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नितेश राणे बोले: हिंदुओं की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र में गजवा-ए-हिंद रोकना जरूरी

Mumbai, Maharashtra:टिक टैक-नितेश राने ( कैबिनेट मंत्री ) धर्म स्वतंत्र क़ानून- गजवा-ए -हिन्द २०१४ से पहले तक भारत को इस्लाम राष्ट्र बनाने के लिए लव जेहाद एक महत्वपूर्ण हिस्सा था हिंदू राष्ट्र में हिंदुओं की जनसंख्या कम करने की कोशिश थी हिंदू बहनों की ज़िंदगी ख़राब करना नाम छिपाकर शादी करना , हिंदू बहनों को गायब कर दिया गया, कई को दुबई सऊदी लेकर जाने के मामले भी है हमारे राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी ने महाराष्ट्र के हिंदू समाज को विश्वास दिया था कि हिंदुत्व की सोच वाली सरकार आने के बाद हमारे राज्य में कोई भी हिंदू बहनों की तरफ धर्मांतरण या लव जिहाद के नाम पर गंदी नजर से नहीं देख पाएगा। २८ तारीख के बाद अबू आज़मी के संपर्क में जो जिहादी है उन्हें बता दें की वो बैग पैक कर पाकिस्तान चले जाये अबू आज़मी जैसे लोग ही जेहाद को बढ़ावा देते है अगर आपको धर्मांतर करना है तो ६० दिन पहले में क्यो ऐतराज होना चाहिए ,आप के दिल में चोर नहीं है तो ऐतराज नहीं होना चाहिए , हिंदू राष्ट्र को मजबूत रखने के लिए ये प्रावधान है मीरा रोड बकरी मुद्दा . मीरा रोड में बकरीद के दौरान होने वाले विवाद को लेकर नितेश राणे ने कहा की मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। जिस तरीके से बकरीद के नाम पर जिहाद करने और हिंदुओं की जनसंख्या कम करने की कोशिशें होती हैं, उस तरह की साजिश को मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने बंद कर दिया है । महाराष्ट्र की हर महानगरपालिका अगर इसी तरह की भूमिका अपनाएगी, तो आगे जाकर ये लोग ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर हमारे राज्य में इस तरह की कोई भी गतिविधि नहीं कर सकेंगे। वंदे मातरम - कांग्रेस जैसी पार्टी को बाबा साहेब का संविधान नहीं मानाना है उन्हें सरिया क़ानून यहाँ लागू करना है मोहम्मद अली जिन्ना को मानने वाले ये लोग है वंदे मातरम के वक़्त इनके नेता रोकने का आदेश देते है राष्ट्र ध्वज नहीं मानना है कांग्रेस मुस्लिम लीग की B टीम है
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YG Group के निखिल सिसोदिया से बिल्डर पर स्टोरी बनाने को लेकर जवाब नहीं मिला

Noida, Uttar Pradesh:अब बात करते है बिल्डर की builder की तरफ़ से yg ग्रुप पूरा काम देखती है इसके हेड है निखिल सिसोदिया , निखिल सिसोदिया से जब मंगलवार 18 तारीख को बात हुई तो उन्होंने कहा की आप कल आ जाइए मैं बाइट देदूँगा लेकिन आप मेरे वक्तव्य को जरूर चलाइएगा ऑन कैमरा रिकॉर्ड बात करते हुए दूसरे दिन हमने सुबह से निखिल को कॉल करना शुरू किया पहली बार जब उन्होंने फ़ोन उठया तो कहा की आप कोई अपनी स्टोरी भेज दीजिए जिसमे आप बिल्डर का वर्शन कैसे चलाते हैं उसके बाद उन्होंने फ़ोन उठाना बंद कर दिया ऑन कैमरा ऑन रिकॉर्ड इसके बाद हमने निखिल से कई बार संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया ऑन रिकॉर्ड कैमरा
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अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया; एडवाइजरी पर समीक्षा की बात कही

Chaka, अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर को 'भारत का अहम हिस्सा' बता कर पाकिस्तान के नैरेटिव को ज़ोर दार झटका दिया। ट्रैवल एडवाइजरी में ढील देने का संकेत दिया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को इस इलाके को "भारत का एक अहम हिस्सा" बताया। उन्होंने नई दिल्ली और स्थानीय सरकार के तहत बेहतर हुई सुरक्षा स्थिति की तारीफ़ की और संकेत दिया कि वॉशिंगटन अमेरिकी नागरिकों के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को कम करने या उसकी समीक्षा करने पर विचार कर सकता है। केंद्र शासित प्रदेश पर भारत की संप्रभुता की इस मज़बूत पुष्टि को एक अहम कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जो कश्मीर पर पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे दावों और नैरेटिव को कमज़ोर करता है। गोर 19 अगस्त को श्रीनगर पहुँचे। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से किसी मौजूदा अमेरिकी राजदूत का इस इलाके का यह पहला दौरा है। उनका वहाँ रात भर रुकने का कार्यक्रम है और वे गुरुवार को लद्दाख जा सकते हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के साथ भी बैठक की संभावना है; राजदूत के आगमन के समय वे कश्मीर से बाहर बताए गए थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक के बाद गोर ने कहा: "यहाँ आकर बहुत खुशी हो रही है... यह भारत का एक अहम हिस्सा है। मैं यहाँ पहली बार आया हूँ। यह बेहद खूबसूरत जगह है और मैं यहाँ आकर बहुत उत्साहित हूँ। इस जगह को देखना सुखद है। हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई। और कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें हम वॉशिंगटन, व्हाइट हाउस या दिल्ली ले जाना चाहते हैं, लेकिन मैं - या यूँ कहें कि हम - इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।" ट्रैवल एडवाइज़री के बारे में उन्होंने आगे कहा: "आखिरी बात जो मैं आपसे कहना चाहता हूँ, वह यह है कि अमेरिका ट्रैवल एडवाइज़री जारी करता है और हम समय-समय पर उनकी समीक्षा करते हैं। मैं आज यहाँ कोई बड़ी घोषणा तो नहीं कर सकता, लेकिन हम निश्चित रूप से इस पर विचार करेंगे। नई दिल्ली, यहाँ के मुख्यमंत्री और स्थानीय सरकार ने इस क्षेत्र को सुरक्षित रखने और इसे और भी सुरक्षित बनाने के लिए बेहतरीन कदम उठाए हैं। इसलिए, हम देखेंगे कि क्या अमेरिका द्वारा जारी या अनुशंसित ट्रैवल एडवाइज़री को कम किया जाना चाहिए या वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि जैसा कि मैंने कहा, यह एक खूबसूरत क्षेत्र है। मुझे लगता है कि कई अमेरिकी यहाँ आना और इसकी सुंदरता और यहाँ मौजूद अवसरों को देखना पसंद करेंगे।" मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बातचीत को सकारात्मक और भविष्योन्मुखी बताया। इससे पहले सुबह, बैठक से पहले, अब्दुल्ला ने स्पष्ट कर दिया था कि वह न तो आंतरिक मुद्दों के बारे में शिकायत करेंगे और न ही अमेरिकी दूत से समाधान मांगेंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान नई दिल्ली में भारत सरकार द्वारा किया जाना है, न कि वाशिंगटन में, और किसी विदेशी राजदूत के पास शिकायतें ले जाना उनकी आदत नहीं है। बैठक के बाद अब्दुल्ला ने कहा: "यह बहुत अच्छी बैठक थी। हमें अपने दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा करने का अवसर मिला, लेकिन हमने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए क्या कर सकता है। निश्चित रूप से कुछ पुराने मुद्दे हैं जिन्हें हम समय के साथ हल करने का प्रयास करेंगे, लेकिन हम इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं。 यह बातचीत राजदूत गोर और वाशिंगटन के बीच, और मेरे और नई दिल्ली में भारत सरकार के बीच होगी। लेकिन हम बहुत आशावादी और उम्मीद से भरे हैं कि आने वाले वर्षों में अमेरिका और जम्मू-कश्मीर के बीच जुड़ाव और व्यापक और गहरा होगा।" राजदूत की टिप्पणियाँ, जिनमें जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया, साथ ही बेहतर सुरक्षा माहौल की प्रशंसा और ट्रैवल एडवाइज़री की समीक्षा करने की तत्परता, उनके रुख में एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाती हैं。 नई दिल्ली और वाशिंगटन दोनों जगहों पर आगे की चर्चाओं की उम्मीद है क्योंकि दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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हाजीपुर में बदमाशों ने कांग्रेस नेता की गाड़ी से लाखों का सामान चुरा लिया

Hajipur, Bihar:हाजीपुर में बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया और कांग्रेस के बड़े नेता की गाड़ी से कीमती बैग सहित लाखो का सामान उड़ा लिया।घटना नगर थाना क्षेत्र स्थित शहर के मुख्य पथ पर व्यवहार न्यायालय गेट के पास की है।बताया जा रहा है कि वैशाली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार संजीव कुमार अपने नीजि काम से कोर्ट आए थे और उनका ड्राइवर गाड़ी लेकर मुख्य सड़क पर गेट के पास खड़ा था इसी बीच बाइक पर सवार दो उच्चके पहुंचे और संजीव कुमार के ड्राइवर को कहा कि गाड़ी से मोबिल गिर रहा है जिसपर ड्राइवर गाड़ी का बोनट खोल कर देखने लगा इसी बीच बाइक सवार बदमाश गाड़ी में रखा बैग ले कर फरार हो गए।कांग्रेस नेता संजीव कुमार ने बताया कि एलवी कंपनी का बैग था जिसमें तीन कीमती मोबाइल,एक एप्पल का लैपटॉप, एटीएम कार्ड्स और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।उन्होंने बताया कि बैग की कीमत भी लाखों में है लिहाजा चोरों ने कांग्रेस नेता के लाखों का सामान लेकर फरार हो गए है।जिसके बाद कांग्रेस नेता ने नगर थाना पहुंच कर आवेदन दिया है।जिसपर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।वहीं कांग्रेस नेता ने विधि व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए बताया कि जब नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओ के साथ इस तरह की घटनाएं घट रही है तो फिर आम लोगो की सुरक्षा भगवान भरोसे है।उन्होंने वैशाली पुलिस से अपील करते हुए कहा कि पुलिस जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करे और उनका सामान बरामद करें।
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दुर्ग लोकसभा चुनाव याचिका: सुनवाई निर्णायक चरण की ओर, 10 सितम्बर को गवाह पेश

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दुर्ग लोकसभा चुनाव से जुड़ी भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका में अब सुनवाई निर्णायक चरण की ओर बढ़ गई है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता विजय बघेल को अपने गवाहों के साथ उपस्थित होकर साक्ष्य दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 10 सितंबर 2026 की तिथि तय कर दी है। चुनाव याचिका की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के सात अगस्त 2026 के आदेश की प्रति पेश की। अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट को बताया कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल की ओर से दायर एसएलपी/SLP को सुप्रीम कोर्ट ने सात अगस्त को खारिज कर दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें यह स्वतंत्रता दी है कि वे उचित चरण पर चुनाव अधिकरण के समक्ष अपने सभी तर्क और आपत्तियां उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बिलासपुर हाई कोर्ट में लंबित चुनाव याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। बिलासपुर हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव याचिका में मुद्दे पहले ही तय किए जा चुके हैं। याचिकाकर्ता विजय बघेल के साथ सौरभ चौबे, मनोज कुमार वर्मा और भगवत सिन्हा के मुख्य परीक्षण के शपथपत्र भी 20 अक्टूबर 2024 को दाखिल किए जा चुके हैं। अब अदालत इन गवाहों के साक्ष्य को रिकॉर्ड करेगी, 10 सितंबर को गवाहों के साथ उपस्थित होना होगा सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से आग्रह किया गया कि साक्ष्य दर्ज कराने के लिए मामले को 10 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाए। कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए 10 सितंबर 2026 की तिथि तय करदी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि उक्त तिथि पर वे अपने गवाहों को साक्ष्य दर्ज कराने के लिए पेश करें।
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महाराष्ट्र धर्मांतरण कानून: विपक्ष-सरकार के बीच बहस, रक्षाबंधन के संदेश से राजनीतिक तंज

Mumbai, Maharashtra:रक्षाबंधन पर ‘बहनों को देवा भाऊ की सौगात’, धर्मांतरण कानून पर राजनीति गरमाई महाराष्ट्र में धर्मांतरण को लेकर नया कानून अब सिर्फ कानूनी मुद्दा नहीं रहा, बल्कि सियासत का नया अखाड़ा बन गया है। कानून के प्रावधानों और उसके लागू होने की तारीख को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार इसे जबरन, धोखे, प्रलोभन और दबाव के जरिए होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने वाला कानून बता रही है, जबकि विपक्ष इसे व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता और निजी अधिकारों में दखल के तौर पर देख रहा है। कानून में धर्म परिवर्तन से पहले जिला मजिस्ट्रेट को 60 दिन की पूर्व सूचना देने का प्रावधान भी बहस के केंद्र में है。 इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने संविधान और व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा। अबू आजमी का कहना है कि संविधान व्यक्ति को अपनी इच्छा से धर्म चुनने की आजादी देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति बालिग होने के बाद अपनी इच्छा से धर्म बदलता है, तो उसकी आजादी में दखल क्यों दिया जाए। उन्होंने कानून को संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि यह टिकने वाला नहीं है。 अबू आजमी ने कानून में बच्चे के धर्म से जुड़े प्रावधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला का बच्चा पैदा होता है तो उसका धर्म मां के पहले धर्म से तय होने की बात उन्हें समझ में नहीं आती। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने की संवैधानिक आजादी है और स्वेच्छा से धर्म बदलने की आजादी भी संविधान देता है。 दूसरी तरफ बीजेपी विधायक नितेश राणे ने अबू आजमी के बयान पर तीखा पलटवार किया। राणे ने धर्मांतरण के मुद्दे को ‘लव जिहाद’ और हिंदू महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार के कानून का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से धर्म परिवर्तन और पहचान छिपाकर शादी जैसे मामलों को लेकर हिंदू समाज में चिंता रही है。 नितेश राणे ने कहा कि अगर धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हो रहा है और किसी के दिल में ‘चोर’ नहीं है तो 60 दिन पहले सूचना देने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उनके मुताबिक यह प्रावधान हिंदू समाज को मजबूत रखने और जबरन या धोखे से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए है。 राणे ने अबू आजमी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए यह भी कहा कि 28 तारीख के बाद उनके संपर्क में रहने वाले ‘जिहादियों’ को पाकिस्तान चले जाने की बात कह दी जाए। राणे ने अबू आजमी जैसे नेताओं पर ‘जेहाद को बढ़ावा देने’ का आरोप भी लगाया। ये बयान अब कानून की बहस को सीधे हिंदू-मुस्लिम राजनीति के केंद्र में ले आते हैं。 दरअसल, महाराष्ट्र सरकार का तर्क है कि कानून का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि बल, धोखाधड़ी, प्रलोभन, गलत बयानी, अनुचित प्रभाव या विवाह से जुड़ी धोखाधड़ी के जरिए होने वाले धर्मांतरण को रोकना है। कानून में ऐसे मामलों में सजा का भी प्रावधान है। यही वह बिंदु है जहां से महाराष्ट्र की राजनीति में दो बिल्कुल अलग नैरेटिव दिखाई दे रहे हैं। सरकार और बीजेपी इसे महिलाओं کی सुरक्षा, जबरन धर्मांतरण पर रोक और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा से जोड़ रही है। वहीं विपक्ष का सवाल है कि जब संविधान व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म मानने और बदलने की स्वतंत्रता देता है, तो किसी बालिग व्यक्ति को धर्म बदलने से पहले प्रशासन को 60 दिन पहले सूचना देने की जरूरत क्यों होनी चाहिए? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही विधानसभा में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कानून का निशाना स्वैच्छिक धर्म परिवर्तन या अंतरधार्मिक विवाह नहीं, बल्कि जबरन और धोखे से होने वाला धर्मांतरण है。 अब राजनीतिक संदेश भी तैयार हो चुका है ‘रक्षाबंधन पर बहनों को देवा भाऊ की सौगात।’ यानी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ इस कानून की चर्चा को महिलाओं की सुरक्षा और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के तौर पर पेश करने की कोशिश हो सकती है। लेकिन विपक्ष इसे इसी तारीख और नैरेटिव के जरिए राजनीतिक संदेश और धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल से जोड़ रहा है। यानी महाराष्ट्र में धर्मांतरण कानून की असली लड़ाई अब सिर्फ कानून की धाराओं तक सीमित नहीं है। एक तरफ सरकार का दावा है कि यह कानून जबरन धर्म परिवर्तन रोककर धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करेगा, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे व्यक्ति की निजी पसंद और संवैधानिक अधिकारों पर संभावित अंकुश बता रहा है。 सवाल यही है क्या 60 दिन की पूर्व सूचना व्यवस्था जबरन धर्मांतरण पर निगरानी का जरूरी तरीका है, या फिर बालिग व्यक्ति की निजी धार्मिक स्वतंत्रता में सरकारी दखल? और रक्षाबंधन के मौके पर इसे ‘बहनों की सुरक्षा की सौगात’ के रूप में पेश करना कितना राजनीतिक संदेश है? महाराष्ट्र की राजनीति में फिलहाल यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
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हुगली में भूमि विवाद हल के लिए सरकार ने जमीन चिन्हित करने का किया वादा

Chinsurah, West Bengal:হুগলিতে জমি নিয়ে প্রচুর সমস্যা আছে, অনেক অভিযোগ এসেছে - ভূমি সমস্যা সমাধান শিল্পের জন্য জমি চিহ্নিতকরণেরে জোর মন্ত্রী দীপংকর জানার। হুগলি জেলার বিশেষ প্রশাসনিক পর্যালোচনা বৈঠক এবং বিভিন্ন বিধায়কদের নিয়ে জেলা রিভিউ মিটিং শেষে চুঁচুড়ার বিধায়কের কার্যালয়ে এসে উপস্থিত হন রাজ্যের ভূমি ও রাজস্ব দপ্তরের মন্ত্রী দীপংকর জানা। সেখানে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে নতুন সরকারের ১০০ দিন পূর্তি এবং জেলার ভূমি সংক্রান্ত বিভিন্ন বিষয় নিয়ে সরকারের পরিকল্পনার কথা তুলে ধরেন তিনি। নতুন সরকারের ১০০ দিন পূর্ণ হওয়া প্রসঙ্গে মন্ত্রী বলেন, নতুন সরকার কী কাজ করছে, তা ইতিমধ্যেই সাধারণ মানুষ কমবেশি অবগত। এদিন হুগলি জেলার প্রশাসনিক বৈঠকে পাট্টাদার ও বর্গাদারদের জমি, মিউটেশন-কনভার্সনসহ ভূমি দপ্তরের বিভিন্ন গুরুত্বপূর্ণ বিষয় নিয়ে বিস্তারিত পর্যালোচনা করা হয়েছে। মন্ত্রী জানান, বর্তমান সরকার শিল্পের প্রসারের দিকেও বিশেষ গুরুত্ব দিয়েছে। আগামী দিনে বেকারত্বের সমস্যা সমাধান এবং কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি করতে হলে শিল্পের প্রয়োজন, আর শিল্প স্থাপনের জন্য জমিও প্রয়োজন। সেই কারণে জেলার কোথায় কোথায় সরকারি জমি রয়েছে, কোথায় বেস্টেড ল্যান্ড রয়েছে এবং প্রয়োজনে কোন জমি সরকার অধিগ্রহণ করতে পারে—সেগুলো চিহ্নিত করার বিষয়ে বৈঠকে আলোচনা হয়েছে। পাশাপাশি, বিভিন্ন এলাকায় জলাজমি ভরাট এবং ভূমি সংক্রান্ত অনিয়ম ও দুর্নীতির অভিযোগও প্রশাসনের নজরে আনার কথা জানান তিনি। এ ধরনের অভিযোগ খতিয়ে দেখে প্রয়োজনীয় ব্যবস্থা নেওয়ার পাশাপাশি ভবিষ্যতে যাতে একই ধরনের ঘটনা না ঘটে, সেদিকেও প্রশাসনিক স্তরে নজরদারি বাড়ানো হবে বলে জানান মন্ত্রী। ছোট ব্যবসায়ী এবং সীমিত পুঁজির উদ্যোক্তাদের জমির প্রয়োজনের বিষয়টিও সরকার গুরুত্ব সহকারে দেখছে বলে জানান দীপংকর জানা। তাঁর কথায়, নতুন সরকারের কাছে কোনও ছোট ব্যবসায়ী জমির জন্য আবেদন করলে অথবা কম পুঁজিতে ব্যবসা শুরু করার জন্য যাঁদের ছোট পরিমাণ জমির প্রয়োজন, তাঁদের বিষয়টি সরকার অগ্রাধিকারের ভিত্তিতে বিবেচনা করবে। এছাড়াও হুগলির সিঙ্গুর এবং ডানলপ কারখানার জমি নিয়েও সরকার তদন্ত শুরু করেছে বলে জানান মন্ত্রী। এই জমিগুলি নিয়ে বিভিন্ন অভিযোগ রয়েছে এবং সেই অভিযোগগুলি তদন্ত করে আগামী দিনে সমস্যার সমাধানের চেষ্টা করা হবে বলে তিনি জানান। দীপংকর জানা আরও বলেন, হুগলি জেলায় জমি সংক্রান্ত একাধিক সমস্যা রয়েছে এবং প্রশাসনও সেই সমস্যাগুলির বিষয়টি স্বীকার করেছে। ভবিষ্যতে যাতে একই ধরনের সমস্যা আর না হয়, তার জন্য প্রশাসনিক স্তরে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপ নেওয়া হচ্ছে। বিশেষ করে পাট্টাদার ও বর্গাদারদের জমি যাতে কোনওভাবেই সমস্যার মুখে না পড়ে, সেদিকেও সরকার বিশেষ নজর দিচ্ছে। সব মিলিয়ে, হুগলি জেলায় ভূমি সংক্রান্ত সমস্যার সমাধান, অনিয়মের বিরুদ্ধে নজরদারি এবং শিল্পের জন্য উপযুক্ত জমি চিহ্নিত করার পাশাপাশি ছোট ব্যবসায়ী ও প্রান্তিক জমি-প্রয়োজনকারীদের পাশে দাঁড়ানোর বার্তাই এদিন স্পষ্ট করে দেন রাজ্যের ভূমি ও রাজস্ব দপ্তরের মন্ত্রী দীপংকর জানা
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मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबार्सा 82.578 किमी को 4-लेन में अपग्रेड, कैबिनेट मंजूरी

Noida, Uttar Pradesh:बिहार के विकास को रफ्तार देने वाली एक और महत्वपूर्ण सौगात। मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड के 82.578 किमी मार्ग को 4-लेन मानक में अपग्रेड करने की केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी से उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। ₹3,590.73 करोड़ की इस परियोजना से क्षेत्र के विकास को मजबूती मिलेगी और लोगों के लिए बेहतर सड़क सुविधा सुनिश्चित होगी। ‘समृद्ध Bihar’ के संकल्प को साकार करने में निरंतर सहयोग और राज्य को आधुनिक सड़क कनेक्टिविटी की सौगात देने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन।
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पूर्व नेवी अफसर की मौत पर परिजन नहीं पहुंचे, रिश्तों की अहमियत पर सवाल

New Delhi, Delhi:दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक रिश्ते को शर्मसार करने का मामला सामने आया है जहां पूर्व नेवी अफसर के मौत के बाद जब उनके परिजनों को सूचना दी गई तो उनके परिजन मृतक का बॉडी लेने से मना कर दिए और यह कह दिया कि अंतिम संस्कार मृतक के भाई और भतीजे के द्वारा कर दिया जाएगा. मृतक कि पहचान 70 वर्षीय पूर्व नेवी अफसर अरविंद नाथ पाठक के रूप में हुई है. इनका बेटा और पत्नी अमेरिका में रहता है जिन्होंने उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने पर व्यस्त्तता होने की बात कही और आने से इनकार कर दिया. इस भाग दौड़ वाली जिंदगी में अब रिश्तो के लिए लोगों के पास समय नहीं बचा ताजा उदाहरण पूर्व नेवी अफसर अरविंद नाथ पाठक की है जिनकी मृत्यु 13 अगस्त को कालकाजी स्थित कूड़े घर के सामने सड़क पर हो गया था, जिसकी सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी थी मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान कर उनके घर वालों को सूचना दी इसके बाद मृतक के भाई और भतीजा मौके पर पहुंचे इसके बाद पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया था. जब मृतक की पत्नी और बेटे से पुलिस ने बात की तो उनके द्वारा यह कहा गया कि वह अभी बहुत व्यस्त है जिसके वजह से वह इंडिया नहीं आ पाएंगे इसलिए उनके चाचा और चचेरे भाई उनका अंतिम संस्कार कर दे. इसके बाद मृतक के भाई ने आज 18 अगस्त बुधवार को उनका अंत्येष्टि गंगा में बहाकर प्रार्थना सभा लोगों के लिए रखी इस प्रार्थना सभा में ना तो मृतक की पत्नी पहुंची और ना ही उनके बेटे. वहीँ समाजसेवी हितेश कौशिक जो मृतक के ही बिल्डिंग के पास में रहते है उन्होंने बताया कि देखिए हम लोग तो उनके पूरे परिवार को जानते हैं बहुत अच्छा हम लोगों का संबंध था 12 अगस्त को उनके भतीजे मोहित पाठक का मेरे पास कॉल आया था कि चाचा की मौत हो गई है कि आप भी आ जाओ मैंने सुना तो मैंने बोला कि आप लोग आगे का कार्यक्रम कीजिए फिर मैं तब तक पहुंचता हूं इससे पहले भी मेरे दुकान में काम करने वाले जो कर्मचारी है उनके द्वारा बताया गया था कि कोई व्यक्ति कूड़ा घर के सामने गिरा हुआ है और उसकी सांसे थम गयी है और उसके बाद मेरे पास उसके भतीजे का कॉल भी आ जाता है उसके अगले दिन जब मृतक अरविंद नाथ पाठक के पत्नी और बेटे को उन्हें जब अंतिम संस्कार के लिए बुलाया गया तो उनकी पत्नी और उनके बेटे ने कहा कि हम लोग नहीं आएंगे आप बॉडी उनके भाई महेंद्रनाथ और उनकी बहन को सौंप दीजिए. जिसका 14 तारीख को पोस्टमार्टम हुआ था उसके बाद उन्हें बॉडी सौंप दी गई थी और आज उनके अंत्येष्टि को हरिद्वार में उनके भतीजे के द्वारा बहा दिया गया लेकिन उनकी पत्नी और उनका बेटा नहीं पहुंचा बड़ा दुख होता है कुछ दिन पहले ही जब उनके प्रॉपर्टी का एक दुकान बेचा गया था तो उसका पैसा लेने के लिए उनकी पत्नी दिल्ली आई थी लेकिन उनके मौत पर नहीं पहुंची. बड़ा दुख होता है ऐसे रिश्ते का पैसे को तो पहचाना जा रहा है लेकिन अपनों को नहीं. बाइट : हितेश कौशिक,पड़ोसी, समाजसेवी वही हम आपको बता दे कालकाजी थाना के गोविंदपुरी एक्सटेंशन में भी एक मशहूर संगीतकार का बॉडी बरामद किया गया था जो अकेले रह रहे थे उनके मौत के 5 दिन बाद आसपास के पड़ोसियों के द्वारा उनके घर से जब बदबू आया तब पुलिस को सूचना दी गई थी तब पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बॉडी को बाहर निकाला था जो बॉडी कर चुकी थी वहीं जब संगीतकार के बेटों को जो लाजपत नगर में रहते हैं सूचना दी गई तो उन्होंने बॉडी लेने से मना कर दिया था पुलिस के बहुत समझाने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के लिए वह पहुंचे थे तो वहीं या दूसरी घटना है कालकाजी थाने की जहां एक पूर्व नेवी अफसर की मौत के बाद भी उनके परिजन उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए जो दुनिया को यह सीख दे रहा है कि आज के समय में पैसों के सामने रिश्तो की कोई अहमियत नहीं.
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अमित देशमुख की mediation से लातूर महापालिका कर्मी हड़ताल खत्म

Latur, Maharashtra:लातूर ब्रेकिंग न्यूज... आमदार अमित देशमुखांच्या मध्यस्थीनंतर महापालिका कर्मचाऱ्यांचा संप अखेर मागे‌.... दोन दिवसांपासून सुरू असलेलं कामबंद आंदोलन संपुष्टात... आमदार अमित देशमुख यांच्या मध्यस्थीनंतर लातूर महापालिकेच्या अधिकारी-कर्मचाऱ्यांनी अखेर संप मागे घेतला आहे. अतिरिक्त आयुक्‍तक देविदास जाधव यांना नगरसेवकांकडून धक्काबुक्की झाल्याचा आरोप करत गेल्या दोन दिवसांपासून अधिकारी-कर्मचाऱ्यांचं कामबंद आंदोलन सुरू होतं. आमदार अमित देशमुख यांनी कर्मचाऱ्यांशी फोन द्वारे चर्चा करून कामावर परतण्याचं आवाहन केलं. त्यानंतर काँग्रेस जिल्हाध्यक्षांनी आणि काँग्रेसच्या महापौर यांनी कर्मचारी आणि अधिकारी यांच्याशी चर्चा केली त्यानंतर कर्मचाऱ्यांनी संप मागे घेण्याचा निर्णय घेतला असून, अधिकारी-कर्मचारी आणि लोकप्रतिनिधींमध्ये समन्वयासाठी समिती स्थापन करण्याचा निर्णयही घेण्यात आला आहे.
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वाशीम के चांधई में शिक्षक कमी के विरोध में विद्यार्थियों ने पंचायत कार्यालय में स्कूल चलाया

Washim, Maharashtra:वाशीम के चांधई येथील विद्यार्थ्यांनी शैक्षणिक समस्यांकडे प्रशासनाचे लक्ष वेधण्यासाठी चक्क पंचायत समिती कार्यालयातच शाळा भरवली. शिक्षणकमी आणि मूलभूत सुविधांचा अभाव असल्याने विद्यार्थ्यांच्या शिक्षणावर परिणाम होत असल्याचा आरोप पालक व विद्यार्थ्यांनी केला आहे. चांधईसह नांदखेडा, चोरद, दाभडी आदी गावांमध्येही शिक्षकांची पदे रिक्त असल्यामुळे प्रशासनाने तातडीने शिक्षकांची नियुक्ती करून शाळांमध्ये आवश्यक सुविधा उपलब्ध करून द्याव्यात, अशी मागणी विद्यार्थ्यांसह पालकांनी केली आहे.
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भागलपुर में CID DSP बनकर लोगों से लाखों ठगने वाले मनोज वर्मा के खिलाफ छापेमारी जारी

Naya Chak, Bihar:भागलपुर में खुद को CID का DSP बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी मनोज वर्मा के खिलाफ इशाकचक और बाईपास थाने में केस दर्ज है. कैंसर पीड़िता सोनम भारती समेत कई लोगों ने उस पर ठगी का आरोप लगाया है. आरोप है कि मनोज वर्मा खुद को CID का DSP बताकर लोगों पर रौब जमाता था. कभी कृषि कॉलेज, कभी NTPC तो कभी पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने की पैरवी का दावा करता और इसी झांसे में महिलाओं और पुरुषों से लाखों रुपये वसूलता था. मामला दर्ज होने के बाद कुछ पीड़ितों का पैसा आरोपी ने वापस भी किया, लेकिन गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होते ही वह फरार हो गया. पुलिस ने भागलपुर स्थित उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला. तलाशी के दौरान घर से एक लाइसेंसी हथियार बरामद हुआ. पुलिस अब हथियार का लाइसेंस रद्द कराने की कार्रवाई में जुटी है. SSP प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मनोज वर्मा खुद को CID का DSP बताता था, लेकिन वह DSP नहीं है. स्पेशल ब्रांच से भी उसका सत्यापन कराया गया है. पुलिस के मुताबिक वह पटना में बिहार पुलिस के एक विभाग में डाक पहुंचाने का काम करता है और फिलहाल पटना से भी फरार है. पीड़ितों की ओर से मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह का आरोप है कि मनोज वर्मा ने दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बनाया है. नौकरी दिलाने और विभागों में पहुंच होने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ली गई. उन्होंने आरोपी के खिलाफ जल्द कठोर कार्रवाई की मांग की है. भागलपुर पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. अब देखना होगा कि फर्जी CID DSP बनकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाने वाला मनोज वर्मा पुलिस की गिरफ्त में कब आता है.
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कुंभारी स्कूल के शिक्षक संतोष पाचपोरे की बदली रद्द करने की मांग तेज

Akola, Maharashtra:अकोला जिल्हा परिषदेच्या प्राथमिक शाळा, कुंभारी येथील शिक्षक संतोष महादेव पाचपोरे यांची बदली रद्द करून त्यांची पुन्हा याच शाळेवर नियुक्ती करण्यात यावी, या मागणीसाठी आज विद्यार्थी आणि पालकांनी जिल्हा परिषदेच्या शिक्षण विभागाच्या कार्यालयाबाहेरच शाळा भरवली. यावेळी प्राथमिक शिक्षणाधिकारी रतनसिंग पवार यांना पालकांच्या वतीने निवेदन देण्यात आले. शिक्षण संतोष पाचपोरे हे कुंभारी शाळेत कार्यरत असताना विद्यार्थ्यांच्या शैक्षणिक प्रगतीसोबतच शाळेच्या सर्वांगीण विकासासाठी उल्लेखनीय काम करीत होते. त्यांच्या अध्यापनामुळे विद्यार्थ्यांना मोठा फायदा होत असून, शाळेतील शैक्षणिक वातावरण, विविध उपक्रम आणि विद्यार्थ्यांची गुणवत्तावाढ यामध्ये त्यांचे योगदान महत्त्वपूर्ण असल्याचे पालकांनी सांगितले. पाचपोरे यांची बदली झाल्यामुळे विद्यार्थ्यांच्या शैक्षणिक गुणवत्तेवर परिणाम होण्याची शक्यता असून, शाळेतील अध्यापन व्यवस्थेलाही अडचणी निर्माण होऊ शकतात, अशी चिंता पालकांनी व्यक्त केली. त्यामुळे विद्यार्थ्यांचे हित लक्षात घेऊन शिक्षक संतोष पाचपोरे यांची बदली तातडीने रद्द करून त्यांना पूर्वीच्याच शाळेवर पुनर्नियुक्ती द्यावी, अशी मागणी करण्यात आली. दरम्यान, मागणी मान्य न झाल्यास कुंभारी शाळेत शिक्षण घेणाऱ्या विद्यार्थ्यांचे शाळेतून नाव काढण्याचा इशाराही पालकांनी दिला आहे.
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झाँसी में SBI के नवनिर्मित प्रशासनिक कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन हुआ

Adil AhmadAdil AhmadFollow9m ago
Jhansi, Uttar Pradesh:झाँसी भारतीय स्टेट बैंक के नवनिर्मित प्रशासनिक कार्यालय (एओ), झाँसी का औपचारिक उद्घाटन आज लखनऊ सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री दीपेश राज ने किया। उद्घाटन समारोह प्रशासनिक कार्यालय परिसर, ईलाईट-झोंकन बाग रोड, झाँसी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (नेटवर्क) श्री राजीव कुमार विशिष्ट रूप से मौजूद रहे।समारोह में प्रशासनिक कार्यालय, झाँसी के उप महाप्रबंधक (बी एंड ओ) श्री सुबोध कुमार गोप, सहायक महाप्रबंधक (डीवीएएस) श्री अजय दीक्षित सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य प्रबंधक (एचआर एवं प्रशासन) श्रीमती अनिमा गौतम ने सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।झाँसी प्रशासनिक कार्यालय के अंतर्गत बुंदेलखंड क्षेत्र के 10 जिले शामिल हैं। यह कार्यालय इन जिलों में भारतीय स्टेट बैंक की 171 शाखाओं, सीपीसी तथा 5 क्षेत्रीय कार्यालयों के कामकाज का नियंत्रण और समन्वय करेगा। प्रशासनिक कार्यालय की स्थापना से बुंदेलखंड क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, बेहतर समन्वय और कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है।झाँसी में एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय की स्थापना बुंदेलखंड के लिए एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक इस क्षेत्र में इस स्तर का प्रशासनिक कार्यालय स्थापित करने वाला पहला बैंक है। यह कदम बुंदेलखंड के आर्थिक एवं व्यावसायिक विकास के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों के अनुसार, इस नए प्रशासनिक कार्यालय के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र की जनता और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को और बेहतर, सुगम एवं त्वरित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा।
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