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Pramod VishwakarmaPramod VishwakarmaFollow6 Feb 2025, 02:41 pm

Mau - प्रेमा मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में निः संतानता की आधुनिक जांच और उपचार

Muhammadabad Gohna, Uttar Pradesh:

मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना में स्थित प्रेमा मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में निःसंतानता की समस्या के लिए आधुनिक तकनीकों से जांच और उपचार किया जा रहा है. अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, हार्मोनल टेस्ट, एचएसजी (हिस्टेरोसल्पिंगोग्राफी) और आईयूआई (इन्ट्रा यूटेराइन इनसेमिनेशन) जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध है. डॉ. मोनिका गुप्ता के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम हर मरीज को व्यक्तिगत देखभाल और उचित परामर्श प्रदान कर रही है. यह अस्पताल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।

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टंगमार्ग के विक्रेता-श्रमिकों ने बकाया भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की

Gulmarg, Vendors and Labourers Association Tangmarg held a silent protest in Tangmarg, urging the Rural Development Department (RDD) and the concerned authorities to release the long-pending payments, liabilities and wages for works and supplies executed during the years 2023, 2024 and 2025. During the protest, members of the association expressed serious concern over the alleged delay in clearing their legitimate dues. They said that vendors had supplied construction material and other essential items for various development works undertaken through the Rural Development Department, while labourers had also worked on different projects under government schemes, but their payments and wages have remained pending for a considerable period. Speaking to the media, representatives of the association said that they had provided materials for several RDD development projects during 2023, 2024 and 2025 with the expectation that their bills would be cleared within the stipulated period. However, despite the completion of the works and supply of materials, the concerned vendors and labourers are still awaiting payment. “We have supplied material for various development projects and labourers have worked on these projects, but our payments and wages are still pending. We have been waiting for our legitimate dues for a long time and are facing considerable difficulties because of the delay,” the association members said. The protesters further stated that the pending liabilities have caused financial hardship to small vendors, suppliers and labourers, many of whom depend entirely on their daily earnings and government works for their livelihood. They appealed to the authorities to treat the matter as urgent and ensure that all verified and pending bills are cleared without any further delay. The association also raised concern that although the name and structure of the MGNREGA-related scheme has reportedly undergone changes by the Government, the pending liabilities and payments from earlier years have not yet been fully released. They said that changing the name of a scheme should not affect the legitimate dues of vendors and workers who have already completed their assigned work or supplied material. The representatives appealed to the Government of India, the Lieutenant Governor of Jammu and Kashmir and the Chief Minister of Jammu and Kashmir to intervene in the matter and direct the concerned departments to release the pending payments at the earliest. They said that vendors and labourers have been repeatedly approaching the concerned authorities regarding the issue, but the continued delay has caused frustration among the affected people. The association urged the Rural Development Department and other concerned authorities to conduct necessary verification of pending bills and liabilities and initiate the payment process immediately. The protesters maintained that they do not want confrontation and have held the demonstration peacefully to draw the attention of the administration towards their genuine demands. They expressed hope that the government would take prompt action and resolve the issue without forcing the affected vendors and labourers to intensify their protest. The Vendors and Labourers Association Tangmarg said that immediate release of all pending liabilities, vendor payments and labour wages pertaining to 2023, 2024 and 2025 would provide much-needed relief to hundreds of affected families and restore their confidence in the government system. The association appealed to the authorities to resolve the matter on a priority basis so that vendors and labourers do not continue to suffer due to the prolonged delay in payment.
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मानसून के बाद शबरी जलप्रपात में प्रचंड रौद्रता, 40 फीट ऊँचाई से गिरता जल

Satna, Madhya Pradesh:सतना। मानसून की झमाझम बारिश के बाद MP-UP सीमा पर स्थित प्रसिद्ध शबरी जलप्रपात इन दिनों अपने पूरे रौद्र रूप में है। पहाड़ों और चट्टानों के बीच से निकलती मटमैली जलधारा करीब 40 फीट की ऊंचाई से दो स्तरों में नीचे गिर रही है। तेज बहाव के साथ गर्जना और उठती सफेद फुहारें दूर तक सुनाई दे रही हैं। पयस्विनी नदी और स्थानीय नालों के संगम से बना यह द्विस्तरीय झरना बारिश के बाद कई गुना चौड़ा हो गया है। आसपास की घनी हरियाली के बीच इसका दृश्य बेहद विहंगम लग रहा है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम की भेंट यहीं शबरी माता से हुई थी, इसी कारण इसका नाम शबरी पड़ा। प्रशासन ने बढ़े जलस्तर और फिसलन भरी चट्टानों को देखते हुए पर्यटकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। प्रकृति की इस खूबसूरती का आनंद लें, पर सावधानी जरूर बरतें।
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तालाब में डूबकर दो बच्चों की मौत, पिता की कॉल से जुड़ा दर्दनाक हादसा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के चिल्हाटी गांव में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। पिता के साथ तालाब पहुंचे दो मासूम भाई देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पिता मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। छोटे भाई को पानी में गिरता देख बड़ा भाई उसे बचाने के लिए तालाब में उतर गया, लेकिन दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ग्राम चिल्हाटी निवासी भक्त प्रहलाद पैकरा अपने दो बेटों 7 वर्षीय दीपू पैकरा और 4 वर्षीय चींटू पैकरा के साथ गांव के तालाब पहुंचे थे। कुछ देर बाद पिता तालाब से थोड़ी दूरी पर जाकर मोबाइल पर बातचीत करने लगे। इसी बीच खेलते-खेलते छोटा बेटा चींटू तालाब के किनारे पहुंच गया और अचानक फिसलकर गहरे पानी में चला गया। भाई को पानी में गिरता देख 7 वर्षीय दीपू ने उसे बचाने की कोशिश की और खुद भी पानी में उतर गया। लेकिन तालाब की गहराई दोनों मासूमों पर भारी पड़ गई। कुछ ही पलों में दोनों पानी में डूबने लगे। पिता मोबाइल पर बातचीत में व्यस्त थे, इसलिए उन्हें घटना का पता नहीं चल सका। इसी दौरान एक ग्रामीण की नजर पानी में डूबते बच्चों पर पड़ी। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया, जिसके बाद ग्रामीण तालाब में उतरे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला,बच्चों को बाहर निकालने के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल पचपेड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे। दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मस्तूरी अस्पताल रेफर किया, लेकिन वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों मासूम भाइयों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरे गांव में मातम छा गया। जिस तालाब के किनारे दोनों भाई कुछ देर पहले खेल रहे थे, वहीं से उनकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक खबर घर पहुंची। पचपेड़ी पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मरच्यूरी भेज दिया है।
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बेमेतरा: फांसी प्रयास के बाद पुलिस ने मृत मान दिया, दो घंटे बाद महिला जिंदा

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि फांसी लगाने की कोशिश करने वाली एक महिला को पुलिस ने बिना डॉक्टरी जांच के मृत मान लिया। इतना ही नहीं, महिला को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया गया और परिजनों को अंदर जाने से रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे बाद जब पुलिस पंचनामा की कार्रवाई के लिए पहुंची, तो महिला जिंदा मिली। घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर-7, परशुराम चौक की है। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिला की नब्ज जांचने या तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के बजाय उसे मृत घोषित कर दिया गया। कमरे को सील करने के बाद परिजनों को भी अंदर जाने से रोक दिया गया। करीब दो घंटे बाद महिला के जिंदा मिलने की जानकारी सामने आते ही हड़कंप मच गया। अब लोग पूरे मामले की जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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मानोरा एसटी बस दुर्घटना: 45 छात्र सुरक्षित रहे, चालक की सजगता से बड़ा हादसा टला

Washim, Maharashtra:वाशीमच्या मानोरा तालुक्यातील नांदगव्हाण आणि बोरव्हा येथील विद्यार्थ्यांना घेऊन मानोऱ्याकडे जात असलेल्या मंगरूळपीर एसटी आगाराची मानव विकास मिशन ची बस चढाई वर असतांना अचानक बोरव्हा घाटात न्यूट्रल झाली. त्यामुळे चालकाचे बसवरील नियंत्रण सुटल्याने ती बस चक्क उलट्या दिशेने माघारी ( रिव्हर्समध्ये ) जाऊन एका शेतात घसरली. या एसटी बसमधून वर्ग 7 ते 10 चे 45 विद्यार्थी प्रवास करत होते. बस अचानक मागे जात असल्याने बस मधील विद्यार्थ्यांमध्ये एकच गोंधळ उडाला. सुदैवाने चालकाने प्रसंगावधान राखून बस नियंत्रित केल्याने अपघाताची मोठी दुर्घटना टळली. मंगरुळपीर एसटी आगाराच्या एसटी बस ची नियमित देखभाल दुरुस्ती होत नसल्याने अशा घटना घडत असल्याचे अधोरेखित होते. या घटने नंतर विद्यार्थ्यांमध्ये भीतीचे वातावरण निर्माण झाले असून शाळेत ये जा करण्यासाठी चांगल्या एसटी बस उपलब्ध करण्याची मागणी विद्यार्थ्यांकडून होत आहे.
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बच्चे का तबियत खराब देख रुके डीएम, तत्काल करवाए इलाज का इंतजाम

ASAmit SinghFollow3m ago
Deoria, Uttar Pradesh:सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लेने निकले जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को सोनूघाट चौराहे पर एक बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी देख संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल बच्चे के उपचार और आवश्यक जांच की व्यवस्था कराई। सोनूघाट चौराहे पर आमजन से संवाद के दौरान जिलाधिकारी की नजर करीब आठ-नौ वर्षीय बच्चे पर पड़ी। बच्चे को उसके अभिभावक चिकित्सकीय जांच के लिए ले जा रहे थे। जिलाधिकारी ने अपना काफिला रुकवाकर अभिभावकों से बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि बच्चा अक्सर मूर्छित हो जाता है और इसी समस्या को लेकर उसे चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से वार्ता की और बच्चे के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक चिकित्सकीय जांच, सीटी स्कैन सहित अन्य जांच कराने के निर्देश देते हुए बच्चे को मेडिकल कॉलेज भेजवाया। जिलाधिकारी की इस त्वरित पहल से बच्चे के अभिभावकों को तत्काल उपचार की उम्मीद मिली। मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी की संवेदनशीलता और मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि आमजन की समस्या को देखकर तत्काल मदद के लिए आगे आना सराहनीय है।
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धुळे के 100-बेड महिला‑बाल अस्पताल का उद्घाटन, स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन

Dhule, Maharashtra:धुळे जिल्हा रुग्णालयामध्ये शंभर खाटांच्या महिला व बाल रुग्णालयाचा लोकार्पण सोहळा संपन्न झाला. आरोग्य मंत्री प्रकाशराव आबिटकर यांच्या प्रमुख उपस्थितीमध्ये या रुग्णालयाचा लोकार्पण पार पडलं. यावेळेस पालकमंत्री जयकुमार रावल देखील उपस्थित होते. येणाऱ्या काळामध्ये जिल्ह्यामध्ये खाजगी रुग्णालयांपेक्षा दर्जेदार आणि चांगल्या सुविधा देण्याचा प्रयत्न जिल्हा रुग्णालयाच्या माध्यमातून करण्यात येईल असं आश्वासन आरोग्यमंत्री प्रकाशराव आंबिटकर यांनी दिले. तर येणाऱ्या काळामध्ये 24 तास नागरिकांना आरोग्य यंत्रणा आणि रुग्णयाशी निगडित तक्रारी करण्यासाठी एक वेबसाईट विकसित केली जाणार असल्याची माहिती पण यावेळेस प्रकाश आबिटकर यांनी दिली. 100 खटांच्या रुग्णालय गेल्या अनेक वर्षांपासून प्रतीक्षेत होतं. अखेर आज या रुग्णालयाचे लोकार्पण झाल्यामुळे लोकांना सुविधा खुली झाली आहे.
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भरतपुर के मोर तालाब गांव में पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव

Bharatpur, Rajasthan:बयाना(भरतपुर) पहाड़ पर गांव, पानी के लिए पलायन और इलाज के लिए खाट का सहारा, मोर तालाब गांव में बीमार बुजुर्ग को खाट पर 5 किमी पैदल लाने की मजबूरी, भरतपुर के बयाना से सामने आई यह तस्वीर सिस्टम के दावों पर सवाल खड़े करती है। करीब एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर बसे मोर तालाब गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पानी की किल्लत के चलते ग्रामीण गर्मियों में पहाड़ छोड़कर तलहटी में रहने को मजबूर हैं। वहीं, गांव तक सड़क और वाहन की सुविधा नहीं होने से बीमार और बुजुर्गों को खाट पर लादकर पहाड़ी से नीचे लाना पड़ता है। अरावली पर्वत श्रृंखला की ऊंचाइयों और ऐतिहासिक विजयगढ़ दुर्ग की गोद में बसा मोर तालाब गांव... कभी 200 से ज्यादा गुर्जर परिवारों की आबादी वाला यह गांव आज महज 50 से 60 परिवारों तक सिमट गया है। पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को साल में करीब छह महीने पहाड़ी पर बने अपने पुराने घरों में और गर्मियां शुरू होते ही तलहटी में रहने को मजबूर होना पड़ता है। इस बार भी गर्मी शुरू होते ही कई परिवार गांव छोड़कर नीचे आ गए। लेकिन परेशानी सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है। गांव में करीब आठ साल पहले पांचवीं कक्षा तक चलने वाला सरकारी स्कूल भी बंद हो गया। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना पहाड़ी उतरनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से कई बच्चों की पढ़ाई तक छूट गई। स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक है। आज एक बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत खराब हुई तो परिजनों के सामने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई वाहन नहीं था। मजबूरी में महिला को खाट पर लिटाया गया और परिजन करीब पांच किलोमीटर तक उसे कंधों पर लेकर पहाड़ी से नीचे उतरे। इसके बाद महिला को बयाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो गांव की बदहाल स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। एक तरफ सरकार गांवों में सड़क, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, तो दूसरी तरफ मोर तालाब के ग्रामीण आज भी पानी के लिए पलायन और इलाज के लिए खाट का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं ही नहीं हैं, तो सरकारी योजनाओं के तहत बने मकानों में भी ताले क्यों न लटकें? अब देखना होगा कि मोर तालाब के ग्रामीणों की यह परेशानी कब दूर होती है और पहाड़ी पर बसे इस गांव तक मूलभूत सुविधाएं कब पहुंचती हैं।
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हरिद्वार में वंदेभारत एक्सप्रेस के कोच के पास अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू किया

Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन मेंमेंटीनेंस के लिए खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब दस फीट लंबा अजगर ट्रेन के कोच के आसपास नजर आया और अंदर घुसने की कोशिश करता दिखाई दिया। वाशिंग लाइन में काम कर रहे कर्मचारियों की नजर समय रहते अजगर पर पड़ गई, जिसके बाद उन्होंने बिना जोखिम उठाए वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही हरिद्वार रेंज की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के मुताबिक अजगर को बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि सांप के ट्रेन में प्रवेश करने से पहले ही उसका पता चल गया, वरना यात्रियों के बीच बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। वन विभाग की टीम ने पूरे ऑपरेशन को सावधानी के साथ अंजाम दिया।
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दिल्ली में रेलवे ट्रैक पर मच्छर नियंत्रिण के लिए एक महीने का स्प्रे अभियान

New Delhi, Delhi:रेलवे ट्रैक पर पानी का जमा हो जाता है मच्छर पनपते हैं उससे बचाव के लिए ट्रेन को रवाना किया गया है एक महीने तक यह ट्रेन छिड़काव करेगी रेलवे ट्रैक पर यह छिड़काव करेगी जिससे मच्छर पनप ना। दिल्ली के सभी ट्रैक पर यह ट्रेन जाएगी ताकि वहां पर मच्छर पैदा ना पाए, और सीजनल बीमारी को मानसून में रोका जा सकें। दिल्ली में डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया को लेकर निगम की पूरी तैयारी है। हमारे पास सभी दवाइयां हैं दिल्ली में हर जगह छिड़काव किया जा रहा है 4000 लोग इसके लिए अलग से लगाए गए हैं। डीबीसी कर्मचारियों की जो मांग थी वह हमने पूरी की है समान काम और समान वेतन वाली वो पूरा हो गई है। दिल्ली के लोगों को जागरूक किया जा रहा है, रूटीन चेकिंग की जा रही है। डीबीसी कर्मचारी घर-घर जा रहे हैं लोगों को जागरुक कर रहे है पार्षद भी कर रहे हैं और अलग से MCD का जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलकर हजरत निजामुद्दीन, लाजपत नगर, सेवा नगर, लोधी कॉलोनी, सफदरगंज, पटेल नगर, किशनगंज, सदर बाजार, सराय रोहिल्ला, इंद्रपुरी ,मायापुरी, दया बस्ती ,दिल्ली कैंट, पालम बेहटा हाजीपुर हॉल्ट, शाहदरा से होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी।
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