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FKFirasat KhanFollow30 Dec 2024, 07:04 am

Pilibhit - दिव्यांग महिला ने सर्राफा व्यापारी पर सोने के झाले छीनने का लगाया आरोप

Puranpur, Uttar Pradesh:

पूरनपुर नगर के मोहल्ला चौक की रहने वाली दिव्यांग महिला सरिता गुप्ता ने वुधवार को बताया , की उसने अग्रवाल ज्वेलर्स से 12 ग्राम के सोने के झाले लिए थे। आरोप है कि अंगूठी टूटने पर जब वह अंगूठी सही कराने ले गया तो, वह सोने की अंगूठी नहीं थी और डुप्लीकेट सोने की अंगूठी उसको सोने की बताकर सर्राफा व्यापारी ने बिक्री कर दी थी। जब युवक ने इसका विरोध किया तो सर्राफा व्यापारी ने अंगूठी छीन ली.  उसी दौरान प्रोपराइटर सरिता अग्रवाल पत्नी अनिल अग्रवाल व नितिश अग्रवाल और अभय अग्रवाल दिव्यांग महिला के कानों से सोने के झाले छीन ले गए। 

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महाकाल की सवारी: सुरक्षा के कड़े इंतजाम- अधिकारी तैयारियाँ तेज

Ujjain, Madhya Pradesh:श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश उज्जैन। श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की पारंपरिक सवारी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को कलेक्टर एवं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के साथ पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सवारी मार्ग पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति भी देखी। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सवारी शुरू होने से पहले सभी जरूरी काम तय समय में पूरे कर लिए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि महाकाल की सवारी में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ-सफाई, बिजली, पेयजल, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अतेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रेयांश कुमट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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बडवानी के टूटी पुलिया से ग्रामीणों को हक होने की माँग: विधायक ने विधानसभा में उठाने का किया वादा

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-बड़वानी जिले में विकास के दावों की हकीकत बयां करती जर्जर पुलिया,भंडारदा–जाडाखाऊ–सिदड़ी मार्ग पर वर्षों से इसी क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण हजारों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीणों का आरोप कई बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक नही उठाया कोई ठोस कदम विधायक बोले अधिकारी ऐसी रूम में रहते है विधानसभा में लगाई है याचिका नही होती सुनवाई Vo-यह तस्वीरें बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत भंडारदा के जाड़ा खाऊ -सिदड़ी मार्ग की हैं जहां वर्षों से टूटी पुलिया आज भी लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पत्थरों के पिलर रखकर अस्थायी रास्ता तैयार भी किया है, ताकि किसी तरह आवागमन जारी रह सके लेकिन बरसात के मौसम में यही रास्ता कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है और कई हादसे हुए भी हैं बारिश के दिनों में कीचड़ और उफनते नाले गांव से संपर्क तोड़ देते हैं जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता कच्चा रास्ता टूटी पुलिया की वजह से 10 मिनट का रास्ता 2 घंटे का बन जाता है ऐसे में बरसात के दिनों में बड़ी मुश्किल से लोगों का आवागमन होता है ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से हजारो लोगों का रोजाना आवागमन होता है यदि भंडारदा से पलसूद तक करीब 8 किलोमीटर सड़क और पुलिया का निर्माण हो जाए तो क्षेत्र के लोगों को शिक्षा,स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा उनका आरोप है कि वर्षों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा रहा है, यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी आवेदन सौंपा गया था लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है मामले में क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई का कहना है कि उन्होंने पिछली बार भी इस पुलिया का मुद्दा विधानसभा में उठाया था काम शुरू नहीं होने पर उन्होंने एक बार फिर इस विषय को विधानसभा में उठाने की बात कही है विधायक का कहना है कि जनता की समस्या का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है उन्होंने कहा जवाबदार अधिकारी ऐसी रूम में रहते है वो अपने स्तर से प्रयास करते है लेकिन कोई सुनवाई होती है जनता से जुड़े मामलों के लिए प्रयास करते रहेंगे
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निरसा के कुमारधुबी में भारी बारिश से झिलिया पुल का डायवर्सन क्षतिग्रस्त, यातायात बंद

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के निरसा अनुमंडल स्थित कुमारधुबी में लगातार हो रही बारिश के कारण झिलिया नदी उफान पर है। नदी के बढ़े जलस्तर ने निर्माणाधीन झिलिया पुल के पास बनाए गए अस्थायी डायवर्सन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने निर्माण एजेंसी और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त कराने की मांग की है। लगातार बारिश के चलते झिलिया नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आकर निर्माणाधीन झिलिया पुल के पास बनाया गया अस्थायी डायवर्सन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को मजबूरी में लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त बर्बादी हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि बरसात को देखते हुए डायवर्सन को अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि पुल निर्माण की धीमी रफ्तार और लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। क्षतिग्रस्त वैकल्पिक मार्ग की सूचना मिलने पर शिवलीबाड़ी पूर्वी पंचायत के मुखिया तनवीर आलम भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संवेदक से जल्द से जल्द डायवर्सन की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन बहाल करने का आग्रह किया। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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देवघर श्रावणी मेला 2026: 23 जुलाई तक तैयार टेंट सिटी, CCTV से 24x7 निगराणी

Deoghar, Jharkhand:देवघर- राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बुधवार को संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाघमारा और कोठिया में निर्माणाधीन टेंट सिटी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को 23 जुलाई तक सभी कार्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने कुमैठा स्टेडियम, बीएड कॉलेज, शिवराम झा चौक और नेहरू पार्क का भी जायजा लिया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए कतार प्रबंधन, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सूचना-सहायता केंद्रों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए। साथ ही मेला क्षेत्र में एलईडी स्क्रीन लगाने का कार्य भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने को कहा। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने IMCR कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि पूरे मेला क्षेत्र की CCTV कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे。
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हसनपुर के अस्पताल संचालक पर धर्मांतरण-निकाह के आरोप, पुलिस ने मामला दर्ज किया

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के हसनपुर में मुस्लिम अस्पताल संचालक पर हिन्दू दलित युवती के परिजनों ने लगाया युवती के धर्मांतरण का आरोप, अस्पताल के बाहर बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ काटा हंगामा, हसनपुर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित कई के खिलाफ पिता की तहरीर पर किया धर्म परिवर्तन कराने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, जबकि युवती और अस्पताल संचालक ने आरोपों को बताया झूठा; युवती ने वीडियो जारी कर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप। इस बीच सुधा नाम की युवती ने भी एक वीडियो जारी कर जबरन धर्मांतरण की बात से इनकार किया है। वीडियो में उसने अपने परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वर्ष 2023 से हसनपुर के एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रही थी। उसके अनुसार पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते उस पर दबाव بنایا गया और पहले कराई गई कोर्ट मैरिज छोड़ने के लिए भी परिवार ने मजबूर किया। उसने बताया कि तलाक का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन परिवार उसकी इच्छा के विरुद्ध दूसरी शादी कराने का प्रयास कर रहा है। जबकि इस मामले में युवती सुधा की मां और अन्य ने अस्पताल संचालक पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की , लड़की की माने बताया कि उसकी शादी होने वाली थी और अस्पताल के संचालक से हमने माना कर दिया था कि वह नहीं आएगी लेकिन उसके बाद भी उसने फोन करके बुला लिया और हमारी बेटी को अपने पास रखा है, दलित नर्स के पिता ने अस्पताल संचालक और उसके साथियों पर जबरन धर्मांतरण कराने, निकाह करने के लिए बहला-फुसलाकर ले जाने तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्पताल संचालक अट्टन, शाहनवाज, नाजरीन, जुनैद सहित चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी 24 वर्षीय बेटी सात जुलाई से लापता है और उसका विवाह तय होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में विरोध करने पर उन्हें धमकी दी गई कि उन्हें भी जबरन धर्मांतरण कराया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस पहले ही परिजनों की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। मामले में जारी वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
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हेमंत सोरेन के प्रयास से लातेहार के किसान अब खेती पर लौट रहे हैं

Latehar, Jharkhand:लातेहार जिला अति पिछड़ा के साथ - साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहाँ के किसान पलायन कर जाते थे । लेकिन झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से नक्सली पूरी तरह समाप्ति के कगार पर है । लातेहार जिला के किसान पूरी तरह कृषि पर ही आधारित है और नक्सलवाद कम होने कारण अब किसान अपने खेतों में खेती कर अपनी आमदनी दुगनी कर रहे है । मौसम शुरुआती दौर में वर्षा कम होने के कारण किसानो के समक्ष मायूसी आई थी लेकिन वर्षा होने के किसान अपने खेतों में धान की बुवाई शुरू को गया है । जहाँ राज्य की राजनीति को अलग है मैं किसान का बेटा हूँ खेती मेरा प्रथम स्थान है खेती के सीजन खेती पर ध्यान रहता है । ख़ुद अपने खेतों में बिछड़ा उखड़ना और खेतों में धान की बुवाई करता हूँ । लातेहार जिले किसानो से अपील भी करता हूँ सारा काम छोड़कर खेती में ध्यान देने की जरूरत है अन का पैदावार नहीं होगा तो खाया क्या जाएगा । देश हमारा ज्यादातर लोग खेती पर ही आधारित है लेकिन झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कृषि को बढ़ावा देने को लेकर नई - नई योजना चला रही है साथ ही किसानो को आर्गेनिक खेती को लेकर किसानो को प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है । ताकि किसान कम वर्षा होने पर आर्गेनिक खेती करके अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सके । जिला कृषि पदाधिकारी नेहा निश्छल ने बताई की वर्षा काम अनुपात में हुई फिर भी किसान धान की बुवाई कर रहा बाद में वर्षा ठीक रहा तो किसानों को अच्छी उपज हो जाएगी ।
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नरसिंहपुर के चार वार्डों में राशन घोटाला, महिलाएं SDM कार्यालय पहुंची

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। गोटेगांव नगर के गुरुनानक वार्ड, पटेल वार्ड, बजरंग वार्ड और गौरादेवी वार्ड के उपभोक्ता पिछले 5 महीनों से सरकारी राशन के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि उचित मूल्य दुकान का कर्मचारी लगातार धांधली कर रहा है। आज इसी से परेशान होकर दर्जनों महिलाओं ने SDM कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। मामला टॉकीज के पास स्थित 'महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार मर्यादित' गोटेगांव का है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि दुकान का कर्मचारी हर महीने उनके अंगूठे का निशान (फिंगरप्रिंट) लगवा लेता है और राशन कार्ड पर एंट्री भी कर देता है। लेकिन जब राशन मांगने की बारी आती है, तो 'राशन आने पर ले जाना' कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। ऐसा करते-करते 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पात्र परिवारों को गेहूं, चावल, नमक और अन्य खाद्य सामग्री का एक दाना तक नहीं मिला है। अब देखना होगा कि जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन इस भ्रष्ट कर्मचारी पर क्या कार्रवाई करता है और इन 4 वार्डों के बेबस उपभोक्ताओं को उनका राशन कब तक मिल पाता है।
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दमोह के चोरई में बारिश में डीजल से अंतिम संस्कार: शर्मसार तस्वीरें वायरल

Damoh, Madhya Pradesh:आम आदमी को झकझोरने और सिस्टम को शर्मसार करने वाला मामला, यहां अंतिम संस्कार में लगता है 15 से 20 लीटर डीजल 10 छाते और 5 से 7 घंटे का वक्त... एंकर/ आमतौर पर हिन्दू रीति रिवाज आ होने वाले अंतिम संस्कार में कोई कहे कि पूजन सामग्री और लकड़ी के अलावा 15 से 20 लीटर डीजल दस से बारह छाताए और 5 से 7 घंटे का वक्त चाहिए तो आपको अजीब लगेगा आप के मन में अजीब से खयाल आयेगे लेकिन जब आप हकीकत में ये सब देखेंगे तो आप अंदर तक हिल जायेंगे और सिस्टम को कोसे बगैर नहीं रहेंगे। एमपी के दमोह से एक ऐसी ही रिपोर्ट आपको दिखाने जा रहे है जो सरकारी दावों की पोल ही नहीं खोलती बल्कि मानवता को भी शर्मसार करने वाली है और सरकार और सिस्टम पर बड़ा तमाचा भी है। वी ओ/ जरा गौर से देखिए इस वीडियो को सड़क के ठीक किनारे एक पानी भरे खेत में कुछ लोग हाथों में छाते लिए है इन छातों के नीचे कुछ जल रहा है और लोग ये पूरी कोशिश कर रहे है कि आग के ऊपर आसमान से गिर रहा पानी न चला जाए, आग जलती रहे और धधकती रहे इसके लिए इसमें डीजल डाला जा रहा है और इन लोगों को थोड़ा बहुत नहीं बल्कि लगातार बारिश हुई तो पांच से सात घंटे तक बारी बारी से ऐस ही छाता लेकर खड़ा होना पड़ता है और ये सब इस इलाके में लोगों को आम लगने लगा है। अब जरा जानिए कि आखिर ये क्या हो रहा है तो सुनिए ये अंतिम संस्कार है,एक इंसान का अंतिम संस्कार जिसे जीते जी कुछ मिला हो या न मिला हो लेकिन मरने के बाद अंतिम सफर में जो सम्मान मिलना चाहिए वो भी नसीब नहीं हुआ वो भी तब जब सरकार हर गांव में श्मशान घाट बनाए जाने का दावा कर रही है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और एक नौजवान ने इस इलाके की हकीकत दुनिया के सामने लाई, वीडियो के जरिए ये बताया कि अंतिम संस्कार ऐसा भी होता है जहां बरसात के दिनों में छाता लगाए लोग जरूरी है और लड़कियों के अलावा डीजल भी। वीडियो के सामने आने के बस हमने इस इलाके की पड़ताल की तो ये इलाका एमपी के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र का चोरई है, पहले गांव था लेकिन अब तेंदूखेड़ा शहर का हिस्सा है तीन वार्ड 13 14 और 15 नम्बर वार्ड इसमें आते है। शहरी इलाके में शामिल होने के बाद इसकी हालत किसी वनांचल से कम नहीं है, जिंदा लोगों के लिए मिलने वाली सुविधाएं भी कम है ये अलग बात लेकिन मरने के बाद एक श्मशान घाट भी नहीं जहां सुकून से मुद्दे को जलाया जाए। आम मौसम में तो फिर भी लोग जैसे तैसे अंतिम संस्कार कर लेते है लेकिन बारिश के दिनों में वो हर रोज ईश्वर से यही प्रार्थना करते है कि इलाके में कोई दम न तोड़े और कहा तौर पर गरीब आदमी वरना उसका अंतिम संस्कार ही उसके लिए हर तरह की चुनौती बन जाएगी। सबसे पहले मिलिये वीडियो को दुनिया के सामने लाने वाले दीपक सिंह लोधी से जो इस अंतिम संस्कार के साक्षी रहे और कई घंटों तक सब कुछ देखते रहे लोग छाता की छांव में थे, आग लगी रहे डीजल डाल रहे थे और डीजल कम पड़ा तो एक व्यक्ति बाइक से बाजार गया और डीजल लेकर आया। बाइट/ दीपक सिंह लोधी ( युवा चोरई दमोह) वी ओ / दरअसल चोरई के 45 साल के रामेश्वर बेन ने दम तोड़ दिया। बारिश का समय है और आसमान मेहरबां था लोग प्रार्थना कर रहे थे कि पानी रुके लोगों की भगवान ने सुनी भी और लोग उनके शव को अर्थी पर सजाकर अंतिम संस्कार के लिए ले गए, इलाके में कोई शमसान घाट नहीं लिहाजा एक निजी खेत जो मेन रोड से लगा हुआ है पानी का भराव कम था वहां चिता सजाई गई और फिर जो तस्वीरें आपने देखी वो सब यहां हुआ। बाइट/ बबलू बेन ( मृतक का भतीजा चोरई दमोह) बाइट/ कमलेश कुमार ( निवासी चौरई दमोह) वी ओ/ विकास की तलाश में भटक रहा ये इलाका सामान्य इलाका नहीं है बल्कि प्रायः हर सरकार में यहां से चुने जाने वाले विधायक मंत्री रहे है, मौजूदा समय में प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी इसी क्षेत्र से विधायक है और इन्हीं लोगों के समर्थन से वो जीते है। लेकिन शायद इस समस्या पर उनका भी कभी ध्यान न गया हो। जीवन के 70 से ज्यादा बसंत देख चुके यहां के बुजर्ग बताते है कि आजादी के बाद से आज तक वो मुर्दो को ऐसे ही जलाते आए है, कभी किसी को नहीं लगा कि यहां एक श्मशान घाट ही बना दें, अब फिर भी कई ऐसे साधन है जिनसे कुछ घंटों की मेहनत से शव जलाये जा सकते थे दशकों पहले तो जब लगातार कई दिनों की न थमने वाली बरसात होती थी तब दो दो दिन अंतिम संस्कार के लिए इंतजार तक करना पड़ता था और शव घर में ही रखा रहता था, आज बदलाव कुछ ज्यादा नहीं हुआ बल्कि जिस घर में मातम होता है वहां इस बात की चिंता भी की आखिर उनका अपना पंच तत्वों में पहला अग्नि में कैसे विलिन होगा और यहां के बुजर्ग कहते है कि सरकार और सिस्टम कुछ करे या न करे एक मरघट जरूर बना दे ताकि मुर्दे सुकून से जल सकें। बाइट/ लीलाधर पटेल ( निवासी चौरई दमोह) वी ओ / ये सच है कि अफसर आते जाते है कोई लम्बा वक्त बिताता है तो कोई कम समय में यहां से वहां ट्रांसफर हो जाता है, मौजूदा समय में इलाके के एसडीएम और जिले के कलेक्टर दोनों नए है जिले और उसकी संरचना से अच्छे से वाकिफ नहीं है और खास तौर पर ऐसी समस्याओं से, हमने जब ये हालात वीडियो के जरिए इन दोनों अफसरों को बताए तो दोनों अंदर तक हिल गए, एसडीएम खुद कहते है कि झकझोर देने वाली बात है और उन्होंने तुरत ही क्षेत्र के पटवारी नगर परिषद के सीएमओ से बात की मौके पर जाने के निर्देश दिए और इस समस्या के हल का रास्ता तलाशने के लिए कहा। वहीं जिला मुख्यालय पर बैठे कलेक्टर भी इस सब से अंजान थे, उन्हें दिखाया और बताया गया तो डीएम ने भी फौरन सिस्टम का सिस्टम निभाते हुए अफसरों को निर्देश दिए और कहा कि जल्दी ही चोरई के लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। बाइट/ सी जी गोस्वामी ( एस डी एम तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) वी ओ/ बहरहाल हालात झकझोर देने वाले तो है कि साथ ही कई सवाल भी खड़े करते है कि सालों से महज एक मरघट की मांग कर रहे लोगों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया जबकि यहां के लोग कई दफा जिम्मेदारों को बता चुके है मांग कर चुके है? क्या आम तौर पर यहां आने जाने वाले पटवारी आर आई और नगर परिषद के अफसरों को ये सब कभी नहीं दिखा? एमपी में सरकार ने हर गांव में व्यवस्थित श्मशान घाट बनाए जाने की योजना पंचायत विभाग के जरिए शुरू की है तो नगरीय निकायों को भी श्मशान घाट बनाने की बात कही गई है क्या इन के जिम्मेदारों की नजर में भी ये मामला नहीं आया? और जैसा पहले कहा अफसर आते जाते है लेकिन जनप्रतिनिधि पार्षद सरपंच से लेकर सांसद विधायक मंत्री तक सब यही रहते है लोगों के सुख दुख में साथ निभाने के दावे करते है क्या उनको कभी ऐसी तस्वीरों या जानकारी ने अंदर तक हिलाया नहीं और उनके मन में नहीं आया कि मरने के बाद मुर्दों को सम्मान मिल पाए? एक बार फिर जैसा अफसर कह रहे है कि उन्हें इन तस्वीरों ने विचलित किया है तो देखना होगा कि कितनी जल्दी यहां के लोगों को इन हालातों से मुक्ति मिलती हैं?
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