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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow17 Sept 2024, 11:07 am

डॉ. प्रवीण सिंह जादौन का बीना, सागर (मध्य प्रदेश) में एक दिवसीय कार्यक्रम

Gyondi, Uttar Pradesh:

18 सितंबर यानी कल मध्यप्रदेश के सागर के बीना नगर में बुंदेलखंड महापरिषद अध्यक्ष व यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन का स्वागत एवं अभिनंदन हेतु कार्यक्रम आयोजित होगा। जहां सुबह 11 बजे नगर पालिका परिषद, बीना अध्यक्ष, सदस्य और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड व सागर में विकास और सहकारिता के मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं डॉ जादौन बुंदेलखंड के विकास, सहकारी समितियों की भूमिका व क्षेत्रीय योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।

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नवादा रोह में शिक्षक का शव पाइन किनारे मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका

Nawada, Bihar:नवादा रोह प्रखंड से शिक्षक कौशलेंद्र कुमार नवीन का शव पाइन के किनारे मिला. परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए शव पाइन किनारे फेंके जाने का दावा किया. शव मिलने से सनसनी फैली. सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले. हत्या की वजह अब भी सवाल है. मृतक की पहचान रोह गांव निवासी शिक्षक कौशलेंद्र कुमार नवीन के रूप में हुई. उनका शव घर से करीब 500 मीटर दूर मडरा गांव के पास एक पाइन के किनारे से बरामद किया गया. रविवार की शाम करीब 5 बजे कौशलेंद्र कुमार रोज की तरह टहलने के लिए घर से निकले थे. बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए, जबकि उनका मोबाइल घर पर ही था. रात लगभग 10 बजे तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की. सोमवार को उनका शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. शरीर पर चोट के निशान मिले. मृतक की पत्नी रूबी देवी ने कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी. शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है.
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PM मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प पखवाड़ा; मधुबनी में कार्यक्रम

Madhubani, Bihar:राष्ट्र PM नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितम्बर से सेवा संकल्प पखवाड़ा माना रहा है। एक महीना तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कई कार्यक्रमो को शामिल किया गया है। इस अवसर पर मधुबनी में आयोजित कर्यक्रम में राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल पहुंचे। पीएम सेवा संकल्प अभियान के तहत राजनगर के चपाही गांव में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आंगनबाडी सेविका और आशा दीदियों को सम्मानित किया गया। सांसद ने जन सभा को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की चर्चा किये। सांसद द्वारा स्कूल परिसर और मंदिर परिसर में लगाए गए दो इलेक्ट्रिक टावर का भी उद्घाटन किया गया ।सभा को पूर्व मंत्री रामप्रीत पासवान ,विद्यासागर मंडल ,भाजपा जिलाध्यक्ष बाबचा बाबू कामत ,अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया ।सांसद ने आयोजक विद्यासाग मंडल को सफल आयोजन के लिए धन्यबाद दिया। बाइट शंभु शरण पटेल सांसद राज्यसभा
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जमुई के वीडियो में रास्ते रोककर छात्रा के साथ बदसलूकी, कार्रवाई की मांग

Noida, Uttar Pradesh:बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
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भरतपुर की निर्विरोध मेयर अनुराधा हजारी सिंह ने शपथ लेकर शुरू किया विकास का नया दौर

Bharatpur, Rajasthan:एंकर--भरतपुर नगर निगम के नव निर्वाचित मेयर अनुराधा हजारी सिंह ने आज नगर निगम में मेयर पद की शपथ ली। रिटर्निंग अधिकारी रिछपाल बुरड़क ने उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उनके साथ उनके परिवार के रूप में पति हजारी सिंह, पूर्व प्रधान व पूर्व जिला प्रमुख मीनू सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर गिरीश चौधरी सहित बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने नगर निगम में मेयर की कुर्सी पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ पदभार गृहण किया। अनुराधा हजारी सिंह भरतपुर बंजर निगम की निर्विरोध मेयर चुनी गई है। उनके नाम पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मोहर लगाई और उसके बाद उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। पदभार ग्रहण करने के बाद अनुराधा हजारी सिंह व उनके परिवार के लोगों से ZEE MEDIA ने खास बातचीत की। इस मौके पर अनुराधा हजारी सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया और कहा कि सीएम के विजन को लेकर भरतपुर में चल रहे विकास के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। आइये आपको सुनवाते है क्या कहा मेयर अनुराधा हजारी सिंह ने.. रिपोटर वन टू वन ।
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राजस्थान में पशुपालकों के लिए बीमा सुरक्षा कवच, 83 करोड़ क्लेम वितरित

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पशुपालकों के लिए नया सुरक्षा कवच है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पशुपालकों के लिए लाई गई इस योजना का लाभ अब धरातल पर दिखने लगा है। पिछले कुछ महीनों में ही इस योजना में 83 करोड़ रुपए की राशि बीमा क्लेम के रूप में पशुपालकों को दी जा चुकी है। यह रिपोर्ट देखिए- राज्य के पशुपालकों को बीमा सुरक्षा का कवच देने की राज्य सरकार की पहल सार्थक साबित हो रही है। बजट घोषणा की पालना में राज्य सरकार अधिक से अधिक पशुओं को बीमा के दायरे में लेने का प्रयास कर रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना की शुरुआत हुई थी। तब राज्य सरकार ने 21 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा था। वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर इसका दायरा 42 लाख पशुओं के लिए कर दिया गया। हालांकि राज्य सरकार के लक्ष्य को पशुपालन विभाग अभी तक हासिल नहीं कर सका है। लेकिन योजना के अंतर्गत 26 लाख से अधिक पशुओं का बीमा हो चुका है। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने भी विभागीय अधिकारियों को जल्द ही लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना का फायदा पशुओं की किसी भी स्थिति में मौत पर पशुपालकों को मिलता है। किसी भी प्राकृतिक या आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में पशु की मृत्यु होने पर बीमा क्लेम मिल रहा है। आग लगने, सड़क दुर्घटना, आकाशीय बिजली, प्राकृतिक आपदा, जहरीली घास खाने, सर्प या कीड़ा काटने से पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक को क्लेम राशि मिल रही है। वर्ष 2024-25 में 20.29 लाख पशुओं का पंजीकरण हुआ। लॉटरी के जरिए 16.72 लाख पशुओं का चयन किया गया। 13 लाख पशु स्वस्थ पाए गए, 3.40 लाख पशु अनफिट मिले। इनमें से 10.74 लाख पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी की गई। प्रदेशभर में 5.61 लाख पशुपालकों के पशुओं का बीमा हुआ। वर्ष 2025-26 में 22.28 लाख पशुओं का पंजीकरण। लॉटरी के बजाय पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन। 16.14 लाख पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। 6.72 लाख पशुपालकों के 15.63 लाख पशुओं की पॉलिसी जारी। इस तरह 2 वर्ष में अब तक 26.38 लाख पशुओं का बीमा किया गया। कुल 12.34 लाख पशुपालकों के पशुओं की हुई बीमा पॉलिसियां। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जारी बीमा पॉलिसियों के नवीनीकरण की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। पशुपालन विभाग बीमा दावों के निस्तारण में तेज गति अपनाकर अब तक आए सभी आवेदन में से लगभग 94 प्रतिशत मामलों में क्लेम जारी कर रहा है। वर्ष 2024-25 में बीमा क्लेम के लिए 43,520 आवेदन आए, इनमें से 4,029 दावे निरस्त किए गए। वर्ष 2025-26 में 30,818 बीमा क्लेम के पंजीकरण हुए, 708 दावे खारिज। जुलाई 2026 तक 40,132 दावों का निस्तारण किया जा चुका है, और पशुपालकों को 83 करोड़ 92 लाख 9 हजार रुपए का भुगतान किया गया। मार्च 2026 तक बीमा क्लेम के मामलों में 31 करोड़ की राशि दी गई थी, जबकि इस वित्त वर्ष में भी 52 करोड़ से अधिक का बीमा क्लेम दिया जा चुका है। कुल मिलाकर पहले जहां अपने पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक असहाय नजर आते थे, अब उन्हें क्लेम राशि मिलने पर आर्थिक मदद मिल पा रही है।
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राजस्थान में पशुपालकों को बीमा कवच, 83 करोड़ के क्लेम वितरित

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पशुपालकों के लिए नया सुरक्षा कवच, 83 करोड़ बीमा क्लेम वितरित! मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में मिल रही सुरक्षा, 26.38 लाख पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी 42 लाख पॉलिसी जारी करेगा पशुपालन विभाग, 12.34 लाख से अधिक पशुपालक दायरे में जयपुर। राजस्थान में आपदा या बीमारी से पशुओं की मृत्यु होने पर अब पशुपालकों को आर्थिक रूप से राहत मिलने लगी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पशुपालकों के लिए लाई गई इस योजना का लाभ अब धरातल पर दिखने लगा है। पिछले कुछ महीनों में ही इस योजना में 83 करोड़ रुपए की राशि बीमा क्लेम के रूप में पशुपालकों को दी जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि राज्य के पशुपालकों को बीमा सुरक्षा का कवच देने की राज्य सरकार की पहल सार्थक साबित हो रही है। बजट घोषणा की पालना में राज्य सरकार अधिक से अधिक पशुओं को बीमा के दायरे में लेने का प्रयास कर रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना की शुरुआत हुई थी। तब राज्य सरकार ने 21 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा था। वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर इसका दायरा 42 लाख पशुओं के लिए कर दिया गया। हालांकि राज्य सरकार के लक्ष्य को पशुपालन विभाग अभी तक हासिल नहीं कर सका है। लेकिन योजना के अंतर्गत 26 लाख से अधिक पशुओं का बीमा हो चुका है। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने भी विभागीय अधिकारियों को जल्द ही लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना का फायदा पशुओं की किसी भी स्थिति में मौत पर पशुपालकों को मिलता है। किसी भी प्राकृतिक या आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में पशु की मृत्यु होने पर बीमा क्लेम मिल रहा है। आग लगने, सड़क दुर्घटना, आकाशीय बिजली, प्राकृतिक आपदा, जहरीली घास खाने, सर्प या कीड़ा काटने से पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक को क्लेम राशि मिल रही है। कितने पशुओं का बीमा, कितने पशुपालक लाभान्वित? वर्ष 2024-25 में 20.29 लाख पशुओं का पंजीकरण हुआ लॉटरी के जरिए 16.72 लाख पशुओं का चयन किया गया 13 लाख पशु स्वस्थ पाए गए, 3.40 लाख पशु अनफिट मिले इनमें से 10.74 लाख पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी की गई प्रदेशभर में 5.61 लाख पशुपालकों के पशुओं का बीमा हुआ वर्ष 2025-26 में 22.28 लाख पशुओं का पंजीकरण लॉटरी के बजाय पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन 16.14 लाख पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए 6.72 लाख पशुपालकों के 15.63 लाख पशुओं की पॉलिसी जारी इस तरह 2 वर्ष में अब तक 26.38 लाख पशुओं का बीमा किया गया कुल 12.34 लाख पशुपालकों के पशुओं की हुई बीमा पॉलिसियां 94 प्रतिशत से अधिक दावों में मिला क्लेम पशुपालन विभाग बीमा दावों के निस्तारण में भी तेज प्रक्रिया अपना रहा है। अब तक विभाग के पास जितने बीमा क्लेम के आवेदन आए, उनमें से करीब 94 प्रतिशत मामलों में पशुपालकों को बीमा क्लेम की राशि स्वीकार करते हुए जारी कर दी गई है। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेश चंद मीना ने बताया कि जो बीमा पॉलिसियां वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जारी की गई थी, उन बीमा पॉलिसियों का भी नवीनीकरण किया जा रहा है। दरअसल एक बार पंजीयन के बाद पशु की मृत्यु होने या अस्वस्थ होने तक बीमा पॉलिसी जारी होते रहेगी। पशुपालकों को कितना क्लेम ? वर्ष 2024-25 में बीमा क्लेम के लिए 43520 आवेदन आए इनमें से 4029 दावे विभाग দ্বারা निरस्त किए गए वर्ष 2025-26 में 30818 बीमा क्लेम के पंजीकरण हुए, 708 दावे खारिज जुलाई 2026 तक 40132 दावों का निस्तारण किया जा चुका पशुपालकों को 83 करोड़ 92 लाख 9 हजार रुपए का भुगतान किया गया मार्च तक 31 करोड़ का बीमा क्लेम दिए गए थे मार्च 2026 तक जहां बीमा क्लेम के मामलों में 31 करोड़ की राशि पशुपालकों को दी गई थी। वहीं इस वित्त वर्ष में भी 52 करोड़ से अधिक का बीमा क्लेम दिया जा चुका है। कुलमिलाकर पहले जहां अपने पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक असहाय नजर आते थे, अब उन्हें क्लेम राशि मिलने पर आर्थिक मदद मिल पा रही है।
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