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Mohit KashyapMohit KashyapFollow4 Feb 2025, 04:50 am
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रांची में 1880 से चली आ रही फूलपाती पूजा, गोरखा जैप-01 की अनोखी परंपरा

Ranchi, Jharkhand:1880 ये चली आ रही गोरखा जैप 01 की अनोखी पूजा पूरी रanchi के आकर्षण का केंद्र है महासप्तमी के मौके पर जैप 01 परिसर में फूल पाती यात्रा निकाली गई जिसमें शक्ति के साथ प्रकृति के गठजोड़ की तस्वीर देखने को मिली। राजधानी रांची में शारदीय नवरात्र की आस्था और भक्ति के बीच फूलपाती पूजा की खास रौनक देखने को मिल रही है। गोरखा समुदाय की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी फूलपाती पूजा का जैप-1 परिसर में विशेष महत्व है। यहां हर साल पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पूजा का आयोजन किया जाता है। बताया जाता है कि इस परंपरा का इतिहास वर्ष 1880 से जुड़ा है। फूलपाती पूजा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह गोरखा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखती है।जैप 01 में यह परंपरा 1880 से चली आ रही है, गोरखा बटालियन के जवान नेपाली रीति रिवाज से नवरात्र का आगोजन करते है जहां प्रतिमा की नहीं बल्कि कलश की ही पूजा होती है। फूल-पाती/नवपत्रिका में पवित्र पौधे/पत्तियाँ (केले, बेलपत्र, धान, अदरक/उखु आदि) होती हैं, जिन्हें देवी दुर्गा और अष्ट मातृका का प्रतीक माना जाता है। यात्रा की अगुआई नौ कन्याएँ (नौ देवी स्वरूप), डोली, बैंड और व्रतियाँ शामिल होती हैं। रास्ते में नौ वृक्षों (पीपल, बेल, नीम, आम आदि) की पूजा की जाती है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है। पूजा के दौरान जवान मां दुर्गा को गोलियों/फायरिंग से सलामी देते हैं। कभी-कभी बलि की परंपरा भी जुड़ी होती है। जिसमें श्रद्धालु झूमते नाचते गाते हुए प्रकृति की पूजा करते है। गोरखा बटालियन के जवान और परिवारजन सभी इस पूजा में शामिल होते है और बड़े ही भक्तिमय माहौल में पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान प्रकृति की पूजा के साथ मां को बंदूकों से भी सलामी दी जाती है।
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धनन: गल्फरबाड़ी मेले में 15 लाख की चोरी, तीन गिरफ्तार

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के गल्फरबाड़ी मेला ग्राउंड समीप निवासी अमित अग्रवाल के घर में हुई करीब 15 लाख की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। निरसा एसडीपीओ लिलेश्वर महतो ने गलफरबाड़ी ओपी में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एगारकुंड पानी टंकी निवासी चंदन कुमार पासवान, लाल बाबू कर्मकार और सलमान अंसारी के रूप में हुई है। एसडीपीओ ने बताया कि 6 अक्टूबर की रात चोरों ने अमित अग्रवाल के घर का दरवाजा तोड़कर अलमारी में रखी नकदी और जेवरात चोरी कर लिए थे। घटना के बाद एसएसपी के आदेश पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से 47,600 रुपये नकद, एक अपाची मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा चांदी के 52 सिक्के, एक कटोरा, चम्मच, हनुमान छाप, टूटी हुई बिछिया-अंगूठी, लॉकेट, चार चांदी के बिस्किट, एक टूटा हुआ गोल्डन बाला और सुनहरे रंग की एक चेन भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार अधिकांश सामान बरामद कर लिया गया है, शेष की बरामदगी के लिए जांच जारी है।
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चंपारण में सख्त कार्रवाई: डीआईजी ने थानाध्यक्ष सम्राट सिंह को निलंबित कर दिया

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने मुफ्फसिल थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है मुफ्फसिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह को कर्तव्यहीनता के आरोप में डीआईजी ने निलंबित किया है दबंग थानाध्यक्ष को डीआईजी ने निलंबित किया है ऐसा थानाध्यक्ष जो एसपी कार्यालय से जारी आदेश को भी दरकिनार कर देता था ऐसा थानाध्यक्ष जिसे पांच पांच बार एसपी कार्यालय से आवेदक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश गया था लेकिन थानाध्यक्ष ने एसपी कार्यालय से आए आदेश को दरकिनार कर दिया था वैसे थानाध्यक्ष की शिकायत डीआईजी हर किशोर राय को मिली फिर क्या था चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने मुफ्फसिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह को त्वरित निलंबित कर दिए बताना दे आवेदक सुरेंद्र प्रसाद ने आवेदन दिया था कि उनकी बेटी की शादी 25 लाख में तय हुई थी पूरा पैसा बिना लिए दिन नहीं उतरा जाएगा आवेदक के पास पैसा देने का भी सबूत था बावजूद उसके थानाध्यक्ष उसके आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहे थे आवेदक एसपी कार्यालय और थाना का चक्कर लगाते लगाते थक गया तो आवेदक चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय के पहुंचा जहां डीआईजी हर किशोर राय ने त्वरित कार्रवाई की थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिए कंचन भाष्कर को थाना का चार्ज मिला है आवेदक सुरेंद्र प्रसाद के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज हुआ है।
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शाहापुर दूध उत्पादक किसानों ने भेसळ के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, डेयरी बंद

Thane, Maharashtra:शहापूरात दुध उत्पादक शेतकऱ्यांचे बेमुदत संपामागचे खरे कारण आता समोर आले आहे. हा संप फक्त भाववाढीसाठी नाही, तर दुधात होणाऱ्या मोठ्या प्रमाणात भेसळीविरोधात आहे. दुध उत्पादक शेतकरी सामाजिक संस्था, शहापूर, जि. ठाणे यांनी तहसीलदार तथा कार्यकारी दंडाधिकारी, शहापूर यांना लेखी निवेदन दिले आहे. शेतकऱ्यांनी तहसीलदारांना दिलेल्या अर्जात स्पष्ट म्हटले आहे की, ‌ आम्ही शेतकरी दुध उत्पादनावर आपल्या परिवाराचा उदरनिर्वाह करतोयं. सदर दुध उत्पादक शेतकरी दुध विक्री डेअरी मालकांना करतात, परंतु डेअरी मालक हे दुधामध्ये मोठ्या प्रमाणात भेसळ करतात. दुध उत्पादक शेतकऱ्यांचे दुध परत देऊन मोठ्या प्रमाणात नुकसान करत आहेत. या पत्रावर संस्थेचे अध्यक्ष मारुती भाऊ पिंडे, उपाध्यक्ष दत्ता भानोजी डिंगोरे, सचिव जयवंत दामू मोगरे आणि खजिनदार जगन्नाथ नामदेव मोरे यांच्यासह अनेक सदस्यांच्या सदर अर्जावर सह्या केल्या आहेत. या गंभीर आरोपानंतरच शेतकऱ्यांनी आज १७/१०/२०२६ पासून बेमुदत संप पुकारला आहे. डेअरी मालक यांना दुध न देण्याबाबत बेमुदत संप - हा निर्णय घेण्यात आला आहे. या संपाचा परिणाम म्हणून आज शहापूर, गोठेघर येथील श्रीनाथ डेअरी, कन्हैया दुध डेअरी आणि कृष्णा दुध डेअरी या सारख्या प्रमुख डेअऱ्यांचे शटर आज बंद आहेत. डेअऱ्यांचे शटर बंद आहेत आणि शेतकरी रस्त्यावर उभे राहून आंदोलन करत आहेत. भेसळीच्या आरोपासोबतच शेतकऱ्यांनी भाववाढ ना मिळाल्याची आणि वाढत्या खर्चाची व्यथा देखील मांडली आहे. एकंदरीत, शहापूर तालुक्यातील दुध उत्पादक शेतकऱ्यांनी डेअरी मालकांवर दुधात भेसळ करून शेतकऱ्यांचे दुध परत देऊन नुकसान केल्याचा गंभीर आरोप करत तहसीलदारांकडे दाद मागितली आहे. याच कारणातून १७ ऑक्टोबरपासून बेमुदत डेअरी बंद आंदोलन सुरू झाले आहे. प्रशासन यावर काय कारवाई करते आणि शेतकऱ्यांना न्याय कधी मिळतो, याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे.
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सोनपुर दुर्गा पूजा पंडाल में महिषासुर के बजाय देवी दुर्गा के चरणों तले तिलचट्टा

Kolkata, West Bengal:হেডলাইন: মহিষাসুর নয়, সোনারপুরের পুজো মণ্ডপে আরশোলা বধ করছেন মা দুর্গা! রাজনৈতিক থিম ঘিরে জোর চর্চা সোনারপুর: দুর্গাপুজোর মণ্ডপে মহিষাসুরের পরিবর্তে এবার দেবী দুর্গার পদতলে বিশালাকৃতির আরশোলা! অভিনব এই থিম ঘিরে ইতিমধ্যেই শুরু হয়েছে রাজনৈতিক চর্চা। দক্ষিণ ২৪ পরগনার সোনারপুরের গ্রিন পার্ক অধিবাসীবৃন্দ পুজো কমিটির এবারের ভাবনা—‘মায়ের আগমন, আরশোলার দমন’। জাতীয় রাজনীতির সাম্প্রতিক বিতর্ককেই এবার দুর্গাপুজোর থিমে তুলে ধরার চেষ্টা করেছেন পুজো উদ্যোক্তারা। তাঁদের বক্তব্য, ‘ককরোচ জনতা পার্টি’ নামে একটি সংগঠনের কর্মকাণ্ড এবং জ্ঞানেশ কুমার ইস্যুতে কেন্দ্রীয় সরকারকে ঘিরে তৈরি হওয়া রাজনৈতিক বিতর্ক থেকেই এই ভাবনার সূত্রপাত। মণ্ডপের মূল আকর্ষণ দেবী দুর্গার প্রতিমা। তবে চিরাচরিত মহিষাসুরের পরিবর্তে দেবীর پায়ের নীচে রাখা হয়েছে একটি বিশালাকৃতির আরARKOLA। আর সেই আরARKOLA-কে অশুভ শক্তির প্রতীক হিসেবে তুলে ধরতে চাইছেন উদ্যোক্তারা। পুজো উদ্যোক্তাদের দাবি, আন্দোলনের নামে কিছু সংগঠন দেশের ক্ষতি করছে। তাঁদের অভিযোগ, কেন্দ্রীয় সরকারকে বিব্রত করতে বিদেশি অর্থ ব্যবহার করে আন্দোলন সংগঠিত করা হচ্ছে। যদিও এই অভিযোগের পক্ষে কোনও প্রমাণ সামনে আনেননি উদ্যোক্তারা। তাঁদের বক্তব্য, আরARKOLA যেমন পায়ের নীচেই থাকে, তেমনই সমাজের ক্ষতিকারক শক্তিকেও দমন করা প্রয়োজন। সেই বার্তা দিতেই এবারের থিম ‘মায়ের আগমন, আরARKOLAR দমন’। দুর্গাপুজোয় সাধারণত মহিষাসুর বধের মাধ্যমে অশুভ শক্তির বিনাশের বার্তা দেওয়া হয়। কিন্তু সোনারপুরের এই পুজোয় সেই চিরাচরিত ভাবনার সঙ্গে জুড়ে দেওয়া হয়েছে সমসাময়িক রাজনৈতিক বিতর্ক। উদ্যোক্তাদের বক্তব্য অনুযায়ী, দেবী দুর্গার আগমনের মধ্য দিয়ে তাঁদের চিহ্নিত অশুভ শক্তির দমনই এই থিমের মূল বার্তা। তবে ধর্মীয় উৎসবের মণ্ডপে এমন রাজনৈতিক প্রতীক ব্যবহার কতটা যুক্তিযুক্ত, তা নিয়েও প্রশ্ন উঠতে শুরু করেছে। সব মিলিয়ে সোনারপুরের গ্রিন পার্ক অধিবাসীবৃন্দের এই পুজো এখন রাজনৈতিক চর্চার কেন্দ্রবিন্দুতে。
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बारुईपुर के गैराज में पूजा चंदा नहीं देने पर दो मजदूरों की मारपीट

Baruipur, West Bengal:১৫ হাজার টাকা পুজোর চাঁদা না দেওয়ায় গ্যারেজের দুই শ্রমিককে বেধড়ক মারধরের অভিযোগ, চাঞ্চল্য বারুইপুরে বারুইপুর: দুর্গাপুজোর চাঁদা আদায়ে জুলুমবাজি রুখতে কড়া নির্দেশ মুখ্যমন্ত্রী। তারপরেও চাঁদার দাবিতে মারধরের অভিযোগ উঠল বারুইপুরে। ঘটনাস্থল বারুইপুর থানার খাসমল্লিক সংলগ্ন এলাকার একটি গ্যারেজ। অভিযোগ, ওই গ্যারেজের কাছে ১৫ হাজার টাকা পুজোর চাঁদা দাবি করেন একটি পুজো কমিটির উদ্যোক্তারা। সেই টাকা দিতে রাজি না হওয়ায় গ্যারেজের দুই শ্রমিককে বেধড়ক মারধর করা হয়েছে বলে অভিযোগ。 জানা গিয়েছে, গ্যারেজ কর্তৃপক্ষ পুজোর চাঁদা বাবদ এক হাজার টাকা দিতে রাজি হয়েছিলেন। কিন্তু অভিযোগ, তাতে রাজি হননি পুজো উদ্যোক্তারা। তাঁদের দাবি ছিল, ১৫ হাজার টাকাই দিতে হবে। এমনকী, টাকা না দিলে দেখে নেওয়ার হুমকিও দেওয়া হয় বলে অভিযোগ। এরপরই দলবল নিয়ে গ্যারেজে এসে দুই শ্রমিকের উপর হামলা চালানো হয় বলে অভিযোগ উঠে। আক্রান্ত দুই শ্রমিকের নাম মধু মণ্ডল ও পিন্টু চৌধুরী। তাঁদের অভিযোগ, চাঁদার টাকা না দেওয়ার কারণেই তাঁদের বেধড়ক মারধর করা হয়েছে। এই ঘটনায় বারুইপুর থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেছেন দুই শ্রমিক。 ঘটনার পর থেকেই আতঙ্কে রয়েছেন গ্যারেজের মালিক ও কর্মীরা। দুর্গাপুজোর আনন্দের আবহে চাঁদার দাবিতে এমন হামলার অভিযোগ ঘিরে চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে এলাকায়। প্রশ্ন উঠছে, প্রশাসনের কড়া নির্দেশের পরেও কীভাবে চাঁদার নামে এমন জুলুমবাজির অভিযোগ উঠছে? ব্যবসায়ীরা কি নির্ভয়ে নিজেদের ব্যবসা চালাতে পারবেন? ইতিমধ্যেই লিখিত অভিযোগের ভিত্তিতে ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে বারुईপুর থানার পুলিশ। অভিযোগের সত্যতা খতিয়ে দেখার পাশাপাশি ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত, তা জানার চেষ্টা করছেন তদন্তকারীরা। অভিযুক্ত পুজো উদ্যোক্তাদের বক্তব্য এখনও জানা যায়নি。
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