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Mohit KashyapMohit KashyapFollow3 Jan 2025, 08:21 am

Kanpur Dehat: जिले के SP की सक्रियता से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई

Mati Kishunpur, Uttar Pradesh:

जिले के SP बीबीजीटीएस मूर्ति की मेहनत से अपराधियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां हुई हैं। पिछले वर्ष पुलिस ने 11 मुठभेड़ें कीं जिसमें 14 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत 770 अपराधियों को अदालत में पेश कर सजा दिलाई गई। पुलिस ने 19 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, 44 अपराधियों को जिलाबदर किया और 110 शातिरों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की। इसके अलावा, 27 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस ने 25 मुकदमों का खुलासा किया और 350 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए। जनसहयोग से 11819 कैमरों का भी स्थापना कार्य पूरा किया गया।

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छतरपुर के चौराहे पर सड़क पर दो लड़कियों और एक युवक की हिंसक भिड़ंत वायरल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर मे बीच सड़क पर दो लडकियों और एक लड़के के बीच जमकर मारपीट का बीडीओ सोशल मीडिया मे बायरल हो रहा है बायरल बीडीओ मे एक लड़की पहले एक युवक से झूमाझटकी करती है तभी दूसरी लडकी भी बीच मे आ जाती है और फिर शुरु होता है सड़क पर संग्राम दोनो लडकियां एक दूसरे पर जमकर हाथापाई करती है और सड़क पर चलने वाले उन्हे बचाकर सड़क पर निकलते है ,हंगामा चलता रहता है लेकिन राहगीर बीडीओ बनाते रहते है ,इन लोगो का किस वजह से यह विवाद हो रहा है इसकी जानकारी नही लगी ,लेकिन यह महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी के तिराहै पर यह हंगामा होता रहा ।
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हरदा में मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग, किसान नाराज

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा से किसान नाराज, खरीद मात्रा बढ़ाने की मांग हरदा। मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हरदा जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी जारी है, लेकिन प्रति हेक्टेयर खरीदी की निर्धारित सीमा को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर खरीदी की मात्रा बढ़ाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि वर्तमान में प्रति हेक्टेयर केवल 3 क्विंटल मूंग की खरीदी की सीमा तय की गई है, जो व्यवहारिक रूप से किसानों के लिए नुकसानदायक है। उनका कहना है कि हरदा जिले में मूंग की औसत पैदावार 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है। ऐसे में सरकार द्वारा निर्धारित खरीदी सीमा उनकी वास्तविक उपज के मुकाबले बेहद कम है। किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, दवा, सिंचाई, मजदूरी और अन्य लागत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद केवल 3 क्विंटल की खरीदी होने से उन्हें शेष उपज खुले बाजार या मंडियों में कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है बाइट 01 अशोक गुर्जर, किसान बाइट 02 हरनारायण रायखरे,किसान बाइट 03 एल एल उइके, तहसीलदार
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दुमका कांग्रेस की समीक्षा बैठक, भाजपा की वोट चोरी की साजिश पर तेज हमला

Dumka, Jharkhand:दुमका जिला कांग्रेस कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस की ओर से दुमका संसदीय क्षेत्र समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ एसआईआर तैयारियों और मतदाता सूची में नाम जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गईं। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। दुमका जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित दुमका संसदीय क्षेत्र के समीक्षा बैठक में कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट चोरी की साजिश कर रही है और इसी उद्देश्य से विभिन्न तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी भाजपा की मंशाओं को सफल नहीं होने देगी और हर स्तर पर उसका मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर सक्रिय रहेगा और बीएलओ के सहयोगी के रूप में मतदाता सूची में पात्र लोगों का नाम जोड़वाने का काम करेगा। बैठक में कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की गई कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने से वंचित न रहे। कांग्रेस पार्टी हर मोर्चे पर भाजपा की मंशाओं को विफल करेगी। हमारा एक-एक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर बीएलओ के सहयोगी के रूप में काम करेगा और पात्र मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाएगा।
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बेतिया में भारी मात्रा में गांजा बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां मझौलिया थाना पुलिस ने भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है एक क्विंटल 24 केजी गांजा पुलिस ने बरामद किया है दो तस्करों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है एक बोलोरो जप्त किया है नेपाल से गांजा की बड़ी खेप बेतिया लाई जा रही थी जिसकी गुप्त सूचना बेतिया एसएसपी कुमार गौतम को मिली एसएसपी ने त्वरित एक टीम गठित की और वाहन जांच अभियान शुरू किया गया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने चैलाभार गांव के समीप वाहन जांच अभियान चलाया तभी एक बोलोरो की जांच की गई जिसमें एक क्विंटल 24 केजी गांजा बरामद किया गया दो तस्कर भागने में कामयाब रहे दो को गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार तस्कर दीपक कुमार और अमन कुमार नेपाल रक्सौल से गांजा की खेप लेकर लोहियरिया जाने वाले थे बेतिया पुलिस ने जाल बिछा गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है गिरफ्तार तस्करों को जेल भेजा जा रहा है जप्त गांजा अंतराष्ट्रीय बाजार में कई लाख की बताई जा रही है दो फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुट गई है गांजा कहां से आ रहा था कहां जानेवाला था उसकी तफ्तीश में पुलिस जुट गई है।
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पटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधाकर सिंह ने बोला: रिशु श्री घोटाले की सच्चाई सामने

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह का प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार के खजाना को लूट रिशु श्री मामले में आनंद किशोर के संबंध हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था आर्थिक अपराध के एडीजी पंकज दरार को ट्रांसफर कर दिया गया क्या विपक्ष के लोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे तब सरकार की नींद खुलेगी । हजारों हजार करोड़ की लूट हुई ,,,,,सरकार उस तथ्यों पर कार्रवाई करेगी । रिशु श्री,संतोष कुमार मल का चैट सामने आया है संतोष कुमार मल ने चैट में लिखा कि रिशु श्री 15 बार कॉल किया फोन नहीं उठा रहे है संतोष कुमार मल ने चैट में लिखा रिशु श्री मेरे ऊपर दबाव है... किसका दबाव था संतोष कुमार मल के ऊपर 5 किलो देने का जिक्र किया है संतोष कुमार मल ने संतोष कुमार मल ने कहा कि 5 किलो नहीं मिलेगा तो हम बर्बाद हो जाएंगे 5 किलो सोना या पैसा था जो ईडी ने जांच नहीं किया चारा घोटाले में लालू यादव को कोर्ट ने दंड दिया उनके खिलाफ सबूत था...उन्होंने एक अधिकारी का सेवा विस्तार किया था विभाग के प्रस्ताव पर तारिणी दाश का सेवा विस्तार पर जांच क्यों नहीं हुआ कुमार रवि के द्वारा रातों-रात जॉइंट सेक्रेटरी को बदल कर नया जॉइंट सेक्रेटरी को बहाल कर उससे फाइल बढ़वाया जाता है । जयंत राज्य तत्कालीन मंत्री से सिग्नेचर कराकर सेवा विस्तार कराया गया ईडी ने जयंत राज और आनंद किशोर को समन क्यों नहीं भेजा । ईडी पर किसका दबाव है कि उन्होंने सामान नहीं भेजा इतना बड़ा घोटाला साक्षी मिलने के बाद भी सभी नव धिकारियों के खिलाफ न समन जारी हुआ ना ही पूछताछ हुआ । दर्जनों लोग का सेवा विस्तार करने का मामला सामने आया कार्रवाई क्यों नहीं हुई。 आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में लीपा पोती करना चाहती है इसमें सरकार के बड़े लोगों का हाथ है इसलिए इस मामले को दबाया जा रहा है। छोटे लोगों पर दबाव बनाकर उसके ऊपर जुर्म मढ़ा जा रहा है इस मामले को हमारी पार्टी विधानसभा और लोक सभा में उठाने का काम करेगी । बाइट — सुधाकर सिंह, सांसद राजद
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रanchi के Raj Hospital विवाद: परिजनों का आरोप, इलाज में लापरवाही और बिल

Ranchi, Jharkhand:रांची के राज अस्पताल एक बार फिर विवादों में है। 18 वर्षीय मरीज राजू कुमार रंजन के इलाज के दौरान मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अस्पताल ने मनमाने तरीके से 16 लाख रुपये का बिल भी बना दिया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इलाज को निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप बताया है।परिजनों के अनुसार, राजू कुमार रंजन को 24 मई को सड़क दुर्घटना के बाद पैर में गंभीर चोट लगने पर राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही हुई, जिसके कारण मरीज की हालत और बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि जब चोट पैर में थी, तो बाद में अस्पताल ने सिर में संक्रमण बताकर मरीज को वेंटिलेटर पर रख दिया। उनका सवाल है कि आखिर यह संक्रमण कैसे हुआ। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब मरीज की स्थिति गंभीर हो गई, तब अस्पताल उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात करने लगा और साथ ही 16 लाख रुपये का भुगतान करने का दबाव भी बनाया।हंगामे के दौरान परिजनों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया, डॉक्टरों और स्टाफ का घेराव किया। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और समझाकर मामला शांत कराया।वहीं, राज अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल के अनुसार, मरीज को सड़क दुर्घटना के बाद पॉलीट्रॉमा, मस्तिष्क में रक्तस्राव, रीढ़ और फेफड़ों की गंभीर चोटों तथा कई फ्रैक्चर के साथ भर्ती कराया गया था। प्रबंधन का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आईसीयू में सभी चिकित्सा मानकों के अनुसार इलाज किया।अस्पताल का दावा है कि मरीज के बाएं पैर में गंभीर संक्रमण और रक्त संचार बाधित होने के कारण जीवन बचाने के लिए कई बार पैर काटने (एम्प्यूटेशन) की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजनों ने इसकी अनुमति नहीं दी। अस्पताल ने यह भी कहा कि परिजनों के हंगामे की वजह से कई घंटों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
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इसुआपुर में दूसरी पत्नी की हत्या: सौतेला बेटा गिरफ्तार, संपत्ति विवाद जुड़ा

Chapra, Bihar:सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र में दूसरी पत्नी की हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सौतेले बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मामला संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतका की पहचान सोनी देवी उर्फ सबरन निशा के रूप में हुई थी, जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पति अशोक गिरी के फर्दबयान के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2010 में सोनी देवी से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी और बच्चों के साथ विवाद के बाद वे दूसरी पत्नी के साथ अलग रह रहे थे। इसी बीच संपत्ति को लेकर परिवार में लगातार तनाव चल रहा था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 20 जून की शाम जब अशोक गिरी अपनी दूसरी पत्नी के साथ घर पर थे, तभी उनका बड़ा बेटा मनु गिरी अपने साथियों के साथ पहुंचा और सोनी देवी पर गोली चला दी। बचाने पहुंचे अशोक गिरी के साथ भी मारपीट की गई। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मामले में पति ने अपने बेटे मनु गिरी, पहली पत्नी गायत्री देवी, बहू अलका देवी समेत अन्य लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। आरोप है कि दूसरी पत्नी से जन्म लेने वाले बच्चे और संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर परिवार के लोग नाराज थे और इसी वजह से हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व में ही पहली पत्नी और पुत्रबधू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आज पुलिस ने मशरक से मुख्य आरोपी सौतेले बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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फतेहगढ़ में बीएससी छात्रा ने लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या की आशंका, जांच जारी

Farrukhabad, Uttar Pradesh:बीएससी छात्रा ने पिता की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारी, मौके पर फर्रुखाबाद, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के धन्सुआ गांव में शनिवार को 20 वर्षीय बीएससी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मौके से छात्रा के पिता की लाइसेंसी राइफल बरामद कर कब्जे में ले ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान अंजलि पाल (20) के रूप में हुई है। वह बीएससी की छात्रा थीं। उनके पिता राजेश कुमार पाल भारतीय सेना में तैनात हैं और वर्तमान में पंजाब में अपनी ड्यूटी पर हैं। परिवार में मां, अंजलि और छोटा भाई ललित रहते हैं। बताया गया कि घटना के समय अंजलि घर में अकेली थीं। उनकी मां किसी जरूरी काम से बाहर गई थीं, जबकि भाई ललित अपनी दुकान पर था। रात करीब नौ बजे जब ललित घर लौटा तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा, जहां कमरे में अंजलि खून से लथपथ पड़ी मिलीं। पास में पिता की लाइसेंसी राइफल भी पड़ी थी। घटना की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी तेज सिंह तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए और घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और फिलहाल किसी भी संभावित कारण के बारे में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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Varanasi में बुलडोजर रोक पर सवाल, प्रशासनिक दबाव से फैसले पर बहस तेज

New Delhi, Delhi:उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जिस तरीके से कोर्ट का आर्डर आया है जिसमें कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से मना किया है उसे पर सवालिया निशान खड़ा होता है सभी सबूत होने के बावजूद भी डालते हैं दबाव में काम कर रही हैं लेकिन लोकतंत्र में सबसे बड़ी चीज यह है कि हमें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा हक है अगर निश्चली आधारितों से ऐसे फैसले आ रहे हैं तो इसका मतलब साफ है कि राज्य सरकार के दबाव में डालते भी काम कर रही हैं। गाजियाबाद की लोनी मुस्तफाबाद में 29 जून को ज़ैद नाम के लड़के की पीट पीट कर हत्या के मामले में भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल है अगर आरोपी मुसलमान होता तो अब तक बुलडोजर की कार्रवाई भी हो चुकी होती है एनकाउंटर भी हो चुका होता आज की तारीख में यह देखा जा रहा है कि पब्लिक की डिमांड पर एनकाउंटर किया जा रहा है जो सरासर गलत है कानून का मजाक बनाया जा रहा है सलाम टीवी से खास बातचीत में जमात इस्लामी हिंद के नेशनल सेक्रेट्री शफी मदनी ने बताया कि हमारी एक साथ मेंबर टीम का डेलिगेशन राजस्थान के कई इलाकों में दौरा किया हमने वहां के स्थानीय लोगों से बात की हमने मुसलमान से बात की हिंदू भाइयों से बात की एडमिनिस्ट्रेशन के कुछ अधिकारियों से बात की ग्राउंड पर जो हमको तस्वीर देखने को मिली सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक 15 दिन का समय डिमोलिशन से पहले देना चाहिए यहां पर 18 तारीख को शाम में नोटिस दिया जाता है और 19 तारीख को सुबह बुलडोजर कार्रवाई हो जाती है सबसे पहले उल्लंघन तो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का ही है उसके अलावा यह कहा जा रहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुताबिक यह डिमोलिशन किया जा रहा है लेकिन उन नोटिस में कहीं भी राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र नहीं है ऐसे 1000 से ज्यादा मस्जिद मदरसे दरगाह हैं जिनको नोटिस दिया गया है राजस्थान के आपसी भाईचारे की तस्वीर भी हमने देखी जहां हिंदू और मुस्लिम सब एक साथ खड़े हैं प्रशासन के बुलडोजर की हकीकत यह है कि एक ही जमीन पर एक ही खसरा नंबर पर मस्जिद है दरगाह है और मंदिर है लेकिन बुलडोजर सिर्फ मस्जिद और दरगाह पर चल मंदिर पर नहीं चला यह दौरा रवैया क्यों।
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कानून लागू करने में भेदभाव का आरोप, धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर विवाद तेज

New Delhi, Delhi:लेकिन कानून का जो इंप्लीमेंटेशन है वह सब के साथ एक जैसा नहीं होता अगर अपराधी आरोपी प्रभावशाली हैं किसी खास राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं या किसी खास धर्म के से संबंधित लोग हैं तो आप देखेंगे कि प्रशासन का रवैया और कानून नफीस करने वाली एजेंसियों का रवैया अलग-अलग होता है और अब तो यह सामने आ रहा है कि जो हमारे धार्मिक स्थल है उन स्थलों पर भी जिस तरह से बड़े पैमाने पर जिस तरह से चोरी हुई है और भ्रष्टाचार हुआ है उसमें कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है और पूरे देश में इस वक्त एक चर्चा का विषय बना हुआ है तो इससे हमारे देश की का नाम और हमारे देश की जनता का जो विश्वास है वह विश्वास धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है और यह भी लग रहा है यह हमारी जो जांच एजेंसियां उनका जो रवैया है वह एक जैसा नहीं है सब मामलों में लोग ही नोट कर रहे हैं की किस तरह से अयोध्या के मामले में जो भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है जिस तरह का तरीका और भैया अपनाया जा रहा है ऐसा लगता है कि वास्तविक अपराधियों को पकड़ने या सजा देने की कोशिश की बजाय कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है कि यही मामला अगर दूसरे धर्म के लोगों के किसी धर्म स्थल का होता है या कुछ होता तो क्या सरकार का यही रवैया होता तो यह सवाल उठ रहे हैं और इससे हमारे देश की जो व्यवस्था है और जो हमारे कानून व्यवस्था लागू करने वाले जो संस्थान एजेंसियां हैं उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल पैदा होता है उम्मीद करते हैं कि कानून सबके लिए जैसे काम करना चाहिए और निष्पक्ष का नजर आनी चाहिए कि कानून सिर्फ कानून के माध्यम से भ्रष्टाचार को रोक नहीं जा सकता जब तक के समाज में व्यक्ति में हम अकाउंटेबिलिटी पैदा ना करें एक जवाब देही का विश्वास ना हो और खास तौर से जमाते इस्लामी हिंदी मानती है कि ईश्वर पर विश्वास ईश्वर के सामने जवाब देही का जो विश्वास है उसके बिना इंसान अपने आप को रोकना मुश्किल है सिर्फ कानून के जरिए से रोक नहीं जा सकता जब तक की समझ में और ईश्वर का डर और ईश्वर से आगे जवाब देने का विश्वास लोगों में होगा तो समझ में इस तरह की बुराइयां कम होगी। 5 राज्यों SIR की प्रक्रिया शुरू हो गई है हमने पिछले दिनों देखा है। बंगाल में उत्तर प्रदेश में बिहार में तो वहां जिस तरह से बड़ी संख्या में वोटर को लिस्ट वोटर लिस्ट से हटाया गया है और उसका जो पैटर्न है उसे बहुत सारी चिंताएं और आशंकाएं पैदा हुई और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं वह अपने वोट के अधिकार से वंचित कर दिए गए हम यह समझते हैं कि जिन लोगों के नाम हटे हैं उनमें बहुत बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो वास्तव में वोटर हैं लेकिन जो प्रशासनिक कारण है या जो टाइमलाइन दिया गया है या जो समय सीमा दी गई है उसकी वजह से बहुत सारे लोग फिर में आने से रह गए और दूसरी जो आशंका पहले भी थी वह यह थी कि ऐसा यार की आड़ में और ऐसा यार के जरिए से लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं और लोगों की नागरिकता का सुबोध मांगा जा रहा है तो इलेक्शन कमीशन का काम यह नहीं है कि वह नागरिकता की परीक्षा करें या नागरिकता स्थापित करने का काम करें एक और बड़ा एतराज जो हम शुरू से करते आए ऐसा यार के बारे में वह यह है कि ऐसा यार का मतलब यह होना चाहिए कि कोई भी नागरिक चाहे उसका घर हो या ना हो वह अपने वोट के अधिकार से वंचित न हो और उसका रजिस्ट्रेशन वोटर लिस्ट में जरूर होना चाहिए इसकी कोशिश इलेक्शन कमीशन करें यहां जो बात हो रही है वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को हटाने की कोशिश हो रही और लोगों से साबित करने का जो बार है वह लोगों पर डाला गया है कि लोग साबित करें कि वह वैलिड वोटर हैं इससे पहले कभी नहीं हुआ कि लोगों को यह कहा गया हो कि वह साबित करें इलेक्शन कमीशन और उसके लोग जो है वह जाकर अपने तरीके से जांच करते थे और लोगों के वोटर लिस्ट में नाम ऐड करते थे तो यह जो चेंज आया है कि आप लोगों को साबित करना है कि वह वैलिड पोर्टल हुआ है और इलेक्शन कमीशन का जो रवैया है इलेक्शन कमीशन का जो रोल है उसकी जो निष्पक्षता है उसे पर सवाल उठे हैं तो हम उम्मीद करते हैं कि इलेक्शन कमीशन इस बात पर निशुल्क विचार करेगा बल्कि अपने रवैया में तब्दीली लेगा की इलेक्शन कमिशन किसी राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ने का टोल ना बने और जो पैटर्न सामने आया है ऐसा यार मैं वोटर लिस्ट नाम हटाने का उसमें आदिवासी लोग हैं गांव के लोग हैं कम पढ़े लिखे लोग हैं और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोग अगर आप पैटर्न देखें कि मुस्लिम समुदाय का किसी राज्य में कितना पर्सेंट है उनकी आबादी का और जो नाम हटे हैं उसे नाम में जो परसेंटेज है वह उनकी आबादी से बहुत ज्यादा है शफी मदनी। आप सब लोग विश्वास से वाकिफ है पिछले कुछ महीनो से देश के कुछ खास विस्तार में मस्जिद दरगाहों और मद्रास को उठाया जा रहा है और एक पूरा प्लेनेट एक एजेंडा है जिस पर अमल किया जा रहा है और खासतौर से जो सर्दी इलाके हैं वहां पर यह काम ज्यादा तौर पर किया जाए इसके अलावा भी हुआ है जैसे की वाराणसी के 5:00 को तोड़ा गया और इसकी वजह यह बताई गई कि यह अधिकरण इसलिए किया जा रहा है कि मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण करना है यह बात हमारी समझ में नहीं आती है कि यह तो हो सकता है की प्रजाति विकास के कामों के लिए तो कभी यह जरूर हो सकती है कि कुछ चीजों को हटाया जाए लेकिन एक धार्मिक स्थल के विकास के लिए दूसरी दूसरे धार्मिक स्थलों को इस तरह से तोड़ना यह कहां का न्याय है और यह कैसी सिस्टम है वह हमें समझ में नहीं आती है इसके अलावा भी जैसे कि हम अपने प्रवास की बात करेंगे इसके पहले बहुत सारे और इलाकों में भी एक काम हो रहा है जयपुर की नूरानी मस्जिद को तोड़ा गया वह तकरीबन 50 साल पुरानी मस्जिद और सारे कानूनी इसके पास आजाद मौजूद होने के बावजूद भी इसको तोड़ दिया गया इसी तरह से आज के इलाके में गुजरात के दरगाहों को और दो मस्जिदों को तोड़ दिया गया और कोई कार्रवाई नोटिस की उनको पहले से इतना करने तक कि नहीं हुई है जहां पर हम दौरा करके आए हैं वह बाड़मेर और जैसलमेर और बीकानेर के तरफ का इलाका है जो सर्दी इलाका है और वहां पर तकरीबन 1000 से ज्यादा मस्जिदों दरगाहों को यानी निशाना बनाते हुए उनको नोटिस जारी की और बहुत सारी मस्जिदों को अभी तोड़ भी दिया गया है बारे में कुछ मस्जिदों को मद्रास को तोड़ा यहां तक के कुछ लोगों के मकानों को भी तोड़ दिया गया है और इसके साथ जैसलमेर में भी कुछ मस्जिदों को वहां पर और मद्रास को दरगाहों को तोड़ा गया तो यह काम जो हो रहा है यह कोई कानून के मुताबिक नहीं हो रहा है ऐसा लग रहा है कि जैसे यहां जंगल का कानून है की नेशनल सिक्योरिटी का मसला है इसलिए पहले यह जो बॉर्डरिंग इलाका था वह 15 किलोमीटर के एरिया के लिए अब इसको 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया है और 50 किलोमीटर के एरिया में इस तरह की यदि जो चीज होगी इस पर नजर रखी जाएगी और इसके बारे में फैसला होगा वह किया जाएगा लेकिन हम देखते हैं कि यह पूरा इनाम की जो कार्रवाई हुई है एक ही जमीन का टुकड़ा है जिसके बारे में यह कहा जाता है कि यह एंक्रोचमेंट है या गवर्नमेंट की जगह है उसी जमीन में मस्जिद भी है या दरगाह भी है और मंदिर भी है तो आप मंदिर को बाकी रखते हैं और मस्जिद और दरगाह को आप तोड़ने की कार्रवाई करते हैं ऐसी कोई नोटिस में नेशनल सिक्योरिटी का मसला उठाया ही नहीं रहा नोटिस में नहीं बताया गया कि नेशनल सिक्योरिटी का मसला है इसलिए यह काम हो रहा है इसलिए हमने जो दौरा किया और यहां पर गए जहां पर लोगों को हम मिले जहां पर हमने उनकी कार्यवाहियों का खुद यानी और यह बताना है कि हम चाहे वह कर सकते हैं कोई हमको रोक नहीं सकता 17 तारीख की शाम को नोटिस दी जा रही है 18 तारीख की सुबह वह लोग जिनका नोटिस दी गई है वह अपने साथ लेकर वहां सरकारी कचहरी में पहुंचते हैं और वह मौजूद है और यहां शुरू हो जाती है तो आपने तो यह तय कर दिया था कल जोधपुर हाई कोर्ट में भी इसकी पेशी हुई है और अच्छी पहल हुई है और ऐसा लगता है कि शायद इसको कुछ वक्त के लिए रोका जाए जैसे कि आप इनाम करना चाहते हैं आप नोटिस जारी कर रहे हैं तो इसका एक वक्त देना पड़ता है पहले तो यह कोशिश की जाती है कि अगर यह मामला है कि गलत तरीके पर गलत जमीन पर बनाया भी गया है कि उनको रेगुलराइज किया जाए Syed_tt_jamat सलाम टीवी से खास बातचीत में जमात इस्लामी हिंद के नेशनल सेक्रेट्री शफी मदनी ने बताया कि हमारी एक साथ मेंबर टीम का डेलिगेशन राजस्थान के कई इलाकों में दौरा किया हमने वहां के स्थानीय लोगों से बात की हमने मुसलमान से बात की हिंदू भाइयों से बात की एडमिनिस्ट्रेशन के कुछ अधिकारियों से बात की ग्राउंड पर जो हमको तस्वीर देखने को मिली सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक 15 दिन का समय डिमोलिशन से पहले देना चाहिए यहां पर 18 तारीख को शाम में नोटिस दिया जाता है और 19 तारीख को सुबह बुलडोजर कार्रवाई हो जाती है सबसे पहले उल्लंघन तो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का ही है उसके अलावा यह कहा जा रहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुताबिक यह डिमोलिशन किया जा रहा है लेकिन उन नोटिस में कहीं भी राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र नहीं है ऐसे 1000 से ज्यादा मस्जिद मदरसे दरगाह हैं जिनको नोटिस दिया गया है राजस्थान के आपसी भाईचारे की तस्वीर भी हमने देखी जहां हिंदू और मुस्लिम सब एक साथ खड़े हैं प्रशासन के बुलडोजर की हकीकत यह है कि एक ही जमीन पर एक ही खसरा नंबर पर मस्जिद है दरगाह है और मंदिर है लेकिन बुलडोजर सिर्फ मस्जिद और दरगाह पर चला मंदिर पर नहीं चला यह दौरा रवैया क्यों।
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