की आवाज उठती रहेगी। संगठन ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
0
0
Report
Advertisement

निकाय चुनाव 2026: सुमेरपुर-तखतगढ़ में नामांकन ने दिखाया घमासान, उम्मीदवारों की भिड़ंत तेज

Pali, Rajasthan:निकाय चुनाव 2026, सुमेरपुर में 129, तखतगढ़ में 65 नामांकन, टिकट को लेकर घमासान तेज नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर सुमेरपुर और तखतगढ़ में नामांकन के दूसरे दिन सियासी सरगर्मियां तेज हो गईं। दोनों नगर पालिकाओं में दावेदारों और समर्थकों की भीड़ देखने को मिली। सुमेरपुर में दूसरे दिन 129 नामांकन दाखिल हुए। RO एवं SDM कालूराम कुम्हार के अनुसार पहले दिन 16 और दूसरे दिन 129 आवेदन आए, जिससे अब तक कुल 145 नामांकन हो चुके हैं। दूसरे दिन भाजपा के करीब 66, कांग्रेस के करीब 20, AAP के 2 और करीब 41 निर्दलीय आवेदन शामिल हैं। सुमेरपुर में कुल 35 वार्ड हैं। वहीं तखतगढ़ में दूसरे दिन 65 नामांकन दाखिल हुए। RO पूरण कुमार तथा ARO जितेन्द्र कुमार बवेरवाल के अनुसार इनमें भाजपा के 40, कांग्रेस के 12 और निर्दलीय 13 आवेदन शामिल हैं। तखतगढ़ में कुल 25 वार्ड हैं। भाजपा और कांग्रेस की आधिकार‌िक प्रत्याशी सूची अभी जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद कई दावेदार पार्टी के नाम और सिंबल के साथ नामांकन दाखिल कर रहे हैं। कई वार्डों में एक ही पार्टी से दो-दो दावेदारों के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। रविवार को नामांकन प्रक्रिया का अवकाश रहेगा। सोमवार नामांकन का अंतिम दिन होगा। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक आवेदन जमा किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
0
0
Report

VIP ट्रीटमेंट के वीडियो से कुंडेरा पुलिस प्रणाली पर उट्ठे सवाल

Sawai Madhopur, Rajasthan:सवाई माधोपुर की कुंडेरा थाना पुलिस द्वारा 25 हजार के इनामी हार्डकोर अपराधी सद्दाम बिहारी को पुलिस कस्टडी में वीआईपी ट्रीटमेंट देने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद कुंडेरा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस द्वारा हार्डकोर अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट देना का वीडियो राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य ,, आमजन में विश्वास अपराधियों में डर ,, के बिल्कुल उलट नजर आ रहा है। दरअसल हाल ही में कुण्डेरा थाना पुलिस ने कई अपराधों में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी हार्डकोर बदमाश‌ सद्दाम उर्फ बिहारी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कुण्डेरा थाना पुलिस सद्दाम बिहारी को कोर्ट में पेश करना था। जिसके चलते कुण्डेरा थाना पुलिस उसे गंगापुरसिटी लेकर गई। जहां उसे पुलिस रिमाण्ड दिया गया था। कुण्डेरा थाना पुलिस द्वारा हार्डकोर अपराधी सद्दाम को लाने ले जाने के दौरान वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। जिसका वीडियो सामने आया है । बताया जा रहा है कि गंगापुरसिटी से वापस आते समय सद्दाम मलारना डूंगर में एक दुकान पर रूका था। जहाँ उसे पुलिस की मौजूदगी में वीआईपी ट्रीटमेंट में नाश्ता करवाया गया। जिसका वीडियो सद्दाम के एक समर्थक ने सोशल मीडिया पर स्टेट्स भी लगाया गया था। हालांकि विवाद बढ़ता देख समर्थक ने यह वीडियो डिलीट भी कर दिया । मामले को लेकर कुण्डेरा थानाधिकारी दिलीप वर्मा का कहना है कि सद्दाम बिहारी को शुक्रवार को गंगापुर सिटी कोर्ट में पेश किया गया था। वापस आते समय एएसआई को शॉपिंग करनी थी। इसी दुकानदार ने पुलिस को चाय नाश्ता करवाया था तो सद्दाम बिहारी को भी चाय पिलाई गई थी。
0
0
Report
Advertisement

खरगोन में भुजरिया पर्व का उत्सव: विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने दिखाए जज़्बे और नृत्य-कलाकारी

Khargone, Madhya Pradesh:खरगोन शहर में भादौ पड़वा पर भुजरिया पर्व भक्ति-भाव से मनाया गया। शहर के तालाब चैक, टवड़ी मोहल्ला, पहाड़सिंगपुरा, मोतीपुरा क्षेत्र में परंपरागत भुजरिया पर्व का उल्लास छाया रहा। यहां 9 दिन जवारे रुपी भुजरिया माता की सेवा के बाद उत्सवी माहौल में विसर्जन चल समारोह निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन के चलते समूचे क्षेत्र में भक्ति की बयार बही। विसर्जन समारोह में विधायक बालकृष्ण पाटीदार भी शामिल हुए। उन्होंने भुजरिया माता के दर्शन- पूजन किए, इसके बाद चल समारोह में शामिल हुए। ढोल-तांसो, बैंड. बाजों के साथ निकले चल समारोह में जहां युवाओं झुमते, नाचते चल समारोह में अखाड़ा कलाकारो ने शौर्य प्रदर्शन कर सभी को चकित कर दिया। युवाओं के प्रदर्शन को देख विधायक खरगोन बालकृष्ण पाटीदार भी अपने आप को रोक नही सके। उन्होंने बनाॅट चलाकर उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। विधायक ने मंझे हुए कलाकार की भांति भारी भीड़ के बीच संयम के साथ तेज रफ्तार में बनाॅट चलाई। उपस्थित श्रद्धालुओ नेे तालियां बजाकर विधायक का अभिवादन किया। इस दौरान विधायक ने सभी समाजजनों को भुजरिया पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा यह पर्व श्रद्धा, विश्वास व आस्था का प्रतीक है। जवारे रुपी माता को विदाई देने का दौर शाम 6 बजे शुरु हुआ जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। इस दौरान कुंदा तट माता के जयकारो से गुंजायमान रहा।
0
0
Report

अनिल राजभर ने सिद्धार्थनगर में 7 करोड़ के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया

Naugarh, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम, सेवायोजन और सिद्धार्थनगर जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने उसका थाना परिसर में बनने वाले प्रशासनिक भवन का आज शिलान्यास किया। तीन मंजिला बनने वाला यह प्रशासनिक भवन करीब 7 करोड़ की लागत से बनना है। जिसमें पुलिसिंग से संबंधित सभी तरह की सुविधाये उपलब्ध होंगी। शिलान्यास के इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मौर्य सहित जिलाधिकारी शिवशरणप्पा, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार और मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहे। शिलानाथ के बाद मंत्री अनिल राजभर ने वहां आयोजित एक जनसभा को भी संबोधित किया और पुलिसिंग को लेकर योगी सरकार द्वारा की जा रही योजनाओं की जानकारी दी। बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार अपनी कानून व्यवस्था को लेकर आज पूरे देश में अग्रणी पायदान पर है। अन्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की पुलिस और कानून व्यवस्था का अनुसरण कर रहे हैं । उन्होंने कहा यह इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि योगी सरकार ने पुलिस को मिलने वाली सुविधाएं का विशेष ख्याल रखा । थानों और पुलिस लाइन की बिल्डिंग से लेकर उच्च स्तरीय सुविधाओं से उन्हें लैस किया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है गुंडा माफिया या तो जेल में है या फिर ऊपर पहुंच चुके हैं। अनिल राजभर ने कहा कि सिद्धार्थनगर जिले में जितने भी थाने और पुलिस लाइन है उनका कायाकल्प किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज यहां भी करीब 7 करोड़ से बन रही प्रशासनिक भवन का उन्होंने शिलान्यास किया है。
0
0
Report
Advertisement

मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार: मदरसों के विवादित बयान पर उत्तराखंड में हड़कंप

Bahara Boj, Uttarakhand:पिछले दिनों जुलूस ए मोहम्मदी के दौरान धामी सरकार द्वारा त्रिशूल चौक पर जलूस के दौरान अवैध मदरसों को बंद करने के धामी सरकार के फैसले पर मुफ्ती मुजीब ने आपत्तिजनक बयान दिया था और कहा था कि मदरसों के बारे में आप फैसला मत करो। याद रखना, अगर मदरसे बंद कर दिए तो फिर देखना आप, हम क्या हाल करेंगे। यह वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। (बाइट– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री) (बाइट– अजय गणपति, एसएसपी उधम सिंह नगर) गिरफ्तार मुफ्ती मुजीब रामपुर जनपद के दढ़ियाल टांडा का रहने वाला है। पुलिस ने मुफ्ती को गिरफ्तार करके जहां जेल भेज दिया है वहीं पुलिस जलूस के आयोजन, मंच की अनुमति, सभा में मौजूद लोगों और भाषण संबंधी जानकारी जुटाने के साथ वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी करा रही है। इधर मेयर विकास शर्मा ने कहा कि मुफ्ती की गिरफ्तारी से साफ हो गया है कि धामी सरकार देवभूमि उत्तराखंड में किसी को माहौल खराब नहीं करने देगी। (बाइट– विकास शर्मा,मेयर,रुद्रपुर नगर निगम)
0
0
Report

दہسार पुलिस ने दुचाकी चोरी गैंग का पर्दाफाश किया, आठ मोटरसाइकिलें बरामद

Mumbai, Maharashtra:दहिसर पोलिसांची मोठी कारवाई; दुचाकी चोरीच्या टोळीचा पर्दाफाश दहिसर परिसरात दुचाकी चोरी करणाऱ्या टोळीचा दहिसर पोलिसांनी पर्दाफाश केला आहे. या कारवाईत चार आरोपींना अटक झाली असून, विविध पोलीस ठाण्यांमधील तब्बल आठ दुचाकी चोरीचे गुन्हे उघडकीस आले आहेत. दहिसर पूर्वेतील अशोकवन परिसरातून चोरीला गेलेल्या दुचाकीच्या तपासादरम्यान पोलिसांना सीसीटीव्ही फुटेजच्या माध्यमातून महत्त्वाचा धागा मिळाला. तपास करताना आरोपी चोरीच्या दुचाकींचे पार्ट वेगवेगळे करून भंगारामध्ये विकत असल्याचे समोर आले. पोलिसांनी कारवाई करत चार आरोपींना ताब्यात घेतले. त्यांच्या ताब्यातून आठ मोटारसायकली तसेच २४ दुचाकींच्या नंबर प्लेट, चेसिस, इंजिन आणि इतर पार्ट्स हस्तगत करण्यात आले आहेत. या कारवाईत दहिसर पोलीस ठाण्यातील चार, एमएचबी पोलीस ठाण्यातील दोन, कस्तुरबा पोलीस ठाण्यातील एक आणि मालवणी पोलीस ठाण्यातील एक असे एकूण आठ गुन्हे उघडकीस आले आहेत. पुढील तपास दहिसर पोलीस करत आहेत.
0
0
Report

योगी ने गोरखपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बाढ़-जनसमस्याओं पर कड़ा निर्देश दिया

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखखर मंदिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी जनपदों के आला अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जनसमस्याओं, आईजीआरएस शिकायतों, राजस्व मामलों, विकास कार्यों, जलभराव और संभावित बाढ़ की तैयारियों के साथ-साथ आगामी जन्माष्टमी पर्व की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। गोरखपुर के मंडलायुक्त सभागार से पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। शिकायतों का समाधान सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। गोरखपुर में मंडलायुक्त सभागार से मंडल और जिले के आला अधिकारी वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विभागवार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप तेजी से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन और जनसुनवाई से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों में आती है, ऐसे में शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायताओं का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि समस्या का वास्तविक समाधान मौके पर दिखाई दे। आईजीआरएस यानी जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सिर्फ शिकायत को निस्तारित दिखा देना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या का वास्तविक समाधान प्राथमिकता में होना चाहिए। शासन स्तर से शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, वरासत समेत दूसरे लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए। पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से संवेदनशील भूमि विवादों का समाधान कराने के निर्देश दिए गए, ताकि छोटे विवाद कानून व्यवस्था की बड़ी समस्या न बनें। बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों की पहले से पहचान करने, नालों और नालियों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था और जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अधिकारी जलभराव की शिकायत का इंतजार न करें, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से व्यवस्था दुरुस्त रखें। संभावित बाढ़ के발_ALERT: नेपाल से आने वाले पानी के कारण नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सीमावर्ती और नदी किनारे के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में राहत और बचाव की सभी तैयारियां समय से पूरी रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, सिंचाई, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज और नगर निकाय समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, राहत शिविर तैयार रखने, नाव और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ खाद्य सामग्री और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशुओं के लिए भी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया। बाढ़ और जलभराव की स्थिति में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं और मेडिकल टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए गए। पेयजल की शुद्धता, क्लोरीनेशन और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया। आगामी जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की। मंदिरों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया। धार्मिक कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और अन्य आयोजनों के आयोजकों के साथ समन्वय कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सतर्क रहने को कहा। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और माहौल बिगाड़ने वाली भ्रामक या आपत्तिजनक सूचनाओं के प्रसार पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश: कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने और महिला, बच्चों तथा कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। विकास कार्यों और शासन की योजनाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचे और योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे, इसे सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश देते हुए कहा कि सिर्फ कार्यालयों में बैठकर कागजी रिपोर्ट तैयार करने के बजाय अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार से एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़े। इसके अलावा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी, अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सीआरओ हिमांशु वर्मा, एडीएम वित्त जय प्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, डीएसओ अजय प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गोरखनाथ मंदिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक साथ कई अहम मुद्दों की समीक्षा की। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण से लेकर आईजीआरएस और राजस्व मामलों, बारिश और जलभराव से लेकर संभावित बाढ़ और नेपाल से आने वाले पानी तक... मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। वहीं जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को भी चाक-चौबंद रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की इस समीक्षा बैठक में जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान, राजस्व मामलों का निस्तारण, बाढ़ और जलभराव से बचाव, विकास कार्यों में तेजी और कानून व्यवस्था को मजबूत रखने पर विशेष जोर रहा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागों के अधिकारियों पर इन व्यवस्थाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top