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औरैया -रफ्तार का कहर बस बाईक की भिड़ंत मे बाईक सवार की मौत
Kanpur, Uttar Pradesh:औरैया जिले मे एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला ,जहाँ तेज रफ्तार से आ रही बस की और बाईक आमने -सामने भिड़ंत हो गई। दुर्घटना के बाद बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल मे भर्ती कराया गया, जहां उस की इलाज के दौरान ही मौत हो गई। हादसा थाना सहार क्षेत्र के औरैया-सहार रोड पर हुआ है।
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झारखंड में एसआईआर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज, 30 सितंबर तक दायर दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख
Ranchi, Jharkhand:झारखंड में SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या सुधार के दावों-आवेदनों की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। संशोधित और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाना है। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सुनाई दे रही है। झामुमो ने एसआईआर को बंद करने की मांग की है तो कांग्रेस ने कहा विरोधियों की मंशा को सफल नहीं होने देंगे। एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है, बेवजह नाम काटे जा रहे हैं, एसआईआर को बंद कर दिया जाए, पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी जाए। पूरा एसआईआर शक के दायरे में है, बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है। एसआईआर की सभी प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है। पहले से टारगेट फिक्स है कि हमें इस विधानसभा में इतना वोट काट देना है। जैसे वहां की आबादी है उसके अनुसार विरोधी वोटों की संख्या ज्यादा है तो ज्यादा वोट कट रहे हैं। इसके पीछे जो इंटेंशन है चुनाव आयोग का वह अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है, एसआईआर से कोई भरोसा नहीं है, कहीं कोई पारदर्शिता नहीं है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव ने कहा: झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और हम सब जागरुक हैं कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न काटे, अन्य राज्यों में जो हुआ है झारखंड में उसकी पुनरावृत्ति न हो। दावे और आपत्ति के लिए आज अंतिम तारीख है; कांग्रेस ने इसे एक महीने बढ़ाने की मांग की थी, आयोग ने 15 दिन बढ़ाया है; जिनको नोटिस मिल चुका है उनकी सुनवाई जारी रहेगी। मकसद है पात्र मतदाता छूटे नहीं, एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण हो। विरोधियों की जो मंशा है उसको सफल नहीं होने देंगे। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा: एसआईआर को कैसे बंद करने की बात कर रहे हैं, देश की लोकतंत्र को बंद करने की बात करेंगे। एसआईआर की प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय की सुप्रीम मुहर लगी थी; एसआईआर की प्रक्रिया अच्छी तरह चली है। अगर कहीं विसंगति है तो उसे पॉइंट आउट कीजिए, उसको सुधारने का समय है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने भी पत्र लिख कर इसे एक महीने बढ़ाने की मांग की है; हमारी भी सहमति है, बढ़े हमें कोई आपत्ति नहीं है।0
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उदयपुर के गोगुन्दा में ट्रेलर भिड़ंत, घायल चालक अस्पताल में भर्ती
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर उदयपुर के गोगुन्दा से खबर, बजरी से भरे दो ट्रेलर के बीच हुई भिड़ंत, गोगुन्दा थाना क्षेत्र के ओबरा कट के पास की घटना, हादसे के के बाद एक ट्रेलर डिवाइडर के पास पलटा, ट्रेलर चालक हुआ गंभीर घायल, सूचना पर गोगुन्दा थाना पुलिस और हाइवे पेट्रोलिंग की टीम पहुंची मौके पर, घायल चालक को पहुंचाया हॉस्पिटल, बाधित हुई यातायात व्यवस्था को किया सुचारू, पुलिस कर रही मामले की जांच,0
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धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में मादा भालू ने शावक के साथ घूमते हुए चौंकाया
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व में रीछरा के जंगलों में दुर्लभ नजारा कैमरे में हुआ कैद शावक को पीठ पर बिठाकर सैर पर निकली मादा भालू सरमथुरा (धौलपुर) न्यूज सरमथुरा इलाके में रीछरा के जंगल में मां की ममता और प्यार दिखाई दिया है, जब मादा भालू अपने साथ बच्चे को पीठ पर बिठाकर ले जा रही है। ये बेहद दुर्लभ व रोमांचक तस्वीर धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में देखने को आई है, जब एक मादा भालू अपने साथ नन्हे शावक को पीठ पर बिठाकर जंगल में घूमती नजर आई। अक्सर बच्चे मां के साथ पीछे पीछे चलते हैं, लेकिन जंगल में अन्य वन्यजीवों से खतरा भांपकर मां बच्चों को पीठ पर बिठा लेती है, जो इस फोटो में दिखाई दे रहा है, इसमें एक बच्चा पीठ पर बैठे लटका हुआ है।धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व एवं समीपवर्ती संरक्षित क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन वाटर होल मॉनिटरिंग के आधार पर भालुओं की अनुमानित संख्या लगभग 40 आंकी गई है। क्षेत्र के जंगलों में अब दिन में भी भालुओं की साइटिंग होने लगी है। जो कि वन्य जीव प्रेमियों के लिए खुशी की बात है।0
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भरतपुर-डीग कांग्रेस पर निशाना: टिकट-भर्ती से हार की असल वजह क्या?
Bharatpur, Rajasthan:पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजपरिवार के पूर्व सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर और डीग जिले के कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि दोनों जिलों में कांग्रेस के बंटाधार का जिम्मेदार कौन है। दोनों जिला अध्यक्षों ने नगर निकाय चुनावों में अपने चहेतों को टिकट दिया था। जो कांग्रेस की हार का कारण बना। कांग्रेस के बंटाधार का जिम्मेदार कौन पूर्व राजपरिवार के सदस्य और कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भरतपुर और डीग जिले में कांग्रेस के बंटाधार का जिम्मेदार कौन है। दोनों जिलों के नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है। दोनों जिले के जिलाध्यक्ष ने अपने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया। प्रदेश अध्यक्ष जिला अध्यक्षों को बचा रहे कांग्रेस को जनता ने सबक सिखा दिया। पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफनाया था लेकिन, जनता भी तैयार बैठी है। इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिला अध्यक्ष को और, इन्हें बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है। CM के गृह जिले में कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए ये CM का गृह जिला है। यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी। पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और, प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठे हैं। जब तक ये दोनों कुर्सी पर है। कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ। भरतपुर और डीग की नगर पालिकाओं में बीजेपी का बोर्ड बना दरअसल भरतपुर जिले के नगर निकाय चुनावों में नगर निगम सहित 7 पंचायत समितियों पर बीजेपी ने अपना बोर्ड बनाया है। वहीं डीग जिले में 1 नगर परिषद और 5 नगर पालिका में भी बीजेपी ने बोर्ड बनाया है।0
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काशीपुर डिग्री कॉलेज छात्रसंघ मतगणना में धांधली: ओवरराइटिंग और NOTA पर सवाल
Jaspur, Uttarakhand:एंकर : काशीपुर के राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव परिणाम घोषित होते ही भारी बवाल और धांधली के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक अमले पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एनएसयूआई से जुड़े प्रत्याशी की बढ़त के बीच ऐन मौके पर प्रशासनिक दबाव में परिणामों में هेरफेर की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जारी किए गए परिणाम पत्र (रिजल्ट शीट) में अध्यक्ष पद के विजेता प्रत्याशी के प्राप्तांकों पर ओवरराइटिंग और 'नोटा' के आंकड़ों पर व्हाइटनर के निशान देखे जाने की बात कही जा रही है। उधर, इन तमाम आरोपों के बीच कॉलेज प्राचार्या और चुनाव अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नज़र आए और मतगणना के तुरंत बाद बिना कोई आधिकारिक बयान दिए परिसर से निकल गए। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट... VO : काशीपुर के प्रतिष्ठित राधेहरि स्नातकोत्तर कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का समापन हंगामेदार रहा। मतगणना के दौरान ही परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया। हारने वाले प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों का आरोप है कि कुलदीप लगातार 25 से अधिक मतों से आगे चल रहे थे और आप परिणाम की आधिकारिक घोषणा में महज कुछ मिनट शेष थे। आरोप है कि इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारियों स्तर के अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं—के हस्तक्षेप के बाद मतगणना कक्ष का माहौल बदल गया। छात्रों का दावा है कि नियमों को दरकिनार कर बूथ नंबर 3 की जबरन पुनर्मतगणना (री-काउंटिंग) कराई गई, जबकि नियमानुसार री-काउंटिंग का आधार केवल 3 या उससे कम वोटों का अंतर होने पर ही बनता है। विवाद को हवा तब और मिली जब चुनाव अधिकारी द्वारा जारी सूची मीडिया के सामने आई। परिणाम पत्र में अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित प्रत्याशी गुरजिन्दर सिंह को 996 मत मिले दिखाए गए हैं, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी कुलदीप सिंह को 985 मत मिले। लेकिन विवाद की असली वजह बनी वह ओवरराइटिंग, जिसमें 996 अंक पर पेन से दोबारा लिखे जाने का संदेह जताया जा रहा है। छात्रों का आरोप है कि कथित तौर पर 976 को बदलकर 996 किया गया है। इसके अलावा नोटा (NOTA) के कॉलम पर भी व्हाइटनर लगाकर '01' दर्ज किया गया दिखाई दे रहा है, जिसने पूरी मतगणना प्रक्रिया पर पारदर्शिता के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जब इन तमाम संगीन आरोपों और वायरल हो रही रिजल्ट शीट में कांट-छांट पर कॉलेज प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो प्राचार्या प्रो. रेखा डिमरी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी मीडिया से दूरी बनाते नज़र आए। परिणाम जारी करने के तुरंत बाद कॉलेज प्रशासन ने मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही स्थल छोड़ दिया, जिससे आरोपों को और बल मिल रहा है। Final vo : छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी माने जाते हैं, लेकिन काशीपुर डिग्री कॉलेज से आई इन तस्वीरों और कांट-छांट वाली रिज़ल्ट शीट ने पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वोटों के आंकड़ों में ओवरराइटिंग, व्हाइटनर का इस्तेमाल और आरोपों के बीच कॉलेज प्रशासन व प्राचार्या का मीडिया से भागना—यह दर्शाता है कि दाल में कुछ काला ज़रूर है। यदि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी थी, तो कॉलेज प्रशासन मीडिया के सामने आकर इन ओवरराइटिंग वाले हस्ताक्षरित दस्तावेजों पर सफाई देने से क्यों कतरा रहा है? पीड़ित प्रत्याशी पक्ष अब इस पूरे मामले को लेकर उच्च अधिकारियों और अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। देखना होगा कि क्या जिला प्रशासन इस विवादित मतगणना की निष्पक्ष जांच कराता है या फिर यह मामला यूं ही फाइलों में दबा दिया जाएगा। काशीपुर से रफ़्तार मीडिया के लिए...सतीश कुमार की रिपोर्ट0
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Pradip Purnekar मर्डर पर संजय राउत का बयान, महाराष्ट्र की राजनीति गरम
Noida, Uttar Pradesh:MUMBAI (MAHARASHTRA): SANJAY RAUT (MP / SHIV SENA (UBT)) ON PRADIP PURNEKAR MURDER/ THANE LAW AND ORDER/ POLICE COMMISSIONER AND HOME MINISTER/ INDIA ALLIANCE MEETING AND OCTOBER 4 MORCHA/ SACHIN WAZE CASE/ GOVERNMENT'S DROUGHT RESPONSE/ MINISTERS' TOURS/ SHAKTIPITH EXPRESSWAY0
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रमेश सिंह के प्रथम प्रतापगढ़ आगमन पर कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह, बूथ मजबूती पर जोर
Bela Pratapgarh, Uttar Pradesh:प्रतापगढ़ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं काशी क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय प्रभारी रमेश सिंह के प्रथम प्रतापगढ़ आगमन पर मंगलवार को कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कोहंडौर बॉर्डर से जिला भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। जिला कार्यालय पहुंचने पर रमेश सिंह, जिला प्रभारी अवधेश चंद्र गुप्ता और जिलाध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सह मीडिया प्रभारी देवेश त्रिपाठी के साथ वृक्षारोपण किया। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर संगठनात्मक बैठक का शुभारंभ किया गया। जिलाध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्रीय प्रभारी का मार्गदर्शन संगठन को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। क्षेत्रीय प्रभारी रमेश सिंह ने कहा कि भाजपा का इतिहास त्याग, संघर्ष, विचार और राष्ट्रसेवा की यात्रा का इतिहास है। उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए बूथ मजबूत करने, जनसंपर्क बढ़ाने और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव के साथ निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में भाजपा नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आलोक कुमार पांडे, सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य, पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक अभय कुमार ओझा, पूर्व विधायक बृजेश सौरभ, राजा अनिल प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन जिला महामंत्री राजेश सिंह ने किया।0
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झारखंड बंद: राजधानी रांची में आंदोलनकारियों का प्रदर्शन और जाम
Ranchi, Jharkhand:झारखंड आंदोलनकारियों की ओर से आज झारखंड बंद बुलाया गया है। बंद का असर राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। आंदोलनकारियों पारंपरिक हथियारों, तीर-धनुष और भाला के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों के सड़क के बीचों-बीच प्रदर्शन करने की वजह से अल्बर्ट एक्का चौक पर लंबा जाम लग गया है। मौके पर पुलिस पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने में जुटी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता गुरु शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलन के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए गजट नोटिफिकेशन किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों की मांग है कि उन्हें राजकीय मान-सम्मान और अलग पहचान दी जाए। साथ ही आंदोलनकारियों के बेटे-बेटियों को रोजगार और नौकरी में 100 प्रतिशत गारंटी दी जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करते हुए सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन राशि के रूप में 5 हजार रुपये दिए जाएं। आंदोलनकारियों का दावा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 30 सितंबर 2024 को इन मांगों को लेकर आश्वासन दिया था और सरकार की ओर से संकल्प भी लिया गया था, लेकिन अब तक इन मांगों पर अमल नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर देवघर के डीसी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर सड़क से लेकर कानूनी स्तर तक लड़ाई लड़ रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो 15 नवंबर को राज्यभर के आंदोलनकारी रांची के बिरसा चौक पर जुटेंगे। आंदोलनकारियों के मुताबिक, इस दौरान 21 आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठेंगे और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी बिरसा चौक पर जुटकर आंदोलन करेंगे। आंदोलनकारियों ने आज के बंद को सांकेतिक बताया है। उनका कहना है कि यह सरकार का ध्यान उनकी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया प्रदर्शन है और वे किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं कर रहे हैं।0
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दिल्ली में इंडिया गठबंधन की अहम बैठक: विपक्ष के तेवर, सत्ता पक्ष की रणनीति
Patna, Bihar:देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक के बारे में सियासी पारा चढ़ गया है। बिहार समेत देश भर के राजनीतिक मुद्दों, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और आगामी रणनीति पर मंथन के लिए गठबंधन के शीर्ष नेता जुटे हैं। जहां एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ NDA ने इस बैठक को महज कागजी खानापूर्ति करार देते हुए गठबंधन के बिखराव पर हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी ने कहा हमारे नेता आदरणीय राहुल गांधी जी ने विगत एक वर्षों से एसआईआर के खिलाफ आवाज उठाई है... मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के सहयोगी दल बनकर के उन्होंने काम किया है। बिहार में लगभग 65 लाख वोटरों का नाम काट करके हटा दिया गया है... आज इंडिया गठबंधन के बाद पूरे देशव्यापी आंदोलन होगा और ज्ञानेश कुमार जी की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। वही इस बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव समेत तमाम घटक दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग पर निर्वाचन आयुक्तों के अधिकारों में कटौती करने और हालिया विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के आरोप लगाए। आरजेडी का साफ कहना है कि बैठक में केवल चुनाव आयोग की घेराबंदी ही नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है। वह इंडिया गठबंधन अब गठबंधन नहीं रहा। जहां बिहार में तेजस्वी यादव-कांग्रेस में नहीं पट रहा है, केजरीवाल अलग हट गए... जिस दिन नीतीश कुमार जी इंडिया गठबंधन से हटे, उसी दिन से इंडिया गठबंधन समाप्त हो गया... इंडिया गठबंधन नाम का रहा, यह बिल्कुल बिखर चुका है, टूट चुका है。0
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लखनऊ: डैनिश Ansari ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग और अखिलेश यादव के राज्यसभा चुनाव पर रणनीति बताई
Noida, Uttar Pradesh:LUCKNOW (UTTAR PRADESH): DANISH ANSARI (MINISTER, UTTAR PRADESH GOVERNMENT) ON INDIA BLOCK MEETING AND JOINT STRATEGY AGAINST AKHILESH YADAV’S RAJYA SABHA ELECTION STRATEGY0
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आणंद-नडियाद के बीच एक्सप्रेसवे पर भीषण बस हादसा, सात की मौत
Noida, Uttar Pradesh:ग Gujarat में बस हादसा अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर हादसा: आनंद और नडियाद के बीच अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर एक दुखद और भयावह हादसा हुआ है। ओवरटेकिंग लेन में हुई इस घटना में, खुश-mijaz परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। सड़क के इस भयानक हादसे में सात बेगुनाह लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके और मृतकों के परिवारों में गहरा सदमा और शोक छा गया है। यह हादसा सूरत से राजस्थान जा रही एक प्राइवेट बस के साथ हुआ। यह दुखद घटना अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर आनंद और नडियाद के बीच ओवरटेकिंग लेन में अचानक हुई। इस भयानक हादसे से अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई यह सब इतनी तेज़ी से हुआ कि बस में सवार यात्रियों को पता भी नहीं चला कि क्या हो रहा है। बाइट- धनेशभाई जाधव, घायल, निवासी: सूरत0
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बरेली में रामगंगा पुल का अगला हिस्सा बहा; कई गांव संपर्क मार्ग से कटे
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली ब्रेकिंग बरेली। बरेली में रामगंगा का कटान लगातार जारी मीरगंज और आंवला तहसील को जोड़ने वाले पुल का अगला हिस्सा रामगंगा में बहा, कई गांवों का संपर्क मार्ग को जोड़ता था लोकनाथपुर का रामगंगा का पुल देर रात रामगंगा के तेज बहाव से बहा पुल का एक हिस्सा मीरगंज थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर ग्राम के पास बहा राम गंगा का पुल0
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बदायूं में हैंडपंप पर करंट से 17 वर्षीय शिवा की मौत
Budaun, Uttar Pradesh:बदायूं BIG BREAKING नहीं: सरकारी हैंडपंप में उतरा करंट, 17 वर्षीय युवक की मौत इस्लामनगर थाना क्षेत्र के मुसिया नगला गांव में दर्दनाक हादसा। सरकारी HANdपंप पर नहाने गए 17 वर्षीय शिवा को करंट लग गया। ग्रामीणों के मुताबिक हैंडपंप में लगी समरसेबल मोटर में करंट उतर रहा था। नल चलाते ही शिवा करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम, गांव में भी मातम का माहौल। सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाकर मामले की जांच शुरू की।0
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बागपत में पुलिस से बदमाशों की मुठभेड़, 2 घायल, एक फरार
Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में मिशन लंगड़ा जारी है। नलकूपों पर होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बागपत पुलिस रात में लगातार गश्त कर रही है। इसी दौरान बागपत कोतवाली पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम नए गांव हमदाबाद के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान नलकूप पर चोरी करने का प्रयास कर रहे बदमाशों को पुलिस ने पकड़ने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, तीसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान खेकड़ा थाना क्षेत्र के रटौल गांव निवासी संजय और सलीम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ करीब एक-एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी के उपकरण, विद्युत नलकूप के सामान, दो तमंचे, खोखा-कारतूस और बाइक बरामद हुई है। पुलिस फरार बदमाश की तलाश में जुटी है।0
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बेताल रानी घाटी: 17 मोड़ों के जंगल में रोमांच, लोककथा और आस्था का संगम
Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच एक ऐसी घाटी है, जहां सड़क के रोमांच के साथ लोककथा और आस्था का अनोखा मेल देखने को मिलता है। यह है बेताल रानी घाटी, जो अपने करीब 17 घुमावदार और खतरनाक मोड़ों के लिए जानी जाती है। जंगलों के बीच पहाड़ों को काटकर बनी यह सड़क बकरकट्टा से सालेवारा को जोड़ती है। स्थानीय लोगों के बीच इस घाटी को लेकर एक दिलचस्प लोककथा प्रचलित है। बताया जाता है कि धमधा की रानी अपने प्रेमी के साथ मायके लांजी जा रही थीं। इसी दौरान राजा को इसकी जानकारी हुई और उसने कथित तौर पर इसी इलाके में रानी की हत्या कर दी। स्थानीय मान्यता है कि मृत्यु के बाद रानी पत्थर के रूप में यहीं मौजूद हो गईं। इसी लोकविश्वास से इस जगह को बेताल रानी घाटी नाम मिलने की बात कही जाती है। घाटी सिर्फ अपनी कहानी की वजह से ही खास नहीं है। यहां सड़क के एक तरफ ऊंचे पहाड़ और दूसरी तरफ गहरी ढलान, चारों ओर घना जंगल और बारिश के मौसम में हरियाली का अलग ही नजारा दिखाई देता है। 17 मोड़ों से गुजरते समय हर मोड़ पर बदलता प्राकृतिक दृश्य इस रास्ते को रोमांचक बना देता है। स्थानीय बैगा आदिवासी समुदाय के लिए यह इलाका आस्था से भी जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि बेताल रानी घाटी को केवल एक सड़क या पर्यटन स्थल के तौर पर नहीं, बल्कि लोककथा, प्रकृति और आदिवासी आस्था के संगम के रूप में भी देखा जाता है। छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाले लोगों के लिए भी यह इलाका आकर्षण का केंद्र बन सकता है। हालांकि, घाटी के घुमावदार और पहाड़ी रास्ते को देखते हुए यहां सफर के दौरान सावधानी जरूरी है। कैमरे की नजर से देखें तो बेताल रानी घाटी सिर्फ 17 मोड़ों की कहानी नहीं है... यह जंगल के बीच छिपी एक ऐसी जगह है, जहां हर मोड़ पर प्रकृति का नया रंग और हर कहानी में एक रहस्य नजर आता है। बाइट - पर्यटक, व स्थानीय महिलाएं बाइट - प्रेम कुमार पटेल जिला सीओ खैरागढ़0
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