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Ali MuktedaAli MuktedaFollow4 Jul 2024, 08:16 am
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आर्मबाग के नेताजी उच्च विद्यालय में 10 लाख रुपए की चोरी; छात्र-शिक्षक प्रदर्शन

Arambag, West Bengal:আরামবাগ: ১৯ অগাস্ট স্কুলে ১০ লক্ষ টাকা চুরি। দুষ্কৃতীদের গ্রেপ্তারের দাবিতে শিক্ষকদের নেতৃত্বে পথে নেমে মিছিল পড়ুয়াদের। খানাকুলের ঘোষপুর নেতাজি ইউনিয়ন হাইস্কুলের ঘটনায় চাঞ্চল্য। অভিযোগ, স্কুলে রাতের অন্ধকারে পরপর ১২টি আলমারি ভেঙে নগদ টাকা ও গুরুত্বপূর্ণ নথি চুরি হয়ে গেছে। এদিন সকালে বিষয়টি নজরে আসতেই স্কুলের পাঁচ শতাধিক ছাত্রছাত্রী রাস্তায় নেমে মিছিল করল। স্কুলের সামনে থেকে মিছিলটি ঘোষপুর ফাঁড়ি অবধি যায়। পড়ুয়াদের একটাই দাবি, দ্রুত চুরির কিনারা ও অপরাধীদের গ্রেপ্তার করতে হবে। স্কুলের ডেভেলপমেন্টের টাকা, নবম থেকে দ্বাদশ শ্রেণির রেজিস্ট্রেশন ফি এবং মিড ডে মিলের টাকা আলমারিতে রাখা ছিল। এমনকী স্কুলের সিসি ক্যামেরার হার্ডডিস্ক খুলে নিয়ে গেছে চোরেরা। পড়ুয়াদের বক্তব্য, একটি শিক্ষা প্রতিষ্ঠানে যদি ন্যূনতম নিরাপত্তা না থাকে তাহলে সাধারণ মানুষের নিরাপত্তা কোথায়। দ্রুত তদন্ত করে চুরির ঘটনার কিনারা করার দাবিতে সরব হয়েছেন শিক্ষক-শিক্ষিকা থেকে পড়ুয়ারা।
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चंदौली हाईवे हादसे में दो मृत, एक घायल; चालक फरार

Chandauli, Uttar Pradesh:हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो लोगों की मौत, एक युवक गंभीर घायल... कटसीला गांव के पास हाईवे पर पिकअप की टक्कर से हादसा होने का दावा, टक्कर मारकर वाहन चालक के फरार होने की बात... हादसे में रिंकू पासवान और तुलसी की मौत, जबकि राधेमोहन गंभीर रूप से घायल... एंबुलेंस की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, गंभीर हालत में राधेमोहन को वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया... मृतकों के परिचित बीरू पासवान ने बताया कि तीनों निजी ऑटो से मुगलसराय जा रहे थे, इसी दौरान हादसा हुआ... हादसे के बाद परिजनों और परिचितों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की... पुलिस हादसे के कारणों और टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश में जांच कर रही है... सदर कोतवाली क्षेत्र के कटसीला गांव के पास हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा...
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छुईखदान में चोरी की साजिश के आरोपित गिरफ्तार, 44 लाख के माल बरामद

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले के छुईखदान सराफा दुकान का शटर तोड़कर चांदी के आभूषण चोरी करने के मामले में साइबर सेल और थाना छुईखदान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 किलो 600 ग्राम चांदी, 3 ग्राम सोना और घटना में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा समेत करीब 44 लाख 75 हजार रुपये का माल बरामद किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार छुईखदान के जैन मोहल्ला निवासी शांति लाल जैन ने 14 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात 2 से 4 बजे के बीच दुकान का शटर तोड़कर 20 से 25 किलो चांदी के आभूषण चोरी किए गए। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महेन्द्र साहू तक पुलिस पहुंची। पूछताछ में खुलासा हुआ कि महेन्द्र दुकान पर सामान लेने गया था, जहां उसने शटर में खराबी की बात सुनी। इसी जानकारी के आधार पर उसने नागपुर जाकर अपने दो साथियों अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम के साथ चोरी की साजिश रची। तीनों ने सीसीटीवी के तार काटकर वारदात को अंजाम दिया और चोरी का माल नवागांव के तालाब में छिपा दिया। पुलिस ने निशानदेही पर माल बरामद कर दोनों आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी पहले चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में शामिल रहे हैं।
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पंचकूला में कांग्रेस का कौशल निगम पर घेराव, वेतन-नौकरियों के मुद्दे गरमाए

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़।\n\nपंचकूला में कांग्रेस ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम का किया घेराव।\n\nखेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की प्रतिक्रिया।\n\nकांग्रेस आधारहीन मुद्दों को उठती है।\n\nबीजेपी ने कौशल निगम बनाकर युवाओं को ठेकेदारों के चुंगल से निकला है\n\n कांग्रेस सरकार में ठेकेदारी प्रथा में लगे युवाओं को पूरा वेतन नहीं मिलता था। \n\nESI और पीएफ का लाभ भी नहीं मिलता था\n\n बीजेपी ने युवाओं के हित में व्यवस्था बदली।\n\n आज युवाओं का शोषण रुका है।\n\nबीजेपी में आज नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाती हैं \n\nकांग्रेस के शासन में दरी बेचने वालों के बच्चों को सरकारी नौकरियां मिलती थी \n\nलेकिन बीजेपी कि बिना पर्ची खर्ची प्रणाली में गरीब बच्चों को नौकरियां मिल रही हैं\n\n।।।\n\nगुजरात में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के आयोजन को लेकर दीपेंद्र हुड्डा के सवालों पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने दिया जवाब।\n\nबीजेपी श्रेष्ठ भारत एक भारत का सपना लेकर चलती है \n\nकांग्रेस देश को तोड़ने की नीति को आगे बढ़ती है\n\n हम सब की हिस्सेदारी के पक्षधर है \n\nजहां खेलों का रुझान कम हो वहां पर बड़े आयोजन होने चाहिए।\n\nकांग्रेस खेलों के नाम पर राजनीति कर खिलाड़ियों को पर बरगलाने का काम कर रही है \n\n2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में कांग्रेस ने ऐसी मांग क्यों नहीं की थी।\n\n बीजेपी सरकार का मकसद ज्यादा मेडल जीतने पर है।\n\nहरियाणा में यूनिवर्सिटी खेल, खेलो इंडिया, खेल महाकुंभ जैसी बड़ी प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। \n\nकांग्रेस सरकार के वक्त में खेल विभाग का बजट 163 करोड़ था, जो आज बढ़कर 600 करोड़ हो गया है।\n\nकांग्रेस के 10 साल के शासन में खिलाड़ियों को 44 करोड रुपए नगद इनाम मिले थे। जबकि भाजपा अब तक 708 करोड रुपए के नगद इनाम दे चुकी है।\n\nबीजेपी के सरकार में अब तक खिलाड़ियों को 260 सरकारी नौकरियां मिली है जबकि कांग्रेस ने मात्र 44 खिलाड़ियों को नौकरियाँ दी थी।\n\n बीजेपी 2036 के ओलंपिक में 36 मेडल का लक्ष्य लेकर चल रही है।
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नालंदा कांग्रेस बैठक में स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी, बाहरी उम्मीदवारों के चयन पर बहस

Pariaunna, Bihar:नालंदा जिला कांग्रेस की बैठक में कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व की नीतियों को लेकर जमकर नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय नेताओं और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाता है, जिससे पार्टी को लगातार नुकसान उठाना पड़ता है। बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जमाल अहमद भल्लू ने कहा कि कांग्रेस के प्रति समर्पित कार्यकर्ता को कोई पार्टी से बाहर नहीं कर सकता। वहीं पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व महासचिव नागेंद्र प्रसाद विकल ने कहा कि कार्यकर्ता 8 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे। नेताओं ने आगामी चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी देने की मांग की। कार्यकताओं ने कहा कि हमेशा विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय कार्यकर्ता को छोड़कर बाहरी उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा जाता है जिसे हमारे पार्टी चुनाव हार जाती है; 2025 के विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार कांग्रेस के प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को जमीनदौर्ज करने का काम किया और उसकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का काम किया उससे आज बिहार प्रदेश कांग्रेस तमिलनाडु और बंगाल की तरह बनने की कगार पर खड़ा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस जगह पर कांग्रेस की बैठक हुई वहां से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांग्रेस कार्यालय है, बावजूद बैठक कार्यालय में न करके निजी सभागार में की गई। बाइट: छत्रपति यादव, पूर्व विधायक
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हिमाचल कांग्रेस में गुटबाज़ी भड़की; मंत्री नेगी ने संगठन पर निशाना साधा

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला के राजीव भवन में आयोजित हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी/अनुसूचित जनजाति विभाग के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान प्रदेश की सियासत में उस समय भारी हलचल मच गई, जब वरिष्ठ मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपनी ही सरकार और संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा को विभाग की नई प्रदेश अध्यक्ष के रूप में औपचारिक पदभार ग्रहण कराने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और प्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष विनय कुमार जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे।
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वृंदावन में पुलिस की दुपहिया पंक्चरिंग वीडियो वायरल, SSP ने जांच के आदेश दे दिए

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा-वृंदावन में दुपहिया वाहनों को पंचर करती दिखी पुलिस, वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने दिए जांच के आदेश मथुरा/ धर्मनगरी वृंदावन में पुलिस की एक विवादित कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद खाकी की जमकर फजीहत हो रही है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी सड़क किनारे खड़े दुपहिया वाहनों की हवा निकालते और उनके टायरों में पंचर करते साफ नजर आ रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस नो-पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर मनमानी कर रही है। जबरन चालान काटने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की इस कार्रवाई से तीर्थयात्रियों और दुकानदारों में गहरा असंतोष व्याप्त है। मामले को तूल पकड़ता देख मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। एसएसपी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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नागपंचमी: रुदलापुर में 70 वर्षीय बुद्धिराम के शरीर में महिषासुर प्रवेश दावा

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के रुदलापुर गांव में नागपंचमी के दिन हर तीन साल में एक ऐसी घटना सामने आती है जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के 70 वर्षीय बुद्धिराम के शरीर में इस दिन ‘महिषासुर’ का प्रवेश होता है। इसके बाद वे कथित तौर पर जानवरों के चारे यानी भूसा और घास खाने लगते हैं। दावा यहां तक है कि वे चार हौदियों में रखा भूसा तक खा जाते हैं। आख़िर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे आस्था है, अंधविश्वास है या फिर कोई चिकित्सकीय अथवा वैज्ञानिक वजह? क्या वाकई किसी इंसान के शरीर में ‘महिषासुर’ का प्रवेश हो सकता है? आपको बता दे कि नागपंचमी के दिन रुदलापुर गांव में आस्था का अलग ही नजारा देखने को मिलता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं और उस शख्स का इंतजार करते हैं, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि हर तीन साल में नागपंचमी के दिन उसके ऊपर ‘महिषासुर’ सवार होता है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 70 वर्षीय बुद्धिराम वर्ष 1975 से इस तरह की घटना का हिस्सा रहे हैं। उनका दावा है कि नागपंचमी के दिन उनके ऊपर ‘महिषासुर’ की सवारी आती है। इसके बाद वे सामान्य व्यवहार से अलग होकर जानवरों के लिए रखे गए भूसे और घास को खाने लगते हैं। बतया जाता है कि गांव में स्थित माता मंदिर में पूजा-पाठ के दौरान यह घटनाक्रम शुरू होता है। इसके बाद बुद्धिराम कथित तौर पर नाद में रखे पानी के साथ भूसा और घास खाने लगते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। घटना के दौरान कई लोग उन्हें अपने हाथों से केला, घास, भूसा और लड्डू खिलाते नजर आते हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि यहां मांगी गई मनौतियां पूरी होती हैं और इसी आस्था के चलते हर तीन साल में बड़ी संख्या में लोग इस जगह पहुंचते हैं। नागपंचमी पर रुदलापुर में सामने आने वाला यह घटनाक्रम आज भी कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीण इसे आस्था और ‘महिषासुर’ से जोड़कर देखते हैं, जबकि विज्ञान के नजरिए से इसकी प्रमाणिकता की जांच जरूरी है.
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उत्तराखंड बोर्ड इम्प्रूवमेंट एग्जाम से रिज़ल्ट में बड़ी उछाल

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2026 के रिज़ल्ट घोषित कर दिए हैं। 2026 के इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के तहत, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 83.13% रहा, जबकि इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 73.35% रहा। इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के बाद, बोर्ड एग्जामिनेशन के कुल पास परसेंटेज में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन के चेयरमैन और सेकेंडरी एजुकेशन के डायरेक्टर वी.पी. सिमल्टी ने कहा कि बोर्ड ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2026 (पहली) के साथ-साथ इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2025 (तीसरी) के रिज़ल्ट घोषित कर दिए हैं। 2026 के पहले इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के तहत, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 83.13% रहा, जिसमें 82.61% लड़के और 84.34% लड़कियां पास हुईं। इंटरमीडिएट में, कुल पास परसेंटेज 73.35% रहा, जिसमें 71.20% लड़के और 76.07% लड़कियां पास हुईं। सिमल्टी ने कहा कि इम्प्रूवमेंट एग्जाम से बोर्ड एग्जामिनेशन के कुल रिजल्ट में काफी बढ़ोतरी हुई है। हाई स्कूल का पास परसेंटेज 92.10% से बढ़कर 96.07% हो गया है, जिसमें 93.94% लड़के और 98.14% लड़कियां हैं। इसी तरह, इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 85.11% से बढ़कर 91.80% हो गया है, जिसमें 89.26% लड़के और 94.16% लड़कियां पास हुईं। बोर्ड चेयरमैन ने यह भी कहा कि इम्प्रूवमेंट एग्जाम 2025 (थर्ड) के रिज़ल्ट घोषित कर दिए गए हैं। इस एग्जाम में, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 66.67% था, जिसमें 71.88% लड़के और 57.89% लड़कियां पास हुईं। इंटरमीडिएट में कुल पास प्रतिशत 58.70% रहा, जिसमें लड़कों का पास प्रतिशत 61.54% और लड़कियों का 55.00% रहा।
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अंकिता भंडारी मर्डर: धामी सरकार ने आरोपियों को सज़ा-ए-हलात दिलाई

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड CMO का कहना है, "अंकिता भंडारी मर्डर केस के सभी आरोपियों की बेल अर्जी आज कोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर दी। राज्य सरकार के मजबूत और असरदार कानूनी रिप्रेजेंटेशन की वजह से आरोपियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार अंकिता को न्याय दिलाने और कानून के तहत जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। अंकिता भंडारी मर्डर केस में दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा इस बात का सबूत है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने केस की शुरुआत से लेकर आखिरी फैसले तक पूरी गंभीरता और पक्के इरादे से काम किया ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। घटना सामने आने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया, और निष्पक्ष और पूरी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक SIT बनाई गई। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जांच के दौरान, करीब 500 पेज की एक डिटेल्ड चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें ज़रूरी सबूत और करीब 100 गवाहों के बयान शामिल थे। prosecut tion ने कोर्ट के सामने लगातार मज़बूत केस पेश किया, जिसके चलते आरोपियों की बेल की अर्ज़ी बार-बार खारिज हुई और यह पक्का हुआ कि वे पूरे ट्रायल के दौरान सलाखों के पीछे रहें। मज़बूत जांच और असरदार प्रॉसिक्यूशन के नतीजे में, अपराधियों को आखिरकार उम्रकैद की सज़ा हुई। पूरी प्रक्रिया के दौरान, राज्य सरकार ने अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी। परिवार की मांगों के अनुसार, सरकारी वकील तीन बार बदले गए। इसके अलावा, जब अंकिता के माता-पिता ने CBI जांच की मांग की, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान किया और मामले की CBI जांच का आदेश दिया। सरकार ने परिवार की मदद के लिए ₹25 लाख की आर्थिक मदद दी। इसने अंकिता के भाई और पिता को नौकरी देकर दुखी परिवार के साथ खड़े रहने का अपना वादा भी पूरा किया। पहले दिन से ही, इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्टैंड साफ़ था: आरोपी चाहे कितना भी असरदार क्यों न हो, उन्हें कानून के सामने लाया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सज़ा दी जाएगी। जांच पर उठे सवालों के बीच, न्यायिक अधिकारियों ने भी जांच प्रक्रिया को संतोषजनक पाया, और मज़बूत प्रॉसिक्यूशन के कारण आखिरकार आरोपियों को दोषी ठहराया गया और सज़ा मिली। इस बीच, कांग्रेस और दूसरे संगठनों के सदस्यों ने तथाकथित ‘VIP’ के नाम पर बार-बार सवाल उठाए और जनता में भ्रम पैदा करने की कोशिश की। अगर किसी के पास इस बारे में कोई ठोस तथ्य या सबूत थे, तो उन्हें जांच एजेंसीज़ और कोर्ट के सामने रखना चाहिए था। राजनीतिक फायदे के लिए कोर्ट के बाहर आरोप लगाना और जनता को गुमराह करना न्याय की लड़ाई नहीं है बल्कि, यह अंकिता से जुड़े एक बहुत ही संवेदनशील मामले का राजनीतिककरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरू से ही यह साफ कर दिया था कि अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जल्दी गिरफ्तारी, SIT जांच और मज़बूत चार्जशीट से लेकर गैंगस्टर्स एक्ट के तहत कार्रवाई, यह पक्का करना कि आरोपियों को ज़मानत न मिले, परिवार की मांगों के अनुसार प्रॉसिक्यूशन व्यवस्था में बदलाव, आर्थिक मदद और नौकरी देना, और अंकिता के परिवार के अनुरोध पर CBI जांच का आदेश देना। माता-पिता - सरकार ने हर स्तर पर संवेदनशीलता और दृढ़ निश्चय के साथ निर्णय लिए।"
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