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दीवार फांदकर इंटर कॉलेज पहुंचे राजस्व मंत्री सुरेंद्र दिलेर, परिसर की बदहाली पर बजट जवाब

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ ब्रेकिंग दीवार फांदकर इंटर कॉलेज में घुसे राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर , सालपुर के सरकारी इंटर कॉलेज की हकीकत देखने पहुंचे राजस्व राज मंत्री सुरेंद्र दिलेर, इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर राजस्व राज्य मंत्री को मिला ताला, इंटर कॉलेज की हकीकत जानने के लिए राजस्व राज्य मंत्री दीवार फांदकर कॉलेज पर सर में पहुंचे, कॉलेज परिसर में बने पांच कमरों की राजस्व राज्य मंत्री को मिली छत गायब, कॉलेज परिसर की चार दिवारी टूटी हुई और छात्रों के लिए शौचालय तक कि नहीं थी व्यवस्था, कॉलेज परिसर में अव्यवस्था देख राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर का चढ़ा पारा, राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने प्रिंसिपल और डीआईओएस से कॉलेज में पिछले 10 वर्षों में हुए कार्य पर बजट खर्च का हिसाब मांगा, रविवार को अचानक कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, रविवार होने के चलते इंटर कॉलेज मिला था बंद,
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शिरूर बाजार में मोकाट बैलों का आतंक, गिरनी में घुसे दो बैल, मजदूर घायल

Shirur, Maharashtra:शिरूर शहरात मोकाट वळूंची मोठी दहशत पाहायला मिळत असून भाजी बाजार परिसरातील एका पिठाच्या गिरणीत दोन वळू झुंजत थेट आत घुसल्याची धक्कादायक घटना घडली आहे. या घटनेत गिरणी कामगार थोडक्यात बचावले असून ते किरकोळ जखमी झाले आहेत. गेल्या महिनाभरापासून मध्यवर्ती बाजारपेठेत मोकाट वळूंचा मुक्त वावर सुरू असून केही दिवसांपूर्वीच एका नागरिकाला या झुंजीत गंभीर दुखापत झाली होती. सुदैवाने आजची घटना गर्दी नसताना घडल्याने मोठी जीवितहानी टळली. वारंवार घडणाऱ्या या घटनांमुळे नागरिकांमध्ये तीव्र संताप व्यक्त होत असून एखाद्याचा जीव गेल्यावर नगरपरिषद जागी होणार का असा संतप्त सवाल नागरिक उपस्थित करत आहेत.
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पूरुलिया के नदीयाड़ा गांव की सड़क पानी में डूबी, ग्रामीण पक्का रास्ता और ड्रेन मांगते

Purulia, West Bengal:পুরুলীয়া: রাস্তার অবস্থা একেবারেই বেহাল । বৃষ্টিতে খাল ডোবে পরিপূর্ণ রাস্তায় জল জমে পারাপারের অযোগ্য হয়ে পড়েছে । রাস্তার জমা জল ঢুকে পড়ছে বাড়িতে । জমা জলে মশার উপদ্রব বেড়েছে গ্রামে । ভরা বর্ষায় প্রতি বছরের মতো এবছরও চরম সমস্যায় দিন কাটাচ্ছেন গ্রামবাসীরা । ঘটনা পুরুলিয়া মфস্তুল থানার নদীয়াড়া গ্রামের । পুরুলিয়া শহর থেকে মাত্র ৮ কিমি দূরে স্থিত নদীয়াড়া গ্রামে ঢোকার মূল রাস্তাটির অবস্থা দীর্ঘ বছর ধরে বেহাল অবস্থায় পড়ে রয়েছে । নদীয়াড়া প্রাথমিক বিদ্যালয়, জুনিয়র উচ্চ বিদ্যালয় যাওয়া আসা, হাট বাজার, স্বাস্থ্যকেন্দ্র, গ্রামবাসীদের পানীয় জল আনা সহ দৈনন্দিন কাজে যাতায়াতের মূল রাস্তাটি অবস্থা খাল ডোবে পরিপূর্ণ । এমনকি খুদিবাঁধ উচ্চ বিদ্যালয় যাওয়ার ক্ষেত্রেও গ্রামের পড়ুয়া থেকে শিক্ষক শিক্ষিকাদের যাতায়াত, টাটাড়ি, চরগালি সহ আশপাশের ৫-৬ টি গ্রামের মানুষ ওই রাস্তা দিয়ে নিত্যদিন যাতায়াত করে থাকেন । ভরা বর্ষায় খাল ডোবে পরিপূর্ণ রাস্তাটির উপর জল দাঁড়িয়ে বিপজ্জনক অবস্থা হয়ে দাঁড়িয়েছে । রাস্তা দিয়ে হেঁটে যাতায়াত করায় দায় হয়েছে গ্রামবাসীদের, দু চাকা - চার চাকার যানবাহন পারাপার করা প্রায় দুষ্কর । যেকোনো সময় ঘটতে ছোটবড় দুর্ঘটনা । কোনোরকমে ওই রাস্তার চার চাকার গাড়ি পেরোলেই রাস্তার জমা জল ঢুকে পড়ছে বাড়িতে । গ্রামের একাংশ পাকা রাস্তা করা হলেও ড্রেনের ব্যবস্থা না হওয়ায় সেই পাকা রাস্তার উপর হাঁটু জল দাঁড়িয়ে পড়েছে । শুধু বর্ষাকালে নয়, সামান্য বৃষ্টিতেই সেই রাস্তায় জল দাঁড়িয়ে পড়ে বলে অভিযোগ । ওই রাস্তাতেই রয়েছে জুনিয়র উচ্চ বিদ্যালয় ও প্রাথমিক বিদ্যালয় । ফলে পড়ুয়া এবং গ্রামবাসীদের জমা জলে মশার উপদ্রব বাড়ায় মশাবাহিত রোগে আক্রান্ত হওয়ারও আতঙ্ক রয়েছে । নিরুপায় গ্রামবাসীরা বাধ্য হয়ে জলমগ্ন রাস্তা দিয়েই যাতায়াত করতে বাধ্য হন । গ্রামের জুনিয়র উচ্চ বিদ্যালয় যাওয়ার এবং গ্রামে প্রবেশের মূল রাস্তাটি পুরোপুরি পাকা করা এবং ড্রেনের ব্যবস্থা করার দাবিতে গ্রামবাসীরা স্থানীয় পঞ্চায়েতে বার বার আবেদন জানিয়েও কোন লাভ হয়েছে বলে অভিযোগ না— গ্রামবাসীরা কড়া ভঙ্গিতে বলেছেন যে সমস্যার সমাধান করা হবে বলে সরকার বদলেছে? আশায় দিন গুনছেন সকলেই। বাইট: ১) ভানু চন্দ্র গোপ (গ্রামবাসী) ২) দিলীপ গরাই (গ্রামবাসী) ৩) দেবাশীষ মাহাতো (ভারপ্রাপ্ত প্রধান শিক্ষক, নদীয়াড়া জুনিয়র উচ্চ বিদ্যালয় )
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संभल की नगर पंचायत नरौली के नालों, तालाबों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर ईओ सख्त

Narauli, Uttar Pradesh:*नगर पंचायत नरौली के नालों, तालाबों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर ईओ सख्त* *नरौली में जलभराव की शिकायत पर ईओ नीरज कुमार द्विवेदी ने किया निरीक्षण, अतिक्रमण नहीं हटाने पर जुर्माना और बलपूर्वक कार्रवाई के निर्देश* नरौली। नगर पंचायत नरौली क्षेत्र में जलभराव और जल निकासी की समस्या को लेकर नगर पंचायत प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार शाम करीब पांच बजे अधिशासी अधिकारी नीरज कुमार द्विवेदी ने नगर क्षेत्र में पहुंचकर नालों, तालाबों और सरकारी भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों के किनारे स्थायी रूप से किए गए अतिक्रमण और निर्माण को लेकर ईओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नालों के किनारे किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर संबंधित लोगों से तत्काल हटवाया जाए, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाने पर नगर पंचायत प्रशासन बलपूर्वक कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सरकारी भूमि, तालाब और नालों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। *दुकान स्वामी खुले नालों पर लगाये लोहे के जाल* निरीक्षण के दौरान खुले नालों को लेकर भी ईओ ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को खुले नालों पर दुकान द्वारा द्वारा डाले गए स्लीपर एवं स्थाई रूप से किए गए अतिक्रमण हटाकर के लोहे के जाल लगवाने के दुकान स्वामियों को निर्देश दिए, जिससे नालों की समय पर सफाई की जा सके और उनमें जमा गंदगी को हटाने के निर्देश दिए गए। तालाबों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश ईओ नीरज कुमार द्विवेदी ने नगर क्षेत्र के तालाबों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों की सफाई कराने के साथ-साथ जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई समय से होने पर बारिश का पानी आसानी से निकल सकेगा और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। बताया गया कि नगर पंचायत नरौली में जलभराव की समस्या को लेकर शिकायत की गई थी। इसी शिकायत के निस्तारण के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से निरीक्षण किया गया। ईओ ने मौके पर स्थिति देखने के बाद संबंधित कर्मचारियों को शिकायत का प्रभावी समाधान कराने के निर्देश दिए। ईओ ने कर्मचारियों से कहा कि जल निकासी व्यवस्था में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए और नगर क्षेत्र में नालों व तालाबों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशासन की इस सख्ती के बाद नालों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली
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चमोली में भारी बारिश से नदियाँ उफान पर, सड़कें बंद, ग्रामीण संपर्क टूटा

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। भारी बारिश से चामोली जिले में दो दर्जन से अधिक सड़कें बंद पड़ी है जिससे ग्रामीण क्षेत्रो का सम्पर बाजारों से कट गया है। मानसूनी सीजन में हो रही भारी बारिश से चमोली जिले के कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम स्थल जलमग्न हो चुका है। दोनों ही नदियाँ अपने खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें माइक के जरिए लोगों को नदी घाटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दे रही हैं। बारिश और पहाड़ी से मलबे के आने के कारण जिले की दो दर्जन से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा कई संपर्क मार्ग और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह कट गई हैं, जिससे दर्जनों गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। मार्ग खोलने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। हालांकि, लगातार गिर रहे मलबे और भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें और अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएँ।
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Kaushambi firecracker factory explosion: 8 officers suspended, tough administrative action

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामला: बड़ी कार्रवाई, एक इंस्पेक्टर और 7 सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड कौशांबी में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रयागराज रेंज के आईजी अजय मिश्रा ने लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन और वर्तमान 8 पुलिस अधिकारियों (1 निरीक्षक और 7 उप-निरीक्षकों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पुलिस अधिकारियों की सूची: निरीक्षक शिवचरण राम – (तत्कालीन थाना प्रभारी पिपरी, वर्तमान प्रभारी साइबर थाना कौशांबी) उप-निरीक्षक विकास सिंह – (तत्कालीन/निवर्तमान थानाध्यक्ष पिपरी) उप-निरीक्षक विनय सिंह – (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान थानाध्यक्ष चरवा) उप-निरीक्षक अजीत कुमार सिंह – (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी महगांव) उप-निरीक्षक अभिषेक गुप्ता – (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी सिराथू) उप-निरीक्षक मनीष पाल – (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी विदांव) उप-निरीक्षक अमित द्विवेदी – (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान पुलिस लाइंस कौशांबी) प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि फैक्ट्री संचालन को लेकर क्षेत्र में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।
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गर्दनीबाग आंदोलन: 70वीं BPSC धांधली पर सरकार और आयोग पर सवाल

Patna, Bihar:70वी BPSC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्र लगातार मांग उठा रहे हैं इसी बीच पालीगंज विधायक संदीप सौरव ने कहा कि गर्दनीबाग में जो आंदोलन चल रहा था उसमें 70वी BPSC का भी मामला था लेकिन सरकार ने उस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है हम सरकार से मांग करते हैं कि रैंक 3 वाला छात्र जो छात्र उस छात्र के बारे में अयोग और सरकार अपनी मनसा स्पष्ट करें... उसकी कॉपी को लेकर हमने सवाल खड़ा किया था लेकिन आयोग ने इसकी फर्स्ट कॉपी दिखा दिया सेकंड कॉपी आयोग की ओर से जारी नहीं किया गया.. अब तक छात्रों के आंसर शीट जारी नहीं किए गए हैं अगर आने वाले दिनों में सरकार पर ठोस निर्णय नहीं लेती है तो गर्दनीबाग का आंदोलन और तेज होगा और आने वाले दिनों में 6 सितंबर को छात्र श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में जुड़ेंगे और वहां अपनी आवाज को उठाएंगे....हमारी मांग है कि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच कारण इतना बड़ा आयोग और इसके अंदर गुजरात से लाकर अध्यक्ष को बैठाया गया है जो पूरी तरीके से आयोग के अंदर गड़बड़ कर रहे हैं.... आयोग के अंदर सरकार पारदर्शिता की बात करती है लेकिन छात्र जब अपनी बात को रखते हैं तो वादा करके सरकार उसे पूरा नहीं करती है...
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डेगलराश सड़क साल से बदहाली, ग्रामीणों ने PMGSY कार्यालय घेरकर भूख हड़ताल की चेतावनी

Dantewada, Chhattisgarh:एंकर— दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर डेगलराश गांव की सड़क पिछले 25 वर्षों से बदहाली की तस्वीर बनी हुई है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण करीब 500 आवेदन दे चुके हैं, लेकिन नतीजा अब तक सिफर है। आखिरकार वर्षों से परेशान ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने PMGSY कार्यालय का घेराव कर दिया。 बारिश के बाद सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह समझना मुश्किल है। उनका तंज है कि चाहें तो इन गड्ढों में मछली पालन कर लें या धान की रोपाई कर दें。 विरोध का अनोखा अंदाज PMGSY कार्यालय घेराव के दौरान ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। किसी ने सीने पर मुख्यमंत्री की तस्वीर चिपकाई तो किसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और क्षेत्रीय नेताओं की तस्वीरें लगाईं。 ग्रामीणों का कहना था कि तस्वीरें किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए लगाई गई हैं。 घंटों तक ग्रामीण PMGSY कार्यालय में डटे रहे। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण इस बार सिर्फ आश्वासन लेने के मूड में नहीं थे。 बाद में अधिकारियों ने गड्ढों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया, ताकि डामरीकरण से पहले ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके。 अब भूख हड़ताल की चेतावनी ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण को लेकर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे PMGSY कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू करेंगे。 25 साल से सड़क की मांग, 500 से ज्यादा आवेदन और फिर भी समस्या जस की तस—डेगलराश के ग्रामीणों का यह आंदोलन अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है。 बाइट—ग्रामीण बाइट—वैभव देवांगन, ईई, PMGSY
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चमोली में भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सड़के बंद

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। भारी बारिश से चामोली जिले में दो दर्जन से अधिक सड़कें बंद पड़ी है जिससे ग्रामीण क्षेत्रो का सम्पर्क़ बाजारों से कट गया है। मानसूनी सीजन में हो रही भारी बारिश से चमोली जिले के कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम स्थल जलमग्न हो चुका है। दोनों ही नदियां अपने खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें माइक के जरिए लोगों को नदी घाटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दे रही हैं। बारिश और पहाड़ी से मलबे के आने के कारण जिले की दो दर्जन से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा कई संपर्क मार्ग और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह कट गई हैं, जिससे दर्जनों गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। मार्ग खोलने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। हालांकि, लगातार गिर रहे मलबे और भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें और अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं।
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