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Mathura: श्री बाबू लाल महाविद्यालय में उड़ान महोत्सव की तैयारी
Mathura, Uttar Pradesh:गोवर्धन, श्री बाबू लाल महाविद्यालय में प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी उड़ान महोत्सव का आयोजन जोर-शोर से किया जा रहा है। इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें महाविद्यालय के निदेशक नंदकिशोर शर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे उड़ान महोत्सव का मूल उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाना और उन्हें एक मंच प्रदान करना है। यह महोत्सव प्रतिभाओं को निखारने और उनके हुनर को पहचानने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
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शिवा शर्मा मर्डर केस: श्रद्धा दुबे की कॉलोनी दहशत में
Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर.. लखनऊ के शिवा शर्मा मर्डर केस से जुडी रायबरेली की श्रद्धा दुबे की पूरी कॉलोनी इस मामले से दहशत में है। इलाके के सारे मकान बंद हैं और श्रद्धा के परिजनों समेत कॉलोनी के लोग तक कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। यहां तक कि हमारा कैमरा देखकर कॉलोनी के लोग अपने गेट बंद कर ले रहे हैं। ऑफ द कैमरा कॉलोनी के लोगों ने जो बताया उसके मुताबिक इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री में श्रद्धा के पिता इंजीनियर के तौर पर तैनात थे। लगभग 20- 25 साल पहले उन्होने यहां के रामजीपुरम में मकान बनवाया था। तब श्रद्धा और रश्मि छोटी बच्चियां थीं और पास ही मदर टेरेसा स्कूल में पढ़ती थीं। यहां पढ़ाई ख़त्म कर रश्मि किसी कोर्स के सिलसिले में वाराणसी चली गई जबकि श्रद्धा ने हैदराबाद जाकर वहां से मॉडलिंग का कोर्स किया। कुछ दिन बाद श्रद्धा के एक बच्चा हुआ जो थोड़ा ही बड़ा हुआ तो पति पत्नी में अनबन हुई और वह पिता के साथ चला गया। इधर श्रद्धा अपने पिता के पास वापस रायबरेली में रहने लगी। सूत्रों के मुताबिक यही के राजनेता के बेटे से इसके सम्बन्ध हुए और उसने श्रद्धा को लखनऊ के पावर कोरिडोर तक पहुंचा दिया। यहां के बाद श्रद्धा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उसने रायबरेली से नाता तोड़कर लखनऊ में रहने लगी। इधर परिजनों ने श्रद्धा को समझाया बुझाया भी लेकिन वह उसी राह पर चलते हुए उसने अपनी छोटी बहन रश्मि दुबे को भी विश्वास में लेकर लखनऊ में ही उसका भी ठिकाना बनवा दिया। बताया जा रहा है कि अब से तकरीबन छह सात महीने पहले श्रद्धा के पिता एसपी दुबे की तबियत खराब हुई थी तब दोनों बहनें फॉरच्यूनर से आयी थीं। उसके बाद से दोनों बहनें यहां देखी नहीं गयीं।0
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रोहन गुप्ता ने एनडीए की मजबूती और बिहारी जनता के आशीर्वाद का दावा किया
Patna, Bihar:भाजपा सह प्रभारी रोहन गुप्ता ने कहा की अपने आप को सौभाग्यवान गिनता हूं। यहां पे आप जानते हैं सब लोग, विधानसभा चुनाव में करीब 6 महीना रहा, सारे साथियों के साथ में काम किया और आज एक कार्यकर्ता के नाते मुझे इतना बड़ा दायित्व मिला है, मैं पार्टी का शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। और साथियों के साथ मिलकर जो जनता ने हमको आशीर्वाद दिया, बिहार की जनता जो हमने हमारा एजेंडा था, वादे किए, आज उस आशीर्वाद को कैसे खरा साबित करना, कैसे हमारी जो अपेक्षा है, उसको पूरा करना, एक सहप्रभारी के नाते ये मेरा दायित्व रहेगा और आप सबके साथ, सरकार के साथ में, जनता के साथ, सरकार के साथ में, कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर, जो अपेक्षाएं हैं जनता की वो पूरा करने का पूरा प्रयास। हां बिल्कुल, उनकी माताजी का वो निधन सुनियाए और वो भी आएंगे और पूरी टीम भी हम मिलकर आने वाले दिनों में यहां पे आपके बीच में आएंगे। तो जिस प्रकार से, क्योंकि एनडीए में बगावत बहुत दिख रहा है, देखिए मैंने, क्योंकि काफी छ महीना करीबी से काम किया है, आज सामने अगर आप कुम्भा देखेंगे, जिस प्रकार से जनता को मालूम है कि अब नफरत हो चुकी है, एक होता है कि मुझे वोट नहीं दे, एक होता है नफरत, जनता उनको अल्टरनेटिव नहीं गिनती है, चुनाव-बचुनाव क्योंकि पूरे देश में हम घूमते हैं, हर चुनाव में क्यों जब जनता के दरबार की बात आती है, क्यों भाजपा-एनडीए की जीत होती है, क्योंकि जनता जानती है कि हमारे लिए जनता को दिए गए वादे जो है, ये सिर्फ वादे, हवा-हवाई वादे नहीं, ये ऐसी चीज है जो हमको पूरा करना है समयबद्ध तरीके से, हां बिल्कुल हम ये नहीं कहेंगे कि हम परफेक्ट हैं, पर पूरा ईमानदारी से ये प्रयास होता है कि हमारी नियत में कभी खोट नहीं होती है, और बिहार ने बहुत मुश्किल से जंगल राज से मुक्ति प्राप्त की है, बिहार की जनता जानती है कि जब मुक्ति प्राप्त की है, तो जब हमको हमारे ऊपर विश्वास दिया है, तो उस विश्वास पे हम लोग खरा उतरेंगे और वो विश्वास हमारे साथ है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि एमएलसी चुनाव में भारी बहुमत से हमारा विजय होगा, उसमें मुझे कोई शंका नहीं है। लेकिन सर तेजस्वी यादव कहते हैं कि ये राक्षस राज चल रहा है, देखिए अब उनकी अभी भी वो अभी अतीत से बाहर नहीं निकल पा रहे, उसके तो मैं कुछ कह नहीं पाऊंगा, तेजस्वी जी, आप चार सवाल पूछिए, आपको मालूम चल जाएगा कि क्या था, पुराना राज क्या था, और जनता जानती है, मैं व्यक्तिगत टिप्पणी कभी नहीं करता हूं, जनता ने कुशासन और सुशासन का फर्क देखा है, जनता ने जंगल राज और अमृत काल का डिफरेंस भी देखा है, और जनता ये देख रही है कि क्या बेहतरी हुई है, जिस प्रकार से लॉ एंड ऑर्डर की बात हो, जो वादे पूरे किए, उसकी बात है, सम्राट जी के नेतृत्व में हमने जो भी वादे किए हैं, समयबद्ध तरीके से पूरा करने का पूरा प्रयास हम लोग करते रहेंगे और जनता की अपेक्षाओं को पूरा। एनडीए गठबंधन की बात करें तो, राष्ट्रीय स्तर पर आप देखिए कि राज्य हर राज्य पर चुनाव (कल मैं आपको गुजरात की बात करूंगा, वहां पे भी चुनाव हारे हैं) उसकी बात ही नहीं करते क्योंकि उन्होंने मान लिया है कि जनता के दरबार में जो चुनाव होंगे, वो जीत नहीं सकते। अब उनके पास एक ही विकल्प बचा है कि किस प्रकार से बवाल मचा के अपनी जो, जो दिया-बुझ रहा है, उसको बचाएं। यह बिहार वही राज्य है कि जहां पे उन्होंने वोट चोरी का आंदोलन किया था और बुरी तरीके से मुंह की खानी पड़ी, क्योंकि ऐसा कुछ है ही नहीं। जो मुद्दा जनता को टच नहीं करता है, आप संवैधानिक संस्था पर बैठे हुए किसी व्यक्ति के ऊपर आरोप लगाते हैं और आपको सबूत मांगा जाता है, आप सबूत नहीं दे पाते हैं, क्या इस प्रकार की राजनीति चल सकती है? आपको जनता के जन आदेश का अपमान नहीं करना है। अगर आपने बिहार में आपने मुंह की खाई है, उसका कारण था कि कहीं पे भी आपका टठबंधन जनता का विश्वास नहीं जीत पाया और हारने के बाद में आप जनता के जन आदेश का अपमान करेंगे, क्या जनता सहन करेगी नहीं? हर पार्टी को समझना पड़ेगा कि जनता के जन आदेश को दिल से समझ के उसमें से सीखना पड़ेगा, गलतियां उसमें से इंप्रूव करना पड़ेगा। अगर ठीकरा किसी और पर फोड़ते जाएंगे तो हम तो खुश हैं, भाजपा के नाते एनडीए के नाते ऐसा ही विपक्ष ये है जो आत्ममंथन करने को तैयार नहीं है। आप वोट चोरी की बात करते जिए, हम जनता के दिल में बैठे हैं और जनता ने हमारा दिल चोरी किया और हमने जनता का दिल चोरी किया, ये रिश्ता टूट बंधन है, बढ़ता रहेगा, हम जनता की अपेक्षा पूरी करते रहेंगे।0
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सीएम धामी Kashipur में विधानसभा समापन सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल
Noida, Uttar Pradesh:Kashipur (Uttarakhand): Chief Minister Pushkar Singh Dhami Attends The Concluding Session Of The Assembly In-charge And Vistarak Yojana Training Programmes At District BJP Office In Kashipur, Udham Singh Nagar/ Visuals0
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पोकरण बस स्टैंड पर तीन केबिनों में आग, चालक-चेतावनी से बड़ा हादसा टला
Jaisalmer, Rajasthan:जिला -जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर पोकरण केंद्रीय बस स्टैंड पर तीन केबिनों में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग विकराल हो गया और केबिनों में रखा सामान जलकर राख हो गया। पोकरण, जैसलमेर पोकरण कस्बे के केंद्रीय बस स्टैंड पर तीन केबिनों में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और केबिनों में रखा सामान जलकर राख हो गया।0
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फतेहगढ़ सरहद पर स्कॉर्पियो पलटने से युवक घायल, अस्पताल में भर्ती
Jaisalmer, Rajasthan:जिला -जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर खबर की लोकेशन -फतेहगढ़ फतेहगढ़ सरहद में स्कॉर्पियो पलटी एक युवक घायल फतेहगढ़ जैसलमेर फतेहगढ़ उपखंड से 2 किलोमीटर दूर फतेहगढ़ सरहद में स्कॉर्पियो पलटी एक युवक घायल, घायल को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहगढ़ लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस से बाड़मेर रेफर किया गया घटना की जानकारी मिलते ही सागड पुलिस पहुंची घटनास्थल पर वहां सड़क मार्ग से हटाया गया जांच जारी0
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फतेहगढ़ में मातृ सम्मेलन से माताओं में बच्चों की शिक्षा और संस्कार के प्रति जागरूकता
Jaisalmer, Rajasthan:जिला -जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर खबर की लोकेशन -फतेहगढ़ फतेहगढ़ में मातृ सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। फतेहगढ़,जैसलमेर आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक , फतेहगढ़ में मातृ सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य माताओं को बच्चों की शिक्षा, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मनीषा छंगाणी ने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। माताओं को बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने, शिक्षा के प्रति रुचि जगाने तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।0
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अलवर में नाले के पास अज्ञात युवक का शव मिला, एफएसएल टीम साक्ष्य जुटाए; जांच जारी
Alwar, Rajasthan:अलवर में शहर के शांति कुंज स्थित न्यू रतन वाटिका के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक बने नाले में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। आसपास खेतों में काम करने वाले लोगों ने नाले में शव पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जहां आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। डीएसपी राजेश कसाना ने बताया कि नाले में मिला शव पुराना प्रतीत हो रहा है। प्रथम दृष्टया जांच में मृतक के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने की कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस शव के फोटो के माध्यम से उसकी शिनाख्त करने और परिजनों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और एफएसएल टीम मामले की जांच में जुटी हुई हैं।0
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जयपुर में 160 विधायकों के आवासों में पेयजल सप्लाई पर बड़ा सवाल: जलाशय और पानी में मिट्टी
Jaipur, Rajasthan:जी मीडिया पड़ताल-160 विधायकों के फ्लैट्स में पेयजल सप्लाई सवालों में,जलाशय गंदे दिखे,पानी में मिट्टी जमा आशीष चौहान, जयपुर-राजधानी में माननीयों के आवासों में होने वाली पेयजल सप्लाई सवालों के घेरे में है.जी मीडिया की पड़ताल में पेयजल व्यवस्था की पोल खुल गई है.CWR खुले है और माननीयों को मिट्टी वाला पानी सप्लाई किया जा रहा है.विधायकों के सरकारी फ्लैट्स में पानी की सप्लाई पर बडे सवाल उठ रहे है. सवालो में माननीयों की पेयजल सप्लाई- अक्सर आम लोगों को पानी की सप्लाई पर सवालिया निशान खडे होते है.जब आज मीडिया खास तक पानी सप्लाई की पड़ताल करेगा.पड़ताल की शुरुआत जयपुर के ज्योति नगर जलाशय (Clear Water Reservoir) से..जहां से राजस्थान के 160 विधायकों के आवासीय फ्लैट्स में पेयजल सप्लाई होती है CWR पहुंचे तो देखा इसकी सीढियां टूटी है.संवाददाता आशीष चौहान जुगाड की सीढ़ियों से जैसे तैसे CWR तक पहुंचते है.वहां देखते है कि तो पता चलता है..इनकी जालियां टूटी हुई है...नीچے जलाशय में देखते है कि पानी में मिट्टी ही मिट्टी दिखाई दे रही है.खुला जलाशय हादसों को तो न्यौता दे ही सकता है.लेकिन इसमें जानवरों के गिरने का भी खतरा...क्या पता कई जानवर जलाशय में गिर भी गए हो..और वहीं पानी विधायकों के आवासों में सप्लाई किया जा रहा है.जहां 160 विधायकों के साथ उनका परिवार भी रहता है. CWR पर 5 महीने पहले साफ,फिर मिट्टी कहां से- CWR पर 5 महीने पहले ही इसे साफ करने का जिक्र है.ये तभी लिखा जाता जब इंजीनियर की मॉनिटरिंग में इसकी सफाई की जाती है.नियमों के तहत साल में 1 बार इन जलाशयों की साफ सफाई की जाती है.लेकिन 5 महीने में ही मिट्टी दिखना गंभीर सवाल खडे करता है.सवाल ये कि क्या ठेकेदारो के जरिए सिर्फ तारीख बदलकर पैमेंट उठा लिया जाता है.CWR की जालियां टूटी होना,मिट्टी जमना ये पेयजल प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है.160 विधायकों के फ्लैट्स समेत इस एरिए में पेयजल सप्लाई के लिए एक्सईएन कृष्ण कुमार गुप्ता,एईएन मयंकेश मीणा,जेईएन भरत कुमार राज जिम्मेदार है.एईएन मयंकेश मीणा का कहना है कि पानी के सैपलिंग करवाकर इसकी जालियां लगाई जाएगी.यदि कमी है तो सुधारा जाएगा. _monitoring पर सवाल- अब सवाल ये है कि माननीयों को पिलाए जाने वाले पानी साफ है. विधायक आवास के साथ साथ विधानसभा में इसी इसी सीडब्लूआर से ही पानी की सप्लाई की जा रही है.अब इन तस्वीरों में इंजीनियर्स की मॉनिटरिंग को लेकर बडे सवाल खडे कर दिए है.क्योंकि ये तो केवल एक जलाशय की कहानी है,यदि दूसरे जलाशयों का हाल देखे तो इससे भी भयावह तस्वीर सामने आ सकती है.0
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कैथल अनाज मंडी में किसान धरना-प्रदर्शन, धान खरीदी और MSP पर रोश
Kaithal, Haryana:कैथल अनाज मंडी में किसानों का प्रदर्शन, मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला धान की खरीद में देरी, कम दाम और फसल खराब होने से नाराज किसानों ने जताया रोष, सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज पूरे हरियाणा में किसानों ने अनाज मंडियों में मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की। इसी कड़ी में कैथल की अनाज मंडी में भी किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर अपना विरोध दर्ज कराया? प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि मंडियों में उनकी धान की फसल की खरीद सही तरीके से नहीं हो रही है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा और उनकी फसल कम दामों पर बिक रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद एजेंसी के सक्रिय रूप से खरीद नहीं करने के कारण राइस मिलर अपनी मर्जी के रेट पर धान खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि धान की खरीद और उठान में देरी के कारण मंडियों में फसल के ढेर लगे हुए हैं। लंबे समय तक मंडी में पड़े रहने से धान की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों के अनुसार, बारिश और नमी के कारण पहले साफ-सुथरी धान भी गीली हो गई, जिसके बाद अब उसकी खरीद करने से मना किया जा रहा है। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। किसानों ने कहा कि फसल बेचने के लिए उन्हें कई-कई दिन मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है। एक तरफ खरीद में देरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कम दाम मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर तालाबंदी को सांकेतिक प्रदर्शन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया और धान की खरीद सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बाइट किसान ,संयुक्त किसानमोर्चा0
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ब्रेकिंग: यूपीआई पेमेंट शुल्क से इनकार, आदर्श व्यापार मंडल का विरोध
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ में यूपीआई (UPI) ऑनलाइन पेमेंट पर शुल्क लगाए जाने की चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने इसका विरोध किया है। संगठन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि सरकार को डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई लेनदेन को पूरी तरह निःशुल्क रखना चाहिए संजय गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से मांग की जाती है कि यूपीआई पेमेंट पर किसी भी प्रकार का चार्ज न लगाया जाए। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद शुल्क लगाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसे केवल टालने के बजाय स्थायी रूप से समाप्त किया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन लेनदेन पर शुल्क लगाने से आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है संजय गुप्ता ने कहा कि बैंक में पैसा जमा करने और निकालने के लिए पहले से ही लोगों को कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जाती है, वहीं दूसरी ओर आम जनता से छोटी-छोटी रकम वसूलकर उस पर आर्थिक बोझ डाला जाता है。 आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि यूपीआई पेमेंट को पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रखा जाए और किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव स्थायी रूप से वापस लिया जाए。0
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बिजनौर में वकीलों ने निकाली न्याय यात्रा, हाईकोर्ट बैंच स्थापना की मांग तेज
Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर--पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के लिए बिजनौर में वकीलों ने निकाली न्याय यात्रा। जजी परिसर से कलेक्ट्रेट जाने के लिए निकाली जा रही न्याय यात्रा को पुलिस ने नुमाइश ग्राउंड पर बैरिकेडिंग लगाकर किया रोकने का प्रयास। वकीलों ने पुलिस की लगाई बैरिकेडिंग को तोड़ा। बैरिकेडिंग तोड़ वकील प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।0
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दीपावली से पहले बलिया पुलिस ने गोदाम से 715 किलो अवैध पटाखे बरामद
Ballia, Uttar Pradesh:बलिया पुलिस ने दीपावली के पहले अवैध पटाखों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए एक गोदाम सहित डीसीएम से लगभग 20 लाख रुपए के अवैध पटाखे बरामद किए हैं। बलिया के सीओ सिटी ने बताया कि कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली कि मवेशी हॉस्पिटल के पास ट्रांसपोर्ट करके एक गोदाम में पटाखे रखे गए हैं। चेतन गुप्ता के बेसमेंट में जब पुलिस ने छापेमारी की तो वहां 9 कार्टून में विस्फोटक पटाखे मिले। इस दौरान जानकारी मिली पटाखे डीसीएम से लाये गए हैं लिहाजा डीसीएम की जांच की गई तो डीसीएम के अंदर भी 16 कार्टून पटाखे मिले। पुलिस ने कुल 715 किलो अवैध पटाखे बरामद किए जिनकी लागत 15 से 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने अवैध पटाखों को जप्त कर विधि कार्यवाही शुरू कर दी है。0
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बालोद के मजदूरों को तमिलनाडु ले जाकर बंधक बनाकर काम करवाने का मामला
Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. नौकरी दिलाने के नाम पर दो मजदूरों को पहले नागपुर ले जाने का झांसा दिया गया और फिर तमिलनाडु पहुंचा दिया गया. आरोप है कि वहां दोनों मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है. इससे अतिरिक्त उनके परिजनों से पैसे मांगने की स्पष्ट घटनाएं सामने आईं. परिजनों ने डर के चलते 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बाद भी मजदूरों को छोड़ नहीं गया. अब परेशान परिजनों ने कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर निवासी संपत चतुर्वेदी और राकेश खत्री को अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया. आरोप है कि गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंगझर निवासी चंद्रेश ठाकुर ने दोनों मजदूरों को नागपुर की एक बिस्किट फैक्ट्री में काम दिलाने का भरोसा दिया था. 28 सितंबर को दोनों मजदूर बेहतर कमाई की उम्मीद में घर से निकले, लेकिन उन्हें नागपुर के बजाय तमिलनाडु ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि वहां दोनों को बंधक बनाकर बोरवेल से जुड़े काम कराने के साथ गाय-बकरियां चराने का काम भी कराया जा रहा है. आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी दोनों मजदूरों को नहीं छोड़ा गया और परिजनों को दोबारा धमकियां दी जा रही हैं. अपने पतियों की सलामती को लेकर चिंतित राकेश खत्री की पत्नी पद्मा बाई और संपत चतुर्वेदी की पत्नी कौशल्या चतुर्वेदी ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और बालोद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए दोनों मजदूरों को तमिलनाडु से सुरक्षित वापस लाने की मांग की है. वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल, बालोद के दोनों मजदूर तमिलनाडु में कहां हैं और किन परिस्थितियों में हैं, यह स्पष्ट होना बाकी है. नौकरी के नाम पर दूसरे राज्य ले जाने, बंधक बनाने और पैसे मांगने के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.0
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SIMS बिलासपुर में नवजात मौत: डॉक्टरों के खिलाफ FIR की मांग तेज
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही से नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित पिता राहुल कुमार ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पोर्टल पर उनकी शिकायत की स्थिति अब भी अपूर्ण दिखाई दे रही है, जबकि पूछताछ करने पर जांच समिति गठित होने की जानकारी दी जा रही है। ऐसे में पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।दरअसल, तिफरा निवासी राहुल कुमार और उनकी पत्नी पूर्णिमा साहू ने 15 सितंबर 2026 को कलेक्टर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए नवजात शिशु की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता के मुताबिक, जनदर्शन शिकायत पर लंबे समय बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि पूछताछ करने पर जांच समिति गठित होने की बात कही जाती है, लेकिन जांच की प्रगति और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।अब पीड़ित पिता ने प्रशासन से व्यक्तिगत संज्ञान लेकर जांच समिति को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देने और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बाइट– राहुल साहू पीड़ित पिता बाइट – पूर्णिमा साहू पीड़ित माँ0
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मेरठ सौरभ हत्याकांड में अभियोजन ने मृत्युदंड की मांग, फैसले की आस
मेरठ सौरभ हत्याकांड में अभियोजन ने मांगी फांसी की सजा, कहा- ये पूजा-पाठ का दिखावा, अपराध पहले ही रोका जा सकता था मेरठ। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आज सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी ने कोर्ट में लिखित और मौखिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए दोनों दोषियों साहिल और मुस्कान के लिये अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की है। क्या कहा अभियोजन ने - डीजीसी ने बताया कि न्यायालय ने साहिल और मुस्कान को 30 सितंबर को दोषी करार दिया था। दोष सिद्धि के बाद आज सजा पर बहस हुई। हमने अपराध की भयावहता, अपराध करने के तरीके, अपराध की प्रवृत्ति और अपराधियों की प्रवृत्ति को देखते हुए जघन्यतम अपराध के लिए मृत्युदंड की मांग की है और इसके लिये सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने कई निर्णयों में कहा है कि ऐसे अपराधियों को यदि मृत्युदंड से नीचे की सजा देकर रियायत बरती जाती है तो यह कानून और न्यायिक व्यवस्था का मजाक होगा और कानून के राज को प्रभावहीन करेगा। दोनों की समान भूमिका, बेटी का तर्क नहीं चलेगा - बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया था कि मुस्कान की छोटी बेटी है। इस पर डीजीसी ने कहा कि साहिल और मुस्कान दोनों ने एक राय, एक मत होकर इस अपराध को अंजाम दिया है। दोनों की आपराधिक मानसिकता एक जैसी है। इसलिए बच्ची होने का तर्क उसकी अपराध की गंभीरता और भयावहता को कम नहीं करता। दोनों की समान भूमिका, समान आशय है, यह अनैतिक संबंधों की परिणीति है और दोनों ने मिलकर पति की हत्या की है, इसलिए दोनों बराबर सजा यानी फांसी के हकदार हैं। जेल में अच्छा आचरण प्लानिंग का हिस्सा - जेल में अच्छे आचरण के तर्क पर डीजीसी ने कहा कि यह जरूर देखा जाता है कि न्यायिक हिरासत में आचरण कैसा रहा है, लेकिन जिस प्रकार क्रूर, निर्मम और सोची-समझी शांत मानसिकता से हत्या की गई है, उससे पता चलता है कि ये बेहद खतरनाक अपराधी हैं। इन्होंने बड़ी योजना बनाकर ड्रम खरीदा, रेत-सीमेंट खरीदा, दवाई, चाकू-छुरी खरीदी और हत्या करके शव को जमाया फिर घूमने चले गए। जो व्यक्ति इतनी प्लानिंग कर सकता है, वह जानता है कि जेल में उसका आचरण भी सजा पर असर डालेगा, इसलिए उसने सोच-समझकर अपना व्यवहार सामान्य रखा है। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण का मतलब होता है कि जेल में पढ़े-लिखे कैदी अनपढ़ कैदियों को पढ़ाते हैं, धार्मिक शिक्षा, परोपकारी या सेवाभाव का कोई काम करते हैं, ऐसा कोई कृत्य इन दोनों ने नहीं किया है, इसलिए इसका सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। अंत समय में भगवान याद आना दिखावा - पूजा-पाठ करने के सवाल पर डीजीसी ने कहा कि जब जघन्य अपराध कर देता है और सजा भुगतने का समय आता है, तब उसे भगवान, पैगम्बर याद आते हैं। ये अंत समय में याद करने की अपेक्षा पहले ही याद करके अच्छा काम करते और हत्या न करके तलाक दे देते। इस पूजा-पाठ से सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। समाज पर पड़ा बुरा असर, नीले ड्रम से दहशत - कोर्ट ने यह भी पूछा था कि अपराध का समाज पर क्या असर पड़ा। हमने बताया कि यह अपराध समाज को तोड़ता है और भय का वातावरण बनाता है। नीले रंग का ड्रम आज भय और आतंक का पर्याय बन गया है। इस घटना के बाद देश में ऐसी घटनाओं की बाढ़ आ गई, किसी महिला ने पति को पहाड़ी से धक्का देकर मार दिया, किसी ने सांप से मरवा दिया, कोई जमीन में गाड़ दे रहा है। इसलिए इनके साथ रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है। डीजीसी ने बताया कि सजा पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है और अब करीब 3 बजे तक माननीय न्यायालय द्वारा सजा का फैसला सुनाया जाएगा।0
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