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DMDileep MishraFollow14 Jun 2024, 07:52 am
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भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार से मालपुरा नगरपालिका में स्पष्ट बहुमत से बोर्ड बनाने की अपील

Tonk, Rajasthan:मालपुरा (टोंक) टोंक के मालपुरा से खबर है जहां नगरपालिका चुनाव मालपुरा में दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रत्याशी अपने -अपने वार्ड में मतदाताओं के घर-घर दस्तक देकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं वहीं देर रात्रि तक नुक्कड़ सभाओं का आयोजन व चुनाव कार्यालयों का उद्घाटन किया जा रहा है। कांग्रेस में मालपुरा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे घासीलाल चौधरी कमान संभाले हुए हैं तो भाजपा में कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के हाथों में कमान है। कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने शनिवार रात्रि को वार्ड नंबर 15 में भाजपा प्रत्याशी जिनेन्द्र जैन के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए नगरपालिका मालपुरा में स्पष्ट बहुमत से भाजपा का बोर्ड बनाने का मतदाताओं से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है ऐसे में मालपुरा नगरपालिका में भी भाजपा का बोर्ड बनेगा तो विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं भाजपा सरकार ने घोषणा पत्र नहीं संकल्प पत्र तैयार किया है हमने जो भी संकल्प लिया है उसको 100% पूरा करने का कार्य भाजपा की भजनलाल सरकार करेगी। कैबिनेट मंत्री ने बीते पांच साल में मालपुरा नगरपालिका में भाजपा का पालिकाध्यक्ष बनने के बावजूद विकास नहीं होने पर कहा कि स्पष्ट बहुमत नहीं होने से बहुत सारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है ऐसे में मतदाताओं से अपील है कि वो भाजपा का स्पष्ट बोर्ड बनाने में अपना योगदान दे।
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लेह-लद्दाख में शहीद मोहम्मद मनीर का पार्थिव शरीर खरडीह पहुंचा

Jamui, Bihar:जमुई जिले के लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जमुई जिले के सिकंडरा प्रखंड अंतर्गत खरडीह गांव निवासी सेना के जवान मोहम्मद मनीर का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक आवास पहुंचा। पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिजनों के करुण क्रंदन से हर किसी की आंखें नम हो गईं। शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के लोग खरडीह गांव पहुंचे। पैतृक आवास पर राजकीय सम्मान के साथ जवान को सलामी दी जा रही है। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को देखकर परिजन फफक पड़े। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मनीर, हाजी मोहम्मद मंसूर के पुत्र थे। वे भारतीय सेना में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में लेह-लद्दाख में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान ही उन्होंने शहादत दी। शहादत की खबर मिलते ही खरडीह सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी। शहीद जवान का पार्थिव शरीर शनिवार को सिकंदरा पहुंचने की संभावना जताई गई थी, जिसके बाद आज उनके पैतृक आवास पर अंतिम सम्मान की प्रक्रिया शुरू हुई। सेना के जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। मोहम्मद मनीर अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। जवान की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, ग्रामीणों में अपने लाल की शहदत को लेकर गर्व के साथ गहरा दुख भी है। फिलहाल अंतिम विदाई की तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोग शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे हैं।
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शेरपुर कुश्ती दंगल: दीपक पहलवान नूरपुर के विजेता

Karauli, Rajasthan:शेरपुर में कुश्ती दंगल मेले में पहलवानों ने विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले किए। अंतिम मुकाबला जोगिंदर पहलवान शेरपुर और दीपक पहलवान नूरपुर के बीच हुआ, जिसमें दीपक पहलवान विजेता रहे। दंगल में 50 रुपए से लेकर 21 हजार रुपए तक के कई मुकाबले हुए और हजारों दर्शकों ने कुश्ती का रोमांच देखा। दंगल का सबसे बड़ा और अंतिम मुकाबला 21 हजार रुपए की इनामी राशि का रहा। इसमें जोगिंदर पहलवान शेरपुर और दीपक पहलवान नूरपुर आमने-सामने हुए। दोनों पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबला हुआ, जिसमें दीपक पहलवान ने जीत दर्ज की। निर्णायक मनोज डागुर शेरपुर ने बताया कि 21 हजार रुपए का एक अन्य मुकाबला सिंह हॉस्पिटल के संचालक रघुवीर सिंह डागुर की ओर से कराया गया। इसमें हरेंद्र पहलवान रसीदपुर और कुशपाल पहलवान फुलवारा के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा। दंगल में 15 हजार रुपए के दो मुकाबले कराए गए। इनमें सौरभ पहलवान जरूआ कतरा विजेता रहे। यह मुकाबला सोनू डागुर शेरपुर की ओर से कराया गया। दूसरे मुकाबले में देव पहलवान सोमला और मागे पहलवान करावली के बीच कुश्ती बराबरी पर रही। इसके अलावा 11 हजार रुपए के पांच मुकाबले भी हुए। इनमें विजेता पहलवानों को दंगल कमेटी की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए
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मायावती के X पोस्ट पर Gen-Z के सवाल, BSP की नीति पर बहस तेज

Noida, Uttar Pradesh:बसपा प्रमुख मायावती का x पर पोस्ट 1. देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिसे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान जो इनको बड़े-बड़े सपने दिखाये गये थे, वे अब स्वतंत्र कम व राजनीतिक ज़्यादा होकर गंभीर शंकाओं में घिर गये हैं। 2. किन्तु ख़ासकर जेन-जी (Gen-Z) व जेन-अल्फा (Gen-Alpha) की ज़रूरी माँगों को लेकर बी.एस.पी. को पूरी सहानुभृति व इसके प्रति चिन्ता भी हमेशा रही है और आगे उनके सहयोग के लिये बी.एस.पी. के सभी स्टेट यूनिटों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने-अपने राज्य व क्षेत्र में सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याओं के शान्तिपूर्ण तरीक़े से समाधान के लिये ज़रूर तत्पर रहें। 3. लेकिन बी.एस.पी. के अनुशासन के अनुसार पार्टी के लोग धरना, प्रदर्शन व आन्दोलन आदि नहीं करें और अपनी तन, मन, धन की शक्ति एवं ऊर्जा को चुनाव के लिये सुरक्षित रखें, ताकि करोड़ों दलितों व अन्य उपेक्षितों के सच्चे मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के सपनों को साकार करने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की अपनी सरकार बनाकर जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा (Gen-Alpha) सहित सर्वसमाज की सभी दुख-तकलीफों आदि का स्थायी समाधान निकल सके, जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में चार बार रही सरकारों में करके भी दिखाया गया है। 4. इसके साथ ही, जेन-जी (Gen-Z) के जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान पुलिस अगर समय से उचित कार्रवाई करती तो श्री संजय आज़ाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती, किन्तु अब इस प्रकरण के अभियुक्तों के खिलाफ सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई ज़रूर होनी चाहिये वरना फिर बी.एस.पी भी ऐसे मामलों में कोई पीछे नहीं रहेगी।
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रेवाड़ी हाफ मैराथन: नशे के खिलाफ युवा जोश, मुख्यमंत्री सैनी का संकल्प

Rewari, Haryana:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी में हाफ मैराथन को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। हजारों की संख्या में पहुंचे उत्साहपूर्ण युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेवाड़ी की धरती ने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का मजबूत संकल्प ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि "नशे से जंग, रेवाड़ी के संग" का यह नारा और जन-जागरण की यह गूंज पूरे हरियाणा में सुनाई देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नशे को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हरियाणा के परिवारों के गहरे दर्द और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय माना है। नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए प्रदेश में 'स्पेशल टास्क फोर्स' (STF) का गठन किया गया है और 'हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो' की स्थापना की गई है। नशे के जाल में फंसे युवाओं के उपचार और पुनर्वास के लिए प्रदेशभर में 160 नशा मुक्ति केंद्र शुरू किए गए हैं। ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक समर्पित 'मिशन टीमों' का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि सरकार 'नशा मुक्त हरियाणा' के संकल्प को पूरा करने के लिए 'एक्शन प्लान 2029' पर तेजी से आगे बढ़ रही है। जनता को जागरूक करने के लिए राज्य में 'हरियाणा उदय' सामुदायिक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक कुल 2,485 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 16 लाख 61 हजार से अधिक नागरिकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। युवाओं को नशे के भटकाव से बचाने के लिए राज्य में शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में बड़ा इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 'नशा मुक्त युवा, नशा मुक्त हरियाणा' अभियान को जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने सभी को संकल्प दिलाते हुए कहा—"न नशा करेंगे, न नशा बिकने देंगे" का यह संकल्प हर घर और हर गांव तक पहुंचना चाहिए।
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पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, गांधी घाट पर बाढ़ का खतरा

Patna, Bihar:बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है, जिससे दीघा और गांधी घाट समेत विभिन्न घाटों और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। मरीन ड्राइव यानी जेपी गंगा पथ पर स्थित कृष्णा घाट की सीढ़ियों समेत कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं पानी की जद में आ चुकी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी किया है। पटना में गांधी घाट खतरे दीघा घाट खतरे के निशान से ऊपर है वही जो गांधी घाट सुबह और शाम लोग सैकड़ों लोग आते थे अब उन्हें निराशा हाथ लग रही है क्योंकि जिला प्रशासन ने गांधी घाट समेत कई घाटों को खतरनाक घोषित कर दिया है और ब्रैकेटिंग लगा दिया गया है।
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मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री: स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

Madanpur, Bihar:मधेपुरा की रेल इंजन फैक्ट्री को लेकर आसपास के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर रोजगार के मामले में अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर फैक्ट्री खड़ी है, उसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलना चाहिए। उनकी मांग है कि “योग्यता के अनुसार फैक्ट्री में नौकरी दो, स्थानीय युवाओं को रोजगार दो, नहीं तो फैक्ट्री बंद करो।” दरअसल, हाल ही में Alstom और भारतीय रेलवे की संयुक्त कंपनी MELPL की एक रिपोर्ट पटना में जारी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव परियोजना ने वित्तीय वर्ष 2020-26 के दौरान देशभर में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक आउटपुट को सपोर्ट किया है। रिपोर्ट और मीडिया में स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की बात सामने आने के बाद फैक्ट्री के आसपास के गांवों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री में स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि यहां रेल इंजन के निर्माण के नाम पर बाहर से सामान लाकर सिर्फ असेंबलिंग की जाती है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे कल-पर्जों तक का निर्माण होता, तो आसपास के लोगों को रोजगार और व्यवसाय का बड़ा अवसर मिलता। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण अरविंद कुमार यादव ने फैक्ट्री के एक अधिकारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी गांव के युवाओं से कथित तौर पर स्मैक बिकवा रहे हैं और इससे समाज बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों ने ITI की पढ़ाई की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें योग्यता के मुताबिक रोजगार नहीं मिला। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं सुधीर कुमार यादव ने कहा कि रोजगार के साथ-साथ बिजली, शिक्षा और किसानों की सुविधाओं को लेकर भी ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि योग्य युवा रोजगार की तलाश में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि जिसकी जैसी डिग्री और तकनीकी योग्यता हो, उसे उसी के अनुरूप नौकरी दी जाए। अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जमीन लेते समय स्थानीय विकास और रोजगार का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज भी गांव के कई युवा बाहर कमाने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि फैक्ट्री मधेपुरा में है, जमीन मधेपुरा की है, तो रिपोर्ट पटना में क्यों जारी की गई? उनका कहना है कि कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर होता तो ग्रामीणों को भी अपनी बात रखने का मौका मिलता। फिलहाल ग्रामीणों ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे एक बार फिर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। वहीं इस संबंध में फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत किया गया तो उन्होंने बयान देने से परहेज कर लिया।
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