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Khanna SainiKhanna SainiFollow30 Aug 2024, 12:22 pm
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हिसार के महावीर स्टेडियम के सिंथेटिक कोर्ट की सतह उखड़ी; समिति जांच मांग

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:हिसार के सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट पर विवाद, एक हफ्ते में उखड़ी सतह हिसार के महावीर स्टेडियम में बने सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट की गुणवत्ता पर उठे सवाल。 निर्माण के करीब एक सप्ताह के भीतर कई जगहों से उखड़ने लगी सिंथेटिक सतह。 हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की。 खेल विभाग के प्रधान सचिव को भेजा गया शिकायत पत्र。 निर्माण एजेंसी, इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता मानकों की निष्पक्ष जांच की मांग。 हरियाणा बास्केटबॉल संघ के विशेषज्ञों से स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराने का सुझाव。 जाँच में गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग。 एसोसिएशन का बयान, खिलाड़ियों की सुरक्षा और सरकारी धन से बने खेल ढांचे की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।
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फर्रुखाबाद के कूड़ा निस्तारण पर सवाल, केंद्र के बावजूद सड़क पर कूड़ा क्यों?

ASARUN SINGHJust now
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में करोड़ों रुपये खर्च कर कूड़ा निस्तारण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। नगर पालिका के दावे हैं कि शहर का कचरा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है. हेवतपुर गढ़िया तिराहा पर मात्र चार मीटर चौड़ी सड़क में लगभग आधी सड़क कूड़े के विशाल ढेरों ने घेर रखी है। हैरानी की बात यह है कि यहां से महज दो किलोमीटर दूर कूड़ा निस्तारण केंद्र मौजूद है। सवाल यह है कि जब निस्तारण केंद्र बना हुआ है, तो फिर सड़क ही डंपिंग यार्ड क्यों बन गई है? यह तस्वीरें सिर्फ गंदगी की नहीं, बल्कि व्यवस्था पर उठते गंभीर सवालों की हैं। सड़क पर फैले कूड़े के ढेरों के बीच से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण रोज जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। बरसात में यही कचरा सड़ता है, दुर्गंध फैलाता है और बीमारियों को न्योता देता है. ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से यही हाल है। शिकायतें हुईं, अधिकारी आए, लेकिन हालात नहीं बदले। कूड़ा जस का तस पड़ा रहा और लोग बीमारी व बदबू झेलते रहे. स्थानीय लोगों का आरोप इससे भी गंभीर है। उनका कहना है कि हर महीने नालों की सफाई के नाम पर हजारों टन कचरा निकाला जाता है, लेकिन उसका स्थायी निस्तारण नहीं किया जाता। कचरे को सड़क किनारे डाल दिया जाता है। फिर बारिश आते ही वही कचरा दोबारा नाले में बह जाता है और कुछ दिन बाद उसे फिर जेसीबी से निकालकर सड़क पर डाल दिया जाता है. यानी वही कचरा... वही प्रक्रिया... और सरकारी खर्च का वही सिलसिला. अगर यह आरोप सही हैं, तो सवाल उठता है कि आखिर जेसीबी, डीजल और सफाई पर खर्च होने वाला सरकारी पैसा किसके हित में खर्च हो रहा है? जनता की सुविधा के लिए या सिर्फ कागजों में काम दिखाने के लिए? जानकार बताते हैं कि एक जेसीबी मशीन प्रति घंटे लगभग पांच लीटर डीजल खर्च करती है और एक छोटे हिस्से के नाले की सफाई में पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में हर महीने होने वाले इस कार्य पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता है। लेकिन यदि कचरा अंततः सड़क पर ही पड़ा रहे, तो इस खर्च का औचित्य क्या है? जिले से प्रतिदिन करीब 97 टन कचरा निकलता है। बड़ा सवाल यह है कि इस कचरे का वास्तविक वैज्ञानिक निस्तारण कहां हो रहा है? यदि निस्तारण केंद्र संचालित है, तो फिर सड़कों पर कूड़े के पहाड़ क्यों दिखाई दे रहे हैं? गांव के लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांवों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। कई ग्रामीणों ने तो यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं बदले, तो इस बार वोट देने पर भी विचार करेंगे. यह सिर्फ गंदगी का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का भी सवाल है. जब करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद सड़कें ही कूड़ा घर बन जाएं, जब निस्तारण केंद्र होने के बावजूद कचरा लोगों के दरवाजे पर सड़ता रहे, और जब ग्रामीण बीमारी व बदबू के बीच जीने को मजबूर हों, तब सवाल सिर्फ सफाई व्यवस्था का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का बन जाता है. अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इन सवालों का जवाब देती है या फिर कूड़े के इन ढेरों की तरह भ्रष्टाचार के आरोप भी यूं ही सड़क पर पड़े रहेंगे.
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चिड़ावा में EWS आरक्षण हेतु 10% प्रस्ताव, आयोग गठन की मांग तेज

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा में EWS राजनीतिक आरक्षण की उठी मांग विप्र फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन निकाय-पंचायत चुनावों में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रदेश में EWS आयोग गठन की भी उठाई मांग पूर्व चेयरमैन सुभाष शर्मा के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन खर्चीले चुनावों से EWS वर्ग हो रहा दूर— शर्मा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिले राजनीतिक प्रतिनिधित्व झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में विप्र फाउंडेशन की ओर से एसडीएम किरणपाल को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में प्रस्तावित निकाय एवं पंचायत चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण देने तथा EWS आयोग के गठन की मांग उठाई गई। पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सुभाष शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आरक्षण के माध्यम से राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है। इसी प्रकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 10 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण का प्रावधान किया जाना चाहिए। सुभाष शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव अत्यधिक खर्चीले हो चुके हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई योग्य और सक्षम लोग संसाधनों के अभाव में चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते हैं। यदि EWS वर्ग को राजनीतिक आरक्षण मिलेगा तो उन्हें भी जनप्रतिनिधि बनने और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा। ज्ञापन में प्रदेश सरकार से EWS आयोग के गठन की भी मांग की गई, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों की सुरक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान तथा विभिन्न योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की सके। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने की अपील की।
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संतकबीरनगर में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत वाले लेखपाल अभय सिंह को गिरफ्तार किया

Uska Khurd, Uttar Pradesh:संतकबीरनगर में एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी लेखपाल अभय सिंह को 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है । लेखपाल अभय सिंह क्षेत्र के जिगिना गांव में तैनात है। गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसने गांव के किसान कन्हैया लाल से जमीन के मामले के निस्तारण के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित किसान ने इस मामले में एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। मामले को संज्ञान में लेकर एंटी करप्शन टीम धनघटा तहसील परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय पहुंची जहां से टीम ने लेखपाल अभय सिंह को किसान से 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम लेखपाल को लेकर महुली थाना पहुंची जहां रिश्वतखोर लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया ।
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हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन: 140 महाभ्रष्ट अधिकारियों की पहचान

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा में भ्रष्टाचारियों पर बड़ा एक्शन, 140 'महाभ्रष्ट' अधिकारियों-कर्मचारियों की लिस्ट तैयार जिनके खिलाफ मिली लगातार शिकायतें हरियाणा विजिलेंस का भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान। 140 कथित 'महाभ्रष्ट' अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान। एसीबी प्रमुख अरशिन्दर सिंह चاؤला ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश। सूची में शामिल सभी आरोपियों पर कार्रवाई का लक्ष्य। जनवरी 2022 से जून 2026 तक 92 सफल ट्रैप और रेड। शिकायतकर्ता को बताया विजिलेंस की सबसे बड़ी ताकत। रिश्वत लेने वालों पर बिना किसी भेदभाव के होगी कार्रवाई। 2 लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत के सफल ट्रैप पर अधिकारियों को मिलेगा 'क्लास-1 सर्टिफिकेट'। ट्रैप ऑपरेशन में हाई-टेक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर। भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1800-180-2022 और 1064 के प्रचार के निर्देश। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित किया गया। अरशिन्दर सिंह चावला ने कहा कि "हरियाणा में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं, जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"
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अंता के ट्रॉमा सेंटर में दरारें, घटिया निर्माण की पोल खुली

Baran, Rajasthan:बारां जिले के अंता में 2 करोड़ की लागत से बनाए गए ट्रॉमा सेंटर भवन में आई दरारें घटिया निर्माण की पोल खोल रही हे वही निर्माण कार्य की गुणवक्ता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हे। बताए राज्य सरकार द्वारा सीएडी कॉलोनी परिसर में 2 करोड़ की लागत से कस्बे में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य कराया गया हे जिसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका हे साथ ही चिकित्सा विभाग को सुपुर्द किया गया हे परन्तु उद्घाटन से पूर्व ही भवन में जगह जगह दरारें दिखाई देने लगी हे ऐसे में विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही हे जिनकी देख रेख में इसका निर्माण कार्य करवाया गया हे। अभी हाल ही में जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा द्वारा ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान नव निर्मित भवन की दरारें सामने आई। दूसरी ओर उप जिला चिकित्सालय प्रभारी हरिश मीणा का कहना हे कि ट्रॉमा सेंटर का घटिया निर्माण के चलते ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा
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खाद्य विभाग की बड़ी लापरवाही: समरानियां कस्बे में बिना प्रमाणित खाद्य सामग्री खुली बिक्री

Baran, Rajasthan:खाद्य विभाग की बड़ी लापरवाही समरानियां कस्बे में खुलेआम बिक रहे बिना प्रमाणित और एक्सपायरी सामग्री बारां के समरानियां कस्बे में इन दिनों किराने की दुकानों पर खुलेआम बिना प्रमाणित और नकली खाद्य सामग्री धड़ल्ले से बेची जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही की भनक तक खाद्य विभाग के अधिकारियों को नहीं है या फिर वे अनजान बने हुए हैं। स्थानीय बाजारों में बिकने वाली कई खाद्य सामग्रियों पर न तो उत्पादन तिथि दर्ज है और न ही एक्सपायरी डेट यह क्षेत्र मुख्य रूप से सहरिया बाहुल्य क्षेत्र है, जहां जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर आम जनता और विशेषकर आदिवासियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा को लेकर बरती जा रही इस लापरवाही का एक बड़ा मामला हाल ही में सामने आया था शाहबाद छात्रावास में परोसी गई खाद्य सामग्री में गड़बड़ी और मिलावट के चलते तीन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी स्थिति गंभीर होने पर तुरंत तीनों छात्राओं को शाहबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज किया गया। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द कस्बे की सभी दुकानों की औचक जांच की जाए और मिलावट खोरों तथा बिना प्रमाणित सामान बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
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नवादा जेल में कैदी की मौत, परिवार हत्या का आरोप, सीसीटीवी जांच की मांग

Nawada, Bihar:नवादा जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, परिजनों ने जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर कार्रवाई की demanda, जेल प्रशासन पर उठे सवाल, नवादा मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मेसकौर के महाराजवन निवासी घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद, 20 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। लापरवाही के आरोप में कक्षपाल नीतीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मृतक के शव को सिपाहियों द्वारा नवादा के सदर अस्पताल भेजा गया। मृतक के पिता रघु चौहान ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। परिजनों का कहना है कि घटना के चार घंटे बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी सदर अस्पताल नहीं पहुंचा है। परिवार का आरोप है कि जेल के अंदर पूरी घटना की सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है। जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि अगर जेल में कैमरे लगे हैं, तो मृतक युवक कैमरे में क्यों कैद नहीं हुआ। इस मामले में जेल प्रशासन ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है और कोई बयान जारी नहीं किया है। मामले की जांच के लिए एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, लेकिन मजिस्ट्रेट भी इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं। नवादा के सदर अस्पताल में मृतक के परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह पहली बार नहीं है जब नवादा जेल प्रशासन सवालों के घेरे میں है। नवंबर महीने में भी जेल में एक कैदी की मौत हुई थी और जुलाई महीने में एक कैदी फरार हो गया था। उन मामलों में भी जेल प्रशासन ने कोई बयान जारी नहीं किया था। एक बार फिर जेल प्रशासन कटघरे में खड़ा है, क्योंकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह एक बड़ा सवाल है कि जेल के अंदर एक युवक फांसी कैसे लगा सकता है
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दरभंगा में भाजपा का प्रदर्शन: कांग्रेस पर पत्थरबाज़ी के आरोप

Darbhanga, Bihar:पत्थरबाजी में 'पाकिस्तानी मॉडल' अपनाने का कांग्रेस पर आरोप, दरभंगा में भाजपा का विरोध प्रदर्शन दरभंगा: पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए हंगामे के विरोध में दरभंगा भाजपा ने लहेरियासराय टावर चौक पर विरोध मार्च निकाला और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की。 प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर पत्थरबाजी में "पाकिस्तानी मॉडल" अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसक राजनीति लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा。 प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा。
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इटावा के नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार कार ऑटो-बाइक से टकराकर 13 घायल, 2 मौत

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा में भीषण सड़क हादसा, नेशनल हाइवे पर कार की रेस में तेज रफ्तार कार ऑटो और बाइक से टकराया हादसे में बाइक सवार समेत 13 लोग घायल हुए, हादसे में 2 लोगों की दर्दनाक मौत हुई सभी घायलों का इलाज जारी पुलिस जांच में जुटी है। इटावा जनपद के थाना इकदिल इलाके के सराय जलाल नेशनल हाइवे पर तेज रफ्तार कार रेस करने के दौरान बड़ा हादसा कर दिया है। तेज रफ्तार कार ने पहले ऑटो में टक्कर मार दी उसके बाद बाइक से टकरा गई इस घटना में 15 लोग घायल हुए थे जिसमें 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हुए सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है जहां पर इलाज जारी है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही थाना इकदिल पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है टक्कर इतनी भीषण थी दी ऑटो क्षतिग्रस्त हुआ तो वही बाइक चकनाचूर हो गई वही तेज रफ्तार कार के दोनों एयरबैग खुल गए थे।हालांकि पुलिस जांच में जुटी हुई है。
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सीतापुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल पर नगरपालिका ने कब्जा लिया

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में ऐतिहासिक टाउन हॉल पर बुधवार को नगर पालिका ने अपना कब्जा ले लिया। हाई कोर्ट से मिली 15 दिनों की मियाद खत्म होते ही प्रशासन के अधिकारी दलबल के साथ टाउन हॉल पहुंचे, जहां कब्जेदार नरेश वैश्य के अधिवक्ताओं ने कागजी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका परिषद सीतापुर को चाभी सौंप दी। इस ऐतिहासिक टाउन हाल के अधिकांश हिस्से पर नगर पालिका का कब्जा है। सीतापुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल परिसर में नरेश वैश्य को प्रशासन के द्वारा पट्टा आवंटित किया गया था। डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने टाउन हॉल की जमीन को नजूल बताते हुए कलेक्टर कोर्ट से एक आदेश पारित कर कब्जेदार को कब्जा छोड़ने के नोटिस जारी किए थे, जिसे नरेश वैश्य ने हाई कोर्ट में अपील की थी, पर उन्हें राहत नहीं मिली और खाली करने को कहा गया। बुधवार को मियाद पूरी होने पर नगर पालिका परिषद सीतापुर की प्रभारी ईओ डा सीमा सिंह, एसडीएम सदर डा जनार्दन, तहसील के लेखपाल ने टाउन हॉल पहुंचे और कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की। इस बीच नरेश वैश्य के अधिवक्ता ने कागजी कार्रवाई पूरी करके मकान की चाभी ईओ डा सीमा सिंह को सौंप दीं। प्रशासन के बड़े अधिकारी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए रहे। नरेश वैश्य द्वारा अपनी हिस्से की चाभियाँ ईओ को सौंपने के बाद अब पूरी तरह से टाउन हॉल नगर पालिका और प्रशासन के अधीन आ गया है। प्रभारी ईओ डा सीमा सिंह का कहना है कि मिथुन की भूमि पर सरकारी बिल्डिंग बनी हुई थी, जिस पर नरेश वैश्य का कब्जा था; नोटिस जारी किया गया और हाई कोर्ट में अपील के कारण जो स्टे मिला था उसे बैंकرت कर कब्जा लिया गया है। प्रशासन द्वारा लगभग दो हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लिया गया है।
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