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FKFirasat KhanFollow30 Dec 2024, 07:04 am

Pilibhit - दिव्यांग महिला ने सर्राफा व्यापारी पर सोने के झाले छीनने का लगाया आरोप

Puranpur, Uttar Pradesh:

पूरनपुर नगर के मोहल्ला चौक की रहने वाली दिव्यांग महिला सरिता गुप्ता ने वुधवार को बताया , की उसने अग्रवाल ज्वेलर्स से 12 ग्राम के सोने के झाले लिए थे। आरोप है कि अंगूठी टूटने पर जब वह अंगूठी सही कराने ले गया तो, वह सोने की अंगूठी नहीं थी और डुप्लीकेट सोने की अंगूठी उसको सोने की बताकर सर्राफा व्यापारी ने बिक्री कर दी थी। जब युवक ने इसका विरोध किया तो सर्राफा व्यापारी ने अंगूठी छीन ली.  उसी दौरान प्रोपराइटर सरिता अग्रवाल पत्नी अनिल अग्रवाल व नितिश अग्रवाल और अभय अग्रवाल दिव्यांग महिला के कानों से सोने के झाले छीन ले गए। 

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हाथरस के स्कूल में बच्चों से मजदूरी, वायरल वीडियो ने खोले शिक्षा विभाग के दावों के पोल

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollow5m ago
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस जिले के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में शिक्षा के अधिकार और बाल अधिकारों को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। लेबर कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें मासूम स्कूली बच्चों के हाथों में किताबों की जगह ईंटें नजर आ रही हैं। आरोप है कि विद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए इन छोटे बच्चों से मजदूरी के रूप में ईंटों की ढुलाई कराई जा रही थी। वायरल हो रहे इस वीडियो ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार बच्चों से उनकी पढ़ाई के समय में या विद्यालय परिसर के भीतर जोखिम भरा श्रम कराया जा रहा है। यदि जिला प्रशासन या श्रम विभाग की जांच में यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अनिवार्य नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा। इस गंभीर और संवेदनशील मामले में जब मीडिया ने जिला विद्यालय निरीक्षक DIOS से संपर्क साधकर उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उनका अजीब तर्क था कि चूंकि यह एक मैनेजमेंट द्वारा संचालित विद्यालय है, इसलिए इसकी पूरी जवाबदेही स्कूल प्रबंधन की ही बनती है—मानो शिक्षा विभाग का ऐसे संस्थानों पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण ही न हो। जिम्मेदार अधिकारियों का इस तरह पल्ला झाड़ना कई बड़े सवाल खड़े करता है, क्या शिक्षा के मंदिरों को बाल श्रम के अड्डे के रूप में इस्तेमाल करने की खुली छूट दे दी गई है? क्या जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस वायरल वीडियो की गंभीरता को समझते हुए खुद आगे आकर इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाएगा? क्या बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधन पर कोई कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर आम व खास नागरिक की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर मासूमों के हक और सुरक्षा की रक्षा कौन करेगा। समाचार लिखे जाने तक विद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, और अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग के अगले कड़े कदम पर टिकी हैं।
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तराई पश्चिमी के फाटो-हाथीडंगर पर्यटन जोन जल्द खुलवाने की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:तराई पश्चिमी के फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को खोलने की मांग, कारोबारियों ने डीएफओ का किया घेराव Location.-रामनगर एंकर.-रामनगर तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले फाटो पर्यटन जोन और हाथीडंगर पर्यटन जोन को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर पर्यटन कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है,शुक्रवार को जिप्सी चालक, गाइड, वाहन मालिकों और अन्य स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश आर्य का घेराव करते हुए दोनों पर्यटन जोन को खोलने की मांग की। इस दौरान कारोबारियों ने डीएफओ को ज्ञापन भी सौंपा. पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि फाटो और हाथीडंगर जोन के बंद होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और इससे जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों तथा स्थानीय कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है,उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान पर्यटन गतिविधियां संचालित की गई थीं, लेकिन इस वर्ष दोनों जोन को बंद कर दिया गया है। ऐसे में पर्यटन पर निर्भर लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. पर्यटन कारोबारी हिमांशु तिरुवा ने कहा कि आज सभी पर्यटन कारोबारियों की ओर से तराई पश्चिमी के डीएफओ को ज्ञापन सौंपा गया है,उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष फाटो पर्यटन जोन खुला था, लेकिन इस वर्ष बरसात के दौरान इसे बंद कर दिया गया है, इसके चलते जिप्सी चालक, गाइड और आसपास के स्थानीय कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है, उन्होंने मांग की कि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को खोला जाए,हिमांशु तिरुवा ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे,उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पर्यटन कारोबारी धरना-प्रदर्शन करने के लिए भी मजबूर होंगे. वहीं मामले में तराई पश्चिमी के डीएफओ प्रकाश आर्या ने कहा कि फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बंद किया गया है,उन्होंने बताया कि वन्यजीवों पर पड़ने वाले तनाव और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. डीएफओ ने कहा कि पर्यटन से जुड़े गाइड, जिप्सी चालक और वाहन मालिक अपनी मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे हैं,उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर से भी सहमति ली जाएगी, इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.वहीं अब पर्यटन कारोबारियों को वन विभाग के निर्णय का इंतजार है。
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यमुनानगर तक पहुँची इनेलो, जंतर-मंतर प्रदर्शन की निष्पक्ष जांच की मांग

Yamuna Nagar, Haryana:दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध की गूंज अब यमुनानगर तक पहुंच गई है। इंडियन नेशनल लोकदल के कानूनी प्रकोष्ठ ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा गया। इंडियन नेशनल लोकदल के कानूनी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने जिला सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से पुलिस ने बल प्रयोग किया। संगठन ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के साथ मारपीट, अपमानजनक व्यवहार तथा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित अभद्रता की गई। दिलबाग सिंह, इनेलो नेता व पूर्व विधायक, यमुनानगर ज्ञापन में राष्ट्रपति से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही यदि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित पुलिस कर्मियों पर भी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। भविष्य में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की गई। सत्यम, युवा नेता, इनेलो अर्जुन सुढ़ैल, प्रदेश प्रवक्ता, इनेलो फिलहाल जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है। अब इस मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
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जमुई-खैरा सड़क हादसे में बेचनी देवी की मौत, 4 घायल; प्रदर्शन के बावजूद परिवार को न्याय की मांग

Jamui, Bihar:जमुई-खैरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार सुबह कवैया मुसहरी के पास परिजनों और ग्रामीणों ने 65 वर्षीय बेचनी देवी का शव खटोले पर रखकर करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे जमुई एसडीपीओ सतीश सुमन, टाउन थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार व पुलिस बल ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। परिजनों के अनुसार गुरुवार शाम जमीन के पैसे देने के बहाने परिवार के चार लोगों को बुलाया गया था। आरोप है कि सभी सड़क किनारे बैठे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में बेचनी देवी की मौत हो गई, जबकि उनके पति कारू मांझी, पुत्र चुनचुन मांझी और बहू सरिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। कारू मांझी की हालत नाजुक होने पर उन्हें सदर अस्पताल से पटना रेफर किया गया है। घायल बहू सरिता देवी ने आरोप लगाया कि संजय यादव ने जमीन का पैसा देने के लिए परिवार को बुलाया था और करीब दो घंटे तक घर के पास बैठाए रखा। इसके बाद उन्हीं के पिकअप वाहन से चारों को कुचल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद वाहन हटाकर घायलों को निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की। स्थानीय ग्रामीण लालू यादव ने बताया कि बेचनी देवी को मायके की कुछ जमीन मिली थी, जिसकी बिक्री को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी सिलसिले में परिवार को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और मजदूरी व खेती-बाड़ी कर जीवनयापन करता है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है。 स्थानीय पुलिस अधिकारी(s) ने बताया कि घटना गुरुवार को हुई थी, लेकिन पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दी गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने सड़क जाम किया, जिसे समझाकर हटाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस अपने स्तर पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जमीन की खरीद-बिक्री और पैसे के लेनदेन से जुड़े आरोपों की पुष्टि आवेदन और जांच के बाद ही हो सकेगी।
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रामपुर पंचायत ने दो पत्नियों के बीच पति के रहने-खर्च की नई योजना बनाई

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में दो पत्नियों के बीच बांटे गए पति के बारे में पंचायत ने एक नया समझौता किया। पंचायत के फैसले के अनुसार पति पहली पत्नी के घर हर महीने राशन पहुंचाएगा और निजी खर्च के लिए हर सप्ताह 500 रुपये देगा। वह सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी के घर और तीन दिन दूसरी पत्नी के घर रहेगा, जबकि सातवां दिन अपनी मर्जी से रहेगा। मामले में पहली पत्नी का आरोप था कि दूसरी शादी के बाद पति उसे और बच्चों को नजरअंदाज कर रहा है। यह मामला पुलिस चौकी पहुंचा, लेकिन ग्रामीणों और परिवारों के बीच पंचायत ने देर तक बातचीत कर समाधान निकाला। पंचायत ने कहा कि यह व्यवस्था दोनों परिवारों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए है ताकि बच्चों पर कम से कम असर पड़े।
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ज्ञानवापी परिसर में सावन के दौरान नमाज रोक की मांग तेज

JPJai Pal11m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:• ज्ञानवापी परिसर में सावन माह के दौरान नमाज पर रोक लगाने की मांग. • Shiva Sena उत्तर प्रदेश ने वाराणसी मंडलायुक्त को भेजा ज्ञापन. • ज्ञापन में आदिविश्वेश्वर नाथ महादेव का दिया गया हवाला. • यादव बंधुओं के पारंपरिक जलाभिषेक से रोक हटाने की उठाई मांग. • तुलसीदास जी के समय की पुरानी परंपराओं को न रोका जाए शिवसेना ने रखी मांग. • मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और पूजन-आरती की भी रखी मांग. • मांग न मानने पर पूरे प्रदेश में बड़े आंदोलन की दी चेतावनी. • ज्ञापन में शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुलाब दूबे और राज्य उप प्रमुख अजय चौबे समेत कई नेता शामिल.
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फोगड़ी में प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में ग्रामीणों का भारी आक्रोश

Didwana, Rajasthan:डीडवाना-कुचामन जिले के फोगड़ी गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जयसिंह के तबादले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाचार्य का स्थानांतरण पूरी तरह से राजनीतिक द्वेषता के तहत किया गया है, जबकि उन्होंने स्कूल के विकास और बच्चों की शिक्षा के लिए बेहतरीन कार्य किया है। तबादले से नाराज ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 2 दिन में प्रधानाचार्य को पुनः बहाल नहीं किया गया, तो ग्रामीण स्कूल का ताला बंद करेंगे और अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर कल स्कूली छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था।
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बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ पुलिस का एक्शन: 5 डम्पर जब्त

Dungarpur, Rajasthan:बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ पुलिस का एक्शन, 5 डम्पर जब्त ड्यूंगरपुर जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ एक्शन लिया है | बीती रात पुलिस ने शहर के सिंटेक्स चौराहे पर बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड मामले में बजरी से भरे 5 डम्पर जब्त किए है | इधर खनिज विभाग की ओर से मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी | ड्यूंगरपुर जिले के कोतवाली थाने के सीआई हिमांशु राजावात ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार अवैध खनन, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है | इस अभियान के तहत कोतवाली पुलिस टीम ने बीती रात शहर के सिंटेक्स चौराहे पर कार्रवाई करते हुए 5 डंपरों को जब्त किया किया है | जिनमें अवैध रूप से और क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी | सीआई हिमांशु राजावत ने बताया कि सभी 5 जब्त डंपरों को आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई के लिए खनन विभाग के सुपुर्द कर दिया है | मामले में अग्रिम कार्रवाई खनिज विभाग की ओर से की जाएगी
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राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम पहल से ठगी में तेजी, 1930 पर शिकायत करें

Jaipur, Rajasthan:Jaipur राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम पर बड़ी पहल का पहले ही दिन दिखा असर! पहले 18 घंटे में 7 E-Zero FIR दर्ज 1 लाख से 5 लाख रूपये तक की साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई शुरू。 अब तक 460 E-Zero FIR दर्ज साइबर फ्रॉड पीड़ितों को तत्काल राहत देने की दिशा में राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल。 राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में कल ही हुई थी नई व्यवस्था 1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में E-Zero FIR से त्वरित कार्रवाई ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने दी जानकारी — नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही साइबर अपराध के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई को मिली रफ्तार。 1930 पर शिकायत से शुरू होगी कार्रवाई — I4C के NCRP और CCTNS के एकीकरण से साइबर ठगी की शिकायतों को पुलिस थाने तक तेजी से पहुंचाया जाएगा。 थाना क्षेत्र की बाध्यता होगी कम — साइबर फ्रॉड की शिकायत पर संबंधित पुलिस थाने को भेजी जाएगी, जिससे कार्रवाई में तेजी आएगी。 पीड़ितों के लिए बड़ी राहत — साइबर ठगी के मामलों में रकम को फ्रीज कराने और वापस दिलाने की कार्रवाई अब और प्रभावी तरीके से हो सकेगी。 राजस्थान पुलिस की अपील, साइबर ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें और समय रहते शिकायत दर्ज कराएं—जितनी जल्दी शिकायत, उतनी जल्दी रकम बचने की संभावना。
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हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति में विवाह स्थिति को आधार नहीं माना जाएगा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।अनुकंपा नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी बेटी को सिर्फ इसलिए अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार से बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि वह शादीशुदा है। कोर्ट ने कहा कि यह मान लेना कि शादी के बाद बेटी अपने पति पर ही निर्भर होगी ये सही नहीं है। निर्भरता का फैसला हर मामले में तथ्यों और सबूतों के आधार पर किया जाना चाहिए। दरअसल मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है। कर्मचारी की मौत के बाद उनकी शादीशुदा बेटी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन बैंक ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि शादीशुदा होने के कारण उसे अपने पति पर निर्भर माना जाएगा। जिसके बाद महिला ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि बैंक की अनुकंपा नियुक्ति नीति में शादीशुदा बेटियों को स्पष्ट रूप से बाहर नहीं किया गया है। साथ ही महिला ने दावा किया कि अपने आर्थिक हालात के कारण वह अपने दिवंगत पिता पर निर्भर थी। मामला की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बैंक की नीति का परीक्षण किया कोर्ट ने पाया कि आश्रित परिवार के सदस्य की परिभाषा में आश्रित बेटी को शामिल किया गया है। इसमें शादीशुदा और अविवाहित बेटी के बीच कोई अंतर नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि बैंक ने महिला की वास्तविक आर्थिक निर्भरता की जांच करने के बजाय केवल उसकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर फैसला लिया। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कुलसुम निशा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले के फैसले का भी हवाला दिया कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वैवाहिक स्थिति के आधार पर शादीशुदा बेटी को बाहर करना मनमाना है। और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15(1) में निहित समानता के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकता है। हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र को निर्देश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए महिला के आवेदन पर नए सिरे से विचार किया जाए कोर्ट ने इस प्रक्रिया को 30 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साफ कर लिखा है कि शादी अपने आप में किसी बेटी की आर्थिक निर्भरता तय करने का आधार नहीं हो सकती अनुकंपा नियुक्ति के मामले में वास्तविक निर्भरता तथ्यों और सबूतों के आधार पर तय करनी होगी।
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