262701
लखीमपुर खीरी में गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, सड़कों पर सन्नाटा
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी जिले में बढ़ती गर्मी ने लोगों के लिए जीना मुहाल कर दिया है। लोग सड़कों से परहेज कर रहे हैं और इसके कारण सड़कों पर सन्नाटा दिख रहा है। पिछले 24 घंटे में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। जो लोग जरूरी काम के लिए निकल रहे हैं वे गमछे का सहारा लेकर बहुत सावधानी से अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। अभी तक हीट वेव से निजात मिलने की संभावना बहुत कम दिख रही है। गर्मी के कारण जलीय जीव भी असुविधा में हैं।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
सारण में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू, फर्जीवाड़े पर पूर्ण रोक की उम्मीद
Chapra, Bihar:सारण में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम,डिजिटल हुई जमीन की रजिस्ट्री, भूमि विवाद कम करने की बड़ी पहल सारण में अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए कागजों की भागदौड़ कम होगी। राज्य सरकार की पहल पर जिले में पेपरलेस ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था शुरू कर दी गई है。 नई व्यवस्था को लेकर जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों में उत्साह है। लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में यह व्यवस्था ज्यादा सुविधाजनक, तेज और पारदर्शी है。 पेपरलेस रजिस्ट्री में कागजी प्रक्रिया कम होने के साथ ही जमीन और संपत्ति से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगी। इससे समय की बचत होगी और रजिस्ट्री कार्यालय में अनावश्यक भागदौड़ भी कम होने की उम्मीद है。 इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने को माना जा रहा है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर सौ फीसदी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में भूमि विवाद के मामलों में भी अप्रत्याशित कमी आने की उम्मीद है。 हालांकि, नई व्यवस्था की शुरुआत के साथ कुछ तकनीकी परेशानियां और भ्रांतियां भी सामने आ रही हैं। नई प्रक्रिया होने के कारण आम लोगों के साथ-साथ दस्तावेज नवीसों और स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं को भी इसे समझने में थोड़ा समय लग रहा है。 इन्हीं समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी ने दस्तावेज नवीसों, स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं और संबंधित लोगों के साथ बैठक की। उनकी समस्याएं सुनी गईं और जरूरी तकनीकी सहयोग का भरोसा दिया गया。 प्रशासन का कहना है कि शुरुआती दौर की छोटी-मोटी परेशानियों को दूर किया जा रहा है। जैसे-जैसे लोग और कर्मचारी इस नई व्यवस्था के अभ्यस्त होंगे, इसके फायदे और स्पष्ट दिखाई देंगे। यानी सारण में जमीन की रजिस्ट्री अब कागज से डिजिटल दौर में प्रवेश कर चुकी है。 उम्मीद है कि इस व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और आने वाले समय में जमीन से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी。0
0
Report
अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने की घटना का बहेड़ी पुलिस ने किया खुलासा, चोरी की दो सोलर ब
Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी, बरेली। थाना बहेड़ी क्षेत्र के ग्राम भिलैड्या में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने और सोलर पैनल की बैटरियां चोरी करने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की गई दो सोलर बैटरियां बरामद की हैं। बताया गया कि 31 अगस्त की रात ग्राम भिलैड्या में रोड किनारे स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। प्रतिमा का एक हाथ और चश्मा तोड़ने के साथ ही वहां लगी लाइट, नल और फ्रीजर को भी नुकसान पहुंचाया गया था। इसके अलावा सोलर पैनल की दो बैटरियां भी चोरी कर ली गई थीं। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की और मौके से मिले प्लास्टिक के गिलास व नमकीन के खाली पाउच के आधार पर सुराग तलाशे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गरीबपुरा मोड़ से ग्राम आखा जाने वाले खड़ंजे पर करीब 100 मीटर आगे घेराबंदी कर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौरव पुत्र करन सिंह (23) और सरजीत उर्फ रिंकू पुत्र कृपाल (19), दोनों निवासी ग्राम पुनई, थाना बहेड़ी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई दो सोलर बैटरियां बरामद कीं। पूछताछ में स्वीकार किया अपराध पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने 31 अगस्त की रात भिलैड्या में प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने और सोलर पैनल की बैटरियां चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने अपनी गलती पर खेद भी जताया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजू कुमार, उपनिरीक्षक श्रीनाथ शर्मा, कांस्टेबल आशीष, शिवम और अर्विसमान शामिल रहे।0
0
Report
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शिक्षकों का सांकेतिक धरना; मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अधयापको ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिया 2 घंटे का सांकेतिक धरना,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,बड़े आंदोलन की दी चेतावनी कुरुक्षेत्र:- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अध्यापकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की。 अध्यापकों की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अध्यापकों ने जानकारी देते कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है。 अध्यापकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा。 अध्यापकों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करते हुए विश्वविद्यालयों में शिक्षकों से जुड़ी लंबित मांगों और सुविधाओं को लेकर ठोस निर्णय लिया जाए。0
0
Report
Advertisement
हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र में 11 विधेयक पारित, कई आयोगों और कराधान विधेयक शामिल
Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन 11 विधेयक चर्चा उपरांत पारित किए गये। चंडीगढ़, 1 सितंबर - हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन 11 विधेयक चर्चा उपरांत पारित किये गये। पारित किए गये विधेयकों में हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026, हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, 2026, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय(संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य भौतिक चिकित्सा परिषद् (निरसन) विधेयक, 2026, हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संशोधन विधेयक, 2026 तथा हरियाणा कारोबार का अधिकार अधिनियम, 2026 शामिल हैं। हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 मार्च, 2027 के इकतीसवें दिन को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से कुल 7136,63,25,000 रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने के लिए पारित किया गया है। इसके अलावा अन्य विधेयक भी प्रस्तुत किए गये और उनके उद्देश्य, संरचना और क्रियान्वयन पर स्पष्ट विवरण दिया गया है।0
0
Report
इनेलो: हरियाणा को हक का पानी दिलाने के लिए पंजाब के रास्ते बंद करेंगे
Rewari, Haryana:सरकार बनते ही बंद करेंगे पंजाब के रास्ते, खुद पानी देने आएगा पंजाब" — रेवाड़ी में गरजे इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला. SYL और दक्षिण हरियाणा के पिछड़ेपन के लिए हुड्डा-खट्टर को ठहराया जिम्मेदार. केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत को दिया इनेलो में आने का खुला न्योता. सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन. इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने आज रेवाड़ी, बावल और कोसली विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता बैठकों को संबोधित किया. इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखा हमला बोला. अभय चौटाला ने 27 सितंबर को नूंह में होने वाले ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस समारोह के लिए कार्यकर्ताओं को न्योता भी दिया. अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा को अब तक SYL का पानी न मिलने के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में इनेलो की सरकार बनते ही पंजाब के रास्ते बंद कर दिए जाएंगे, जिससे पंजाब खुद हरियाणा को उसके हक का पानी देने पर मजबूर होगा. इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण हरियाणा की अनदेखी और पिछड़ेपन का ठीकरा भी हुड्डा सरकार पर फोड़ा. गुरुग्राम के सांसद और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर बयान देते हुए उन्होंने कहा, राव इंद्रजीत पूरा दिन बीजेपी को कोसते हैं, लेकिन पार्टी में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. अगर मेरे साथ ऐसा व्यवहार होता तो मैं पार्टी छोड़ चुका होता. अभय चौटाला ने राव इंद्रजीत को इनेलो में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा. गुरुग्राम में हाल ही में हुए भारी जलभराव के लिए उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में जातिवाद का जहर घोलने का काम किया है और जनता इस चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी. अभय चौटाला ने लंबे समय से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों की मांगों का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने ऐलान किया कि इनेलो कार्यकर्ता सफाई कर्मचारियों के हक के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.0
0
Report
हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल 2026 पास; 15 दिन में CIPA, मोराटोरियम 36 माह
Chandigarh, Chandigarh:पात्र उद्यमों के लिए समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करने को डिम्ड अप्रूवल का प्रावधान नए और विस्तार करने वाले विनिर्माण एमएसएमई को आवश्यक नियमित मंजूरी प्राप्त करने के लिए 36 माह की अवधि CIPA की वैधता के दौरान नियमित निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण बिल का उद्देश्य विश्वास आधारित सुशासन को बढ़ावा देना और हरियाणा में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुदृढ़ करना चंडीगढ़, 1 सितम्बर – हरियाणा में उद्यमियों के लिए कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण सुधारवादी कदम उठाया है। हरियाणा विधानसभा ने मंगलवार को हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026 पारित कर दिया। इस कानून के तहत पात्र नए और विस्तार करने वाले विनिर्माण क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को 15 कार्यदिवसों के भीतर सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (CIPA) प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। निर्धारित अवधि में निर्णय न होने की स्थिति में डीम्ड अप्रूवल का भी प्रावधान है। राज्य सरकार के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप यह कानून प्रक्रियागत देरी को कम करने तथा उद्यमियों के लिए नई विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने की प्रक्रिया को आसान एवं तेज बनाने का प्रयास है। इसके तहत उद्यमियों को प्रारंभिक चरण में सभी नियमित मंजूरियां प्रतीक्षा नहीं करनी होंगी। कानून के प्रावधानों के अनुसार, नए विनिर्माण एमएसएमई तथा विस्तार करने वाले मौजूदा विनिर्माण एमएसएमई CIPA के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे नियमित मंजूरियां प्राप्त करने की प्रक्रिया के समानांतर उद्यमों की स्थापना अथवा विस्तार को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला नोडल एजेंसी द्वारा 15 कार्यदिवसों के भीतर CIPA प्रदान किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो कानून के तहत डिम्ड अप्रूवल का प्रावधान होगा। इससे पात्र उद्यमों के लिए समयबद्ध स्वीकृति की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल 36 माह तक वैध रहेगा। इस अवधि के दौरान पात्र उद्यमों को सभी आवश्यक नियमित मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी। कानून के तहत नियमित मंजूरियों की आवश्यकता को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि पात्र उद्यमों को ये सभी मंजूरियां प्राप्त करने के लिए 36 माह की अवधि प्रदान की गई है, ताकि इस दौरान उनके उद्यम की स्थापना अथवा विस्तार की प्रक्रिया सुगमता से आगे बढ़ सके। सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की वैधता के दौरान नियमित निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक रहेगी। वर्तमान में कानून के तहत इस अवधि के दौरान छह विभागों द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण से संरक्षण का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार भविष्य में इस दायरे में और अधिक विभागों को शामिल करने पर विचार कर सकती है। सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की 36 माह की वैधता अवधि मोराटोरियम अवधि के रूप में भी कार्य करेगी। हालांकि, कानून में आवश्यक सुरक्षा प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। किसी शिकायत के आधार पर निरीक्षण किया जा सकेगा। इसके अलावा भूमि उपयोग के उल्लंघन, अनधिकृत निर्माण, जन सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती अथवा अग्नि सुरक्षा से संबंधित मामलों में भी संबंधित विभाग के प्रमुख की सिफारिश के आधार पर निरीक्षण किया जा सकेगा。 कानून में मोराटोरियम अवधि के दौरान की गई किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से प्रभावित पात्र उद्यमों के लिए समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है。 इस प्रकार, हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026 का उद्देश्य संतुलित एवं व्यावहारिक कानूनी ढांचे के माध्यम से विश्वास आधारित सुशासन को बढ़ावा देना है। यह कानून विनिर्माण क्षेत्र के एमएसएमई की स्थापना और विस्तार को सुगम बनाने के साथ-साथ राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।0
0
Report
Advertisement
684 लीटर अवैध बीयर बरामद, बंगाल नंबर ट्रक पकड़ में, चालक फरार
Samastipur, Bihar:रुई के पैकेट के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 684 लीटर अवैध बियर बरामद, बंगाल नंबर ट्रक जब्त, चालक फरार,लेडीज पर्स और स्कूली बैग भी बरामद । समस्तीपुर जिला के रोसड़ा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शहर के पुरानी बस स्टैंड के पास सड़क किनारे एक कैंपस में खड़े बंगाल नंबर के मालवाहक ट्रक से 57 कार्टून बियर जब्त किया है। बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि खड़ी एक मालवाहक ट्रक में बियर रखा है। सूचना मिलते ही रोसड़ा थानाध्यक्ष लालबाबू के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम में अपर थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र मंडल, पीएसआई चंदन कुमार, कृति कुमारी, एसआई मदुबाला कुमारी, सिपाही निर्भय कुमार सिंह सहित थाना के अन्य पुलिस बल शामिल थे। टीम ने मौके ट्रक को जब्त कर लिया। जांच के दौरान ट्रक का नंबर WB 19 N 1556 पाया गया। ट्रक की तलाशी लेने पर रुई के पैकेट के नीचे छिपाकर रखे गए हेवर्ड्स 5000 कंपनी के 57 कार्टून बियर बरामद हुए, जिसकी कुल मात्रा 684 लीटर बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान ट्रक में चालक मौजूद नहीं था। थानाध्यक्ष ने बताया कि ट्रक को जब्त कर थाने लाया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की यह खेप किसने मंगवाई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। दिन-दहाड़े इतनी बड़ी खेप मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रतर कार्रवाई में जुटी है।0
0
Report
काशी रुद्राक्ष ने मेरठ को 56 रनों से हराकर प्लेऑफ में जगह बनाई
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर यूपी T20 लीग का 29वा मैच , काशी रुद्राक्ष ने दर्ज की शानदार जीत। जीत के साथ काशी रुद्राक्ष प्ले ऑफ में पहुंची। काशी की टीम ने मेरठ को 56 रनों से दी शिकस्त。0
0
Report
मझवां में विरासत और जातीय समीकरण निर्णायक बनेंगे वोटर
Noida, Uttar Pradesh:मीरजापुर के मझवां सीट पर विरासत और जातीय समीकरण की जंग, बिंद-ब्राह्मण-दलित वोटर निर्णायक मीरजापुर मझवां विधानसभा सीट पर इस बार सियासी मुकाबला केवल प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि राजनीतिक विरासत और जातीय समीकरणों के बीच भी माना जा रहा है। भाजपा, सपा और बसपा अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन बिंद, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं का रुख चुनावी नतीजे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। मझवां क्षेत्र में करीब 3 लाख 99 हजार मतदाता हैं। इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। ऐसे में महिला वोटरों को साधना भी राजनीतिक दलों की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मझवां की राजनीति में राजनीतिक विरासत का भी खास महत्व रहा है। भाजपा की सुचिस्मिता मौर्य ने 2017 में बसपा के दिग्गज नेता रमेश चंद बिंद को हराकर भाजपा का परचम लहराया था। वह अपने ससुर और पूर्व विधायक रामचंद्र मौर्य की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाती रही हैं। भाजपा ने 1996 में पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। वहीं रमेश चंद बिंद ने बसपा के टिकट पर 2002, 2007 और 2012 में लगातार तीन बार जीत दर्ज की। 2022 में यह सीट एनडीए गठबंधन में निषाद पार्टी के खाते में गई और विनोद बिंद ने जीत हासिल की। मझवां का चुनावी इतिहास भी काफी दिलचस्प है। आजादी के बाद 1952 से 1969 तक यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही। 1974 में सामान्य सीट बनने के बाद यहां से लोकपति त्रिपाठी, रुद्र प्रसाद और भागवत पाल जैसे दिग्गज नेता विधायक बने और मंत्री पद तक पहुंचे। अब जातीय समीकरण की बात करें तो क्षेत्र में करीब 72 हजार बिंद मतदाता बताए जाते हैं। दलित और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी करीब 65 से 70 हजार के बीच मानी जाती है। यादव, मौर्य, पाल, मुस्लिम और पटेल मतदाताओं की भी बड़ी संख्या है। यही वजह है कि सभी दल इन सामाजिक समूहों को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं। मझवां में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा आठ बार जीत दर्ज की है, जबकि बसपा का भी मजबूत प्रभाव रहा है। भाजपा अब तक तीन बार जीत चुकी है। समाजवादी पार्टी का खाता इस सीट पर अभी तक नहीं खुल सका है। ऐसे में मझवां की सियासी जंग में राजनीतिक विरासत के साथ बिंद, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं का रुख सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। इन वर्गों का समर्थन जिस दल को मिला, उसके लिए मझवां की राह आसान हो सकती है。0
0
Report
Advertisement
NCSC की जयपुर सुनवाई: राजस्थान के 49 केसों पर जाँच, केस रिव्यू नेशनल बेस्ट प्रैक्टिस
Jaipur, Rajasthan:एंकर-राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सुनवाई में राजस्थान से जुड़े 49 मामलों पर मंथन हुआ। मारपीट, जमीन विवाद से लेकर हत्या और यौन उत्पीड़न तक के मामलों में अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। वहीं सचिवालय में हुई राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष किशोर मकवाना ने राजस्थान की ‘केस रिव्यू प्रणाली’ को नेशनल बेस्ट प्रैक्टिस बताया। बंद किए गए मामलों की दोबारा समीक्षा और लापरवाही पर विजिलेंस जांच की व्यवस्था की तारीफ हुई। आयोग ने एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में त्वरित जांच, समय पर चालान और पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने जयपुर में राजस्थान से जुड़े अनुसूचित जाति वर्ग के लंबित मामलों की सुनवाई के साथ सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के साथ बैठक की। बैठक में एससी-एसटी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, लंबित मामलों के निस्तारण, पुलिस जांच और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस सुनवाई में आठ जिलों के कलक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए....आयोग की ओर से 21 अगस्त को जारी पत्र के अनुसार जयपुर में कुल 49 मामलों पर सुनवाई प्रस्तावित थी। इनमें 47 मामले अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं। अलवर के 10, भरतपुर के 9, करौली के 8, हनुमानगढ़ के 6, दौसा के 5, जोधपुर के 5 और जयपुर के 4 मामले शामिल हैं। इसके अलावा पिछली सुनवाई में अधिकारियों की अनुपस्थिति वाले जयपुर और बीकानेर के एक-एक मामले भी शामिल किए गए हैं। अधिकारियों को रिकॉर्ड के साथ बुलाया गया......आयोग ने संबंधित अधिकारियों के साथ मामलों की पूरी और अपडेटेड रिपोर्ट के साथ सुनवाई की.....10 अगस्त की पिछली सुनवाई में जयपुर और बीकानेर के एक-एक मामले में संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं हुए थे। इन दोनों मामलों में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए......इसके अलावा आयोग ने 43 अन्य लंबित मामलों में भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें कोटपूतली-बहरोड़ और सवाई माधोपुर के 4-4, धौलपुर, झुंझुनूं और खैरथल के 3-3 मामले सहित अन्य जिलों के मामले हैं। शिकायतों में पुलिस की निष्क्रियता, मारपीट, जमीन विवाद, राहत एवं मुआवजा राशि में देरी, यौन उत्पीड़न और हत्या जैसे मामले शामिल हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने सचिवालय में मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा के साथ भी बैठक की....मकवाना ने राजस्थान पुलिस और प्रशासन की ‘केस रिव्यू प्रणाली’ की विशेष सराहना की। इस व्यवस्था के तहत बंद यानी क्लोज्ड/एफआर किए गए मामलों में से 20 प्रतिशत तक मामलों की उच्च स्तर पर दोबारा जांच और समीक्षा की जाती है। जांच में लापरवाही या त्रुटि सामने आने पर मामले को फिर से खोलने के साथ संबंधित अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस जांच भी की जाती है। आयोग ने इस व्यवस्था को ‘नेशनल बेस्ट प्रैक्टिस’ बताते हुए अन्य राज्यों में भी लागू किए जाने पर जोर दिया। 60 दिन में चालान पेश करने की दर में सुधार पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में बताया कि प्रभावी मॉनिटरिंग के कारण प्रदेश में एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में कमी आई है। साथ ही 60 दिन के भीतर चालान पेश करने की दर में भी सुधार हुआ है। संवेदनशील घटनाओं को लेकर पुलिस द्वारा बिंदोली और घोड़ी चढ़ने जैसी घटनाओं की मैपिंग की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पीड़ित परिवारों को एफआईआर और चालान के स्तर पर समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रवासी पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा देने की जानकारी भी बैठक में दी गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आयोग अध्यक्ष को बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार एससी-एसटी वर्ग के अधिकारों के संरक्षण और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की नियमित समीक्षा से अत्याचार के मामलों में कमी आने की बात कही। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पात्र एससी-एसटी लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराया जा रहा है। आयोग अध्यक्ष ने राज्य प्रशासन की ओर से एससी वर्ग की सुरक्षा, सशक्तीकरण और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए किए जा रहे प्रयासों और नवाचारों की सराहना की। बहरहाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सुनवाई में साफ कर दिया कि एससी-एसटी वर्ग से जुड़े मामलों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। 49 मामलों की सुनवाई के साथ राजस्थान की केस रिव्यू प्रणाली को मिली राष्ट्रीय स्तर की सराहना ने प्रशासन की जवाबदेही का संदेश भी दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि लंबित मामलों में कार्रवाई कितनी तेजी से होती है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिलता है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
0
Report
गोरखपुर डायग्नोसिस सेंटर में गोली: असलहा कहां गया, CCTV से खुलेंगे राज
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में डायग्नोसिस सेंटर के अंदर गोली चलने से सनसनी फैल गई। 25 साल के मैनेजर विशाल चंद के जबड़े के पास गोली लगी, हालत गंभीर होने पर अस्पताल उपचार के लिए भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर जबड़े के पास फंसी गोली निकाल दी और घायल की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। परिवार और कर्मचारियों का दावा है कि विशाल ने खुद को गोली मारी, लेकिन जिस असलहे से गोली चलने की बात कही जा रही है, वह अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल— गोली चली कैसे, असलहा कहां गया, CCTV फुटेज से इस मामले का पर्दा उठेगा? खोराबार पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। तस्वीरें गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र के रानीडीहा स्थित वर्ड विजन डायग्नोसिस सेंटर की हैं, जहां सेंटर में 25 वर्षीय मैनेजर विशाल चंद को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। गोली विशाल के जबड़े के पास लगी।セン्टर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची खोराबार थाने की पुलिस ने गंभीर रूप से घायल विशाल को एम्स अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस घायल विशाल को राजवंशी अस्पताल लेकर पहुंची और रात करीब साढ़े दस बजे ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान जबड़े के पास फंसी गोली को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा और अब विशाल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जांच में यह पता किया जा रहा है कि पिस्टल किसकी थी, सेंटर में कैसे पहुंची, गोली कैसे चली और घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था। पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। विशाल सिकरीगंज थाना क्षेत्र के भीटी ढकवा गांव निवासी बजरंगी चंद के छोटे बेटे हैं और उसी सेंटर में काम करते हैं। परिवार की ओर से किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी गई है, इसलिए पुलिस घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। खोराबार पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है— मौके की निगरानी, मौजूद लोगों से पूछताछ, CCTV फुटेज की जांच और असलहे की बरामदगी आदि। गोलीकांड के राज से पर्दे हटने तक तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाएगी; फिलहाल विशाल खतरे से बाहर हैं और पुलिस गहन जांच में जुटी है। डायग्नोसिस सेंटर में चली गोली का राज क्या है? असलहा कहां गया? CCTV में क्या सामने आएगा?0
0
Report
एटा SSP इलामारन जी 2026 Fame India–Asia Post सूची में शामिल
Etah, Uttar Pradesh:एटा बिग ब्रेकिंग..... एटा SSP इलामारन जि देश के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों में हुए शामिल, Fame India–Asia Post की 2026 की प्रतिष्ठित सूची में एटा SSP इलामारन जी. का चयन, अपराध नियंत्रण,कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और प्रभावी नेतृत्व ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान, देशभर के 25 बेहतरीन पुलिस कप्तानों की सूची में एटा के SSP का नाम शामिल होना बड़ी उपलब्धि, इसके साथ ही विशिष्ट कार्यशैली वाले 5 अधिकारियों को ‘Super-5’ श्रेणी में मिली जगह, Top-25 और Super-5 मिलाकर कुल 30 पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर किया गया चयनित। एटा से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा पुलिस नेतृत्व—SSP इलामारन जी के चयन से एटा पुलिस का बढ़ा गौरव।0
0
Report
Advertisement
अनशन के सात दिन: महन्त माधुसूदन दास ने त्याग की चेतावनी दी, प्रशासन मौन
Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़, उत्तर प्रदेश. अनशन के सात दिन बाद महंत ने किया भोजन का त्याग. भूख हड़ताल प्रारंभ. जल जीवन मिशन के तहत गाँव में बनी पानी की टंकी को लेकर सात दिन से अनशन पर बैठे महंत मधुसुदन दास. सात दिन के अनशन के दौरान कोई नहीं प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुँचा महंत से मिलने. महंत का प्रशासन को अल्टीमेटम 3 सितंबर से जल का होगा त्याग. 124.66 लाख रूपये में हुआ था जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण. महंत मधुसूदन दास ने संबंधित विभाग व प्रशासन से माँगा निर्माण कार्य का लेखा जोखा. ज़ब तक टंकी निर्माण का लेखा जोखा नहीं मिलेगा जब तक भोजन पानी ग्रहण नहीं करेंगे महंत मधुसूदन दास. इगलास तहसील क्षेत्र के गाँव रायतपुर में पानी की टंकी के समीप भूख हड़ताल पर बैठे महंत मधुसूदन दास.0
0
Report
लखीमपुर खीरी: भाजपा नेता के काफिले में बस चालक को कथित पिटाई, वीडियो वायरल
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा के काफिले के दौरान रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सदर विधायक योगेश वर्मा और उनके समर्थकों ने बस को रोककर चालक की पिटाई की। विधायक का कहना है कि बस उनकी कार में टक्कर मारती चली आ रही थी, जबकि चालक ने बाइक सवार को बचाने के लिए बस को साइड करने की बात कही है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।0
0
Report
कौशांबी पटाखा विस्फोट: अजय राय की न्यायिक जांच और सरकार पर निशाना
Prayagraj, Uttar Pradesh:कौशांबी पटाखा विस्फोट में घायलों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, पटाखा विस्फोट की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की, अजय राय ने अवैध पटाखा फैक्ट्री के बहाने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी साधा निशाना, कहा कौशांबी डिप्टी सीएम का गृह जनपद है और वहां अवैध पटाखा फैक्ट्री चलना सबसे बड़ा सवाल है। एंकर -- कौशांबी में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के घायलों से मिलने यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल पहुंचे। यहाँ पर भर्ती घायलों और उनके परिजनों से अजय राय ने मुलाकात की। इस दौरान अजय राय ने पटाखा विस्फोट की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराए जाने की मांग की। वहीं विस्फोट की घटना के लिए अजय राय ने सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विस्फोट की घटना के बहाने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कौशांबी यूपी के डिप्टी सीएम का गृह जनपद है और उनके जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल है। अजय राय ने कहा कि दो साल पहले भी कौशांबी में पटाखे से लोगों की जान गई थी, उन घटनाओं के बाद भी कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाया जा रहा था, जो यूपी के जंगलराज को दर्शाता है। आरोपियों के घरों पर चल रही बुल्डोजर कार्रवाई के सवाल पर अजय राय ने कहा कि यह बुल्डोजर अधिकारियों और बीजेपी नेताओं के घरों पर कब चलेगा, जिनके संरक्षण में पूरा अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। वहीं यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन सृजन के जरिए पूरे प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। यूपी में गठबंधन कब और किससे होगा यह फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। अजय राय ने साफ़ तौर पर कहा है कि अभी कांग्रेस पार्टी की पूरी तैयारी संगठन सृजन के जरिए पार्टी को मजबूती देने के साथ सभी 403 सीटों पर तैयारी करना है। इसी उद्देश्य के साथ वह पूरे प्रदेश भर में जनता की समस्याओं और हर अन्याय अत्याचार पर आवाज उठा रहे हैं। सीएम योगी के मछ्ली पार्टी करने के आरोपों को लेकर दाखिल किए गए वाद पर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने झूठ बोला है और जनता को भ्रमित करने के साथ हमारी छवि को खराब कर रहें हैं। इस लिये कोर्ट में वाद दाखिल किया है कि मछली पार्टी के साक्ष्य दिखाएं सीएम योगी नहीं तो माफी मांगे, क्योंकि हमारी छवि को सार्वजनिक खराब किया गया है और कोर्ट से हमने मांग किया है कि वह साक्ष्य दिखाएं ताकि तो सार्वजनिक माफी मांगे।0
0
Report
Advertisement
