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Ali MuktedaAli MuktedaFollow2 Jul 2024, 05:04 am

कौशांबी में संचारी रोग नियंत्रण अभियान हुआ शुरू, डीएम ने दिखाई हरी झंडी

Manjhanpur, Uttar Pradesh:

कौशांबी में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत हुई थी। सूचना के अनुसार जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं रैली कलेक्ट्रेट से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मंझनपुर तक निकाली गई। मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुष्पेंद्र कुमार और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनुपमा मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अभियान 1-31 जुलाई तक चलेगा, जिसमें जनपदवासियों को मच्छरों और संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

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डिंडोरी में पांच सेंदीपनी विद्यालयों का लोकार्पण; ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा का आयाम

Dindori, Madhya Pradesh:Anchor - डिंडोरी जिले में आज शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली है । आपको बता दे कि जिले के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार पाँच नए संदीपनी विद्यालयों का लोकार्पण किया गया। जिले का मुख्य कार्यक्रम नारिया गांव में आयोजित हुआ, जहां प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम सहित जनप्रतिनिधि और जिला कलेक्टर समेत प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। नारिया से ही जिले के अन्य चार संदीपनी विद्यालयों का भी लोकार्पण किया गया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये विद्यालय न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराएंगे, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई पहचान देंगे。
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दमोह प्राथमिक स्कूल में पांच कक्षाओं के लिए एक कमरे में पढ़ाई, बिल्डिंग जर्जर

Damoh, Madhya Pradesh:5 कक्षाएं 36 बच्चे एक कमरा ऐसे में कैसे करें बच्चे पढ़ाई? एंकर/ एमपी में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर दी जा रही दलीलों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और है सूबे के सरकारों स्कूलों की हालत विज्ञापनों में दिखाई जा रही चमचमाती इमारतों से कहीं अलग है। प्रदेश के दमोह जिले में हालात चिंताजनक है जहां कहीं मासूमों पर हर पल खतरा मंडराता रहता है तो कहीं स्कूलों तक पहुंचना ही मुश्किल है, और कहीं स्कूल पहुंच भी जाएं तो पढ़ना भी मुश्किल है क्योंकि यहां कक्षाएं अलग अलग नहीं बल्कि एक साथ एक कमरे में लग रही है और टीचर एक साथ पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाते है। सुनकर अजीब अलग रहा होगा लेकिन ये हकीकत है। जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के बगदरी गांव के इस प्रायमरी स्कूल को देखिए, यहां पहली से पाँचवी कक्षा तक के छात्र छात्राएं पढ़ने आते है, सभी क्लास की संख्या कुल 36 है मतलब पांच कक्षाओं में 36 बच्चे है सरकार ने इन बच्चों को पढ़ाने के लिए दो टीचर दिए है, यहां बच्चे भी रोजाना आते है और टीचर भी रेग्यूलर है, उनकी मंशा है कि बच्चे पढ़ें लिखे लेकिन कैसे तो ये भी जानिए , यहां पांचों कक्षाओं के बच्चे एक हाल में बैठाये जाते है और दो टीचर बारी बारी से उन्हें पढ़ाते हैं। अब जरा सोचिए कि क्या एक साथ बैठे अलग अलग कक्षाओं के बच्चे ऐसे में अपने अपने स्तर की पढ़ाई कर सकते है? लेकिन बच्चे मजबूर है और टीचर भी, और ये मजबूरी है यहां के स्कूल की बिल्डिंग, जी हां बिल्डिंग जो पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, स्कूल की छत गिर गई है दीवाले धराशाई हो गई और यहां महज ढांचा बचा है जो शायद इस बरसात में न बच पाए। बीते दो सालों से इसी जर्जर बिल्डिंग में मासूमों की बैठा कर पढ़ाया जा रहा था लेकिन जब स्कूल टीचर्स को लगा कि कोई बड़ा हादसा हो सकता है तब उन्होंने इसी गांव के मिडिल स्कूल के हेडमास्टर से आग्रह किया और मिडिल स्कूल के अतिरिक्त कक्ष को यहां की पांच कक्षाओं को लगाने की अनुमति दी गई और मिडिल स्कूल के एक्सट्रा रूम में अब पांचों कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। सालों से खस्ताहाल इस प्रायमरी स्कूल की बिल्डिंग को लेकर कई बार स्कूल स्टाफ और गांव के लोगों ने जिम्मेदारों से शिकायत की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, गनीमत रहा कि यहां कोई हादसा नहीं हो पाया। वहीं बारिश से पहले स्कूल टीचर्स की समझ ने फिर बड़ा हादसा होने से रोक दिया और उन्होंने दूसरे स्कूल में एक कमरे में ही सही बच्चों को पढ़ाना शुरू किया है लेकिन सवाल यही कि आखिर कब तक उधार के कमरे में स्कूल लगेगा? और क्या ऐसी स्थिति में पांच अलग अलग क्लास के बच्चे पढ़ पाएंगे? आदिवासी बाहुल्य इस इलाके के आदिवासी समुदाय के अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाना लिखाना चाहते हैं और वो इन परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे है लेकिन सरकार से ये जरूर कह रहे है कि उनके बच्चों के लिए स्कूल बिल्डिंग बना दीजिए। वहीं स्कूल के शिक्षक की माने तो जर्जर बिल्डिंग में पढ़ाते वक्त पूरे समय डर बना रहता था कि कहीं कोई हिस्सा गिर न जाए कोई हादसा न हो जाए, अब जब उधार के कमरे में स्कूल लगाया जा रहा है तब भी पढ़ाने में मन नहीं लगता और एक समय में एक साथ पांच कक्षाओं को पढ़ाना संभव भी नहीं है लेकिन मजबूरी है यदि स्कूल नहीं लग रहा तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस मामले में लगातार स्कूल स्टाफ अपने आला अधिकारियों को बता रहा है, शिक्षा विभाग के जन शिक्षक बीआरसी जैसे अधिकारी इन स्कूलों का निरीक्षण भी करते है लेकिन किसी ने शायद इसे गंभीरता से नहीं लिया वरना नई बिल्डिंग न सही कम से कम बच्चों को अलग अलग कमरों में बैठाकर पढ़ाने का इंतजाम तो हो ही जायल । इस मामले में जब हमारी टीम ने इलाके के एसडीएम को हालात दिखाए तो वो भी आश्चर्य में आ गए और उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए है कि स्कूल की व्यवस्था बनाई जाए। लेकिन ये हालात चिंताजनक है , कागजी खानापूर्ति के लिए सब हो रहा है कि स्कूल चालू है बच्चे आ रहे है, मिड डे मील बाँटा जा रहा है और अन्य योजनाओं की राशि भी जारी हो रही है पर स्थिति सबके सामने है। बाइट/ अभिभावक गण बाइट/ इंद्र सिंह यादव (शिक्षक प्राथमिक शाला बगदरी दमोह) बाइट/ जुगल किशोर शर्मा (विकासखंड शिक्षा अधिकारी तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ सी जी गोस्वामी ( एसडीएम तेंदूखेड़ा दमोह)
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उज्जैन में स्मार्ट आंगनवाड़ी मॉडल से बच्चों के भविष्य के लिए नया पहल

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। छोटे-छोटे बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में उज्जैन से एक नई पहल की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम में शामिल होकर स्मार्ट आंगनवाड़ी मॉडल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने हितलाभ वितरण किया, आंगनवाड़ी परिसर में पौधारोपण किया, पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से आत्मीय संवाद भी किया。 मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केवल बच्चों की देखभाल का केंद्र नहीं है, बल्कि उनके स्वस्थ और बेहतर भविष्य की पहली पाठशाला है। उन्होंने जनसहयोग से विकसित किए गए इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि अलग-अलग बस्तियों से आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शुरुआती शिक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित ऐसे केंद्र बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे。 कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप आंगनवाड़ियों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उज्जैन जिले की 1,000 आंगनवाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट आंगनवाड़ी में बदला जाएगा। इन केंद्रों पर बच्चों के लिए झूले, खेल सामग्री, फर्नीचर, यूनिफॉर्म, शिक्षण सामग्री और बेहतर स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आप को बता दे एक आंगनवाड़ी को आधुनिक स्वरूप देने में लगभग छह लाख रुपये की लागत आती है। यह अभियान जनसहयोग और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग आंगनवाड़ियों को गोद लेकर बच्चों के बेहतर भविष्य में भागीदारी निभा सकें। मुख्यमंत्र ने इस पहल से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इससे बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा और उज्जैन प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि अगले दिन निकलने वाली भगवान जगन्नाथ यात्रा में वे शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए उन्होंने पहले ही दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बाइट - सीएम डॉ मोहन यादव
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जनता दर्शन में डीएम की संवेदनशील पहल, असहाय महिला को दिलाई सरकारी योजनाओं की सौगात

ASAmit SinghFollow2m ago
Deoria, Uttar Pradesh:जनता दर्शन में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी का संवेदनशील और मानवीय चेहरा एक बार फिर देखने को मिला। फरियाद लेकर पहुंची एक असहाय महिला की पीड़ा सुनकर जिलाधिकारी ने न केवल उसकी तत्काल मदद के निर्देश दिए, बल्कि उसे विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को मौके पर ही आदेश जारी कर दिए। वहीं एक दिव्यांग युवक को इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। भाटपाररानी तहसील के बेलपार पंडित गांव की रहने वाली सोनी देवी अपनी पुत्री के साथ जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है और वह अपनी बुजुर्ग सास व बेटी के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने की गुहार लगाई। महिला की स्थिति जानने के बाद जिलाधिकारी भावुक हो गए और पूछा कि उन्हें और किस प्रकार की सहायता की आवश्यकता है। इसके बाद उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को तत्काल अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने, प्रोबेशन विभाग को निराश्रित महिला पेंशन एवं बेटी को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ने, जिला समाज कल्याण अधिकारी को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत कार्रवाई करने तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। डीएम ने महिला की पुत्री मानसी को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उसकी शिक्षा जारी रखने पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि बच्ची की पढ़ाई किसी भी हाल में नहीं रुकनी चाहिए। इसी दौरान सुरौली थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी दिव्यांग रविंद्र यादव ने इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का आवेदन दिया। जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनता दर्शन के अंत में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना जाए तथा उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को वास्तव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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Bhopal, Madhya Pradesh:
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वाराणसी के जैतपुर अशोक विहार में भीषण आग, लाखों के सामान जलकर राख

Noida, Uttar Pradesh:वाराणसी के जैतपुर की अशोक विहार कॉलोनी में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख. तीसरी मंजिल पर बने कमरे में अचानक भड़की आग, पूरे कमरे को लिया चपेट में. दमकल विभाग की बड़ी लापरवाही सूचना के 1 घंटा 50 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड. पीड़ित अभिषेक सिंह का दावा- समय पर आती दमकल तो बच सकता था 6 से 7 लाख का नुकसान. स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप- घटना के वक्त लगातार मिलाते रहे नंबर, रिसीव नहीं हुआ फोन. कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने पाया आग पर काबू, कोई जनहानि नहीं. गुस्साए स्थानीय लोगों ने की प्रशासन से मांग- दोषी अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई.
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बांकीपुर उपचुनाव: इंडिया गठबंधन की रणनीति, परिवर्तन का मूड और महिला प्रत्याशी संदेश

Patna, Bihar:पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन की अहम बैठक संपन्न हो गई। बैठक में चुनावी रणनीति, संयुक्त प्रचार अभियान, बूथ प्रबंधन और गठबंधन की आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले) समेत इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कहा कि गठबंधन ने तय किया है कि बांकीपुर की जनता अब 40 वर्षों से एक ही परिवार के राजनीतिक वर्चस्व से बाहर निकलना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने पिछले चुनाव में महिलाओं को ₹1.90 लाख देने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ, इसलिए जनता अब जवाब मांग रही है। रणविजय साहू ने करबिगहिया में बंटी नामक युवक की हत्या का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि घटना के बाद एनडीए का कोई भी नेता पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जनता इन सभी मुद्दों को देख रही है और इस बार परिवर्तन के मूड में है। उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बांकीपुर से अतिपिछड़ा समाज की महिला प्रत्याशी को टिकट देकर सामाजिक न्याय का संदेश दिया है। उनके अनुसार, इससे जनता में सकारात्मक माहौल है और इंडिया गठबंधन को इस उपचुनाव में जीत मिलने का भरोसा है।
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राज्यपाल ने गार्ड ऑफ ऑनर ड्रिल सुधार के गुर बताए, नालंदा में मुस्कान

Pariaunna, Bihar:एंकर:बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन नालंदा दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने नालंदा खुला विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान राज्यपाल ने कमांडिंग ऑफिसर की फुर्ती पर हल्के अंदाज में सुझाव देते हुए ड्रिल में कुछ सुधार के गुर बताए। उन्होंने एसपी भारत सोनी को भी बुलाकर गार्ड ऑफ ऑनर की बारीकियों से अवगत कराया। पूरे घटनाक्रम के दौरान राज्यपाल का सहज और मुस्कुराता अंदाज देखने को मिला। ऋषिकेश संवाददाता नालंदा
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धनबाद के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक

Dhanbad, Jharkhand:झारखंड के पूर्व मंत्री और धनबाद की राजनीति के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक को बुधवार को धनबाद के वासेपुर स्थित शमशेर नगर कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में कांग्रेस नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मन्नान मल्लिक के निधन से धनबाद की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है। करीब पांच दशकों तक सक्रिय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मन्नान मल्लिक ने जनहित के मुद्दों को लेकर कई आंदोलन किए और क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन की खबर से पूरे झारखंड, खासकर धनबाद में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद वासेपुर स्थित शमशेर नगर कब्रिस्तान में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान दिया गया, जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके व्यक्तित्व और जनसेवा को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उन्हें एक सरल, मिलनसार और जनहित के लिए संघर्ष करने वाले नेता के रूप में याद किया।
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राम मंदिर किसी का बपौती नहीं: तारिक अनवर का बड़ा बयान

Katihar, Bihar:राम मंदिर किसी का बपौती नहीं — तारिक अनवर कटिहार में सांसद तारिक अनवर का बड़ा बयान राम मंदिर मुद्दे पर दिया गया. असली गुनहगारों को अब तक सरकार बचा रही है. मंदिर से चोरी की घटना की बातें आना दुखद — तारिक अनवर. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी एक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. कटिहार में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस की कद्दावर नेता व सांसद तारिक अनवर ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी की मुद्दा अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गई है. केंद्र सरकार बड़ी मछलियों को बचा रही है और छोटी मछलियों को गुनहगार साबित कर रही है. किसी भी मंदिर में चोरी की घटना शर्मनाक है और इसका होना दुखद है क्योंकि इससे भगवान की आस्था जुड़ी होती है. दूसरे प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि विपक्ष को राम मंदिर के बारे में पूछना एकदम सही है, राम मंदिर किसी का बपौती नहीं है. उन्होंने विपक्ष की आवाज को बंद करने पर भी भर्त्सना की है. इतनी बड़ी घटना हो गई है लेकिन एफआईआर अभी तक नहीं हुआ है. इसके पीछे लोगों को बचाने का प्रयास केंद्र सरकार का भी है और योगी सरकार का भी है ऐसा प्रतीत होता है.
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