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FKFirasat KhanFollow18 Jan 2025, 05:18 pm

पीलीभीतः खरीदी जमीन पर मृतक का पुत्र कर रहा आपत्ति, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत

Puranpur, Uttar Pradesh:

पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव ढका जा के रहने वाले दर्जनों ग्रामीणों ने शनिवार को एसडीएम को शिकायती पत्र दिए। शिकायती पत्र में बताया कि गाटा संख्या 121 में मूल स्वामी रहीस खातून पत्नी कल्लू की जमीन थी जिसको ग्रामीणों ने आवास बनाने हेतु रुपये देकर जमीन को खरीद लिया था और पूरा पैसा भी दे दिया था। अब मृतक का एक पुत्र माहिर उस जमीन की गलत तरीके से ब्रिक्री कर रहा है और विरोध करने पर गालीगलौज कर रहा है। उस गाटा संख्या में लगभग 30 से 35 पक्के घर बने हैं और कुछ लोगों ने रजिस्ट्री और बैनामा भी जमीन करवा लिया था। उसके बाद भी मृतक का पुत्र गालीगलौज कर पुलिस को झूठी सूचना देकर लोगों को परेशान कर रहा है। ग्रामीणों ने तहसील और कोतवाली पहुंचकर मामले में शिकायत की।

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प्रतापगढ़ गौतमेश्वर में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली; नरेगा, बिजली और सड़कों पर सरकार घेरा

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के गौतमेश्वर में कांग्रेस ने जनसमस्याओं को लेकर विशाल जन आक्रोश रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान नरेगा मजदूरों के भुगतान, बिजली व्यवस्था और जर्जर सड़कों जैसे मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की गई। रैली की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिग्विजय सिंह पुरावत ने की, जबकि पूर्व विधायक रामलाल मीणा और चुनाव प्रभारी उदयलाल अहीर मुख्य अतिथि रहे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नरेगा मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, बिजली संकट लगातार गहरा रहा है और सड़कों की बदहाल स्थिति से आमजन परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी। वक्ताओं ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की。
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भाजपा प्रेस कॉन्फ्रेंस: संसद में हिन्दू धर्म के अपमान के मुद्दे पर घमासान

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: SAMBHIT PATRA (BJP) PRESS CONFERENCE Rahul Gandhi आज भी पार्लियामेंट चलने नहीं देंगे कांग्रेस का डबल स्टैंर्ड है मल्लिकार्जन खड़गे के बेटे के बयान पर कांग्रेस चुप है झारखण्ड में आंदोलन चल रहा है छात्रों का और कांग्रेस पार्टी एक शब्द छात्रों के पक्ष में बोलते नज़र नहीं आ रही एक कांग्रेस सांसद मकर द्वार पर तख्ती कांग्रेसियों के हाथों में नहीं देखा क्योंकि इसके पीछे सिर्फ राजनैतिक रोटी सेंकी जा रही है जो बिल लोकसभा में पास हो गए उनपे एक मिनट भी चर्चा नहीं हुई जানা को मालुम ही नहीं इस कानून में क्या क्या प्रवधान है ओप्पोसिशन के नाते साधु संत का अपमान करना साधु के वेश में आना साधुओं को चोर के रूप में दिखाना, पार्लियामेंट में घसीटना, कहते हैं जो ऐसे कपड़े पहनते हैं वो चोर हैं, जो चंदन का टीका लगाते हैं वो चोर है - क्या ऐसा संसद में किया जा सकता है ? आपने हिन्दू धर्म का अपमान किया संसद में
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बेगूसराय में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, बाढ़ का खतरा बना रहा

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने एक बार फिर बाढ़ की आशंका लोगों की बीच बढ़ा दी है। इस दौरान गंगा के पानी बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा एक बार फिर लोगों के बीच देखने को मिल रहा है। आपको बताते चले मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के खोरमपुर गंगा घाट पर गंगा का जलस्तर तेजी से लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो इस वर्ष पिछले साल से भी अधिक तबाही देखने को मिल सकती है। आपको बताते चले बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्रsituated खोरमपुर गंगा घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से गंगा के पानी में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हमारे संवाददाता जितेंद्र कुमार ने खोरमपुर गंगा घाट का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते एक सप्ताह में गंगा का जलस्तर काफी ज्यादा पानी बढ़ चुका है। गंगा की तेज धारा और लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बाढ़ ने इस इलाके में भारी तबाही मचाई थी। कई घरों में पानी घुस गया था, जिससे लोगों को अपने घर छोड़कर महीनों तक सुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ा था। इस बार गंगा के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को आशंका है कि हालात पिछले वर्ष से भी अधिक गंभीर हो सकते हैं।फिलहाल लोग प्रशासन से समय रहते बाढ़ सुरक्षा के इंतजाम और राहत की तैयारियां सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
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उफनती नदी के बीच पुलिया से ग्रामीणों को रोज मौत का खतरा

Pratapgarh, Rajasthan:जिला संवादाता : हितेष उपाध्याय, 9079154796 हेडर/हेडलाईन : उफनती नदी के बीच जिंदगी का सफर, पुलिया डूबने से ग्रामीण हर दिन मौत को दे रहे चुनौती एंकर/इंट्रो : एक ओर नदी का तेज बहाव, दूसरी ओर घर, स्कूल और अस्पताल पहुंचने की मजबूरी। प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा क्षेत्र में कुण्डाल-गणावा और ठिकरिया गांवों के बीच यही दर्दनाक तस्वीर हर मानसून में सामने आती है। यहाँ छोटी पुलिया पर 2 से 3 फीट पानी बहने के बावजूद बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। वर्षों से ऊंचे पुल की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है。 सुहागपुरा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। कुण्डाल-गणावा और ठिकरिया गांवों को जोड़ने वाली छोटी पुलिया पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। पुलिया के ऊपर करीब 2 से 3 फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया बंद होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को पहले सुरक्षित स्थान तक लाना पड़ता है। वैकल्पिक मार्ग से अस्पताल जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं स्कूली बच्चों को भी स्कूल पहुंचने में करीब एक घंटा अतिरिक्त समय लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही हालात बन जाते हैं। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर यहां ऊंचे और स्थायी पुल के निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में गांवों का संपर्क बार-बार टूट जाता है और पूरा क्षेत्र खतरे के साये में जीने को मजबूर हो जाता है。 ग्रामीण चेतन मीणा जिगरा सहित कई लोगों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, किसानों के खेतों तक पहुंच, मरीजों के उपचार और दैनिक आवागमन पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चों ने भी प्रशासन से सुरक्षित पुल बनाने की मांग करते हुए कहा कि बरसात में स्कूल जाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है。 ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द यहां ऊंचे और मजबूत पुल के निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि हर मानसून में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिल सके。
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मानसून से पहले रुद्रप्रयाग में तीन महीने का राशन भंडारण तैयार

Noida, Uttar Pradesh:मानसून से पहले खाद्य आपूर्ति की पूरी तैयारी। मानसून के दौरान सड़कें बंद होने और आपदा की आशंका को देखते हुए रुद्रप्रयाग में खाद्य आपूर्ति विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर केदारनाथ यात्रा मार्ग तक तीन महीने का राशन, सूखा जलपान और एलपीजी-पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडारण कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला पूर्ति विभाग ने खाद्यान्न आपूर्ति की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है। शासन से मिले तीन महीने के आवंटन के बाद जनपद की करीब 340 ग्रामीण सस्ता गल्ला दुकानों तक राशन पहुंचा दिया गया है और उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। विभाग ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के लिए भी अग्रिम खाद्यान्न उठान की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मानसून के दौरान यदि ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हों तो लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी सात सेक्टरों—गौरीकुंड, सोनप्रयाग, लीनचौली, घोड़ा पड़ाव और केदारनाथ सहित सभी प्रमुख स्थानों पर करीब दो महीने का राशन पहले ही पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा भूस्ख्लन प्रभावित क्षेत्रों में यात्रियों के लिए जलपान और पेयजल व फूडपैकेट तैयार कर सुरक्षित स्थानों पर रखे गए हैं, ताकि यात्रा बाधित होने की स्थिति में तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके। जिला पूर्ति विभाग ने बताया कि होल्डिंग एरिया में भी जरूरत पड़ने पर भोजन और जलपान की व्यवस्था की जाएगी। वहीं एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सभी गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त रिजर्व स्टॉक भी रखा गया है, जिससे आपदा के समय किसी प्रकार की कमी न हो।
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ईचागढ़ में 3 किलो अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार; NDPS केस दर्ज

Jamshedpur, Jharkhand:सरायकेला-खरसावां पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईचागढ़ थाना क्षेत्र में छापामारी कर पुलिस ने 3 किलो अफीम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर चांडिल एसडीपीओ के नेतृत्व में छापामारी दल ने डुमटांड से पातकुम जाने वाले रास्ते पर वाहन चेकिंग लगाई थी। इसी दौरान बाइक सवार दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर एक को पकड़ लिया。 गिरफ्तार आरोपी की पहचान घासीराम साव, उम्र 48 वर्ष, निवासी बुरुहातु, ईचागढ़ के रूप में हुई है। उसके पास से 3 किलो अफीम के अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, मोबाइल, प्लास्टिक बोरा और एक होंडा SP125 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। बाइक का नंबर है JH22K 6165 बरामद किया । पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act की धारा 17/22/25 के तहत ईचागढ़ थाना में कांड संख्या 31/2026 दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, वहीं दूसरे फरार आरोपी की तलाश में छापामारी जारी है। छापामारी दल में चांडिल एसडीपीओ जिय प्रकाश कुमार, ईचागढ़ थाना प्रभारी अरुण यादव समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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गुलदार का हमला: मासूम की मौत से बिजनौर में दहशत

Moradabad, Uttar Pradesh:गुलदार ने बालक का किया शिकार।परिजनों के साथ खेत की रखवाली के दौरान हुआ हादसा।ग्रामीणों व परिजनों में दहशत का माहौल।सावन कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन के फूले हाथ पाँव।शिव भक्तों की गुलदार से सुरक्षा को लेकर प्रशासन की बनी बड़ी चुनौती।वन विभाग की टीम गुलदार को जंगल में खदेड़ने की जद्दोजहद में जुटी।कावड़ मार्ग पर गुलदार की दस्तक से वन विभाग के छूटे पसीने।तेज़ धमाके की आवाज से गुलदार को खदेड़ने में जुटा वन विभाग।थाना नगीना देहात के सीखनी वाला इलाके का मामला।दरअसल गांव का नरसिंह और उसके परिवार वाले खेतो से काम करके अपने घर वापिस जा रहे थे इसी दौरान गन्ने के खेत से निकलकर आये गुलदार दस साल के मासूम को उठाकर ले गया.गुलदार के हमले मे मोके पर ही मासूम की मौत हो गयी। इस घटना से परिवार और इलाके मे ह्ड़कंप मच गया देखते ही देखते मोके पर भारी भीड़ जमा हो गयी। मोके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम जाँच पड़ताल मे जुट गयी और मासूम की लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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सावन के पहले दिन केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड भीड़: 14 लाख से अधिक भक्त दर्शन को पहुंचे

Noida, Uttar Pradesh:एंकर : सावन के पवित्र महीने में विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम एक बार फिर आस्था से सराबोर है। देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा सुचारु रूप से चल रही है और श्रद्धालु व्यवस्थाओं की भी सराहना कर रहे हैं। सोमवार शाम 5 बजे तक इस वर्ष 14 लाख 26 हजार 797 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। वीओ: सावन माह शुरू होते ही केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर भी केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मंदिर समिति की ओर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन सुचारु रूप से हो रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उधर, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि केदारनाथ धाम में सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु हैं। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और मंदिर समिति हो या सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी व्यवस्थाओं को लेकर तैनात हैं। मौसम की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम 5 बज तक इस यात्रा सीजन में 14 लाख 26 हजार 797 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। बाइट: श्रद्धालु , श्रद्धालु बाइट: विनीत पोस्ती, सदस्य, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी)
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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ियों पर छात्र आंदोलन जारी, सीबीआई जांच की मांग

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल गड़बड़ी मामले में छात्रों के आंदोलन ग्यारहवें दिन भी जारी , छात्र अपनी मांग को लेकर अड़े , परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग जारी, छात्रों के इस आंदोलन पर राजनीतिक बयानबाजी और तंज जारी है,वहीं छात्रों को सरकार से छात्र हित में निर्णय की उम्मीद मामले पर कांग्रेस में कहां की दिल्ली की परिस्थितियों और झारखंड की परिस्थितियों अलग है। हमारी जो मंशा है वह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिले। 17 साल के शासनकाल में भारतीय जनता पार्टी ने कुछ परीक्षाएं कराई और हमने बहुत। भारतीय जनता पार्टी ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को बाधित करने का काम किया है। कांग्रेस पार्टी जो वर्तमान स्थिति है उसमें गंभीर है पिछले दिनों भी हमारी बैठक हुई है और प्रभारी भी आ रहे हैं। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों के संविधान के लिए गंभीर पहल करेंगे। झारखंड में आंदोलन पर: BJP इस पूरे मामले पर हमलावर है। सरकार जब खुद दोषी है तो संवाधीनता होनी है। सरकार आखिर वैसे लोगों के साथ कैसे नजर मिलाएगी जो एक नौकरी के लिए अपनी पूरी जिंदगी दान पर लगा चुके हैं लेकिन राज्य सरकार नौकरियों को बेचकर पाप करने का काम कर रही है जो संगठित अपराध है। छात्रों के जिद की वजह ये अपने अंजाम तक पहुंच रहा है।बीजेपी हमेशा छात्रों के साथ है। पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच हो। पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि राज्य के वरीय अधिवक्ता होने के नाते मेरी संवेदना अभ्यर्थियों के लिए है। उन्होंने कहा कि मैं बच्चों को बताया है कि उनकी बातें जायज है कानून कभी अपने हाथ में नहीं लेना है। जितने भी मामले न्यायालय में जा रहे हैं उन्हें न्यायालय में जाने की आवश्यकता नहीं है। अगर सरकार उनकी मांगों पर तत्काल विचार करें और इन्हें आश्वासन मिलता है कि आने वाले परीक्षा में ट्रांसपेरेंसी होगी तो कोई भी शिकायत नहीं करेगा। ज्योतिष तानाशाह नहीं है उसमें संवाद ही एकमात्र रास्ता है। अगर उसमें कहीं कोई कमी रह जाती है तो देश में निष्पक्ष कोर्ट है। अगर किसी को लगता है कि उन्हें उनका जायज हक नहीं मिला है तो वह कोर्ट में भी मूव कर सकते हैं। मामले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि संवाद दो तरीके से होता है एक प्रत्यक्ष होता है और एक परोपेक्ष। छात्रों की हर आशंकाओं को सरकार ने गंभीरता से लिया निष्पक्ष जांच की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं।आज विपक्ष अपने किए हुए पाप को छुपाने की षडयंत्र कर रहा है
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