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RRajanFollow19 Nov 2024, 02:40 am
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12 लाख लूट के फरार डकैत कौशलेश त्रिपाठी गिरफ्तार

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग बलौदा बाजार, 12 लाख की लूट का कुख्यात डकैत गिरफ्तार, पिस्टल-कारतूस के साथ दबोचा गया, बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, रोहरा में 12 लाख की लूट का फरार कुख्यात आरोपी कौशलेश त्रिपाठी गिरफ्तार, ज्वेलर्स संचालक से हथियारबंद बदमाशों ने लूटा था 13 किलो चांदी और 70 ग्राम सोना, वारदात के बाद आरोपी लगातार बदल रहा था अपना ठिकाना, पुलिस को दे रहा था चकमा, साइबर सेल की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर सीतामढ़ी कोरबा में दबिश दी, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद, साथ ही 61,950 रुपये नगद और 3 मोबाइल भी पुलिस ने जब्त किए, आरोपी के खिलाफ तीन राज्यों में 25 से ज्यादा गंभीर अपराध दर्ज हैं। हत्या, लूट और डकैती जैसे मामलों में आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया, अंतरराज्यीय गिरोह के अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई जारी
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हिंदी में शीर्षक: बीजा मंडल के अनलॉक और मूर्तियों पर मस्जिद-व मंदिर विवाद पर पूजा-आरोप

Vidisha, Madhya Pradesh:औरंगजेब की आलमगिरी मस्जিদ में मूर्तियों का जखीरा; हिंदूओ का हल्लाबोल बोले प्राचीन सूर्य मंदिर वापस दिया जाय, नागपंचमी के मौके अनलॉक करके पूजन करने की मांग; राइफल्स, लाठी-डंडों से लैस पुलिस तैनात. विदिशा के बीजमंडल को अनलॉक करने की मांग को लेकर हिन्दुओ ने मोर्चा खोला... हिन्दुओ का एलान बीजामंडल का ताला खुलने पर ही पूजन करेंगे... प्रशासन ने बीजामंडल एरिया को छावनी में तब्दील कर दिया... लाठी-डंडा, इंसास राइफल्स के साथ बीजामंडल में तैनाती कर दी है... बीजामंडल 1971 से ASI के अधीन है... ASI के बोर्ड में लिखा है कि बीजामंडल 11-12वीं शताब्दी के परमार वंश कालीन मंदिर है, 1233-35 ईस्वी में इल्तुतमिश ने इसके बाद 1668 में औरंगजेब ने तोड़कर आलमगिरी मस्जिद नाम दिया... साल 1971 में ये जगह ASI के अधीन आई जिसके बाद इस जगह की खुदाई की गई खुदाई में सैकड़ों मूर्तियां निकली जो बताती है कि मस्जिद नहीं मंदिर है पर बीजामंडल को आज भी टैग मस्जिद का है... अब प्रमोद शर्मा की रिपोर्ट दिखेगी जिसमें साफ हो जाएगा कि ASI जिसे आलमगिरी मस्जिद मान रहा है वो भारत की पहली मस्जिद है जो मूर्ति वाली है, देवी-देवताओं की मूर्तियां नजर आ रही हैं ये सब बीजा मंडल की खुदाई में मिली हैं... स्थानीय लोग का कहना है बीजा मंडल को लेकर मुस्लिमों का दावा नहीं बाबजूद इसके मस्जिद का नाम दे रखा है...
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झुंझुनूं के सोती गांव में कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं लोहार्गल से आई कांवड़ यात्रा का सोती गांव स्वागत पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज गुर्जर के नेतृत्व में स्वागत पूरे गांव में गूंजे 'बोल बम' के जयकारे महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज के सानिध्य में कार्यक्रम सोती गोगामेड़ी के भगत बाबूलाल भी रहे मौजूद सावन के पवित्र महीने में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा झुंझुनूं के सोती गांव में देखने को मिला। लोहार्गल धाम से पैदल चलकर आई कांवड़ यात्रा का सोती गांव में सर्व समाज ने भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा। श्री रूपनाथ धाम बुड़ाना के पीठाधीश्वर महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज और सोती गोगामेड़ी के भगत बाबूलाल के सानिध्य में लोहार्गल धाम से निकली कांवड़ यात्रा सोती गांव पहुंची। कांवड़ियों के सिर पर जल कलश और हाथों में ध्वज देखकर ग्रामीणों में भारी उत्साह था। रास्ते भर "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज गुर्जर के नेतृत्व में सोती गांव के सर्व समाज के लोगों ने गांव के प्रवेश द्वार पर ही कांवड़ियों का स्वागत किया। श्रद्धालुओं को माला पहनाई गई, पुष्प वर्षा की गई और शीतल पेयजल व प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम के समापन पर महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज और भगत बाबूलाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, एकता और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने गांववासियों के द्वारा किए गए स्वागत की सराहना करते हुए सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूर्व सरपंच ताराचंद पूनियां, गोवर्धन गुर्जर सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
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अकोला के राजराजेश्वर मंदिर में श्रावण सोमवारी भक्तों की भारी भीड़

Akola, Maharashtra:अज अख्खं अकोला शहर ‘हर हर महादेव’च्या जयघोषाने दुमदुमून गेलं आहे. निमित्त आहे अकोलेकरांचं श्रद्धास्थान आणि शहराचं आराध्य दैवत असलेल्या श्री राजराजेश्वर मंदिरातील श्रावण महिन्याच्या पहिल्या सोमवारचं. श्रावण महिन्यात राजराजेश्वर मंदिराला विशेष महत्त्व असल्याने पहाटेपासूनच भाविकांनी दर्शनासाठी मोठी गर्दी केली होती. भक्तांनी राजराजेश्वराला जलाभिषेक करत पूजा आणि आरती केली. मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरणाने फुलून गेला आहे. अकोल्यातील राजराजेश्वर मंदिर हे जागृत देवस्थान म्हणून प्रसिद्ध असून, हे मंदिर सुमारे ६०० वर्षे जुने असल्याचे सांगितले जाते. या मंदिराशी जोडलेली एक प्राचीन आख्यायिकाही प्रसिद्ध आहे. अकोल्याचे राजा अकोलसिंग यांनी आपल्या पत्नीचा पाठलाग केला असता, जीव वाचवण्यासाठी राणीने महादेवाची प्रार्थना केली. त्यावेळी शिवलिंग दुभंगले आणि त्यामध्ये राणी समाविष्ट झाल्याची आख्यायिका सांगितली जाते. दरम्यान, श्रावण महिन्याच्या शेवटच्या सोमवारी राजराजेश्वराला पूर्णा नदीच्या पाण्याने अभिषेक करण्यासाठी निघणारी पालखी आणि कावड यात्रा ही अकोल्याची विशेष ओळख आहे. या कावड यात्रेला देशभरात मोठी ख्याती असून, देशातील एकमेव कावड यात्रा म्हणून तिचा उल्लेख केला जातो. त्यामुळे श्रावण महिन्यातच नव्हे तर राजराजेश्वर मंदिरात भक्ती आणि श्रद्धेचा अनोखा संगम संपूर्ण वर्षभर पाहायला मिळतो.
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संगमेश्वर के भडकंबा में बिबटिया का दर्शन, गांव में दहशत फैल गई

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी..संगमेश्वर तालुक्यातील भडकंबा येथे घरासमोर बिबट्याचे दर्शन; कांबळे भगिनींची उडाली घाबरगुंडी.. संगमेश्वर तालुक्यातील भडकंबा बौद्धवाडी येथे मध्यरात्री कोंबड्यांचा आरडाओरडा ऐकून बाहेर आलेल्या वासंती कांबळे यांना घरासमोरील कट्ट्यावर भलामोठा बिबट्या बसलेला दिसला.. त्यांनी तातडीने घरात जाऊन दार बंद केले आणि सुरक्षित राहून मोबाईलमध्ये बिबट्याचे चित्रीकरण केले.. या घटनेमुळे परिसरात भीतीचे वातावरण पसरले असून,सामाजिक कार्यकर्ते प्रशांत (बापू) शिंदे यांनी देवरुख वनविभागाशी संपर्क साधून त्वरित पाहणी करण्याची व पिंजरा लावून ग्रामस्थांना भयमुक्त करण्याची मागणी केली आहे..
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आगरा में तेजो महालय मामला फिर गरम, इतिहास और प्रमाणों से होगा फैसला

Agra, Uttar Pradesh:श्रावण के तीसरे सोमवार को आगरा में तेजो महालय का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मेहताब बाग में हिंदू महासभा से जुड़े लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां आरती, गंगाजल अर्पण और शिव चालीसा पाठ किया गया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल गूंज उठा। भगवा ध्वज के साथ लोगों ने तेजो महालय को लेकर अपने दावें और मांग दोहराई। सोमवार को कांवड़ यात्रा के बाद अब यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने ऐतिहासिक दावों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और कहा कि किसी भी दावे का फैसला दबाव या विवाद से नहीं, बल्कि इतिहास और प्रमाणों के आधार पर होना चाहिए। तेजो महालय के दावे को लेकर अब आगे की कार्रवाई और अगले कदम पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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भदराव में बीजेपी का तिरंगा रैली: 370-35A के बाद राष्ट्रीय सम्मान की नई राह

Bhaderwah, Article 370 and 35A may have been consigned to history, but the political debate surrounding their abrogation continues to echo across Jammu and Kashmir. In Bhaderwah, the issue once again came into focus as the BJP organised a massive Tiranga Rally under the Har Ghar Tiranga campaign. This year's campaign carries a special focus on the spirit of Vande Mataram, as the nation celebrates Independence Day and commemorates the enduring legacy of the national song. Across Jammu and Kashmir, the campaign has witnessed enthusiastic public participation, with Tiranga rallies and patriotic programmes being organised to promote national unity, pride and the spirit of Vande Mataram. As part of the nationwide Har Ghar Tiranga campaign, the Bharatiya Janata Party organised a massive Tiranga Rally in Bhaderwah of Jammu and Kashmir's Doda district. Led by BJP District Doda General Secretary Sanjay Saraf, party workers, ex-servicemen and local residents participated in the rally, carrying the Tricolour and raising patriotic slogans. VO: The BJP leadership used the occasion to highlight what it described as a transformation in the region after the abrogation of Article 370 and 35A, claiming that the massive participation in Tiranga rallies is a strong response to those who had predicted that the National Flag would not be accepted in Jammu and Kashmir. The spirit of nationalism echoed across the streets of Bhaderwah as the BJP organised a prominent Tiranga Rally under the Har Ghar Tiranga campaign. The rally started from New Bus Stand Kotli and passed through Chobia Link Road and Lakshmi Narayan Chowk before culminating at Seri Bazaar. Participants marched with the National Flag in their hands and raised slogans including "Bharat Mata Ki Jai" and "Jahan Hue Balidaan Mukherjee, Woh Kashmir Hamara Hai." BJP leaders, party workers, ex-servicemen and local residents took part in the rally. General Secretary Mandal Bhaderwah Aarti Rathod, General Secretary Chinta-Bhalra Mandal Neeraj Singh Manhas, former DDC member Yudhvir Thakur, former Sarpanches Ashok Sharma and Devinder Kumar, former BDC Chairman Omi Chand and other party leaders were present. The organisers said the rally was aimed at promoting peace, unity, national integration and a strong sense of national pride among the people, particularly the younger generation. VO:Addressing the Media, BJP District Doda General Secretary Sanjay Saraf said every Tiranga Rally reflects the emotional bond between the people and the nation. He claimed that the participation in such programmes has increased significantly following the abrogation of Article 370 and 35A, and said the response to Tiranga rallies demonstrates the growing spirit of nationalism in Jammu and Kashmir. "The enthusiastic participation we are witnessing in Bhaderwah and across Jammu and Kashmir shows that the Tricolour is deeply connected with the emotions of the people. After the abrogation of Article 370 and 35A, Jammu and Kashmir is witnessing a new phase of peace, confidence and development. Today's Tiranga Yatra is a message of national unity and an expression of our commitment to the integrity and sovereignty of the nation, " Saraf added. VO:BJP Mandal Bhaderwah General Secretary Aarti Rathod said the Har Ghar Tiranga campaign has evolved into a people's movement, encouraging citizens to proudly hoist the National Flag and celebrate India's unity in diversity. She said that the sight of the Tricolour in every hand here in Bhaderwah reflects the strong sense of national pride among the people. After the abrogation of Article 370 and 35A, Jammu and Kashmir has witnessed a new sense of confidence, peace and progress. These Tiranga Yatras are strengthening national unity and inspiring our younger generation to remain connected with the values of our Constitution and the nation. VO:General Secretary, Chinta-Bhalra Mandal, Neeraj Singh Manhas said the enthusiastic participation in Tiranga Yatras, including in Kashmir, reflects what he described as the deep-rooted patriotic sentiment among the people. He said Jammu and Kashmir is moving ahead with confidence, peace and development. From New Bus Stand Kotli to Seri Bazaar, the Tricolour remained at the centre of the BJP's Tiranga Rally in Bhaderwah, with participants calling for unity, peace and national integration under the Har Ghar Tiranga campaign.
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पुंछ में शेरे पुंछ त्रिशूल यात्रा ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया

Chikri Ban, श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ जी की यात्रा के लिए पुंछ में शेरे पुंछ त्रिशूल यात्रा निकाली गई। नवग्रह मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा लगभग पांच किलोमीटर का सफर तय कर पुंछ कॉलेज ग्राउंड पहुँची, जहाँ विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ त्रिशूल की स्थापना की गई। यात्रा में हर समुदाय के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। हर साल की तरह इस वर्ष भी पुंछ में शेरे पुंछ त्रिशूल यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा भारत-पाक सीमा के पास स्थित श्री नवग्रह मंदिर से शुरू हुई और टकर पुंछ नगर के हिस्सों से होते हुए कॉलेज ग्राउंड पहुँची। यहाँ धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ त्रिशूल स्थापित किया गया। यह त्रिशूल बाबा बूढ़ा अमरनाथ जी की यात्रा के समापन तक कॉलेज ग्राउंड में स्थापित रहेगा। पूर्व एमएलसी यशपाल शर्मा ने यात्रा की शुरुआत की थी, और तब से यह यात्रा चली आ रही है। अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त पुंछ अशोक कुमार शर्मा भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए और उन्होंने यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में विभिन्न समुदायों के लोगों ने हिस्सा लेकर आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया。
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बरेली में सावन के तीसरे सोमवार पर कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा

Noida, Uttar Pradesh:सावन के तीसरे सोमवार पर बरेली में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की, यह आयोजन नाथ नगरी के गौरवशाली धार्मिक महत्व को और भी भव्य बनाने की दिशा में एक नई पहल है। बरेली में आज शहर के सातों नाथ मंदिरों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, इन मंदिरों मे तिरवटी नाथ, अलखनाथ, धोपेश्वर नाथ, मदीनाथ, पंचाल नाथ, तपेश्वर नाथ और त्रिलोक नाथ शामिल है। जिला प्रशासन ने इसे श्रद्धालुओं के लिए एक पावन और अविस्मरणीय अनुभव हो गया,
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सुवर्णरेखा की बाढ़ से करबनिया गांव संकटग्रस्त, 300 परिवार भयभीत; स्कूल-मंदिर खतरे में

Jhargram, West Bengal:*সুবর্ণরেখার ভাঙনে অস্তিত্বের সংকটে করবনিয়া গ্ৰাম, আতঙ্কে ৩০০ পরিবারের,নদীগর্ভে বিঘার পর বিঘা চাষের জমি, ভাঙনের মুখে স্কুল-মন্দির, দ্রুত বাঁধ নির্মাণের দাবি* নদী যেন ক্রমশ এগিয়ে আসছে গ্রামের দিকে। প্রতিদিন একটু একটু করে ভাঙছে পাড়, নদীর বুকে তলিয়ে যাচ্ছে চাষের জমি। একসময় যে জমিতে ফসল ফলিয়ে সংসার চলত, আজ সেই জমিই নেই। সুবর্ণরেখার ভাঙনে এমনই সংকটের মুখে পড়েছে গোপীবল্লভপুর-১ নম্বর ব্লকের করবনিয়া গ্রাম। জমির পর এবার ভাঙনের মুখে প্রাথমিক বিদ্যালয় ও শিবমন্দির। ফলে আতঙ্কে দিন কাটাচ্ছেন গ্রামের প্রায় ৩০০টি পরিবার।করবনিয়া গ্রামের বাসিন্দাদের একটি বড় অংশ তপসিলি উপজাতি সম্প্রদায়ভুক্ত। কৃষিকাজের উপর নির্ভরশীল এই পরিবারগুলির কাছে চাষের জমিই অন্যতম প্রধান জীবিকার অবললন। ফলে একের পর এক কৃষিজমি নদীগর্ভে চলে যাওয়ায় তাঁদের জীবিকা ও ভবিষ্যৎ নিয়েও উদ্বেগ বাড়ছে। গ্রামবাসীদের দাবি, ইতিমধ্যেই প্রায় ৫০০ মিটার নদীপাড়ের চাষের জমি নদীতে চলে গিয়েছে।নদীভাঙনের খবর পেয়ে ক্ষতিগ্রস্ত এলাকা পরিদর্শন করেন নয়াগ্রাম-৩ মণ্ডল বিজেপির সভাপতি ভাস্কর মণ্ডল এবং নয়াগ্রাম-৫ মণ্ডল বিজেপির সভাপতি তাপস সুঁই। তাঁদের সঙ্গে ছিলেন স্থানীয় বিজেপি নেতৃত্ব। তাঁরা নদীপাড় ঘুরে দেখার পাশাপাশি ক্ষতিগ্রস্ত বাসিন্দাদের সঙ্গে কথা বলেন এবং দ্রুত স্থায়ী ব্যবস্থা গ্রহণের জন্য ঊর্ধ্বতন কর্তৃপক্ষের কাছে বিষয়টি জানানোর আশ্বাস দেন। গ্রামবাসীদের অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরেই সুবর্ণরেখার ভাঙন চলছে। বর্ষায় নদীর জলস্তর বাড়লেই পরিস্থিতি আরও ভয়াবহ হয়ে ওঠে। ভাঙনের কবলে পড়েছে করবনিয়া প্রাথমিক বিদ্যালয়ের বড় অংশ। কৃষকদের সেচের সুবিধার জন্য সরকারি প্রকল্পে তৈরি জল পাম্পও নদীগর্ভে চলে গিয়েছে বলে অভিযোগ। একইসঙ্গে নদীপাড়ের একটি শিবমন্দিরও এখন ভাঙনের মুখে। গ্রামের বাসিন্দা জহরলাল কাঁড়, কুবের তরাই ও বাবাজিচরণ পাণ্ডারা বলেন, “চোখের সামনে বছরের পর বছর ধরে আমাদের চাষের জমি নদীতে চলে যাচ্ছে। স্কুলেরও অনেকটা অংশ নদীতে চলে গিয়েছে। এখন মন্দির ও বসতবাড়ি নিয়েও আতঙ্কে রয়েছি। দ্রুত বাঁধ তৈরি না হলে পরিস্থিতি আরও ভয়াবহ হতে পারে।”গ্রামবাসীদের দাবি, অস্থায়ী ব্যবস্থা নয়, নদীভাঙনপ্রবণ এলাকায় দ্রুত স্থায়ী বাঁধ নির্মাণ করতে হবে। পাশাপাশি ক্ষতিগ্রস্ত কৃষিজমির সমীক্ষা করে চাষিদের পাশে দাঁড়ানোরও দাবি জানিয়েছেন তাঁরা। নয়াগ্রাম-৩ মণ্ডল বিজেপির সভাপতি ভাস্কর মণ্ডল বলেন, “তৃণমূল সরকারের আমলে করবনিয়ার নদীভাঙনের সমস্যা নিয়ে প্রশাসনকে বারংবার জানানো হলেও কোনও কাজ হয়নি। দিনের পর দিন মানুষের চাষের জমি নদীগর্ভে চলে যাচ্ছে, স্কুল ও সরকারি জল পাম্প ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছে, এখন শিবমন্দিরও ভাঙনের মুখে। প্রায় ৩০০টি পরিবার আতঙ্কের মধ্যে রয়েছে। আমরা বিষয়টি ঊর্ধ্বতন কর্তৃপক্ষকে জানাব এবং অবিলম্বে যাতে এলাকায় একটি স্থায়ী বাঁধ নির্মাণ হয়, সেই দাবি জানাব।” সুবর্ণরেখার জলস্তর আরও বাড়লে পরিস্থিতি কী দাঁড়াবে, তা নিয়ে উদ্বেগে নদীপাড়ের মানুষ। তাঁদের দাবি, আর কোনও জমি, স্কুল, মন্দির কিংবা বসতবাড়ি নদীগর্ভে চলে যাওয়ার আগে দ্রুত স্থায়ী বাঁধ নির্মাণ করে ভাঙন রুখতে হবে।
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मारलेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड लागू, अवांछित वेशभूषा पर रोक

Ratnagiri, Maharashtra:देवरुख-रत्नागिरी.. मारलेश्वर देवस्थानात आता ड्रेस कोडची सक्ती.. देवस्थान ट्रस्टचा निर्णय..तोकड्या वेशभूषेला बंदी.. संगमेश्वर तालुक्यातील प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र श्री मार्लेश्वर देवस्थान येथे मंदिराचे पावित्र धार्मिक वातावरण और भारतीय संस्कृतीचे जतन करण्याच्या उद्देशाने देवस्थान ट्रस्टने मंदिर प्रवेशाबाबत महत्वपूर्ण नियमावली जारी केली आहे.. अंगदर्शक,अशोभनीय,असभ्य तसेच अतिशय तोकडी वेशभूषा करून मंदिरात प्रवेश करण्यास मनाई केली आहे.. वर्षभर विविध भागातून भाविक तसेच पर्यटक येथे दर्शनासाठी येत असतात.. विशेषतः श्रावण महिन्यासह विविध धार्मिक उत्सवांच्या काळात मंदिर परिसरात गर्दी असते.. या पार्श्वभूमीवर मंदिराचे धार्मिक पावित्र्य राखण्यासाठी देवस्थान ट्रस्टने वेशभूषा बाबत हा निर्णय घेतला आहे..
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बाराबंकी: तीन मंदिरों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, भक्त उत्साहित

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- शिवभक्तों पर हुई हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे तीनों धाम सावन के तीसरे सोमवार पर बाराबंकी में रामनगर क्षेत्र स्थित श्री लोधेश्वर महादेवा, रामसनेहीघाट स्थित बुढ़वा बाबा मंदिर और हैदरगढ़ क्षेत्र में गोमती नदी के तट पर स्थित अवसानेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं पर आसमान से पुष्पवर्षा की गई। बुढ़वा बाबा मंदिर में पहली बार पुष्पवर्षा का आयोजन हुआ। हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा से श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। तीनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सबसे पहले रामनगर के पौराणिक तीर्थस्थल श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद बुढ़वा बाबा मंदिर और हैदरगढ़ क्षेत्र के अवसानेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा हुई। पुष्पवर्षा के दौरान श्रद्धालु हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते नजर आए। दरियाबाद के विधायक एवं खाद्य और रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सनातन संस्कृति और गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त राजेश कुमार और डीआईजी सोमेन वर्मा ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी नीचे मौजूद रहकर श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
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रक्षाबंधन से 11 दिन पहले झुंझुनूं के बाकरा में हवलदार संदीप का निधन, शोक

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं रक्षाबंधन से 11 दिन पहले दो बहनों ने खोया इकलौता भाई आर्मी हवलदार संदीप कुमार झाझड़िया का हार्ट अटैक से निधन 33 वर्षीय संदीप की वर्तमान पोस्टिंग जोधपुर में थी दो दिन पहले अचानक आया था संदीप को हार्ट अटैक आर्मी जवानों ने सैन्य सम्मान से पार्थिव देह पहुंचाई फूलों से सजे वाहन में गांव बाकरा पहुंची पार्थिव देह डीजे और तिरंगा यात्रा के साथ निकली आठ किलोमीटर यात्रा रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार से महज 11 दिन पूर्व झुंझुनूं के बाकरा गांव की दो बहनों ने अपना इकलौता भाई खो दिया। आर्मी में हवलदार के पद पर कार्यरत 33 वर्षीय संदीप कुमार झाझड़िया का हार्ट अटैक से निधन हो गया। संदीप के निधन की खबर से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर है। संदीप कुमार की पार्थिव देह आज झुंझुनूं जिला मुख्यालय से उनके पैतृक गांव बाकरा ले जाई गई। जयपुर से पहुंची सेना के जवानों की टुकड़ी ने सैन्य सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को गांव पहुंचाया। आर्मी के वाहन को फूलों से सजाया गया। इसके बाद डीजे और तिरंगा यात्रा के साथ करीब आठ किलोमीटर की यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हवलदार संदीप कुमार झाझड़िया आर्मी में कार्यरत थे और करीब डेढ़ साल पहले सिपाही से प्रमोट होकर हवलदार बने थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जोधपुर में थी। करीब 10 दिन पहले ही वे छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे। शनिवार रात को अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें राजकीय जिला बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। संदीप कुमार तीन भाई-बहनों में इकलौते भाई थे। उनके परिवार में पत्नी सुमन, दो बेटे—आठ वर्षीय रॉकी और तीन वर्षीय यतीन हैं। पिता महिपाल सिंह झाझड़िया भी सेना में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। जबकि मां का नाम सजना है। रक्षाबंधन का त्योहार करीब 11 दिन बाद है। ऐसे में इस बार संदीप की दोनों बहनों के लिए राखी का त्योहार बेहद दर्दनाक होगा। जिस भाई की कलाई पर वे राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं। अब उसी भाई की तस्वीर के सामने उन्हें आंसुओं के साथ त्योहार मनाना पड़ेगा। एक परिवार ने अपना जवान बेटा खोया है, लेकिन रक्षाबंधन से पहले दो बहनों ने अपना इकलौता भाई खो दिया—यह दर्द पूरे गांव को भावुक कर गया।
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