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Mohit KashyapMohit KashyapFollow4 Feb 2025, 04:50 am
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चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन

Kota, Rajasthan:चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन कोटा बोरखेड़ा थाना इलाके के चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग को लेकर ब्राह्मण कल्याण परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम को ज्ञापन दिया। ब्राह्मण कल्याण परिषद के अनिल तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा उन्होंने ज्ञापन देकर देवानन्द महाराज के हत्यारे को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की साती पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने को कहा गया। ब्राह्मण कल्याण परिषद के अनिल तिवारी ने बताया कि 5 जून रात्रि को देवानंद महाराज की चाकू भोगकर हत्या की गई थी जिसके हथियारों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है
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चकाई में छह साल के प्रेम के बाद विवाह-संबंधी धोखा, युवक शादीशुदा निकला—हंगामा

Jamui, Bihar:जमुई जिले के चकाई प्रखंड में प्यार, धोखा और हाई-वोल्टेज ड्रामे का एक अनोखा मामला सामने आया है। शादी के दौरान अगुआ (मध्यस्थ) बनकर पहुंचे युवक से एक युवती को प्यार हो गया। छह वर्षों तक चले प्रेम संबंध के बाद युवक के शादीशुदा होने की जानकारी मिलने पर युवती उसके घर पहुंच गई, जहां विवाद इतना बढ़ा कि मामला अस्पताल और पुलिस तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, धनबाद के पुराना बाजार निवासी ममता कुमारी को चिहरा थाना क्षेत्र के गगनपुर गांव निवासी अरुण यादव से प्रेम हो गया था। ममता की मां के मुताबिक, अरुण कई वर्ष पहले उनके रिश्तेदार की शादी में अगुआ बनकर आया था। उसी दौरान उसने उसने मोबाइल नंबर लिया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। पीड़िता का आरोप है कि करीब दो महीने पहले उसे फेसबुक के माध्यम से पता चला कि अरुण पहले से शादीशुदा है। इस बात की सच्चाई जानने के लिए वह रविवार को गगनपुर स्थित उसके घर पहुंची। युवती का आरोप है कि वहां अरुण और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की तथा जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे चकाई रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, अरुण यादव के भाई आनंद यादव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उनका परिवार युवती को नहीं जानता। उन्होंने दावा किया कि युवती अचानक घर में घुस आई और परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट करने लगी। बाद में उसने स्वयं कोई अज्ञात पदार्थ खा लिया। और हम लोगों को फसाने की बात करने लगी। तब हम लोगों के द्वारा इसका विरोध किया गया इसके साथ हम लोगों ने मारपीट नहीं की है। खुद अपने शरीर पर इस तरह करके हम लोगों को फंसा रही है。 घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस संबंध में चिहरा थानाध्यक्ष रिंकू रजक ने बताया कि युवती को पुलिस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता की ओर से आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की जांच में जुटी है।
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पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी भानु प्रताप उर्फ बबलू का पुलिस एनकाउंटर में अंत

Gorakhpur, Uttar Pradesh:मित्रता से मर्डर तक:भानु प्रताप उर्फ बबलू का खूनी सफर खत्म,1 लाख का इनामी जयराम गैंग के शूटर का हुआ अंत। कभी दोस्ती निभाने के लिए हत्या की वारदात में शामिल हुआ एक युवक, देखते ही देखते पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी बन गया। हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित एक लाख के इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू का आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया। रविवार देर रात प्रयागराज एसटीएफ और बदमाश के बीच अयोध्या के दर्शन नगर इलाके में मुठभेड़ हुई। गोली लगने से घायल भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव निवासी भानु प्रताप का आपराधिक सफर वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। बताया जाता है कि एक मित्र की रंजिश में साथ देने के लिए उसने पहली बार हत्या की वारदात में कदम रखा और फिर अपराध की दुनिया में लगातार आगे बढ़ता चला गया। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। देखिए उसके अपराध और एनकाउंटर की पूरी कहानी, इस रिपोर्ट में। गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव में जन्मा भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू कभी एक सामान्य ग्रामीण युवक था। लेकिन वर्ष 2013 में दोस्ती निभाने के नाम पर उसने अपराध की दुनिया में ऐसा कदम रखा, जिससे उसकी पूरी जिंदगी बदल गई। बहादुरपुर गांव निवासी होमगार्ड कमांडेंट विनोद सिंह की हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया। बताया जाता है कि मित्र की रंजिश में साथ देने के लिए भानु प्रताप इस वारदात में शामिल हुआ था। यही घटना उसके अपराधी जीवन की शुरुआत बनी। हत्या के इस मामले के बाद भानु प्रताप पुलिस रिकॉर्ड में चढ़ गया और बेलघाट का हिस्ट्रीशीटर घोषित हुआ। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2015 में बस्ती जिले के लालगंज थाने में हत्या के एक और मुकदमे में उसका नाम दर्ज हुआ। वहीं वर्ष 2016 उसके अपराधी जीवन का सबसे सक्रिय दौर साबित हुआ। सिकरीगंज, बांसगांव और खजनी थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ लूट और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हुए। खजनी थाने में डकैती, हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े गंभीर आरोप लगे। लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की। इसके बाद वह लंबे समय तक फरार रहने लगा और पुलिस की निगरानी सूची में शामिल हो गया। वर्ष 2023 में बांसगांव थाने में उसके खिलाफ लूट, धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। यही दौरान वह पुलिस की गिरफ्त से दूर होता चला गया। पुलिस के मुताबिक भानु प्रताप सिंह पर गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और संगठित अपराध से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे। आजमगढ़ पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये, आंबेडकरनगर पुलिस ने पचास हजार रुपये और गोरखपुर पुलिस ने पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वर्ष 2025 में आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में हुए चर्चित दूध व्यापारी पातीराम हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। रविवार की देर रात प्रयागराज एसटीएफ को भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिली। अयोध्या के दर्शन नगर इलाके में जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें भानु प्रताप गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। करीब एक दशक तक पूर्वांचल में अपराध का पर्याय बन चुका भानु प्रताप सिंह आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसके अंत के साथ ही उसके लंबे और खूनी आपराधिक सफर का भी पटाक्षेप हो गया।
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बस्ती पुलिस ने नौ महीने पुरानी अवैध शराब तस्करी के आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार किया

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती पुलिस ने करीब नौ महीने पुराने अवैध शराब तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। टोल प्लाजा पर पकड़े गए शराब से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, यहाँ तक कि उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की उद्घोषणा भी जारी हो चुकी थी। अब कोतवाली पुलिस ने उसे दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। ये वही शातिर आरोपी प्रहलाद है, जिसकी तलाश बस्ती पुलिस पिछले कई महीनों से कर रही थी। सितंबर 2025 में बस्ती टोल प्लाजा पर एक ट्रक से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद हुई थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। मामले में थाना कोतवाली में गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। फरारी के चलते पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इतना ही नहीं, न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट और कुर्की उद्घोषणा भी जारी कराई गई थी। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर टोल प्लाजा के पास से आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस गिरफ्तारी को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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पूरनपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में धार्मिक भेदभाव के आरोप

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर-पीलीभीत की तहसील पूरनपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदू छात्राओं के साथ धार्मिक भेदभाव का आरोप लगा है। आरोप है कि यहां हिंदू छात्राओं को स्कूल आने पर उनके माथे से तिलक धोने को मजबूर किया गया और उन्हें भविष्य में तिलक लगाकर आने पर सख्त चेतावनी भी दी गई। यह आरोप स्कूल की प्रधानाचार्या जाहिदा खातून पर लगे हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पुरनपुर में प्रिंसिपल जाहिदा खातून पर हिंदू छात्राओं के प्रतीकों को पहनने से रोकने और मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित करने के आरोप लगाए गए। नगर के रहने वाले राजेंद्र कुमार आर्य ने जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने प्रधानाचार्य जाहिदा खातून पर हिंदू छात्राओं के साथ पक्षपात करने, धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने और तिलक धुलवाने का आरोप लगाया। जांच कमेटी में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, सीओ डॉ. प्रतीक दहिया और जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार शामिल हैं। अभी तक शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया गया है, लेकिन स्कूल की छुट्टी होने के कारण प्रधानाचार्य जाहिदा खातून, अन्य शिक्षकों और छात्राओं के बयान अभी दर्ज नहीं हो पाए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाया गया तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मंदिरों में ऑनलाइन दान अब शांति और संतोष की चाह बढ़ा रहा है

Jaipur, Rajasthan:एंकर-मंदिरों में चढ़ावे का तरीका बदला है, लेकिन आस्था नहीं। अब भक्त भगवान के दरबार में प्रसिद्धि या दिखावे की नहीं, बल्कि मन की शांति, परिवार की खुशहाली और आर्थिक उन्नति की कामना लेकर पहुंच रहे हैं। देवस्थान विभाग को पिछले 9 वर्षों में मिले ऑनलाइन दान के आंकड़े बताते हैं कि नई पीढ़ी की श्रद्धा अधिक निजी, व्यावहारिक और डिजिटल हो गई है। आखिर भक्तों की बदलती प्राथमिकताएं क्या कहती हैं, देखिए रिपोर्ट। वीओ-1- मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सोच अब तेजी से बदल रही है। देवस्थान विभाग को वर्ष 2017 से 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से मिले 34.93 लाख रुपए के दान के आंकड़े बताते हैं कि भक्त अब प्रसिद्धि, सामाजिक प्रतिष्ठा या पारंपरिक मान्यताओं से अधिक मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, आर्थिक उन्नति और व्यक्तिगत संतोष को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑनलाइन दान के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चुने गए विभिन्न मदों का विश्लेषण इस बदलाव की साफ तस्वीर पेश करता है। सबसे अधिक राशि धन-मन संवर्धन, मनोकामना पूर्ति, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली से जुड़े मदों में प्राप्त हुई है। इसके विपरीत प्रसिद्धि प्राप्ति और संतति संबंधी मदों में सबसे कम दान दर्ज हुआ है। विशेषज्ञ इसे बदलते सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परिवेश का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि आज की पीढ़ी के लिए आस्था केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक सहारे का माध्यम भी बन गई है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, आर्थिक चुनौतियों और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच लोग ईश्वर से सफलता के साथ-साथ मन की शांति और स्थिरता की कामना कर रहे हैं। श्रेणी (मद) चढ़ावा धन-मन-धन संवर्धन 5.41 लाख मनोकामना पूर्ति 5.19 लाख स्वास्थ्य 4.31 लाख सफलता 3.34 लाख प्रसिद्धि मद 8,748 संतति मद 12,136 मांगलिक उत्सव 23,860 डिजिटल दान के पीछे सोच और मंशा - आर्थिक मजबूती की चाह यानी तरक्की, समृद्धि व सुख-शांति; अटूट विश्वास यानी सीधे मन्नत मांगने व संकल्प पूरे होने पर भरोसा; अच्छे स्वास्थ्य और परिवार के आरोग्य की जागरूकता; नौकरी-बिजनेस में कामयाबी के लिए जमकर दान; अब मंदिर में नाम की तख्ती लगवाने या दिखावे को महत्व नहीं; बेटे-पोते की चाह जैसी पुरानी मान्यता दूर हो रही; बड़े आयोजनों में दिखावे के बजाय शांत भाव से आस्था जता रहे। वीओ-2- देवस्थान विभाग के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि आर्थिक मजबूती की चाह लोगों की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान पर है। नौकरी, व्यवसाय, करियर और आय में वृद्धि की कामना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन दान किया। वहीं अच्छे स्वास्थ्य और परिवार के सदस्यों के आरोग्य के लिए भी उल्लेखनीय राशि चढ़ाई गई। दिलचस्प तथ्य यह है कि डिजिटल माध्यम ने आस्था की अभिव्यक्ति का तरीका भी बदल दिया है। पहले मंदिरों में बड़े दान के साथ नाम पट्टिकाएं लगवाना या सार्वजनिक रूप से योगदान दिखाना सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था। अब बड़ी संख्या में लोग घर बैठे ऑनलाइन दान कर रहे हैं, जहां न तो किसी प्रदर्शन की जरूरत है और न ही सार्वजनिक पहचान की। इससे स्पष्ट है कि श्रद्धालु दिखावे के बजाय निजी और आत्मिक संतोष को अधिक महत्व दे रहे हैं। सामाजिक बदलाव का असर संतति संबंधी मान्यताओं पर भी दिखाई दे रहा है। कभी पुत्र प्राप्ति या वंश वृद्धि जैसी कामनाएं धार्मिक दान का बड़ा कारण होती थीं, लेकिन अब ऐसे मदों में अपेक्षाकृत कम रुचि देखने को मिल रही है। यह समाज में बदलती सोच और नई पीढ़ी के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। धर्म और समाजशास्त्र के जानकार मानते हैं कि दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मिक संतुलन और सामाजिक संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में योगदान देने से लोगों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि श्रद्धालु अब दान को केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि मानसिक संतोष और जीवन में सकारात्मकता लाने के माध्यम के रूप में देखने लगे हैं। बहरहाल, देवस्थान विभाग के ऑनलाइन दान के नौ वर्षों के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि आस्था का स्वरूप बदल रहा है। भगवान के प्रति विश्वास पहले जितना ही मजबूत है, लेकिन अब भक्तों की प्रार्थनाओं में प्रसिद्धि से ज्यादा शांति, दिखावे से ज्यादा संतोष और परंपरा से ज्यादा व्यक्तिगत जुड़ाव दिखाई दे रहा है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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झारखंड राज्यसभा चुनाव में नाथवानी ने नया मोड़ दिया: 24 विधायक समर्थनों के साथ डटे खेल के लिए दावा

Ranchi, Jharkhand:झारखंड के राज्यसभा चुनाव में जहां एक-एक वोट के लिए सियासी अंकगणित के साथ जीत के दावे हो रहे है वहीं निर्दलीय और भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने इस पूरे मुकाबले को एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ दे दिया है। 24 विधायकों के ही समर्थन से जीत का भरोसा जताते हुए परिमल नाथवानी ने कहा कि मेरे सभी दलों से अच्छे ताल्लुकात रहे हैं और मैं पूर्व में भी झारखंड के लिए बहुत काम किया है। इसीलिए मुझे उम्मीद है कि मैं पूर्व में किए गए काम के आधार पर एक बार फिर जीत हासिल करूंगा और अपने इस कर्मभूमि के लिए काम करूंगा।
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नीमका जेल में बंदी की आत्महत्या, जेल सुरक्षा पर सवाल उठे

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में सोमवार तड़के एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना (25) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 11 महीने से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल के अस्पताल में था 3 दिनों से एडमिट जेल सूत्रों के अनुसार ऋतिक उर्फ रंकित के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास समेत करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते उसे जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उसने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब जेल स्टाफ ने जब उसे उसके बेड पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान अस्पताल के बाथरूम में वह फंदे से लटका मिला। कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल में पहुंचे परिजन परिजनों ने जेल डिप्टी पर लगाए आरोप मृतक के भाई राजेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई को जेल के अंदर प्रताड़ित किया जाता था। उनका आरोप है कि जेल डिप्टी साजिद खान द्वारा अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और उसने यह कदम उठाया। वहीं जेल डिप्टी साजिद खान ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जेल में सभी बंदियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और ऋतिक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पुलिस ने शव को बीके अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है नीमका जेल पहले भी रही है सुर्खियों में फरीदाबाद की नीमका जेल बीते कुछ महीनों में कई गंभीर घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। फरवरी 2026 में जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की एक अन्य कैदी द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन के कई अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था। मार्च 2026 में जेल के भीतर दो कैदियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि एक कैदी ने दूसरे के चेहरे पर खौलता तेल फेंक दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही के आरोप लगाए थे। अब ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना की आत्महत्या के बाद एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस, जेल प्रशासन और मजिस्ट्रेट स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। बाइट = राजेश मृतक का भाई
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INDIA गठबंधन दिल्ली में today अहम बैठक: विपक्षी unity पर जोर

Delhi, Delhi:INDIA BLOC की आज दिल्ली में अहम बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी बैठक बैठक में कांग्रेस समेत 23 विपक्षी दलों के नेता होंगे शामिल नई दिल्ली: विपक्षी एकता पर चर्चा करने और BJP के नेतृत्व वाले NDA के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने के लिए INDIA गठबंधन के नेता दोपहर 12 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक करेंगे नई दिल्ली में जगह-जगह कांग्रेस के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं आज होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक से पहले, दिल्ली के कई गोल-चक्करों पर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को निशाना बनाने वाले पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के बारे में विपक्ष के नेताओं - जिनमें NCP-SCP प्रमुख शरद पवार, TMC प्रमुख ममता बनर्जी, DMK नेता उदयनिधि स्टालिन और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयानों को दिखाया गया है।
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SDN अस्पताल में नई सुविधाओं का उद्घाटन; PPP से CT-MRI और 4K लैप्रोस्कोपिक यूनिट

Delhi, Delhi:पूर्वी दिल्ली को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात, SDN अस्पताल में शुरू हुईं अत्याधुनिक सुविधाएं दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल स्वामी दयानंद (SDN) अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विभिन्न नई चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन एवं अपग्रेडेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरणों और नई स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की गई, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जय भगवान यादव तथा डीडीए सदस्य एवं क्षेत्रीय निगम पार्षद वीर सिंह पंवार मौजूद रहे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त संजीव खीरवार, अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) पंकज नरेश अग्रवाल, शाहदरा नॉर्थ जोन की उपायुक्त ममता यादव, अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनीता कुजूर, डॉ. आदर्श, डॉ. यंगला सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर अस्पताल में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। ओपीडी मेजर ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे आपातकालीन और त्वरित चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। ऑर्थोपेडिक विभाग में अत्याधुनिक सी-आर्म (C-Arm) इमेजिंग मशीन की स्थापना की गई है, जिससे हड्डियों से संबंधित जटिल ऑपरेशनों में अधिक सटीकता और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। इसके अलावा सर्जरी विभाग को 4K लैप्रोस्कोपिक यूनिट से सुसज्जित किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से दूरबीन द्वारा किए जाने वाले ऑपरेशन अब अधिक स्पष्टता और सटीकता के साथ संभव हो सकेंगे, जिससे मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। अस्पताल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत सीटी स्कैन और एमआरआई सेंटर की भी शुरुआत की जा रही है। इससे मरीजों को अस्पताल परिसर के भीतर ही किफायती दरों पर जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें निजी केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट (SR) डॉक्टरों की भर्ती को मंजूरी दी गई है। वहीं मरीजों को दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट (RC) व्यवस्था को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों और डॉक्टरों के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाया जाएगा। अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) पंकज नरेश अग्रवाल ने कहा कि नई तकनीकों और संसाधनों के माध्यम से SDN अस्पताल को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। क्षेत्रीय निगम पार्षद एवं डीडीए सदस्य वीर सिंह पंवार ने कहा कि अस्पताल में हुए ये विकास कार्य पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों के लिए लाभकारी साबित होंगे और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देंगे। बाइट - मेयर प्रवेश वाही बाइट - नरेश अग्रवाल एडिशनल कमिश्नर हेल्थ बाइट - दिल्ली विकास प्राधिकरण एवं क्षेत्रीय निगम पार्षद वीर सिंह पवार
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