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मथुरा के बलदेव में खाद्य विभाग की टीम का हुआ विरोध, व्यापारियों के साथ हुई कहासुनी
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा के बलदेव में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जब मुख्य बाजार में सेंपल भरने पहुंची, तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने दुकानों से कुट्टू आटा और सँवा चावल के सेंपल भरे। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने टीम का विरोध किया, जिससे विवाद हुआ। सूत्रों के अनुसार, खाद्य टीम के साथ अभद्रता की घटनाएं भी चर्चा में आईं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
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छापरी की महिलाएं अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा, पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया
Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-जिले में पुलिस का अभियान नशे से दूरी है जरूरी खत्म होते ही जिले के ठीकरी जनपद की ग्राम पंचायत छापरी में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा कहा गांव में बड़ी संख्या में लोग शराब की लत से परेशान हैं और इसका असर सीधे परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर पड़ रहा है साथ ही आरोप लगाया के शिकायतों के बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई महिलाओं ने मीडिया को उन दुकानों तक पहुंचाया,जहां कथित तौर पर अवैध शराब बेची जा रही थी हालांकि कैमरे के सामने महिलाओं ने बोलने से इंकार किया लेकिन जंहा लेकर गई दुकान दार भी बोले दूसरे बेच रहे थे हमने भी दुकान खोल दी थी अब बन्द कर देंगे वंही एडिशनल एसपी बोले महिलाओं की अच्छी पहल अवैध शराब के खिलाफ करेंगे कार्यवाही मामला है बड़वानी जिले के ठीकरी जनपद की ग्राम पंचायत छापरी का करीब दो हजार से ज्यादा मतदाताओं वाले इस गांव में शराब अब कई परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है और यंहा की महिलाओं का दावा है कि गांव में कई जगह अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और बड़ी संख्या में लोग शराब के आदि हो चुके है इसी के चलते गांव की महिलाओं ने अब खुद आवाज उठाने का फैसला किया है महिलाओं ने मीडिया को गांव में उन दुकानों तक पहुंचाया,जहां उनके मुताबिक अवैध शराब की बिक्री होती है दुकानदारों से मीडिया ने बात भी की तो दुकानदारों ने शराब बेचने की बात स्वीकार करते हुए आगे ऐसा नहीं करने की बात कही,हालांकि महिलाओं का कहना है कि गांव में अभी भी कई जगह शराब की बिक्री जारी है छापरी की महिला ने बताया कि हमने गांव में अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायत की बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई इस मामले को लेकर एडिशनल एसपी धीरज बब्बर से बात की तो उन्होंने भी नशे से दूरी है जरूरी का हवाला देते हुवे इसे बताया के अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आम जनता की भागीदारी जरूरी है पुलिस ने महिलाओं की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अगर गांव में अवैध शराब की बिक्री की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी साथ ही उन्होंने पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की वंही छापरी की महिलाओं ने अब साफ कर दिया है कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी0
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सीएम के टीकमगढ़ दौरे के बीच सड़क की हालत पर सवाल, पुनर्निर्माण का आश्वासन
Tikamgarh, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ प्रवास दौरान जब सीएम का काफिला मंडी मार्ग से गुजर रहा था तभी मार्ग में बड़े बड़े गड्ढों के चलते उनकी गाड़ी की रफ्तार धीमी पड़ गई तभी मोहल्ले के कुछ लोगों ने चीख चीख कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यान इन गड्ढो की ओर आकर्षित करते हुए बुंदेलखंडी भाषा मे कहा की सीएम साहब जे रोड़ के गड्डा तो देख लो, जिस पर सीएम गाड़ी में हाथ हिलाते हुए निकल गए, अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वहीं इस खस्ताहाल सड़क को लेकर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए सड़क का पुनर्निर्माण करने की मांग की गई है, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा की इस रोड का पुनर्निर्माण जल्दी ही कराया जाएगा।0
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YouTube के लिए नई सुविधाओं की घोषणाओं से क्रिएटर्स जश्न
Jagdalpur, Chhattisgarh:YouTube के लिए YouTube के लिए0
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1500 रुपए किराये पर हत्या: CCTV से तीन गिरफ्तार, नारायणा के ब्लाइंड मर्डर के राज खुले
Delhi, Delhi:1500 रुपए किराए न देने पर ईट मारकर बेरहमी से हत्या 500 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार जुर्म में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मारुति ईको कार और मरने वाले के कपड़े और जूते बरामद मृतक की अभी तक पहचान नहीं पश्चिमी जिला के नारायणा इलाके में मात्र 1500 रुपए किराए ना देने पर ईको कार चालक ने 30 वर्षीय व्यक्ति की ईंट मारकर बेरहमी से हत्या कर मौके से फरार हो गया।नारायणा पुलिस ने 500 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद तीन आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है।पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजिंदर कुमार उर्फ अन्नू 59 पत्नी निवासी कामिनी मुखीजा,50 बेटा लक्ष्य मखीजा, 28 नारायणा दिल्ली के रूप में हुई है।पुलिस ने जुर्म में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मारुति ईको कार और मरने वाले के कपड़े और जूते बरामद कर लिए है।पश्चिमी जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 अगस्त को, PS नारायणा में एक डेड बॉडी के बारे में PCR कॉल मिली। कॉल मिलने पर,नारायणा थाने की पुलिस टीम C-ब्लॉक, नारायणा विहार, दिल्ली के पास पहुँचे, जहाँ लगभग 30-35 साल का एक अनजान आदमी बिना कपड़ों के और खून से सना हुआ हालत में सेवा भारती NGO कन्या विद्यालय की दीवार के पास फुटपाथ पर पड़ा मिला। मरने वाले के सिर के दाहिने हिस्से में गहरी चोट थी और शरीर पर कई चोटें थीं। उसके बाएँ हाथ पर एक खास दिल के आकार का टैटू था जिस पर तीर बना था, जिस पर “ANAND” और “RENU” नाम लिखे थे। मौके पर खून बिखरा हुआ मिला और पास में ईंटें और मिट्टी के बर्तन जैसी चीज़ के टुकड़े भी मिले।क्राइम टीम और FSL टीम ने मौके की अच्छी तरह से जाँच की और बॉडी को DDU हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके अनुसार, u/s 103(1) BNS, के तहत PS नारायणा थाने में केस रजिस्टर किया गया। इस पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर केस की जांच के दौरान, घटनास्थल और आस-पास के रास्तों के आसपास लगे 500 सीसीटीवी कैमरों को एनालाइज़ किया गया। उसी समय घटनास्थल के आस-पास एक संदिग्ध मारुति ईको गाड़ी घूमती हुई देखी गई。 क्योंकि रजिस्ट्रेशन नंबर शुरू में साफ नहीं था, टीम ने ध्यान से एक के बाद एक CCTV फुटेज को एनालाइज़ किया और घटना से पहले और बाद में गाड़ी के रास्ते का पता लगाया。 लगातार CCTV एनालिसिस और फील्ड वेरिफिकेशन से गाड़ी की पहचान मारुति ईको के तौर पर हुई,। गाड़ी के मालिक राजिंदर कुमार उर्फ अन्नू का पता लगाकर उसे पकड़ लिया गया। पुछताछ के दौरान, राजिंदर कुमार ने बताया कि वह ड्राइवर का काम करता है और मृतक को इफ्को चौक, गुरुग्राम, हरियाणा से उसी ईको गाड़ी में लाया था। सफर के दौरान, किराए को लेकर कहा जा रहा था कि झगड़ा हो गया, जो लगभग ₹1,000–1,500 बताया जा रहा है, जिससे गाड़ी के अंदर झगड़ा हो गया। आरोपी ने आगे बताया कि मृतक ने किराया देने से मना कर दिया, जिसके बाद झगड़ा हुआ और उसने कथित तौर पर मृतक पर ईंटों और मिट्टी के बर्तन जैसी चीज़ से हमला किया, जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं और घटना के बाद, उसने अपनी पत्नी कामिनी मुखीजा और बेटे लक्ष्य मखीजा को मौके पर बुलाया, जिसके बाद मृतक के कपड़े और जुर्म में इस्तेमाल की गई गाड़ी को छिपाने की कोशिश की गई。 इसके बाद, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लक्ष्य मखीजा की निशानदेही पर मृतक के कपड़े और जूते बरामद किए गए और कामिनी मुखीजा की निशानदेही पर मारुति ईको गाड़ी, बरामद की गई। घटनाओं के क्रम को पक्का करने और आरोपी, मृतक और गाड़ी की मूवमेंट का पता लगाने के लिए लगभग 500 CCTV फुटेज का एनालिसिस किया गया। मुख्य आरोपी को FIR दर्ज होने के लगभग चार घंटे के अंदर पकड़ लिया गया, जबकि शुरुआती स्टेज में मामला पूरी तरह से ब्लाइंड था और मृतक की पहचान भी पता नहीं थी।पुलिस मृतक की पहचान करने में जुटी है।0
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हरियाणा SIR सत्यापन पर कांग्रेस का कड़ा रुख, नोटिस जारी मतदाताओं पर निशाना
Hisar, Haryana:हरियाणा में वोटर लिस्ट के सत्यापन (SIR) के बाद सामने आए आंकड़ों पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। जी मीडिया से विशेष बातचीत में हरियाणा कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा, "वर्तमान में कांग्रेस कार्यकर्ता हर जिले में उन मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं जिन्हें नोटिस जारी हुए हैं, ताकि उनके जवाब समय पर तैयार कराए जा सकें।" उन्होंने SIR प्रक्रिया के दौरान वोट कटने की आशंका को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधा। यद्यपि नियमों के अनुसार मतदाता सूची से जुड़े मामलों में सामूहिक याचिका के बजाय व्यक्तिगत रूप से याचिका दायर करने का प्रावधान है, फिर भी कांग्रेस लीगल सेल प्रभावित लोगों की कानूनी लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेगा।0
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अरवल में अवैध बालू भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लगभग 1.32 लाख घनफीट जब्त
Makhdun pur Kabir, Bihar:अरवल जिले में अवैध बालू भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई की जांच के बाद खनन विभाग की टीम ने अरवल थाना क्षेत्र के कोरियम गांव में छापेमारी कर करीब 1 लाख 32 हजार घनफीट बालू जब्त किया है। यह बालू की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रूपया से अधिक बताई जा रही है,यह बालू सोन नदी के कोरियम बालू घाट के एक सेकेंडरी भंडारण स्थल पर जमा था। जांच के दौरान बालू का ढेर करीब 80 फीट लंबा, 55 फीट चौड़ा और 30 फीट ऊंचा पाया गया। खास बात यह है कि बालू के ढेर पर पेड़-पौधे तक उग आए थे, जिससे इसके लंबे समय से भंडारित होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह बालू करीब तीन वर्षों से यहां जमा था। आर्थिक अपराध इकाई की जांच के बाद खान निरीक्षक और खनन बल ने छापेमारी की। जब्त बालू को अरवल थाना के चौकीदार के जिम्मे सौंप दिया गया है। वहीं, अज्ञात भंडारणकर्ता के खिलाफ अरवल सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इतने बड़े अवैध भंडारण के पीछे कौन लोग शामिल थे.0
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धनबाद में पुलिस कार्रवाई पर सियासत तेज, विधायक ने सीबीआई जांच की मांग
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में छात्रों पर हुई हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने शनिवार को समाहरणालय स्थित वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार से मुलाकात की और पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने पुलिस कार्रवाई को आपातकाल जैसे हालात बताते हुए राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। एसएसपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक राज सिन्हा ने कहा कि हाल की घटना उन्हें इमरजेंसी की याद दिलाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह आपातकाल के दौरान लोगों के अधिकारों और आवाज को दबाने का प्रयास किया गया था, उसी तरह आज झारखंड में भी सरकार प्रशासन के माध्यम से छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। विधायक ने कहा कि छात्रों को यदि अपने साथ अन्याय होने का अंदेशा है तो विरोध प्रदर्शन करना और अपनी आवाज उठाना उनका संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बन गई थी कि पुलिस को हॉकी स्टिक और डंडे लेकर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। राज सिन्हा ने राज्य सरकार और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार को समय रहते जनता और छात्रों की बात सुननी चाहिए। विधायक राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों और मांगों पर विचार किया जाए तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।0
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DMCH में लावारिस मरीज को फर्श पर घसीटने वाला वीडियो वायरल
Darbhanga, Bihar:दरभंगा बिग ब्रेकिंग DMCH में मानवता शर्मसार करने वाला वीडियो, लावारिस मरीज को ट्रॉली के बजाय फर्श पर घसीटा ट्रॉली नहीं दी, सुरक्षा गार्ड ने हाथ पकड़कर मरीज को घसीटते हुए ट्रायज एरिया तक पहुंचाया, वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल अधीक्षक जगदीश चंद्रा ने जांच के दिए आदेश।0
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सफाई कर्मचारी यूनियन और मंत्री के बीच बैठक बेनतीजा, फिर मीटिंग की उम्मीद
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र। जिम खाना क्लब में शनिवार को सफाई कर्मचारी यूनियन और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के बीच हुई बैठक पहले दौर में बेनतीजा रही। करीब 2 घंटे तक चली वार्ता के बाद यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी बाहर आ गए। बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक खत्म होने के बाद एसडीएम अमन कुमार यूनियन के पदाधिकारियों को मनाने के लिए पहुंचे। यूनियन के स्टेट प्रधान नरेश शास्त्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार और यूनियन के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई, लेकिन कुछ मांगों पर मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री उठकर चले गए। इसके बाद यूनियन के लोग भी बैठक से बाहर आ गए। नरेश शास्त्री ने कहा कि यूनियन अपने हक की लड़ाई लड़ रही है और कर्मचारियों की मांगों से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि अब मंत्री की ओर से दोबारा बातचीत के लिए न्योता आया है। यूनियन के पदाधिकारी फिर से बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। उनका प्रयास है कि बातचीत के जरिए कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकले, लेकिन यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती तो यूनियन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि बातचीत केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मांगों पर ठोस फैसला होना चाहिए। मांगों पर अड़े कर्मचारी नरेश शास्त्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला है और यूनियन बातचीत से समाधान चाहती है, लेकिन कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है। अब दोबारा होने वाली बैठक पर सभी की नजर है। यदि इस दौर में सरकार और यूनियन के बीच सहमति बनती है तो विवाद का समाधान निकल सकता है। वहीं, मांगों पर सहमति नहीं बनी तो सफाई कर्मचारी यूनियन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला ले सकती है। बाईट:- नरेश शास्त्री, प्रधान सफाई कर्मी यूनियन0
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इमरान हाशमी रांची पहुंचे, फैन्स की भारी भीड़ ने एयरपोर्ट पर तहलका मचा दिया
Ranchi, Jharkhand:बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी पहली बार रांची पहुंचे। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची पहुंचे इमरान हाशमी, एयरपोर्ट पर प्रशंसकों की भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट से रवाना हुए इमरान हाशमी। एयरपोर्ट पर फैंस ने कहा कि वो 200 किलोमीटर दूर से देखने के लिए रांची पहुंचे हैं; इमरान रीयल और रील में काफी हैंडसम हैं।0
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टोंक से चुराए 31 लाख के ट्रक-जिम सामग्री मंडाना पुलिस ने बरामद
Kota, Rajasthan:मंडाना पुलिस की तत्परता: टोंक से चोरी हुआ 31 लाख का ट्रक व जिम सामग्री बरामद 16 लाख के जिम उपकरणों से भरा ट्रक गोपालपुरा पुलिया के पास लावारिस मिला, दत्तावास पुलिस के किया सुपुर्द कोटा। कोटा ग्रामीण के मंडाना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टोंक जिले के दत्तावास थाना क्षेत्र से चोरी हुआ आईसर ट्रक (RJ 14 GK 3907) बरामद कर लिया है। ट्रक की बॉडी में 16 लाख रुपए मूल्य का जिम का सामान भरा हुआ था। 15 लाख रुपए कीमत के ट्रक सहित कुल 31 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है。 कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि 21 अगस्त की सुबह पुलिस कंट्रोल रूम से टोंक के दत्तावास से अज्ञात व्यक्ति द्वारा ट्रक चुरा ले जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही मंडाना पुलिस टीम ने गोपालपुरा टोल प्लाजा पर सख्त नाकाबंदी की और आसपास के होटल-ढाबों पर तलाश शुरू की。 सघन जांच के दौरान उक्त आईसर ट्रक फाटाखेड़ा पुलिया सर्विस रोड पर सड़क किनारे खड़ा मिल गया। मंडाना पुलिस ने बरामद ट्रक व जिम का सामान दत्तावास थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जहां दर्ज प्रकरण संख्या 142/2026 धारा 303(2) बीएनएस में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है。0
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रावणा राजपूत समाज ने सावन-राखी उत्सव में लहरिया परिधान में झलकाईं राजस्थान संस्कृति
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर रावणा राजपूत समाज ने मनाया सावन-राखी उत्सव, महिलाओं ने लहरिया पहनकर दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रावणा राजपूत समाज की ओर से शनिवार को रेलवे सामुदायिक भवन में सावन एवं राखी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक लहरिया परिधानों में सज-धजकर पहुंचीं, जिससे कार्यक्रम में राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली。 उत्सव के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में समाज के बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्सव का आनंद लिया。 आयोजन में रावणा राजपूत समाज के राजेंद्र सिंह, राखी, मनोज कुमार परिहार, किशोर सिंह, वंदना सांखला, देवी सिंह कुड़ी सहित समाज के कई सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान सावन और राखी के पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया。0
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CAG ने राजस्थान में सड़क सुरक्षा दावों की पोल खोली चार साल बिना योजना मौतें बढ़ीं
Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी CAG ने खोली सड़क सुरक्षा दावों की पोल, 4 साल तक बिना कार्य योजना काम करते रहे परिवहन विभाग के अफसर! - भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान, रिजल्ट सिफर, घट नहीं, हर साल बढ़ रहे हैं सड़क हादसे, CAG की वर्ष 2026 की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा - वर्ष 2018 की तुलना में 1470 मौतें बढ़ी, 2.35 लाख ड्राइविंग लाइसेंस बिना ट्रैक पर ट्रायल के ही बांट दिए, केवल 7 परसेंट सड़कों की ही थ्री लेवल ऑडिट की गई जयपुर। राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएं कम करने की दिशा में केवल कागजी योजनाएं बनाई जा रही हैं। यूं तो लुभावने नारों और भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर असमय जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में कमी आने के बजाय आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी कैग की वर्ष 2026 की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट राजस्थान में सड़क सुरक्षा के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या है रिपोर्ट में खास, देखिए, जी मीडिया की यह विशेष न्यूज रिपोर्ट- महा लेखापरीक्षक, राजस्थान की रिपोर्ट 'राजस्थान में सड़क सुरक्षा प्रणाली' ने राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। रिपोर्ट में साफ है कि नीतिगत निर्णयों में चार-चार साल की भारी देरी, सड़क सुरक्षा ऑडिट में घोर लापरवाही, जानलेवा 'ब्लैक स्पॉट्स' के सुधार में उदासीनता और आधुनिक तकनीकों व ऑटोमेटेड सिस्टम को लागू न करने की वजह से राज्य में सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में हादसों में होने वाली मौतें सरकारी आंकड़ों में लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजस्थान सरकार ने मार्च 2017 में 'राज्य सड़क सुरक्षा नीति' को स्वीकृति दी थी, जिसके तहत वर्ष 2018-2020 के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानकर 2020 के अंत तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कुल 50 प्रतिशत की कमी लाना था। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य केवल सरकारी दस्तावेजों तक ही सीमित रहा। वर्ष 2018 में मौतों को घटाकर 8,933 पर सीमित करने का लक्ष्य था, लेकिन वास्तविक मौतें 10,320 यानी 16% अधिक हुईं। वर्ष 2020 तक मौतों की संख्या को 5254 पर लाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस वर्ष 9250 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जो लक्ष्य से 76% अधिक थी। इसके बाद अगले 4 साल तक सड़क सुरक्षा की व्यवस्था बिना किसी ठोस कार्य योजना के चलती रही। वर्ष 2020 में पिछली कार्य योजना समाप्त होने के बाद नई योजना बनाने में सरकार को 4 साल का लंबा वक्त लग गया। धरातल पर योजना नहीं, बढ़ती गई मौतें - जुलाई 2024 में 'सड़क सुरक्षा कार्य योजना 2024-33' बनाई गई - वर्ष 2021 से 2024 के दौरान विभाग की कोई ठोस योजना संचालित नहीं - तब वर्ष 2020 के ही लक्ष्य को आधार माना गया - इस दौरान निर्धारित आंकड़ों से 91% से 124% तक अधिक मौतें हुईं - वर्ष 2023 में 11762 और वर्ष 2024 में 11790 लोगों की जान गई हादसों में इस तरह बढ़ी मौतों की संख्या - वर्ष 2018 में 8933 अधिकतम मौतें होनी चाहिए थी, वास्तविकता में 10,320 मौतें हुई - निर्धारित सीमा से 1387 यानी 16% मौतें अधिक हुई - वर्ष 2019 में 7356 मौतें होनी चाहिए थी, लेकिन कुल 10,563 मौतें हुई - निर्धारित सीमा से 44 प्रतिशत यानी 3207 मौतें हुई - वर्ष 2020 में 5254 मौतों की सीमा रखी, 9250 की मौतें हुई - निर्धारित सीमा से 3996 यानी 76% अधिक मौतें हुई - वर्ष 2022 में 5254 मौतों की सीमा के विपरीत 11104 मौतें - निर्धारित सीमा से 5850 यानी 111% अधिक मौतें हुई - 2024 में 5254 मौतों की सीमा के विपरीत 11790 मौतें हुई - यानी निर्धारित सीमा से 6536 यानी 124% अधिक मौतें हुई सड़क सुरक्षा ऑडिट से भाग रहा PWD सड़क निर्माण के समय 'सड़क सुरक्षा ऑडिट' दुर्घटनाओं को रोकने का प्राथमिक कदम माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति और इंडियन रोड कांग्रेस के निर्देशानुसार 10 करोड़ से अधिक लागत वाली तथा 5 किलोमीटर से अधिक लंबी हर सड़क का त्रि-स्तरीय ऑडिट करना जरूरी है। सड़क की डिजाइन, निर्माण और परिचालन स्तर पर ऑडिट की जानी चाहिए। सीएजी द्वारा पीडब्ल्यूडी की 425 सड़कों के किए गए ऑडिट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसके तहत कुल 425 प्रमुख सड़कों में से केवल 32 सड़कों यानी 7.53% सड़कों का ही त्रि-स्तरीय सुरक्षा ऑडिट किया गया। 146 सड़कों पर वर्ष 2018-19 से 2024-25 के दौरान किसी भी स्तर का सड़क सुरक्षा ऑडिट नहीं कराया गया। पीडब्ल्यूडी ने सड़क सुरक्षा ऑडिट के लिए किसी भी निष्पक्ष थर्ड पार्टी एजेंसी को एम्पैनल तक नहीं किया। सड़कों के दोषपूर्ण डिजाइन, गड्ढों, तीखे घुमावों और अपर्याप्त रखरखाव की वजह से वर्ष 2019 से 2024 के दौरान 11685 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 5184 लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने पर जोर नहीं जिस 500 मीटर के सड़क खंड पर 3 साल में 5 गंभीर हादसे या 10 मौतें हों, उसे 'ब्लैक स्पॉट' माना जाता है। सीएजी रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2019 से 2024 के दौरान चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर कुल 41857 दुर्घटनाएं हुईं और 28306 लोगों की जान गई। पीडब्लडी द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स में से वर्ष 2023 में 61.08% तथा वर्ष 2024 में 63.16% ब्लैक स्पॉट्स में सुधार कार्य नहीं किए गए। यानी ये ब्लैक स्पॉट इसी तरह हादसों का कारण बने रहे। वर्ष 2019 में चिन्हित 7 ब्लैक स्पॉट्स तो ऐसे थे जो वर्ष 2024 तक नहीं सुधारे गए। इन 7 स्थानों पर 5 वर्षों में 156 हादसे हुए और 110 लोगों की मौत हो गई। एनएच-3/44 पर केवल 4 किमी के फासले में 3 स्थाई ब्लैक स्पॉट्स पाए गए। रोडमैप-2020 में तकनीक-आधारित 'ब्लैक स्पॉट प्रबंधन प्रणाली' बनाने का संकल्प लिया गया था, लेकिन 4 साल बाद भी यह सिस्टम विकसित नहीं किया जा सका। बिना टेस्ट और बिना ट्रैक के बांटे जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस - सड़क हादसों में 79 प्रतिशत मौतें चालकों की गलती के कारण होती हैं - योग्य चालकों को लाइसेंस मिले, इसके लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाने थे - सितंबर 2017 में सड़क सुरक्षा कोष से 37 कार्यालयों के लिए 39 करोड़ मंजूर किए - लेकिन 7 साल बाद भी केवल 13 ट्रैक ही सुचारू हालत में - वर्ष 2022-23 में राज्य में 683699 लाइसेंस जारी हुए - इनमें से सबसे अधिक 34.45% (235557 लाइसेंस) 44 परिवहन कार्यालयों में बने - जहां ड्राइविंग टेस्ट ट्रायल के लिए कम से कम एक ट्रैक उपलब्ध नहीं था - ऑटोमेटेड ट्रैक पर सख्त जांच के कारण फेल का आंकड़ा अधिक - जबकि बिना ट्रैक वाले कार्यालयों में फेल होने की दर मात्र 0.32% थी - 24 परिवहन कार्यालय ऐसे, जहां 100% आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट में पास किया गया रॉन्ग-साइड ड्राइविंग और 'जुगाड़' वाहनों से अधिक हादसे वर्ष 2019 से 2024 के दौरान गलत दिशा में वाहन चलाने से 6266 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 2,794 मौतें दर्ज की गईं। पुलिस विभाग ने 15.22 लाख चालान काटे, लेकिन परिवहन विभाग ने इस अवधि में एक भी चालान नहीं काटा। इसके अलावा अवैध 'जुगाड़' वाहनों के खिलाफ 3.72 लाख चालान जारी हुए। नियमानुसार इन्हें जब्त कर कबाड़ किया जाना चाहिए था, लेकिन परिवहन विभाग ने 7 वर्षों में सिर्फ 65 वाहनों को ही कबाड़ किया। हाईवेज पर हर 50 किमी पर इंटरसेप्टर और हाईवे पेट्रोल वाहन तैनात होने थे। 563 इंटरसेप्टर और हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों की आवश्यकता थी, लेकिन केवल 74 इंटरसेप्टर और 63 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन ही चालू मिले, जो औसतन 381 से 447 किमी की अत्यधिक दूरी पर तैनात थे। भारी वाहनों के पंजीयन में स्पीड गवर्नर की जांच भी नहीं की जा रही है। सीएजी दल ने 4 जिलों दौसा, टोंक, सिरोही, उदयपुर में वाहनों के पंजीयन की जांच की। 23053 व्यावसायिक वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाए बिना ही रजिस्टर कर दिया गया। सड़क हादसों में कमी लाने और ई-चालान की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक और प्रयोग किया। जयपुर-भीलवाड़ा हाईवे पर 9.58 करोड़ की लागत से स्वचालित नंबर प्लेट पहचान वाले ANPR कैमरे लगाने की योजना तैयार की। लेकिन 6 साल बाद भी यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी। सीएजी ने यह मुख्य सिफारिशें की - थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य हो: सभी नई व मौजूदा सड़कों का तृतीय-पक्ष एजेंसीों से त्रि-स्तरीय सुरक्षा ऑडिट कराकर ब्लैक स्पॉट्स को निश्चित समय-सीमा में सुधारा जाए। - स्वचालित ट्रैक की बहाली: सभी परिवहन कार्यालयों में पारदर्शी ड्राइविंग टेस्ट के लिए ऑटोमेटेड ट्रैकों की स्थापना व संचालन तुरंत शुरू हो। - इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन (ANPR/ITMS): ओवरस्पीडिंग व यातायात उल्लंघन रोकने के लिए अधिक जोखिम वाले मार्गों पर ANPR कैमरे व ई-चालान व्यवस्था लागू हो। - कठोर दंडात्मक कार्रवाई: रॉन्ग साइड ड्राइविंग, अवैध जुगाड़ वाहनों और ओवरस्पीडिंग पर भारी जुर्माना लगाया जाए, ऐसे वाहनों को सीधे जब्त किया जाए - बहु विभागीय समन्वय: सड़क निर्माण एजेंसियों, पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए।0
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पटना के दुल्हन बाजार में चाणक्य कॉलेज के छात्रों का हंगामा और तोड़फोड़
Danapur, Bihar:पटना के दुल्हन बाजार से जहां दुल्हन बाजार स्थित चाणक्य कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के छात्रों ने जमकर हंगामा किया है और इंस्टिट्यूट में तोड़फोड़ किया है छात्रों को कहना है कि पास करने के नाम पर पैसे ले लिए गए और पास नहीं कराया गया है ऐसे में छात्रों में आक्रोश है. हंगामा करने वाले छात्र बीएससी नर्सिंग और बी फार्मा के स्टूडेंट थे.0
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NDPP ने जम्मू-कश्मीर में पावर टैरिफ बढ़ोतरी पर NC को निशाने पर लिया
Srinagar, Uttarakhand:National Democratic People’s Party (NDPP) Jammu & Kashmir Organising Secretary Syed Iqbal Shantoo has strongly criticised the National Conference over the proposed hike in power tariffs in Jammu and Kashmir. Shantoo questioned the government’s approach, saying that ordinary consumers are already facing a heavy financial burden due to rising prices and increasing household expenses. He alleged that instead of providing relief to the people, the power tariff hike would further add to the difficulties of local residents. The NDPP leader also questioned the National Conference’s position on the issue, saying that the party had made several promises to the people before coming to power. He demanded that the government reconsider the tariff increase and take steps to protect the interests of common consumers. Shantoo said the people of Jammu and Kashmir deserve affordable and reliable electricity, and urged the administration to address public concerns before implementing any decision that could increase the financial burden on households.0
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