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AKAshutosh Kumar SrivtastavaFollow19 Jan 2025, 09:11 am
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आर.पी. सिंह ने सज्जन कुमार के शोक कार्यक्रम बीजेपी सांसदों की मौजूदगी पर नाराजगी जताई

Noida, Uttar Pradesh:BYTE R P SINGH, BJP LEADER दिल्ली सज्जन कुमार के शोक सभा पर भी भड़के आर.पी. सिंह सिखों को जख्म देने वाले सज्जन कुमार के शोक कार्यक्रम में बीजेपी सांसदों के पहुंचने पर आर.पी. सिंह की नाराजगी “जिसने सिखों को जख्म दिए, उसके पब्लिक कार्यक्रम करना मतलब जख्मों को हरा करना है” “मुझे अफसोस है कि सिखों के कातिल की शोक सभा में हमारी पार्टी से कोई गया” “मैं इसकी निंदा करता हूं, समाजनीति राजनीति से बड़ी है” बलूचिस्तान में 150 साल पुराने गुरुद्वारे को गिराने पर बीजेपी नेता आर.पी. सिंह ने जताई कड़ी नाराजगी गुरुद्वारा तोड़कर मॉल बनाए जाने पर बोले आर.पी. सिंह—सिख धार्मिक विरासत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे थे, अब सिर्फ 2 बचे हैं— आर.पी. सिंह धार्मिक स्थल सिर्फ इमारत या जमीन नहीं, सिख इतिहास, आस्था और बलिदान की पहचान हैं— आर.पी. सिंह पाकिस्तान सरकार के सामने इस गंभीर मुद्दे को उठाए भारत सरकार—आर.पी. सिंह
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गुरदासपुर जेल में राखी उत्सव: लगभग 200 महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधें

Gurdaspur, Punjab:Gurdaspur \n\nਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੀ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਤਹਿਤ ਰੱਖੜੀ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ 200 ਦੇ ਕਰੀਬ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੜੀਆਂ ਬੰਨੀਆਂ ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਲ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁਖਤਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਬੈਠਣ ਦੇ ਲਈ ਟੈਂਟ ਪੀਣ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਅਤੇ ਮਠਿਆਈ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ\n\nਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਦਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਦੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਸੋਚਿਆ ਕਿ ਜੇਲ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੜੀ ਬੰਨ-pਾਉਣਗੀਆਂ ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਇਹ ਵਧੀਆ ਉਪਰਾਲਾ ਹੈ\n\nਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਜੇਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੜੀ ਬੰਨਣ ਦੇ ਲਈ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 200 ਦੇ ਕਰੀਬ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੜੀ ਬੰ ਕੇ ਜਾਣਗੀਆਂ ਪੁਖਤਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਤੇ ਭੈਣਾਂ ਆਪਣੇ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਕੋਲੋਂ ਇਹ ਅਹਿਦ ਲੈ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਕਿ ਉਹ ਜੇਲ੍ਹ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਆਕੇ ਵਧੀਆ ਜੀਵਨ ਜੀਣਗੇ
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18 साल से पेड़ को भाई मानकर राखी बांधने वाली कल्पना का पर्यावरण संदेश

Kullu, Himachal Pradesh:पेड़ को भाई मानकर 18 साल से राखी बांध रही कल्पना, प्रकृति की रक्षा का संदेश एंकर-आज पूरे देश में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और प्रेम के त्योहार रक्षाबंधन को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर रही हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की रहने वाली कल्पना ठाकुर रक्षाबंधन को एक अनूठे अंदाज में मना रही हैं। 21 साल की कल्पना पिछले 18 वर्षों से पेड़ को अपना भाई मानकर राखी बांधती आ रही हैं। इस साल भी रक्षाबंधन के मौके पर कल्पना ने मनाली के अलेऊ जंगल पहुंचकर एक पेड़ को राखी बांधी और प्रकृति की रक्षा का संकल्प दोहराया। बचपन में शुरू हुई कल्पना की ये अनूठी पहल आज पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश बन चुकी है। कल्पना का मानना है कि पेड़ सिर्फ हमें ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य की सुरक्षा भी करते हैं। जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी तरह इंसान को भी पेड़ों और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। बाइट-कल्पना ठाकुर और दृश्य स्टोरी बाई संदीप सिंह मनाली
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जालौन में राखी पर भाइयों की दर्दनाक मौत, पूरा गांव मातम

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में रक्षाबंधन पर दर्दनाक हादसा, खुशियां मातम में बदली, खेत में बने कुएं में डूबे दो सगे भाई, डूबने से दोनों सगे भाइयों की हुई मौत, 60 फ़ीट गहरे कुएं में पानी की मोटर निकालने रस्सी के सहारे उतरा था छोटा भाई, छोटो भाई को बचाने के प्रयास में बड़ा भाई भी कूदा, दोनों की डूबने से गई जान, 55 वर्षीय रामलखन कुशवाहा और 65 वर्षीय बड़े भाई फूलसिंह कुशवाहा की हुई मौत, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड टीम की मदद से दोनों के शवों को कुएं से निकाला बाहर, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रक्षाबंधन पर दोनों सगे भाइयों की हुई मौत से पूरे परिवार और गांव में पसरा मातम, जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के करियावली गांव की घटना。
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Hanumangarh के पारीक कॉलोनी में नशे के आदी युवकों का आतंक और पथराव

Hanumangarh, Rajasthan:पारीक कॉलोनी में नशे में आदी युवको का आतंक, पथराव और कार में तोड़फोड़ का आरोप हनुमानगढ़ टाउन के वार्ड 34 स्थित पारीक कॉलोनी के निवासियों ने मोहल्ले में बढ़ती नशे की बिक्री और असामाजिक तत्वों के आतंक को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों ने एकत्रित होकर पुलिस थाना हनुमानगढ़ में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गई है। शिकायत में बताया गया कि पिछले कुछ समय से मोहल्ले में नशे की बिक्री बढ़ने के साथ नशे के आदी युवकों की आवाजाही भी बढ़ गई है। आरोप है कि कुछ युवक चाकू, छुरे, रॉड और देशी कट्टे लेकर दिन-रात घूमते हैं। राहगीरों और मोहल्लेवासियों के साथ लूटपाट व डराने-धमकाने की घटनाओं के कारण महिलाओं, बच्चों और छात्र-छात्राओं का गलियों से निकलना मुश्किल हो गया है। शिकायत के अनुसार, 27 अगस्त की रात करीब 10 बजे विष्णु अपनी पत्नी के साथ नोहरा में पशुओं को पानी पिला रहे थे। इसी दौरान पड़ोस के मकान में मौजूद तीन चार युवकों सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। विष्णु ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद कई लोगों को मौके पर बुलाया गया और करीब 15-20 लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत करवाया। पुलिस से मोहल्ले में जांच करवाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है。
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रक्षाबंधन पर अस्पताल में भी ड्यूटी पर डटीं महिलाएं, मरीजों की सेवा बना त्योहार

Churu, Rajasthan:सरदारशहर. रक्षाबंधन पर भी ड्यूटी पर डटीं ‘धरती की भगवान’ बेटियां, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, तो महिला डॉक्टरों ने मरीजों की सेवा को बनाया अपना त्योहार देशभर में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि एवं लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन सरदारशहर के राजकीय अस्पताल में रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर भी कुछ ऐसी बहनें अपनी जिम्मेदारी निभाती नजर आईं, जिनके लिए मरीजों की सेवा ही सबसे बड़ा त्योहार है। राजकीय अस्पताल में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती गेट और डॉ. प्रिया शेखावत ने रक्षाबंधन के दिन भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों को अपनी सेवाएं दीं। दोनों महिला चिकित्सकों ने कहा कि रक्षाबंधन हमारे लिए भी बेहद खास पर्व है, लेकिन हमारा कर्तव्य सबसे पहले है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने के समय हमें शपथ दिलाई जाती है कि मरीजों की सेवा और हमारा कर्तव्य सर्वोपरि रहेगा। जब कोई मरीज अस्पताल में परेशानी लेकर आता है और इलाज करवाने के बाद हंसी-खुशी अपने घर लौटता है, तो उस समय मिलने वाली खुशी ही हमारे लिए सबसे बड़ा त्योहार बन जाती है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन भी मरीजों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। मरीजों के चेहरे पर मुस्कान देखकर मन को जो संतुष्टि मिलती है, वही उनके त्योहार की खुशी है। वहीं अस्पताल के पर्ची काउंटर पर अपनी सेवाएं दे रही स्टाफ अनीशा किलानिया ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व अपनी जगह है, लेकिन अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह भी हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए त्योहार के दिन भी वह अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभा रही हैं। रक्षाबंधन पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का रक्षा सूत्र बांध रही हैं, वहीं राजकीय अस्पताल की ये महिला चिकित्सक और कर्मचारी अपनी ड्यूटी के जरिए मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा का संकल्प निभा रही हैं। इन महिला डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों की सेवा भावना यह संदेश देती है कि त्योहार सिर्फ अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने का नाम नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा करके उनके चेहरे पर मुस्कान लाना भी सबसे बड़ी खुशी है।
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संतोष सुमन ने सबसे वंचितों के लिए आरक्षण बढ़ाने और कोटा बनाने की मांग

Gaya, Bihar:जरूरत पड़े तो हम जैसे लोग आरक्षण छोड़ने को भी तैयार, संतोष सुमन ने उठाई सबसे वंचित तबकों के लिए अलग कोटा बढ़ाने की मांग बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने आरक्षण पर नई बहस छेड़ते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आरक्षण खत्म करना नहीं, बल्कि उसका लाभ उन जातियों और समुदायों तक पहुंचाना है जो आज भी इससे वंचित हैं। उन्होंने आरक्षण की सीमा बढ़ाकर सबसे पिछड़े और अत्यंत वंचित वर्गों के लिए अलग व्यवस्था बनाने की वकालत की और कहा कि जरूरत पड़े तो वे स्वयं जैसे लोग आरक्षण का लाभ छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने उन्होंने कि वह आरक्षण के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य आरक्षित वर्गों के भीतर जो समुदाय आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण का वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई ऐसी जातियां हैं जो आरक्षित श्रेणी में होने के बावजूद शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के मामले में बेहद पिछड़ी हुई हैं। ऐसे समुदायों की पहचान कर उनके लिए अलग व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महादलित आयोग बनाकर अनुसूचित जाति की सबसे वंचित 18 जातियों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की थीं। उनका मानना है कि उसी तरह की व्यवस्था फिर से लागू करने की जरूरत है ताकि जिन तक आरक्षण का लाभ नहीं पहुंचा है, उन्हें विशेष अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि वर्गीकरण के जरिए सबसे कमजोर समुदायों तक सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ पहुंचाया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि यदि सबसे वंचित वर्गों को अलग आरक्षण देना है तो आरक्षण की सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान में आवश्यक संशोधन कर ऐसे समुदायों के लिए विशेष श्रेणी बनाई जाए और उन्हें अतिरिक्त आरक्षण या विशेष पैकेज दिया जाए। उनका कहना था कि पहले भी संविधान में संशोधन कर आरक्षण संबंधी बदलाव किए गए हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसा किया जा सकता है। अपने बयान को दोहराते हुए संतोष सुमन ने कहा कि अगर समाज के सबसे कमजोर लोगों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने के लिए जरूरत पड़े तो हम जैसे लोगों को भी आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका आशय केवल इतना है कि जिन लोगों को वास्तविक जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए。 केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के इस बयान कि "आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता और न ही उसमें बदलाव हो सकता है" पर प्रतिक्रिया देते हुए संतोष सुमन ने कहा कि उन्होंने कहीं भी आरक्षण समाप्त करने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि आरक्षित वर्गों के भीतर सबसेगरीब और सबसे वंचित लोगों की पहचान कर उन्हें अलग से आरक्षण या विशेष व्यवस्था का लाभ दिया जाए, ताकि वे भी शिक्षा और रोजगार के अवसर हासिल कर सकें। संतोष सुमन ने कहा कि गरीबी किसी एक जाति तक सीमित नहीं है। आरक्षित वर्गों के भीतर भी कई समुदाय ऐसे हैं जिनकी स्थिति आज भी बेहद दयनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के प्रति सरकार, राजनीतिक दलों, नौकरशाही और न्यायपालिका सभी को संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से कमजोर या अयोग्य नहीं होता। यदि उसे शिक्षा, अवसर और अनुकूल माहौल मिले तो वह भी समाज और देश की प्रगति में समान भागीदारी निभा सकता है। मंत्री ने कहा कि संविधान की मूल भावना सामाजिक न्याय और समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसलिए अब समय आ गया है कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा इस नजरिए से की जाए कि उसका लाभ वास्तव में सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार से देशभर में सबसे वंचित जाति समूहों की पहचान कर उनके लिए विशेष आरक्षण या विशेष विकास पैकेज लागू करने की मांग की。
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रक्षाबंधन के दिन दीपक सोनार को जमानत, जेल से बाहर आया

Ranchi, Jharkhand:बीते 15 दिनों से चोरी की चांदी खरीदने के आरोप में जेल में बंद दीपक सोनार के लिए आज का दिन दोहरी खुशी का दिन है। एक तो अदालत में उसे जमानत दे दी और दूसरा रक्षाबंधन कैसे पावन पर्व के दौरान वह अपनी बहनों के साथ अपने घर में रहेगा। रक्षाबंधन का पावन पर्व जहां भाइयों और बहनों के लिए बेहद खास है वहीं आज का दिन जेल से रिहा होने वाले लातेहार निवासी दीपक सोनार के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। दरअसल चोरी की चांदी खरीदने के आरोप में आज से 15 दिन पहले जेल हुई थी लेकिन आज उसे अदालत ने जमानत दे दी। जेल से बाहर आने के बाद व्यक्ति ने बताया कि उसके अपने साले नहीं धोखे से उसे चांदी बचा था जिस वजह से उसे जेल हो गई। जेल से बाहर आने के बाद आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा रहे थे।
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अंबाला के रामपुर सरसेहड़ी में ट्रैक्टर पार्ट्स फैक्ट्री में भीषण आग, इलाके में हड़कंप

Ambala, Haryana:अंबाला के रामपुर सरसेहड़ी मोड़ पर सुबह-सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ट्रैक्टर पार्ट्स बनाने वाली एक फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में भी इसकी गूंज सुनाई दी और कई घरों की खिड़कियों के शीशे तक हिल गए। आवाज सुनकर लोगों में दहशत फैल गई और आसपास रहने वाले लोग अपने बच्चों को लेकर घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की कई और गाड़ियां बुलानी पड़ीं। आग में फैक्ट्री के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। फैक्ट्री मालिक ने करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। वहीं, फैक्ट्री मालिक ने फायर ब्रिगेड पर देरी से पहुंचने क आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस और फायर विभाग ने मौके की स्थिति को देखते हुए आग बुझाने की कार्रवाई की। रामपुर सरसेहड़ी मोड़ पर आजाद नगर इलाके में सुशांत अग्रवाल की ट्रैक्टर पार्ट्स बनाने की फैक्ट्री है। रोजाना की तरह फैक्ट्री को रात में बंद कर दिया गया था। लेकिन सुबह करीब 5 बजकर 7 मिनट पर अचानक फैक्ट्री से धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। इससे पहले आसपास के लोगों ने जोरदार ब्लास्ट की आवाज सुनी। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में भी इसकी गूंज सुनाई दी। लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो फैक्ट्री आग की लपटों में घिरी हुई थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फैक्ट्री मालिक सुशांत अग्रवाल ने फायर ब्रिगेड की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जब शुरुआत में आग लगी थी, तब स्थिति इतनी ज्यादा गंभीर नहीं थी और अगर समय पर पर्याप्त पानी के साथ फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो आग को फैलने से रोका जा सकता था। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग के सही कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम के इंचार्ज परदीप राणा के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर फैक्ट्री में भीषण आग लगने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री रिहायशी इलाके में स्थित है। मौके पर बिजली की तारें भी काफी नीचे हैं, जिसके चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे अचानक जोरदार धमाका सुनाई दिया। आवाज सुनकर जब वे बाहर निकले तो फैक्ट्री में भीषण आग लगी हुई थी। आग की लपटें देखकर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा को देखते हुए कई लोग अपने बच्चों को लेकर घरों से बाहर निकल आए। उधर, फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त फायर टेंडर भी मौके पर बुलाए गए। फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं।
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लातूर शिक्षण पॅटर्न पर सरकार के नियमों से छात्र-शिक्षक प्रभावित?

Latur, Maharashtra:AC :- लातूरचा ‘शिक्षण पॅटर्न’ राज्यभर प्रसिद्ध आहे… आणि या पॅटर्नमध्ये शाळा-कॉलेजसोबत खासगी कोचिंग क्लासेसची भूमिकाही तितकीच महत्त्वाची आहे. मात्र आता याच कोचिंग क्लासेसवर शासनाच्या प्रस्तावित नियमांची टांगती तलवार आहे. क्लासेसची नोंदणी, शुल्क, जाहिराती, शिक्षकांची पात्रता आणि विद्यार्थ्यांच्या सुरक्षेसह अनेक बाबींवर निर्बंध येण्याची शक्यता आहे. विशेष म्हणजे १३ वर्षांखालील विद्यार्थ्यांना कोचिंग क्लासमध्ये प्रवेश देण्यासही मनाई करण्याची तरतूद प्रस्तावित आहे. त्यामुळे लातूरमधील क्लासेस चालकांमध्ये नाराजी आहे… तर दुसरीकडे या नियमांचा विद्यार्थ्यांवर आणि शिक्षकांच्या रोजगारावर नेमका काय परिणाम होणार? पाहूया हा स्पेशल रिपोर्ट…
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जेल सीमा के भीतर रक्षाबंधन: बहनों ने भाइयों को राखी बांधी, भावुक मुलाकात

Rajnandgaon, Chhattisgarh:रक्षाबंधन के पर्व पर पूरे राजनांदगांव में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का माहौल देखने को मिला। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, जिला जेल में बंद भाइयों के लिए भी रक्षाबंधन का खास इंतजाम किया गया। राजनांदगांव जिला जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल परिसर में प्रवेश से पहले बहनों की सुरक्षा जांच की गई, जिसके बाद उन्हें जेल के भीतर बनाए गए विशेष कक्ष में प्रवेश दिया गया। यहां बारी-बारी से बहनों को उनके भाइयों से मिलने का अवसर दिया गया। लंबे समय बाद जेल में बंद भाई को सामने देखकर कई बहनें भावुक हो गईं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके जल्द जेल से बाहर आने की कामना की। इस दौरान भाई-बहन के बीच भावुक मुलाकात का माहौल रहा। बहनों ने जेल में की गई व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोष जताया। जिला जेल के जेल अधीक्षक उत्तम कुमार पटेल ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए जेल के भीतर विशेष व्यवस्था की गई है। राखी बांधने के लिए अलग कक्ष बनाया गया है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहनों को बारी-बारी से भेजा जा रहा है। जेल परिसर में सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। रक्षाबंधन का यह पर्व उन बहनों के लिए भावुक पल लेकर आया, जिनके भाई किसी न किसी मामले में जेल में बंद हैं। जेल की चारदीवारी के बीच हुई यह मुलाकात भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती और भावनाओं को बयां करती नजर आई।
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