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Vineet Kumar GuptaVineet Kumar GuptaFollow29 Nov 2024, 12:02 pm
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दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री ने 17 अगस्त तक विस्तृत जवाब मांगा: खरीद विवाद की कार्रवाई तेज

Delhi, Delhi:खरीद विवाद पर स्वास्थ्य मंत्री सख्त, विभाग के जवाब को बताया असंतोषजनक 17 अगस्त तक पूरी रिपोर्ट दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विभाग के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई है। 12 अगस्त 2026 को जारी अपने पत्र में मंत्री ने स्वास्थ्य सचिव के जरिए भेजे गए जवाब को पूरी तरह असंतोषजनक बताते हुए रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत और बिंदुवार जवाब दोबारा देने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने साफ किया है कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि संबंधित मामला जांच एजेंसियों के पास जांचाधीन है। उनके मुताबिक, विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्य जांच के कारण रोके नहीं जा सकते, जब तक किसी विशेष सूचना पर कानूनी रोक या जांच एजेंसी की ओर से स्पष्ट प्रतिबंध न हो। ORS, बेडशीट और पोर्टेबल X-Ray खरीद पर मांगा पूरा हिसाब स्वास्थ्य मंत्री ने खास तौर पर ORS सैशे, बेडशीट और पोर्टेबल X-Ray मशीनों की खरीद से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें खरीद दर, GST, वास्तविक/लैंडेड लागत, खरीदी गई मात्रा, तकनीकी स्पेसिफिकेशन, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी का विवरण और दूसरी सरकारी संस्थाओं से की गई तुलनात्मक खरीद का ब्योरा शामिल है। मंत्री ने कहा है कि ये जानकारियां विभाग के आधिकारिक खरीद और वित्तीय रिकॉर्ड में उपलब्ध होनी चाहिए। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले जांच एजेंसियों की जांच में इन वस्तुओं की खरीद दरों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। रिपोर्टों के मुताबिक पोर्टेबल X-Ray मशीनों की कीमत करीब ₹33 लाख प्रति यूनिट, बेडशीट की करीब ₹450 प्रति पीस और ORS की खरीद ₹15 प्रति सैशे होने के आरोप सामने आए थे। विभाग के पुराने जवाब से मंत्री संतुष्ट नहीं मंत्री के नए पत्र के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले भेजे गए जवाब में उठाए गए विशिष्ट सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं दिया गया। पत्र में कहा गया है कि विभाग के दूसरे उपलब्ध रिकॉर्ड से भी जानकारी जुटाने का गंभीर प्रयास दिखाई नहीं दिया। मंत्री ने अब स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया है कि CPA, Accounts Branch, Pay & Accounts Office और अन्य संबंधित कार्यालयों के सभी रिकॉर्ड की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कराई जाए और प्रत्येक सवाल का रिकॉर्ड आधारित जवाब तैयार किया जाए। यदि कोई रिकॉर्ड जांच एजेंसी के कब्जे में है या किसी कानूनी प्रतिबंध के कारण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो इसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए दस्तावेजी आधार भी देना होगा。 भुगतान के रिकॉर्ड से भी जुटेगा जवाब पत्र में एक अहम बिंदु भुगतान प्रक्रिया को लेकर है। मंत्री ने कहा है कि किसी भी भुगतान बिल को वित्तीय जांच के बाद ही पास किया जाता है और सामान्य तौर पर उसके साथ सप्लाई ऑर्डर, इनवॉयस, GST विवरण, निरीक्षण एवं स्वीकृति रिपोर्ट, डिलीवरी चालान, मात्रा सत्यापन प्रमाणपत्र और तुलनात्मक विवरण जैसे दस्तावेज उपलब्ध होते हैं। यानी अगर मूल खरीद फाइल जांच एजेंसी के पास है, तब भी भुगतान और अकाउंट्स रिकॉर्ड से खरीद की कीमत, मात्रा और सप्लाई से जुड़ी कई अहम जानकारियां निकाली जा सकती हैं। 17 अगस्त तक देना होगा संशोधित जवाब स्वास्थ्य मंत्री ने अब 17 अगस्त 2026 तक एक संशोधित और व्यापक जवाब देने का निर्देश दिया है। पत्र की प्रतियां उपराज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव और मुख्य सचिव के कार्यालय को भी भेजी गई हैं। इससे मामले की प्रशासनिक गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है पहले भी उठ चुके हैं खरीद प्रक्रिया पर सवाल यह पूरा मामला दिल्ली सरकार की Central Procurement Agency (CPA) के जरिए दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर चल रही जांच से जुड़ा है। ACB की जांच में कथित तौर पर कीमतों में भारी अंतर, टेंडर प्रक्रिया और सप्लायर चयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में पूर्व वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, हालांकि, दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच एजेंसी को दी गई एक रिपोर्ट में ओवरप्राइसिंग के आरोपों से इनकार किया गया था। विभाग ने तर्क दिया था कि कुछ खरीद की तुलना खुले बाजार के बजाय समान गुणवत्ता और समान शर्तों वाली सरकारी खरीद से की जानी चाहिए। उदाहरण के तौर पर विभाग ने WHO-ORS की कुछ सरकारी खरीद का हवाला देते हुए CPA की प्रभावी कीमत करीब ₹8.69 प्रति सैशे बताई थी। यही विरोधाभासी दावे अब जांच के केंद्र में हैं—क्या खरीद वास्तव में महंगी थी, क्या समान गुणवत्ता और स्पेसिफिकेशन वाली वस्तुओं से तुलना की गई थी, और टेंडर व भुगतान प्रक्रिया नियमों के मुताबिक हुई थी या नहीं। अब 17 अगस्त अहम तारीख स्वास्थ्य मंत्री के ताजा निर्देश के बाद गेंद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के पाले में है। अब विभाग को सिर्फ जांच का हवाला देने के बजाय उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर प्रत्येक सवाल का जवाब देना होगा। 17 अगस्त को आने वाली संशोधित रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि ORS, बेडशीट और पोर्टेबल X-Ray मशीनों की खरीद में वास्तविक दर क्या थी, किस आधार पर खरीद की गई, किसे सप्लाई ऑर्डर मिला, कितना भुगतान हुआ और विभाग के पास इसके समर्थन में कौन-कौन से दस्तावेज मौजूद हैं। फिलहाल, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विभाग की आंतरिक रिपोर्ट के बीच सामने आ रहे अंतर ने इस पूरे खरीद प्रकरण को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
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बुराड़ी अस्पताल के सामने बदहाल सड़क, मरीजों के इलाज में बाधा

Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में अस्पताल के ठीक सामने सड़क की बदहाली मरीजों और डॉक्टरों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क पर जलजमाव के साथ जगह-जगह गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ मेडिकल स्टाफ को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ये तस्वीरें उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र की हैं, जहां बुराड़ी अस्पताल के ठीक सामने सड़क की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जमा पानी और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं। बारिश के बाद हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। सड़क पर पानी भरने की वजह से राहगीरों को गड्ढों का अंदाजा तक नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना खास तौर पर जोखिम भरा बना हुआ है। जरा सी चूक बड़े हादसे की वजह बन सकती है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि सड़क के ठीक सामने अस्पताल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। बीमार और बुजुर्ग मरीजों को जलजमाव और टूटी सड़क से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है और गड्ढे लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। अस्पताल आने वाले डॉक्टर और कर्मचारी भी इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस गंभीर समस्या के चलते तबादले के लिए पत्र तक दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर भी सड़क और जलजमाव की समस्या से परेशान हैं। बताया जा रहा है कि कुछ डॉक्टरों ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तबादले के लिए पत्र तक दिया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था जल्द ठीक नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुराड़ी अस्पताल के ठीक सामने सड़क की ये बदहाल तस्वीरें सिर्फ एक सड़क की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं जहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है।
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उत्तरकाशी के मोरी में बहुउद्देशीय शिविर से ग्रामीणों की समस्याएं सामने

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:जनपद के दूरस्थ मोरी क्षेत्र में पहुंचा प्रशासन लगाया बहुउद्देशीय शिविर उत्तरकाशी उत्तरकाशी जनपद के दूरस्थ विकासखंड मोरी में जिला प्रशासन की टीम पहुंची और आम लोगों की समस्याओं के लिए एक बहुउद्देशीय शिविर और जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया विकासखण्ड मोरी कार्यालय परिसर में जनता मिलन एवं बहुउद्देशीय शिविर में पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य उपस्थित रहे। आम जनता की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराई। बहुदेशीय शिविर में कुल 204 शिकायतें दर्ज हुई अधिकांश शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही किया गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा है कि मोरी विकासखंड में लंबे समय बाद बहुत बहुदेशीय शिविर का आयोजन किया गया है हमारा प्रयास रहेगा कि प्रत्येक दो माह में मोरी क्षेत्र में बहुदेशीय शिविर और जनता मिलन का आयोजन किया जाएगा ताकि लोगों की समस्या का निस्तारण जल्द से जल्द हो。
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नोएडा अस्पताल भर्ती घोटाला: वेतन रोककर जांच, 58 लाख पेमेंट का दावा

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा जिला अस्पताल में 17 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती पर उठे सवाल। आरोप—शासन के आदेशों को दरकिनार कर स्थानीय स्तर पर हुई भर्तियां। एनएचएम ने प्रक्रिया में गड़बड़ी मिलने पर जवाब मांगा था। भर्ती किए गए कर्मचारियों को करीब 58 लाख रुपये वेतन भुगतान का दावा। सूत्रों के मुताबिक करीब 21 लाख रुपये खातों में ट्रांसफर किए गए। मामले में 17 कर्मचारियों का वेतन रोककर जांच शुरू की गई। भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप। अब भर्ती से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में।
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हरियाणा कैबिनेट आज बैठक: मानसून सत्र की तारीख और विधेयकों पर चर्चा

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा कैबिनेट की आज होगी बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 3:00 बजे हरियाणा सचिवालय में होगी बैठक मानसून सत्र की तारीख तय करने समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा अगस्त महीने के आखिर में या सितंबर के पहले सप्ताह में बुलाया जा सकता है मानसून सत्र कैबिनेट में विधानसभा में पारित किए जाने वाले विधेयकों के प्रारूपों को अंतिम रूप को मिलेगी मंजूरी इससे पहले सीएम नायब सिंह सैनी सुबह करीब 9:00 बजे मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पर लोगों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं सुनेंगे इसके बाद सीएम नायब सिंह सैनी सुबह 10:15 बजे सोनीपत के लिए रवाना होंगे सीएम सोनीपत में करीब 11:00 बजे डीसीआरयूएसटी सोनीपत में वोल्वो-आइशर कमर्शियल व्हीकल लिमिटेड के सहयोग से क्षेत्रीय क्षमता विकास केंद्र की आधारशिला रखेंगे सीएम सोनीपत से दोपहर 1:30 बजे चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे
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AMU में छात्रा की आत्महत्या के बाद कैंडल मार्च, जागरूकता और सुरक्षा की मांग

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा इर्तिका समीर के द्वारा किए गए सुसाइड के बाद एएमयू छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च, मृतक छात्रा की आत्मा की शांति के लिए निकाला गया कैंडल मार्च, AMU के आईजी हाल के कमरे में छात्रा ने पंखे पर लटक कर किया था सुसाइड, डक पॉइंट से बाबे सैयद गेट तक निकाला गया कैंडल मार्च, AMU छात्रों ने कहा एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश में युवाओं के सुसाइड के आंकड़े बड़े हैं, 15 से 25 साल के युवा अक्सर सुसाइड कर लेते हैं, केंद्र सरकार को और प्रदेश सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए, छात्रों ने पूरे मामले की AMU के प्रशासन से जांच कराने की मांग की, AMU छात्रों ने कहा युवाओं को जागरूक करने के लिए अवेयरनेस कार्यक्रम चलाना चाहिए, मां-बाप को भी अपने बच्चों के साथ फ्रेंडली व्यवहार रखना चाहिए।
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नोएडा: अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान, 30 अक्टूबर तक विकास हर जगह

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। गांवों और सेक्टरों में हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई के निर्देश दिए। अभियान के लिए 10 नई जेसीबी और हाईवा खरीदे जाएंगे। गांवों और सेक्टरों में मरम्मत, विकास और सड़क से जुड़े कार्य 30 अक्टूबर 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए शहर के सभी नालों को कवर करने की तैयारी है। स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण करने वाले फ्लैट और भूखंड मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का सही निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। ऐसे अधिकारियों का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की सख्ती से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
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नोएडा सेक्टर-49 में नाबालिग बहनों को अश्लील फोटो-वीडियो धमकी: शिकायत दर्ज

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा के सेक्टर-49 क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों को अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पड़ोस में रहने वाले दो युवकों और उनके अज्ञात साथियों पर बेटियों को परेशान करने, अश्लील हरकत करने और बदनाम करने का आरोप लगाया है। परिवार के मुताबिक आरोपी वर्ष 2023 से बेटियों को परेशान कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने साथियों के साथ मिलकर किशोरियों के अश्लील फोटो और वीडियो बनाए और वायरल करने की धमकी दी। मामले में पीड़ित परिवार ने पहले मैंगलोर के पनमबूर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में परिवार नोएडा आ गया, लेकिन आरोपियों की धमकियां जारी रहीं। एक आरोपी पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील सामग्री अपलोड करने का भी आरोप है। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अदालत का रुख किया। अदालत के आदेश पर थाना सेक्टर-49 में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है。
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राष्ट्रीय महामार्ग के पास अवैध ढाबा-होटेलों पर रोक, 30 दिन में सत्यापन आदेश

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यात राष्ट्रीय महामार्ग हद्दीत बेकायदेशीर ढाबे, हॉटेल्स, दुकाने, टपऱ्या, महामार्ग सुरक्षा क्षेत्रात व्यावसायिक व इमारत बांधकामांना नवीन परवाने देण्यास व जुन्या परवान्यांचे नूतनीकरणास बंदी घातल्याचे आदेश जिल्हाधिकारीांनी दिले. सध्या अस्तित्वात असलेल्या सर्व परवान्यांची ३० दिवसांच्या आत तपासणी होणार असून महामार्गालगत बेकायदेशीर पार्किंगवर बंदी घालण्यात आली आहे. बेकायदा पार्किंग, अतिवेग रोखण्यासाठी डिजिटल प्रणालीचा वापर केला जाईल. तसेच हायवे पेट्रोलिंग टीम तैनात करत अपघातप्रवण क्षेत्रांची दुरुस्ती करण्यासाठी चिन्हके, पथदिवे, कॅशबॅरियर लावून दुरुस्ती करावी, आपत्कालीन वैद्यकीय सेवा रुग्णवाहिका, जड क्रेन आदींची उपलब्धता २४ तास तैनात ठेवण्याचे आदेश जिल्हाधिकाऱ्यांनी दिले.
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8 जिलों में मतदाता पुनरीक्षण जारी, डिजिटाइज़ेशन में अड़चनें बढ़ीं

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:मराठवाड्यातील आठही जिल्ह्यांमध्ये सध्या मतदार याद्यांचे विशेष सखोल पुनरीक्षण (एसआयआर) सुरू आहे. त्यात २० लाख ३५ हजार मतदारांचा शोध घेतताना बूथ लेव्हल ऑफिसरांची दमछाक होत आहे. स्थलांतरित झाल्यामुळे आणि तांत्रिक अडचणींमुळे मतदारांचे डिजिटायझेशन खोळंबले आहे. १७ ऑगस्टपर्यंत हे मतदार आढळले नाही तर त्यांची नावे यादीतून वगळली जाण्याची भीती आहे.  जे मतदार स्थलांतरित झाले किंवा सापडत नाहीत त्यांची नावे वगळली जातील. मृत व्यक्तींची नावे आणि ज्यांची दोन ठिकाणी नोंद आहे त्यातील एका ठिकाणचे नाव कमी केले जाईल. यासाठी यापूर्वीच दोन वेळा मुदतवाढ दिली आहे. मतदारांना व्होटर हेल्पलाइन अॅप किंवा पोर्टलवर जाऊन २००२ ची व नवीन यादी पाहता येईल. तेथूनच ऑनलाइन अर्जही करता येईल.
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जौनपुर पुलिस ने 200 गुम मोबाइल बरामद, कीमत 3.9 करोड़

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 200 चोरी-गुम मोबाइल बरामद साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जौनपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना और विभिन्न थानों की साइबर सेल टीम ने तकनीकी जांच के जरिए अलग-अलग स्थानों से 200 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनकी बरामदगी की। खास बात यह रही कि जौनपुर के साथ-साथ आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही समेत कई जिलों से मोबाइल बरामद किए गए। इसके अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान से भी गुम मोबाइलों को खोज निकाला गया। पुलिस के मुताबिक अब तक अभियान के तहत कुल 1,941 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 90 लाख रुपये है। बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुगम सिंह ने बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मोबाइल मालिकों ने पुलिस की साइबर सेल टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए जौनपुर पुलिस का आभार जताया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल का लगातार प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। बाइट आयुष श्रीवास्तव, एसपी सिटी, जौनपुर
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माण्डलगढ़ में सावन की भारी बरसात से बांध और झरने खिल उठे

Jaipur, Rajasthan:माण्डलगढ़: माण्डलगढ़ में सावन की पहली भारी बरसात ने क्षेत्र में खुशियों की सौगात ला दी है। दो दिन से लगातार हुई बारिश से 27 फीट भराव क्षमता वाला गोवटा बांध लबालब भर गया है, बांध की चादर करीब 6 इंच तक चल रही है, वहीं पर्यटन स्थल मेनाल में 150 फीट ऊंचाई से गिरने वाला झरना भी पूरे वेग से चल रहा है, गोवटा बांध में पानी की अच्छी आवक से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। अब किसानों को रबी और खरीफ फसलों के लिए भरपूर सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं बांध की चादर से बहते पानी का मनमोहक नजारा भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मेनाल के झरने और गोवटा बांध की चादर के नजारे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी हैं, नोट। इस खबर के विजुअल साथ मे हैं।
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बाराबंकी में ट्रांसफार्मर कनेक्शन मामले में दरोगा पर किसान पीटने का आरोप

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ने पर बवाल, दरोगा पर किसान को पीटने का आरोप, घायल किसान जिला अस्पताल रेफर, ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेरा, वीडियो वायरल बाराबंकी में कोठी थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर मजरे इब्राहिमाबाद गांव में 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से ट्यूबवेल का नया कनेक्शन जोड़ने को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। अदालत के आदेश पर कनेक्शन जुड़वाने पहुंची पुलिस टीम से ग्रामीणों की तीखी झड़प हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर दरोगा लालजी यादव ने किसान रामनिवेश को लाठी से पीट दिया, जिससे वह घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। गांव में हंगामा और हाथापाई की स्थिति बनी रही। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ठाकुरपुर गांव में लगे 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से फिलहाल रामनिवेश और रामकुमार के ट्यूबवेल संचालित हो रहे हैं। इसी ट्रांसफॉर्मर से गांव के रामप्रसाद ने भी ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद रामनिवेश और रामकुमार ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ने से समस्या हो सकती है। ग्रामीणों ने नया कनेक्शन देने के बजाय 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। मामला अदालत तक पहुंचा। अदालत के आदेश पर जेई राजकुमार पुलिस टीम के साथ नया कनेक्शन जुड़वाने गांव पहुंचे। टीम में दरोगा लालजी यादव के अलावा सिपाही प्रमोद कुमार, सुरेंद्र कुमार और श्याम सिंह शामिल थे। ग्रामीणों के मुताबिक कनेक्शन जोड़ने का विरोध करने पर रामनिवेश और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा लालजी यादव ने लाठी से रामनिवेश की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचीं रेखा (32), सर्वेश कुमारी (40), नैंसी (17) और छह वर्षीय वैष्णवी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। किसान की पिटाई की खबर फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस टीम को घेर लिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाए जाने के साथ हाथापाई की नौबत आ गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस टीम किसी तरह मौके से बाहर निकली। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल गांव पहुंचा और घायल रामनिवेश को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ समीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामले की पड़ताल की गई। वहीं, एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस और विद्युत विभाग की टीम कनेक्शन जुड़वाने गई थी। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। एसपी के अनुसार, मौके पर दोनों पक्षों के बीच केवल बहस हुई है और मारपीट का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है。
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सरगोठ में जलभराव से रोड तालाब बना, ग्रामीण माँगते सुधार

Sikar, Rajasthan:सरगोठ में जलभराव से ग्रामीण परेशान, सड़क पर बने तालाब. सीकर जिले की सरगोठ ग्राम पंचायत में एनएच-52 स्थित गणपति धाम से ढाणी भोपा वाली, बुरड़कों वाली, देवंदा वाली सहित आसपास की कई ढाणियों को जोड़ने वाले करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव हो गया है. सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से मार्ग ने तालाब का रूप ले लिया है. इससे रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जलभराव और बदहाल मार्ग से परेशान स्कूली बच्चों व ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए सड़क निर्माण की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा. उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान सड़क निर्माण को लेकर वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कोई सुध लेने नहीं आता. बारिश के दौरान सड़क पर कई स्थानों पर इतना पानी भर जाता है कि गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दुपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है. वहीं स्कूली बच्चों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से soon सड़क का निर्माण करवाने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग आसपास की कई ढाणियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं. इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
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