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Mirzapur
RMRAJESH MISHRA2 Oct 2025, 03:19 am

पंडित छन्नुलाल मिश्रा ने बनारस ठुमरी से देश-विदेश में ख्याति पाई

Danti, Uttar Pradesh:पंडित छन्नुलाल मिश्रा का निधन, देश के लिये अपूरणीय योगदान "प्रारम्भिक जीवन और शिक्षा" पंडित छन्नुलाल मिश्रा का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के एक गाँव में हुआ था। उन्होंने अपने पिता से संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर बनारस में संगीत की विधिवत शिक्षा ली। वहाँ उन्होंने किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खाँ से संगीत की गहन शिक्षा प्राप्त की। "योगदान और कला" मिश्रा जी बनारस घराने की गायकी, विशेषकर ख्याल और पूरब अंग की ठुमरी के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी प्रस्तुतियाँ भावपूर्ण और मधुरता से परिपूर्ण होती थीं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई। वे पूरब अंग की ठुमरी के प्रमुख प्रतिपादक माने जाते हैं और अनेक संगीत एल्बम जारी कर चुके थे। वे आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन के शीर्ष ग्रेड कलाकार रहे। "पुरस्कार और सम्मान" पंडित छन्नुलाल मिश्र को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नौशाद पुरस्कार और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें 2010 में पद्मभूषण और 2020 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया। वे संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप से भी अलंकृत किए गए थे। "अन्य महत्वपूर्ण तथ्य" पंडित जी के परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद की खबरें भी समय-समय पर चर्चित रही थीं। विवादों के बाद उन्होंने बनारस छोड़ दिया और अपनी बेटी नम्रता के साथ मिर्ज़ापुर में रहने लगे थे।
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जहानाबाद महाष्टमी पर भक्तों की भीड़, मंदिरों में आस्था का अद्भुत संगम

Jehanabad, Bihar:शारदीय नवरात्र के महाष्टमी के मौके पर जहानाबाद में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। रविवार को अह्ले सुबह से ही शहर के विभिन्न शक्तिपीठों, प्राचीन मंदिरों और भव्य पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। पूरे शहर में उत्सव का माहौल है और प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास मेले जैसा दृश्य बना हुआ है। शहर के काको मोड़, ऐतिहासिक प्राचीन देवी मंदिर सहित तमाम प्रमुख पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। पर्व को लेकर विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पूजा पंडालों में गूंजते भक्ति गीतों और जय माता दी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। वही भीड़ को नियंत्रित करने और विधि-व्यवस्था बनाए رکھنے के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। वही दर्शन करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि महाष्टमी के दिन मां गौरी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर मां हर संकट दूर करती हैं। उन्होंने कहा, शहर के प्राचीन देवी मंदिर की काफी मान्यता है। यहां दूर दूर से लोग पूजा अर्चना करने आते है और जो भी मन्नत मांगते है वो जरूर पूरा होती है।
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पाकुड़ में नवरात्रि डांडिया: महिलाओं ने दिखाया शानदार डांस, देवी दुर्गा की महिमा

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ में नवरात्रि के अवसर पर सरस्वती पुस्तकालय सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति की ओर से शहर के आरजे स्टेडियम में भव्य डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया...कार्यक्रम की शुभारंभ मुख्य अतिथियो ने दीप प्रज्वलित कर और मां दुर्गा की पूजा - अर्चना और आरती के साथ हुई...इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, युवक, युवतियों ने उत्साह के साथ भाग लिया...इसके बाद सभी ने मिलकर डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया...कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए और जमकर मस्ती की...नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्साह और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली...वही कोलकाता से आए कलाकारों ने भी डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया...कार्यक्रम में जबरजस्त भीड़ देखने को मिली...मौके पर महिलाओं ने कहा कि नवरात्रि में डांडिया आयोजन का विशेष धार्मिक महत्व है...धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह नृत्य देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है...डांडिया में इस्तेमाल की जाने वाली सजी हुई लकड़ियों को मां दुर्गा की तलवार का प्रतीक माना जाता है...इसी कारण इसे स्वॉर्ड डांस यानी तलवार नृत्य भी कहा जाता है...उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं...साथ ही महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, अपनी प्रतिभा दिखाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है...
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मराठवाड़ा के इसापुर डैम के कालवे की घटिया क्वालिटी पर सांसद वडकुते नाराज

Hingoli, Maharashtra:अँकर -मराठवाड्यामध्ये सध्या दुष्काळी परिस्थिती निर्माण झाली आहे हिंगोलीच्या इसापुर धरण परिसरात उजव्या कालव्याचं काम सुरू करण्यात आला आहे या कालव्यामुळे हजारो हेक्टर शेतकऱ्याची जमीन ओलिताखाली येणार आहे मात्र या कालव्याचे काम निकृष्ट दर्जाचं होत असल्याने राज्यसभा खासदार रामराव वडकुते यांनी कालव्याच्या पाहणी करत कालव्याच्या दुरुस्तीच्या कामाच्या दर्जावर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले आहे दोस्तीच्या कामात ठिकठिकाणी कडे गेल्याचा आरोप करत खासदार वडकुते यांनी कामाची पाहणी केली आहे यावेळी खासदार रामराव वडकुते अधिकाऱ्यावर चांगलेच भडकले आहेत कालव्याच्या दुरुस्तीचे काम रात्रीच्या वेळी केले जात असल्याने खासदार रामराव वडकुते यांनी अधिकाऱ्यावर नाराजी व्यक्त केली आहे कोट्यावधी रुपये खर्च करून कालव्याचं निकृष्ट दर्जाचा होत असल्याने खासदार रामराव वडकुते अधिकाऱ्यावर चांगलेच भडकले आहेत
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रanchi me 70 फीट रावण पुतला के साथ भव्य रावण दहन, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

Ranchi, Jharkhand:रांची में रावण दहन की परंपरा वर्ष 1948 से चली आ रही है। इस बार भी मोरहाबादी मैदान में भव्य तरीके से रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 1948 से रावण कुंभकरण और मेघनाथ मुस्लिम समुदाय के द्वारा बनाया जाता है जो भाईचारे का प्रतीक माना जाता है, इस बार रावण का पुतला 70 फीट, कुंभकरण का 65 फीट और मेघनाथ का 60 फीट ऊंचा बनाया गया है। इसके अलावा सोने की लंका का किला भी तैयार किया गया है, जो 30 बाय 30 फीट का है। रावण दहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह समेत कई अन्य नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। रावण दहन के साथ कई अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें 30 मिनट का रामलाला ,आकर्षक लाइटिंग, भजन-कीर्तन समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
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रतलाम के महाअष्टमी पर गरबा की श्रद्धा और परंपरा का अनोखा संगम

Ratlam, Madhya Pradesh:महाअष्टमी के इस पावन दिन रतलाम में आस्था की ऐसी तस्वीर देखने को मिलती है, जिसे देखकर माता की भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम नजर आता है। रतलाम की प्राचीन कालिका माता मंदिर में सुबह 4 बजे से 6 बजे तक होने वाला पारंपरिक गरबा इस आस्था का सबसे खास हिस्सा है। इसके लिए श्रद्धालुओं को रात से ही तैयारियां शुरू करनी पड़ती हैं। रातभर मंदिरों में जागरण और माता की आराधना के बाद सुबह होते ही श्रद्धालु दोगुने उत्साह के साथ मंदिर पहुंचते हैं। सुबह 4 बजे से मंदिर परिसर में गरबे के दौरान भक्ति, संगीत और आस्था का ऐसा संगम दिखाई देता है, मानो पूरा शहर माता की भक्ति में लीन हो गया हो। खास बात यह है कि इस परंपरा में शामिल होने के लिए राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु रतलाम पहुंचते हैं। देर रात से जागरण के बाद भी चेहरों पर थकान नहीं, बल्कि माता के आशीर्वाद की उम्मीद और भक्ति की रौनक नजर आती है।
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जलपाईगुड़ी में सप्तमी की रात बारिश के बावजूद पुझा मंडप खाली, सुरक्षा पर चिंता

Jalpaiguri, West Bengal:সপ্তমীর গভীর রাতে বৃষ্টির দাপট! জলপাইগুড়িতে ফাঁকা হতে শুরু করল পুজোমণ্ডপ। রাত ২টো ১৫ মিনিটেও গ্রাউন্ড জিরোতে জি ২৪ ঘণ্টা। কলকাতার ঘটনায় উদ্বেগ দর্শনার্থী থেকে পুজো উদ্যোক্তাদের。 সপ্তমীর রাতে পুজোর আনন্দে বাধা বৃষ্টি। জলপাইগুড়ি, ময়নাগুড়ি সহ জেলার বিস্তীর্ণ এলাকায় বৃষ্টির জেরে কার্যত মাটি পুজোর আনন্দ। সন্ধ্যার পর থেকেই দফায় দফায় বৃষ্টি। গভীর রাতে বৃষ্টির দাপট বাড়তেই ফাঁকা হতে শুরু করে একের পর এক পুজোমণ্ডপ。 রাত তখন ২টো পেরিয়ে গিয়েছে। বৃষ্টিকে উপেক্ষা করেই জলপাইগুড়ির বিভিন্ন পুজোমণ্ডপ ঘুরে দেখল জি ২৪ ঘণ্টার গ্রাউন্ড জিরো টিম। কথা বলল পুজো দেখতে আসা দর্শনার্থী থেকে শুরু করে পুজো কমিটির উদ্যোক্তাদের সঙ্গে। সপ্তমীর সন্ধ্যা থেকেই জেলার বিভিন্ন এলাকায় বিক্ষিপ্ত বৃষ্টি শুরু হয়। কোথাও কোথাও পুজোমণ্ডপের সামনে জমে যায় জল। বৃষ্টির কারণে অনেকেই মাঝপথে পুজো দেখা বন্ধ করে বাড়ির পথ ধরেন। ফলে রাত বাড়তেই দর্শনার্থীদের ভিড় কমতে থাকে। বেশিরভাগ পুজোমণ্ডপেই চোখে পড়ে ফাঁকা চিত্র। তবে বৃষ্টিকে উপেক্ষা করেও কিছু দর্শনার্থীকে গভীর রাতে মণ্ডপে মণ্ডপে ঘুরতে দেখা যায়। অন্যদিকে, কলকাতার সাম্প্রতিক ঘটনাকে ঘিরেও উদ্বেগ প্রকাশ করেছেন পুজো উদ্যোক্তা ও দর্শনার্থীরা। গভীর রাত ২টো ১৫ মিনিটে জি ২৪ ঘণ্টার ক্যামেরার মুখোমুখি হয়ে দর্শনার্থীরা কলকাতার ঘটনায় দুঃখ প্রকাশ করেন। তাঁদের বক্তব্য, পুজোর আনন্দের পাশাপাশি সকলের নিরাপত্তার বিষয়টিও অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। পুজো উদ্যোক্তা থেকে ডেকোরেটর, প্রত্যেককেই সতর্ক থাকতে হবে। দর্শনার্থীদের সুরক্ষার কথা মাথায় রেখে পুজোমণ্ডপ ও সংলগ্ন এলাকায় যথাযথ নিরাপত্তার ব্যবস্থা রাখা জরুরি。 একদিকে বৃষ্টির দাপট, অন্যদিকে নিরাপত্তা নিয়ে উদ্বেগ। সব মিলিয়ে সপ্তমীর গভীর রাতে জলপাইগুড়ির পুজোমণ্ডপগুলিতে দেখা গেল অন্য ছবি। তবে বৃষ্টির মধ্যেও পুজোর আনন্দে শামিল হতে রাস্তায় বেরিয়েছেন কিছু মানুষ। উৎসবের আনন্দের পাশাপাশি সকলের একটাই প্রত্যাশা, নিরাপদে এবং নির্বিঘ্নে কাটুক বাকি পুজোর দিনগুলি। জলপাইগুড়ি থেকে জি ২৪ ঘণ্টার গ্রাউন্ড জিরো রিপোর্ট।
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जलپائیगढ़ी दुर्गा पूजा पंडाल गिरने से 20 लोग बाल-बाल बचे, दो घायल

Jalpaiguri, West Bengal:জলপাইগুড়িতে বৃষ্টির মধ্যেই হেলে পড়ল দুর্গাপুজোর মণ্ডপ, অল্পের জন্য রক্ষা প্রায় ২০ জন পুজো কমিটি সদস্যর! আহত ২, উত্তরের জলপাইগুড়িতে বৃষ্টির দাপট। আর সেই বৃষ্টির মধ্যেই গভীর রাতে হঠাৎ হেলে পড়ে ভেঙে গেল দুর্গাপুজোর মণ্ডপের সামনের অংশ। অল্পের জন্য বড়সড় দুর্ঘটনার হাত থেকে রক্ষা পেলেন মণ্ডপে কাজ করা প্রায় ২০ জন কর্মী। তবে এই ঘটনায় আহত হয়েছেন দু’জন পুজো কমিটির সদস্য বলে জানা গিয়েছে। ঘটনার পরেই মণ্ডপ নির্মাণের কাজ নিয়ে ডেকোরেটরের বিরুদ্ধে গাফিলতির অভিযোগ তুলেছেন পুজো কমিটির সদস্যরা। তাঁদের অভিযোগ, সঠিকভাবে মণ্ডপ তৈরি না করার ফলেই এই বিপত্তি। যদিও এ বিষয়ে ডেকোরেটরের বক্তব্য জানা যায়নি। বর্তমানে বিপজ্জনকভাবে হেলে রয়েছে মণ্ডপের বাকি অংশও। যে কোনও মুহূর্তে আরও বড় দুর্ঘটনা ঘটতে পারে বলে আশঙ্কা করছেন পুজো উদ্যোক্তারা। তাই রাত জেগে মণ্ডপের পরিস্থিতির উপর নজর রাখতে বাধ্য হচ্ছেন তাঁরা। ডেকোরেটরের সঙ্গে যোগাযোগের চেষ্টা করেও তাঁকে পাওয়া যাচ্ছে না বলে অভিযোগ। এই সময় দুর্গাপুজোর সপ্তমী ও অষ্টমীর পুজো কীভাবে সম্পন্ন হবে, তা নিয়ে now পুজো কমিটি চরম দুশ্চিন্তায়। একদিকে বৃষ্টি, অন্যদিকে মণ্ডপের বেহাল পরিস্থিতি—সব মিলিয়ে অনিশ্চয়তার মুখে পুজোর আয়োজন।
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बलूरघाट सृजनि क्लब ने मिट्टी से पंडाल बनाकर जिले की शीर्ष दुर्गा पूजा

Dinajpur, Rangpur Division:1810ZG_SDIN_SERAPUJA_SRIJANI বালুরঘাট সৃজনী ক্লাব জী ২৪ ঘন্টার জেলার সেরা মহা পূজার সম্মানের সম্মানিত। জেলার অন্যতম সেরা পূজা গুলির মধ্যে সৃজনী প্রতিবছরই কিছু না কিছু চমক দিয়ে থাকে এবার তার ব্যতিক্রম হয়নি এবার সৃজনী সংঘের সমগ্র পূজা মন্ডপ তৈরি করা হয়েছে শুধুমাত্র মাটি দিয়ে। টেরাকোটার কাজ ও তার সঙ্গে সামঞ্জস্য রেখে দেবী প্রতিমা সেখানেও টেরाकোটার আদলেই তৈরি করা হয়েছে দুর্গা প্রতিমাকে। দর্শকদের বিচারে সৃজনী সংঘের পূজা জেলার সেরা পূজা গুলির মধ্যে নজর কেড়েছে প্রতিদিন হাজার হাজার মানুষ ভিড় জমাচ্ছেন প্যান্ডেল চত্বরে।
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महासप्तमी के दौरान भीड़-दबाव से चाकदा में 18 की मौत, कई घायल

Ranaghat, West Bengal:চোরবাজারে দুর্ঘটনার কবলে পড়ে পদপিষ্ট হয়ে মৃত্যু হল চাকদহের আরতী সরকারের。 মহা সপ্তমীর দিন নদীয়া জেলার চাকদা পুরসভার ৬ নম্বর ওয়ার্ডের নতুনপাড়া এলাকা থেকে কলকাতায় ঠাকুর দেখতে গিয়েছিলেন রাম সরকার, সঙ্গে তার স্ত্রী বছর ৪০ এর আরতি সরকার ও তার শালিকা প্রতিমা প্রামানিক। উত্তর কলকাতার চোরবাগান সর্বজনীন দুর্গোৎসব মণ্ডপে পরিদর্শনের উদ্দেশ্যে লাইনে দাঁড়িয়ে ছিলেন তারা, সেখানেই ঘটে ভয়াবহ দুর্ঘটনা। অতিরিক্ত ভিড়ের মধ্যে হুড়োহুড়িতে পদপিষ্ট হয়ে এক শিশু সহ ১৮ জনের মৃত্যু হয়েছে বলে খবর। এদের বেশিরভাগই মৃত অবস্থায় হাসপাতালে আনা হয় বলে একসূত্রে খবর। ‌আহত হয়েছেন বহু দর্শনার্থী। তাঁদের মধ্যে বেশ কয়েকজন হাসপাতালে চিকিৎসাধীন। কয়েকজনের অবস্থা আশঙ্কামক হওয়ায় মৃতের সংখ্যা আরও বাড়তে পারে বলে আশঙ্কা করা হচ্ছিল। ভিড়ের মাঝে পড়ে কোন মতে চাকদা পুরসভার ৬ নম্বর ওয়ার্ডের নতুন পাড়ার বাসিন্দা, রাম সরকার ও তার শালীকা প্রতিমা প্রামান বেঁচে গেলেও তার স্ত্রী আরতি সরকারকে বাঁচাতে পারেনি। দুর্ঘটনার মাঝে পড়ে পদপিষ্ট হয়েই ঘটনার তলে তার মৃত্যু হয়েছে বলে জানা গেছে। শনিবার রাতে মণ্ডপে দর্শনার্থীদের ভিড় বাড়তে থাকে। এই অবস্থায় বৃষ্টি শুরু হয়। সেই সময় প্রবেশ ও বেরোনোর পথে চাপ তৈরি হয়। ভেতরের দর্শকরা যেমন বৃষ্টির জন্য প্যান্ডেল থেকে বাইরে বের হচ্ছিলেন না, বাইরে থাকা মানুষ যেন বৃষ্টির জন্য ভেতরে ঢোকার চেষ্টা করছিলেন। এর ফলে ঠেলাঠেলি শুরু হয়ে অনেকেই ভারসাম্য হারিয়ে মাটিতে পড়ে যান। এক প্রত্যক্ষদর্শীর বক্তব্য অনুযায়ী, প্যান্ডেলে একটা সিঁড়ি রয়েছে, এই সিঁড়িতে প্রথমে কয়েকজন পড়ে যায়, তাদের ওপর দিয়েই লোকজন পাড়িয়ে ভেতরে যেতে চায়। ফলে যা হবার তাই হয়েছে। সন্ধ্যা ৮ টা ১৫ থেকে ৮ টা ৩০ মিনিটের মধ্যে দুর্ঘটনাটি ঘটে বলে প্রাথমিক খবর। আহতদের মধ্যে নারী ও পুরুষ—উভয়েই রয়েছেন বলে জানা গিয়েছে। দুর্ঘটনার পর মণ্ডপে দর্শনার্থীদের প্রবেশ বন্ধ করে দেওয়া হয়। পুলিশ ও বিপর্যয় মোকাবিলা বাহিনীর কর্মীরা উদ্ধারকাজে নামেন। আহতদের চিকিৎসার পাশাপাশি দুর্ঘটনার কারণ খতিয়ে দেখা হচ্ছে。 অভিযোগ পুলিশ বা ক্লাবের সদস্যদের চোখে পড়েনি। আমিও মানুষ প্রথমে উদ্ধারকাজে হাত লাগায়। এদিকে রাত দশটা নাগাদ পুলিশের বড় অফিসার এবং মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী হাসপাতালে হাজির হন । আরো অভিযোগ, স্টল করার ফলে বেরনোর রাস্তাটি, প্রায় ৩০ ফুট চওড়া রাস্তা কিন্তু সেটা ১৫ ফুটে রূপান্তরিত হয় । আনন্দের মহা সপ্তমী ১৮ জনের মৃত্যুতে হতাশায় রূপান্তরিত হয়ে গেল । এসংখ্যা বাড়তে পারে বলে আশঙ্কা করা হচ্ছে।
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