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Mohit KashyapMohit KashyapFollow3 Jan 2025, 08:21 am

Kanpur Dehat: जिले के SP की सक्रियता से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई

Mati Kishunpur, Uttar Pradesh:

जिले के SP बीबीजीटीएस मूर्ति की मेहनत से अपराधियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां हुई हैं। पिछले वर्ष पुलिस ने 11 मुठभेड़ें कीं जिसमें 14 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत 770 अपराधियों को अदालत में पेश कर सजा दिलाई गई। पुलिस ने 19 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, 44 अपराधियों को जिलाबदर किया और 110 शातिरों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की। इसके अलावा, 27 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस ने 25 मुकदमों का खुलासा किया और 350 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए। जनसहयोग से 11819 कैमरों का भी स्थापना कार्य पूरा किया गया।

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Bareilly, Uttar Pradesh:
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देवगढ़ में जीरण ग्राम पंचायत के करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण

Rajsamand, Rajasthan:देवगढ़ क्षेत्र के जीरण ग्राम पंचायत को ₹5 करोड़ के विकास कार्यों की बड़ी सौगात, जीरण में नए उपस्वास्थ्य केंद्र की सौगात, विद्यालय में 7 नए कक्षा-कक्ष और चारदीवारी का निर्माण, सहित करोड़ों के विकास कार्यों کا हुआ शिलान्यास-लोकार्पण देवगढ़, राजसमंद एंकर - राजसमंद जिले के देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जीरण ग्राम पंचायत में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए करीब ₹5 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं से जीरण सहित आसपास के कई गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में भीम-देवगढ़ विधायक हरिसिंह रावत, जीरण ग्राम पंचायत के प्रशासक चंद्रभानसिंह की मौजूदगी में कार्यकम का आयोजन हुआ। इन विकास कार्यों के होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सामुदायिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी। वियो 01- कार्यक्रम के दौरान जीरण गांव में निर्मित नए उपस्वास्थ्य केंद्र तथा टोकरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 7 नए कक्षा-कक्षों व चारदीवारी निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही मोयना और सोलंकियों का गुड़ा में विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार एवं विस्तार से संबंधित कार्यों की भी सौगात दी गई। ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में जीरण, मोयना, संसारिया और दोलाजी का खेड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक सराय, सामुदायिक भवन, टीनशेड, चबूतरा निर्माण और श्मशान घाट विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। इन कार्यों से पंचायत क्षेत्र की वर्षों पुरानी मूलभूत आवश्यकताएं पूरी होंगी।
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कश्मीर में OGW नेटवर्क से जंग: सुरक्षा बलों ने मानव घेरे से आतंकियों की हर चाल रोकी

Chaka, आतंकवादियों ने कम-तकनीक वाले तरीके अपनाए; सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए अभेद्य मानवीय घेरा बनाया। आतंकी नेटवर्क द्वारा डिजिटल कम्युनिकेशन छोड़ने की रणनीतिक चाल के बाद, कश्मीर घाटी में सुरक्षा तंत्र ने अपने ऑपरेशनल ग्रिड को पूरी तरह से बदल दिया है। तकनीकी इंटरसेप्ट के कम होने के कारण, आतंकी संगठन अब पुराने ज़माने के तरीकों पर लौट आए हैं, जिसमें 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGW) का इस्तेमाल फिजिकल कूरियर के तौर पर किया जाता है। इसके जवाब में, शीर्ष सुरक्षा कमांडरों ने ज़मीनी स्तर पर एक आक्रामक सुरक्षा ग्रिड बनाने का आदेश दिया है, ताकि इन आतंकियों की मदद करने वालों की हर हरकत को मानवीय घेरे से रोका जा सके। सालों तक, आतंकवाद-विरोधी ग्रिड आतंकी हमलों को रोकने के लिए सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT), मोबाइल कम्युनिकेशन की ट्रैकिंग और डिजिटल फुटप्रिंट पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहे। लेकिन अब सक्रिय आतंकवादियों ने अपने कम्युनिकेशन के तरीकों में भारी बदलाव किया है। होडियाउट से काम करने वाले आतंकी कमांडर अब मोबाइल नेटवर्क या स्मार्टफोन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते हैं। इसके बजाय, वे निर्देश, ऑपरेशनल ब्लूप्रिंट और प्रोपेगैंडा को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने के लिए OGW नेटवर्क को सकरी किया हैं। सिर्फ मैसेजिंग ही नहीं, OGWs गुप्त रूप से हथियार और अन्य सामान पहुँचाने की मुख्य कड़ी बन गए हैं। हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और देश-विरोधी लिटरेचर अब आम नागरिकों की आवाजाही की आड़ में ज़िलों की सीमाओं के पार तस्करी करके ले जाने की ख़बर हैं। भीड़-भाड़ वाले बाज़ारों, सार्वजनिक परिवहन आम लोगों की आवाजाही के दौरान आसानी से घुल-मिलकर, ये कूरियर आम लोगों के बीच की खुली जगह का फ़ायदा उठाकर पारंपरिक चेकपॉइंट से बच निकलते हैं। यह समझते हुए कि किसी गुप्त नेटवर्क को ट्रैक करने के लिए अब सिर्फ़ डिजिटल निगरानी काफ़ी नहीं है, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के शीर्ष नेतृत्व ने तैनाती की रणनीतियों में बड़ा बदलाव किया है। सभी ज़िलों के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) को साफ़ निर्देश दिए गए हैं कि वे देश-विरोधी तत्वों को कोई जगह न दें। अब नाका चेकपॉइंट्स को और मज़बूत किया गया है; शहर के संवेदनशील चौराहों, हाईवे के अहम रास्तों और भीड़-भाड़ वाले कमर्शियल हब पर अचानक और सघन नाका चेकिंग की जा रही है। संभावित कूरियर की गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी सघन फिजिकल और डिजिटल ID वेरिफिकेशन कर रहे हैं। यह समझते हुए कि आतंकी मॉड्यूल दक्षिण और उत्तर क Kashmir के बीच आवाजाही पर निर्भर करते हैं, सुरक्षा बलों ने छोटे और वैकल्पिक रास्तों को बंद कर दिया है। हर ट्रांज़िट कॉरिडोर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि कूरियर बिना जांच के एक ज़िले से दूसरे ज़िले में न जा सकें। खुफ़िया जानकारी का इंतज़ार करने के बजाय, फ़ील्ड यूनिट्स ने खास इलाकों में नाकाबँधी बनाने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। ये पेट्रोलिंग टीमें एक चलती-फिरती इंसानी दीवार की तरह काम करती हैं, जिससे छिपकर एक जगह से दूसरी जगह जाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। मौजूदा सुरक्षा रणनीति का मुख्य मकसद OGW नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से खत्म करना है। खुफ़िया एजेंसियों का मानना ​​है कि भले ही सक्रिय आतंकवादियों को पकड़ना या खत्म करना ज़रूरी है, लेकिन उनके इंसानी कूरियर नेटवर्क को तोड़ने से आतंकवादियों तक हथियार, गोला-बारूद और कमांड-एंड-कंट्रोल का संपर्क नहीं पहुँच पाता। दक्षिण से उत्तर कश्मीर तक ज़बरदस्त और साफ़ तौर पर दिखने वाली फ़िज़िकल मौजूदगी के साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस (HUMINT) को मिलाकर, सुरक्षा बलों ने बचे-खुचे टेरर मॉड्यूल को पूरी तरह से अंधेरे में डाल दिया है। यह मज़बूत ह्यूमन ग्रिड यह पक्का करता है कि जब आतंकवादी लो-टेक कम्युनिकेशन के ज़रिये पुराने दौर में लौटने की कोशिश करते हैं, तो वे सीधे सुरक्षा की एक आधुनिक और अभेद्य दीवार से टकराते हैं।
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कैंट सीट का इतिहास: 2012 के बाद भाजपा की लगातार जीत की कहानी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से धुरंधर लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प है। यह सीट लंबे समय तक कांग्रेस और भाजपा के बीच बदलती रही, जबकि पिछले डेढ़ दशक में भाजपा का प्रभाव मजबूत हुआ है。 पुराने चुनावों के उपलब्ध रिकॉर्ड में 1991 के बाद भाजपा का प्रभाव लगातार दिखाई देता है, हालांकि 2012 में कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा के सुरेश चंद्र तिवारी को हराकर सीट वापस कांग्रेस के खाते में ला दी थी। 2012 का बड़ा राजनीतिक मोड़ 2012 में रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस के टिकट पर जीतीं। उन्हें 63,052 वोट मिले और भाजपा के सुरेश चंद्र तिवारी को 41,299 वोट मिले। जीत का अंतर 21,753 वोट था। इसके बाद 2017 में राजनीतिक समीकरण फिर बदला। रीता बहुगुणा जोशी भाजपा में शामिल होकर इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी बनीं और उन्होंने 95,402 वोट हासिल किए। sपा की अपर्णा यादव दूसरे स्थान पर रहीं। जीत का अंतर 33,796 वोट रहा। 2019 का उपचुनाव 2017 के बाद रीता बहुगुणा जोशी के लोकसभा चुनाव जीतने के कारण कैंट सीट खाली हुई और 2019 में उपचुनाव हुआ। इसमें भाजपा के सुरेश चंद्र तिवारी जीते। उन्हें 56,684 वोट मिले और सपा के मेजर आशीष चतुर्वेदी 21,256 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अंतर 35,428 वोट रहा। 2022 में ब्रजेश पाठक 2022 में भाजपा ने यहां ब्रजेश पाठक को उम्मीदवार बनाया। वे विजयी हुए। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उन्हें 1,08,147 वोट मिले और जीत का अंतर 39,512 वोट रहा। राजनीतिक तौर पर कैंट सीट की खासियत कैंट को सिर्फ एक "भाजपा की सीट" कहना पूरे इतिहास को नहीं बताता। 1950–80 के दशक में कांग्रेस का प्रभाव, 1990 के दशक से भाजपा का उभार, 2012 में कांग्रेस की वापसी, और फिर 2017 के बाद भाजपा की लगातार जीत इसका मुख्य चुनावी पैटर्न रहा है。
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इलाहाबाद HC: बालिग लिवइन जोड़ों को सुरक्षा, परिवारों के दखल पर रोक

Prayagraj, Uttar Pradesh:लिव इन रिलेशन में रह रहे अंतरधार्मिक जोड़े को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने कहा बालिग जोड़े के शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप का किसी को नहीं है अधिकार, लिव इन रिलेशन रह रहीं दो लड़कियों ने हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका, दोनों लड़कियों ने परिजनों से जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लिव इन रिलेशन में रहने वाली दो लड़कियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंची ल liv इन रिलेशन रहने वाली दोनों लड़कियों के शांतिपूर्ण जीवन में परिजनों के किसी भी तरह के हस्तक्षेप पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि बालिग लड़कियों के जीवन में किसी को भी दखल देने का अधिकार नहीं है, दोनों लड़कियों के स्वतंत्र जीवन में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।जस्टिस गौतम चौधरी की सिंगल बेंच ने फरीदा अंसारी और प्रगति कुशवाहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। बता दे कि वाराणसी की फरीदा अंसारी और छत्तीसगढ़ की प्रगति कुशवाहा दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहीं हैं। दोनों बालिग हैं और दोनों अपनी मर्जी से एक साथ रह रहीं हैं। दोनों का कहना है कि उनके परिवारीजन लगातार उन्हें अलग रहने की धमकियां दे रहें हैं। इलाहाबाद में दोनों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों अंतर धार्मिक हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने बालिग होने के आधार पर दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बालिग होने के आधार पर दोनों के शांतिपूर्ण जीवन में किसी को भी हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है, दोनों लड़कियाँ जहां और जिसके साथ चाहें वह रहने के लिए स्वतंत्र हैं। याची अधिवक्ता महेंद्र यादव ने बताया कि फरीदा अंसारी दो साल पहले नीट परीक्षा की तैयारी के लिए छत्तीसगढ़ गई थी। जहां पर फरीदा अंसारी ने प्रगति कुशवाहा के घर पर किराए का कमरा लेकर अपनी तैयारी शुरू की। इसी दौरान फरीदा अंसारी और प्रगति कुश्वаха के बीच प्रेम संबंध (समलैंगिक) बन गए। दोनों ने घर वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर साथ रहने का फैसला कर लिया। मौजूदा समय में दोनों वाराणसी में रहकर प्राइवेट जॉब कर रहीं हैं। इसी दौरान लगातार दोनों के परिजन उन्हें अलग रहने के लिए धमका रहें हैं। हाईकोर्ट में दोनों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने दोनों के शांतिपूर्ण लिव इन रिलेशनशिप में किसी के भी हस्तक्षेप पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर उन्हें कोई धमकाता है तो वह संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करके सुरक्षा की मांग कर सकतीं हैं।
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बिहारियों के खिलाफ अपशब्द पर मंत्री ने कहा टिप्पणी चांद पर थूकने के समान

Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। जहां सासाराम के करबंदिया में बिहार सरकार की योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के द्वारा बिहारियों को लेकर अपशब्द कहे जाने पर नाराजगी व्यक्त की है तथा कहा है कि बिहारी को अपशब्द कहना चांद पर थूकने के जैसा है। अब बिहार तथा बिहार की स्थिति वैसी नहीं है की कोई बिहारियों पर टिप्पणी करें। बिहार आज बहुत आगे निकल चुका है। उन्होंने सासाराम की करबंदिया में समर्थन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि आज बिहार इन सब चीजों से कहीं आगे निकल चुका है। बिहार तथा बिहारी पर टिप्पणी करना आसमान पर थूकने थूकने जैसा है।
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झामुमो ने योगेंद्र साव के बयान के बाद कांग्रेस पर निशाना, 2029 चुनाव संकेत

Ranchi, Jharkhand:कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के बयान पर झामुमो प्रवक्ता नीलम मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,अगर झारखंड में कांग्रेस सरकार में है तो सीएम हेमंत सोरेन के कारण है। कांग्रेस आला नेताओं को ऐसे नेताओं को कंट्रोल में लेना चाहिए, चिन्हित कर कार्रवाई करना चाहिए। नहीं तो ऐसे नेताओं के कारण कांग्रेस की जो स्थिति बनने वाली है वो और दुर्लभ होने वाली है। ऐसे लोगों को कांग्रेस पार्टी से निकाले नहीं तो 2029 के चुनाव में इसका काफी असर दिखेगा । जिनके ऊपर खुद कई केस दर्ज है, कई मामले चल रहे हैं , उनके चरित्र और व्यक्तित्व के कारण उनकी बेटी अंबा प्रसाद चुनाव हार गईं । ऐसे व्यक्ति को अपने जुवान पर थोड़ा कंट्रोल रखना चाहिए. आज
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वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने गंडक कटाव रोकथाम लिए निरीक्षण किया, प्रस्ताव भेजने के निर्देश

Bagaha, Bihar:बड़ी ख़बर बगहा से है जहाँ गंडक नदी से हो रहे कटाव का वाल्मीकिनगर के जेडीयू सांसद सुनील कुमार ने निरीक्षण किया। भीषण कटाव की सूचना के बाद पहुँचे सांसद नें प्रस्ताव में परिवर्तन की तैयारी शुरू क़र दी है। इस दौरान सांसद नें मौके पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं से कटावरोधी कार्यों की पूरी जानकारी ली औऱ अधिकारीयों को ज़रूरी दिशा निर्देश भी दिए । दरअसल नेपाल से निकलने वालीं नारायणी गंडक नदी का घटता जलस्तर निचले इलाकों में भीषण कटाव क़र रहा है लिहाजा मंगलपुर समेत रेवहिया में कटाव से बचाव राहत कार्यों में प्रशासन जुटा हुआ है। ख़ास बात यह है की हर साल यहां बाढ़ औऱ कटाव की विनाशलीला होती है लिहाजा सांसद नें विभाग से मुकम्मल बचाव हेतु प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजनें के निर्देश दिए हैं जिसमें पक्के बांध गाइड बांध औऱ रिंग बांध जैसी मजबूत व्यवस्था शामिल है। यहीं वज़ह है की भरोसा दिलाया जा रहा है की अगले साल से कटाव की समस्याओं को ख़त्म करने की योजना पर कार्य किया जायेगा । बताया जा रहा है की कटाव स्थल के निरिक्षण के दौरान सांसद सुनील कुमार ने अधिकारियों को हर हाल में गुणवत्तापूर्ण तरीके से कटावरोधी कार्य तेज़ी से पूरा कराने का सख़्ती से निर्देश दिया है वहीं मिट्टी की बोरी के इस्तेमाल की शिकायत के बजाए बालू भरी बोरियां डालने को भी कहा है । सांसद ने कहा है कि गंडक नदी के कटाव के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में कटाव की समस्या का अब सरकार के स्तर से स्थायी समाधान बेहद जरूरी है। तभी तों उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बोल्डर पीचिंग कार्य का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। बता दें की गंडक नदी का जलस्तर घटते हीं कटाव की समस्या हर बार होती है औऱ हर साल कटाव से कई गाँव समेत खेतों का फ़सल समेत वजूद मिट जाता है लिहाजा कटाव प्रभावित क्षेत्र में नदी के दबाव को कम करने और तटबंधों की सुरक्षा मजबूत करने में अब नए प्रस्ताव के मुताबिक सूखे दिनों में कार्य योजना बनाकर इसपर मदद मिलने की उम्मीद जगी है । बाइट - सुनील कुमार, जेडीयू सांसद, वाल्मीकिनगर
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