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IRFAN KHAN PATHANIRFAN KHAN PATHANFollow26 Dec 2024, 06:27 pm
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कांग्रेस की नई नीति: मंचों पर वंदे मातरम् के पहले दो छंद ही गायेंगे

Noida, Uttar Pradesh:कांग्रेस ने अब अपने अपमान को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है। उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। जब कुछ दिन पूर्व यही अपमान एक व्यक्ति के आचरण में उजागर हुआ था, तब कांग्रेस ने उसे संयोग बताकर टाल दिया था। आज वही अपमान कांग्रेस की नीति बन चुका है। ‘भारत माता’ की इस पावन वंदना का अपमान उन हजारों बलिदानियों का तिरस्कार है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। यह केवल एक राजनीतिक बचाव नहीं, बल्कि उस वोट बैंक की भूख का प्रमाण है, जिसके आगे कांग्रेस ने हर बार राष्ट्र के स्वाभिमान को गिरवी रखा है। कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है।
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खूँटी में भारी बारिश से कच्चा मकान धसा, मंदोदरी बेघर

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी。 स्लग - मकान धँसने से बाल बाल बची महिला हुई बेघर。 खूँटी जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण गरीब विधवा महिला मंदोदरी देवी का घर धँस गया जिससे मंदोदरी देवी बाल बाल बच गयी। घटना नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 की है। जब मंदोदरी देवी खाना बना रही थी तभी अचानक पूरा घर ढह गया और वह अंदर ही रह गयी। गनिमत था कि एक तरफ दिवाली में लकड़ी कपड़ा मलबा अटक गया नहीं तो बड़ी घटना हो जाती और जान-माल का खतरा बढ़ जाता। घर ढहने की घटना की जानकारी मिलतेही लोगों ने उसे बाहर निकाला और दूसरे के आधा-अधूरा घर में प्लास्टिक तानकर रह रही हैं। मंदोदरी देवकी का पति दिनेश सिंह छह वर्ष पहले ही देहांत कर चुके हैं। वहीं एक दिव्यांग लड़का लेकिन वह अन्यत्र जगह कार्य करने के लिए बाहर रहता है। कच्चा मकान धंस जाने से बीमारग्रस्त विधवा महिला मंदोदरी देवी के उपर लगातार बारिश और गरीबी के कारण आफत आन पड़ी है। जो प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगा रही हैं。 मंदोदरी देवी ने बताई कि घर अचानक ढक गया जब खाना बना रहे थे तब उसके अंदर ही रह गए घर अगल-बगल के लोग देखे तो फिर बाहर निकले और सामान को बाहर निकाल करके यहां लाकर रखा है अब रहने के लिए घर नहीं है बीमार रहते हैं काम-धाम करने वाला कोई नहीं है और बरसात में और भी परेशानी बढ़ गई है। पड़ोसी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के बाद मंदोदरी देवी का कच्चा मकान घर जाने से परेशानी बढ़ गई है एक दिव्यांग बेटा है तो वह भी बाहर रहता है। यह अकेले ही मांग मांग कर खाना बनाकर खाती है। जिसे मदद की आवश्यकता है। अभी तो प्लास्टिक तान कर रह रही है लेकिन इसका ठिकाना नहीं दिए जाने से पर परेशानी और भी बढ़ जाएगा।
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केदारनाथ यात्रा के चरण के लिए प्रशासन की तैयारी तेज, बारिश मरम्मत और भीड़ नियंत्रण

Routhiya, Uttarakhand:केदारनाथ यात्रा के चरण के लिए प्रशासन की तैयारी तेज बारिश मरम्मत और भीड़ नियंत्रण। इस चरण के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को वर्षाकाल में हुए नुकसान की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। सितंबर में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यात्रा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। यात्रा मार्ग की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठकें की जा रही हैं, तथा आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वर्षाकाल के दौरान हुए नुकसान की मरम्मत तथा यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए ड्राफ्ट एसओपी पब्लिक कंसल्टेशन के बाद शासन के निर्णय से लागू किया जाएगा।
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रतलाम में यूरिया बुकिंग अब मोबाइल से, ए-टोकन मिलते ही 24 घंटे में डिलीवरी

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में यूरिया वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू हो गई है। अब किसानों को यूरिया बुकिंग के लिए वितरण केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। किसान अपने मोबाइल से ई-विकास पोर्टल पर यूरिया की बुकिंग कर सकेंगे और ए-टोकन मिलने के बाद 24 घंटे के भीतर कभी भी वितरण केंद्र पहुंचकर यूरिया ले सकेंगे。 हालांकि, नई व्यवस्था के पहले दिन कई किसान जानकारी के अभाव में सुबह ही पुरानी व्यवस्था के तहत यूरिया बुकिंग के लिए वितरण केंद्र पहुंच गए। यहां किसानों को नई ए-टोकन व्यवस्था की जानकारी दी गई。 लेकिन नई व्यवस्था के सामने पहले ही दिन तकनीकी परेशानी भी खड़ी हो गई। कई किसानों को पोर्टल पर ‘कार्य प्रगति पर है’ का एरर दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ किसानों का प्रोसेस आगे नहीं बढ़ पादा रहा। वहीं, यूरिया की उपलब्धता भी कई किसानों के लिए सिर्फ एक या दो बोरी ही दिखाई दे रही है。 फिलहाल पहला दिन है, अब देखना होगा कि नई व्यवस्था किसानों के लिए राहत बनती है या पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें परेशानी बढ़ाती हैं।
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UP में बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल सुधार की मांग तेज, मायावती ने कहा

Noida, Uttar Pradesh:जेन-अल्फा अर्थात् सन् 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियों में भी खासकर अपने थोड़े ’अच्छे दिन’ की उम्मीद लगाये स्कूली छात्र-छात्रायें व उनके माता-पिता भी सुखी भविष्य हेतु अच्छी शिक्षा को लेकर हमेशा चिन्तित ही नहीं बल्कि उसके लिये लगातार काफी जद्दोजहद भी करते रहे हैं, किन्तु देश भर में व विशेषकर यूपी एवं उत्तर भारत के राज्यों के स्कूलों के बदतर हालत की कड़वी ज़मीनी हक़ीक़त के कारण वे लोग अति-मुखर होे गये हैं. 2. वे लोग जेन-जी अर्थात् कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी ’स्कूल ठीक करो’ अभियान में काफी बढ़चढ़ कर व पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं. 3. किन्तु यह बड़े दुख और चिन्ता की बात है कि जिन मासूम बच्चे-बच्चियों के हंसने-खेलने व पढ़ने-लिखने के दिन हैं, उन्हें अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा हेतु बुनियादी सुविधाओं के लिये भी सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है. 4. वैसे परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’शिक्षित बनो’ आह्वान के कारण शिक्षा में भी खासकर स्कूली शिक्षा ’बहुजन समाज’ के लोगों के लिये हमेशा विशेष चिन्ता की बात रही है, और इसी के तहत हमारी पार्टी बी.एस.पी. ने इन दबे-कुचले व शोषित-पीड़ित समाज के लोगों की, जिनकी केन्द्र व राज्य में रही सरकारें लगातार उपेक्षा करती रहीं हैं, उनके हित व कल्याण एवं शिक्षा आदि के लिये यूपी में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की सभी चारों रही सरकारों में पूरा-पूरा ध्यान दिया गया, ताकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित मानवतावादी एवं कल्याणकारी भारतीय संविधान के हिसाब से उन सभी परिवार वालों को रोटी-रोजी व शिक्षा-युक्त आत्म-सम्मान का समतामूलक जीवन नसीब हो सके. 5. किन्तु यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि सरकारी स्कूल की व्यवस्था को बेहतर बनाने की तरफ समुचित ध्यान देने के बजाय सभी सरकारों ने ज़्यादातर इसकी घोर अनदेखी ही की है तथा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को एक प्रकार से, इन वर्गों के आरक्षण की तरह ही, काफी हद तक निष्क्रिय बनाने का कुचक्र चलाया हुआ है और इस प्रक्रिया में हज़ारों सरकारी स्कूल बंद भी किये जा रहे हैं, जिसका भी विरोध बी.एस.पी. ने लगातार किया है और अब स्कूलों के भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय व साफ-सफाई आदि जैसी बुनियादी ज़रूरतों की अत्यन्त कमी को लेकर नन्हें जेन-अल्फा स्वंय अति-मुखर होने के साथ-साथ अब आन्दोलित भी हैं। 6. अतः यूपी सहित अन्य राज्यों की भी सभी सरकारें जेन-अल्फा के मासूम बच्चे-बच्चियों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था सम्बंधी उनकी ज़रूरतों/माँगों पर पूरी सहानुभूति के साथ सही नीयत व नीति से तत्काल ध्यान देना प्रारंभ करें और उनके विरुद्ध कोई भी सरकार बल का प्रयोग करने से पूरी तरह से बचें तो यह उचित होगा।
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लोकसभा अध्यक्ष बिरला का कोटा दौरा, आरके पुरम में पौधरोपण और नगर निगम चुनाव चर्चा

Kota, Rajasthan:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कोटा दौरा आरके पुरम इलाके में एक पेड़ मां के नाम अभियान में लिया भाग कोटा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इन दोनों कोटा दौरे पर हैं गुरुवार सुबह 10:00 बजे उन्होंने आरके पुरम क्षेत्र के वसुंधरा पार्क में आयोजित एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में भाग लिया इस मौके पर उन्होंने आने वाले नगर निगम चुनाव की बात भी की उन्होंने कहा कि यह पूरा इलाका मेरा परिवार है राजनीतिक व्यवस्थाओं के कारण उन्हें आने में देरी हो जाती है परंतु पिछले 23 वर्षों में उन्होंने राजनीति में परिवार के साथ मिलकर राजनीति की बहुत लंबी यात्रा तय की है उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आर के पुरम वसुंधरा पार्क में पहुंचने पर स्थानीय महिलाओं द्वारा एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पौधा देखकर उनका स्वागत किया।
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कीचड़ भरे रास्ते से अर्थी बची, बारां में मरम्मत की मांग तेज

Baran, Rajasthan:अंतिम विदाई भी मुश्किल, कीचड़ भरे रास्ते में गिरते-गिरते बची अर्थी बारां के छबड़ा शंकर कॉलोनी में श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता बारिश के बाद बदहाल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गहरे गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब शवयात्रा के दौरान कीचड़ भरे रास्ते पर अर्थी असंतुलित होकर गिरते-गिरते बची। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए یہی मुख्य रास्ता है, लेकिन बारिश के बाद रास्ते की स्थिति बेहद खराब हो गई है। कीचड़ और गड्ढों के कारण शवयात्रा में शामिल लोगों को संभलकर चलना पड़ा। इस दौरान अर्थी के असंतुलित होने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लोगों ने प्रशासन और नगर निकाय से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते की तत्काल मरम्मत कराने तथा जलभराव और कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जहां अंतिम विदाई के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित रास्ता मिलना चाहिए, वहां बदहाल मार्ग परेशानी का कारण बना हुआ है।
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भारत-बॉर्डर पर कटी बाड़, चार गांवों में निर्माण तेज करने की मांग

Ranaghat, West Bengal:ভারত-বাংলাদেশ সীমান্তে এখনও অসম্পূর্ণ কাঁটাতারের বেড়া, দ্রুত কাজ শুরুর দাবি。 দত্তপুলিয়ার, হাবাসপুর ও ঝোরপাড়ায় প্রায় সাড়ে পাঁচ কিলোমিটার এলাকায় বেড়া নেই বলে অভিযোগ দত্তপুলিয়া: ভারত-বাংলাদেশ সীমান্তবর্তী নদিয়ার দত্তপুলিয়া গ্রাম পঞ্চায়েতের কালুপুর, হাবাসপুর, ঝোরপাড়া এলাকায় এখনও সম্পূর্ণ হয়নি কাঁটাতারের বেড়া নির্মাণের কাজ। সীমান্তের ওপারেই বাংলাদেশের পৈলানপুর গ্রাম। দীর্ঘদিন ধরেই নিরাপত্তার স্বার্থে এই বিস্তীর্ণ এলাকায় স্থায়ী কাঁটাতারের বেড়া নির্মাণের দাবি জানিয়ে আসছেন স্থানীয় বাসিন্দারা。 সরকারের তরফে সীমান্তের যেসব এলাকায় এখনও কাঁটাতারের বেড়া নেই, সেখানে দ্রুত নির্মাণকাজ শেষ করার উদ্যোগ নেওয়া হয়েছে। সেই অনুযায়ী সীমান্তবর্তী এলাকায় তৎপরতা শুরু হলেও দত্তপুলিয়া গ্রাম পঞ্চায়েতের অনেকটা এলাকা এখনও বেড়াহীন অবস্থায় রয়েছে বলে অভিযোগ স্থানীয়দের。 কালুপুর এলাকার কিছু অংশে বর্তমানে অস্থায়ীভাবে স্টিলের জাল দিয়ে ঘিরে রাখা হয়েছে। তবে পূর্ণাঙ্গ কাঁটাতারের বেড়া নির্মাণের কাজ এখনও শুরু হয়নি। ফলে সীমান্তের বেশ কিছু ফাঁকা অংশ দিয়ে অবাধ যাতায়াত চলছে বলেও অভিযোগ উঠেছে। এতে সীমান্ত নিরাপত্তা নিয়ে উদ্বেগ বাড়ছে এলাকাবাসীর মধ্যে。 স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, বেড়া নির্মাণের জন্য জমি অধিগ্রহণের প্রক্রিয়া অনেকটাই এগিয়েছে। তবে বেশ কিছু অংশে এখনও সেই কাজ বাকি রয়েছে। নির্দিষ্ট সময়সীমার মধ্যে সীমান্তে বেড়া নির্মাণের কাজ শেষ করার কথা বলা হলেও দত্তপুলিয়া গ্রাম পঞ্চায়েতের বিস্তীর্ণ এলাকায় এখনও সেই কাজ সম্পূর্ণ হয়নি。 এলाकাবাসীদের দাবি, সীমান্ত নিরাপত্তা জোরদার করতে দ্রুত জমি সংক্রান্ত জটিলতা মিটিয়ে কালুপুর, হাবাসপুর, ঝোরপাড়া এবং সংলগ্ন এলাকায় স্থায়ী কাঁটাতারের বেড়া নির্মাণের কাজ শুরু করতে হবে। তাঁদের একটাই দাবি—আর দেরি না করে দ্রুত সীমান্তে বেড়া নির্মাণের কাজ শেষ করা হোক।
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घास काटते समय दो महिलाओं पर हमला, एक के साथ बर्बर दुष्कर्म के बाद मौत

Malda, West Bengal:ঘাস কাটতে গিয়ে দুই মহিলার উপর হামলা, এক জনকে ধর্ষণ করে খুনের অভিযোগ* মালদা: ঘাস কাটতে গিয়ে দুই মহিলার উপর হামলার অভিযোগ। এক মহিলাকে জোর করে তুলে নিয়ে gিয়ে ধর্ষণের পর শ্বাসনলি কেটে খুনের অভিযোগ উঠেছে। অপর মহিলাকেও হাঁসুয়া দিয়ে কোপানোর অভিযোগ এক অজ্ঞাতপরিচয় যুবকের বিরুদ্ধে। ঘটনায় ব্যাপক চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে হরিশ্চন্দ্রপুরে। বুধবার বিকেলে হরিশ্চন্দ্রপুর ২ ব্লকের দৌলতনগর গ্রামের দুই মহিলা বাংলা-বিহার সীমান্ত লাগোয়া বিহারের আমেদাবাদ থানার গোবিন্দপুর এলাকায় ঘাস কাটতে গিয়ে ছিলেন। অভিযোগ, সেখানেই এক অজ্ঞাতপরিচয় যুবক তাঁদের পথ আটকায়। এক মহিলাকে জোর করে তুলে নিয়ে যাওয়ার চেষ্টা করলে অপর মহিলা বাধা দেন। তখন তাঁকে হাঁসুয়া দিয়ে কোপানো হয় বলে অভিযোগ। এরপর ওই মহিলাকে কাশবনের মধ্যে নিয়ে গিয়ে ধর্ষণের পর খুন করা হয় বলে অভিযোগ। আহত মহিলা কোনও রকমে গ্রামে ফিরে এসে ঘটনার কথা জানান। খবর পেয়ে গ্রামবাসীরা ঘটনাস্থলে গিয়ে ওই মহিলার দেহ দেখতে পান। পরে হরিশ্চন্দ্রপুর ও আমেদাবাদ থানার পুলিশ ঘটনাস্থলে পৌঁছয়। অভিযুক্তের খোঁজে তল্লাশি চলছে। ঘটনার তদন্ত করছে দুই থানার পুলিশ.
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SC: PNDT अधिनियम उल्लंघन पर केवल सक्षम अधिकारी को छापेमारी का अधिकार

Noida, Uttar Pradesh:सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि लिंग निर्धारण के लिए किए जाने वाले टेस्ट के मामलों को रोकने के लिए लागू Prenatal Diagnostic Techniques (PC & PNDT) Act के तहत जांच की कार्रवाई सक्षम ऑथिरिटी ही कर सकती है। पुलिस को ऐसे मामलों में खुद FIR दर्ज कर जांच करने का अधिकार नहीं है। PC & PNDT कानून के मुताबिक ऑथोरिटी को ही कानून का उल्लंघन करने वाले क्लिनिक/अस्पताल/लैब पर छापेमारी करने, रिकॉर्ड ज़ब्त करने और रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसे अधिकार हैं। पुलिस ऐसे मामलों में सक्षम ऑथिरिटी को सहयोग दे सकती है लेकिन खुद अकेले कार्रवाई नहीं कर सकती है।
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